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करवा चौथ पर शुभ मुहूर्त: पूजा, अर्घ्य और व्रत के संपूर्ण समय का विवरण

करवा चौथ विवाहित हिंदू महिलाओं के लिए सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाने वाला यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चुतर्थी को पड़ता है. करवा चौथ का त्योहार आज मनाया जा रहा है. महिलाएं निर्जला व्रत किए हुए हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर रात 10 रात 8:13 बजे तक चलेगा क्योंकि चंद्रमा के उदय का समय शाम 8 बजकर 13 का है. करवा चौथ न केवल एक व्रत-अनुष्ठान है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है. मान्यता है कि यह त्योहार देवी पार्वती की पूजा का प्रतीक है, जिन्होंने भगवान शिव का पति रूप में प्रेम पाने के लिए व्रत रखा था. विवाहित महिलाएं भी अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करती हैं. ऐसा भी माना जाता है कि यह दिन परिवार में सौभाग्य, समृद्धि और सद्भाव लाता है. अपने पतियों की पूजा के अलावा, महिलाएं भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की भी पूजा करती हैं ताकि उन्हें सुखी और सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिले. यह व्रत केवल प्रेम और प्रतिबद्धता का ही नहीं, बल्कि पारिवारिक बंधनों को बनाए रखने वाले विश्वास और परंपरा का भी प्रतीक है. यही वजह है कि महिलाएं पूजा-पाठ से लेकर हर कार्य शुभ मुहूर्त में करना चाहती हैं. आइए आपको बताते हैं कि करवा चौथ पर सुबह से लेकर शाम तक कब-कब शुभ मुहूर्त है जब पूजा-पाठ किया जा सकता है? दिन का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     चर-सामान्य मुहूर्त: 06:19AM से 07:46 AM     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 07:46AM से 09:13AM     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 09:13AM से 10:41AM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08PM से 01:35PM     चर-सामान्य मुहूर्त: 04:30PM से 05:57PM रात का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 09:02PM से 10:35PM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08AM से 01:41AM, अक्टूबर 11     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 01:41AM से 03:14AM, अक्टूबर 11     चर-सामान्य मुहूर्त: 03:14AM से 04:47AM, अक्टूबर 11 करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, आज करवा चौथ पूजा मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक है, जिसे पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है.

करवा चौथ स्पेशल: व्रत खोलने से पहले जानिए आपके शहर में चांद निकलने का समय

भोपाल   वो शुभ घड़ी अब आ गई है, जब देशभर में सुहागने चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की दुआएं करेंगी. इस साल करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है. यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है. करवा चौथ पर सुहागनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की दीर्घायु के उपवास रखती हैं और रात को चंद्र दर्शन के बाद ही कुछ ग्रहण करती हैं. इसलिए इस दिन सुहागनों को बड़ी बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार रहता है. आइए जानते हैं कि इस साल आपके शहर में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा. करवा चौथ कि तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 10 अक्टूबर  को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहने वाली है. उदिया तिथि के चलते करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद?  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. हालांकि भारत के विभिन्न शहरों में इसका समय थोड़ा अलग भी हो सकता है. आपके शहर में कितने बजे दिखेगा चांद?  शहर चंद्रोदय का समय दिल्ली रात 8 बजकर 13 मिनट गुरुग्राम रात 8 बजकर 13 मिनट गाजियाबाद रात 8 बजकर 13 मिनट नोएडा रात 8 बजकर 13 मिनट मुंबई रात 8 बजकर 55 मिनट कोलकाता शाम 7 बजकर 45 मिनट चेन्नई शाम 7 बजकर 30 मिनट चंडीगढ़  रात 8 बजकर 8 मिनट लुधियाना रात 8 बजकर 11 मिनट देहरादून रात 8 बजकर 4 मिनट शिमला शाम 7 बजकर 48 मिनट पटना शाम 7 बजकर 48 मिनट लखनऊ रात 8 बजकर 42 मिनट इंदौर रात 8 बजकर 33 मिनट भोपाल रात 8 बजकर 26 मिनट अहमदाबाद रात 8 बजकर 47 मिनट जयपुर रात 8 बजकर 22 मिनट रायपुर शाम 7 बजकर 43 मिनट करवा चौथ पर कैसे खोलें व्रत? (Karwa Chauth 2025 Vrat) करवा चौथ पर सुबह सूरज निकलने से पहले सरगी खा लें. स्नानादि के बाद भगवान को याद करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें. करवा माता की भी एक तस्वीर स्थापित कर लें. उनके समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें. उन्हें चावल, रोली, जल, फल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करें. इसके बाद दोपहर के समय या अभिजीत मुहूर्त में करवा चौथ की कथा सुनें. इसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा करें. उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाएं. फिर पूजा के बाद छन्नी से चंद्रमा के दर्शन करें और अपने पति का चेहरा भी देखें. इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके उपवास खोलें.

10 अक्टूबर 2025: आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? पढ़ें पूरा राशिफल

मेष राशि- आज के दिन खर्च बढ़ सकते हैं। आप अनजाने में कुछ ऐसे काम कर सकते हैं, जो आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गलतफहमियां या बहस से बचना बेहतर है। बैलेंस बनाएं। वृषभ राशि- आज के दिन इमोशनल दूरी आपके रिश्ते को चुनौती दे सकती है। खुला दिमाग रखने और अपनी फीलिंग पर भरोसा करने की चुनौती महसूस होगी। हर अवसर आपके लॉंग टर्म लक्ष्य के अनुरूप नहीं होगा। मिथुन राशि- आज नेचर में कुछ समय बिताएं। सिरियस बातचीत में इनवॉल्व होंगे। आज की एनर्जी आपको वर्तमान में रहने, अपनी इच्छाओं के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें वास्तविकता में लाने के लिए प्रोत्साहित करती है। कर्क राशि- आज के दिन नए लोगों से मिलने के लिए तैयार रहें। रोमांस के दरवाजे खुल सकते हैं। धन के मामले में इरादों को क्लियर तौर पर समझे बिना कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। सिंह राशि- आज के दिन अपनी दिल का ध्यान रखें। अपने मोबाईल फोन और स्क्रीन के बिना रहने के लिए कुछ समय जरूर निकालें। अपनी पसंद को लेकर सावधान रहना चाहिए। टास्क समय पर करें। कन्या राशि- आज के दिन नए शौक और एक्टिविटी खोजें, जो आपको खुशी दें। अपनी पसंद-नापसंद पर ध्यान दें। नई चीजों के लिए खुले रहें, लेकिन जिसके आप योग्य हैं उसके अलावा किसी और चीज के लिए समझौता न करें। तुला राशि- आज के दिन सही दिशा अपनाने और सही लोगों से मिलने में मदद के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। काम पर फोकस बनाए रखें। सेहत व डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। वृश्चिक राशि- आज के दिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, सामाजिक समारोह और डेटिंग के लिए टाइम निकालना जरूरी है। वर्तमान पर विचार करें और नए नेटवर्क बनाएं। अपनी जीवनशैली को स्टेबल करने पर ध्यान दें। धनु राशि- आज के दिन आपका पास्ट या आपके आस-पास के लोग कुछ प्रॉब्लम पैदा कर सकते हैं। सोल्यूशन पर फोकस करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने करीबियों से खुलकर बात करें। मकर राशि- आज के दिन अपने दिल की राह पर चलें। गहरी बातचीत या गतिविधियों में इन्वॉल्व हों। बिजी शेड्यूल आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। सावधानी से धन को खर्च करें। कुंभ राशि- आज के दिन अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथी के सामने खुलकर जाहिर करें। आप आसानी से अपने विचारों में खो सकते हैं। नए कनेक्शन बनाते समय सावधान रहें। मीन राशि- आज के दिन विचारों को अपने डीसीजन पर हावी न होने दें। अपने प्रेम जीवन को लेकर संदेह का अनुभव कर सकते हैं। खुद पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी खुशी पर फोकस रखें।

करवा चौथ 2025: चंद्रमा की नजर 8:12 बजे, सही समय पर करें व्रत पूजा

ग्वालियर सौभाग्यवती महिलाएं अपने सौभाग्य की कामना करने के लिए करवा चौथ व्रत के लिए सज-संवरकर तैयार हैं। हाथों में मेहंदी, नैनों में काजल, दोनों हाथों में रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर 10 अक्टूबर शुक्रवार को निर्जल व्रत का संकल्प सरगी के साथ तड़के लेंगीं। पहले सूर्यास्त और फिर चांद का इंतजार रहेगा। भगवान चंद्र देव भी व्रतधारी महिलाओं के संकल्प को पूरा करने के लिए रात आठ बजकर 12 मिनट पर उदय होंगे। भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के माथे पर चंदन और अक्षत से तिलक कर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगीं। व्रत को लेकर उत्साहित नवविवाहिताएं विवाह के उपरांत पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली नवविवाहिताएं व्रत को लेकर अधिक उत्साहित हैं। वे माता करवा से भी प्रार्थना कर रहीं हैं कि उनके निर्जल व्रत के संकल्प पूरा करने के लिए आशीष दें। एक पखवाड़े से चल रही करवा चौथ व्रत की तैयारियां एक पखवाड़े से महिलाएं करवाचौथ व्रत की तैयारियां कर रहीं हैं। इस व्रत में महिलाएं 16 शृंगार करके सजती-संवरती हैं। व्रत के लिए परिधान तैयार करने से लेकर पति और स्वजन के लिए व्यंजन बनाती हैं। पिछले एक सप्ताह से करवाचौथ के लिए खरीदारी की जा रही है।   व्रत की पूर्व संध्या पर दोनों हाथों में मेहंदी लगवाई। ब्यूटी पार्लर भी पहले बुक कर रखा था। पार्लरों पर भी गुरुवार को भारी भीड़ रही। मेहंदी और चूड़ी पहनाने वालों के यहां भी कतार लगी थी। ऐसी मान्यता है कि व्रत के साथ सुहाग का सामान सौभाग्यवती महिलाओं को दान करने से पति की दीर्घायु आशीर्वाद प्रदान करते हैं। करवा चौथ पर बनेगा ग्रहों का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार ग्रहों का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। दरअसल, इस दिन शनि-मीन राशि में रहेंगे, गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। शुक्र, सूर्य कन्या राशि में एक साथ रहेंगे। इसके अलावा इस बार कृतिका नक्षत्र में पूजन होगा। वहीं यह पर्व शुक्रवार का दिन है तो इस वजह से भी व्रती महिलाओं को गणेश भगवान और मां लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। पूजा का शुभ समय पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि नौ अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 10 अक्टूबर की शाम सात बजकर 38 मिनट इसका समापन होगा। करवाचौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह पांच बजकर 16 मिनट से शाम छह बजकर 29 मिनट बजे तक रहने वाला है। वहीं चंद्रमा का उदय रात्रि आठ बजकर 12 मिनट पर होगा।

करवा चौथ पूजा विधि: सही दिशा में बैठकर करें आराधना, मिलेगा दांपत्य सुख और समृद्धि

सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए ये व्रत रखती हैं. इस दिन महिलाएं शिव और माता पार्वती से प्रार्थना कर उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना करती हैं. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं. करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा. मान्यता है कि जो महिला करवा चौथ का व्रत रखती है वो अंखड सौभाग्य का आशीर्वाद पाती है. इस दिन पूजा-पाठ और चंद्रमा को अर्घ्य देते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सही दिशा में मुख करके की जाने वाली पूजा ही सफल मानी जाती है, तो चलिए जानते हैं कि इस दिन पूजा करने, कथा सुनने और चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही दिशा क्या होती है? इस दिशा में बैठकर करनी चाहिए करवा चौथ की पूजा वास्तु शास्त्र के अनुसार, करवा चौथ की पूजा भूलकर भी दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके नहीं करनी चाहिए. कहते हैं दक्षिण दिशा की ओर मुख करके की जाने वाली करवा चौथ की पूजा कभी स्वीकार नहीं की जाती है. करवा चौथ की पूजा करते समय हमेशा मुख को उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए. उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से पूजा फलित होती है. इस दिशा में मुख करके देना चाहिए चंद्रमा को अर्घ्य करवा चौथ की व्रत कथा सुनते समय भी दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. करवा चौथ की व्रत कथा हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही सुननी चाहिए. वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि करवा चौथ के दिन जब चंद्रमा को अर्घ्य दें तो मुख उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. मतलब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ही चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए.

करवा चौथ और गर्भावस्था: उपवास करने से पहले ये बातें जानना जरूरी

करवा चौथ का त्योहार हर साल सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं. सोलह श्रृंगार करके शाम को चांद देखकर जल ग्रहण करती हैं और अपने व्रत का समापन करती हैं. लेकिन जब कोई महिला गर्भवती होती है यानी प्रेग्नेंट होती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या वह इस स्थिति में करवा चौथ का व्रत रख सकती है या नहीं. क्या उपवास के दौरान बिना पानी और खाना खाए रहना सही है या यह मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. आजकल यह सवाल हर घर में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर नई मम्मीज और मॉडर्न कपल्स के बीच. सोशल मीडिया पर भी इस बात पर खूब चर्चा होती है कि क्या गर्भवती महिलाएं करवा चौथ व्रत कर सकती हैं या नहीं. आइए जानते हैं शास्त्र और ज्योतिष दोनों की नजर में इस सवाल का सही उत्तर क्या है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर. शास्त्रों के अनुसार क्या कहता है करवा चौथ व्रत हिंदू धर्म में करवा चौथ को बहुत पवित्र व्रत माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत सच्चे मन और प्रेम से किया जाए तो हमेशा शुभ फल देता है. धर्मग्रंथों में कहीं भी यह नहीं लिखा गया कि गर्भवती महिला यह व्रत नहीं रख सकती. बल्कि शास्त्रों में कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत रखना चाहिए. अगर महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ है और उसका मन इसे करने का है, तो वह अपने तरीके से यह व्रत निभा सकती है. गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत का तरीका अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती है, तो उसे अपने शरीर और बच्चे दोनों का ध्यान रखना चाहिए. सुबह सूर्योदय से पहले हल्का और पौष्टिक खाना खाएं जैसे दलिया, सूखे मेवे, दूध और फल. अगर शरीर थका महसूस करे या चक्कर आए तो तुरंत आराम करें. पूरे दिन पानी की कमी न होने दें. डॉक्टर की अनुमति हो तो नारियल पानी या जूस लिया जा सकता है. पूजा के समय अधिक देर तक बैठने या झुकने से बचें. दिन भर आराम करें और कोई भारी काम न करें

करवा चौथ 2025 गाइड: कब और कहां नजर आएगा चांद, और कहां करना होगा इंतजार

हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, बेहतर जीवन, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए रखा जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। रात को जब चंद्रमा के दर्शन होते हैं तो चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। चंद्रमा के निकलने से कुछ घंटे पहले शाम को करवा माता की पूजा शुरू होती है, जहां पर सभी सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार के साथ एकत्रित होकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर चांद के निकलने पर छलनी से दर्शन करते हुए चंद्र देव की पूजा की जाती है।   करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 10 अक्तूबर 2025 को देशभर में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्तूबर की रात को चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। चंद्रोदय का यह समय देश की राजधानी दिल्ली को मानक मानकर है। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।  करवा चौथ 2025 शुभ तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ 10 अक्तूबर को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।   करवा चौथ 2025 पूजा शुभ मुहूर्त 10 अक्तूबर को करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल अवधि 01 घंटा 9 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय करवा चौथ पर चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। पंचांग के अनुसार करवा चौथ पर चांद के निकलने का समय दिल्ली शहर को मानक मानते हुए रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। आपके शहर में चंद्रोदय का समय दिल्ली                रात 08:13 नोएडा                रात 08:13 गुरुग्राम              रात 08:14 गाजियाबाद         रात 08:11 आपके शहर में चंद्रोदय का समय चंडीगढ़             रात 08:08 लुधियाना           रात 08:11 अमृतसर           रात 08:14 शिमला              रात 08:06 आपके शहर में चंद्रोदय का समय मेरठ                  रात 08:10 आगरा                रात 08:08 पटना                 रात 07:48 देहरादून             रात 08:04 आपके शहर में चंद्रोदय का समय जयपुर                 रात 08:22 मुंबई                   रात 08:55 बेंगलुरु                रात 08:48 रांची                   रात 07:52 आपके शहर में चंद्रोदय का समय भोपाल              रात 08:26 इंदौर                रात 08:33 ग्वालियर            रात 08:15 उज्जैन                रात 08:33 देश के इन शहरों में समय पर दिखेगा चांद     मुंबई                   कोलकाता        जम्मू                        देहरादून       शिमला                     जयपुर     लखनऊ                   कानपुर     इंदौर                       भोपाल     चेन्नई                     बेंगलुरु     देश के इन शहरों में चांद के निकलने पर हो सकती है देरी     दिल्ली               नोएडा                  चंडीगढ़                  पंजाब                     लुधियाना                पटना                       रांची                       प्रयागराज                  अहमदाबाद    

राहुकाल की जानकारी: करवा चौथ के दिन भूलकर भी न करें ये कर्म

पंचांग के अनुसार, इस साल सुहागिनों का पावन पर्व करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा कर, चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. हालांकि, व्रत के दिन एक ऐसा समय राहुकाल भी रहेगा जब आपको किसी भी तरह का शुभ कार्य या पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए. क्योंकि राहुकाल में किए गए शुभ कार्यों का फल नहीं मिलता, बल्कि कई बार विपरीत परिणाम भी देखने को मिलते हैं. ज्योतिष शास्त्र राहुकाल के समय को बहुत ही अशुभ माना गया है. आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन राहुकाल का समय क्या रहेगा क्यों इस अवधि में पूजा-पाठ क्यों वर्जित होता है. करवा चौथ 2025: राहुकाल का समय पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर, शुक्रवार को करवा चौथ के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य, जैसे कि पूजा-पाठ, कथा सुनना, नई खरीदारी करना या यात्रा शुरू करना उचित नहीं माना जाता है. व्रत रखने वाली महिलाओं को इस समय के दौरान करवा चौथ की पूजा या कथा सुनने से बचना चाहिए. राहुकाल को अशुभ क्यों माना जाता है? ज्योतिष में राहु एक छाया ग्रह है, जिसका प्रभाव शुभ कार्यों पर नकारात्मक माना गया है. राहुकाल के दौरान ग्रहों की चाल ऐसी मानी जाती है कि उस समय किए गए कार्यों में बाधा, विलंब या असफलता की संभावना बढ़ जाती है. यह हर दिन लगभग 90 मिनट (डेढ़ घंटे) की एक अवधि होती है, जिसे अशुभ या हानिकारक माना जाता है. राहुकाल का संबंध भ्रम, वासना, लालच और मोह से जोड़ा जाता है. राहु का प्रभाव ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह और असुर माना गया है. जो सूर्य और चंद्रमा पर भी अपना नकारात्मक प्रभाव डालता है. माना जाता है कि राहुकाल के दौरान राहु का प्रभाव पृथ्वी पर सबसे अधिक होता है, जिसके कारण यह समय नकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है. शुभ कार्यों का फल नहीं मिलना यह मान्यता है कि राहुकाल के समय शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य, मांगलिक कार्य या नए कार्य में बाधाएं आती हैं और उसका शुभ फल नहीं मिलता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, इस काल में की गई पूजा-अर्चना का फल देवी-देवताओं को प्राप्त न होकर राक्षसों को मिलता है, इसलिए पूजा-पाठ करने की मनाही होती है. किन कार्यों से बचें?     पूजा-पाठ: करवा चौथ की कथा सुनना, पूजा शुरू करना, या हवन करना.     नए काम की शुरुआत: व्यवसाय शुरू करना, नौकरी जॉइन करना, या कोई नया प्रोजेक्ट आरंभ करना.     खरीद-बिक्री: विशेष रूप से सोना, वाहन या संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण लेन-देन.     यात्रा: किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए लंबी दूरी की यात्रा शुरू करना.     मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई या गृह प्रवेश जैसे संस्कार. क्या कर सकते हैं? जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. इसके अलावा, राहुकाल में भक्ति, ध्यान और साधना करना उत्तम होता है. आप अपने इष्टदेव का मंत्र जप कर सकती हैं. इसलिए सुहागिन महिलाओं को चाहिए कि वे करवा चौथ के दिन राहुकाल को ध्यान में रखें और अपनी पूजा की तैयारी इस अशुभ समय के पहले या बाद में करें, ताकि उनके व्रत और पूजन का पूरा और सही फल मिल सके.

दिवाली की तिथि को लेकर कंफ्यूजन खत्म! 2025 में किस दिन मनेगी रौशनी की ये रात?

एक बार फिर सनातन पर्व दीपावली की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है. कुछ ज्योतिषी 20 अक्टूबर को तो कुछ 21 अक्टूबर 2025 को दीपावली मनाने की सलाह दे रहे हैं. इस असमंजस के बीच काशी विद्वत परिषद, जो देश के प्रमुख विद्वानों का संगठन है, ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को ही मनाई जाएगी. किस दिन मनाया जाएगा दीपावली का पर्व? परिषद ने इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें दीपावली से संबंधित तिथि निर्धारण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. धर्मशास्त्रीय व्यवस्था और शास्त्र सम्मत गणना के अनुसार यह निष्कर्ष निकला कि पूर्ण प्रदोष काल व्यापिनी तिथि 20 अक्टूबर को ही प्राप्त हो रही है. वहीं, 21 अक्टूबर को तीन प्रहर से अधिक अमावस्या और साढ़े तीन प्रहर से अधिक वृद्धि गामिनी प्रतिपदा होने के कारण नक्त व्रत पारण का काल (जो लक्ष्मी पूजन का आवश्यक अंग है) उस दिन उपलब्ध नहीं हो रहा है. इसी कारण परिषद ने सर्वसम्मति से 20 अक्टूबर को ही दीपावली पर्व मनाने का निर्णय लिया. साल 2024 में भी बना था ऐसा संयोग काशी विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों की तिथि निर्धारण की प्रक्रिया गणितीय गणना और धर्मशास्त्रीय नियमों पर आधारित होती है. लेकिन कभी-कभी गणितीय भिन्नता या किसी एक मत के कारण व्रत-पर्वों की तिथियों में अंतर दिखने लगता है. ऐसी ही स्थिति साल 2024 में भी बनी थी, जिसका निर्णय परिषद ने शास्त्र सम्मत रूप से किया था और पूरे देश ने उसी के अनुसार दीपावली मनाई थी. इस बार भी कुछ पंचांगों में 20 अक्टूबर तो कुछ में 21 अक्टूबर को दीपावली लिखे जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है. इस पर परिषद के धर्मशास्त्र एवं ज्योतिष प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक 4 अक्टूबर 2025 को परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में उपस्थित सभी विद्वानों ने शास्त्रीय आधार पर बताया की कि 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए, क्योंकि उस दिन ही लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोषकाल का संयोग बन रहा है. अंत में परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ''सभी सनातन धर्मावलंबियों को शास्त्रवचनों का पालन करते हुए एक मत से 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली मनानी चाहिए.'' दिवाली का शुभ मुहूर्त  ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल 20 अक्टूबर को ही दिवाली मनाई जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 03 मिनट पर होगा.  दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे शुभ समय शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. इस अवधि को प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयोग कहा गया है, जो मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जा रहा है. यानी लोगों को पूजा के लिए करीब 1 घंटा 11 मिनट का समय मिलेगा.

मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल आज: 9 अक्टूबर 2025 का ज्योतिषीय विश्लेषण

मेष: आज का दिन आपको परिवर्तन को अपनाने के लिए मोटिवेट कर रहा है। पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्र दोनों ही चुनौतियों के रूप में छिपे हुए अवसर प्रस्तुत कर सकते हैं। कामकाज में किसी प्रोजेक्ट पर रचनात्मक खूबी की आवश्यकता हो सकती है। वृषभ: आज के दिन उन लोगों के प्रति खुला दिमाग रखें, जो आपके सामान्य प्रकार में फिट नहीं बैठते। अपनी प्रोफेशनल क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम भी शुरू करें। धन का आगमन होगा। सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मिथुन: आज के दिन आज ग्रहों की स्थिति आपके स्वास्थ्य के संबंध में अच्छी खबर लेकर आ रही है। रोमांस के मामले में सरप्राइज की उम्मीद करें। कुछ फाइनेंशियल स्किल्स सीखने के लिए भी यह बुरा दिन नहीं है। तनाव कम लें। कर्क: आज अपने इनोवेटिव विचार को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाने का सही दिन है। व्यायाम को अपने दिन का हिस्सा बनाएं। अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटिजी पर फोकस करें। टास्क से जुड़ी मुश्किलों को पार करने के लिए स्ट्रैटिजी बनाएं। सिंह: आज का दिन अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का दिन है। शारीरिक स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। किसी बड़े निवेश पर विचार कर रहे हैं तो पहले फायदे और नुकसान के बारे में जान लें। अभी दिल के मामले में जल्दबाजी मत करें। कन्या: आज के दिन आपको अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने में मदद मदद मिलेगी। अपनी फाइनेंशियल योजनाओं पर दोबारा विचार करें। दिल के मामलों में ज्यादा दिमाग न लगाएं। अपने पार्टनर को अच्छे मूड में रखें। तुला: आज के दिन आप नए लोगों से मिलेंगे और यह आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आपको पैसों से जुड़े कुछ नए मौके भी मिल सकते हैं। आपका कोई पुराना दोस्त आपको कुछ प्रभावशाली लोगों से मिलवा सकता है या कोई अच्छी डील दिलवाने में आपकी मदद कर सकता है। वृश्चिक: आज के दिन आपका इंट्यूशन आपका सबसे अच्छा दोस्त है। सितारे आपसे अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करने की सलह दे रहे हैं। संतुलन महत्वपूर्ण है। सपने देखना और अपनी भावनाओं में डूबना बहुत अच्छा है। धनु: आज के दिन अगर आप सिंगल हैं तो आप किसी खास व्यक्ति के साथ समय बिताने का आनंद ले सकते हैं। इस दौरान कपल्स एक-दूसरे के करीब आएंगे। आपका स्वास्थ्य और एनर्जी भी पॉजिटिव रहेगी। धन के मामले में नए रास्ते खुलेंगे। मकर: आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। आज पैसों के मामले में आपको सावधान रहने जरूरत है। सितारे आपके पक्ष में हैं। आपकी रचनात्मकता आज लोगों को इस तरह आकर्षित करेगी, जैसे शहद की ओर मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं। कुंभ: आज के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। प्रोफेशनल तौर पर आज प्रोग्रेस की लहर आपकी ओर आगे बढ़ रही है। प्यार के जादू को अपने ऊपर हावी होने दें। सोच-समझकर डीसीजन लें। मीन: आज आपका दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। ऑफिस की गपशप और दफ्तर की राजनीति से दूर रहें। चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार बनाए रखें।