Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

महिला अपराधों में बढ़ोतरी जारी, 2023 में देशभर में दर्ज हुए 4.48 लाख से अधिक मामले

1aa 125.jpg

नई दिल्ली  सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधियों पर लगाम नहीं लग पा रही है। साइबर अपराधों में 2022 की तुलना में 2023 में 31.2 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय अपराध रिकाॅर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनुसूचित जनजातियों के विरुद्ध अपराधों में 28.8 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है। अनुसूचित जातियों, महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध भी अपराध बढ़े हैं। जबकि हत्या के मामलों और वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध अपराधों में मामूली कमी आई है।  2023 में ये बढ़कर 86,420 हो गए एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में देशभर में साइबर अपराध से जुड़े 65,893 मामले दर्ज किए गए थे। 2023 में ये बढ़कर 86,420 हो गए। इनमें लगभग 70 प्रतिशत (59,526) मामले धोखाधड़ी के थे। इससे देश में साइबर अपराध के बढ़ते दायरे और अपराधियों के बढ़ते हौसले का अंदाजा लगाया जा सकता है। देश में बच्चियों से दुष्कर्म के कुल 38968 मामले दर्ज किए गए. इसमें मध्य प्रदेश में देश में महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा मामले रिकॉर्ड किए गए. मध्य प्रदेश में बच्चियों से रेप की 3876 घटनाएं हुई हैं, यानी हर दिन 10 नाबालिग बच्चियां रेप की शिकार हो रही हैं. महाराष्ट्र में नाबालिग बच्चियों से 4666 मामले दर्ज किए गए. पति, रिश्तेदार ही सबसे ज्यादा अपराध देश में महिला अपराधों के मामलों में 0.7 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है. साल 2023 में देश में 4 लाख 48 हजार 211मामले दर्ज किए गए, जबकि 2022 में 4 लाख 45 हजार 256 मामले दर्ज किए गए थे. देश में सबसे ज्यादा महिला अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए. महिला अपराधों के टॉप फाइव स्टेट में मध्य प्रदेश का स्थान 5 वां है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं को सबसे ज्यादा क्रूरता के जख्म अपने पति, रिश्तेदारों के द्वारा ही मिल रहे हैं. देश में कुल महिला अपराधों में 14 फीसदी मामले दुष्कर्म और 19.8 फीसदी मामले अपहरण के हैं. उत्तर प्रदेश में – 66381 महिला अपराध दर्ज हुए महाराष्ट्र में – 47101 महिला अपराध दर्ज हुए राजस्थान में – 45450 महिला अपराध दर्ज हुए पश्चिम बंगाल – 34691 मामले दर्ज हुए मध्य प्रदेश – 32342 महिला अपराध दर्ज हुए मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा महिला अपराध से जुड़े मामले भोपाल और इंदौर में दर्ज किए गए, जबकि दोनों शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है. महिला अपराध के मामले में उज्जैन 5 वें स्थान पर है. कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना एनसीआरबी की रिपोर्ट पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, ''भाजपा की सरकार आखिर कब तक महिलाओं के साथ मजाक करती रहेगी. एक तरफ लाड़ली बहना योजना चला रहे हैं, दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं. क्या है कानून व्यवस्था क्या कर रही है सरकार. बच्चियों को बचाइये, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.'' शीलभंग करने के इरादे से हमले 2023 में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के 4,48,211 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2022 में 4,45,256 और 2021 में 4,28,278 मामले दर्ज हुए थे। 2023 में सबसे अधिक अपराध पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (1.33 लाख मामले, 29.8 प्रतिशत) के थे। इसके बाद महिलाओं के अपहरण (88,605 मामले, 19.8 प्रतिशत) और शीलभंग करने के इरादे से हमले (83,891 मामले, 18.7 प्रतिशत) के थे। हालांकि, महिलाओं के विरुद्ध अपराध की दर लगभग अपरिवर्तित (66.2 प्रति लाख) रही। आत्महत्या के मामले 0.3 प्रतिशत बढ़े  बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराध भी चिंताजनक हैं। 2022 में बच्चों के विरुद्ध अपराध की दर 36.6 (प्रति एक लाख बच्चे में) थी, जो 2023 में बढ़कर 39.9 हो गई। बच्चों के विरुद्ध सबसे अधिक मामले अपहरण (45 प्रतिशत) और यौन अपराधों (38.2 प्रतिशत) से जुड़े थे।  आत्महत्या के मामले 0.3 प्रतिशत बढ़े हैं। ये 1,71,418 दर्ज किए गए। इनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 22,687 और तमिलनाडु में 19,483 मामले दर्ज हुए। किसानों की आत्महत्या के 10,700 मामले दर्ज हुए। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 38 प्रतिशत और कर्नाटक में 22.5 प्रतिशत मामले दर्ज हुए।  अपहरण के मामलों में 5.6 प्रतिशत की बढ़त बुजुर्गों के विरुद्ध अपराधों के कुल 27,886 मामले दर्ज हुए। अपहरण के मामलों में 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2022 के 1,07,588 के मुकाबले 2023 में ये 1.16 लाख दर्ज किए गए। हत्या के मामलों में 2.8 प्रतिशत की कमी आई है। ये 2022 के 28,522 की तुलना में 2023 में 27,721 दर्ज हुए। किशोरों के विरुद्ध अपराधों में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि किशोरों के विरुद्ध अपराधों में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिनकी संख्या 2023 में 31,365 रही। दिल्ली में इसकी दर प्रति एक लाख बच्चों पर 41 थी, जो देश में सबसे अधिक है। किशोर अपराध की दर भी बढ़कर 6.9 से बढ़कर 7.1 हो गई। सभी महानगरों में किशोर अपराधों की सबसे अधिक संख्या भी दिल्ली में दर्ज की गई, जहां कुल 2,278 घटनाएं हुईं। विभिन्न वर्गों के विरुद्ध अपराध वर्ग वृद्धि (%में) कमी  बुजुर्ग 2.3 0 बच्चे 9.2 0 महिला 0.7 0 किशोर 2.7 0 एसटी 28.8 0 एससी 0.4 0 (2022 की तुलना में 2023 में) बच्चियां देश में बड़ी संख्या में लैंगिक अपराध का शिकार हो रही हैं. एनसीआरबी (National Crime Records Bureau) के ताजा आंकड़े चिंता में डालने वाले हैं. देश में बच्चों से जुड़े अपराधों में 9.2 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. देश में बच्चों से जुड़े सबसे ज्यादा अपराध मध्य प्रदेश में हुए हैं. जबकि पिछले साल मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर था. मध्य प्रदेश में आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन 10 नाबालिग लड़कियों से यौन अपराध हो रहे हैं. वहीं महिला अपराध के मामले में मध्य प्रदेश देश में पांचवे स्थान पर है. बच्चों से बढ़ रहे अपराध देश में बच्चों से जुड़े आपराध के आंकड़े चिंताजनक है. आंकड़ों के मुताबिक देश में मध्य प्रदेश बच्चों के मामले में सबसे ज्यादा असुरक्षित प्रदेश बन गया है. मध्य प्रदेश में 2023 में 22 हजार 393 मामले दर्ज किए गए. साल 2022 में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 मामले और साल 2021 में 19173 मामले दर्ज किए गए थे. महाराष्ट्र बाल अपराधों के मामले में दूसरे नंबर पर है. महाराष्ट्र में 22 हजार 390 मामले दर्ज किए गए. उत्तर प्रदेश … Read more

कैबिनेट का बड़ा कदम: 11,440 करोड़ रुपए से दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल

daal1.jpg

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 11,440 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ दालों में आत्मनिर्भरता मिशन को मंजूरी दे दी। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से इस ऐतिहासिक पहल को 2025-26 से 2030-31 तक छह वर्षों की अवधि में क्रियान्वित किया जाएगा। सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, दलहन मिशन के तहत अगले 4 वर्षों के दौरान लगभग 2 करोड़ किसानों को बेहतर बीजों की आपूर्ति की जाएगी और कटाई के बाद फसल के प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे तैयार किया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उत्पादकों से तुअर, उड़द और मसूर दालों की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित की जाएगी। भारत की फसल प्रणालियों और आहार में दालों का विशेष महत्व है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। बढ़ती आय और जीवन स्तर के साथ, दालों की खपत में भी वृद्धि हुई है। हालांकि, घरेलू उत्पादन मांग के अनुरूप नहीं रहा है, जिसके कारण दालों के आयात में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्नत किस्मों को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने के लिए, दलहन उत्पादक किसानों को 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जाएंगे, जो 2030-31 तक 370 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेंगे। इस मिशन का उद्देश्य चावल की फसल केंद्रित भूमि और अन्य विविधीकरण योग्य भूमि को लक्षित करके दलहनों के क्षेत्रफल को 35 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है, जिसमें अंतर-फसलीय खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को 88 लाख बीज किट निःशुल्क वितरित की जाएंगी। इस मिशन से 2030-31 तक दलहनों का क्षेत्रफल 310 लाख हेक्टेयर तक बढ़ने, उत्पादन 350 लाख टन तक बढ़ने और उपज 1130 किलोग्राम/हेक्टेयर तक पहुचने की उम्मीद है। उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ, इस मिशन से रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर भी पैदा होंगे।

पुतिन की भारत एंट्री तय! पीएम मोदी से शिखर वार्ता, ट्रंप की प्रतिक्रिया हो सकती है चौकाने वाली

putin2.jpg

नई दिल्ली  रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत आने वाले हैं। इस दौरे की तारीख सामने आ गई है। पुतिन का भारत दौरा 5-6 दिसंबर को हो सकता है। इस दौरान उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी से भी होगी। पुतिन के भारत दौरे से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिर्ची लगना स्वाभाविक है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत शिखर सम्मेलन के लिए आने की उम्मीद है। भारत और रूस के बीच दशकों से संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर दिखाई गई सख्ती से मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध और बेहतर हो गए हैं। हाल ही में चीन के तियानजिन में भी पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। सामने आई तस्वीरों ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया था और फिर ट्रंप ने भी दोबारा भारत से संबंध सुधारने की कोशिश की। दरअसल, ट्रंप पिछले कई सालों से चल रहे रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोकना चाहते हैं। वह दोनों देशों से कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली है। अब वे उन देशों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, जो रूस से तेल आयात करते हैं। भारत ने साफ किया है कि वह उन कदमों को उठाएगा, जो राष्ट्र हित में हैं। ऐसे में रूस से तेल आयात भारत ने जारी रखा है। इसी वजह से ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया, लेकिन बाद में तेल खरीदने की वजह से 25 फीसदी और टैरिफ लगा दिया। इससे अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में और दरार आ गई। पुतिन के इस दौरे के बारे में सबसे पहले ऐलान एनएसए अजीत डोभाल के मॉस्को यात्रा के दौरा किया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पुतिन के भारत दौरे की जानकारी दी थी। भारत भी रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के पक्ष में है। पीएम मोदी और पुतिन की बातचीत के दौरान भी कई बार युद्ध खत्म करने की अपील की गई है। चीन में एससीओ समिट के इतर भी पुतिन और पीएम मोदी की बातचीत हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने के लिए रूस के प्रयासों का स्वागत किया था। उन्होंने रूस और भारत के बीच घनिष्ठ संबंधों की सराहना की और कहा कि द्विपक्षीय सहयोग वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।  

इजराइल बोला- भारत हमारा सच्चा मित्र, PM मोदी के समर्थन से मिला हौसला

israil1.jpg

इजराइल  इजराइल के भारत में नए कांसुल जनरल, यानिव रेवाच ने आतंकवाद के खिलाफ भारत और इज़राइल के साझा अनुभवों पर प्रकाश डाला।   उन्होंने इजराइल में बंधक मुक्ति प्रयासों में भारत के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। रेवाच ने व्यक्तिगत अनुभव साझा किया कि 7 अक्टूबर को उनके एक परिवार के सदस्य को आतंकवादियों ने अगवा कर हत्या कर दी थी, जिससे यह मामला उनके लिए और भी संवेदनशील है।    रेवाच ने कहा कि भारत और  इजराइल  अलग-अलग रूपों में आतंकवाद का सामना कर रहे हैं, लेकिन दोनों देश आतंकवाद को अस्वीकार करने और शांति स्थापित करने के समान मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने कठिन समय में इज़राइल का समर्थन किया।"हम जानते हैं कि हमारे दोनों देशों को अलग-अलग रूपों में आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है। हम आभारी हैं कि भारत ने पिछले दो वर्षों और उससे पहले भी इजराइल  का समर्थन किया, खासकर हमारे बंधकों को वापस लाने में। मेरा एक परिवार सदस्य वास्तव में अगवा और मारा गया था। इसलिए यह मेरे दिल के बहुत करीब है।" रेवाच ने भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत, स्थानीय भोजन, बाजार और पर्यटन स्थलों में गहरी रुचि जताई। वे मसाला चाय के लंबे समय से प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा, "इजराइल  और भारत दोनों नवाचार और प्रौद्योगिकी के केंद्र हैं। मैं स्थानीय तकनीक और ऐप्स को सीखना और उपयोग करना चाहता हूँ। भारत एक विशाल बाज़ार है और इज़राइल एक छोटा देश। यह अनुभव सीखने और साझा करने के लिए उत्तम अवसर है।"रेवाच ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 29 सितंबर को घोषित गाजा शांति योजना का स्वागत किया, जिसमें सभी  इजराइली बंधकों की रिहाई और हमास के निरस्त्रीकरण को मुख्य शर्त बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्यस्थ अरब देश हमास पर इस योजना को स्वीकार करने के लिए दबाव डालेंगे।    योजना के मुख्य बिंदु:     हमास द्वारा सभी बंधकों की 72 घंटे में रिहाई।     इज़राइल द्वारा 250 जीवन कैदियों और 1,700 अन्य गाजा बंदियों की रिहाई।     गाजा का असैन्यीकरण और हमास का शासन से बहिष्कार।     अस्थायी अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) की तैनाती।     हमास की सुरंगों, हथियारों और सैन्य ढांचे को नष्ट करना। योजना का उद्देश्य युद्ध समाप्त करना, विस्थापन रोकना और गाजा का पुनर्निर्माण करना है। कई देशों ने इस योजना का स्वागत किया है, जिनमें अमेरिका, इज़राइल और कुछ अरब देश शामिल हैं।    

केंद्र सरकार का सख्त कदम: 34 दवाओं पर पाबंदी और 3 साल की जेल

2 19.jpg

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने अंडे देने वाले पक्षियों, डेयरी जानवरों, गाय, भेड़, बकरी, सुअर और मधुमक्खियों में इस्तेमाल होने वाली 34 दवाओं के निर्माण, आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसमें 15 एंटीबायोटिक्स, 18 एंटीवायरल और 1 एंटीप्रोटोजोल्स दवा शामिल हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले पर 3 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। पाबंदी का उद्देश्य मनुष्यों तक दवाओं के प्रभाव और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से होने वाले खतरे को रोकना है। केंद्र ने राज्यों के अधिकारियों को दवा दुकानों और निर्माताओं को निर्देश जारी करने को कहा है। सरकार ने कहा कि अब पशुपालकों के लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं और यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लिया गया है।  

ग्लोबल इकोनॉमी की नजरें टिकीं: मोदी-ट्रंप की मुलाकात तय, जानिए क्या होगा एजेंडा

modi trump1.jpg

नई दिल्ली  टैरिफ वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। दोनों नेता मलेशिया में इसी महीने आयोजित ASEAN शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं, जहां पीएम मोदी और ट्रंप के बीच एक बैठक संभव है। 47वां आसियान शिखर सम्मेलन 26 से 28 अक्टूबर तक मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होगा। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 26-27 अक्टूबर को आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया की यात्रा पर करने वाले हैं। वहीं मलेशिया ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्यौता भेजा दिया है। अगर ट्रंप इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरी झंडी दिखाते हैं, तो यहां उनकी PM के साथ मुलाकात संभव हो सकती है। इससे पहले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा टैरिफ लगा दिया है, जिस कारण दोनों रिश्ते प्रभावित भी प्रभावित हुए। ऐसे में यह मुलाकात बेहद अहम साबित हो सकती है। भारत पर 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने के बाद यह पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप पहली बार आमने-सामने होंगे। ASEAN की अध्यक्षता मलेशिया के पास गौरतलब है कि आसियान (ASEAN) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 अगस्त 1967 को हुई थी। इसमें कुल 10 देश शामिल हैं, जिनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, और कंबोडिया का नाम शामिल है। मलेशिया 2025 में समूह की अध्यक्षता कर रहा है। वहीं इस शिखर सम्मेलन में इन देशों के अलावा कई अन्य वैश्विक नेता भी शामिल होंगे।  

सरकारी खजाना हुआ मालामाल! GST से 1.89 लाख करोड़ की वसूली, जानिए कैसे बढ़ा रेवेन्यू

gst 155 3.jpg

नई दिल्ली  वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी (GST) कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। बीते महीने यानी सितंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन एक महीने पहले यानी अगस्त 2025 से भी ज्यादा रहा है। जबकि इस महीने जीएसटी की दरों में काफी कमी की गई। यदि इसकी तुलना एक साल पहले यानी सितंबर 2024 के कलेक्शन से करें तो यह 9.1 फीसदी ज्यादा है। कितना रहा कलेक्शन केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में कुल जीएसटी राजस्व 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा था। एक महीने पहले यानी कि अगस्त 2025 में यह 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा था। टैक्स घटाने का फायदा मिला जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने ही जीएसटी की दरों में भारी कटौती का फैसला किया है। यह निर्णय बीते 22 सितंबर से लागू हुआ है। इस दौरान लोगों ने इतनी खरीदारी की कि सितंबर में सकल घरेलू राजस्व 6.8% बढ़कर ₹1.36 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन में भी 15.6% की बढ़ोतरी देखी गई। इस मद में ₹52,492 करोड़ रहा। मंत्रालय ने कहा कि लगातार बेहतर कलेक्शन से न सिर्फ सरकारी खजाने को मजबूती मिल रही है बल्कि यह अर्थव्यवस्था में खपत और कारोबारी गतिविधियों की मजबूती को भी दिखाता है।  IGST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) का कलेक्शन इस साल पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया। सितंबर में IGST की कमाई 1,01,883 करोड़ रुपए रही, जो जनवरी 2025 के रिकॉर्ड 1,01,075 करोड़ रुपए से अधिक है। इससे देश के भीतर व्यापार और वस्तुओं के आदान-प्रदान में तेजी का संकेत मिलता है। हालांकि, सेस कलेक्शन में गिरावट आई है। अप्रैल में यह 13,451 करोड़ रुपए था, जो सितंबर में घटकर 11,652 करोड़ रुपए रह गया। बावजूद इसके, कुल GST संग्रह पर इसका खास असर नहीं पड़ा। अगस्त और सितंबर के त्योहारों के दौरान GST संग्रह 3.8 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 7.8% अधिक है। त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ने से सरकार को अधिक टैक्स प्राप्त हुआ। GST परिषद ने सितंबर की शुरुआत में कर प्रणाली में बड़े सुधार किए। चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाया गया। ये बदलाव 22 सितंबर से लागू हैं और इनका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कारोबारियों के लिए आसान बनाना और आम उपभोक्ताओं को राहत देना है। जीएसटी रिफंड में 40 फीसदी की बढ़ोतरी इस दौरान GST रिफंड में 40.1% की तगड़ी बढ़ोतरी देखने की मिली है। बीते सितंबर में यह ₹28,657 करोड़ रुपये रहा है जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 20,453 करोड़ रुपये रहा था। नेट जीएसटी राजस्व में वृद्धि सितंबर 2025 में नेट जीएसटी राजस्व ₹1.60 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.0% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

अब नजरें गिनती पर: PM मोदी ने आबादी में बदलाव को बताया देश के लिए बड़ा खतरा

modi rss1.jpg

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा से पहले देशवासियों को चेतावनी दी है कि घुसपैठ और बाहरी ताकतों से भी बड़ा खतरा आबादी में बदलाव यानी जनसांख्यिकी परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि हालांकि, अवैध घुसपैठिए और बाहरी खतरे लंबे समय से देश की एकता के लिए चुनौती रहे हैं लेकिन आज बड़ी चुनौतियां आबादी में बदलाव से आ रही हैं क्योंकि ये सामाजिक बराबरी को कमजोर कर रहे हैं। बुधवार (01 अक्टूबर) को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 'विविधता में एकता' भारत की आत्मा है, लेकिन जाति, भाषा, क्षेत्रवाद और अतिवादी सोच से प्रेरित विभाजन का अगर सामना नहीं किया गया तो यह राष्ट्र को कमजोर कर सकता है। उन्होंने कहा, "सामाजिक बराबरी का अर्थ है वंचितों को प्राथमिकता देकर सामाजिक न्याय की स्थापना करना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना। आज, ऐसे संकट उभर रहे हैं जो हमारी एकता, संस्कृति और सुरक्षा पर सीधा प्रहार करते हैं। अतिवादी सोच, क्षेत्रवाद, जाति-भाषा पर विवाद और बाहरी ताकतों द्वारा भड़काए गए विभाजन। ये सभी अनगिनत चुनौतियाँ हमारे सामने खड़ी हैं।" उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा सदैव विविधता में एकता रही है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिद्धांत टूट गया तो राष्ट्र की ताकत भी कमजोर हो जाएगी। PM ने RSS पर डाक टिकट भी जारी किया प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी अंतर्विरोध नहीं होता क्योंकि ये सभी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं। आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट जारी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा और समाज को सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास करते रहे हैं। राष्ट्र प्रथम का सिद्धांत उन्होंने कहा, ‘‘आज जारी किया गया स्मारक डाक टिकट एक श्रद्धांजलि है, जो 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में गर्व से मार्च करने वाले आरएसएस स्वयंसेवकों की याद दिलाता है। अपनी स्थापना के बाद से आरएसएस ने राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। आरएसएस समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर काम करता है, लेकिन इसकी विभिन्न शाखाओं के बीच कभी कोई अंतर्विरोध नहीं होता क्योंकि ये सभी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर काम करते हैं।’’ RSS का विचार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ मोदी ने कहा कि आरएसएस ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार में विश्वास करता है, हालांकि आजादी के बाद इसे राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने से रोकने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा, ‘‘विविधता में एकता हमेशा से भारत की आत्मा रही है, अगर यह सिद्धांत टूटा तो भारत कमजोर हो जाएगा। चुनौतियों के बावजूद आरएसएस मजबूती से खड़ा है और निरंतर राष्ट्र की अथक सेवा कर रहा है।’’ 1925 में संघ की हुई थी स्थापना बता दें कि केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवी संगठन के रूप में की थी जिसका उद्देश्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना था। मोदी खुद संघ प्रचारक थे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। भाजपा की वैचारिक प्रेरणा हिंदुत्ववादी संगठन से मिलती है।

हम तो खुद हो जाते थे, पर अब बंदूक की नोक पर? महबूबा का बयान वायरल

mufti1.jpg

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर के टीआरसी ग्राउंड में हुई घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होने के आरोप में हिरासत में लिए जाने की निंदा की और कहा कि "बंदूक की नोक पर देशभक्ति नहीं सिखाई जा सकती।" बता दें कि मंगलवार शाम को श्रीनगर में पुलिस शहीद फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान करीब 15 दर्शकों को हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि वे कथित तौर पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए थे। टूर्नामेंट के फाइनल में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी गए हुए थे। महबूबा मुफ्ती ने कहा, "आजकल लोगों को बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा किया जाता है। लेकिन जब मैं स्कूल में थी, तब हम बच्चे खुद ही राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े हो जाते थे। किसी ने हमें बंदूक के दम पर ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया था। आज बंदूक की नोक पर खड़ा किया जा रहा है… ये इनकी नाकामी है।" उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र और स्वतंत्रता की भावना के खिलाफ बताते हुए प्रशासन से तत्काल हिरासत रद्द करने की मांग की। पूरा मामला क्या है? सोमवार को श्रीनगर के टीआरसी (टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर) ग्राउंड में मुष्ताक मेमोरियल कप के फाइनल मैच का आयोजन किया गया था। यह टूर्नामेंट पुलिस शहीदों की स्मृति में खेला जाता है, जिसमें स्थानीय युवा और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। मैच के दौरान राष्ट्रगान बजाया गया, जब लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ दर्शक राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं हुए, जिसे आयोजकों ने "अनादर" माना। परिवारों का दावा है कि हिरासत में लिए गए युवक अनजाने में ऐसा हुआ, क्योंकि बैंड की ध्वनि कम और अस्पष्ट थी, जिससे उन्हें पता ही नहीं चला कि राष्ट्रगान शुरू हो गया है। हिरासत के बाद इन युवकों को स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया, जहां से उनके परिवारों को सूचना दी गई।  

केंद्रीय विद्यालयों का होगा विस्तार, कैबिनेट ने 57 नए स्कूल खोलने की दी हरी झंडी

1aa 168.jpg

नई दिल्ली  बुधावार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा की है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दे दी। सात विद्यालय केंद्र और बाकी राज्यों द्वारा प्रायोजित होंगे। राशि में से 2,585 करोड़ रुपये निर्माण और बुनियादी ढाँचे पर खर्च किए जाएँगे, जबकि 3,277 करोड़ रुपये स्कूलों के संचालन के लिए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, दालों के लिए आत्मनिर्भरता मिशन को 11,440 करोड़ रुपये के बजट से मंज़ूरी दी गई है, जो छह वर्षों में चलेगा।  इन 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से सात केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा और बाकी राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित होंगे। वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों पर एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि वर्तमान में 1,288 केंद्रीय विद्यालय हैं। केंद्र ने गेहूँ का एमएसपी बढ़ाया अन्य प्रमुख निर्णयों में, कैबिनेट ने गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है, जिससे यह 2,585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है, और प्रस्तावित एमएसपी के तहत किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है और प्रस्तावित एमएसपी पर किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये है। सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की इसके अलावा, 1 जुलाई से प्रभावी, महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से प्रभावी, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लगभग 1.15 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में भव्य उत्सव आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय स्वतंत्रता आंदोलन में इस प्रेरणादायी गीत की ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करने के लक्ष्य से अपनाया गया है। यह समारोह देश के कोने-कोने में सांस्कृतिक प्रदर्शनों, शैक्षिक सत्रों और अन्य आकर्षक कार्यक्रमों के जरिए संपन्न होगा, जो महान लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत की सांस्कृतिक धरोहर को नई जान फूंक देगा।