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मध्य प्रदेश का बड़ा कदम: कॉलेजों में WhatsApp बंद, अब संवाद के लिए आएगा भारतीय एप ‘अरत्तई’

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ग्वालियर वॉट्सएप की जगह स्वदेशी 'अरत्तई' एप लेने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संगीत एवं कला के एक मात्र शैक्षणिक संस्थान ग्वालियर स्थित राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध लगभग 170 कॉलेजों में यह बदलाव किया जा रहा है। इसके मूल में केंद्र सरकार का स्वदेशी अपनाने का आह्वान है। अब कॉलेज स्तर पर की जाने वाली सूचना के आदान प्रदान के लिए सिर्फ 'अरत्तई' एप का उपयोग किया जाएगा। यह निर्णय संस्थान के कुलसचिव अरुण चौहान ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया है। अब संस्थान में होने वाले आधिकारिक सूचना व दस्तावेजों का आदान प्रदान, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए ग्रुप बनाना यह सभी काम पूरी तरह से इसी एप पर होंगे। छात्रों से जुड़ी हर अपडेट को अरत्तई पर बने ग्रुप में ही साझा किया जाएगा इस लिहाज से भी छात्र इसका उपयोग शुरू करेंगे। प्रबंधन का कहना है कि किसी अन्य एप से दस्तावेजों का आदान प्रदान स्वीकार नहीं किया जाएगा।   क्या है 'अरत्तई' अरत्तई भारतीय मैसेजिंग एप है, जिसे जोहो कॉर्पोरेशन ने 2021 में लान्च किया था। अरत्तई एक तमिल शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या गपशप। यह वाट्सएप के भारतीय विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसमें टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, दस्तावेज शेयरिंग, साथ ही वाइस और वीडियो कालिंग की सुविधा मिलती है। ग्रुप चैट, स्टिकर्स और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसी विशेषताएं इसे सुरक्षित और उपयोगी बनाती हैं। सबसे खास बात, इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, जिससे यूजर्स को अधिक प्राइवेसी और भरोसा मिलता है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा स्वदेशी अपनने के क्रम में विश्वविद्यालय यह बदलाव पूरे प्रदेश के स्तर पर करने जा रहा है। वॉट्सएप के उपयोग को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। अगले सप्ताह से यह चलन में आ जाएगा। – अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय।

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रेलवे में रोजगार: 1149 रिक्तियों के लिए आवेदन शुरू

Railway News

ग्वालियर रेलवे में नौकरी का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे ने अप्रेंटिस के 1149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती में न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू। आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। अंतिम तिथि 25 अक्टूबर रखी गई है। ओबीसी और जनरल को ₹100 फीस देनी होगी। वहीं एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूबीडी के निश्शुल्क रखा गया है। किन ट्रेड्स में भर्ती होगी फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एसी मैकेनिक, फार्जर एंड हीट ट्रीटर, कारपेंटर, इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, पेंटरइलेक्ट्रीशियन, वायरमैन। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित ट्रेड में आइटीआइ डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 24 साल तय की गई है। वहीं ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को तीन साल की छूट, एससी, एसटी उम्मीदवारों को पांच साल की छूट और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को श्रेणी अनुसार 10 से 15 साल तक की आयु छूट दी जाएगी।   चयन प्रक्रिया इस भर्ती में किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा। चयन पूरी तरह मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। स्टाइपेंड चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस अवधि के दौरान प्रतिमाह ₹7700 से ₹8050 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

हातोद से इंदौर तक ट्रैक्टर मार्च: किसानों की बड़ी आवाज़ ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के खिलाफ

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इंदौर इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। पहले चरण में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अब किसान सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को हातोद से इंदौर के कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे और योजना को स्थगित करने की मांग करेंगे।   इस सड़क का निर्माण 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए किया जाना है, लेकिन स्थानीय किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सड़क निर्माण के कारण कई किसानों की पूरी जमीन जा रही है और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे में आसपास के दस किमी में कहीं भी जमीन नहीं मिल रही है। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुंच चुका है। किसान नेता बबलू जाधव और कैलाश सोनगरा का कहना है कि सरकार बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना लागू कर देती है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे। इंदौर जिले के 20 गांव प्रभावित इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क में जाएगी। कहीं पूरी जमीन छिन रही है तो कहीं बीचों-बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार भाव से बेहद कम है। ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे। पहले से कई मार्ग, उन्हें करें चौड़ा यह सड़क इंदौर के पितृपर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। सरकार इसे सिंहस्थ के लिए उपयोगी बता रही है, लेकिन किसान इसका विरोध कर रहे हैं। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए। इससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी। गांव-गांव में जुटा रहे जनसमर्थन बीते रविवार को किसानों की बैठक रतनखेड़ी में आयोजित हुई थी। इसमें ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। अब रैली की तैयारी को लेकर किसानों ने गांव-गांव संपर्क और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आठ अक्टूबर को सड़कों पर उतरने और अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। अन्य मांगें भी शामिल रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों की समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।

भरतपुर (कटनी) में बच्चों संग नहाने गए दो सगे भाइयों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत

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कटनी रीठी थाना अंतर्गत भरतपुर गांव में बच्चों के साथ नहाने गए दो सगे भाइयों का तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना से दशहरा पर्व के दिन गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। जानकारी के अनुसार छोटा बरहटा रीठी निवासी सुशील पटेल के बेटे शिवांश लोधी 8 साल और देवांश लोधी 10 साल दशहरा पर अपने मामा के गांव भरतपुर गए हुए थे। लगभग 11 बजे दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ गांव के बाराती तालाब में नहाने गए थे और गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। आसपास के लोगों को बच्चों ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और दोनों बच्चों की तालाब में खोजबीन की गई और पुलिस को भी सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से तालाब में एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को खोज लिया गया और स्वजनों उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी लेकर पहुंचे।   यहां दोनों को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बरेहटा गांव में मातम छा गया तो वहीं हृदय विदारक घटना से भरतपुर में भी मातम छाया रहा। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं और मामले की जांच कर रही है।

बेटियों की सुरक्षा फेल: मध्य प्रदेश में भ्रूण और शिशु हत्या के मामलों में देश में अव्वल, NCRB रिपोर्ट

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भोपाल भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, भ्रूण हत्या रोकने के तमाम प्रयास के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और माता-पिता द्वारा बच्चों को छोड़ने के मामले में देश में अव्वल राज्य मध्य प्रदेश है। NCRB की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में उक्त तीन प्रकृति के 196 मामले सामने आए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर UP दूसरे नंबर पर 156 प्रकरणों के साथ महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर 112 प्रकरणों के साथ उत्तर प्रदेश है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के कानूनी प्रविधानों को लेकर उचित जानकारी का अभाव और बच्चे के लिंग को लेकर सामाजिक दबाव इसकी बड़ी वजह है। एक समय था जब मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात 912 पर आ गया था। जानकारों ने इसकी वजह भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात को बताया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली लक्ष्मी' योजना प्रारंभ की। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बेटियों के हित में कई योजनाएं प्रारंभ की गई, जिससे लोग उन्हें बोझ न मानें। इसके बाद भी प्रदेश का शिशु लिंगानुपात 917 है। यानी, प्रति हजार बेटों पर 917 बेटियां ही पैदा हो रही हैं, जबकि प्राकृतिक तौर पर यह आंकड़ा 950 से ऊपर होना चाहिए। बच्चों की हत्या के सर्वाधिक मामले में MP को मिला ये स्थान छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश में वर्ष 2023 में छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या कर दी गई। हत्या के सर्वाधिक मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हत्यारों ने 1832 लोगों की जान ले ली, जिसमें 706 मामलों में विवाद के कारण हत्या की गई। 121 प्रकरणों में हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और 103 में संपत्ति का विवाद रहा है। प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की सर्वाधिक 227 घटनाएं उत्तर प्रदेश, 144 गुजरात और 138 महाराष्ट्र में हुईं। मध्य प्रदेश में 30-45 आयु वर्ग के 666 लोगों की हत्या हुई। दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश को मिला स्थान ए्ससी के साथ दुष्कर्म के 560 मामले, देश में तीसरे नंबर पर एसटी के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर तो है ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2023 में 560 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 176 में पीड़िता नाबालिग थीं।

माता की मूर्ति विसर्जन यात्रा में बवाल, मुस्लिम युवकों ने किया पथराव

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बुरहानपुर नेपानगर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में गुरुवार को पूरी तरह शांति बनी रही। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से माता की मूर्तियों का विसर्जन किया। पुलिस ने मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव करने के आरोप में गांव के दस लोगों पर छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन को नेपानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बता दें कि बुधवार शाम जवारा और माता मूर्ति विसर्जन के दौरान लाउड स्पीकर बजाने को लेकर धर्म विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे दुर्गोत्सव समित के एक पदाधिकारी का सिर फूट गया था। मां दुर्गा की छोटी मूर्ति खंडित हो गई थी। इसके बाद विहिप बजरंग दल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नावरा पुलिस चौकी का घेराव कर दिया था।   सूचना मिलने पर नेपा विधायक मंजू दादू, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे थे। भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण रात करीब एक बजे तक गांव छावनी में तब्दील था। मामला शांत होने के बाद भी कुछ पुलिस कर्मियों को गांव में अब भी तैनात किया गया है। इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला     नेपानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान खान, लड्डू खान, शाकिर गुलाब, मुख्तयार लियाक़त, जलील रमजान, खालिक मोहम्मद, इलियास इशाक, अकील खान, हमिद हुसैन, सोएब सभी निवासी नयाखेड़ा के खिलाफ धारा 190, 191(2), 296, 299, 351(3) और 115(2) के तहत केस दर्ज किया है। रात में कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीणों को समझाइश देकर जवारों का विसर्जन कराया गया। खंडित मूर्ति को गुरुवार को प्रशासन के मौजूदगी में विसर्जित किया गया। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि शांति भंग करने वाले आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। नदीम किराना के पास हुई घटना     मुख्य शिकायतकर्ता मुकेश कीर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद जैसे ही माता की मूर्ति और जवारे नदीम किराना दुकान के पास पहुंचे, इरफान खान ने गालियां देते हुए लाउड स्पीकर बंद करने के लिए कहा। मना करने पर उसने पत्थर चलाना शुरू कर दिया।     उसके बाद उसने समाज के अन्य लोगों को बुला लिया और सभी ने पथराव शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसके पिता ओमप्रकाश कीर से भी मारपीट की। इस दौरान दीपेश चौहान, शंकर चौहान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

उज्जैन में दर्दनाक हादसा, 12 वर्षीय बच्चे ने ट्रैक्टर चालू किया, नदी में डूबे 7 लोग

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उज्जैन उज्जैन जिले में इंगोरिया के पास देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक ट्रैक्टर ट्राली चंबल नदी में गिर गई। हादसे में 8 लोग पानी में डूब गए। इनमें से 7 लोगों को बचा लिया गया और एक लापता है। घायल 4 लोगों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि इंगोरिया के पास कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्राली में देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। वहां एक 12 वर्ष के बच्चे ने गलती से ट्रैक्टर की चाबी घुमा दी। इससे ट्रैक्टर चालू हो गया और आगे बढ़ गया, जिससे ट्रैक्टर नदी में गिर गया। इस दौरान ट्रैक्टर में सवार लोग भी पानी में गिर गए। तत्काल 7 लोगों को बचा लिया गया। एक व्यक्ति का लापता बताया जा रहा है, जिसकी खोजबीन जारी है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों के साथ बचाव अभियान में जुटी हुई है। 4 घायलों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया।   सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे में घायल हुए कुछ लोगों को इलाज के लिए गौतमपुरा अस्पताल भेजा गया है। तीन लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। जानकारी के मुताबिक इंगोरिया के पास ये लोग देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी हुई थी, इसी दौरान एक बच्चे ने ट्रैक्टर की चाबी घुमाकर उसे स्टार्ट कर लिया। इसके बाद ट्रैक्टर दौड़ पर और ट्राली सहित नदी में डूब गया।  

रोजगार की अलख जगाते गांधी सेवा आश्रम: 1278 परिवारों के जीवन में आया बदलाव

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मुरैना जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में 53 साल पहले महात्मा गांधी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने बंदूकें डालकर आत्मसमर्पण किया था। यह आश्रम अब गांधीवादी विचारों की अलख ही नहीं जगा रहा, बल्कि मुरैना से लेकर दूसरे प्रांतों के गरीब परिवारों को रोजगार भी दे रहा है। चंबल से लेकर उत्तराखंड, बिहार और असम तक 1278 परिवारों को तीन दशक से भी ज्यादा समय से कुटीर उद्योगों से जोड़कर रोजी-रोटी मुहैया करवा रहा है। कहां-कहां मिला लोगों को रोजगार आश्रम जौरा से लेकर मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में 1130 परिवारों को साढ़े तीन दशक से रोजगार दे रहा है। इनमें 325 परिवार सूत कताई व खादी की बुनाई का काम कर रहे हैं। 805 परिवार मधुमक्खी पालन से आजीविका चला रहे हैं। इनके अलावा रोजगार की यह मुहिम उत्तराखंड में 50 परिवारों का भरण पोषण कर रही है। उत्तराखंड में यह परिवार कालीन बुनाई व अगरबत्ती बनाने का काम करते हैं। असम के 50 परिवार साड़ी, चादर व साफी बनाने का काम करते हैं, वहीं बिहार में गांधी सेवा आश्रम से जुड़कर 48 परिवार दौरी (बांस की टोकरी) बनाने का काम करते हैं। एक चक्की से शुरू हुआ रोजगार का चक्का आश्रम में सबसे पहले आटा चक्की लगाई गई थी। रोजगार की यह चक्की ऐसी चली कि गांधी सेवा आश्रम में आज खादी बनाने से लेकर सरसों तेल, मधुमक्खी पालन से शहद, केंचुआ खाद, स्वदेशी साबुन आदि सामान बनाए जा रहे हैं। यहां बनने वाले उत्पाद खादी ग्रामोद्योग, मप्र की जेलों में, पुलिस महकमे को, पुणे के प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, उज्जैन के बाल आश्रम सहित कई जगहों पर सप्लाई होते हैं। जिनकी बंदूक उगलती थी आग, वो बना रहे केंचुआ खाद आश्रम में काम करने वाले पूर्व दस्यु बहादुर सिंह कुशवाह माधौसिंह-हरिविलास गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्य थे। यह पूर्व दस्यु अब यहां केंचुआ खाद बनाने का प्रशिक्षण देकर किसानों को खाद बनाना सिखा रहा है। इसी तरह पूर्व दस्यु सोनेराम भी आश्रम से जुड़कर बागवानी का काम कर रहे हैं। आश्रम प्रबंधक प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को गांधीवादी विचारों से जोड़ने के साथ गरीब परिवारों को कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। आश्रम का प्रयास देश के अन्य राज्यों से भी धीरे-धीरे जुड़ रहा है। 27 सितंबर 1970 को बना था गांधी सेवा आश्रम गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव के प्रयासों से 14 अप्रैल 1972 को समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती देवी की मौजूदगी में गांधीजी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने आत्मसमर्पण किया था। जौरा में जिस जगह पर डकैतों ने आत्मसमर्पण किया, वहां 27 सितंबर 1970 को गांधी सेवा आश्रम बना था।

शहडोल के फुटबॉल सितारे जर्मनी के लिए रवाना, सीएम मोहन यादव ने दी शुभकामनाएँ

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शहडोल शहडोल जिले के विचारपुर गांव जिसे मिनी ब्राज़ील कहा जाने लगा है वहां के पांच फुटबॉल खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिले। यह खिलाड़ी और कोच जर्मन में 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक फुटबॉल खेल की बारीकियां सीखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर की 'मिनी ब्राजील' फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।   मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनके प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विचारपुर की फुटबॉल टीम शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी प्रदेश की असाधारण खेल प्रतिभा का परिचायक हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करें। विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के इस विशेष अवसर के लिए विचारपुर से कुल पांच खिलाड़ी और एक महिला प्रशिक्षक का चयन किया गया है। इनमें लक्ष्मी सहीस (प्रशिक्षक, 31 वर्ष),सानिया कुशवाहा (खिलाड़ी, 14 वर्ष),सुहानी कोल (खिलाड़ी, 15 वर्ष),प्रीतम कुमार (खिलाड़ी, 14 वर्ष) वीरेंद्र बैगा (खिलाड़ी, 16 वर्ष),मनीष घसिया (खिलाड़ी, 16 वर्ष) के नाम शामिल हैं। प्रधानमंत्री से मिली वैश्विक पहचान विचारपुर की फुटबॉल टीम को यह पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई 2023 को मन की बात कार्यक्रम में मिली थी। प्रधानमंत्री ने विचारपुर को ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में उल्लेखित किया था। इसके बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 ने विचारपुर के पांच खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में किया शस्त्र पूजन शक्ति स्वरूपा मां काली की पूजा अर्चना और वाहनों की विधि-विधान से की पूजा

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मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सुरक्षा स्टॉफ सहित अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विजयादशमी पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वस्त्र धोती कुर्ता धारण कर, शक्ति स्वरूपा मां काली की विधि-विधान से पूजा अर्चना की तथा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने शक्ति-साहस और विजय के प्रतीक के रूप में शस्त्रों का पूजन किया तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री समीर यादव का तिलक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के वाहनों की पूजन भी की। मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारियों सहित मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ समस्त अधिकारियों और स्टाफ शस्त्र पूजन में सहभागी बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को प्रसाद स्वरूप मिष्ठान खिलाकर दशहरे की मंगलकामनाएं और बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना के बाद प्रदेशवासियों के लिए संदेश दिया। उन्होंने प्रभु श्रीराम तथा महिषासुर मर्दिनी मां जगदम्बा का स्मरण करते हुए कहा कि यह महापर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर यही कामना है कि सब पर प्रभु कृपा बनी रहे और हमसे सदैव सभी का मंगल ही मंगल हो। शस्त्र पूजा के लिए समत्व भवन में हुई विशेष साज-सज्जा समत्व भवन में शस्त्र पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। पूजा स्थल पर लगे बैकड्राप पर प्रभु श्रीराम की धनुर्धर मुद्रा व भयाक्रांत रावण के चित्र और ''या देवी सर्व भूतेषू मातृ रूपेण संस्थिता-नमस्तस्यै-नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:'' मंत्र के माध्यम से शक्ति के स्वरूप की आरधना का अंकन किया गया था। "शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे-शास्त्र चिंता प्रवर्तते" अर्थात शस्त्र से रक्षित राष्ट्र ही शास्त्र चिंतन के माध्यम से समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है, की पंक्ति शस्त्र पूजा का महत्व अभिव्यक्त कर रही थी। पुलिस द्वारा उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक शस्त्र पूजन के लिए रखे गए थे। मुख्यमंत्री निवास में हुई शस्त्र पूजा में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।