Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

सावधान! मच्छरों से फैल रहा है चिकनगुनिया, डेंगू की तरह अब फैलाव तेज

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के रोगी बढ़ रहे हैं। अब तक डेंगू के 104 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू से 4 गुना कम जांच होने के बावजूद चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर डेंगू से दो प्रतिशत से अधिक रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक कुल 7971 लोगों की डेंगू की जांच हुई। इनमें से 104 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। डेंगू पॉजिटिव दर 1.31 प्रतिशत है। इसी तरह अब तक 2006 लोगों की चिकनगुनिया की जांच की गई है, जिसमें से 70 लोगों चिकनगुनिया से पीड़ित पाए गए। चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर 3.49 प्रतिशत रही है। विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी में डेंगू से अधिक चिकनगुनिया तेजी से पैर पसार रहा है। लक्षण दिखे तो कराएं जांच डॉक्टरों के अनुसार, किसी को बुखार के साथ सर्दी लगे और मांसपेशियों और आंखों के पीछे दर्द हो तो 24 घंटे में डेंगू की जांच करा लेना चाहिए। जेपी अस्पताल, हमीदिया, बीएमएचआरसी और एम्स के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त जांच की सुविधा है। सितंबर में सर्वाधिक डेंगू के मामले स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे अधिक डेंगू के मामले सितंबर में आए। जनवरी से अगस्त तक आठ महीने में कुल डेंगू के 68 मरीज आए थे। अकेले सितंबर माह में 36 से अधिक डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, अगस्त माह तक भोपाल में डेंगू सेंसेटिव जोन की संख्या बहुत कम थी।   यहां हालात ज्यादा खराब टीटी नगर, बागसेवनियां, शाहजहांनाबाद और इब्राहिमपुरा में हालात अधिक खराब हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं। ऐसे करें बचाव चिकनगुनिया एक तीव्र जोड़ों के दर्द का कारण बनता है जो हफ्तों या महीनों तक रह सकता है, इसलिए रोकथाम ही सबसे अच्छा उपाय है। आप मच्छरों के काटने से बचकर, अपने आस-पास सफाई रखकर, और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर अपना बचाव कर सकते हैं।

सीएम आज महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय के 13 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के 10.05 करोड़ रुपये से बने नये शैक्षणिक भवन का भी लोकार्पण करेंगे। साथ ही महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाविद्यालय में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, सांस्कृतिक, नवाचार एवं सामाजिक सेवा क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, क्षेत्रीय विधायक श्री अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री आशीष राव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकोशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अवसर महाकौशल महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। लगभग 1500 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं नागरिक इस अवसर के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन जबलपुर की शिक्षा और युवा ऊर्जा का प्रतीक बनकर प्रदेश में उत्कृष्टता और नवाचार के नये मानक स्थापित करेगा।  

बीहड़ से बिजली तक: चंबल में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी, बढ़ेगा विकास का रास्ता

भोपाल थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रही मध्य प्रदेश सरकार अब चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बीहड़ की 60 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं का आइआइटी रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ करेंगे अध्ययन बीहड़ की भूमि कभी डकैतों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन इसका उपयोग अब सौर ऊर्जा बनाने में किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में चंबल नदी, जलीय जीवों के संरक्षण और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार इस दिशा में भी विचार कर रही है कि क्यों न बीहड़ की भूमि का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी किया जाए। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ इस पहलू से भी अध्ययन करेंगे।   कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य बता दें कि ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, जो नवीकरणीय ऊर्जा से पानी को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा विभाजित करके बनाया जाता है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। यह भारी उद्योगों, परिवहन और ऊर्जा भंडारण जैसे मुश्किल क्षेत्रों को कार्बन-मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 2030 तक पांच मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन के वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कितनी भूमि उबड़ खाबड़ और कितनी समतल मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि हमारे पास बीहड़ क्षेत्र की सेटेलाइट इमेज है, इसका पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भूमि का डाटा से मिलान कराया जा रहा है। इससे यह पता लग जाएगा कि कितनी भूमि उबड़ खाबड़ है और कितनी भूमि समतल। भूमि का वर्गीकरण कर मैपिंग की जा रही है और यह निर्णय लिया जाएगा कि कितनी भूमि का सोलर प्लांट लगाने में उपयोग किया जा सकता है। काफी कुछ आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों की ओर से किए जाने वाले अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।  

2026 से MP में बदले जाएंगे कई नियम: सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी नई सुविधा और राहत

भोपाल मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर नए साल यानी वर्ष 2026 में बड़े परिवर्तन की तैयारी है। इनमें सरकारी पदों के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों का कैशलेस उपचार, अवकाश और पेंशन नियम शामिल हैं। भर्ती नियमों में यह प्रविधान किया जा रहा है कि चयन परीक्षाएं वर्षभर में चार-पांच बार ही होंगी। इसमें जो चयन सूची बनेगी, उसके अनुसार विभाग भर्ती करेंगे। इसी तरह कर्मचारियों को उपचार के लिए पहले राशि खर्च कर उसकी प्रतिपूर्ति के दावा नहीं करना होगा। उनके कैशलेस उपचार की व्यवस्था रहेगी। पेंशन नियम भी भारत सरकार के नियमों की तरह बनाए जा रहे हैं। प्रारूप तैयार हो चुका है। अवकाश निर्धारण के लिए भी समिति बना दी गई है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेगी।   एक मेरिट सूची से होगी नियुक्तियां प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। अभी वर्ष भर परीक्षाएं चलती रहती हैं। कर्मचारी चयन मंडल 20 से अधिक परीक्षाएं कराता है। इसमें समय के साथ-साथ संसाधन भी अधिक लगते हैं। इसी तरह राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं होती हैं। मौजूदा पैटर्न से सरकार ने भर्ती का जो लक्ष्य रखा है, वह प्रभावित हो सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में परिवर्तन का प्रारूप तैयार किया। नई व्यवस्था में वर्ष भर में पांच-छह परीक्षाएं होंगी और समूह परीक्षा की एक चयन प्रावीण्य सूची बनेगी। इसके हिसाब से विभाग नियुक्तियां करेंगे। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ विभागीय अधिकारियों की दो दौर की बैठक हो चुकी है। कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी योजना राज्य सरकार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार की तरह सरकारी कर्मचारियों को उपचार के लिए आयुष्मान जैसी योजना लाने की तैयारी में है। इसमें पांच लाख रुपये तक सामान्य और 10 लाख रुपये तक गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों से अंशदान लिया जाएगा, जो उनके वेतन से काटा जाएगा। अंशदान का निर्धारण होना शेष है। पेंशनरों को भी यह सुविधा दी जा सकती है। ऐच्छिक अवकाश का नए सिरे से होगा निर्धारण प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को वर्ष भर में तीन ऐच्छिक अवकाश दिए जाते हैं। सरकार ने वर्षभर के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य आधारों पर 53 ऐच्छिक अवकाश चिह्नित किए हैं। कलेक्टर जिले की स्थितियों को देखते हुए इन्हें घोषित करते हैं। सरकार ने अब सामान्य, सार्वजनिक और ऐच्छिक अवकाश के निर्धारण के लिए समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामान्य प्रशासन, गृह, वित्त और राजस्व विभाग के अधिकारियों की समिति गठित की है। यह इस बात का भी परीक्षण कर रही है कि कोरोना महामारी के समय सप्ताह में पांच दिन कार्यालय लगाए जाने की व्यवस्था को जारी रखा जाए या पहले की तरह व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथ ही नौकरी में आने के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा से बाहर करने और सेवा आचरण नियम में संशोधन पर भी समिति काम कर रही है। केंद्र और राज्य के एक जैसे होंगे पेंशन नियम भारत सरकार ने वर्ष 2011 में 25 वर्ष से अधिक की अविवाहित बेटी, विधवा, परित्यक्ता बेटी को पेंशन देने की पात्रता देने की जो व्यवस्था बनाई, उसे यहां भी लागू किया जाएगा। नियम में यह प्रविधान किया जा रहा है कि अविवाहित पुत्री की स्थिति में आयु 25 साल से अधिक होने के बाद भी जब तक उसका विवाह नहीं होता, तब तक उसे परिवार पेंशन मिलती रहेगी।  

एमपी डैम हादसा: पति-पत्नी और दो बच्चों को लोगों ने ऐसे बचाया, जिसे देख दिमाग ठंडा हो जाए

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक कार को ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर के बाद कार सिंध डैम में जा गिरी, कार में पति-पत्नी व दो बच्चे सवार थे। गनीमत रही की हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोग अपनी जान खतरे में डालकर डैम में कूदे और कार में सवार पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना अमोला थाना इलाके की है। बताया जा रहा है कि कार में सवार परिवार सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहा था।   कार की टक्कर से डैम में गिरी कार शिवपुरी जिले के अमोला थाना इलाके में रविवार को सिंध डैम पर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। यहां एक कार को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सिंध डैम में जा गिरी। कार के डैम में गिरते ही मौके पर मौजूद गोपाल परिहार, सुखदेव लोधी, मनोज कलावत और राकेश मिस्त्री ने बिना अपनी जान की परवाह किए डैम में छलांग लगाई और पानी में डूब रही कार में फंसे पति-पत्नी व दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कार में कोटा निवासी शैलेन्द्र सिंह हांडा, उनकी पत्नी रेखा हांडा और बच्चे नोदिघ हांडा व देवदत्त हांडा सवार थे। पुलिस ट्रक की तलाश में जुटी घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कार में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। कार को टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। बताया गया है कि कोटा के रहने वाले शैलेन्द्र हांडा अपने परिवार के साथ कार से उरई में बाबा जयगुरूदेव के सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहे थे तभी रास्ते में ये हादसा हुआ। जान बचने के बाद पीड़ित परिवार ने जान बचाने वाले लोगों और भगवान का शुक्रिया अदा किया है।

भीषण सड़क त्रासदी: खंडवा में ट्रक ने ई-बाइक को कुचला, आग से झुलसे दो लोग

खंडवा राखड़ से भरे ट्रक ने फिर दो लोगों की जान ले ली। राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को रौंद दिया। ई-बाइक सवार दोनों लोग ट्रक में दब गए इसके बाद ई-बाइक में आग लगने के कारण बाइक सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसा रविवार को इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मोरटक्का चौकी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे के बाद मोरटक्का चौकी पुलिस ने आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, पुलिस ने व्यवस्था संभाल जाम खुलवाया। भीषण सड़क हादसे ने दहला इलाका जिले के ओंकारेश्वर थाने अंतर्गत मोरटक्का पुलिस चौकी क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक संत सिंगाजी थर्मल पावर से राखड़ भरकर आ रहा था। तेज रफ्तार ट्रक ने ई-बाइक सवार बड़वाह निवासी 35 वर्षीय विनीत शर्मा जो खंडवा में सहायक कोषालय अधिकारी के पद पदस्थ थे व उनके मित्र 40 वर्षीय मोहसिन अली को अपनी चपेट ले लिया।   टक्कर के बाद पलटा ट्रक, बाइक सवार दबकर जिंदा जले ट्रक ने ई-बाइक को जोरदार टक्कर मारी इसके बाद ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे बाइक सहित सवार दो लोग भी दब गए। ई-बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक सहित दोनों युवकों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। देखते-देखते दोनों लोग आग में जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई और मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर शवों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे देर रात तक पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत से खुलवाया। भारी वाहनों पर राजनीति का दबाव स्थानीय लोगों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से देशगांव से इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई थी, लेकिन हाल ही में राजनीति दबाव में आकर खंडवा कलेक्टर ने इस मार्ग पर फिर से भारी वाहनों की अनुमति दे दी। नतीजतन, इस सड़क पर रोजाना ट्रकों और डंपरों की भरमार है और दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।   कीड़े-मकोड़ों की तरह जान गवां रहे लोग लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आमजन की जानें कीड़े-मकोड़ों की तरह जा रही हैं। हादसे से आक्रोशित लोगों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि खंडवा-इंदौर इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी भयावह घटनाएं सामने आ सकती हैं।

वन्य जीव संरक्षण के लिये रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की

भोपाल  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को 5वें दिन वन्य जीव संरक्षण के लिये विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं पर्यावरण में रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। दौड़ वन विहार गेट क्रमांक-2 से डिपो चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब के पास वन विहार के गेट क्रमांक-1 पर समाप्त हुई। विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किये। वन्य जीव सप्ताह में सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्य जीवों के संरक्षण में सहायक है'' विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 प्रतियोगियों ने भाग लेकर विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री विजय कुमार और सहायक संचालक डॉ. रूही हक उपस्थित थीं। 6 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह के 6वें दिन 6 अक्टूबर को सुबह 6 से 8:30 बजे तक पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया जायेगा। छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू एवं वन्य प्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपयोग में लिये जाने वाले उपकरणों की जानकारी देने के लिये कार्यशाला होगी। अन्य प्रतियोगिता में वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। साथ ही "वन्य जीव संरक्षण के साथ विकास संभव है'' विषय पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त मानव-वन्य जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ तथा से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर पर्यटकों के लिये "वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन'' वन विहार स्थित विहार वीथिका, स्नेक पार्क और टाइगर बाड़े पर किया जायेगा। 

संस्कृति जैन की विदाई का अनूठा अंदाज, सोशल मीडिया पर छाया पालकी वाला वीडियो

सिवनी जबलपुर रोड स्थित लूघरवाड़ा के निजी लान में आयोजित विदाई समारोह में पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को पालकी में दोनों बेटियों के साथ बैठाकर कर्मचारियों ने वाहन तक पहुंचाकर विदाई दी। हाल ही में राज्य सरकार ने सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन का ट्रांसफर भोपाल किया है, जिसके चलते 3 अक्टूबर को विदाई समारोह व नवागत कलेक्टर के आगमन का कार्यक्रम रखा गया था। विदाई समारोह के बाद जब कलेक्टर संस्कृति जैन भोपाल जाने लगी तो उत्साहित कर्मचारियों उन्हें पालकी में बिठाकर अपने कंधों पर उठा लिया। इस दौरान पूर्व कलेक्टर के सम्मान में कर्मचारियों की अलग ही तस्वीर देखने को मिली। कलेक्टर के साथ उनकी दोनों बेटियां ध्वनि व तरंग जैन भी पालकी में बैठी।   सरल स्वभाव ने प्रभावित किया पूर्व कलेक्टर जैन के हंस मुख व सरल स्वभाव से सभी कर्मचारी प्रभावित थे। कर्मचारियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर पूर्व कलेक्टर जैन आगे बढ़कर विभागीय अमले का नेतृत्व करती थी, गलतियों के बारे में बताती थी। वहीं जिले के सरकारी स्कूलों की दिशा व दशा सुधारने कलेक्टर जैन द्वारा प्रारंभ किए गए ''गिफ्ट ए डेस्क'' अभियान को काफी लोकप्रियता मिली, जिसे सभी वर्गो ने काफी सराहा। इस अभियान में दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विदाई के दौरान गाना बज रहा था… "पालकी में होके सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे"। इस गाने ने माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन ने नगर पालिक निगम भोपाल आयुक्त का प्रभार संभाल लिया है।   अभियान से जुड़े 4 हजार दानदाता विदाई समारोह से पहले ट्रांसफर आदेश मिलने पर कलेक्टर जैन ने गिफ्ट ए डेस्क अभियान की प्रगति पर वीडियो संदेश जारी कर बताया था कि 13200 डेस्क व बैंच जिले के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। 800 डेस्क-बैंकच की प्रक्रिया चल रही है। अभियान के प्रथम चरण को पूरा करने अभी 7146 से अधिक की डेस्क-बैंच की आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बताया कि अभियान के लिए बनी बेवसाइड को एक लाख से अधिक लोगों ने सर्च किया। 4 हजार से अधिक दानदाताओं ने इस अभियान में सहयोग किया। उन्होंने भविष्य में अभियान को इसी तरह सहयोग कर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने का आव्हान करते हुए सभी से मिले सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया था।

सड़क सुरक्षा पर बड़ा कदम! सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, पैदल यात्रियों के लिए नए नियम होंगे तय?

भोपाल सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से पूछा है कि क्या भारत में भी विदेशों की तरह पैदल यात्रियों को सड़क की दायीं ओर चलने का नियम बनाया जा सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को 10 नवंबर तक सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश की याचिका पर उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में पैदल यात्रियों को बायीं ओर चलने की सलाह दी जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में हुए 50 हजार सड़क हादसों में से 18 हजार मौतें पैदल चलने वालों की थीं, यानी कुल मौतों का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा। क्यों दायीं ओर चलना हो सकता है सुरक्षित… ज्ञान प्रकाश ने दलील दी कि अगर पैदल यात्री सड़क की दायीं ओर चलेंगे तो उन्हें सामने से आने वाले वाहन दिखेंगे, जिससे समय रहते वे खुद को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में पैदल यात्रियों के लिए नियम ब्रिटिशकालीन परंपराओं और 1958 के विएना कन्वेंशन से प्रेरित हैं, जो अब मौजूदा ट्रैफिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि उसने 21 मई 2025 को ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं हुआ है। अदालत ने केंद्र और NHAI से पूछा कि क्या भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में “राइट वॉकिंग सिस्टम” लागू किया जा सकता है। विदेशों में क्या होता है? अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस, चीन में लोग सड़क की दायीं ओर पैदल चलते हैं। जबकि ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया में पैदल यात्री बायीं ओर चलते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में वाहनों के बायीं ओर चलने का नियम पैदल यात्रियों पर लागू करना गलत है। सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल सड़क परिवहन मंत्रालय के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, टू-व्हीलर के बाद सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें पैदल यात्रियों की होती हैं। ऐसे में कोर्ट का यह सवाल सड़क सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि केंद्र सरकार और NHAI की रिपोर्ट में यह व्यवस्था व्यावहारिक मानी जाती है, तो जल्द ही भारत में पैदल यात्रियों के चलने के नियम में 70 साल पुराना बदलाव देखने को मिल सकता है।

करौली माता से लौटते समय ट्रॉली हादसा: 18 घायल, 2 की मौत

मुरैना रामपुर थाना क्षेत्र के बामसोली गांव में रविवार की दोपहर तीन बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ट्रॉली सड़क पर पलट गई। इस हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, वहीं 18 सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्रामीणों ने वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल भिजवाया। जहां दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी का सबलगढ़ में इलाज किया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई, जहां इस ट्रॉली को बैहको लोडर मशीन से सीधा कराया गया। संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली पलटी जानकारी के मुताबिक रामपुरकलां गांव से लगभग 20 से 25 लोग संदीप धाकड़ के ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर शनिवार को करौली राजस्थान स्थित कैलादेवी के दर्शन करने के लिए गए थे। रविवार की दोपहर सभी इसी ट्रैक्टर ट्रॉली से वापस रामपुर आ रहे थे। रामपुर गांव से ठीक पहले बामसोली गांव में अचानक ही चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली पलटते चीख पुकार मच गई। चूंकि हादसा बामसोली गांव में हुआ तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जल्द ही बचाव कार्य चालू कर दिया गया। इस बीच तुलसी पत्नी संदीप धाकड़ उम्र 28 साल व संजना पुत्री महेंद्र धाकड़ उम्र 11 साल की मौके पर मौत हो चुकी थी, वहीं 18 महिला पुरुष व बच्चे घायल अवस्था में थे। ग्रामीणों ने इन घायलों को अपने निजी वाहनों से सबलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इस बीच गंभीर घायल उर्मिला जादौन पत्नी भगवान सिंह जादौन उम्र 55 साल व नीतू धाकड़ पत्नी रामलखन धाकड़ उम्र 35 साल को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सभी घायल व मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। इन घायलों को सबलगढ़ अस्पताल में चल रहा इलाज जिन घायलों का सबलगढ़ अस्पताल में इलाज किया जा रहा है उनमें प्रीति उम्र 17 निवासी बराकलां, अंजली उम्र 15 निवासी बराकलां, मिथलेश निवासी बस्तौली सहित रामपुरकलां गांव के सावित्री उम्र 60 साल, लक्ष्मीनारायण उम्र 45 साल, ममता उम्र 40 साल, महेंद्र उम्र 34 साल, सोनम उम्र 14 साल, ज्योति उम्र 30 साल, मंजू 35 साल, राजेंद्र उम्र 35 साल, जगदीश उम्र 43 साल, पंकज उम्र नौ माह, शिवानी उम्र 24 साल व कमलेश 45 साल के नाम शामिल है। रिटायर चिकित्सक भी पहुंचे उपचार करने रामपुर क्षेत्र में बड़े सड़क हादसे की सूचना मिलने पर बीएमओ डॉ. राजेश ने पूरे मेडिकल स्टाफ को अस्पताल बुला लिया। इसी बीच सिविल अस्पताल सबलगढ़ से ही रिटायर हुए डा. एमपी गुप्ता को हादसे का पता चला तो वह भी अस्पताल पहुंच गए। जिसके बाद घायलों का इलाज करना शुरू किया। डा. एमपी गुप्ता कुछ दिन पूर्व ही अस्पताल से रिटायर हुए हैं। उनका कहना था कि अस्पताल में डाक्टरों की कमी न हो और घायलों को समुचित इलाज मिले, इसकी वजह से वह भी इस काम में जुट गए।