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धमतरी में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने एनआईटी रायपुर और डीएसआईआर की नई पहल

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स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना  धमतरी महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के लिए धमतरी में महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल की है । डी.एस.आई.आर. का छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि  भारत  में  पहला प्रोजेक्ट है । धमतरी जिला ऐतिहासिक रूप से अनाज और वन-आधारित उपज के उत्पादन में अग्रणी रहा है, जो इस क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं कृषि और वन-आधारित व्यवसायों में संलग्न हैं। उत्पादन बढ़ाने, बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करने और आजीविका के अवसरों में सुधार के लिए, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण, मूल्य संवर्धन और कौशल विकास की अत्यधिक आवश्यकता है।  इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल | धमतरी जिले में डी.एस.आई.आर. (DSIR) स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था । यह पहल टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. (Technology Development and Utilization Programme for Women) योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और नवीन अवसरों से जोड़ना है। इस परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन जिला प्रशासन धमतरी तथा एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) द्वारा किया जाएगा। इसके अंतर्गत वनोपज (NTFP) आधारित कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और पारंपरिक बुनाई तकनीकों में आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, फाइबर एक्सट्रैक्शन तकनीक के माध्यम से “वेस्ट टू वेल्थ” जैसे नवाचारों को अपनाने की योजना है, जिससे अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर मूल्यवान उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। परियोजना के निदेशक एवं प्रधान अन्वेषक के रूप में एनआईटी रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना में एनआईटी रायपुर फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्पाद नवाचार उपलब्ध कराएगा, जबकि जिला प्रशासन स्थानीय सहयोग, अवसंरचना और समुदाय को संगठित करने की भूमिका निभाएगा। यह परियोजना 36 माह की अवधि में पूरी की जाएगी। इसके लिए लगभग 95 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “यह परियोजना धमतरी जिले की ग्रामीण आजीविका को नई दिशा प्रदान करेगी। महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से यह पहल रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता और कौशल विकास से जहां आजीविका संवर्धन होगा, वहीं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह पहल न केवल महिलाओं को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई पहचान प्रदान करेगी। अंततः यह कहा जा सकता है कि एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सतत् आर्थिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाएगी।     विशेष लेख अमित नूरेवाल सूचना अधिकारी

रायपुर में विजयादशमी पर बोले मुख्यमंत्री साय: यह पर्व सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक

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रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भव्य आतिशबाजी देखने को उमड़ी भारी भीड़ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए।  साय ने कहा विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की अंततः जीत होती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु राम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु राम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय राम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु राम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यहां दहशरा मनाने की परंपरा लगभग 150 साल पुराना इतिहास है। प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है। आज विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की,अधर्म पर धर्म की जीत का का प्रतीक है। विधायक  सुनील सोनी, महापौर मती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक चंद सुंदरानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि गण  दूधाधारी मठ से जुड़े पदाधिकारी,खम्हारडीह सार्वजिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री

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रायपुर : दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है – राज्यपाल  डेका राम ने युद्ध में जीत हासिल इसीलिए की क्योंकि वे सत्य के साथ थे – मुख्यमंत्री  साय विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री रायपुर राजधानी रायपुर के डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी के विशाल मैदान में इस वर्ष भी परंपरा और आस्था के साथ भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। 55 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह उत्सव इस बार और भी ऐतिहासिक रहा, जिसमें राज्यपाल  रमेन डेका, राज्य की प्रथम महिला मती रानी डेका काकोटी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से शामिल हुए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल   रमेन डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद से बाहर निकलते हुए शांति और विकास की ओर अग्रसर है। प्रदेश की जीडीपी वृद्धि और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही वास्तविक विकास है और यही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परिकल्पना भी थी। राज्यपाल ने विजयादशमी का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पर्व केवल रावण दहन का नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है। रावण चाहे कितना भी बलवान क्यों न रहा हो, उसके अहंकार का अंत हुआ और जीत सत्य की हुई। बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छाई हमेशा विजयी होती है। उन्होंने कहा कि हमें केवल मैदान में रावण का पुतला नहीं जलाना चाहिए, बल्कि अपने भीतर के रावण काम, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और घमंड—को भी समाप्त करना होगा। यही सही अर्थों में दशहरा पर्व का पालन होगा। गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दशहरा हमें बुराई का अंत करने की शिक्षा देता है और गांधी जयंती हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जब ये दोनों विचार साथ आते हैं तो समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति कायम होती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भगवान राम, माता सीता और सनातन धर्म की जयकार के साथ सभा को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यू.आर.एस.कालोनी दशहरा उत्सव समिति इस आयोजन को भव्य रूप से संपन्न करती आ रही है और यह उत्सव अब ऐतिहासिक स्वरूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास मेघनाद और कुंभकरण जैसे शक्तिशाली योद्धा थे, जबकि राम के साथ साधारण वानर सेना थी। इसके बावजूद विजय राम की हुई क्योंकि वे सत्य के साथ थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। स्वागत भाषण विधायक  पुरंदर मिश्रा ने और आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के अध्यक्ष  जी. स्वामी ने किया। समारोह में 103 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। रंगीन आतिशबाजी और भव्य प्रस्तुति देखने हजारों लोगों की भीड़ मैदान में उमड़ी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि,  सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समिति की सदस्य मती सरस्वती मिश्रा ने प्रथम महिला रानी डेका काकोटी को विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट, प्रशासन ने लोगों से सतर्कता की अपील की

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रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 घंटे के लिए प्रदेश में कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार गरियाबंद और धमतरी जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, महासमुंद, बालोद और नारायणपुर जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में बना निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण आने वाले 2-3 दिनों तक दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। आज गुरुवार को 4 जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस बार बारिश का दौर 20 अक्टूबर तक जारी रहेगा। नदियों में जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों में जलस्तर में वृद्धि होगी और नालों का ओवरफ्लो होने की संभावना है। खनन क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी होंगी, और नम मिट्टी के कारण भूस्खलन व पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। रेल और सड़क मार्गों में बाधा आने, कृषि क्षेत्रों में फसलें गिरने और निचले इलाकों में कीचड़ भरी सड़कें और जलभराव होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कमी आएगी और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि बहते पानी में कभी भी न जाएँ और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें। निचले पुलों को पार करते समय सावधानी बरतें और जलस्तर की जांच अवश्य करें। कृषि क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई और खनन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य गौरेला पेंड्रा मरवाही में 25-31 अक्टूबर तक करेंगे कथा

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गौरेला पेंड्रा मरवाही तुलसी पीठाधीश्वर , जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में दिव्य आगमन हुआ। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा, जयघोष और भक्ति भाव से उनका स्वागत किया। कोरबा में श्रीमद्भागवत कथा के उपरांत जब महाराज श्री चित्रकूट वापसी के मार्ग में पेंड्रा पहुंचे, तो उनके दर्शन की सूचना पाकर हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरा नगर “जय श्रीराम” और “जय गुरुदेव” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की प्रबल भक्ति और आग्रह को देखकर महाराज ने पेंड्रा में 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा कहने का दिव्य आश्वासन दिया। इस पावन आयोजन की पुष्टि हेतु उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।  

मौसम विज्ञानियों ने चेताया: छत्तीसगढ़ में अगले हफ्ते भारी बारिश, बन सकता है नया रिकॉर्ड

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रायपुर देश के कई इलाकों से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार इसकी वापसी एक सप्ताह देर से होगी। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में 20 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। बीते पांच वर्षों में मानसून आमतौर पर 12 अक्टूबर के आसपास विदा होता रहा है। इस बार लौटने में देरी से मौसम का मिजाज भी बदला-बदला रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 अक्टूबर से नार्थ ईस्ट मानसून सक्रिय होगा। इसके बाद ही धीरे-धीरे दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होगी। बरसात की यह बढ़ी हुई अवधि धान की फसलों के लिए राहत मानी जा रही है। खेतों में नमी बने रहने से फसल अच्छी तरह पक सकेगी। हालांकि लगातार वर्षा से कटाई में देरी हो सकती है।   इस बार समय से पहले आया था मानसून छत्तीसगढ़ में 28 मई को बस्तर से मानसून की दस्तक होती है। पूरे देश में अब बारिश अंतिम दौर में है। मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक मानसून पूरी तरह से विदा हो जाता है। इस बार विदाई तक कई जिलों अच्छी बारिश हो सकती है। बीते पांच वर्षों के आंकड़े देखें तो 10 से 12 अक्टूबर तक मानूसन की वापसी होती है। हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के साथ सक्रिय है, जो अगले 12 घंटे में अवदाब और बाद में गहरा अवदाब बनकर तीन अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र तट पार कर सकता है। इसके असर से दो को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। तीन को दक्षिण अंचल में भारी से अति भारी बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। चार को मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।

अंबिकापुर हत्याकांड: महिला कर्मचारी की बेरहमी से हत्या, आरोपी ने चाकू से किए ताबड़तोड़ वार

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अंबिकापुर अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा फ्यूल्स पेट्रोल पंप में गुरुवार की सुबह महिला कर्मचारी की चाकू से गोद-गोद कर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपित को लोगों ने पकड़ पुलिस को सौंप दिया है। बीच-बचाव कर रहे पेट्रोल पंप का एक कर्मचारी भी घायल हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ पाया गया है। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम मगाजी शाहपुर निवासी भारती टोप्पो, अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित कृपा फ्यूल्स में सेल्स गर्ल का काम करती थी। गुरुवार सुबह वह अन्य कर्मचारियों के साथ काम पर लगी थी। सुबह लगभग पौने बारह बजे मोटरसाइकिल से एक युवक पेट्रोल पंप में पहुंचा। महिला कर्मचारी के नजदीक ही उसने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की। महिला कर्मचारी कुछ समझ पाती इसके पहले ही युवक ने अपने पास रखे चाकू से उस पर वार करने का प्रयास किया।   जान बचाने के लिए भागती रही युवती वहां से भागी तो आरोपित ने चाकू लेकर उसे पेट्रोल पंप परिसर में ही दौड़ाना शुरू कर दिया। युवती भागने का प्रयास करती रही लेकिन आरोपित ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। एक के बाद एक चाकू के वार को सहते हुए युवती भागती रही। समूचे परिसर में खून के छींटे गिरते रहे। बीच-बचाव कर रहे संतोष नामक कर्मचारी पर भी युवक ने चाकू से हमला किया। इसी बीच एक चाकू युवती के सीने से पीठ की ओर घुस गया। युवती वहीं औंधे मुंह गिर पड़ी। इसके बाद भी आरोपित ने उस पर चाकू से कई प्रहार किए। चाकू के करीब 40 वार के कारण युवती बेहोश हो गई। तब तक हो हल्ला मच गया। नजदीक में ही दुकान संचालित करने वाले गुरुदेव सिंह ने आरोपित को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपित ने उसका भी गला दबाने की कोशिश की। एयरगन से उसने फायर भी किया। आरोपित ने अपने पास एक लोहे का रॉड भी रखी थी। घटना के बाद आरोपित वहां से तेजी से गली के रास्ते भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो उन्हें भी डराने लगा। चोपडापारा में रहने वाले ठेकेदार अरुण सिंह किरना ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपित को धर दबोचा। उसी रास्ते से एक कार में पुलिस अधिकारी गुजर रहे थे। ठेकेदार ने उसी कार में आरोपित को बैठाकर गांधीनगर थाने पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। घटनास्थल पर आरोपित की मोटरसाइकिल, बैग, चश्मा, चप्पल बरामद किया गया है। युवती को नजदीक के मिशन अस्पताल ले जाया गया था,जहां उसकी मौत हो गई। प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपित योगेंद्र पैकरा, मूलतः मगाजी कुसमी का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल पंप में आ रहा था। युवती से उसका प्रेम संबंध था। संबंधों में दरार आ जाने के कारण उसने घटना का अंजाम दिया। पकड़ में आने के बाद वह बोल रहा था कि युवती को उसने काफी समझाया था, लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी। दो दिन पहले उसका मोबाइल भी तोड़ दिया था, इसके बाद भी उसने किसी दूसरे युवक से बातचीत जारी रखा थी। उसने यह भी बोला कि युवती तो अब नहीं रही और उसका जीवन भी बर्बाद हो गया। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए स्पष्ट है कि आरोपित पूरी तैयारी के साथ हत्या की नीयत से ही पेट्रोल पंप पहुंचा था।

CM साय ने कहा- केंद्र की मदद से होगा राज्य का सर्वांगीण विकास, 3,462 करोड़ की राशि से खुलेगा नए अवसरों का मार्ग

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रायपुर  केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला: ED तैयारी में, आबकारी अधिकारियों से लगातार पूछताछ

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रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

रियासत काल की परंपरा: देर रात 901 ज्योति कलशों का विसर्जन, रेल ट्रैक पर रुक गई ट्रेनें

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डोंगरगढ़ शारदीय नवरात्र के समापन पर मां बम्लेश्वरी मंदिर से देर रात एक भव्य शोभायात्रा निकली। इस शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर ज्योति कलश लिए मां की जयकारों के साथ आगे बढ़ी। कुल 901 प्रज्वलित कलशों का महावीर तालाब में विसर्जन किया गया। यह अनूठा दृश्य देखने के लिए हजारों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचे और तालाब किनारे आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। डोंगरगढ़ की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर भी मानी जाती है। विसर्जन यात्रा मंदिर से शुरू होकर छिन्नमस्तिका मंदिर होते हुए रेलवे ट्रैक पार कर मां शीतला मंदिर पहुंची। यहां मां शीतला और मां बम्लेश्वरी के माई ज्योत का मिलन करवाया गया, जो इस पूरे अनुष्ठान की विशेषता है। सबसे खास और अनोखी परंपरा यह है कि इस विसर्जन यात्रा के मार्ग में मुंबई–हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन आती है। विसर्जन के दौरान रेल यातायात पूरी तरह थम जाता है। भारतीय रेलवे दोनों ओर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जाता है। लगभग तीन से चार घंटे तक इस व्यस्त रेलखंड पर मेगा ब्लॉक रहता है। आस्था और परंपरा के इस संगम के आगे आज भी रेलों के पहिए रुक जाते हैं। इस परंपरा की नींव रियासत काल में रखी गई थी। रियासत काल से चली आ रही परंपरा खैरागढ़ के तत्कालीन शासक राजा लाल उमराव सिंह ने 21 अगस्त 1883 को ब्रिटिश सरकार और बंगाल-नागपुर रेलवे के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन और न्यायिक अधिकार सौंपे गए। इस समझौते के दस्तावेज (deeds) में डोंगरगढ़ का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि राजा लाल उमराव सिंह ने जमीन देने के साथ ही डोंगरगढ़ स्टेशन में रेलों के ठहराव और नवरात्र के समय ज्योति विसर्जन यात्रा के लिए रेल पटरियों पर ब्लॉक देने की शर्त भी रखी थी। इसी परंपरा का असर आज भी जीवित है, जब रेलवे नवरात्र की इस परंपरा के सम्मान में ट्रेनों को रोक देता है। डोंगरगढ़ की नवरात्रि का यह विसर्जन सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और आस्था का ऐसा संगम है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को दशकों से अपनी ओर आकर्षित किया है।