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नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी

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महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में सजा दिलाने में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

फतेहपुर में आकाशीय बिजली का कहर, एक ही परिवार के पिता-पुत्र समेत 7 की मौत

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फतेहपुर  यूपी के फतेहपुर जिले में मंगलवार शाम को आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला. यहां सदर तहसील क्षेत्र के तीन अलग-अलग स्थानों में आकाशीय बिजली गिरने से पिता, पुत्र सहित 7 लोगों को मौत हो गई. इस घटना से पूरे इलाके में कोहराम मच गया. मृतक के  परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. सूचना पर पहुंची पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल, आगे की कार्यवाही की जा रही है.  पहला मामला फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र का है. यहां 75 वर्षीय रिटायर्ड रेलकर्मी देशराज की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई. देशराज सिमौर निवासी रिश्तेदार के घर मुंडन संस्कार से निमंत्रण खाकर वापस लौट रहे थे. लेकिन रास्ते में तेज बारिश देख एक बरगद के पेड़ के नीचे खड़े हो गए. इसी बीच देशराज के ऊपर आकाशीय बिजली गिर गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने देशराज को मृत घोषित कर दिया.  दूसरा मामला असोथर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा जरौली का है. यहां प्राथमिक विद्यालय के पीछे जंगल में जानवर चरा रहे दो युवकों की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई. नीरज गुप्ता, कल्लू गुप्ता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं, साथी विपिन रैदास को आनन-फानन नजदीकी सामुदायिक केंद्र में ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.    तीसरा मामला जिले के ललौली के दतौली गांव का है. यहां भेड़ पालक 36 वर्षीय रवी पाल अपने 14 वर्षीय बेटे ऋषभ के साथ दोपहर को भेड़ें चराने जंगल गया था. शाम करीब पांच बजे अचानक तेज बारिश शुरु हुई तो दोनों पास स्थित एक महुआ के पेड़ के नीचे खड़े होकर बचाव करने लगे. इसी दौरान आकाशीय बिजली उसी पेड़ पर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.    रात करीब नौ बजे जब रवी पाल की भेड़ें बिना मालिक के घर लौट आईं तो परिजन और ग्रामीण चिंतित हो उठे. खोजबीन के दौरान दोनों के शव पेड़ के नीचे पड़े मिले, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया. इसके अलावा सदर तहसील क्षेत्र के थरियांव थाना क्षेत्र के कोर्रासादात निवासी 40 वर्षीय सना बानो की भी आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई.  वहीं, खागा तहसील के किशनपुर थाने के अफजलपुर गांव निवासी 45 वर्षीय जागेशरन निषाद भी भैंस चराने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा हो गया था. जहां अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. इस तरह आकाशीय बिजली से जिले में कुल 7 मौते हुईं.  मामले में अविनाश त्रिपाठी (एडीएम फतेहपुर) ने बताया कि राजस्व की टीम राहत कार्यों मे जुटी हुई है. पीड़ित परिजनों को तत्काल मदद दी जा रही है. 48 घंटे के अंदर जो मृतक व्यक्ति हैं उनके परिजनों को राहत राशि पहुंचा दी जाएगी. 

नवरात्र व्रत रख छात्राएं पहुंचीं देर से, शिक्षक की सजा पर बजरंग दल का हंगामा

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हाथरस  यूपी के हाथरस में सासनी ब्लाक के संविलियन विद्यालय समामई में छात्राओं ने नवरात्र व्रत व पूजा करने में देरी से स्कूल पहुंचने पर शिक्षक द्वारा मुर्गा बनाए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्कूल में हंगामा काटा और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बच्चों का वीडियो वायरल होने पर कोतवाली सासनी पुलिस भी स्कूल पहुंच गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। वहीं, बीएसए ने प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को सौंपी है। सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव समामई स्थित कंपोजिट विद्यालय की कुछ छात्राओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने छात्राओं को क्लास रूम में मुर्गा बना दिया। वायरल वीडियो में छात्राओं का कहना था कि देरी से आने पर उनको मुर्गा बनाने के साथ डंडे भी लगाए गए। वीडियो में छात्रा का कहना है कि उन्होंने शिक्षक को व्रत के बारे में जानकारी नहीं दी। वहीं, घटना की जानकारी पर स्कूल पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। विद्यालय परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए। विद्यालय में मौजूद अध्यापक से पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हो गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इधर, हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। बजरंग दल का कहना है कि बुधवार को बीएसए से मिलकर शिकायत की जाएगी। मौके पर तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई थी। दूसरी ओर शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि जो बच्चे आरोप लगा रहे हैं वो नियमित स्कूल नहीं आते और स्कूल का काम भी पूरा नहीं करते। जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को समय समय पर सम्मानित किया जाता है। मुर्गा बनाने व पूजा न करने के जो आरोप लगाए गए हैं वो पूरी तरह निराधार हैं। हाथरस बीएसए स्वाती भारती ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय समामई का प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच किए जाने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया किसूचना मिलने पर पुलिस स्कूल पहुंची थी। फिलहाल किसी बच्चे के परिजनों ने कोई शिकायत नही की है। इंस्पेक्टर खुद वहाँ पहुँचे थे। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बजरंग दल विभाग संयोजक हर्षित गौड़ ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सूचना दी थी कि स्कूल में व्रत रखने पर बच्चियों को मुर्गा बनाया गया है। इसलिए पदाधिकारियो के साथ विद्यालय पहुंचा था। वहां बच्चियों ने मुर्गा बनाने के बारे में बताया है। शिक्षक अभद्र टिप्पणी करता है।  

NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम

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योगी सरकार की सख्ती से यूपी में सांप्रदायिक हिंसा पूरी तरह खत्म  यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल  NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम – 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का बन चुका है गढ़  – विभिन्न अपराध श्रेणियों में भी यूपी में दर्ज की गई उल्लेखनीय कमी  – अपराध में कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम  लखनऊ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की है। NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का गढ़ बन चुका है।   सांप्रदायिक दंगों पर जीरो टॉलरेंस की नीति बनी कारगर एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई, जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है।  सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम  सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।

त्योहारी सीजन में सफर सस्ता! यूपी में AC बसों का किराया 10% तक घटाया गया

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दशहरा-दीपावली पर योगी सरकार का तोहफा, यूपीएसआरटीसी की एसी बसों में 10% तक कम होगा किराया एसी बसों में सफर होगा सस्ता, जनरथ, पिंक, शताब्दी और वोल्वो बसों पर छूट लागू अधिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए चालक-परिचालकों को काउंसलिंग के जरिए किया जा रहा प्रेरित यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का योगी सरकार का संकल्प लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को दशहरा और दीपावली पर तोहफ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी वातानुकूलित बसों के किराए में की गई लगभग 10% की कमी को अग्रिम आदेशों तक जारी रखा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का संकल्प परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि योगी सरकार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह छूट जनरथ, पिंक, शताब्दी, वोल्वो, वातानुकूलित शयनयान जैसी सेवाओं पर लागू होगी। हालांकि, 01 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत नई वातानुकूलित बसों पर यह छूट लागू नहीं होगी। किराया संरचना (वातानुकूलित बस सेवाएं) ▪️3*2 बस सेवा – ₹1.45 प्रति किलोमीटर ▪️2*2 बस सेवा – ₹1.60 प्रति किलोमीटर ▪️हाई एंड (वोल्वो) बसें – ₹2.30 प्रति किलोमीटर ▪️वातानुकूलित शयनयान – ₹2.10 प्रति किलोमीटर निगम की आय और सेवाओं पर ध्यान परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि निगम की सकल आय पर असर न पड़े इसके लिए बसों पर तैनात चालक-परिचालकों को प्रेरित कर अधिक यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विशेष काउंसिलिंग की जाएगी।  

5 करोड़ की रंगदारी केस: अतीक अहमद का बेटा अली नैनी जेल से झांसी ट्रांसफर

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लखनऊ  यूपी में केंद्रीय कारागार नैनी में पिछले 38 महीने से बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को आखिरकार बुधवार को झांसी जेल में ट्रांसफर कर दिया। नैनी जेल से सुबह लगभग आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ अली को झांसी जेल ले जाने के लिए टीम रवाना हुई। प्रयागराज के प्रॉपर्टी डीलर से पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में 30 जुलाई 2022 से अली नैनी जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद था। उसका नाम उमेश पाल हत्याकांड में भी आया है। इसी साल 17 जून को डीआईजी जेल के औचक निरीक्षण में अली के बैरक में 1100 रुपये नकदी भी मिली थी। शासन के आदेश पर अली को झांसी जेल भेजा गया है। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पांच करोड़ की रंगदारी मामले में 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर किया था। प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के बाद अली ने लंबे समय तक फरार रहने के बाद कोर्ट में सरेंडर किया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे हाई सिक्योरिटी बैरक से हाई सिक्योरिटी सेल के आठ बाई दस के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया था। साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार सीसीटीवी कैमरे और तीन शिफ्ट में दो-दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी। हालांकि 17 जून को डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव की औचक जांच में अली के पास 1100 रुपये नकद मिले थे। इस मामले में डिप्टी जेलर और एक हेड वार्डन को निलंबित किया गया था। तभी से अली को दूसरे जिले के जेल में स्थानांतरण किए जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर अली अहमद को बुधवार की सुबह आठ बजे हाई सिक्योरिटी के साथ झांसी जेल रवाना किया गया है। कुछ महीने पहले प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने अतीक की मौत के बाद अली को गैंग का लीडर घोषित किया था। उसके साथ ही गिरोह के कई बदमाशों पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की गई थी। सूत्रों की मानें तो अली के नैनी जेल में बंद होने से अतीक गिरोह का गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हो सकी थी। आए दिन रंगदारी, मारपीट व जमीनों पर कब्जा करने के मामले सामने आते रहे हैं।

सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से यूपी में महिला सुरक्षा मजबूत NCRB रिपोर्ट में दिख रहा योगी सरकार की सख्ती का असर, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 11% कम  सख्त कानून और मिशन शक्ति के दम पर महिलाओं की सुरक्षा हुई बेहतर, देश में अब 17वें स्थान यूपी – योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई ने घटाए विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन ने यूपी को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में योगी सरकार की बेहतर कानून व्यवस्था और महिलाओं सुरक्षा को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम रही। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 66,381 मामले दर्ज हुए, लेकिन प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर केवल 58.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 से करीब 11 प्रतिशत कम है। इस आधार पर यूपी महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में देशभर में 17वें स्थान पर है। विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी का बेहतरीन प्रदर्शन  वहीं प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सम्मान भंग (शील भंग) से जुड़े मामलों में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में रहा। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या 83,891 रही और अपराध दर 12.4 रही। जबकि उत्तर प्रदेश में केवल 9,453 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 8.3 रही। इस श्रेणी में यूपी अन्य राज्यों की तुलना में 19वें स्थान पर है। वहीं दुष्कर्म (IPC 376) के मामलों में भी उत्तर प्रदेश की स्थिति संतोषजनक रही। पूरे देश में ऐसे 29,670 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 4.4 रही। वहीं यूपी में 3,516 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 3.1 रही। इस आधार पर प्रदेश 22वें स्थान पर है, यानी राष्ट्रीय औसत से नीचे। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO एक्ट के मामलों में भी यूपी की तस्वीर बेहतर दिखी। देशभर में कुल 67,694 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 15.2 रही। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,706 मामले दर्ज हुए और अपराध दर 10.2 रही। इस श्रेणी में यूपी देश में 24वें स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में यूपी का क्राइम रेट 58.6 रहा, जबकि देश का औसत 66.2 था। इस लिहाज से यूपी कई बड़े राज्यों से बेहतर स्थिति में है। मिशन शक्ति, सख्त कानून व्यवस्था और कार्रवाई का दिख रहा असर महिला अपराध दर में आई कमी केवल पुलिस की सक्रियता का परिणाम नहीं है, बल्कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति और त्वरित कानूनी कार्रवाई का भी नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को आत्मविश्वास दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आएं। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित हुआ है।

हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन

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योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी

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महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जौनपुर: 75 साल के बुजुर्ग ने 35 वर्षीय महिला से की शादी, सुहागरात के बाद सुबह हुई मौत

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जौनपुर उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 75 साल के बुजुर्ग ने 35 साल की महिला से शादी की और सुहागरात के बाद ही उनकी अचानक मौत हो गई. अब गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. मामला गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव का है.  संगरू राम की पत्नी की एक साल पहले मौत हो चुकी थी. संगरू राम के कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती करके जीवन यापन कर रहे थे. जबकि उनके भाई और भतीजे दिल्ली में रहकर कारोबार करते हैं. गांव वालों के मुताबिक, संगरू राम पिछले कुछ दिनों से दूसरी शादी करने की बात कर रहे थे. गांव के लोगों ने उन्हें बहुत उम्र हो जाने को कहकर समझाने की कोशिश भी की लेकिन वह नहीं माने. सोमवार को उन्होंने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज करने के बाद मंदिर में शादी रचाई. मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी. उनकी पहली शादी से दो बेटियां और एक बेटा है. मनभावती ने बताया कि संगरू ने मुझसे कहा था कि तुम बस मेरा घर संभाल लेना, बच्चों की जिम्मेदारी मैं उठाऊंगा. शादी के बाद हम रात में देर तक बातें करते रहे. सुबह उनकी तबियत अचानक खराब हो गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई. संगरू राम के भतीजों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया है. अब सवाल ये है कि क्या पुलिस जांच में जुटती है और पोस्टमार्टम कराया जाता है या नहीं. फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.