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उम्मीदवारों के लिए राहत: यूपीएससी जल्द जारी करेगा प्रीलिम्स अंतरिम उत्तर कुंजी

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। अभी तक अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही उत्तर कुंजी जारी होती थी। यूपीएससी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। यह हलफनामा सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित लंबित याचिका पर दाखिल किया गया था। यूपीएससी ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान उसने अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के सुझाव समेत विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श किया है। अधिवक्ता वर्धमान कौशिक के माध्यम से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक निकाय के रूप में यूपीएससी को सौंपी गई भूमिका के मद्देनजर आयोग इस निर्णय पर पहुंचा है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित किया जाए। हलफनामे में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रत्येक ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्त्रोत्र देना होगा तथा जिन आपत्तियों के पक्ष में प्रामाणिक स्त्रोत्र नहीं हो, उन्हें शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाएगा। आयोग तय करेगा कि प्रस्तुत स्त्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अंतरिम उत्तर कुंजी तथा प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी पर उम्मीदवारों से प्राप्त आपत्तियों या अभ्यावेदन को संबंधित विषय के विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा, जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उत्तर कुंजी को अंतिम रूप देगी। विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई ऐसी अंतिम उत्तर कुंजी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा का आधार बनेगी। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है। यूपीएससी द्वारा लिया गया निर्णय याचिका में उठाई गई शिकायतों का प्रभावी और पर्याप्त निवारण माना जाए।  

केंद्र की बड़ी शिक्षा पहल: पीएम ई-विद्या से घर बैठे करें पढ़ाई, कोचिंग का जमाना खत्म

नई दिल्ली आपका बच्चा यदि स्कूल में है और आप उसके ट्यूशन और कोचिंग पर हर महीने एक बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं तो अब आप इससे बच सकते हैं। आपके बच्चे को कोचिंग से बेहतर शिक्षा अब घर बैठे ही पीएम ई-विद्या के जरिए मिल सकती है। केंद्र सरकार ने स्कूलों बच्चों के बीच तेजी से बढ़ी कोचिंग संस्कृति को खत्म करने की दिशा में यह अहम पहल की है। जिसमें बच्चों को बालवाटिका से बारहवीं तक के सभी विषयों की अध्ययन सामग्री अब पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए टीवी चैनलों और मोबाइल एप पर मुहैया होगी। जिसे बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार देख और पढ़ सकते है। चैट के जरिए मिलेंगे सवालों के जवाब पढ़ाई के दौरान छात्रों के मन में उससे जुड़े किसी तरह के सवाल होंगे, तो चैट के जरिए उसके भी जवाब पा सकेंगे। यह सब बिल्कुल मुफ्त होगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी ) की देखरेख में स्कूली बच्चों के लिए शुरू हुई इस मुहिम में प्रत्येक कक्षा के लिए एक समर्पित टीवी चैनल के साथ अब एक मोबाइल एप भी तैयार किया है। जिसको आइओएस और एनड्राइड दोनों तरह के मोबाइल फोन में डाउनलोड किया जा सकता है। इनमें बालवाटिका यानी प्री-प्राइमरी के लिए भी पहली बार एक समर्पित चैनल और मोबाइल एप बनाया गया है। क्या इस एप की खास बात? खासबात यह इससे जुड़ी अध्ययन सामग्री को तैयार करने या छात्रों की मदद के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अलग-अलग विषयों के देश के श्रेष्ठ शिक्षकों को लगाया गया है। एनसीईआरटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल एप शुरू होने के करीब दो सप्ताह में एक करोड़ छात्र पीएम ई-विद्या एप से जुड़ गए हैं। वैसे तो इसका लक्ष्य स्कूलों में पढ़ने वाले सभी 25 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का है। खासकर दूरदराज और पिछले क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचने पर सबसे अधिक फोकस है। एप के जरिए छात्र अपनी कक्षाओं से जुड़ी अध्ययन सामग्री को कभी भी देख सकेंगे। यह 30 भारतीय भाषाओं में तैयार की जा रही है। गौरतलब है कि पीएम ई-विद्या की सोच वैसे तो कोरोना काल में निकलकर सामने आयी है, जिसमें दो सौ टीवी चैनल शुरू करने की घोषणा की गई थी। हालांकि इसकी शुरूआत पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में हो पायी। अब इसमें नए-नए सुधार किए जा रहे हैं।  इस तरह हुआ है दो सौ टीवी चैनलों का बंटवारा पीएम ई-विद्या के तहत शुरू किए गए दो सौ टीवी चैनलों में से 16 चैनल अकेले एनसीईआरटी के पास है जबकि सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भी पांच-पांच चैनल दिए गए है। मणिपुर में उग्रवाद को देखते हुए उसे दस टीवी चैनल दिए गए है। यह टीवी चैनल 24 घंटे बच्चों को पढ़ाते है। राज्यों के चैनलों पर मुहैया कराई जाने वाली अध्ययन सामग्री पर भी एनसीईआरटी नजर रखता है। जरूरत पड़ने पर या खराब गुणवत्ता पर उन्हें जरूरी निर्देश भी देता है। नीट-जेईई जैसी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल से मुक्त कराने की पहल स्कूली बच्चों को को¨चग संस्कृति से छुटकारा दिलाने की इस पहल से पहले नीट-जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को भी कोचिंग के चंगुल के मुक्त कराने की दिशा में केंद्र ने जरूरी कदम उठाए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का अगुवाई में एक उच्चस्तरीय कमेटी भी गठित की है। जिसे इन परीक्षाओं के पैटर्न को कुछ इस तरह से तैयार करने का सुझाव दिया गया है ताकि बगैर कोचिंग के बच्चे भी इनमें आसानी से चयनित हो सके। कमेटी इसे लेकर एक दौर की बैठक भी कर चुकी है। जिसमें चयनित बच्चों के आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाली इन परीक्षाओं में इससे जुड़े कुछ बदलाव दिख सकते हैं।  

इतिहास से आधुनिकता तक: शीश महल बनेगा सरकारी अतिथि गृह, आम लोगों के लिए खुला कैफेटेरिया

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित विवादास्पद सरकारी आवास, जिसे 'शीश महल' के नाम से जाना जाता है, अब एक नए स्वरूप में नजर आएगा। दिल्ली की भाजपा सरकार ने इस बंगले को एक राजकीय अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। इस अतिथि गृह में आम जनता के लिए एक फूड आउटलेट (भोजनालय) भी खोला जाएगा। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सिविल लाइंस स्थित इस बंगले को एक सार्वजनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव लगभग अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार, परिसर में एक कैफेटेरिया स्थापित किया जाएगा, जहाँ अन्य राज्यों के भवनों की तरह पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे और यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार बंगला नंबर 6 को राजकीय अतिथि गृह में बदलने के निर्णय के करीब है। इसका उपयोग अन्य राज्यों के अतिथि गृहों की भांति ही किया जाएगा, जहाँ बैठकें आयोजित हो सकेंगी और प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए आने वाले अधिकारी व मंत्री भुगतान के आधार पर ठहर सकेंगे।" इस प्रस्ताव के तहत परिसर में पार्किंग स्थल, प्रतीक्षा कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। हालांकि, इस योजना को अभी उच्च अधिकारियों से अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है। फिलहाल, इस बंगले के रखरखाव के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की एक टीम तैनात है, जो नियमित रूप से साफ-सफाई और विद्युत उपकरणों का संचालन सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि यह बंगला अपने नवीनीकरण में हुए कथित अत्यधिक खर्च और अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों के केंद्र में रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए 'शीश महल' की संज्ञा दी थी। वर्ष 2022 में, दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बंगले के नवीनीकरण में हुई कथित अनियमितताओं और अत्यधिक लागत की जांच भी शुरू की थी। सरकार के इस नए कदम को उस विवादित अध्याय को समाप्त कर संपत्ति का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।  

BJP का राहुल पर हमला: विदेशों में भारत के खिलाफ रुख अपनाने को बताया चिंता का विषय

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भारत की धरती से अधिक भरोसा विदेशी मंचों पर जताना उनके ‘भारत-विरोधी संस्कारों’ को दर्शाता है। सचदेवा ने एक्स पोस्ट में राहुल गांधी के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए लिखा कि लोकतंत्र पर भाषण देने से पहले उन्हें अपनी पार्टी का इतिहास देखना चाहिए। इमरजेंसी की याद आज भी भारत की आत्मा में जिंदा है। भारत को कमजोर बताने वाले आपके बयान हर देशवासी के आत्मसम्मान पर प्रहार हैं।  सचदेवा ने कहा कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ विश्व मंच पर खड़ा है, लेकिन राहुल उस आत्मविश्वास को तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक मतभेद से आगे बताते हुए कहा, “यह विरोध नहीं, वतन से वैर है; यह राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि मानसिक दिवालियापन है।” भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन देश की बदनामी कतई स्वीकार्य नहीं। बार-बार भारत की धरती से ज्यादा भरोसा विदेशी मंचों पर जताना आपके भारत-विरोधी संस्कारों की निशानी है। आप अब अपमान के प्रतीक बन चुके हैं।  

लोगों के दुख-दर्द की पहली फिक्र! दिल्ली में 27 साल बाद नई सरकार पर रेखा गुप्ता की राय

नई दिल्ली दिल्ली में बहुत कुछ पहली बार हो रहा है। 27 साल बाद कोई सनातनी सरकार आई है। दिल्ली के लोगों का दुख-दर्द कम करने की चिंता भी किसी सरकार ने पहली बार की है। यह कहना था दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता था। जिन्होंने दिल्ली सरकार की ओर से की जा रहीं छठ पर्व की तैयारियों के बारे में बताने के दौरान ये कहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांवड़ का त्योहार कितनी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अभी रामलीला भी सभी ने देखी, कितने जोरों शोरों से हर एक सुविधा दिल्ली सरकार ने दी। ऐसा ही इंतजाम दुर्गा पंडालों को लेकर भी किए गए।  छठ पर्व पर भी उतनी ही भव्यता के साथ सारी सुविधाएं दिल्ली सरकार प्रदान करेगी। सभी विभाग अपने कामों को मुस्तैदी कर रहे हैं। हजारों की संख्या में छठ के घाट तैयार किए जाएंगे और लाखों लोग भक्तजन पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि सालों बाद यमुना किनारे छठ मनाई जाएगी। सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, इस बार छठ व्रतियों को सुंदर और एतिहासिक छठ पर्व मनाने का मौका मिले। पल्ला से लेकर ओखला तक जहां-जहां आबादी है, वहां दिल्ली सरकार छठ घाट तैयार करेगी। इसके अलावा शहर के अंदर भी हजार से ज्यादा प्वाइंट छठ पूजा के लिए बनाए जाएंगे। इस बार सुंदर और विशिष्ट छठ मनाई जाएगी।  छठ पर्व को लेकर किसी भी प्रकार की व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार है, उसके बाद यहां की स्वच्छता की जिम्मेदारी भी दिल्ली सरकार की है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं ये मानती हूं, छठ के अर्घ्य से यमुना किसी भी हाल में गंदी हो ही नहीं सकती। यह एक पवित्र त्योहार है। स्वच्छता का त्योहार है। प्रकृति का त्योहार है, प्रकृति के साथ मिलकर लोग पूजा करें।  

दिव्यांग हित में ऐतिहासिक फैसला: दिल्ली सरकार हर माह देगी आर्थिक सहयोग

नई दिल्ली दिव्यांगजनों को हर माह ₹6,000 की आर्थिक सहायता देने के दिल्ली सरकार के निर्णय को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता गुरमीत सिंह सूरा ने एक "बेहतरीन फैसला" बताया है। गुरमीत सिंह सूरा ने कहा कि यह योजना 'ट्रिपल इंजन सरकार' के जनहितकारी कार्यों का प्रमाण है, जिसके फायदे अब दिल्ली की जनता को मिलने शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया था कि इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है, क्योंकि वे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का पूरा हक है। यह विशेष वित्तीय सहायता उन पात्र दिव्यांगजनों को दी जाएगी जिन्हें उच्च सहयोग की आवश्यकता है। इस योजना के तहत दी जाने वाली ₹6,000 की मासिक राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।  गुरमीत सिंह सूरा ने बताया कि यह पैसा देखभाल सहायक के खर्च, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अन्य आवश्यक सहायक उपकरणों पर होने वाले खर्चों में मदद करेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली पहल बताया, जिससे परिवारों पर इलाज और देखभाल का पड़ने वाला भारी बोझ कम होगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन करुणा के नहीं, बल्कि समाज के सक्रिय और सम्मानित नागरिक हैं। इस योजना को दिल्ली कैबिनेट की पिछली बैठक में हरी झंडी मिल चुकी है, और इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की जाएगी। सूरा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लगभग आठ माह के कार्यकाल में जनहित में लिए गए अनेक फैसलों की सराहना की।  

केजरीवाल ने गोवा में किया खुलासा, माफी मांगी और दिल्ली से जोड़कर लिया बड़ा कदम

गोवा  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गोवा के माएम में आम आदमी पार्टी के ऑफिस का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोवा की बीजेपी पर सरकार पर खूब निशाना साधा और गोवा की जनता को लूटने का आरोप लगाया। इसी के साथ उन्होंने एक दिल्ली वाला एक दांव भी खेला। उन्होंने दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर मायेम में भी एक क्लिनिक खोलने का वादा किया है जिसमें इलाज से लेकर दवा तक हर चीज फ्री होगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा, आपको कोई भी समस्या हो, आप हमारे पास आइए। हम आपकी समस्याओं को दूर करायेंगे। अब 2 सप्ताह बाद माएम विधानसभा में एक क्लीनिक भी खोला जाएगा, यहां बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। आज यहां हमारा विधायक और सरकार नहीं है तो इतना काम कराया जा रहा है तो जब हमारी सरकार होगी तब कितना काम कराया जाएगा। अपने भाषण के दौरान अरविंद केजरीवाल ने भरे मंच से माफी भी मांगी। ये माफी कार्यक्रम में उनके देरी से पहुंचने को लेकर थी। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि आप लोग काफी देर से इंतजार कर रहे थे लेकिन वह सही समय पर इसलिए नहीं पहुंच पाए क्योंकि जिस रास्ते से उन्हें आना था वहां सड़क की हालत बहुत खराब थी। अरविंद केजरीवाल ने आगे गोवा के सीएम पर निशाना साधते हिए आरोप लगाया कि माएम से वह अपनी पत्नी को चुनाव में उतार सकते हैं। उन्होंने कहा, अब सुनने में आ रहा है कि CM प्रमोद सावंत अपनी पत्नी को माएम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाने वाले हैं। इन्हें वोट तो जनता से चाहिए लेकिन MLA बनाने के लिए इन्हें केवल अपना परिवार दिखाई देता है। गोवा के ऊपर कुछ चंद परिवारों ने कब्जा किया हुआ है। यह गोवा के लोगों के लिए नहीं बल्कि अपनी जेबें भरने और जनता को लूटने के लिए चुनाव लड़ते हैं।  

कोर्ट का मामला, नंगा सच: शराब और सिगरेट के साथ अंडरवियर में पेश हुआ आरोपी

नई दिल्ली दिल्ली में कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है जो सिगरेट और शराब पीते हुए अंडरवियर पहनकर कोर्ट की सुनवाई में पेश हुआ। इस संबंध में कोर्ट के रिकॉर्ड कीपर ने शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही कोर्ट की सुनवाई में बाधा डालने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह सिगरेट और शराब पीते हुए अंडरवियर में सुनवाई में पेश हुआ था। पुलिस ने बताया कि गोकुलपुरी निवासी 32 साल का मोहम्मद इमरान एक हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ दिल्ली भर में लूट, झपटमारी और अन्य अपराधों के 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।तीस हजारी कोर्ट के रिकॉर्ड कीपर अंशुल सिंघल की शिकायत पर 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। नार्थ दिल्ली के डीसीपी राजा बंठिया ने एक बयान में कहा कि आरोप है कि 16 और 17 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति अकीब अखलाक नाम से अदालत की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुआ। वह सिगरेट और शराब पीते हुए अपने अंडरवियर में दिखाई दिया। बार-बार जाने के निर्देश दिए पर भी वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद रहा, जिससे कोर्ट की कार्यवाही में व्यवधान पैदा हुआ। इसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आईपी एड्रेस और कॉल डेटा रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि संदिग्ध ने कई फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया था और बार-बार स्थान बदलता रहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थानीय खुफिया जानकारी और तलाशी के जरिए टीम ने आरोपी को पुराने मुस्तफाबाद स्थित चमन पार्क से ढूंढ निकाला। टीम ने उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इमरान ने स्वीकार किया कि उसे वेबएक्स वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग प्लेटफॉर्म के बारे में एक परिचित से पता चला। उसने कबूल किया कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान वह अंडरवियर पहनकर सुनवाई में शामिल हुआ। इस दौरान उसने सिगरेट पी और शराब का भी सेवन किया। पुलिस ने आरोपी द्वारा अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और एक राउटर बरामद किया है। स्कूल छोड़ने वाला और पूर्व एयर कंडीशनर मैकेनिक इमरान पहले भी जेल जा चुका है। वह सितंबर 2021 में रिहा हुआ था। रिहा होने के बाद से उसने कथित तौर पर नशीली दवाओं और शराब की लत को पूरा करने के लिए फिर से क्राइम करने लगा।  

हास्य योग केंद्र का रजत जयंती उत्सव: ‘हंसते-हंसते स्वस्थ भारत’ में मुख्य अतिथि होंगी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली हास्य योग केंद्र (भारत) वर्ष 2025 में अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस उपलक्ष्य में संस्था ने वर्षभर चलने वाले रजत जयंती समारोहों की घोषणा की है। संस्था इस अवसर को ‘हंसते-हंसते स्वस्थ भारत का उत्सव’ के रूप में मना रही है। देशभर में आयोजित किए जा रहे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से हास्य योग के माध्यम से तनावमुक्त जीवनशैली और सकारात्मक सोच का संदेश दिया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में 4 से 6 अक्टूबर तक रजत जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम 4 अक्टूबर को आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां हास्य योग गुरु जितेन कोही के सान्निध्य में विशेष सत्र रखा गया है। समारोह की प्रमुख आकर्षण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी, जिन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। संस्था द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रजत जयंती वर्ष के तहत देशभर के विद्यालयों, कारागारों, वृद्धाश्रमों, सामाजिक संगठनों तथा कॉर्पोरेट प्रतिष्ठानों में विशेष हास्य योग सत्र और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रायपुर, इलाहाबाद, अहमदाबाद, पुणे, नैनीताल, रांची, कानपुर, बनारस, पिलखुवा और दिल्ली सहित अनेक शहरों में दो दिवसीय हास्य योग शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली में 5 अक्टूबर की सुबह 6 से 8 बजे तक रोहिणी स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में विशाल हास्य योग शिविर आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों प्रतिभागी भाग लेंगे। इसके साथ ही 5 से 7 अक्टूबर तक राजधानी के विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी चलेगी। संस्था के संस्थापक जितेन कोही ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में हंसी एक प्राकृतिक औषधि का कार्य करती है। ‘हास्य योग’ योग की एक अनूठी विधा है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। संस्था का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि नियमित हास्य योग अभ्यास से जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और आत्मसंतोष बढ़ता है। गौरतलब है कि हास्य योग आंदोलन की शुरुआत दिल्ली के एक पार्क से हुई थी, जो आज देश के 19 से अधिक राज्यों और कई विदेशी देशों तक फैल चुका है। वर्तमान में देशभर में 400 से अधिक निःशुल्क हास्य योग कक्षाएं प्रतिदिन संचालित की जा रही हैं, जिनसे हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। संस्था का कहना है कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह समाज में खुशहाली, एकता और स्वास्थ्य के प्रति जनचेतना जगाने का अभियान भी है — ताकि भारत को ‘हंसते-हंसते स्वस्थ राष्ट्र’ के रूप में स्थापित किया जा सके।  

अलका लांबा का अनोखा अंदाज: वॉरंट जारी होते ही कोर्ट में लिखा- ‘सोनम वांगचुक के साथ ही रखना’

नई दिल्ली  पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अलका लांबा शनिवार को राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने पेश हुईं, जहां उन्होंने अदालत से जमानत ले ली। दरअसल निषेधाज्ञा उल्लंघन से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ वॉरंट जारी कर दिया था, जिसके बाद वह अदालत में पेश हुईं, जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किए थे। हालांकि कई समन जारी होने के बाद भी वह अदालत में पेश नहीं हुईं, जिसके कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वॉरंट जारी कर दिया, तब जाकर लांबा शनिवार को राउज एवेन्यू अदालत में पेश हुईं और वहां से जमानत हासिल कर ली। हालांकि जमानत मिलने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि मेरे खिलाफ वॉरंट जारी हुआ है साथ ही उन्होंने खुद को सोनम वांगचुक के साथ रखने की गुजारिश भी की थी। इससे पहले कोर्ट ने जब उन्हें समन जारी किए थे तो वह अदालत में पेश नहीं हुईं थीं और उन्होंने दो मौकों पर पेशी से छूट मांग ली थी। इसके बाद, अदालत ने 24 सितंबर को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था। तब जाकर वह आज अदालत में पेश हुईं। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक (एसीजेएम) वैभव चौरसिया की कोर्ट ने शनिवार को अलका लांबा को जमानत दे दी और अभियोजन पक्ष को आरोपपत्र की एक प्रति उन्हें देने का निर्देश दिया। अदालत ने आरोपों पर दलीलें सुनने के लिए मामले को 15 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है। यह मामला जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसमें 2024 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की मांग की गई थी। इस मामले में कांग्रेस की इस महिला नेता के खिलाफ साल 2024 में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई थी। लांबा ने कहा था- प्लीज वांगचुक जी के साथ रखना उधर इस मामले को लेकर अलका लांबा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया, 'मेरे खिलाफ वॉरंट जारी हुआ है, प्लीज़ सोनम वांगचुक जी के साथ ही रखना, बहुत कुछ सीखने को मिलेगा- संघर्ष जारी रहेगा…लड़ेंगे और जीतेंगे।' हालांकि लांबा की ये तम्मना पूरी नहीं हो सकी और अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता बंद कर दिया।