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राष्ट्रपति द्वारा आयुषी सिन्हा और सौमित दुबे को पुरस्कार, उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने सराहा योगदान

भोपाल  राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की स्वयंसेवक सु आयुषी सिन्हा एवं बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र  सौमित दुबे को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना भारत की अस्मिता एवं सामर्थ्य को प्रभावी रूप से विश्वमंच पर परिलक्षित करने का आन्दोलन है। राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य संवेदनशील एवं समाजसेवा भावी श्रेष्ठ नागरिक निर्माण करना है। छात्रा आयुषी एवं छात्र सौमित की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है बल्कि यह सभी स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु द्वारा दोनों विद्यार्थियों को सत्र 2022-23 में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 अक्टूबर को “राष्ट्रीय सेवा योजना का सर्वोच्च पुरस्कार” प्रदान किया गया है।  

रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, संग्रहालय का किया अवलोकन

फ्रूट फारेस्ट्री योजना से महिलाओं को मिलेगा स्व-रोजगार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने सागर के कड़ता में जन संवाद कार्यक्रम को किया संबोधित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, संग्रहालय का किया अवलोकन जिला प्रशासन के नवाचार “उड़ान योजना” का किया शुभारंभ भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल  पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है। सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है।  हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल  पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया। जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।       जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक  गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया। पीएम आवास हितग्राही  राजेश के निवास पर किया भोजन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के  राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही  राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली। उड़ान योजना का किया शुभारंभ       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर  संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल  पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे।  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच मती वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल  पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल  पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक  ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक  वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष मती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।                 

राज्यपाल पटेल का बयान – सरकार प्रतिबद्ध है जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए

जनजाति समुदाय का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल अशोकनगर में आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल अशोकनगर  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजाति समुदाय का कल्याण केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के उत्थान को ध्यान में रखकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। राज्यपाल  पटेल सोमवार को अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के ग्राम खानपुर में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष एवं आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी “सबका साथ- सबका विकास-सबका विश्‍वास” की परिकल्पना के साथ हर वर्ग के हित में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हम सबको 2047 तक विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय के जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। यह जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि धरती आबा योजना जनजाति परिवारों को आवास, पेजयल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है जिससे जनजाति समुदाय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। इस दीवाली स्वदेशी अपनाने का संकल्प ले राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी अभियान संचालित है। उन्होंने ग्रामवासियों से आव्हान किया कि इस दीपावली पर वोकल फॉर लोकल का संदेश अपनाएं। स्‍थानीय उत्‍पादों को खरीदेने का संकल्प लें। स्वदेशी अभियान को सफल बनाने में हर वर्ग सहभागी बने। राज्यपाल  पटेल ने अशोकनगर जिले की विश्व प्रसिद्ध चंदेरी साड़ी की चर्चा करते हुए स्थानीय बुनकरों के उत्पाद खरीदने की अपील की। राज्यपाल  पटेल ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्‍न कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आजीविका मिशन से जुड़ी बहनों के आर्थिक स्वावलंबन की चर्चा की। सरकार की अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं से आमजन को मिल रहे फायदों को बताया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे। हितग्राहियों को किया हितलाभ का वितरण राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्‍याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने सिकल सेल कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। टी.बी. रोगियों को पोषण टोकरी वितरित की। हथकरघा उद्योग के लिए तकनीकी विकास योजना अंतर्गत वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया। प्राथमिक शाला, आरोग्य केंद्र, आगनबाड़ी और आदि सेवा केन्द्र का निरीक्षण राज्यपाल  पटेल द्वारा प्राथमिक विद्यालय खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूली बच्चों से संवाद कर मध्यान्ह भोजन सहित अन्य जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप पेन, कापी भेंट की। राज्यपाल ने आरोग्य केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य जाँच में शामिल लोगों से चर्चा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग एवं उपचार के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल  पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्र खानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया। हितग्राहियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने आदि सेवा केंद्र खानपुर का भी निरीक्षण कर केंद्र के संचालन संबंधी जानकारी ली। राज्‍यपाल  पटेल का ग्राम खानपुर के जनजातीय समुदाय द्वारा माला, मुकुट तथा तीर- धनुष भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकारों द्वारा पारम्‍परिक नृत्‍य सैरा की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल  पटेल ने ग्राम खानपुर में पीएम जनमन आवास से लाभान्वित हितग्राही मती धनिया बाई को गृह प्रवेश कराया। धनिया बाई के परिजन से आत्मीय चर्चा कर बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम स्‍थल पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्‍ला, चंदेरी विधायक  जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी, विधायक  बृजेन्‍द्र सिंह यादव, जिला पंचायत अध्‍यक्ष  अजय प्रताप सिंह यादव सहित बडी संख्‍या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया

अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 6 अक्टूबर 2025 को वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर में वन प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया !जिसमें विद्यार्थियों को वन एवं वन प्राणियों का महत्व बताया गया !साथ ही चित्रकला निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया ! जिसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इनाम वितरण किया गया! कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य  कौशलेंद्र सिंह उपस्थित रहे साथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी  स्वर्ण गौरव सिंह प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल गौरव दुबे ,परिक्षेत्र सहायक अनूपपुर ,विजय सोनवानी अन्य स्टाफ शिक्षक उपस्थित रहेइस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व, वनाग्नि की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण, तथा मनुष्य द्वारा पशुओं को भोजन कराने के दुष्परिणाम आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की।विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनके संरक्षण में हम सभी की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

खराब लाइफस्टाइल से इंदौर में स्वास्थ्य संकट, 30% को हाई बीपी-शुगर और 40% को कोलेस्ट्रॉल—एक्सपर्ट की चेतावनी

इंदौर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में 18 से 30 साल की उम्र वाले 50 हजार से ज्यादा युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर किए गए एक अध्ययन ( Youth Health Survey) में परेशान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं। अध्ययन के निष्कर्षों में 30 फीसदी प्रतिभागी युवकों (30  percent participating youth) का बीपी (BP) असामान्य पाया गया है। अध्ययन में शामिल करीब 90 फीसदी युवाओं (90 percent youth) की खान-पान की आदतें गड़बड़ (Eating habits are messed up) पाई गई हैं। अब जानिए, क्या कहते हैं हार्ट एक्सपर्ट्स अमेरिका से आए कार्डियोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. प्रकाश डिडवानिया (यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयार्क, सेन फ्रांसिसको) ने बताया कि भारत में जिस प्रकार दिल की बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं, यह बहुत चिंताजनक है। इंदौर की स्थिति चौंकाने वाली है। यहां के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों से जुड़े हार्ट क्लब के डॉक्टरों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में डेटा प्रेजेंटेशन दिया तो हम सभी चौंक गए। प्रिवेंशन संभव, लेकिन लोग गंभीर नहीं डॉ. प्रकाश डिडवानिया ने कहा कि बच्चे, जवान, बुजुर्गों सहित सभी लोगों में रिस्क फैक्टर्स बढ़ रहे हैं। आए दिन अचानक किसी की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत का कारण खराब लाइफ स्टाइल और मोटापा है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल, मोटापा ये सभी खराब लाइफ स्टाइल के फैक्टर्स हैं। इन्हें प्रिवेंट किया जा सकता है लेकिन लोग गंभीर नहीं हैं। कॉन्फ्रेंस का पूरा सार यही निकला है कि बढ़ती हार्ट डिसीज को नियंत्रण करने के लिए प्रिवेंशन ही सबसे बेहतर उपाय है। सबसे पहले जरूरत है कि हायपरटेंशन, डायबिटीज को बचपन से ही प्रिवेंट कर लें। डॉ ने बताया कि हार्ट के लिए जोखिम के बहुत सारे फैक्टर्स हैं। इनमें से एक खास फैक्टर मोटापा है। पेट की गोलाई यानी तोंद पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। दिल्ली से आए प्रो. मनचंदा ने बताया कि हार्ट की बीमारियों के इलाज में लाखों खर्च की तुलना में प्रिवेंशन बहुत सस्ता है। जब लोगों को पता रहता है कि हार्ट की बीमारियां क्यों होती है तो उन्हें इसे रोकने के उपाय करने चाहिए। चार रिस्क फैक्टर्स पर काबू पा लिया जाए तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। मोटापा कंट्रोल करने के लिए अब एडवांस इंजेक्शन भी कॉन्फ्रेंस के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. एके पंचोलिया ने योग को रोजमर्रा की आदत में शामिल करने की सलाह दी, क्योंकि यह तनाव घटाता है। शरीर और मन को स्वस्थ रखता है और मोटापा कम करने में मदद करता है। उन्होंने नए इंजेक्शन के बारे में भी जानकारी दी, जो शरीर के फैट को कम करने में मददगार है। उन्होंने कहा कि इनका असर तभी स्थायी रहेगा जब जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जारी रहें। उन्होंने प्रदूषण को भी हृदय रोग का एक कारण बताया और सरकार से उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर चिंतित हैं। मोटापा और एयर पॉल्युशन हमारे स्वास्थ्य के सबसे बड़े दुश्मन हैं। अगर हमने अभी से इनसे लड़ाई नहीं लड़ी, तो आने वाले समय में हर घर में हृदय रोगी होगा। शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है फैट वहीं, कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. विद्युत जैन ने बताया कि मोटापा हार्ट डिसीज का प्रमुख कारण है। शरीर में जमा फैट धीरे-धीरे हार्ट और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाता है। बढ़ते फैट पर काबू पाने के लिए लोग घर का खाना खाएं। प्रोटीनयुक्त आहार जैसे दाल और टोफू को रोजाना की डाइट में शामिल करें। हल्की-फुलकी एक्सरसाइज, साइकिलिंग या वॉक को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए। ज्यादा नमक, शुगर और तली चीजें खतरनाक कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राकेश जैन ने बताया कि हमारे पूर्वज सौ सालों से यह खाना खाते आए हैं लेकिन उस समय उनका जीवन पूरी तरह अलग था। वे रोजाना पैदल चलते थे, साइकिल चलाते थे, खेतों में मेहनत करते थे। आज के समय में लोग छोटी-सी मॉर्निंग वॉक भी छोड़ देते हैं। उन्होंने चेताया कि ज्यादा नमक, शुगर और तली-भुनी चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। बाजार में उपलब्ध जूस और पैकेज्ड फूड को हेल्दी समझ कर पीना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि इनमें छुपी शुगर और फैट से हार्ट को काफी जोखिम रहता है। दिमाग जानता है, लेकिन दिल मानता नहीं डॉ. जैन ने कहा- हमारा दिमाग जानता है कि क्या सही है, लेकिन दिल मानता नहीं। इतने बड़े शरीर में 250 ग्राम के दिल को नजाकत से संभालो। जब दिल नहीं बचेगा तो कुछ भी नहीं बचेगा। भारत में लोग जूस या एनर्जी ड्रिंक को हेल्दी मानते हैं, जबकि उनमें भी शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पैकेज्ड फूड पर बड़े अक्षरों में कैलोरी, शुगर और फैट की मात्रा लिखना अनिवार्य करना चाहिए ताकि लोग जागरूक हो सकें। सही खान-पान, व्यायाम हेल्दी हार्ट के लिए जरूरी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम से हुई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि हृदय रोग केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है, बल्कि अब यह युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने सही खान-पान, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने को हेल्दी हार्ट के लिए बेहद जरूरी बताया। इसके अलावा डिबेट और सवाल-जवाब सत्र में हृदय स्वास्थ्य, जीवनशैली सुधार और बचाव के उपायों पर विचार साझा किए गए। एक स्पेशल सेशन ‘सॉल्ट सत्याग्रह’ पर हुआ। इसमें बताया कि अधिक नमक का सेवन हमारे दिल के लिए कितना नुकसानदायक है।

हनुमान चालीसा से नशामुक्ति की राह: इंदौर में जुटेंगे 1 लाख युवा, कैलाश विजयवर्गीय की अनोखी पहल

इंदौर  नशाखोरी से युवाओं को बचाने के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर में नई पहल करेंगे. युवाओं को धर्म से जोड़कर नशा से दूर रखा जाएगा. इसके लिए शहर भर में युवा, बच्चे और छात्र-छात्राओं की टोलियां नशाखोरी के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. बताया गया कि इस आयोजन की शुरुआत करीब 1 लाख युवाओं के साथ होगी. नाबालिग भी नशीले पदार्थ की तस्करी में शामिल शहर में नशा मुक्ति के तमाम अभियान और प्रयास किए जा रहे हैं. इसके बावजूद क्राइम ब्रांच, इंदौर के अनुसार यहां सालाना नशे की सामग्री की खपत 10,000 किलो हो चुकी है. जिसमें स्मैक, अफीम, गांजा, डोडा चूरा, केमिकल ड्रग, ब्राउन शुगर और तरह-तरह की सिगरेट शामिल हैं. इन नशीले पदार्थों का शहर में बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. जिसके चलते स्थिति यह है कि नशे की सामग्री की तस्करी के धंधे में महिलाओं के अलावा नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं. शहर में 6 गुना बढ़ी डोडा चूरा की स्मगलिंग इंदौर शहर में नशे की सामग्री की बिक्री का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल की अपेक्षा यहां डोडा चूरा की स्मगलिंग 6 गुना तक बढ़ चुकी है. इसका उपयोग करने वालों में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं सहित महिलाएं भी शामिल हैं. पिछले साल नशाखोरी के खिलाफ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को खुद मोर्चा संभालना पड़ा था. इसके बाद पुलिस को नशे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी पड़ी थी. नशा मुक्ति अभियान से भी नहीं थम रही नशाखोरी इस साल (2025) भी 15 से 30 जुलाई तक नशा मुक्ति अभियान चलाया गया. इसके बावजूद पिछले माह (सितंबर 2025) नशाखोरी के चलते ट्रक ड्राइवर ने 3 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. जबकि 10 से ज्यादा लोग घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस बीच हाल ही में यहां पुलिस ने ड्रग माफिया सीमा नाथ के ड्रग के धंधे को एक्सपोज किया है. जिसके नेटवर्क में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल मिले हैं. इसके साथ ही शहर में खुले गार्डन, प्लॉट और बंद इमारतों में समूह में लोग नशा करते पाए जाते हैं. सामूहिक हनुमान चालीसा का होगा आयोजन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने युवाओं को नशाखोरी से बचाने के लिए अब उन्हें सामूहिक हनुमान चालीसा के आयोजनों में शामिल करने का ऐलान किया है. विजयवर्गीय का कहना है कि "युवाओं को हनुमान चालीसा के जरिए नशे के खिलाफ धर्म से जोड़ना होगा. इसके लिए जल्द ही एक लाख युवाओं का जुटाकर आयोजन शहर में कराया जाएगा. इसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है." धर्म से जुड़ छोड़ेंगे नशाखोरी  उन्होंने आगे कहा, "आयोजन में सुंदरकांड करने वाली मंडलियों के अलावा स्कूल कॉलेज के छात्र और नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने वाले जन संगठन और उनसे जुड़े लोग भी शामिल होंगे. हनुमान चालीसा का पाठ करने से युवा मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर नशाखोरी के खिलाफ खड़े हो सकेंगे, क्योंकि हनुमान चालीसा का अपना अलग प्रभाव होता है."  

एमएसपी पर उपार्जन के लिए 4.68 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा, धान, ज्वार, बाजरा की होगी खरीद

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए अभी तक 4 लाख 68 हजार 946 किसानों ने कराया पंजीयन 10 अक्टूबर तक जारी रहेगी पंजीयन प्रक्रिया भोपाल  समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए अभी तक 4 लाख 68 हजार 946 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन 10 अक्टूबर तक होगा। पिछले वर्ष 7 लाख 84 हजार 845 किसानों ने पंजीयन कराया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि समय पर पंजीयन करा लें जिससे उपार्जन में कोई समस्या नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर और एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। जिलेवार पंजीयन प्रदेश में हुए कुल पंजीयन में मुख्य रूप से जिला बालाघाट में 57 हजार 223 किसान, जबलपुर में 24 हजार 710, सिवनी में 28 हजार 349, कटनी में 40 हजार 391, मण्डला में 18 हजार 473, डिण्डोरी में 10 हजार 590, नरसिंहपुर में 7 हजार 245, छिंदवाड़ा में 1,468, रीवा में 42 हजार 878, सतना में 36 हजार 113, मैहर में 17 हजार 427, सिंगरौली में 19 हजार 997, सीधी में 18 हजार 305, मऊगंज में 14 हजार 715, शहडोल में 23 हजार 723, उमरिया में 18 हजार 748, अनूपपुर में 13 हजार 612, पन्ना में 20 हजार 204, दमोह में 14 हजार 508, सागर में 889, रायसेन में 7 हजार 340, सीहोर में 5 हजार 434, विदिशा में 484, भोपाल में 33, नर्मदापुरम में 17 हजार 117, बैतूल में 5 हजार 905, हरदा में 315, भिंड में 363, मुरैना में 1533, श्योपुर में 43, ग्वालियर में 202, शिवपुरी में 205, दतिया में 130, देवास में 203, बड़वानी में 41 और झाबुआ में 20 किसानों ने पंजीयन कराया है।  

भोपाल सहित पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ीं, 2023 में 54,763 हादसे और करीब 10% मौतें

भोपाल मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। NCRB की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8% है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक यात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7% केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2% मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट खराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर SUV/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2% की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था।  

स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा साकार : मंत्री परमार

भोपाल उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि भारत की मान्यता में वसुधैव कुटुंबकम् है। विश्व एक परिवार है, विश्व बाजार नहीं है। भारत ने कोविड के संकटकाल में विश्व के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाकर वसुधैव कुटुंबकम् के भारतीय दृष्टिकोण को विश्वमंच पर परिलक्षित किया है। भारत का पुरातन दर्शन व्यापक था, हर क्षेत्र-हर विधा में भारत में समृद्ध ज्ञान था। भारत विश्वमंच पर समृद्ध एवं सक्षम राष्ट्र था, हमारी गौरवशाली एवं समृद्धशाली परंपराएं रही हैं, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष शोध एवं अध्ययन कर समाज में स्थापित की। मंत्री परमार सोमवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के पंडित सुंदरलाल शर्मा सभागृह में निजी विश्वविद्यालय संघ के तत्वावधान में आयोजित भारतीय ज्ञान परम्परा के विस्तार में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी के शुभारम्भ के बाद संबोधित कर रहे थे। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता का भाव, भारत की समृद्ध संस्कृति एवं परम्परा है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति एवं ऊर्जा स्रोतों के संरक्षण भाव से, समाज में कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए श्रद्धा के रूप में परम्परा स्थापित की। मंत्री परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा के कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न क्षेत्रों, विषयों एवं विधाओं में भारतीय पुरातन ज्ञान के तथ्यात्मक उदाहरण प्रस्तुत किए। परमार ने बताया कि नालन्दा विश्वविद्यालय के दौर में शिक्षा, चिकित्सा, तकनीक, इंजीनियरिंग सहित प्रत्येक क्षेत्र में भारत, विश्वमंच पर सिरमौर था। भारत के समृद्ध ज्ञान को ग्रहण करने विश्व भर से लोग आते थे, इसलिए भारत विश्वगुरु कहलाता था। उच्च शिक्षा में प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का समावेश किया गया है। मंत्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों को भारतीय ज्ञान परम्परा की संदर्भ पुस्तकों से समृद्ध करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय गृहणियों की रसोई प्रबंधन, विश्व भर में आदर्श एवं उत्कृष्ट प्रबंधन का उदाहरण है। मंत्री परमार ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी उत्पाद को अपनाने के संकल्प में सहभागिता करने का आह्वान भी किया। परमार ने कहा स्वदेशी आंदोलन से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प सिद्ध होगा। परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता एवं पुरुषार्थ से स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत विश्व में सिरमौर बनेगा। मंत्री परमार ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा में भारतीय ज्ञान परम्परा के व्यापक समावेश, सतत् अध्ययन एवं क्रियान्वयन के लिए अपने संस्थान में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ बनाने को कहा। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त क्रेडिट देने के साथ ही भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को जापानी एवं जर्मन भाषा सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। संगोष्ठी में बीज वक्ता के रूप में यूनाइटेड कान्शसनेस के संयोजक एवं वैश्विक शिक्षाविद् डॉ विक्रांत सिंह तोमर ने भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि भारत ने अपनी जड़ों को खोजना शुरू कर दिया है। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपरा से अवगत कराना था ताकि वे स्वदेशी को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। संगोष्ठी में एलएनसीटी समूह के प्रमुख जयनारायण चौकसे, ओरिएंटल समूह के प्रमुख प्रवीण ठकराल, निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष इंजी.श्री संजीव अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष हरप्रीत सलूजा सहित विविध शिक्षाविद्, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

गुस्से को बना दिया मुस्कराहट! किसानों की शिकायतों पर कांग्रेस का विरोध, शिवराज ने हंसी में बदला माहौल

सीहोर  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। वह अपने संसदीय क्षेत्र के सीहोर से गुजर रहे थे। इस दौरान किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उनकी गाड़ी को रोक दिया। ऐसे में मामा तो मामा ठहरे… वह भी अपने चिर परिचित अंदाज में गाड़ी से उतरे और लोगों से बात की। शिवराज सिंह चौहान का जवाब सुनकर वहां खड़े कांग्रेसी ठहाका लगाने लगे। हम तो मामा हैं… दरअसल, शिवराज सिंह चौहान की छवि मध्य प्रदेश में अलग है। वह अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत लेते हैं। कांग्रेस नेताओं ने सोयाबीन किसानों को लेकर शिवराज सिंह चौहान की गाड़ी रोक दी। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान गाड़ी से उतरकर कांग्रेसियों के बीच पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हो रही थी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले बात कर लो फिर खूब नारे लगाना… हम तो मामा हैं… यार जहां कहते हैं वहां रुकते हैं, बात करते हैं और सबकी सुनते हैं। शिवराज सिंह चौहान के इस अंदाज का वीडियो वायरल हो रहा है। बिलकिसगंज जा रहे थे शिवराज सिंह चौहान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिलकिसगंज में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में किसानों की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। कांग्रेसियों ने शिवराज सिंह चौहान से किसानों की फसल बीमा की कमियां और मुआवजा राशि को लेकर अवगत कराया। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें भरोसा दिया है कि हम सारी चीजों को देखवाएंगे। साथ ही कहा कि यह भी देखेंगे कि सर्वे सही से हुआ है या नहीं। इस दौरान कांग्रेस नेता मामा की तारीफों के पुल बांधते नजर आए हैं। वीडियो में एक कांग्रेस नेता यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि आप हमारे क्षेत्र में भी 95000 वोट से लीड लिए थे।