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सिंहस्थ-2028 में डिजिटल सुरक्षा का कवच: VR से नजर आएंगे रास्ते, पुलिस देगी घर बैठे ट्रेनिंग

उज्जैन  उज्जैन पुलिस ने देशभर के 54 हजार जवानों को वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। यह पहल 2028 के महाकुंभ के दौरान लागू की जाएगी, जो कि देश में अपनी तरह की पहली योजना होगी। उज्जैन पुलिस इस तकनीक का उपयोग करते हुए कुंभ ड्यूटी पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेगी। वर्चुअल रियलिटी से कुंभ ड्यूटी का प्रशिक्षण उज्जैन में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। पुलिसकर्मी वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से उज्जैन की गलियों, सड़कों, चौराहों और श्रद्धालुओं के मार्ग को समझेंगे। उन्हें यह प्रशिक्षण अपने शहर में बैठे-बैठे ही मिलेगा। इस तकनीक के जरिए पुलिसकर्मी जान सकेंगे कि उन्हें कहां तैनात किया जाएगा और किस मार्ग का उपयोग करना होगा। जो अपने शहर राज्य में बैठकर उज्जैन की गलियों, सड़क, मार्ग, चौराहे, एंट्री एग्जिट और श्रद्धालुओं को किस मार्ग पर भेजना और रोकने की ट्रेनिंग भी VR के माध्यम से लेंगे। उज्जैन पुलिस ने फिलहाल 200 VR सेट मंगवाए हैं। VR से ट्रेनिंग पुलिस आर्म्स फोर्स होमगार्ड वॉलिंटियर्स को दी जाएगी। उज्जैन में होने वाले महाकुंभ के आयोजन में पुलिस हाईटेक टेक्नोलॉजी का उपयोग करेगी। ऐसा प्रयागराज कुंभ में भी देखने को नहीं मिला था। पहली बार VR टेक्नोलॉजी का उपयोग कर अपने अपने शहर में उज्जैन की सड़कों-गलियों आने-जाने के मार्ग की ट्रेनिंग VR से मिलेगी। पहले उज्जैन में, फिर अपने शहर में लेंगे ट्रेनिंग एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग में ज्यादा से ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे। दूसरे प्रदेश और जिले से आने वाले पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए VR ट्रेनिंग का माध्यम चुना है। सड़कों के 3D वीडियो बनवाए हैं। ये पुलिसकर्मियों को VR के माध्यम से उनके शहर में ही दिखाए जाएंगे। सोमवार को VR सेट का परीक्षण किया है। सबसे पहले पुलिसकर्मी उज्जैन आकर देखेंगे कि उनकी ड्यूटी कहां लगेगी। कौन सा रास्ता कहां से किधर जाएगा। इसके बाद उन्हें बार-बार ट्रेनिंग के लिए उज्जैन नहीं आना पड़ेगा। पुलिसकर्मी अपने प्रदेश में कहीं भी होगा, वह VR के माध्यम से शहर की भौगोलिक स्थिति और रियल टाइम स्थिति जानकर ट्रेनिंग पूरा कर लेगा। ट्रेनिंग प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि ट्रेनिंग में अधिक से अधिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए VR तकनीक का चयन किया गया है। इसके तहत सड़कों के 3D वीडियो तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग पुलिसकर्मियों को उनकी शहर की भौगोलिक स्थिति समझाने के लिए किया जाएगा। सोमवार को VR सेट का परीक्षण किया गया, जिसके बाद पुलिसकर्मी उज्जैन आकर देखेंगे कि उनकी ड्यूटी कहां लगेगी। इससे उन्हें बार-बार उज्जैन आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, और वे अपने प्रदेश में कहीं से भी इस प्रशिक्षण को पूरा कर सकेंगे। आपातकालीन स्थितियों में VR का महत्व शुरुआत में इंदौर रोड से शिप्रा नदी के घाट तक का वीडियो तैयार किया गया है। इस वीडियो की मदद से पुलिसकर्मी आपातकालीन स्थितियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। एसपी ने बताया कि 200 VR सेट का ऑर्डर दिया गया है और भविष्य में उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। इस तकनीक का उद्देश्य यह है कि पुलिसकर्मी जब VR का उपयोग करेंगे, तो उन्हें ऐसा लगेगा जैसे वे वास्तव में उस स्थान पर खड़े हैं, जहां उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इससे उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम, मोबाइल ऐप ट्रैकिंग जैसी तकनीकें भीड़ प्रबंधन में सहायक होंगी। उज्जैन के चार रेलवे स्टेशनों को भी हाईटेक बनाया जाएगा। इनमें नई खेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामन और विक्रम नगर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी CCTV कैमरे और ड्रोन निगरानी के माध्यम से संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाएगी। स्थायी कुंभ सिटी का निर्माण उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की लागत से स्थायी कुंभ सिटी का निर्माण किया जाएगा। यह सिटी 2378 हेक्टेयर भूमि पर बनाई जाएगी, जिसमें इंटरकनेक्टेड चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड लाइट, अस्पताल, स्कूल और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इस परियोजना के माध्यम से उज्जैन को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने का लक्ष्य है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगा। इस नई पहल से यह स्पष्ट होता है कि उज्जैन पुलिस और स्थानीय प्रशासन महाकुंभ को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आपातकालीन समय में भी काम आएगा VR अभी शुरुआत में इंदौर रोड का शिप्रा नदी के घाट तक का वीडियो बनवाया है। इससे ट्रेनिंग की शुरुआत होगी। VR आपातकालीन समय में कैसे काम आ सकता है, इस पर भी काम कर रहे हैं। जल्द ही उस दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। 200 वीआर सेट के ऑर्डर दिए हैं। बाद में धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती जाएगी। उज्जैन कुंभ में खड़े होने का होगा अहसास वीडियो में बैकग्राउंड में हिंदी और इंग्लिश में नरेशन भी है। इसमें पूरे शहर की हर छोटी-बड़ी डिटेल दी जाएगी। जो बाद में भी काम आएगी। एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि ट्रेनिंग में मैप पर समझा भी देंगे तो याद नहीं रहेगा। लेकिन, जब वह पुलिसकर्मी VR से देखेंगे तो उन्हें ऐसा प्रतीत होगा जैसे उसी जगह खड़े हैं। जहां उनकी ड्यूटी लगाई गई है। इससे फील्ड याद रहेगा। कुछ प्लान चेंज भी हुए तो भी दिक्कत नहीं होगी। देश में पहली बार पुलिस उज्जैन में उपयोग करेगी। AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम भी सन 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके "हाईटेक" कुम्भ आयोजित होगा। जिसमें AI-आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम, मोबाइल ऐप ट्रैकिंग जैसी तकनीक भीड़ प्रबंधन में उपयोग में ली जायेगी। रेलवे स्टेशन भी हाईटेक होंगे उज्जैन के चार रेलवे स्टेशन नई खेड़ी, पिंगलेश्वर, चिंतामन और विक्रम नगर स्टेशन को हाईटेक बनाया जाएगा। इन स्टेशनों पर अगर कोई अपराधी ट्रेन से उज्जैन आता है तो फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी सीसीटीवी … Read more

महाकाल भक्तों के लिए सुविधा: अब कैशलेस मिलेंगे लड्डू प्रसाद, दीपावली से शुरू होगी नई व्यवस्था

उज्जैन   विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। भक्तगण अब मंदिर में दान देने और लड्डू प्रसाद खरीदने के लिए क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। यह डिजिटल भुगतान की सुविधा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शुरू की गई है। इसके कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद काउंटरों पर दीपावली से कैशलेस की सुविधा प्राप्त होगी। दर्शनार्थी क्यूआर कोड से भुगतान कर लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा होगी। मंदिर कर्मचारियों को भी खुल्ले पैसों की समस्या से निजात मिलेगी। महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह सुविधा शुरू होने में एक पखवाड़े का समय लग सकता है। महाकाल मंदिर समिति भगवान महाकाल के भोग प्रसाद के रूप में भक्तों को शुद्ध देशी घी से बने बेसन के लड्डू का विक्रय करती है। मंदिर परिसर स्थित काउंटरों से भक्तों को लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। अभी तक लड्डू प्रसाद की बिक्री नकद होती है। प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार श्रद्धालु मंदिर परिसर में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके दान राशि (भेंट) और लड्डू प्रसाद का भुगतान सीधे अपने बैंक खाते से कर सकते हैं। ये क्यूआर कोड मंदिर के दान काउंटरों, लड्डू प्रसाद काउंटरों और मंदिर परिसर में अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। आप किसी भी यूपीआइ आधारित पेमेंट ऐप जैसे कि गूगल पे, फोन-पे, पेटीएम आदि का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं। लड्डू प्रसाद 400 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और त्योहारों पर अतिरिक्त काउंटर लगाए जाते हैं। क्यूआर कोड से दान भी कर सकेंगे भक्त महाकाल मंदिर समिति क्यूआर कोड से लड्डू प्रसाद की बिक्री शुरू करने के साथ दान के लिए भी इस सुविधा को लागू करने की तैयारी कर रही है। मंदिर परिक्षेत्र में जगह-जगह बड़े-बड़े क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। मंदिर समिति ने यह योजना पहले भी लागू की थी। उस समय दान के लिए लगाए गए क्यूआर कोड में एक कर्मचारी ने अपना नंबर डाल दिया था। मामले में जांच भी बैठाई गई थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं हो पाया था। मंदिर से जुड़े जानकारों का कहना है कि नए अधिकारियों को इस पूरे मामले की पड़ताल के बाद ही इस प्रकार की योजना शुरू करना चाहिए। एक ही दिन निकलेगी बाबा की दो सवारी महाकाल बाबा एक ही दिन में दो-दो बार दर्शन देने नगर भ्रमण करेंगे। इस बार कार्तिक मास में 3 नवंबर को वर्षों बाद यह संयोग बनने जा रहा है। पहली सवारी कार्तिक माह की होगी, जो शाम 4 बजे परंपरागत मार्ग से निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी रात में हरिहर भेंट के लिए गोपाल मंदिर तक जाएगी, यह रात्रि 11 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी। बदलेगा आरतियों का समय महाकालेश्वर मंदिर में कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा 8 अक्टूबर से तीन आरतियों का समय बदला जाएगा। पुजारियों के अनुसार शीतकाल की शुरुआत के साथ इसे लागू कर दिया जाएगा। पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया हर छह माह में तीन आरती का समय बदलता है। जो ऋतु परिवर्तन के आधार पर किया जाता है। इनमें दद्योदक आरती सुबह 7 की जगह 7.30 से 8.15 बजे तक, भोग आरती सुबह 10 की जगह 10.30 से 11.15 बजे तक, संध्या आरती शाम 7 की जगह 6.30 से 7.15 बजे तक होगी। जबकि भस्म आरती, सांध्य पूजन और शयन आरती रात 10.30 बजे से 11 बजे तक में कोई बदलाव नहीं होगा।

प्रिंट, सोशल-डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों पर रखें सतत नजर असत्य खबरों पर लें तत्काल संज्ञान: मुख्य सचिव जैन

कलेक्टर्स जन कल्याणकारी योजना और विकास कार्यों के प्रचार में करें सहयोग : मुख्य सचिव  जैन मीडिया प्रतिनिधियों से करें समन्वय हितग्राहीमूलक योजनाओं और सफलता की कहानियों को दें प्राथमिकता प्रिंट, सोशल-डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों पर रखें सतत नजर असत्य खबरों पर लें तत्काल संज्ञान एसीएस  मंडलोई और आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने दिया प्रेजेन्टेशन सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा दूसरे दिन का पहला सत्र भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन का प्रथम सत्र सुशासन में संवाद की महत्ता पर केंद्रित रहा। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों की सही और समायोजित जानकारी जन सामान्य तक पहुंचाने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं का पारदर्शी प्रसार सरकार की विश्वसनीयता स्थापित करने का मुख्य आधार है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को अफवाहों, गलत जानकारी और दुष्प्रचार का खंडन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे जनहित की रक्षा के साथ सरकार की छवि को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर विधानसभा वार विजन डॉक्यूमेंट विकसित किए गए हैं। इसके क्रियान्वयन को सभी जिले प्राथमिकता पर लें। उन्होंने कहा कि समाधान ऑनलाइन में आने वाले प्रकरणों के निराकरण के साथ व्यवस्था में हो रही कमियों पर ध्यान देते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएं। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि जिलों में पदस्थ जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका को सशक्त करते हुए जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल और सफलता की कहानियों का व्यापक प्रसार किया जाए। जिला स्तर के सभी विभागों के अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी के संपर्क में रहे तथा उन्हें नियमित रूप से अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। विभागों और जनसंपर्क अधिकारी के मध्य समन्वय के लिए जिला कलेक्टर किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल ऑफिसर नामांकित करें। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पत्रकारिता महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप पर रखकर जिला स्तर पर हो रही सकारात्मक गतिविधियों और सफलता की कहानियों के संकलन में उनकी सेवाएं ली जाएं। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को किया जाए प्रोत्साहित अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने कहा कि जिला स्तर पर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए। समाजसेवियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला कलेक्टर्स सतत् सम्पर्क में रहें। इससे जनसामान्य की भावनाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। जिलों के दौरों के दौरान मुख्यमंत्री जी को जिलों की सामान्य समस्याओं और जन अपेक्षाओं से अवगत कराना जिला कलेक्टर का दायित्व है। संचार के सभी माध्यमों से हो योजनाओं का प्रचार-प्रसार आयुक्त जनसंपर्क  दीपक सक्सेना ने जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन देते हुए कहा कि सकारात्मक जनमत तैयार करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सकता है। नवीनतम तकनीकों के उपयोग से जनसंपर्क गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना संभव हुआ है। मीडिया विश्लेषण और जन भावनाओं के अध्ययन से नीतियों में आवश्यक सुधार भी किया जा सकता है। उन्होंने आपदा या संवेदनशील स्थितियों में सटीक और संयमित सूचना का रीयल टाइम में प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रकाशित प्रसारित होने वाले समाचारो की नियमित मॉनिटरिंग कर संबंधित विभागों को प्रतिदिन रिपोर्ट भी दी जा रही है। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने कहा कि मैदानी स्तर पर शासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कलेक्टर है। कलेक्टर्स, मीडिया से सतत-समन्वय-संपर्क और संवाद में रहें। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित ब्रीफिंग के लिए एक समय का निर्धारण किया जाए। नियमित अंतराल पर कलेक्टर्स मीडिया के साथ औपचारिक बैठक करें। राज्य शासन द्वारा पत्रकार कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पत्रकारों को उपलब्ध कराने की दिशा में जिला कलेक्टर आवश्यक पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रिंट इलेक्ट्रानिक सोशल और डिजिटल मीडिया में चल रहे संवेदनशील और नकारात्मक समाचारों पर कलेक्टर स्वयं संज्ञान लें। ऐसे समाचारों के खंडन या वास्तविक स्थिति रखने और गलत खबरें प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई करने की दिशा में भी त्वरित रूप से कार्रवाई की जाए। 

प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर में ट्रि‍पिंग नियंत्रण करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली ट्रि‍पिंग रोकने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर जबलपुर के विभिन्न क्षेत्रों का चयन कर ट्रि‍पिंग नियंत्रण का कार्य किया जाएगा। इस कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी को दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री के जबलपुर प्रवास के दौरान बुधवार को शक्तिभवन में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे ने जबलपुर नगर पालिक निगम के परिक्षेत्र में सुधारात्मक व सुझाव का प्रस्ताव सौंपा। इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्वि‍वेदी उपस्थि‍त थे। स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कर रहे काम ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्मार्ट मीटर बेहतर ढंग से कार्य कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर और पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर की बिजली खपत या रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने स्मार्ट मीटर की उपलब्धता में कमी के कारण मीटर स्थापित करने की अवध‍ि को बढ़ाया है। शहर की विद्युत लाइन को किया जाए व्यवस्थि‍त ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2027 तक लाइन लॉस को कम करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस कम करने से इसका सीधा लाभ बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने जबलपुर शहर के विद्युत अभियंताओं को निर्देश दिया कि जबलपुर शहर में ऐसी विद्युत लाइन को सुव्यवस्थि‍त किया जाए जो निर्धारित ऊंचाई से नीचे आ गई है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि जबलपुर शहर में बिजली कटौती की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अनुरोध किया कि वे जबलपुर शहर के कुछ क्षेत्रों में पुराने ट्रांसफार्मर व ढीले तारों का सुधार कार्य त्वरित रूप से करवाएं।

आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर सक्सेना ने दिया प्रस्तुतिकरण

जबलपुर के राजस्व अभिलेखागार का नवाचार उपयोगी और अनुकरणीय नवीनीकृत अभिलेखागार से रिकॉर्ड की सुरक्षा और सहज उपलब्धता हुई सुनिश्चित आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  सक्सेना ने दिया प्रस्तुतिकरण भोपाल  कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रथम सत्र में जबलपुर में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम को लेकर हुए नवाचार को उपयोगी तथा अनुकरणीय बताते हुए सराहा गया। इस नवाचार ने जनसामान्य के राजस्व रिकॉर्ड देखने के अनुभव को पूर्णता: बदल दिया है। आयुक्त जनसंपर्क एवं तत्कालीन कलेक्टर जबलपुर  दीपक सक्सेना ने लघु फिल्म के प्रस्तुतिकरण में बताया कि जबलपुर के नवीनीकृत राजस्व अभिलेखागार का वातावरण अब बैंक के लॉकर रूम जैसा है। इस पहल से जनसामान्य के साथ रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों को भी गंदे-बदबूदार वातावरण से मुक्ति मिली है और वे रिकॉर्ड ढूंढ़ने की मशक्कत से मुक्त हुए हैं। परिवारों की पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखने वाला यह राजस्व रिकॉर्ड न केवल अब सुरक्षित है, अपितु रिकार्ड कहां रखा है, इसके संबंध में भी पारदर्शिता आयी है और आवश्यक जानकारियां अब सभी के लिए सुलभ हैं। इसके तैयार किये गये पोर्टल पर चंद एंट्रियों से पता चल जाता है कि रिकॉर्ड किस रैक-शेल्फ-बॉक्स में किस नंबर पर रखा हुआ है। आवेदक घर बैठे भी यह जानकारी प्राप्त कर सकता है और रिकॉर्ड रूम के बाहर लगाए गए कियोस्क से भी रिकार्ड में केस की लोकेशन का पता लगा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर प्रवास के दौरान जनसामान्य के जीवन को आसान बनाने वाले इस नवाचार की सराहना करते हुए जबलपुर जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी थी। आयुक्त जनसंपर्क  सक्सेना ने बताया कि प्राय: राजस्व विभाग के रिकॉर्ड रूम की स्थिति सभी जगह एक समान रहती है। बस्तों में दम तोड़ती फाईलों के बारे में जानकारी प्राय: कुछ बाबुओं और भृत्यों तक सीमित रहती थी। जनसामान्य को अपना ही राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिल पाता था। इस स्थिति में बदलाव के लिए रिकॉर्ड रूम को रेनोवेट किया गया। लोहे के रैक्स की मरम्मत कर उनका रंग-रोगन और रिकॉर्ड रखने के लिए कपड़े के बस्ते की जगह प्लास्टिक बॉक्स का उपयोग किया गया। हर केस फाईल को बस्ते से निकालकर प्लास्टिक की पन्नी में रखकर प्लास्टिक बॉक्स में जमाया गया। बॉक्स पर रंगीन स्टीकर की मदद से तहसीलवार कलर कोडिंग की गई। बॉक्स पर वर्षवार, मदवार केस के डिटेल स्टीकर पर प्रिंट कर चिपकाए गए। रैक, शेल्फ, प्लास्टिक बॉक्स और उसमें रखी केस फाईल की लोकेशन के हिसाब से कोडिंग की गई। रैक और उसकी शेल्फ को यूनिक नंबर दिया गया। हर केस फाईल और प्लास्टिक बॉक्स पर लोकेशन का कोड नंबर स्टीकर से चिपकाया गया। केस फाईल की लोकेशन संबंधी सारी जानकारी ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार कर उस पर डाल दी गई। सुशासन की ओर इस बढ़े कदम से राजस्व रिकॉर्ड के आकांक्षी व्यक्तियों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सरलता और सुगमता की अनुभूति हो रही है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने छिंदवाड़ा में पीड़ित परिजनों को बंधाया ढांढस

सरकार हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध दोषियों पर की जाएगी सख्त कार्यवाही भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल छिंदवाड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे और दिवंगत बच्चों के परिजनों से भेंट की। उन्होंने परिवारजनों से बातचीत कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार इस घटना से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित अन्य बीमार बच्चों के इलाज हेतु उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, हाईकोर्ट को फैसला करने का अधिकार

भोपाल  मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार ने एक नई टीम बनाई है। सरकार ने सीनियर एडवोकेट और डीएमके सांसद पी विल्सन (senior advocate P Wilson) को हटाकर अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए एक और टीम नियुक्त की है। पहले, विल्सन को सरकार की ओर से हर सुनवाई पर 5.5 लाख रुपए देने थे, क्योंकि वे OBC आरक्षण पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने टिप्पणी की है कि क्यों न इन मामलों को अंतिम बहस के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को वापस भेज दिया जाए। यह सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनका प्रतिनिधित्व आज सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी ने किया। इसका अर्थ है कि ओबीसी आरक्षण पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 19/3/2019 को आशिता दुबे मामले में wp 5901/19 में दी गई ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर रोक जारी रहेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने आरक्षण के प्रकरणों को फिर बहस के लिए समय के लिए निवेदन किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रकरणों को 9 अक्टूबर को पुनः सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया ! सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना राज्य के 42 परसेंट रिजर्वेशन की याचिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विधान सभा के बनाए गए कानून का उस राज्य की जनसंख्या,भूगोलिक,सामाजिक परिस्थितियों के अंतर्गत परीक्षण हाईकोर्ट करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समस्त अंतरिम आदेश वैकेट करके मामलो को हाईकोर्ट रिमांड करेंगे। ओबीसी वर्ग की ओर से पक्ष रखने वाले वरिष्ठ ओबीसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व अन्य उपस्थित हुए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मैटर को मेंशन किया। मेहता ने कहा- इसमें बहुत सारे टेक्निकल पक्ष हैं। इसलिए कहीं न कहीं इसकी सुनवाई में समय लग सकता है। इसके समाधान के लिए क्या तरीका निकाला जाए? क्यों न कुछ और तरह का सॉल्यूशन निकाला जाए। कोर्ट ने कहा- और वक्त मांगेंगे तो दिक्कतें बढ़ेंगी इस पर कोर्ट ने कहा कि आप फिर वक्त मांगेंगे तो और समय जाएगा। दिक्कतें बढ़ेंगी। अगले हफ्ते दीवाली है, छुट्टियां हैं। कोर्ट ने कहा, हम ये चाहते हैं कि ये मैटर हाईकोर्ट के फैसले के बाद हमारे पास आए। सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन पहुंची हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं हैं। छत्तीसगढ़ की तरह अंतरिम राहत दे सकता है SC सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ में अंतरिम लाभ दिया गया था। हो सकता है कि मप्र के मामले में भी अंतरिम राहत दे दें। इस पर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई तो कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर जो उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल विवेचना करके सुनवाई करेंगे। मामले को वापस हाईकोर्ट भी भेज सकता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप सभी लोग अपने पक्ष बताएं, हो सकता है कि अंतरिम लाभ दे दें या लाभ नहीं भी दें तो हम हाईकोर्ट को डायरेक्ट कर दें। कल आप सब लोग इस बात पर अपने तर्क दें कि इस मामले का कैसे जल्दी समाधान कर सकते हैं। हम इस मामले को हाईकोर्ट भेज दें या अंतरिम राहत देकर हाईकोर्ट भेज दें। क्योंकि हाईकोर्ट को अपने राज्य के बारे में अच्छे से जानकारी होती है। ये रिजर्वेशन का मामला है, इसमें इंदिरा साहनी की कड़ी जरूर है लेकिन ये राज्य से संबंधित मामला है। इसलिए इस मामले में जो सबसे उपयुक्त समाधान हो सकता है उस पर कल सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा हम तो चाहते हैं कि कल इस मामले को निपटा ही दें।

एम-3 ग्रुप में सुदेश भोंसले व अरविंद दयाल की मचेगी धूम

भोपाल महेश मेलोडी मूवमेंट एम-3 ग्रुप द्वारा देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा जी एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री कैलाश जोशी जी की स्मृति में 7 अक्टूबर 2025 शाम 6:30 बजे से भोपाल के हंस ध्वनि सभागार (रवींद्र भवन) में एक विशाल ओरकेष्ट्रा होने जा रहा है l एम-3 समिति के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने बताया कि मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा होने वाले इस चैरिटेबल शो जिसका उध्येश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के ऐसे बच्चे जो संगीत की शिक्षा पाने में सक्षम नहीं हैं उनकी सहायतार्थ करना है, इसमें बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक सुदेश भोंसले एवं प्रदेश के प्रसिद्ध सिंगर वॉइस ऑफ़ किशोर अरविंद दयाल शर्मा महानायक अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गए गीतों की अनेकों प्रस्तुती देते दिखाई देंगे l एम -3 ग्रुप के संस्थापक सदस्यों में शामिल अशोक सिंह, आदित्य दयाल शर्मा, अतुल कुलश्रेष्ठ, अरविंद दयाल शर्मा, सुनील सिंह की अपार मेहनत से होने वाले इस कार्यक्रम में स्वर विंग्स द बैंड के विक्रमजीत सिंह \”विक्की\” (मुंबई) के संगीत संयोजन में लगभग दो दर्जन म्यूज़िशियन विशाल मंच की शोभा बढ़ाएंगे जिसमें की-बोर्ड पर मुंबई के दीपक परब, मुंबई के राहुल जाधव, भोपाल के लक्षित नारायण, ट्रम्पेट पर मुंबई के निर्मल सिंह, शुभम बारपे, ढोलक पर मुंबई के आकाश रणदीवे, मुंबई के अनूप सिंह बोरलिया, गिटार पर इंदौर के विकास जैन, ग्वालियर के शिव कुमार शर्मा, भोपाल के ललित परेरा, ऑकटोपेड पर मुंबई के नवीन ओबेराय, भोपाल के विक्की दान्डे, तबला पर भोपाल के आनंद भट्टाचार्य, बांसुरी पर मुंबई के अंश शर्मा, परकशन पर भोपाल के सौरभ अहिरवार, कांगो पर इंदौर के बाबला गजभिये आदि म्यूज़िशियन के अलावा मंच संचालन मुंबई के नवीन कोहली, साउंड इंजीनियर मुंबई के सुनील गंगवाने व भोपाल के अजय जायसवाल जोरशोर से तैयारी किये हुए हैं वहीं दूसरी तरफ़ एक से बढ़कर एक गीतों की बौछार करने मुंबई से वॉलीवुड के सिंगर सुदेश भोंसले, मुंबई से ओम चतुर्वेदी, भोपाल से अरविंद दयाल शर्मा, मुंबई से मानसी पाण्डेय, इंदौर से वैभव तिवारी, मुंबई से सौम्या शर्मा, लखनऊ से डॉ. आलोक दीक्षित, भोपाल से अनिरुद्ध सक्सेना का साथ कोरस में मुकुल शर्मा, अशोक कुमार, अजीत गावरकर, नंदा, अनुमति शर्मा, नीलम कुमारी दिखाई देंगे l कार्यक्रम व्यवस्थापक प्रांजुल व सोनाली, मंच संयोजक वंदना व सर्वेश को सौंपी जिम्मेदारी में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुबोद्ध श्रीवास्तव व श्रीमती विनीता श्रीवास्तव के अलावा विशिष्ट अतिथियों में उद्योग विभाग के उप संचालक कैलाश मानेकर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष विजय गौर, एमपीआरडीएस के डी.जी.एम. संजय वर्णवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सीहोर के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा, भोपाल के महाप्रबंधक सत्येंद्र कुमार, मंडीदीप के महाप्रबंधक सिद्धार्थ खरे की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को शोभायमान करेगी l कार्यक्रम के आयोजक एवं एम-3 ग्रुप के अध्यक्ष दिनेश गर्ग एवं स्वर विंग द बैंड के विक्रमजीत सिंह (विक्की) ने बताया कि झीलों की नगरी भोपाल में होने वाले इस आलीशान म्यूज़िकल नाईट को सफल करने के लिये प्रोत्साहनकर्ता में सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप, मिडिया पार्टनर में जनसेवा टाइम्स, प्रतिष्ठान में होटल मधुरम बिजनेस (एमपी नगर), होटल केप टाउन (टी. टी. नगर), राधिका पैलेस (कोलार रोड), होटल प्रथमा (एम्स), राधिका इंटरप्राइजेज, प्रतीक सेल्स, एम. एस. इंटरप्राइजेज एवं आकार इंटरप्राइजेज के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम में चैरिटेबल पास लेकर निर्धारित समय से पूर्व अपना स्थान ग्रहण कर कार्यक्रम का आनंद प्राप्त करने का अनुरोध किया है l

ऊर्जा मंत्री तोमर ने की विद्युत कंपनियों के कामकाज की समीक्षा

रबी सीजन में हो पर्याप्त विद्युत उत्पादन भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत कंपनियों के मुख्यालय जबलपुर स्थि‍त शक्तिभवन में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी व मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी रबी सीजन के दृष्ट‍िगत ताप विद्युत गृहों से पर्याप्त विद्युत उत्पादन किया जाए, ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थि‍रता व निरतंरता बनाई रखी जाए और मैदानी क्षेत्र में आवश्यकतानुसार वितरण ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्च‍ित की जाए। समीक्षा बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री अनय द्विवेदी, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सुनील तिवारी एवं वरिष्ठ अभियंता उपस्थि‍त थे। मंत्री तोमर ने कहा कि रबी सीजन के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की पर्याप्त व्यवस्था करे कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आगामी रबी सीजन के पूर्व मैदानी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्ध‍ि एवं अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य समय सीमा से पूर्व कर लें। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्र में फेल होने वाले ट्रांसफार्मरों को त्वरित रूप से बदलने के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का प्रबंधन व भंडारण क्षेत्रीय स्टोर में करें। उन्होंने लंबित नए विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनकी निर्धारित समय सीमा आठ से पन्द्रह दिनों की अपेक्षा एक सप्ताह की जाए जिससे कि उपभोक्ता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मंत्री श्री तोमर ने विद्युत बिलों, विद्युत अवरोध व वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए इसे जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। रबी सीजन में ताप विद्युत गृहों को निभानी होगी बड़ी भूमिका ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह का वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है और इसी विश्वसनीय संचालन की आशा आगामी रबी सीजन में की जाती है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में मध्यप्रदेश में विद्युत की मांग लगभग 20200 मेगावाट होने की संभावना है, ऐसे समय में विद्युत की मांग को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसके लिए विद्युत गृहों में कोयले का पर्याप्त भंडारण व प्रबंधन होना भी जरूरी है और इसकी समय समय पर समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली 660 मेगावाट की विद्युत इकाईयों के निर्माण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नई विद्युत इकाईयों की स्थापना का कार्य मार्च 2026 तक प्रारंभ कर दिया जाए। विश्वसनीय पारेषण व्यवस्था कायम रखें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की समीक्षा करते हुए कहा कि रबी सीजन में ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग नियंत्रि‍त करते हुए सतत् व विश्वसनीय विद्युत पारेषण किया जाए जिससे प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विद्युत की कमी परिलक्षि‍त न हो। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा किसी भी स्थि‍ति से निबटने के लिए 50 एमवीए से 500 एमवीए तक पावर ट्रांसफार्मर की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए कि सारनी व चचाई में स्थापित होने वाली नई यूनिट से उत्पादित होने वाली विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन कंपनी अपना नेटवर्क समय पूर्व तैयार करे। ऊर्जा मंत्री ने सिंहस्थ 2028 के लिए पावर ट्रांसमिशन कंपनी की तैयारी की समीक्षा भी की। ऊर्जा मंत्री ने किया पालनाघर का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जबलपुर प्रवास के दौरान पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी के पालनाघर, स्मार्ट मीटरिंग मानीटरिंग सेंटर, ऑनलाइन परमिट, आईटी पार्क में क्व‍िक हेल्पडेस्क, वी-मित्र का उद्घाटन किया। ऊर्जा मंत्री ने कॉलसेंटर में नियुक्त दिव्यांग व विधवा महिलाओं को प्रेरणा सम्मान के तहत् सम्मानित भी किया।  

तकनीक और परंपरा के संगम से सिंहस्थ-2028 को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप

11 राज्यों की 36 टीम ने प्रस्तुत किए डिजिटल नवाचार हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले आईआईएसईआर भोपाल में प्रारंभ भोपाल उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले बुधवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में भारत के 11 राज्यों की प्रतिभाएं एक मंच पर आईं और सिंहस्थ-2028 को तकनीक के जरिए और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। हैकाथॉन में 26 राज्यों से 1,726 पंजीकरण हुए और 932 नवीन विचार प्रस्तुत किए गए। कड़े मूल्यांकन के बाद मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, केरल, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की 36 टीम फिनाले में पहुंचीं।इस हैकाथॉन ने “एक भारत-एक साथ नवाचार” की भावना को जीवंत किया है। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन-2025 का लक्ष्य शासन, जन सुरक्षा और नागरिक कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग करना है। समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने कहा कि “कुंभ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह हैकाथॉन परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल को दर्शाता है।” एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री अंशुमन राज ने इसे सरकारी चुनौतियों को समाधान में बदलने का शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 नागरिकों के लिए स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संदीप गोयल ने इसे विचारों और विविधता का संगम कहा जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन को और बेहतर बनाएगा। समारोह में एनईजीडी के निदेशक श्री अभिषेक अनंत भी उपस्थित थे। 36 फाइनलिस्ट टीम ने स्मार्ट मोबिलिटी, सुरक्षा और निगरानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं डिजिटल अनुभव और सांस्कृतिक विसर्जन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय परियोजनाओं में क्राउडगार्ड एआई:वास्तविक समय में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रणाली, एआई-मूव सिंहस्थ: तीर्थयात्रियों के प्रवाह को प्रबंधित करने का समाधान, एकीकृत पार्किंग प्रबंधन प्लेटफॉर्म (केरल): पार्किंग की समस्या का तकनीकी हल शामिल हैं, दर्शिनी एआई: सांस्कृतिक अनुभव को डिजिटल रूप से जीवंत करने वाला प्रोजेक्ट शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल और आईआईएसईआर के विशेषज्ञों वाले निर्णायक मंडल ने इन नवाचारों की रचनात्मकता की जमकर प्रशंसा की और रचनात्मक सुझाव भी दिए। हैकाथॉन का दूसरा दिन 9 अक्टूबर को अंतिम प्रदर्शन, मूल्यांकन के साथ समाप्त होगा।अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे मुख्य अतिथि होंगे। शीर्ष तीन विजेता टीम को 18 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के अवसर मिलेंगे। उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 मध्यप्रदेश के तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल भविष्य से जोड़ते हुए समावेशी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हैकाथॉन परंपरा और नवाचार के मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रभाव छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।