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बरेली में बिजली चोरी पर ताबड़तोड़ ऐक्शन, सपा पार्षद समेत 8 पर भारी जुर्माना

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बरेली मौलाना तौकीर रजा के रिश्तेदार मोहसिन रजा, सपा पार्षद ओमान खान, पूर्व पार्षद मो. नदीम समेत आठ लोगों के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई। बिजली निगम और विजिलेंस टीम ने सभी आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ 1.12 करोड़ का जुर्माना लगाया है। छापेमारी में टीम को अवैध रूप से ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन, घरों में डायरेक्ट कटिया डालकर बिजली चोरी मिली। जांच में 77.1 किलोवाट की बिजली चोरी मिली। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि बानखाना मोहल्ले के रजा चौक में बिजली चोरी की जानकारी पर अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता रेड वर्टिकल को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। शहर के हालात देखते हुए डीएम, एसएसपी को सूचना देकर पुलिस फोर्स की मांग की गई। 50 पुलिसकर्मियों, सीओ सीटी, एसडीएम सदर की मौजूदगी में अधिशासी अभियंता एचआर वर्टिकल रामलाल, विजिलेंस प्रभारी प्रवर्तन प्रथम दल विक्रम सिंह ने पूरी टीम के साथ चेकिंग की। चेकिंग में पांच परिसरों में 93 ई-रिक्शा, बिजली के पोल से सीधा कटिया डालकर 77 किलोवाट की बिजली चोरी करते पकड़े गए। सभी अवैध केबल काटकर कब्जे में लिया गया। इसके अलावा तीन घरों में सीधे केबल डालकर बिजली चोरी पकड़ी गई। टीम ने सपा पार्षद ओमान रजा के यहां 10.5 किलोवाट, पूर्व पार्षद मो. नदीम के यहां 9.8 किलोवाट, बरकत रजा खान के यहां 17.5 किलोवाट, मोहसिन रजा के यहां 14.7 किलोवाट, वसीम खान के यहां 12.6 किलोवाट, पूर्व पार्षद ओमान रजा के दूसरी जगह पर चार किलोवाट, मो. हसीन के यहां चार किलोवाट, यासीन मियां के यहां चार किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी गई। ड्रोन से पकड़ी गई चोरी बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और नगर निगम की ओर से की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान चलाए गए ड्रोन से बिजली चोरी पकड़ी गई। मौके पर कार्रवाई को पहुंची बिजली निगम की टीम ने छतों पर जाकर देखा तो घरों में विद्युत आपूर्ति को अलग-अलग फेस के कुंडे बने हुए थे।  

कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद

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बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद गोरखपुर मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के बारी-बारी पांव धोये। दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और दुर्वा से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने एक छह माह की बच्ची के भी पांव पखारे और पूजन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को भी तिलक लगाया और माला पहनाकर अंगवस्त्र ओढ़ाया। पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद सीएम योगी ने अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। सभी को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दिया गया।  कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने अपने महराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्हीं बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इस दौरान सीएम योगी के हाथों दक्षिणा मिलने से ये बालिकाएं काफी प्रफुल्लित दिखीं। पूजन के बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम निरंतर संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी बालक-बालिका की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देशित करते रहे।  कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की।

1,21,103 बालिकाओं को प्रशिक्षित सरकारी चिकित्साकर्मियों से मिले स्वास्थ्य टिप्स

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मिशन शक्ति 5.0: बालिकाओं ने सरकारी अस्पतालों का भ्रमण कर सीखी स्वास्थ्य सुरक्षा की बारीकियां  प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण 1,21,103 बालिकाओं को प्रशिक्षित सरकारी चिकित्साकर्मियों से मिले स्वास्थ्य टिप्स   स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा – व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी – सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना।  मिशन शक्ति 5.0 ने बालिकाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया और उन्हें स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। यह पहल न केवल उनके विश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाती है, बल्कि समाज में सशक्त नारी की नींव भी मजबूत करती है। – मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

स्कॉलरशिप अलर्ट: सरकार दे रही है मासिक आर्थिक सहायता, अभी करें आवेदन

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कासगंज राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की तिथि शासन स्तर से बढ़ा दी गई है। यह परीक्षा अब नौ अक्टूबर को होगी। इसके लिए आनलाइन आवेदन चार अक्टूबर तक किए जाएंगे। कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अभी से तैयारियां में जाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति योजना परीक्षा 2026-27 की लिखित परीक्षा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। परीक्षा की तिथि में परिवर्तन किया गया है। नौ अक्टूबर को परीक्षा का जिले में आयोजन होगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार अक्टूबर कर दी गई है। निर्धारित तिथि पर आनलाइन आवेदन किए जाएंगे। आवेदनों की जांच एवं संशोधन के लिए पांच से सात अक्टूबर तक तिथि का निर्धारण किया गया है। कक्षा सात की परीक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीण करने वाले विद्यार्थी पात्र माने जाएंगे। एससी और एसटी के लिए पांच प्रतिशत की छूट होगी। राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त स्थानीय निकाय के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा आठ के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिन अभिभावकों की वार्षिक आय तीन लाख 50 हजार से अधिक होगी उन्हें अपात्र माना जाएगा। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उत्तीर्ण प्रतिभागी को दिए जाएंगे। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिक से अधिक आवेदन कराएं जा रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।

चारधाम यात्रा का समापन करीब: गंगोत्री-यमुनोत्री बंद होने की तिथि पढ़ें तुरंत

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उत्तराखंड  उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की तिथियां पंचांग के अनुसार निर्धारित कर दी गई हैं। गंगोत्री धाम: 22 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 22 अक्तूबर को बंद किए जाएंगे। कपाट अन्नकूट पर्व पर, सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में विधिविधान के साथ बंद होंगे।  कपाट बंद होने के बाद, मां गंगा की भोगमूर्ति को विग्रह डोली में आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना किया जाएगा। डोली 22 अक्तूबर की रात्रि में मार्कडेंय मंदिर में विश्राम करेगी और अगले दिन, 23 अक्तूबर को दोपहर में मुखबा गांव पहुंचेगी, जहां गंगा मंदिर में मूर्ति स्थापित की जाएगी।  गंगोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि कपाट बंद करने की तिथि और मूहूर्त नवरात्र के शुभ अवसर पर पंचांग के अनुसार निकाले गए हैं। यमुनोत्री धाम: भैयादूज पर 23 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के शुभ अवसर पर 23 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि कपाट बंद करने का मूहूर्त दो अक्तूबर को विजयदशमी के पर्व पर पंचांग के अनुसार निकाला जाएगा। इन तिथियों की घोषणा के साथ ही, प्रशासन और मंदिर समितियों ने यात्रा के अंतिम चरण की तैयारियों को तेज कर दिया है। लाखों तीर्थयात्रियों की आस्था के केंद्र दोनों धामों के कपाट बंद होने के बाद, अगले छह माह तक श्रद्धालु मां गंगा और मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर कर सकेंगे।