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गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025, मिशन रोजगार के तहत योगी सरकार युवाओं को लगातार दे रही है विदेशों में रोजगार के अवसर

रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ,  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है। बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

योगी बोले- यूपी आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम

 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ वाराणसी, अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है। सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

बरेली मामला — सात संदिग्धों की तलाश जारी; किसी के पास खबर हो तो मिल सकता है 15 हजार का इनाम

बरेली  उत्तर प्रदेश पुलिस ने इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के नेता तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 15-15 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है. ये सभी पिछले महीने 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर को लेकर भड़की हिंसा के सिलसिले में फरार हैं. बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने रविवार को बताया कि 26 सितंबर को भड़की हिंसा के बाद दर्ज की गई एफआईआर में सात लोगों के नाम हैं. वांछित सूची में शामिल लोगों में इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के युवा जिला अध्यक्ष साजिद सकलानी, शहर युवा अध्यक्ष अल्तमस राजा, अफजल बेग, नायाब उर्फ ​​निम्मा, बबलू खान, नदीम और अदनान सकलानी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, साजिद और अल्तमस बारादरी थाने में दर्ज मामलों में वांछित हैं, जबकि अफ़ज़ल बेग किला और बारादरी थानों में दर्ज मामलों में वांछित है. पुलिस ने बताया कि नायाब उर्फ़ निम्मा और बबलू खान बारादरी थाने में हिस्ट्रीशीटर के रूप में सूचीबद्ध हैं, जबकि नदीम पर सामूहिक बलात्कार का भी आरोप है. पुलिस ने पीटीआई को बताया कि अदनान सकलानी ने कथित तौर पर युवकों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाया था. एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. पुलिस अफसर ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी. आपको बता दें कि यह विवाद 9 सितंबर को तब शुरू हुआ जब कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को एक धार्मिक जुलूस के दौरान 'आई लव मुहम्मद' लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. बरेली में 26 सितंबर को उस वक्त तनाव फैल गया, जब 'आई लव मुहम्मद' पोस्टरों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन रद्द होने के बाद शुक्रवार की नमाज के बाद शहर के मध्य में स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब पुलिस ने खलील तिराहे पर भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो झड़पें शुरू हो गईं. पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया. झड़पों में कई लोग घायल हो गए थे. पुलिस जांच में बाद में पता चला कि आईएमसी के कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में दंगे भड़काने की कथित तौर पर साजिश रची थी. पुलिस ने अब तक इस मामले में 80 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान, राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता नफ़ीस, पूर्व ज़िला अध्यक्ष नदीम खान, सोशल मीडिया प्रभारी फरहत खान, शहर अध्यक्ष अनीस सकलानी, संस्थापक सदस्य मोइन सिद्दीकी, पूर्व ज़िला अध्यक्ष मुनीर इदरीशी और ज़िला अध्यक्ष शमसाद शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के सिलसिले में कोतवाली, कैंट, बारादरी, प्रेमनगर और किला थानों में दस एफआईआर दर्ज की गईं हैं, जिनमें 125 लोगों को नामज़द किया गया और लगभग 3,000 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद: जनसुनवाई कार्यक्रम का मंडल मुख्यालय में 6 अक्टूबर को किया गया शुभारंभ, महिला अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं

– मंडलायुक्त ने कई अधिकारियों को जनसुनवाई के दौरान किया तलब, तत्काल समस्या के निस्तारण के दिये निर्देश – विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समस्या के निस्तारण के लिए व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र – मंडलायुक्त बोले, व्हाट्सएप पर भेजे गये सभी प्रार्थना पत्र को अधिकारी गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करें लखनऊ/गोंडा, योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में साेमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद”, संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंडल के चार जिलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) से आईं 45 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्या साझा की। मंडलायुक्त ने महिलाओं की समस्या सुनने के साथ कई मामले के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिये। इतना ही नहीं अधिकारी महिलाओं की समस्या के निस्तारण के लिए खुद उनके द्वार पर जाएंगे क्योंकि कार्यक्रम में कई महिलाएं ऐसी आईं, जो अपनी समस्या की बेसिक चीजें बताने में असमर्थ थीं। संवाद कार्यक्रम में चार महिलाओं की समस्या का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के तहत देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इतना ही नहीं महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महिलाएं हैं। मंडलायुक्त ने संवाद कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर फूड को किया तलब देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मंडल की विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर सोमवार को “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 6 अक्टूबर सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें मंडल के चार जिलों क्रमश: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती से 45 से अधिक महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विस्तार से अपनी समस्याओं को बताया। इसमें भूमि विवाद, चकरोड मार्ग, राशन कार्ड, आवास समेत अन्य विभागीय मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रूप से सामने आए। मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर जल्द से जल्द किया जाए। मंडलायुक्त ने राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं काे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर फूड विजय प्रभा को तत्काल आफिस बुलाया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर फूड को निर्देशित किया कि राशन कार्ड से संबधित समस्याओं को दो से तीन दिन के अंदर निस्तारित करें और उन्हे सूचित करें। महिला अधिकारियों को अपने बीच पा गदगद नजर आईं महिलाएं महिला जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की सुविधा के लिए महिला हेल्प डेस्क की स्थापना भी की गई थी। यह डेस्क उन महिलाओं के लिए सहायक साबित हुई जो स्वयं प्रार्थना पत्र लिखने में असमर्थ थीं। हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को सुनकर उचित प्रारूप में आवेदन तैयार कराया और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पहल से महिलाओं को बड़ी राहत मिली और वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकीं। जनसुनवाई में नाजरीन, लक्ष्मी देवी, पूनम, सीमा, चंदा देवी, काजल, विनीता, राजकुमारी, मोनिका और उमा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपनी समस्याओं को सीधे आयुक्त के समक्ष रखकर त्वरित निस्तारण की उम्मीद जताई। महिला अधिकारी अपर आयुक्त न्यायिक देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त खाद्य देवीपाटन विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने जनसुनवाई को और अधिक संवेदनशील एवं भरोसेमंद बनाया। मंडलायुक्त के आदेश पर समस्या के निस्तारण को व्हाट्सएप पर भेजा गया प्रार्थना पत्र जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कई अधिकारियों को फोन पर ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द निस्तारण कर आख्या उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इससे महिलाओं में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।  विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच मिल गया है। इसके साथ ही मंडल के जिलों के अधिकारियों के व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र भेजे गये ताकि मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा सके। इतना ही नहीं महिलाओं को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान कई महिलाओं ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 को लेकर अपने सुझाव भी दिये।

यूपी में ATS की बड़ी सफलता: मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा के सहयोगियों को किया गिरफ्तार

लखनऊ यूपी एटीएस (अतिरिक्त पुलिस सेवा) ने मुजाहिदीन आर्मी नाम के सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा और उसके साथियों की खोजबीन जारी है। सोमवार को एटीएस की टीम ने छापेमारी कर मोहम्मद रजा से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ जारी है। मास्टरमाइंड ने भेजे थे 300 से ज्यादा भड़काऊ वीडियो एटीएस की जांच में पता चला है कि मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप के कई ग्रुप में 300 से अधिक भड़काऊ वीडियो भेजे थे। इन वीडियोज में लोगों को दूसरे धर्म के खिलाफ उकसाने का काम किया जा रहा था। साथ ही यह दिखाया जा रहा था कि कैसे एक संप्रदाय के लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं। वीडियो के अलावा मोहम्मद रजा ने कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी ग्रुप के सदस्यों को संबोधित किया था और उन्हें भड़काया था। साजिश का मकसद था हिंसक जिहाद से देश में शरिया सरकार बनाना एटीएस ने अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद हिंसक जिहाद कर देश में शरिया सरकार बनाना था। मोहम्मद रजा और उसके साथी युवकों को उकसाकर अलग-अलग जगह हिंसा भड़काना चाहते थे। 3 युवकों को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी सोमवार को एटीएस ने मुजाहिदीन आर्मी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें तीन और युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से एटीएस मुख्यालय पर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पता चला है कि ये युवकों ने कई बार मोहम्मद रजा से संपर्क किया था और उसके आदेश मानते थे। एटीएस ने कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए दर्जनों नंबरों पर नजर रखी हुई है। इसके जरिए केरल और यूपी के अन्य शहरों में मोहम्मद रजा के संपर्क में रहने वालों की जानकारी जुटाई गई है। केरल में भी एटीएस की टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की है। वहीं, फतेहपुर में भी एटीएस की टीम ने हाल ही में छापेमारी की है। मोहम्मद रजा को जल्द लिया जा सकता है कस्टडी रिमांड पर मोहम्मद रजा को जल्द ही कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए एटीएस सोमवार को अदालत में अर्जी दे सकती है ताकि उससे लंबी पूछताछ की जा सके और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।  

भाजपा का काम जोड़ना, सपा-कांग्रेस का काम है तोड़नाः योगी

स्वच्छताकर्मियों का कोई शोषण नहीं कर पाएगा, जल्द ही उनके अकाउंट में आएंगे 16 से 20 हजार रुपयेः मुख्यमंत्री  स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छाग्रहियों का किया सम्मान, स्वच्छता किट भी वितरित की  सफाई मित्रों पर की पुष्पवर्षा, स्कूली बच्ची संग खिंचवाई फोटो भाजपा का काम जोड़ना, सपा-कांग्रेस का काम है तोड़नाः योगी  भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाताः मुख्यमंत्री  सीएम ने किया कटाक्ष- बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः बोले- जो जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहेगा, जनता उसे आशीर्वाद देती रहेगी सीएम का आह्वान- इस दीपावली हर गरीब के घर पहुंचाएं मिठाई  वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाता हैं। वे हम सभी के रोम-रोम और श्वांस-श्वांस में भगवान राम का वास कराने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि भी हैं। महर्षि वाल्मीकि दुनिया के पहले सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य को रचने वाले आदिकवि भी हैं। सीएम ने कहा कि ऑर्डर जारी होने वाला है, कुछ ही दिनों के अंदर स्वच्छताकर्मियों के अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये जाएंगे। कोई उनका शोषण नहीं कर पाएगा। सारी तैयारियां चल रही हैं, पोर्टल तैयार हो रहे हैं। स्वच्छता कर्मियों व स्वच्छता मित्रों को पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत के कार्ड की स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। जो सबके स्वास्थ्य की रक्षा करता है, हमारी कोशिश है कि उसके लिए भी सरकार के स्तर पर प्रयास हो।  सीएम योगी सोमवार को सरोजा पैलेस, पिपलानी कटरा में स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छता मित्रों का सम्मान और स्वच्छता किट का वितरण किया। सीएम ने सफाईमित्रों पर पुष्पवर्षा भी की। एक बच्ची ने सीएम के साथ फोटो भी खिंचवाई।  मौके पर जनता की सुनवाई करते हैं जनप्रतिनिधि तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है  सीएम योगी ने कहा कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चला। 17 को आधुनिक भारत के शिल्पी, प्रधानमंत्री और काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी,  25 को अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय और दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन जन्मदिन रहा। इस दौरान भाजपा ने अखिल भारतीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम किए। इस श्रृंखला में तीन महीने पहले से 75 दिन के इस अभियान को लेकर डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इसे प्रारंभ किया और एक-एक मोहल्ले में जाकर स्वच्छता के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। हर जनप्रतिनिधि (पार्षद, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, चेयरमैन, महापौर, विधायक या सांसद) इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे। सीएम ने कहा कि जनता-जनार्दन से अक्सर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि चुनाव आ गया तो दिखाई दे रहे हैं। बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः, लेकिन जहां जनप्रतिनिधि थोड़े भी जागरूक हैं। मौके पर जाकर जनता की सुनवाई करते हैं तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है।  समाधान की चर्चा करते हैं तो रास्ता निकलता है  मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सबके सामने कठिनाई आती है,  लेकिन जब हम समाधान की चर्चा करते हैं तो इसका रास्ता निकलता है। समस्या को समस्या की दृष्टि से देखते हैं तो वह समाधान की तरफ नहीं बढ़ पाती। आप समाधान की तरफ सोचेंगे तो समस्या को सदैव के लिए समाप्त कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय निकालकर मौके पर जाना पड़ेगा। 75 दिन की यात्रा के दौरान एक-एक मोहल्ले में जाना, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अभियान का हिस्सा बनना, चौपाल लगाना, स्वच्छता के कार्यक्रम को बढ़ाना अद्भुत कार्य है।  स्वच्छ भारत अभियान ने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की  सीएम ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री ने देश में स्वच्छ भारत अभियान का आगाज किया था। उनका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना था। प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने हाथ में झाड़ू लिया था। हम देश और मातृभूमि को गंदा नहीं होने देंगे। सबसे पहले स्वच्छता अभियान चला। 12 करोड़ घरों में एक-एक शौचालय बनाने से 60 करोड़ लोगों को लाभ मिला। यह बहुत बड़ा कार्य है। यह क्रम लगातार बढ़ता रहा। शौचालय बनाने का मतलब स्वच्छता के प्रति हर नागरिकों को आग्रही बनाना और नारी गरिमा की रक्षा करना भी था। इस सीजन में गांवों में पैदल नहीं जाया जा सकता था। रास्तों में बदबू आती थी, लेकिन 2014 के बाद परिवर्तन आया तो आज गांव और वार्ड भी साफ-सुथरे हैं। इसने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की। भारत के बारे में लोगों की सोच में परिवर्तन लाया गया। आज दुनिया भारत के बारे में अच्छा सोचती है।  स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला  सीएम योगी ने कहा कि गंदगी से होने वाली अनेक बीमारियों से लोगों को राहत मिली। प्रधानमंत्री ने उपचार के लिए आयुष्मान भारत की सुविधा दी। तमाम बीमारियां गंदगी के कारण पैदा होती थीं, लेकिन स्वच्छता से जुड़ने का परिणाम रहा कि उन बीमारियों से राहत मिली तो घर में बचत भी हुई। स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला है। पीएम ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों से कहा कि हमें भारत को विकसित बनाना है। इसके लिए शताब्दी संकल्प अभियान के साथ जोड़ा गया। देश जब आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस समय हमें विकसित,  समर्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत चाहिए। दुनिया का कोई देश भारत की तरफ आंख टेढ़ी करके नहीं देख सकता। यह केवल पीएम का नहीं, सभी भारतवासियों का संकल्प है। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी काशीवासियों की ही है, क्योंकि संसद में मोदी जी काशी का ही प्रतिनिधित्व करते हैं।  स्वच्छता के आधार और मित्र हैं स्वच्छता कर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी दक्षिण के कार्यकर्ताओं व स्वच्छता मित्रों का अभिनंदन किया और 75 दिन तक चले इस कार्यक्रम को अद्भुत बताया। बोले- यह कार्य नई प्रेरणा व नया प्रयोग भी है। … Read more

सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया

शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगाः योगी मुख्यमंत्री ने  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया  सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगाः मुख्यमंत्री बोले- आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही प्रदेश सरकार सीएम ने अन्नपूर्णा मठ के कार्यों की सराहना की, बोले-समाज निर्माण को मजबूती और बालिकाओं को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर कर रहा मठ वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगा। सनातन धर्म ही लोकमंगल,  लोककल्याण के साथ सभी की सुरक्षा व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगा।  मुख्यमंत्री ने सोमवार को  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का वितरण किया। उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हाथों से भी सम्मानित किया। सीएम योगी ने यहां पौधरोपण किया और गोशाला में गायों को चारा,  गुड़ व फल खिलाया। सीएम ने बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि दीपावली के पूर्व मिला यह उपहार मां अन्नपूर्णा की कृपा है। उन्होंने बच्चों को हिदायत भी दी कि कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी है। हमें सकारात्मक रूप से ज्ञान को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जो जीवन को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे सके।  आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संस्कृत का अध्ययन करते हुए अनवरत भारतीय संस्कृति व परंपरा के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। कंप्यूटर का भी आधुनिक ज्ञान ले रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि विज्ञान, गणित व अंग्रेजी की भी जानकारी ले लें,  सेना, अर्धसेना व पुलिस बल में धर्मगुरुओं की बड़ी संख्या निकलती है। आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी। संस्कृत के बिना किसी का काम नहीं चलेगा।  आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही सरकार सीएम ने कहा कि संस्कृत के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति नहीं थी। यूपी में हमने प्रयास किया और संस्कृत पढ़ने वाले हर छात्र के लिए छात्रवृत्ति जारी की। आने वाले समय में व्यवस्था करने जा रहे हैं कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था में सरकार अनुदान देगी। संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए भी विशिष्ट छात्रवृत्ति जारी करने वाले हैं। हमारा उद्देश्य है कि संस्कृत में पढ़ने-पढ़ाने और शोध को बढ़ाने वाले छात्रों के साथ अच्छे विद्वान भी बढ़ा सकें। संस्कृत में वेद और व्याकरण भारत की विशिष्ट देन है। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ था। पाणिनी वहीं की देन हैं। पाणिनी के व्याकरण में उस समय के इतिहास, परंपरा व भारत के बारे में विस्तृत अध्ययन प्राप्त होता है।  भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को दिया सर्वोच्च स्थान  मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा कि जब मां अन्नपूर्णा, बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा बरसती है तो ऐसे ही शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त हो जाते हैं। इस संस्थान की स्थापना के 108 वर्ष होने के साथ आज शरद पूर्णिमा से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन यूपी सरकार के मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) को भी जोड़ रहा है। भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सर्वोच्च स्थान दिया है। सनातन धर्म की परंपरा सदैव से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करती रही है। भारत में हमने धऱती को भी मां के रूप में पूजा है। मां गंगा को सबसे पवित्र नदी मानकर आराधना की है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव व जीव-जंतु को खाने को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी गरिमा को दिया महत्व  सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नारी गरिमा को महत्व दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,  12 करोड़ घर में शौचालय, देश में चार करोड़ व यूपी में 60 लाख लोगों को छत दी गई। जब बरसात,  सर्दी में लोगों के सिर पर छत नहीं होती थी, तब घर की महिला परिवार की लाज बचाती थी। एलपीजी के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन फ्री में उपलब्ध हुए। अब तो काशी में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो गई है। यह काशी की प्रगति दिखती है। गांव में पहले यदि गरीब का घर टूट जाता था तो दोबारा मकान बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। दबंग मकान नहीं बनने देता था। सीएम ने घरौनी की चर्चा की और कहा कि तीन करोड़ परिवारों को जहां पर उसका आवास है, वहीं उसका मालिकाना अधिकार दे दिया गया। यह अधिकार घर की महिला सदस्य को दिया गया।  हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का हो रहा कार्यक्रम  मुख्यमंत्री ने कहाकि शिक्षा, स्वास्थ्य,  स्किल मिशन, रोजगार समेत जीवन के हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम नारी रक्षा के साथ स्वावलंबन का अभियान है। काफी पहले से अन्नपूर्णा मंदिर ट्र्स्ट की ओर से 250 बालिकाओं को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देकर सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाती है। एक परिवार के भरण-पोषण में सिलाई मशीन बड़ी मदद कर सकती है। नारी को स्वावलंबन पथ पर अग्रसर करने में यह बड़ी भूमिका का निर्वहन भी कर सकती है।   आने वाला समय नए रोजगार के सृजन का   सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग में है। रेडिमेड गारमेंट्स की दुनिया में काफी मांग है। यूपी ने 2018 में एक जनपद,  एक उत्पाद योजना लागू की। सीएम ने वाराणसी, भदोही, मीरजापुर व लखनऊ का जिक्र किया। बोले कि सभी को अच्छी डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक से जोड़ा जाता है। अब इतना ऑर्डर मिलता है कि वे आपूर्ति नहीं कर पाते। यूपी सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। सीएम ने कहा कि हम लोगों ने फ्लैटेड फैक्ट्री का नया कॉन्सेप्ट दिया है। … Read more

हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश

हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से आये फरियादियों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे, उनकी समस्या पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में सभी की समस्याओं का उचित निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता है।  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, राजस्व से जुड़े प्रकरण, नौकरी, आर्थिक सहायता आदि की मांग को लेकर पहुंचे।  किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा सीएम योगी ने कहा कि किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा है। प्रदेश सरकार हर पीड़ित को खुशहाल करने  की भावना से कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का बिना भेदभाव सभी को लाभ मिल रहा है। 'जनता दर्शन' के माध्यम से भी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी और खूब पढ़ने-खेलने की  भी सलाह दी।

संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति- 5.0: छात्राओं को आत्मरक्षा से मिल रही आत्मविश्वास की सीख  स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार  – मिशन शक्ति से मजबूत हो रही महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन – विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा कर न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया जा रहा है बल्कि उनको संबंधित कानून की भी जानकारी देकर सशक्त भी किया जा रहा है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें जागरूक कर चुकी है। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, खुद को कमजोर न समझें, बल्कि अपनी क्षमताओं का उपयोग कर संकट का सामना करें, सरकार हर कदम पर महिलाओं के साथ है । इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हेल्पलाइन नंबर व साइबर सुरक्षा की भी दी गई जानकारी इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है, जिसमें जानकारी दी गई कि कोई भी बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।  महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

मुख्यमंत्री आवास पर जनता से की मुलाकात, सीएम योगी ने अधिकारियों को समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों से व्यक्तिगत मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने लोगों की समस्याओं को निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. जनता दर्शन में कैसे जाएं? बता दें कि जनता दर्शन में जाने के लिए किसी विशेष प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है। जनता दरबार में कोई भी नागरिक सीधे पहुंच सकता है और अपनी शिकायत या समस्या मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों बता सकता है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि लोग अपनी समस्याओं को जनसुनवाई पोर्टल (https://jansunwai.up.nic.in) पर पहले से ही ऑनलाइन दर्ज करें. इससे उनकी शिकायत को पहले से रिकॉर्ड में लाया जा सकता है और जनता दरबार  में चर्चा के दौरान उसे प्राथमिकता से देखा जा सकता है. जनता दरबार के समय या स्थान में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल देखा जा सकता है.