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महर्षि वाल्मीकि जयंती : योगी सरकार का निर्देश- जनपद, तहसील व विकासखंड स्तर पर कराए जाएं कार्यक्रम

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर, चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने किया कलाकारों का चयन सभी देव मंदिरों व महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों पर होंगे महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक आयोजन, भजन-कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन/दीपदान आदि कार्यक्रम लखनऊ,  योगी सरकार 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से वाल्मीकि जयंती मनाएगी। इस दौरान अनेक भव्य कार्यक्रम होंगे। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों में महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, कीर्तन, दीप प्रज्ज्वलन आदि कराए जाएंगे। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली चित्रकूट में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। योगी सरकार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ जनसहभागिता पर विशेष जोर रहे।   यूपी के सभी जनपदों में होंगे आयोजन योगी सरकार के निर्देशानुसार 7 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान के साथ-साथ रामायण पाठ कराए जाएंगे। यह कार्यक्रम जनपद, तहसील व विकास खंड स्तर पर होंगे। सीएम योगी ने हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था का निर्देश दिया है। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में होगा वृहद आयोजन योगी सरकार महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर चित्रकूट में वृहद आयोजन कराएगी। उप निदेशक (पर्यटन) आरके रावत को कार्यक्रम का नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि लालापुर में महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत विराट महाराज व संस्कृत के अध्ययनरत बच्चों द्वारा रामायण पाठ होगा। दयाराम रैकवाड़ व टीम की तरफ से आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पूजन-हवन, भजन, वाल्मीकि रामायण पाठ, लवकुश प्रसंग समेत अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और जनसहभागिता भी रहेगी। इसके अलावा तुलसीदास आश्रम राजापुर चित्रकूट, वाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, वालमीकि आश्रम श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आयोजन होगा। स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार देव मंदिरों में होने वाले रामायण पाठ समेत अन्य कार्यक्रमों में योगी सरकार स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच उपलब्ध कराएगी। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जनपद में चयनित मंदिरों व स्थलों पर कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन किया गया है। इसका समन्वय संस्कृति विभाग, सूचना-जनसंपर्क विभाग, जिला पर्यटन व संस्कृति परिषद द्वारा किया जाएगा। हर जनपद में आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। योगी सरकार का कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जनसहभागिता पर जोर है।

मुख्यमंत्री ने राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की, जोनल अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद

जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ से बाजार में तेजी, आने वाले महीनों में दिखेगा सकारात्मक असर: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, धनतेरस व दीपावली पर अनावश्यक छापेमारी या जांच से बचें सितम्बर तक राज्य कर विभाग को ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति बोगस फर्मों व फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई जारी, अब तक ₹873.48 करोड़ के फर्जी दावे पकड़े गए लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य कर विभाग में तैनाती का आधार केवल ‘परफॉर्मेंस’ होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में वही अधिकारी तैनात किए जाएं जो लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध हों और जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो। मुख्यमंत्री रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ के बाद बाजार में तेजी देखी जा रही है और आने वाले महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि धनतेरस और दीपावली के अवसरों पर अनावश्यक जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई से बचा जाए। व्यापारियों और उद्यमियों के उत्पीड़न की शिकायत कहीं से भी नहीं आनी चाहिए। बैठक के दौरान जोनवार समीक्षा में अवगत कराया गया कि बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), मेरठ (63.0%), गोरखपुर (62.5%) और झांसी (62.1%) जैसे जोनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं कुछ जोनों में लक्ष्य पूर्ति 55 से 58 प्रतिशत के बीच रही, जहां सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी प्रथम व द्वितीय, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ प्रथम व द्वितीय, कानपुर प्रथम व द्वितीय, इटावा, झांसी, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद प्रथम व द्वितीय, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर सहित सभी जोनों की संभागवार और खंडवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों से कहा कि 50 प्रतिशत से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति का कारण स्पष्ट करें और सुधार की कार्ययोजना तत्काल तैयार करें। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50 प्रतिशत से कम संग्रह वाला नहीं है, जो संतोषजनक है। वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति का संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मार्केट मैपिंग करें, सामान्य रूप से बाजार में जाएं, व्यापारियों से मिलें और उनकी अपेक्षाओं को समझें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मंडी शुल्क में कमी से किसानों को राहत और राजस्व में वृद्धि दोनों हुई हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली हमेशा लाभकारी होती है। उन्होंने व्यापारियों से संवाद बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय से रिटर्न फाइल कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितम्बर माह तक राज्य कर विभाग को कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है। इसमें ₹40,000 करोड़ जीएसटी तथा ₹15,000 करोड़ वैट/नॉन-जीएसटी से प्राप्त हुए हैं। गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹55,136.29 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य कर विभाग को ₹1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1,56,982 करोड़ की तुलना में लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देना चाहिए और इसके लिए नियोजित प्रयास किए जाएं। बैठक में बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। विभाग द्वारा अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की गई है, जिन पर जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी सर्वोपरि है। जहां कमी दिखाई दे, वहां कारणों की समीक्षा कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बकाया वसूली, फर्जी आईटीसी की रोकथाम और लंबित जीएसटी/वैट मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं की सुविधा और विश्वास अर्जन ही स्थायी राजस्व वृद्धि का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि करदाता-मित्रवत वातावरण तैयार करते हुए ई-गवर्नेंस प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्व वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार है। विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कर संग्रह का प्रत्येक रुपया प्रदेश के विकास में योगदान दे।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राजस्व सृजन की गति और पारदर्शिता, दोनों पर समान ध्यान देने तथा करदाता जनसहजता बढ़ाने के निर्देश दिए।

डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में उभरा

सीएम योगी के नेतृत्व में जारी मिशन कर्मयोगी अभियान में अब तक 3,900 कर्मचारी पंजीकृत, 21,150 कोर्स पूरे डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे अधिकारी और कर्मचारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दक्षता और पारदर्शिता की नई मिसाल समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदा कर्मचारी एवं शिक्षक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है। 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स तक सीमित रहे हैं और 1,141 अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। दक्षता से ही बढ़ेगी सेवा की गुणवत्ता मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। नई तकनीक, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की ओर कदम iGOT Karmayogi प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे विषय शामिल हैं जो कर्मचारियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।0मुख्य कोर्स में शामिल Yoga Break at Workplace तनावमुक्त और उत्पादक कार्यसंस्कृति के लिए है। वहीं, POSH Act 2013 कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूक करता है। Procurement Process on GeM पारदर्शी क्रय प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए लागू है। National Education Policy 2020, Basics of AI, और Right to Information (RTI) Act नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु है। योगी सरकार की डिजिटल सुशासन नीति को मिल रही गति राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अंतर्गत मिशन कर्मयोगी जैसे अभियानों से न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ रही है, बल्कि जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि “प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ और जवाबदेह बने।

सांसद अनुराग शर्मा की भागीदारी से भारत की उपस्थिति मजबूत होगी, 68वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन

झांसी झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनुराग शर्मा कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में भाग लेंगे। यह सम्मेलन5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के 56 सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि एकजुट होंगे। इस सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने, सुशासन, समावेशी विकास और 21वीं सदी की उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय 'द कॉमन वेल्थ व ग्लोबल पार्टनर है। सांसद अनुराग शर्मा का यह प्रतिनिधित्व ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रहा है जब वह सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में अपने तीन वर्षों के ऐतिहासिक और अत्यंत सफल कार्यकाल का समापन करने जा रहे हैं। उनका यह कार्यकाल संगठन के लिए एक नए युग का सूत्रपात करने वाला रहा है और इसे सीपीए के इतिहास में सर्वाधिक परिवर्तनकारी दौरों में से एक माना जा रहा है। विगत तीन वर्षों में, सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में संगठन में अभूतपूर्व संरचनात्मक और प्रशासनिक क्रांतियाँ आई हैं। सांसद शर्मा के अथक प्रयासों का परिणाम है कि सीपीए को ब्रिटेन में केवल एक ब्रिटिश चैरिटी के रूप में काम करने की पुरानी, सीमित व्यवस्था से बाहर निकालकर, एक विशाल, स्थायी और अंतरराष्ट्रीय संगठन (इंटरनल बॉडी) के रूप में कानूनी मान्यता दिलाई गई है।  

विकसित यूपी @2047: संभल, महाराजगंज और जौनपुर टॉप फाइव में, युवाओं ने दिया विकास का नया विज़न

आगरा के राकेश बोले, सरकारी स्कूलों को बनाओ सबके लिए अनिवार्य हरदोई से सौरभ ने खेल और स्वास्थ्य पर दिया जोर, सीतापुर के योगेश बोले- हर गांव तक पहुंचे शिक्षा व इंटरनेट लखनऊ, उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक 'समर्थ' और 'विकसित' राज्य बनाने के संकल्प के साथ चल रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघटन, मीडिया और आम जनमानस के बीच संवाद स्थापित कर राज्य की 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा कर जनसुझाव प्राप्त कर रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 24.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 19 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 5.5 लाख शहरी क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार देखें तो लगभग 11.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, समान संख्या 31 से 60 वर्ष के आयु वर्ग से और करीब 1.2 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जिससे करीब 7.5 लाख सुझाव मिले। कृषि क्षेत्र से लगभग 6 लाख, नगरीय व ग्रामीण विकास से 4 लाख से अधिक, जबकि स्वास्थ्य और समाज कल्याण से करीब 1.8 लाख-1.9 लाख सुझाव आए। साथ ही आईटी, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी हजारों सुझाव मिले हैं। संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई जिले फीडबैक में शीर्ष पाँच में रहे, जबकि फिरोजाबाद, महोबा, ललितपुर, इटावा और बुलंदशहर से सबसे कम सुझाव प्राप्त हुए। अभियान में जनता की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। हरदोई के सौरभ सिंह ने कहा कि कृषि व्यवस्था को सतत और पर्यावरण-संतुलित बनाते हुए युवाओं के लिए खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बताई। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव दिया कि यदि सरकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रधानों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था स्वतः बेहतर हो जाएगी। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी-प्राइवेट स्कूलों की किताबें समान करने का प्रस्ताव रखा। वहीं सीतापुर के योगेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर व्यापक काम हो रहा है। हर गाँव में शिक्षा, सड़क, बिजली और इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में जुड़ सकें। सरकार का मानना है कि जनता की ओर से मिल रहे सुझाव प्रदेश के भविष्य की विकास नीतियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मेगा ई-नीलामी में हुई 992 संपत्तियों की बिक्री से ₹1168.43 करोड़ की आय संभावित

 ई-नीलामी में लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 7 से अधिक जिलों की संपत्तियां शामिल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा, ई-नीलामी में जमकर लिया हिस्सा विकास कार्यों और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा धन का उपयोग लखनऊ, विजयदशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। परिषद द्वारा 30 सितंबर 2025 को आयोजित मेगा ई-नीलामी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस नीलामी के माध्यम से परिषद को लगभग ₹1168.43 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सफलता योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस मेगा ई-नीलामी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, और कासगंज आदि महत्वपूर्ण जिलों में स्थित कुल 992 संपत्तियों (391 आवासीय और 601 अनावासीय) को प्रस्तावित किया गया था। इनमें व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स, संस्थागत भूखंड, और आईटी सिटी प्लॉट्स के साथ-साथ आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया 18 सितंबर 2025 से शुरू होकर डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से सुगम बनाई गई थी। योगी सरकार के प्रभावी प्रचार-प्रसार और तकनीकी पारदर्शिता के कारण निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाईं। इस नीलामी में निवेशकों का भारी उत्साह न केवल परिषद की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है। मेगा ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली ₹1168.43 करोड़ की संभावित आय का उपयोग परिषद द्वारा नई आवासीय योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस नीति को बल देती है, जो प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उत्तर प्रदेश में निवेशकों का बढ़ रहा विश्वास नीलामी न केवल परिषद की आम जनमानस एवं निवेशकों के बीच लोकप्रियता एवं विश्वास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में निवेश वातावरण को और अधिक प्रोत्साहन देने वाली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी आवासीय / अनावासीय योजनाएं अब निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा विजयदशमी के अवसर पर संपन्न कराई गई यह मेगा ई-नीलामी आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक सफलता है, जिससे संभावित ₹1168 करोड़ की आय परिषद और प्रदेश दोनों की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी । प्रदेश में दिख रहा योगी सरकार की नीतियों का असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर साफ दिख रहा है। यह वजह है कि योगी सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह मेगा ई-नीलामी न केवल परिषद की लोकप्रियता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और विकास के नए द्वार खोलने वाली है। विजयदशमी के अवसर पर प्राप्त यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रतिबद्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का एक और उदाहरण है। यह नीलामी न केवल परिषद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

यूपी में बड़ा हादसा: कोचिंग सेंटर में ब्लास्ट, दो मासूमों की जान गई, कई घायल

फर्रुखाबाद  उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में भीषण विस्फोट हो गया। धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है और छह लोग घायल हैं। घटना थाना कादरी गेट क्षेत्र के सातनपुर मंडी के पास स्थित कोचिंग सेंटर में हुई। विस्फोट इतना भीषण था कि कोचिंग सेंटर की इमारत का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और मलबा 20 से 30 मीटर दूर तक बिखर गया। इससे आसपास के कई मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल धमाके का कारण नहीं पता चल सका है। फोरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है। सीएम योगी ने भी घटना का संज्ञान लिया है। घटना को दुखद बताते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और बचाव राहत कार्य का निर्देश दिया है। सातनपुर मंडी रोड पर स्थित कटियार कोल्ड स्टोरेज के निकट द सन क्लासेज लाइब्रेरी संचालित है। शनिवार दोपहर करीब 3.30 बजे क्लास के अंदर ही जोरदार विस्फोट हो गया। इससे एक युवक के चीथड़े उड़ गए। इस दौरान कोचिंग पढ़ रहे पांच छात्रों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल भेजा। धमाका इतना तेज था कि पूरा भवन हिल गया। वहां रखा फर्नीचर, बाहर लगा टीनशेड, खंभे गिर गए। बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर बारूद जैसी गंध महसूस की गई। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय फोर्स के साथ पहुंच गए हैं। धमाके के कारणों को तलाशा जा रहा है।  

ऐक्शन से भरी सुबह: बरेली में 3 बुलडोजरों ने गिराया नफीस खां का रजा पैलेस

बरेली  बरेली में 26 सितंबर को जुमा नमाज के बाद हुए बवाल के आरोपियों के खिलाफ ऐक्शन पर ऐक्शन हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम उपद्रवियों और उनके करीबियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को जखीरा स्थित रज़ा पैलेस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह इमारत आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खां और उनके पार्टनर शोहेब बेग की बताई जा रही है। कार्रवाई से पहले बिजली कनेक्शन काट दिए गए। उसके बाद प्रशासन, पुलिस और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की टीम तीन बुलडोज़रों के साथ मौके पर पहुंची और अवैध हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि उपद्रवियों की अवैध संपत्तियों पर यह अभियान जारी रहेगा। मुख्य आरोपी पहले ही जेल में बरेली बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा, आईएमसी महासचिव डॉ. नफीस खां और नदीम खान को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को निशाना बनाएगा। तौकीर को शरण देने वाले फरहत का मकान सील बरेली में बवाल के दौरान तौकीर रजा खां को शरण देने के आरोप में चर्चा में आए फरहत खां के फाइक इंक्लेव स्थित मकान पर शनिवार को कार्रवाई की गई। बीडीए ने गुरुवार तक का समय देते हुए फरहत खां को मकान खाली करने का नोटिस दिया था। शनिवार को जिला प्रशासन और बीडीए की टीम फरहत के घर पहुंची। मकान खाली पड़ा हुआ था। टीम ने मुख्य गेट पर ताला को तोड़कर अपना ताला लगा दिया। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई पूर्ण की गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शनिवार को हुई बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात रही। ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके। रजा पैलेस को अवैध निर्माण मानते हुए जिला प्रशासन और बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रजा पैलेस को अवैध रूप से वक्फ की संपत्ति पर या सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करके बनाया गया था। डॉ. नफीस खां पहले ही बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा के साथ जेल भेजे जा चुके हैं। उपद्रवियों पर सख्त संदेश डॉ. नफीस की गिरफ्तारी के बाद अब उनके व्यापारिक पार्टनर शोएब बेग की संपत्ति पर यह कार्रवाई हुई है। इस बुलडोजर कार्रवाई को उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं को एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी प्रशासन तौकीर रजा के अन्य करीबियों और उनके रिश्तेदारों के अवैध कब्ज़ों को हटा चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई होगी।  

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, यूपी में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का खतरा

लखनऊ  देशभर से मॉनसून की वापसी भले ही हो गई हो, लेकिन अब भी विभिन्न वजहों से भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है, जिसकी वजह से यूपी समेत कई राज्यों में तीन दिनों तक भारी बारिश होगी। इसके अलावा, यूपी, दिल्ली आदि में ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं, उत्तर बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, आज चार अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश होने जा रही है। वहीं, एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि लाने वाला है। पूर्वी भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को उत्तरी बिहार में अत्यधिक भारी बारिश व अलग-अलग स्थानों पर असाधारण रूप से भारी बारिश की संभावना है। पांच अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में चार और पांच अक्टूबर को बिहार में छह अक्टूबर को अधिकांश जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर पूर्वी भारत की बात करें तो चार, पांच और सात से नौ अक्टूबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, चार और पांच, आठ और नौ अक्टूबर के दौरान असम, मेघालय, 7-10 के दौरान नगालैंड, 8-9 को मणिपुर, 8 अक्टूबर को मिजोरम में भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में चार और पांच अक्टूबर को, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में चार अक्टूबर को, केरल, माहे में पांच और छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। अगले पांच दिनों तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज सतही हवाओं की संभावना है। कर्नाटक में चार और पांच अक्टूबर को, तेलंगाना में चार से आठ अक्टूबर तक तूफान के साथ तेज हवाओं की संभावना है। यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट उत्तर पश्चिमी भारत की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार अक्टूबर को अलग अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत में चार अक्टूबर को अलग-अलग बारिश के बाद पांच से सात अक्टूबर तक तूफान और बिजली के साथ व्यापाक बारिश की संभावना है उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, लद्दाख और पश्चिमी राजस्थान में पांच और छह अक्टूबर को, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में पांच से सात अक्टूबर तक, पूर्वी राजस्थान और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में छह और सात अक्टूबर को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पांच और छह अक्टूबर को, हरियाणा, चंडीढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान में छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर ओलावृष्टि होगी। वहीं, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पांच से सात अक्टूबर तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार अक्टूबर को तूफान के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है।  

हनुमान चालीसा विवाद: वाराणसी में पुजारी को धमकी, पुलिस ने दो आरोपी किए काबू

वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मदनपुरा इलाके में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने पर एक मंदिर के पुजारी को धमकाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुजारी संजय प्रजापति ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को हनुमान मंदिर में पूजा करने के बाद, उन्होंने टेप रिकॉर्डर पर भक्ति गीत चलाए, तभी अब्दुल नासिर और उसका बेटा वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने लाउडस्पीकर बंद करने को कहा और चेतावनी दी कि अगर दोबारा भक्ति गीत बजाया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद, कई लोग पुजारी को घेरकर धमकाने लगे, जिसके बाद पुजारी ने पुलिस को शिकायत दी। काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।