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केन्द्रीय मंत्रि-मंडल ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों की रेलवे मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रि-मंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों के 18 जिलों में रेलवे की 4 मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मध्यप्रदेश को मिली इस सौगात के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार मानते हुए धन्यवाद किया है। पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श द्वारा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाना है। ये परियोजनाएं नागरिकों, वस्तुओं और सेवाओं को निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेलवे लाइन क्षमता में बढ़ोत्‍तरी से गतिशीलता बढ़ेगी जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। मल्टी-ट्रेकिंग (पटरियों की संख्या बढ़ाना) से रेल परिचालन सुगम होगा और यात्रियों को सुविधा होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों का व्यापक विकास होगा, वे आत्मनिर्भर बनेंगे और उनके लिए रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे। केन्द्रीय मंत्रि-मंडल समिति ने मध्यप्रदेश में 237 किलोमीटर लंबी इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन को और गुजरात एवं मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा-रतलाम, तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में वर्धा-भुसावल के बीच 314 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन को तथा महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में 84 किलोमीटर लंबी गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। कुल 24 हजार 634 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं 2030-31 तक पूरी होंगी। स्वीकृत मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं से लगभग 3 हजार 633 गांवों, जिनकी जनसंख्या लगभग 85 लाख 84 हजार है तथा 2 आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव तक संपर्क बढ़ेगा। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों के 18 जिलों में व्‍याप्‍त इन चार परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी। मध्यप्रदेश में परियोजना खंड सांची, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य, प्रागैतिहासिक मानव जीवन के प्रमाणों और प्राचीन शैल चित्रकला के लिए प्रसिद्ध भीमबेटका शैलाश्रय, हज़ारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान आदि प्रमुख स्थलों को भी रेल संपर्क प्रदान करेगा, जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, इस्पात आदि वस्तुओं के परिवहन के लिए भी आवश्यक मार्ग है। पटरियों की संख्या बढ़ाए जाने से प्रति वर्ष 78 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। रेलवे के पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन देश के जलवायु लक्ष्यों और परिचालन लागत को कम करने, तेल आयात (28 करोड़ लीटर) में कमी लाने और कार्बन उत्सर्जन 139 करोड़ किलोग्राम कम करने में मदद करेगा जो 6 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

मध्यप्रदेश में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर

मध्यप्रदेश और फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के बीच हुआ एमओयू भोपाल मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेन्टर स्थापित करने के लिये कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश और स्पेन के फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के बीच एमओयू हुआ। यह केन्द्र न केवल नवाचार एवं स्मार्ट शहरी समाधानों को प्रोत्साहित करेगा बल्कि वैश्विक स्तर के आयोजनों और निवेश सम्मेलनों की मेजबानी का मंच भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी साल जुलाई में स्पेन प्रवास के दौरान संस्थान के पदाधिकारियों से चर्चा हुई थी और उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया था। इस अवसर पर स्पेन के राजदूत श्री जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल तथा फीरा बार्सिलोना इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रिचर्ड जपाटेरो और संस्था के भारत प्रतिनिधि श्री मुकेश अरोरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्पेन के राजदूत श्री जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने विस्तार से चर्चा की। यह एमओयू दोनों पक्षों के बीच सांस्कृतिक-व्यापारिक रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा और मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन, एक्जीबिशन और व्यापार संबंधी संवाद, निवेश सम्मेलनों के लिए विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। इस साझेदारी से वैश्विक निवेशकों ओर हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। मध्यप्रदेश का लक्ष्य वैश्विक केन्द्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सशक्त बनाना है। विशेष रूप से स्मार्ट शहरी समाधान, प्रौद्योगिकी और व्यापार संबंधी प्रदर्शनियों के आयोजन के क्षेत्र में राज्य अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय मानकों और अवसरों के अनुरूप विकास कर सकेगा। यह एमओयू औद्योगिक और निवेश गतिविधियों के नये क्षितिजों को जोड़ने वाला साबित होगा इससे मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के संवाद मंचों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन करने वाले राज्य के रूप पहचान बनेगी। इस केन्द्र के माध्यम से दुनिया के शीर्ष उद्योगपति, निवेशक और कंपनियां भोपाल आयेंगी। मध्यप्रदेश वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बनेगा और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और अवसरों का भी केन्द्र बिन्दु बनेगा। मध्यप्रदेश बनायेगा वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ना सिर्फ उद्योग, व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए बल्कि संपूर्ण अर्थव्यवस्था की दृष्टि से मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति बेहद लाभकारी सिद्ध हुई है। मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में दिल्ली क्षेत्र के विकल्प की दृष्टि से भी आवश्यक अधोसंरचना का विकास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इंदौर और भोपाल दो मेट्रापोलिटन क्षेत्र के बाद जबलपुर और ग्वालियर के मेट्रापोलिटन क्षेत्र के विकास की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन के बार्सिलोना शहर में विकास की विशिष्ट प्लानिंग की गई है। वहां इस वर्ष की गई अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के साथ विरासत के संरक्षण का संदेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। स्पेन के बार्सिलोना जैसे शहर भी प्राचीन वैभव को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिखते हैं। मध्यप्रदेश में भी प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा बताए मॉडल और बार्सिलोना के संदेश को अपनाया जा रहा है। स्पेन के राजदूत श्री पुजोल ने कहा कि अच्छी लीडरशिप और संगठन तथा प्रबंधन क्षमता से भारत और स्पेन मिलकर बेहतर कार्य करेंगे।  

नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिये वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बनाएं कार्ययोजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कमजोर वर्ग की आवास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान मेट्रोपालिटन सिटी के विकास पर संबंधित कलेक्टर्स दें अपने सुझाव कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में नगरीय क्षेत्र के मुद्दों पर हुई चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विजन-2047 में आबादी के हिसाब से नगरों के सुनियोजित विकास पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा है। उनकी मंशा के अनुरूप प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों का विकास भी सुनियोजित तरीके से हो सके इसके लिये जिलों में भी वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार कर समन्वय के साथ क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट वेंडर की पीएम स्वनिधि योजना और स्वच्छ वायु इन्डेक्स में उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिल्डर्स द्वारा कॉलोनी डेवलपमेंट के समय तैयार किये गये ईडब्ल्यूएस आवास आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि कलेक्टर्स इस पर शीघ्र निर्णय लेकर इनका शत-प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित कराएं। आधुनिक सुविधाओं के साथ बने गीता भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन तैयार करने का निर्णय लिया है। यह भवन धार्मिक रूप से तैयार नहीं किये जा रहे हैं बल्कि इनका निर्माण आधुनिक टाउन हॉल के तौर पर किया जा रहा है। यह टाउन हॉल शहर की सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करें, साथ ही इनमें डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी हो। भवनों का निर्माण एक निश्चित समय-सीमा में पूरा किया जाये। धार्मिक स्थलों का तैयार हो मास्टर प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सतना जिले में चित्रकूट के समग्र विकास के लिये कार्ययोजना मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर साडा (स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के साथ मिलकर चित्रकूट का विकास करें। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर समेत अनेक धार्मिक स्थलों के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ नर्मदा परिक्रमा मार्ग का भी विकास किया जा रहा है। इन धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इसलिये आवश्यक है कि इनका समग्र विकास निर्धारित समय में पूरा हो। टीडीआर में मुआवजा राशि का भुगतान जल्द हो शहरी क्षेत्रों में टीडीआर के तहत अधिग्रहण भूमि पर मुआवजा दिया जा रहा है। इनमें शहरी क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण का मुद्दा भी है। उन्होंने कहा कि टीडीआर में अधिग्रहित भूमि के बदले संबंधित को मुआवजा राशि का भुगतान समय पर किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित किये जाने पर जोर दिया। मेट्रोपालिटन सिटी का समग्र विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में भोपाल इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र तैयार करने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों के कलेक्टर्स प्लान तैयार करें कि कैसे रोजगार, औद्योगिकीकरण, एजुकेशन और मेडिकल हब के रूप में मेट्रोपालिटन क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने नगरीय क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुसार बिजली,पानी और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये हैं। मध्यप्रदेश विजन@2047 नगरीय विकास एवं आवास के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया‍कि वर्ष 2047 तक प्रत्येक नागरिक को सर्वसुविधा युक्त पक्का आवास और शहरों को मलिन बस्ती मुक्त किया जाना है। स्वच्छता के मामले में अपशिष्ट प्रबंधन, नवकरणीय ऊर्जा तथा सर्कुलर इकोनॉमी का समावेश किया जाना है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन द्वारा सुरक्षित एवं सतत जल आपूर्ति और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 में 8 लाख 69 हजार 531 आवास तैयार किये जा चुके हैं। योजना में 76 हजार 300 से अधिक आवास पूर्ण किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अधूरे पड़े आवासों को जल्द पूरा करें। प्रदेश में पीएमएवाय 2.0 में 10 लाख आवास तैयार किये जायेंगे। स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश के 100 प्रतिशत आवासों और व्यावसायिक क्षेत्रों में कचरा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। निकायों को 7115 कचरा संग्रहण वाहन दिये गये हैं। क्लीन एयर प्रोग्राम में अच्छे काम के लिये इंदौर, जबलपुर और देवास को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। पीएम स्वनिधि योजना में वर्ष 2023-24 में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। कॉन्फ्रेंस में एयर क्वालिटी सुधार कार्यक्रम पर इंदौर कलेक्टर, पीएमएवाय पर ग्वालियर कलेक्टर और जल संवर्धन में श्रेष्ठ कार्य पर कलेक्टर खंडवा ने अपने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतियां दी।  

कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन

3 सत्रों में होगी महत्वपूर्ण चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में दो दिवसीय कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार 8 अक्टूबर को कानून व्यवस्था सहित ग्रामीण जन-जीवन से जुड़े बिन्दुओं पर विमर्श होगा। कॉन्फ्रेंस में प्रत्येक क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बतायी जायेंगी। कॉन्फ्रेंस में 8 अक्टूबर को 3 सत्र होंगे और प्रत्येक सेक्टर के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। बुधवार को कांफ्रेंस की शुरुआत सुबह 9:30 से होगी। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन के अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई और आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना द्वारा मुख्यमंत्री के प्राथमिकता के बिंदुओं के अलावा जनसंपर्क की अपेक्षाओं पर चर्चा की जाएगी। शिक्षा सत्र में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य और आयुक्त राज्य शिक्षा द्वारा चर्चा की जाएगी। अगला सत्र ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्यों पर केंद्रित होगा, जिसमें अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और प्रमुख सचिव जनजातीय विमर्श करेंगे। अंतिम सत्र में मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था से जुड़े बिन्दुओं पर चर्चा होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कांफ्रेंस में दिए निर्देश

  प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति और सुशासन की व्यवस्था लागू करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कांफ्रेंस जन कल्याण के विषयों पर मंथन की दृष्टि से सार्थक रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए सुशासन की व्यवस्था लागू करते हुए हम सभी कदम से कदम मिलाकर चलें। मध्यप्रदेश में जहां मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, सांदीपनि विद्यालयों की व्यवस्था सुदृढ़ बनाने और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के माध्यम से बेहतर शिक्षा के कदम उठाए गए हैं, वहीं प्रदेश में अनेक नवाचार भी हुए हैं। गत दो वर्ष में प्रदेश में अनेक प्रमुख नवाचार हुए इनमें एयर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत, स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर मंत्रीगण द्वारा जिले के विकास पर केंद्रित भाषण की प्रस्तुति, प्रदेश में औद्योगीकरण को प्राथमिकता, केन बेतवा परियोजना और पार्वती काली सिंध परियोजनाओं की बाधाएं समाप्त कर नदी जोड़ो परियोजनाओं के लिए पहल आदि प्रमुख हैं। इसके साथ ही जनसुविधा के लिए पर्यटन हवाई सेवा, ड्रोन तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहन और ई पंजीयन सहित जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन के अंतर्गत विभिन्न व्यवस्थाएं विकसित की गईं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कांफ्रेंस के प्रथम दिन समस्त सत्रों के पश्चात कलेक्टर्स और कमिश्नर्स को जन कल्याण की अपेक्षा के साथ आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश     सभी अधिकारी विजन-2047 के अंतर्गत प्रथम पांच वर्ष की योजना पर कार्य करें।     कलेक्टर, सीईओ, एसपी, डीएफओ अपने जिले में टीम बनाकर कार्य करें।     कलेक्टर, सीईओ एवं अन्य अधिकारी अनिवार्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करें।     सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों के निराकरण पर ध्यान दिया जाए।     जनसुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, इसे गंभीरता से लें।     किसी भी जिले से जन प्रतिनिधियों से संवादहीनता की शिकायत नहीं आना चाहिए।     जिलों में नवाचार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे।     जिन योजनाओं में सुधार की गुंजाईश है, उन पर कार्य किया जाए।     गीता भवन योजना में गति लाई जाए, नगरों में ये भवन सामाजिक सद्भाव बढ़ाएंगे।     साडा के कार्यों की समीक्षा की जाए।     उद्योगों के लिए एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाएं।     पुरानी बंद मिलों की भूमि का यथाशीघ्र निपटारा किया जाए।     धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दें, प्रत्येक जिले में इस दिशा में संभावनाओं को साकार करें।     लघु, कुटीर उद्योगों को प्राथमिकता देते हुए कार्य हो।     भू-अर्जन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।     राजस्व प्रकरणों का निराकरण के तहत राजस्व महाभियान में जनवरी 24 से आज तक एक करोड़ 8 लाख प्रकरणों का निराकरण हो चुका है। यह कार्यवाही निरंतर जारी रहे, राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रखे जाएं।     कृषि क्षेत्र में भावान्तर योजना के पंजीयन पर ध्यान दें। वर्तमान में डेढ़ लाख किसानों के पंजीयन हो चुके हैं।     प्रत्येक जिले में जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहित करें।     गुलाब की खेती को धार्मिक शहरों के करीब प्रोत्साहन दिया जाए।     ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक जिले में सप्ताह में एक दिन जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उत्पादों के लिए बाजार नियत होना चाहिए।     स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। बड़े अस्पतालों के साथ प्राईवेट मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल में निर्मित किए जाएं।     कुपोषण के विरूद्ध अभियान तेज किया जाए।     जिलों में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास के अमले में पर्याप्त समन्वय रहे।     नगरीय निकायों के क्षेत्र में शहरी यातायात सुधारें।     बड़े शहरों में फ्लाई ओवर बनवाएं।     अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण की कार्यवाही की जाए।  

नागरिकों को सुगम राजस्व सेवाएं प्राप्त हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजस्व सहित जनहित के मुद्दों पर समर्पित रहा पांचवा सत्र भोपाल : कलेक्टर्स-कमिशनर्स कॉन्फ्रेंस के पहले दिन के पांचवें सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि राजस्व विभाग को और भी जनोन्मुखी बनाया जाए जिससे शहरी और ग्रामीण नागरिकों को समय पर सुगम राजस्व विभाग की सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, भू-अर्जन योजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण किये जाने तथा राजस्व भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाने की जरूरत बताई। पांचवे सत्र का अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल ने संचालन किया। इस सत्र में राजस्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, EHRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम, अविरल नर्मदा, शैक्षणिक संस्थाओं एवं अस्पतालों हेतु जनसहयोग और सीएम हेल्पलाइन जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। राजस्व महाभियानों में 1 करोड़ से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण इस सत्र में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी गई। फेसलैस और पेपरलैस क्षेत्राधिकार मुक्त साइबर तहसील की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। राजस्व न्यायालयों में समर्पित पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति और प्रत्येक कार्यदिवस में राजस्व न्यायालय के संचालन को लेकर भी विमर्श हुआ। इस दौरान जानकारी दी गई कि 3 राजस्व महाभियानों में 1 करोड़ से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रदेश के 55 जिलों में पांच चरणों में स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन किया गया है, इसमें 39 लाख 63 हजार हितग्राहियों को निजी अधिकार अभिलेख वितरित किए गए हैं। भू-अर्जन प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के लिए लैंड एक्विजिशन मैनेजमेंट सिस्टम (LAMS) का विकास किया गया है। मध्यप्रदेश डिजिटल क्रॉप सर्वे में जीरो इंटरफ़ेरेंस (शून्य बफर) के साथ कार्य करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है। यूनिफाइड पोर्टल ऐप MPeSeva के माध्यम से सभी सरकारी सेवाएं उपलब्ध सत्र में जानकारी दी गई कि प्रदेश के नागरिकों की समग्र परिवार आईडी 2 करोड़ 16 लाख हैं और कुल 6 करोड़ 47 लाख ई-केवायसी (E-kyc) की गई हैं। केस प्रबंधन एवं ट्रैकिंग प्रणाली (CMTS) बनाई गई है जो विभिन्न शासकीय विभागों में विविध प्रकरणों के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करती है। यह प्रणाली, न्यायालयीन प्रकरणों में शासन की दक्षता, जवाबदेही एवं समन्वय को सुदृढ़ करती है। यूनिफाइड पोर्टल ऐप MPeSeva के माध्यम से सभी सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। सिंगल साइन ऑन के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक ही लॉगिन एवं पासवर्ड से विभिन्न पोर्टल में लॉगिन की सुविधा दी गई है। सभी विभागों के नियमित कर्मचारियों के लिए तैयार वर्क फ्लो आधारित पोर्टल प्रदेश के सभी विभागों के 6 लाख 50 हजार से अधिक नियमित कर्मचारियों के लिए वर्क फ्लो आधारित पोर्टल तैयार किया गया है। अब तक 45 विभागों एवं 84 विभागाध्यक्ष कार्यालयों के 2 लाख 25 हजार कर्मचारी ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। "अविरल नर्मदा" गतिविधियों के समन्वय के लिए समिति गठन पर चर्चा सत्र में विमर्श हुआ कि निर्मल नर्मदा के लिए 16 जिलों को मुख्यतः कार्य करना होगा। नर्मदा क्षेत्र में क्रियान्वित गतिविधियों के समन्वय एवं अनुश्रवण के लिए समिति के गठन को लेकर भी चर्चा हुई। शैक्षणिक संस्थाओं एवं अस्पतालों हेतु जनसहयोग, सीएम हेल्पलाइन पर हुई सारगर्भित चर्चा इस दौरान में रेडक्रास एवं रोगी कल्याण समितियां, शाला विकास एवं जनभागीदारी समितियां, सीएसआर एवं जनभागीदारी योजना सहित विभिन्न बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई। जिला एवं स्थानीय निकायों द्वारा संचालित कार्यक्रम एवं प्रयासों की जानकारी दी गई। सत्र में सीएम हेल्पलाइन के गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। मिशन कर्मयोगी पर सीखें सप्ताह एवं पाठ्यक्रम प्रकाशन की जानकारी भी साझा की गईं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के साथ कमियों को दूर करने का करें प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य एवं पोषण पर कलेक्टर्स के साथ हुआ व्यापक संवाद कलेक्टर्स ने साझा किये अपने जिलों के नवाचार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नई सुविधाए प्रारंभ की गई हैं और कमियों को दूर करने का भी पूरा प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरा लाभ दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को आसान बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर भी अनेक कॉलेज प्रारंभ हुए हैं। वर्तमान में तीस से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। शीघ्र इनकी संख्या 50 हो जाएगी। प्रदेश के लगभग प्रत्येक जिले के नागरिकों को मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है, उसे अंतिम रूप देकर भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में नागरिकों के हित में सर्वाधिक अनुकूल वातावरण निर्मित किए जाने का प्रयास है।‍मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के प्रथम दिन द्वितीय सत्र 'स्वास्थ्य एवं पोषण' को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  संदीप यादव ने राज्य में स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति को सुदृढ़ करने कलेक्टर्स के साथ विस्तृत चर्चा की। सत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), क्षय उन्मूलन और सिकल सेल उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति पर विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत शिशुओं, किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित की जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHSND) में गुणवत्तापूर्ण जांच, टीकाकरण और ANMOL 2.0 पर सटीक डेटा एंट्री की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उपचार और बर्थ वेटिंग होम्स में सुरक्षित प्रसव की अनिवार्यता पर जोर दिया। प्रमुख सचिव  यादव ने कहा कि पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग, छह माह तक केवल स्तनपान, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (MMBASK) के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के प्रबंधन तथा आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह आधारित सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रसूति सहायता योजनाओं के भुगतान में समयबद्धता बनाए रखना सुनिश्चित करें। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव  यादव ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फैटी लीवर और तीन प्रमुख कैंसर की स्क्रीनिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने एनसीडी पोर्टल पर सभी प्रविष्टियों की अद्यतन स्थिति बनाए रखने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ईट राइट अभियान, तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमीं, फिट इंडिया और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि क्षय उन्मूलन के लिए एक्स-रे और अन्य मशीनों से जांच की जाए, निक्षय पोर्टल पर सभी प्रकरणों की सूचना दर्ज हो, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए तथा निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण सहायता और डीबीटी समय पर प्रदान की जाए। इसी प्रकार, सिकल सेल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत स्क्रीनिंग, कार्ड वितरण, हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की उपलब्धता, न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन और सिकल मित्र पहल के माध्यम से जनभागीदारी और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों के बीच संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समन्वय को सशक्त करें। VHSND के गुणवत्तापूर्ण आयोजन, उपकरणों के सार्थक उपयोग, e-KYC और DBT सक्षमता, PMSMA संचालन, नवजातों के गृह आधारित फॉलो-अप, मातृ एवं शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग, ईट राइट, फिट इंडिया, योग और खेलकूद के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सुपोषित ग्राम पंचायतों के लिए स्थानीय खाद्य विविधता को प्रोत्साहित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, डेटा सत्यापन, और सिकल मित्र तथा निक्षय मित्र के माध्यम से फूड बास्केट वितरण जैसी गतिविधियों को परिणाममुखी बनाया जाये। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों ने दीं अपनी प्रस्तुतियाँ बालाघाट ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर नियंत्रण पर, झाबुआ ने स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार प्रयासों और मंदसौर ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य मॉडल पर प्रेजेन्टेशन देते हुए अपने अनुभव साझा किए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश: जनता का विश्वास कायम रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी

जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी, हमें यह विश्वास बनाए रखना है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में हमने स्थापित की है जवाबदेह शासन व्यवस्था सुशासन और समावेशी विकास पर दिया बल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का शुभांरभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी लोक सेवकों से प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर मिशन मोड में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में जवाबदेह शासन व्यवस्था स्थापित की है। लोक सेवकों का यह दायित्व है कि वे अपनी प्रतिभा, लगन, क्षमता और समर्पण के साथ जनता तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाएँ। हम सब देश और समाज के विकास का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ के बाद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन  संजय कुमार शुक्ल ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे विकास और कल्याण की किरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। राज्य सरकार सबके साथ, सबके लिए खड़ी है। जनता में यह विश्वास पैदा करना ही सुशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। प्रदेश में जनता का विश्वास हमें मिल रहा है। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें यह जनविश्वास हर हाल में बनाए रखना है। योजनाओं का लाभ और अधिक शीघ्रता से मिले जनता को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में इसी बात पर मंथन किया जाएगा कि शासन व्यवस्था को और अधिक सहज, सरल, बेहतर, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत कैसे बनाया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ और अधिक शीघ्रता से जनता तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में तैनात अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान कायम करें। किसी भी ज्वलंत विषय पर पूरी दक्षता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। स्थानीय जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से निरंतर आत्मीय संवाद बनाए रखें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि परमात्मा ने यदि हमें समाज के लिए काम करने का दायित्व दिया है तो हमें एक विनम्र विद्यार्थी की तरह इस दायित्व का निर्वहन करना ही चाहिए। हर दिन, हर तरीके से नई चीजें सीखें और अपनी दक्षता और अनुभव से उनका बेहतर क्रियान्वयन करें, लक्ष्य यह रखें कि नवाचार का समाज को अधिकतम लाभ मिले। गुड गवर्नेंस से ग्रेट रिजल्ट की ओर हों अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि लोकतंत्र एवं जनकल्याण में हम सबकी महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट भूमिका है। फील्ड में तैनात अधिकारियों की बड़ी जिम्मेदारी है कि जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस से हम ग्रेट रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं और हम सभी को इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने परफॉर्म, रिफार्म एंड ट्रांसफॉर्म के रूप में जन सेवा का मंत्र दिया है। आप सभी इस मंत्र को आत्मसात करते "विकसित और आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण के लिए "विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश" का निर्माण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर्स ऐसे जनहितैषी कार्य करें, जो आने वाले समय में जिले की जनता को याद रहें। अपने कार्यकाल का एक-एक क्षण जन-कल्याण में लगाएं और प्रदेश को नई ऊंचाईयों में ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार ऐसे हों, जो दीर्घकालिक हों। जिस विभाग से संबंधित नवाचार हो, उसकी पूरी कार्ययोजना विभाग से अनुमोदित हो, जिससे वह नवाचार स्थाई हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमारे प्रदेश ने उत्कृष्ट कार्य किया है। दाल, मसाले एवं टमाटर उत्पादन में हम देश में प्रथम स्थान पर हैं। गेहूं, मक्का और मिर्च में दूसरे स्थान पर हैं। दुग्ध उत्पादन में हमारा चौथा स्थान है। अब हम विभिन्न प्रयासों से प्रदेश को दुग्ध कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। दुग्ध उत्पादन में हमारा देश में योगदान 9 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक ले जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हम किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं, इस लक्ष्य का मार्ग सिंचाई ही है। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही सिंचाई परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान देने के साथ सिंचित रकबा बढ़ाने की दिशा में प्रयास और नवाचार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य की पूर्ति करते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता रोजगारोन्मुख एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना एक महत्वपूर्ण कार्य है। हमारा लक्ष्य न केवल शत प्रतिशत साक्षरता है बल्कि शालाओं में नामांकन दर को बढ़ाना भी अति आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को गुड गवर्नेस लाभ दिलाने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, तो वह भी जरूर करें। जिलों में तैनात सभी अधिकारी लगातार दौरे करें, किसी गांव में रात्रि विश्राम भी करें। फील्ड दौरों में छात्रावास, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान, निर्माण कार्यों, हॉस्पिटल आदि का औचक निरीक्षण भी करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सभी फील्ड अधिकारी जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता से सतत संवाद अनिवार्य रूप से बनाए रखें। आमजन से मिलने की व्यवस्था और जनसुनवाई को और भी बेहतर बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में कई बार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया में नकारात्मक खबरें छपती हैं, इनको वेरीफाई कर इनका तत्काल खंडन किया जाना चाहिए। आज सोशल मीडिया की पहुंच जन-जन तक है। शासन के द्वारा किए जा रहे लोक-कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर से आह्वान करते हुए कहा सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सम्पन्नता को दुनिया के सामने लाने का बहुत बड़ा अवसर है। सिंहस्थ में आने वाला हर श्रद्धालु मध्यप्रदेश के वैभव को देखे, इसके … Read more

राज्यपाल राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह में हुए शामिल

जहां भी उपयुक्त जगह मिले पेड़ जरूर लगाए जाएं : राज्यपाल  पटेल विकास के साथ ही प्रकृति संरक्षण के लिए भी सजग हों राज्यपाल राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह में हुए शामिल राज्यपाल  पटेल ने किया 34 प्रतिभागियों को पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ का नतीजा है और अब जरूरी है कि जहां भी उपयुक्त जगह मिले पेड़ जरूर लगाए जाएं। विकास के साथ ही प्रकृति संरक्षण के लिए सजग और सक्रिय होना भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि बच्चों को बचपन से ही मानव और प्रकृति के सह अस्तित्व की सीख दें। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं और इनका अस्तित्व हमारे वनों, नदियों और जलवायु की संतुलित स्थिति से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देखकर गर्व होता है कि आज हमारी युवा पीढ़ी भी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में रुचि दिखा रही है और सक्रिय भागीदारी कर रही है। उन्होंने कहा कि संतुलित विकास समय की जरूरत है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे प्रयासों के महत्व को 400 विद्यार्थियों वाले कच्छ के स्कूल में शिक्षक दम्पत्ति के प्रयासों के दृष्टांत से बताया। स्कूल के लिए पेड़ों की बाउन्ड्री-वॉल बच्चों के साथ मिलकर बना ली। बच्चों को भागीदार बनाकर एक साथ पौधों का रोपण किया। हर बच्चें से पौधों की नियमित देखभाल कराई। सभी बच्चें नियमित रूप से उनके घर से फल, सब्जी धोने के बाद बचे जल को अगले दिन स्कूल में लाकर पौधें को सिंचित करते थे। इस तरह मात्र चार वर्षों में स्कूल की बाउन्ड़ी वॉल बनने का बड़ा करनामा छोटे से सहयोग से हो गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में 18 वर्षों तक वन मंत्री रहने का उनका कीर्तिमान है। प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी विगत 4 वर्षों से निरंतर समापन समारोह के आयोजन में सम्मिलित हो रहे हैं। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण की पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर सहभागिता का संदेश देने के लिए वन सप्ताह के आयोजन की थीम “संरक्षण से सह-अस्तित्व की ओर" की सराहना की है। वन विभाग, पर्यावरणविद और स्वयं सेवी संस्थानों को ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों और विभिन्न समुदायों को जन-जन तक पर्यावरण शिक्षा को पहुँचाने के प्रयासों में सहयोग के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसायटी के वार्षिक प्रतिवेदन 2024-25, जैव विविधता बोर्ड के लेपल पिन बॉक्स तथा प्रथम भोपाल बर्ड फेस्टिवल पोस्टर, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम के ग्रासेस ऑफ सतपुड़ा, भोपाल बर्डस भोपाल के मध्यप्रदेश के पक्षी फील्ड गाईड प्रकाशनों का लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने वन विहार प्रबंधन तथा वन्य प्राणी संरक्षण में सराहनीय योगदान के लिए सुरक्षाकर्मी  गणेश राम, वनरक्षक  सचिन परसाई, वनरक्षक  कमलेश चतुर्वेदी और मती कृति जैन को पुरस्कृत किया। पांच वर्गों में चित्रकला प्रतियोगिता के और दो वर्गों में फोटोग्राफी, सहित मेहंदी, पॉम पेंटिंग, टोडलर वॉक और फेस पेंटिंग की सात प्रतियोगिताओं के कुल 34 विजेताओं को पुरस्कृत किया। राज्य मंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि जैव विविधता वन्य जीव संरक्षण ही मानवता का संरक्षण है। उन्होंने अपील की है कि पेड़ और जीव जंतुओं को सम्मान की दृष्टि से देखने और उन्हें हानि पहुंचाने वाला कोई भी कार्य नहीं करने का संकल्प करें। प्रदेश में इस दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार तेजी के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री  मोदी की सौगात से अब चीतों की संख्या भी बढ़कर 27 हो गई है। राज्य ने गांधी सागर वन्य प्राणी उद्यान में भी चीतों को छोड़ा है। प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। नए टाइगर रिजर्व, ईको पर्यटन और भटकते जीवों के लिए रेस्‍क्यू स्क्वाड का गठन किया गया है। विधायक  भगवान दास सबनानी ने वन्य जीव के प्रति जन आकर्षण के प्रयासों में सहयोग के लिए वन्यजीव सप्ताह के प्रतिभागियों, आयोजकों और वन विभाग को बधाई दी। राज्यपाल का कार्यक्रम के प्रारंभ में तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। प्रधान वन्यजीव संरक्षक  शुभ रंजन सेन ने सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सप्ताह शुभारंभ कार्यक्रम में ई-वाहन सेवा का उद्घाटन भी किया। आभार प्रदर्शन वन विभाग राष्ट्रीय उद्यान- जू भोपाल के संचालक  विजय कुमार ने किया। कार्यक्रम में प्रधान वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाड़े, प्रबंध संचालक वन विकास निगम  एच.यू. खान उपस्थित रहे।  

किडनी संक्रमित बच्चों के लिए राहत, सरकार करेगी इलाज का पूरा खर्च वहन: डॉ. मोहन यादव

किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों के उपचार का पूरा व्यय शासन द्वारा किया जायेगा वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नागपुर के अस्पतालों में की गई है बच्चों के उपचार की व्यवस्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किडनी संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के बच्चों का उपचार नागपुर के चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज सहित एम्स अस्पताल,कलर्स हॉस्पिटल, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गेटवेल हॉस्पिटल में बच्चों का इलाज जारी है। कलेक्टर छिंदवाड़ा और बैतूल द्वारा बच्चों के परिवारों से सतत संपर्क रखते हुए आवश्यक सहायता दी जा रही है। भोपाल से भी बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य लाभ की नियमित जानकारी प्राप्त की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 9 बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण राशि प्रभावित परिवारों को राशि उपलब्ध करवाने को कहा है। सहायता के लिए दल गठित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कलेक्टर छिंदवाड़ा ने नागपुर में उपचार करवा रहे बच्चों की सहायता के लिए तीन दल गठित किए हैं। इन दलों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट सहित एक विशेषज्ञ चिकित्सक को दायित्व दिया गया है। इन दलों द्वारा प्रभावित परिवारों से सतत संपर्क किया जा रहा है जिससे उपचार में किसी तरह की कोई समस्या न हो।