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5 अद्भुत AI टूल्स जो भारतियों ने विकसित किए और पूरी दुनिया में छा रहे हैं – आपके लिए कौन सा उपयोगी?

नई दिल्ली AI का दुनियाभर में डंका बज रहा है। हर कोई इसका इस्तेमाल करके अपना काम आसान कर रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर में काम करने वाले लोगों तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रेज है। इसी के इस्तेमाल से घर में काम करने वाली महिलाएं भी रेट्रो साड़ी का ट्रेंड फॉलो करते हुए गूगल जेमिनी से इमेज बना रही हैं। AI से घिरी हुई इस दुनिया में कुछ टूल्स ऐसे भी हैं, जो भारत के लोगो ने बनाएं हैं। चलिए, भारतीयों द्वारा बनाए गए 5 AI टूल्स के बारे में जान लेते हैं। Sarvam AI यह टूल भारत की भाषाओं के लिए खास AI मॉडल बना रहा है। यह कंपनी हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली जैसी भाषाओं में काम करने वाले AI टूल्स बनाती है, जो बातचीत, अनुवाद और वॉयस बेस्‍ड असिस्टेंट जैसे काम करते हैं। इसका मकसद है कि जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते, वे भी डिजिटल सेवाओं का आसानी से उपयोग कर सकें। एआई टूल क्‍या आपके करियर की दिशा बदल सकते हैं? Krutrim Krutrim भारतीयों के लिए एक ऐसा AI असिस्टेंट है जो उनकी भाषा और संस्कृति को समझता है। यह हिंदी, तमिल, तेलुगु और अंग्रेजी जैसी भाषाओं में काम करता है। यह रोजमर्रा के काम जैसे ईमेल लिखना, सवालों के जवाब देना या जर्नी को प्लान करने का काम आसान करता है। Veena Veena एक ऐसा AI है जो हिंदी और हिंग्लिश में स्वाभाविक आवाज बनाता है। यह भारतीय लहजे और भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि आवाज रोबोट जैसी ना लगे। यह कॉल सेंटर, ऑनलाइन एजुकेशन और सरकारी सेवाओं के लिए उपयोगी है। Gan.ai Gan.ai एक AI टूल है, जो हजारों पर्सनल वीडियो बना सकता है। इसमें हर वीडियो में ग्राहक का नाम, ऑफर या लोकेशन अपने आप जुड़ जाती है। इससे बिजनेस को बार-बार वीडियो शूट करने की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे- किसी कस्टमर का नाम रोहन है और वह कोई फूड डिलीवरी ऐप यूज करता है है, तो कंपनी उसके लिए ऐड भेज सकती है 'हाय राहुल, ये हैं आपके आसपास के आज के ऑफर।' Rephrase.ai Rephrase.ai टेक्स्ट को एक ऐसे वीडियो में बदल देता है जिसमें AI अवतार बोलता हुआ नजर आता है। इसे Adobe ने खरीद लिया है और अब यह तकनीक, बड़े क्रिएटिव टूल्स का हिस्सा है।

किम जोंग उन ने लगाया ब्रेस्ट इम्प्लांट बैन, महिलाओं पर सख्त कार्रवाई का आदेश

फियोंगयांग उत्तर कोरिया में अब ब्रेस्ट इम्प्लांट की सर्जरी पर भी रोक लगा दी गई है. यह देश पहले से ही रोजमर्रा की चीजों पर कड़े नियमों के लिए जाना जाता है, जैसे पश्चिमी कपड़े पहनना या हेयरस्टाइल. अब ब्रेस्ट इम्प्लांट और प्लास्टिक सर्जरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. यहां एक डॉक्टर और दो महिलाओं पर ब्रेस्ट सर्जरी कराने के आरोप में सार्वजनिक मुकदमा चल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन की सरकार अब ऐसे मामलों पर नजर रखने के लिए मोहल्लों में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि ऐसी महिलाओं की पहचान की जा सके जिन्होंने यह सर्जरी करवाई है. अगर किसी महिला ने किस भी तरह का कोई भी बदलाव करवाया, तो नेताओं को पुलिस में रिपोर्ट करना होगा.  गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही सरकार उत्तर कोरिया में ब्रेस्ट इम्प्लांट को गैर-समाजवादी काम (Non-socialist work) माना गया है और यह कानूनन मना है. हाल ही में एक डॉक्टर पर, जिसने छुपकर यह सर्जरी की थी, सार्वजनिक सुनवाई हुई. इसी तरह दो 20 साल की लड़कियों पर भी ब्रेस्ट सर्जरी करवाने का आरोप लगा. बताया गया कि दोनों अपने फिगर को बेहतर बनाना चाहती थीं. डॉक्टर ने अपने घर पर अवैध रूप से चीन से लाए गए सिलिकॉन का इस्तेमाल करके सर्जरी की थी. 20 साल की दोनों महिलाओं ने अपने शरीर का आकार बदलवाने के लिए यह ऑपरेशन कराया था. सरकार अब ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने के लिए पड़ोस में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. 20 साल की लड़कियों ने कराई ब्रेस्ट सर्जरी  एक सूत्र के मुताबिक, सितंबर के बीच में दक्षिणी उत्तरी ह्वांगहे प्रांत के एक सूत्र ने बताया कि सितंबर के बीच में सारिवॉन जिले के सांस्कृतिक हॉल में एक डॉक्टर और उन महिलाओं का सार्वजनिक मुकदमा हुआ, जिन्होंने अवैध ब्रेस्ट सर्जरी करवाई थी. डॉक्टर पर आरोप था कि उसने अपने घर पर अवैध रूप से ब्रेस्ट सर्जरी की और इसके लिए चीन से तस्करी कर लाया गया सिलिकॉन इस्तेमाल किया. मुकदमे के दौरान डॉक्टर मंच पर सिर झुकाए खड़ा रहा, जबकि 20 साल की दोनों लड़कियां शर्म के कारण अपना चेहरा नहीं उठा सकीं. 

सिंदूर के घावों का इलाज नहीं, मुरीदके एयरबेस और ऑपरेशन सिंदूर की छुपी हुई सच्चाई

इस्लामाबाद  मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके एयरबेस पर किए गए हमलों के निशान आज भी साफ दिख रहे हैं. गूगल अर्थ की नई तस्वीरों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तक हमले वाली दोनों जगहें अभी भी ढकी हुई हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अब भी मरम्मत कर रहा है. यह खुलासा भारत की सैन्य ताकत और पाकिस्तान की कमजोरी को दिखाता है. ऑपरेशन सिंदूर: मई 2025 का बड़ा हमला 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. यह पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर सटीक हमले किए. इनमें मुरीदके एयरबेस भी शामिल था, जो पाकिस्तान का महत्वपूर्ण हवाई अड्डा है. मई के अंत में जारी सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिखा कि हमले ने भारी नुकसान पहुंचाया. मुरीदके एयरबेस पर हमले का मुख्य निशान एक बड़ा गड्ढा था. यह गड्ढा करीब तीन मीटर चौड़ा था और एयरबेस सुविधा से सिर्फ 30 मीटर दूर था. यह सुविधा पाक वायुसेना के लिए बहुत गोपनीय मानी जाती है. हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से पुष्टि हुई कि भारत ने सटीक निशाना साधा. हमले से एयरबेस की संरचना को गहरा नुकसान हुआ, जिसमें छतें उड़ गईं और इमारतें टूट गईं. सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरें: मरम्मत के संकेत अब सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरों से नया खुलासा हुआ है. हमले वाली दोनों जगहें – गड्ढा और क्षतिग्रस्त हिस्से – अभी भी ढकी हुई दिख रही हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने तिरपाल या अन्य सामग्री से इन्हें छिपाया है, ताकि मरम्मत जारी रख सके. अन्य पाकिस्तानी एयरबेस जैसे सरगोधा में जून 2025 तक रनवे की मरम्मत हो चुकी थी, लेकिन मुरीदके में काम धीमा चल रहा है. यह ढकाव नुकसान की गहराई दिखाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंडरग्राउंड सुविधा को ठीक करने में महीनों लग सकते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मई के हमलों से पाकिस्तानी सुविधाओं को सीमित लेकिन साफ नुकसान हुआ. पाकिस्तान की हवाई ताकत पर सवाल ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की हवाई ताकत को कमजोर कर दिया. मुरीदके एयरबेस पर हमला न सिर्फ बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान के आत्मविश्वास को भी झकझोर दिया. भारत ने न्यूनतम नुकसान के साथ सटीक हमले किए, जो वायुसेना की क्षमता दिखाता है. पाकिस्तान ने शुरुआत में नुकसान को कम बताया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने सच्चाई उजागर कर दी. नूर खान और सरगोधा जैसे अन्य बेस भी प्रभावित हुए. मुरीदके पर फोकस इसलिए, क्योंकि यह अंडरग्राउंड हथियार भंडारण का केंद्र था. भारत की सतर्कता बरकरार यह तस्वीरें दिखाती हैं कि मई के हमले का असर आज भी है. पाकिस्तान मरम्मत में जुटा है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा. भारत के लिए यह चेतावनी है कि सीमा पर सतर्कता जरूरी है. ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी तस्वीरें निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं. गूगल अर्थ जैसी तकनीक से दुनिया को सच्चाई पता चलती है.

2030 तक तैनात होगी Mach 4.5 ब्रह्मोस मिसाइल, भारत-रूस मिलकर बढ़ाएंगे देश की रक्षा ताकत

नई दिल्ली भारत और रूस की रक्षा साझेदारी एक नए मुकाम पर पहुंच गई है. दोनों के बीच हुई 800 मिलियन डॉलर की ‘घातक’ डील अब दुनिया के हथियार बाजार में हलचल मचा रही है. दोनों देशों की ज्वाइंट प्रोजेक्ट ब्रह्मोस एयरोस्पेस अब ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल को और भी घातक और तेज बनाने पर काम कर रही है. मौजूदा ब्रह्मोस की स्पीड जहां मैक-3 है, वहीं नए वेरिएंट को मैक-4.5 (Mach 4.5) की रफ्तार से उड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है. यह अपग्रेड आने वाले दशकों तक भारत को विश्व स्तर पर बढ़त दिलाने वाला साबित हो सकता है. बताया जा रहा है कि यह अपग्रेड मिसाइल के रैमजेट इंजन (Ramjet Engine) को और शक्तिशाली बनाकर किया जाएगा. इससे इसकी मारक क्षमता 450 से 800 किलोमीटर तक बनी रहेगी. लेकिन रफ्तार दुश्मन के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को मात देने वाली होगी. यही नहीं इस मिसाइल की अंतरराष्ट्रीय मांग भी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है. रैमजेट इंजन होगा और ताकतवर इस प्रोजेक्ट में रूस के वैज्ञानिक और भारत की DRDO (Defence Research and Development Organisation) मिलकर काम कर रहे हैं. इसका फोकस नए हाई-टेम्परेचर अलॉय और स्पेशल फ्यूल पर है, ताकि इतनी तेज गति पर भी इंजन और एयरफ्रेम सही तरह से काम करता रहे. मौजूदा एयरफ्रेम रहेगा कारगर विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा ब्रह्मोस का एयरफ्रेम इतना मजबूत है कि वह बिना बड़े बदलाव के मैक-4.5 की रफ्तार झेल सकता है. हालांकि इतनी रफ्तार पर तापमान और दबाव से निपटने के लिए नई सामग्री का इस्तेमाल करना होगा. 2030 तक होगा तैयार जानकारी के मुताबिक, अपग्रेडेड ब्रह्मोस का ग्राउंड टेस्ट अगले तीन साल में शुरू हो सकता है. इसके बाद उड़ान परीक्षण और इंटीग्रेशन किया जाएगा. अनुमान है कि यह नया वेरिएंट 2030 की शुरुआत तक तैनाती के लिए तैयार हो जाएगा. दुश्मनों के पास नहीं होगा जवाब मैक-4.5 स्पीड हासिल करने के बाद दुश्मन देशों के पास मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का वक्त नहीं बचेगा. यह किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती होगी. साथ ही, इसकी हिट एनर्जी इतनी ज्यादा होगी कि यह अंडरग्राउंड बंकर, नौसैनिक जहाज और कमांड सेंटर्स तक को तबाह कर सकेगी. फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल को फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों ने खरीदा है. लेकिन नए वेरिएंट के आने के बाद अन्य देशों से भी बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. यह भारत को हथियारों के वैश्विक बाजार में और मजबूत करेगा.  

5 अक्टूबर से मां वैष्णो देवी यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित, श्रद्धालुओं को सूचना जारी

कटरा श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर अभी-अभी बड़ी खबर सामने आई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी है कि मौसम विभाग की चेतावनी के कारण यात्रा आज  5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित कर दी गई है।श्राइन बोर्ड ने कहा है कि यात्रा 8 अक्टूबर 2025 से पुनः शुरू होगी। आधिकारिक सूत्रों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की नई जानकारी के लिए हमेशा श्राइन बोर्ड के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। साथ ही सभी से कहा गया है कि वे सुरक्षित रहें और मौसम की जानकारी पर ध्यान दें।   माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम संबंधी सलाह के मद्देनजर वैष्णो देवी यात्रा 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित रहेगी और 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी। भक्त आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रह सकते हैं। 26 अगस्त को मंदिर मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड बता दें कि जम्मू संभाग में 26 अगस्त को अत्यधिक खराब मौसम के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन होने से 35 से अधिक तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके कारण माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। कटरा में पिछले दिनों हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश जारी किया था। भूस्खलन त्रासदी के बाद, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आलोचना हुई थी, यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी यात्रा के मामलों का प्रबंधन करने वाले एसएमवीडीएसबी के अधिकारियों को दोषी ठहराया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन दिन बाद माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया था।  दिल्ली, पंजाब समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना इस सप्ताह उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 4 से 7 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खासकर 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी भागों में भी इसी अवधि में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में वर्षा के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। पूर्वी, पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत में कैसा रहेगा मौसम? बात अगर पूर्वी भारत की करें तो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी 4 से 7 अक्टूबर के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि ओडिशा के कुछ जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसके कारण भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने रहेगा। प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो दक्षिण प्रायद्वीप के तटीय क्षेत्रों जैसे आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है। सात अक्टूबर के बाद सामान्य होगी मौसम की ‌स्थिति मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 7 अक्टूबर के बाद, उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने की शुरुआत हो सकती है, जो मॉनसून की विदाई का संकेत है। हालांकि, दक्षिणी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। मुंबई और अन्य पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में मानसून की वापसी में थोड़ी देरी हो सकती है, जिससे रुक-रुक कर बारिश और उमस भरी गर्मी का अनुभव हो सकता है। अगस्‍त में भीषण लैंडस्‍लाइड बता दें कि अगस्‍त के अंतिम सप्‍ताह में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर स्थित अर्धकुवारी में लैंडस्लाइड की घटना हुई थी. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया था कि लैंडस्लाइड इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ. इस हादसे में जानमाल का व्‍यापक पैमाने पर नुकसान हुआ था. तकरीबन तीन दर्जन श्रदधालुओं की मौत हो गई थी. यात्रा मार्ग फिर से बहाल करने में कई दिन का वक्‍त लग गया था. इस दौरान भक्‍तों के लिए माता वैष्‍णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया था. उस समय हुई प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहता है. मौसम विभाग की चेतावनी आने के तुरंत बाद यात्रा को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया.

करूर भगदड़ में लापरवाही पर मद्रास हाईकोर्ट ने लगाई विजय की पार्टी को चेतावनी

नई दिल्ली मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते करूर में हुई भगदड़ को लेकर दक्षिण के सुपरस्टार विजय की TVK पार्टी को कड़ी फटकार लगाई है। अभिनेता के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के नेता, जिन्होंने करूर में रैली का आयोजन किया था घटनास्थल से भाग गए और 41 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के बाद उन्हें कोई पछतावा नहीं हुआ। न्यायाधीश ने एक हिट एंड रन मामले में टीवीके की प्रचार बस को जब्त करने का आदेश दिया और वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि बस एक दुर्घटना में शामिल थी। उन्होंने पुलिस को रैली के सभी सीसीटीवी कैमरे, खासकर विजय की बस के अंदर और बाहर के कैमरे, जब्त करने का भी आदेश दिया।   अदालत ने दिया एसआईटी गठन का आदेश अदालत ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) असरा गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया है और राज्य सरकार से एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा है। अदालत ने कहा कि रैली आयोजकों ने उन लोगों को छोड़ दिया जो अभिनेता की एक झलक पाने आए थे, लेकिन अंततः अपनी जान गंवा बैठे और पार्टी को उनकी मदद करनी चाहिए थी। अदालत ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने कोई पछतावा, कोई जिम्मेदारी या कोई खेद नहीं दिखाया। 'विजय के खिलाफ क्यों दर्ज नहीं किया मामला' अदालत ने स्थानीय पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य टीवीके नेताओं के प्रति उदारता दिखा रहा है। यह भी पूछा गया कि विजय के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। अब तक टीवीके के दो नेताओं पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इनमें विजय के करीबी सहयोगी और उनके दूसरे नंबर के अधिकारी एन 'बुस्सी' आनंद और सीटी निर्मल कुमार शामिल हैं। भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने विजय से किया संपर्क सूत्रों के अनुसार, करूर भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने दक्षिण के सुपरस्टार विजय की पार्टी से संपर्क किया है। इससे संकेत मिलता है कि भगवा पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनेता के विशाल प्रशंसक आधार का उपयोग करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने टीवीके नेतृत्व को बताया है कि अगर डीएमके द्वारा विजय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया तो वह अकेले नहीं होंगे। नेता ने टीवीके को बताया कि वह भी डीएमके को घेरना चाहती है और विजय को धैर्य रखना चाहिए। भाजपा के अलावा कांग्रेस ने भी टीवीके से संपर्क किया था, जिससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय पार्टियां इसे द्रविड़ प्रमुखों डीएमके और एआईएडीएमके के प्रभुत्व वाली राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने के अवसर के रूप में देख रही हैं।  

दुश्मनों को मिलेगा करारा जवाब, पाक बॉर्डर पर तैनात होंगी AK-630

नई दिल्ली पाकिस्तान सीमा से सटे आबादी वाले इलाकों और आस्था के केंद्रों को सुरक्षा देने के इरादे से मिशन सुदर्शन चक्र के तहत भारतीय सेना ने एक स्वदेशी कंपनी से छह एके-630 एमएम बंदूकें खरीदने की तैयारी की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले सबक पर काम करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। सशस्त्र संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में नागरिक ठिकानों और धार्मिक इमारतों पर सीधे हमले किए थे। आगे ऐसा न होने देने के लिए सेना पहले से तैयारी कर लेना चाहती है। छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की होगी खरीद  रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना वायु रक्षा (एएडी) ने एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआइएल) के साथ छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की खरीद के लिए एक आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) जारी किया है। ये एक 30 मिमी मल्टी-बैरल मोबाइल एयर डिफेंस गन सिस्टम है जिसमें लगातार हाई लेवल की फायरिंग की जा सकती है। बंदूक प्रणाली को एक ट्रेलर पर लगाया जाएगा और हाई मोबिलिटी वाहन से ले जाया जाएगा।   जानिए इस एयर डिफेंस सिस्टम की खासियत उन्होंने बताया कि एके630 का उपयोग यूआरएएम (ड्रोन, राकेट, तोपखाने और मोर्टार) से पैदा हुए खतरे को विफल करने के लिए किया जाएगा। इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के निकट स्थित प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों और आस्था के केंद्रों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। ये गन सिस्टम 3000 राउंड प्रति मिनट की दर से चार किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है। इसमें सभी मौसमों में काम करने वाले इलेक्ट्रो-आप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम लगा होगा, जो किसी भी मौसम में लक्ष्य की पहचान कर सकता है। इसे सुदर्शन चक्र कवच के तौर पर विकसित किया जा रहा है और इसे पूरे वायु रक्षा संरचना से जोड़ा जाएगा। बता दें कि भारतीय सेना के एएडी ने पाकिस्तान के ड्रोन और विमानों के जरिये हवाई हमलों को विफल करने में अहम भूमिका निभाई है। एएडी सैनिकों से राजनाथ सिंह ने की थी मुलाकात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में गुजरात के भुज में एएडी सैनिकों से मुलाकात की थी, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के बहुस्तरीय हमलों को विफल कर दिया था। भारत का आयरन डोम है मिशन सुदर्शन चक्र मिशन सुदर्शन चक्र भारत की 2035 तक एक व्यापक, बहुस्तरीय, स्वदेशी सुरक्षा कवच तैयार करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और वायु रक्षा प्रणालियों को एकसाथ जोड़ा जाएगा ताकि देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को दुश्मनों के हमलों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने की थी इस मिशन की शुरुआत इजरायल की तर्ज पर इसे तैयार किया जाएगा, जिसकी वजह से इसे भारत का आयरन डोम कहा जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देते हुए रक्षात्मक अवरोध और संभावित आक्रामक क्षमता विकसित करना लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को भारत में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी दी थी और कहा था कि भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में कोई संयम नहीं बरता जाएगा।  

भारतीय छात्र की अमेरिका में हत्या, डेंटल सर्जरी का सपना अधूरा, परिवार सदमे में

नई दिल्ली अमेरिका के डलास में एक 27 वर्षीय भारतीय छात्र की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। हैदराबाद निवासी चंद्रशेखर पोल कल रात एक गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम काम कर रहे थे, तभी एक अज्ञात बंदूकधारी ने उनकी हत्या कर दी। चंद्रशेखर टेक्सास में डेंटल सर्जरी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे। हैदराबाद से डेंटल सर्जरी में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वह 2023 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे। नेताओं ने हैदराबाद में की परिवार से मुलाकात बीआरएस विधायक सुधीर रेड्डी और पूर्व मंत्री टी हरीश राव ने हैदराबाद में छात्र के घर जाकर उसके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इसे एक दुखद घटना बताते हुए सरकार से पोल के शव को अमेरिका से वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। बीआरएस ने सरकार से की ये अपील हरीश राव ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा, "माता-पिता जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं, यह जानकर कि उनका बेटा, जिसके बारे में उन्हें विश्वास था कि वह ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, अब नहीं रहा। यह देखना हृदय विदारक है।" उन्होंने आगे कहा, "हम, बीआरएस की ओर से राज्य सरकार से मांग करते हैं कि वह पहल करे और चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके गृहनगर लाने का प्रयास करे।"

दहशत में ट्रेन यात्री: रूस ने यूक्रेन में दो पैसेंजर ट्रेनों पर किया हमला

कीव  रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला करते हुए दो पैसेंजर ट्रेनों को निशाना बनाया है, जिसके बाद उनमें आग गई गई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि शनिवार को एक यूक्रेनी रेलवे स्टेशन पर हुए रूसी ड्रोन हमले में दर्जनों लोग घायल हो गए। मॉस्को ने अपने व्यापक आक्रमण के बाद से चौथी सर्दियों से पहले यूक्रेन के रेल और बिजली ग्रिड पर हमले तेज कर दिए हैं। जेलेंस्की ने कीव के उत्तर-पूर्व में स्थित शोस्तका शहर पर हुए हमले के बारे में बताया कि कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं। यह शहर रूसी सीमा से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सभी आपातकालीन सेवाएं पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और लोगों की मदद शुरू कर दी है। घायलों के बारे में सभी जानकारी जुटाई जा रही है।'' यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और पुनर्निर्माण मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने कहा कि रूस ने एक के बाद एक दो यात्री ट्रेनों पर हमला किया, पहले एक स्थानीय ट्रेन को और फिर कीव जाने वाली एक ट्रेन को निशाना बनाया। कुलेबा ने शनिवार को टेलीग्राम पर लिखा, "चिकित्सा दल घायलों को पहले ही अस्पतालों में पहुंचा चुके हैं और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। अन्य लोग (जो घटनास्थल पर थे) बचावकर्मियों की निगरानी में आश्रय स्थलों में हैं।" उन्होंने कहा कि स्टेशन पर हवाई हमले की चेतावनी जारी है। जेलेंस्की और स्थानीय गवर्नर ओलेह ह्रीहोरोव, दोनों ने घटनास्थल से तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें एक यात्री डिब्बे में आग लगी दिखाई दे रही है। मॉस्को ने हाल ही में यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं, जो सैन्य परिवहन के लिए जरूरी है, और पिछले दो महीनों में लगभग हर दिन इस पर हमले हो रहे हैं। 24 फ़रवरी, 2022 को हुए पूर्ण आक्रमण के बाद से पिछले वर्षों की तरह, क्रेमलिन ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर भी हमले तेज कर दिए हैं, जिसे कीव नागरिकों को गर्मी, रोशनी और पानी से वंचित करके आने वाली सर्दियों को हथियार बनाने का प्रयास कहता है। इससे पहले, रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से शुक्रवार रात से लेकर शनिवार तक यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर भीषण हमले किए। यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी ने यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले अधिकारियों ने बताया था कि रूस ने यूक्रेन के प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों पर शुक्रवार को हमले किए जो साढ़े तीन साल पहले मॉस्को द्वारा शुरू किए गए पूर्ण आक्रमण के बाद से सबसे बड़ा हमला है। क्षेत्रीय संचालक चेर्निहिवोब्लेनेर्गो के अनुसार, विद्युत ग्रिड पर हमलों के कारण रूसी सीमा के निकट उत्तरी शहर चेर्निहिव के निकट ऊर्जा सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग 50,000 घरों के प्रभावित होने की आशंका है। चेर्निहिव सैन्य प्रशासन के प्रमुख दिमित्रो ब्रायजिन्स्की ने पुष्टि की कि शहर पर रात के समय हुए रूसी हमले के कारण कई स्थानों पर आग लग गई लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इससे कितना नुकसान हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले नाफ्तोगाज समूह द्वारा संचालित प्राकृतिक गैस सुविधाओं पर युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था।  

‘शक्ति’ का कहर: तेज रफ्तार 100 KM/H, इन राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा

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नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।