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खंडवा हादसे से देश स्तब्ध, PM मोदी दुखी, 11 परिवारों की एक साथ बुझी जिंदगी

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खंडवा मुख्यमंत्री मोहन यादव खंडवा के पंधाना पहुंचे और यहां हादसे में हताहत हुए परिवारों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक कर सभी पीड़ित परिवारों से बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता के चेक भी दिए। इस पूरी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह हादसा बहुत ही हृदयविदारक है।  “इस दुख की घड़ी में मैं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हूं। मैं उनका दुख साझा करने के लिए स्वयं यहां आया हूं। हमने सरकार की ओर से सभी मृतकों के परिवारों की मदद करने की पूरी कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि घटना में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपए और कम घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन्होंने इस घटना में लोगों को बचाने का काम किया, उन्हें 26 जनवरी को पुरस्कार दिया जाएगा और 51,000 रुपए के साथ उन्हें सम्मानित किया जाएगा।  सीएम ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 3.40 बजे खंडवा के पाडलफाटा गांव पहुंचे। यहां प्रशासन ने एक टेंट के नीचे सभी पीड़ित परिवारों को बुलवा लिया था। सीएम ने करीब 25 मिनट तक पीड़ित परिवारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी गई हैं। घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर घायलों को एक-एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साथ ही जामली के जिन ग्रामीणों ने लोगों की जान बचाई हैं, उन युवाओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। एक ही वक्त जली 11 चिताएं खंडवा में विसर्जन के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले 11 लोगों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुरुवार को जहां शोभायात्रा में सभी डीजे पर डांस कर रहे थे, आज वहीं परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। जिस 8 साल की चंदा का शव सबसे आखिरी में पानी से निकाला गया था, उसकी दो छोटी बहनें हैं। दोनों बहनें चंदा के शव के आसपास खेलती रहीं। वे इस बात से अनजान हैं कि उनकी बड़ी बहन चंदा की मौत हो चुकी है। बता दें, खंडवा में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान डैम के बैकवाटर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई थी। ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा के साथ करीब 30 लोग सवार थे। जान गंवाने वालों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिला शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर खंडवा और उज्जैन जिले में घटित अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की असामयिक मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में विजयदशमी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया था. माता की प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे ग्रामीणों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में गिर गई थी, यह हादसा पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव के पास आबना में हुआ था. गांव में भारी पुलिस बल तैनात पंधाना सिविल अस्पताल से शवों को एक-एक कर एम्बुलेंस से गांव लाया गया। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने पाडला फाटा में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौके पर मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह और पटवारी गांव पहुंचे मंत्री विजय शाह ने पाडलफाटा में मृतकों के परिजन से घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी भी गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इन मृतकों की हुई पहचान  इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में शर्मिला (16 वर्ष), आरती (18 वर्ष), दिनेश (16 वर्ष), उर्मिला (16 वर्ष), गणेश (16 वर्ष), किरण (14 वर्ष), पातलीबाई (22 वर्ष), रेव सिंह (12 वर्ष), आयुष (10 वर्ष), संगीता (16 वर्ष), और चंदा (8 वर्ष) शामिल हैं. सीएम मोहन ने मदद का किया ऐलान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास में दोनों जिले की घटनाओं की जानकारी प्राप्त होते ही उज्जैन और खंडवा कलेक्टर को इन घटनाओं में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही इन घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. उन्‍होंने पोस्‍ट में आगे लिखा, "मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को नजदीकी अस्पताल में समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. देवी मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और शोक संतप्त परिजनों को संबल हेतु प्रार्थना है." यह दर्दनाक हादसा उस समय हुई जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया पार कर रही थी. अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. ट्रॉली में महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने का प्रयास किया. ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब तक ले जाने को लेकर दो अलग-अलग बातें 1. कोटवार ने रोका, ट्रैक्टर ड्राइवर नहीं माना… जामली गांव के लोगों ने बताया कि तालाब तक जाने वाली पुरानी सड़क पर एक पुलिया है। तालाब में ज्यादा पानी होने पर यह पुलिया डूब जाती है। इन दिनाें तालाब में पानी कम है, तो पुराने रोड पर तालाब के पास एक कोटवार लोकेंद्र बारे की ड्यूटी भी लगी थी। कोटवार ने ट्रैक्टर ड्राइवर को तालाब के अंदर जाने से रोका भी था, लेकिन वो नहीं माना। पुलिया पर हल्का पानी था। पुलिया पार करते समय ट्रैक्टर का पहिया नीचे उतर गया। ट्राली में ही ग्रामीणों के साथ दुर्गा प्रतिमा भी रखी हुई थी। लोग मूर्ति और ट्रॉली के नीचे दब गए। लोकेंद्र बारे ने बताया कि ड्राइवर नशे में लग रहा था। 2. तैरना जानते थे फिर भी जान नहीं बची… प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि ड्राइवर दीपक किराड़े ट्रैक्टर … Read more

फुटबॉल खिलाड़ी सुहानी कोल का जर्मनी की ओर कदम, नए अनुभव के लिए हुईं रवाना

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शहडोल  विचारपुर गांव में पिछले तीन साल से फुटबाल खेल रहीं सुहानी कोल का सपना पूरा होने जा रहा है। वह देश के नामी गिरामी फुटबाॅल खिलाडियों में जल्द ही शुमार होंगीं। शुक्रवार की रात 1.40 बजे दिल्ली से वह जर्मनी के लिए अपने साथी खिलाडियों व कोच के साथ भारत से जर्मनी के लिए रवाना होंगीं। ’नईदुनिया’ से बात करते हुए सुहानी काेल ने कहा है कि वह अपनी जर्मनी यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इन्होंने कहा कि जब मैं छह साल की थी तब अपने पिता को खो दिया था। मां ज्योति कोल के साथ नानी के घर विचारपुर आ गई थी। शहडोल के रेलवे स्कूल में पढाई के दौरान ही फुटबाॅल का अभ्यास शुरू किया और पिछले तीन साल से विचारपुर में फुटबाॅल खेल रही हूं। सुहानी ने कहा कि कोच लक्ष्मी सहीस जिन्होंने मुझे फुटबाॅल खेल की बारीकियां सिखाईं आज उनके ही साथ जर्मनी जाने का अवसर मिला है। यहां पर 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक फुटबाल खेल की बारीकियां सीखने का मौका मिला है जो मेरे लिए गौरव का क्षण है। सीएम ने की मुलाकात बढाया हौसला     उल्लेखनीय है कि बीते दिनों शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर की ’मिनी ब्राजील’ फुटबाल टीम के खिलाड़ियों से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया था।     मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा था कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है     मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनके प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की थी।     उन्होंने कहा था कि विचारपुर की फुटबाॅल टीम शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी प्रदेश की असाधारण खेल प्रतिभा का परिचायक हैं।     उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा था कि वे अपने कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करें। यह खिलाड़ी जा रहे सुहानी के साथ विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के इस विशेष अवसर के लिए विचारपुर से कुल पांच खिलाड़ी और एक महिला प्रशिक्षक का चयन किया गया है। इनमें लक्ष्मी सहीस प्रशिक्षकाएं 31 वर्ष, सुहानी कोल खिलाड़ी 16 वर्ष ,सानिया कुशवाहा खिलाड़ी 14 वर्ष, प्रीतम कुमार खिलाड़ी 14 वर्ष, वीरेंद्र बैगा खिलाड़ी16 वर्ष एवं मनीष घसिया खिलाड़ीए 16 वर्ष के नाम शामिल हैं। पीएम के मन की बात से मिली पहचान उल्लेखनीय है कि विचारपुर की फुटबॉल टीम को यह पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई 2023 को मन की बात कार्यक्रम में मिली थी। प्रधानमंत्री ने विचारपुर को ’मिनी ब्राजील’ के रूप में उल्लेखित किया था। इसके बाद जर्मनी के एक प्रतिष्ठित फुटबाल क्लब ने विचारपुर के पांच खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया गया है।  

पीला मोजेक से नुकसान झेल रहे किसानों को राहत, 13 जिलों में ₹653 करोड़ की मदद

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भोपाल  मध्य प्रदेश में पहली बार किसानों को सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग लगने से खराब हुई फसलों का भी मुआवजा मिला है. सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 13 जिलों के किसानों को 653 करोड़ रुपए की राहत राशि ट्रांसफर की है, इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज से राज्य में सोयाबीन भावांतर योजना भी शुरू हो गई है जिसका पैसा भी जल्द ही किसानों को मिलेगा, इसलिए सभी किसानों से उन्होंने भावांतर योजना के लिए पंजीयन कराने की सलाह दी है, वहीं उन्होंने राहत राशि ट्रांसफर करने के साथ ही प्रदेश के किसानों से संवाद भी किया है इससे पहले मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित किसानों के खातों में 653.34 करोड़ रुपए की राहत राशि जमा कराई। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद भी किया। सीएम यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सरकार हमेशा प्राथमिकता देती है। उन्होंने किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि जैसे सीमाओं पर जवान देश की रक्षा करते हैं, वैसे ही खेतों में किसान देशवासियों के लिए अनवरत मेहनत करते हैं। 13 जिलों के किसानों को दी राशि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13 जिलों की 52 तहसीलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसान अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत राशि जिन जिलों के किसानों को दी गई है उनमें मंदसौर, विदिशा, सिवनी, बड़वानी, नीमच, रतलाम, दमोह, बुरहानपुर, मंडला, उज्जैन, खंडवा और शहडोल शामिल हैं। किसानों के लिए हमने वार-त्योहार नहीं देखा सीएम यादव ने कहा कि जो कहा है वह किया है और जो कहते हैं वह करते हैं। 6 जिलों में 322 करोड़ की राशि सोयाबीन फसल प्रभावित किसानों को बांटी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हमने वार देखा न त्योहार लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है। मंदसौर के किसान बोले- दीवाली से पहले सरकार ने कराई दीवाली मंदसौर जिले के किसान रामदास बैरागी ने कहा कि सोयाबीन पीला मोजेक पर पहली बार चिंता की गई और राहत राशि सरकार और प्रशासन ने दिलाई है। सरकार ने ऐसा करके दीवाली से पहले दीवाली कराई है। रेखा देवी ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए दरियादिली दिखाई है। दीवाली के पहले सरकार ने किसानों की बल्ले बल्ले कर दी है। गरोठ निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार ने बुरे वक्त में मदद की है। 63 हजार रुपए मिले हैं। सुनीता शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए जो सोचा है, उसके लिए वे सीएम मोहन यादव का धन्यवाद करती हैं। रतलाम के किसानों को 171 करोड़ दिए, दस अक्टूबर को किसान सम्मेलन में जाएंगे सीएम रतलाम जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि 171 करोड़ रुपए रतलाम के किसानों को बांटे गए हैं। राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा ने कहा कि किसी भी जिले को एक बार में इतनी राशि पहली बार दी गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि वे 10 अक्टूबर को रतलाम आएंगे और वहां के किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। भाजपा विधायक राजेंद्र पांडेय ने कहा कि बीमा कंपनियों से भी किसानों को राशि सीएम दिला रहे हैं, इसलिए किसान खुश हैं। किसान प्रहलाद पाटीदार ने कहा कि दो बार सोयाबीन की फसल लगाई थी जो बारिश के कारण नष्ट हो गई है। अगले साल सोयाबीन के बीज के लिए भी पैसे नहीं हैं। इस पर सीएम यादव ने कहा कि फसल काटकर आने के पहले किसानों के पास पैसा भेजा है। किसान चरणदास ने कहा कि दीवाली के पहले राहत राशि दे दी है, इसके लिए वे सीएम का धन्यवाद करते हैं। कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, उनका मुंह बंद हो गया नीमच जिले के किसानों के साथ चर्चा के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस विरोध करने की तैयारी में थी, लेकिन सरकार ने समय पर राहत देकर कांग्रेसियों का मुंह बंद कर दिया है। अनावारी के आधार पर बीमा कंपनियों से राहत राशि दिलानी की मांग की गई। नीमच जिले को 119 करोड़ रुपए देने की जानकारी इस दौरान सीएम यादव ने दी। राकेश पाटीदार ने कहा कि किसानों को नई फसल के लिए सरकार ने राहत राशि देकर सहयोग किया है। शंभूलाल ने कहा कि राहत राशि देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर दे रहे हैं, इसके लिए किसानों की ट्रेक्टर के साथ रैली निकाली जाए। मंदसौर रतलाम संसदीय करोड़ को 600 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। बुरहानपुर में केले की फसल पर दिया मुआवजा विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर के एक किसान को 3.60 लाख रुपए मिला है। एक माह में ही मुआवजा प्राप्त हो गया है। किसान ने सीएम यादव का धन्यवाद किया। सीएम यादव ने कहा कि केले की फसल नहीं आ पा रही है तो केले के तने, शाखों का उपयोग कपड़े की फैक्ट्री में होगा। उज्जैन, विदिशा के किसान बोले, दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवाई उज्जैन जिले के किसान पवन सिंह और अन्य ने कहा कि दशहरे पर मुख्यमंत्री ने दिवाली मनवा दी। भावांतर के लिए आज से शुरू हुए पंजीयन को लेकर भी सीएम की कार्यशैली की सराहना की। विदिशा जिले के किसानों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बीजेपी की सरकार सदा ही किसानों का ध्यान रखती है। किसान भारत सिंह ने कहा कि किसान खुश हैं। सीएम ने पूछा कितने रुपए मिले, इस पर भारत सिंह ने कहा कि 90 हजार मिले हैं। मनोज सिंह ने कहा कि धान के 40 हजार रुपए मिले हैं। ऐसा लगता है कि सरकार साथ है और हाथ पकड़कर आगे लेकर जा रही है। सीएम यादव ने दमोह, अलीराजपुर, शहडोल, मंडला, बड़वानी समेत अन्य प्रभावित जिलों के किसानों से भी बात की।

दुकान पर झाडू लागने की बात को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद , 2 घंटे रहा चक्का जाम

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चंदला चंदला में दो पक्षों में विवाद हो गया विवाद का कारण आपसी बुराई बताया जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार बाला वर्मा चंदला के महावीर ऑटो पार्ट्स के सामने एक मिठाई की दुकान संचालित करता है सौरभ जैन अपनी जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह बाला वर्मा का पुत्र अमन वर्मा जब दुकान खोलने आया तो मैं भी अपनी दुकान के बाहर झाड़ू लगा रहा था तभी अमन बुरी बुरी गालियां देने लगा जिसको लेकर विवाद हो गया विवाद इस कदर बढ़ा कि अमन ने फोन लगाकर अपने दोस्तों और भाइयों को मौके पर बुला लिया जिससे अमन और उसके भाई पिता और साथियों ने जैन परिवार के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दे डाला वहीं गुस्साए परिजनों ने मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित कर दी जैसे ही पूरे मामले की जानकारी चंद्ला पुलिस को लगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम हटवाने का प्रयास किया मगर जैन समाज के लोग एक नहीं माने और देखते ही देखते सैकड़ो की तादाद में महिलाएं और पुरुष एकत्रित होते गए वहीं जब यह मामला तूल पकड़ता दिखाई दिया तो पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीओपी नवीन दुबे और चंदला थाना प्रभारी उदयवीर सिंह तोमर की समझाइए इसके बाद जाम में बैठे लोग मान गए और थाने पहुंचकर पूरे मामले की एफआईआर दर्ज करवाने को तैयार हुए वही चंदला पुलिस ने बताया कि फरियादी राजेश जैन की रिपोर्ट पर बाला वर्मा अमन वर्मा गोलू वर्मा दीपू वर्मा नायक श्रीवास संकल्प मिश्रा शिवकुमार वर्मा सचिन सांसिया  सुमित भुर्जी सहित 9 लोगों पर विभिन्न धाराओं पर मामला पंजीबद्ध किया गया है पूरे मामले पर पांच से अधिक लोग घायल हुए हैं दोनों पक्षों पर विवाद हुआ था दोनों पक्षों के लोग घायल है अभी एक पक्ष के घायलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई किंतु अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करके आरोपी गणों को कब तक सलाखों के पीछे धकेला जाएगा जो शासन प्रशासन के लिए चुनौती का विषय बना हुआ है

एक लाख परिवारों तक पहुंचने वाला मैत्री अभियान, बताएगा घर बैठे पशुपालन कैसे करें सफल

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भोपाल मध्य प्रदेश में नस्ल सुधार करके दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा नियुक्त मैत्री कार्यकर्ता एक लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचेंगे। पहले चरण में उन परिवारों तक पहुंचा जाएगा, जिनके पास दस या उससे अधिक दुधारू पशु हैं। इन्हें बताया जाएगा कि नस्ल सुधार करने से उन्हें कितना लाभ होगा। पोषण आहार में जो खर्च होगा, उससे अधिक कैसे आय होगी। सरकार कैसे-कैसे सहयोग करेगी। विभाग ने तीन चरण में सभी पशुपालकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पहला चरण नौ अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 10 या इससे अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी या मैत्री कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट की जाएगी। इन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।   साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। मैत्री कार्यकर्ता को प्रति पशुपालक पांच रुपये मानदेय भी मिलेगा। दूसरे चरण में पांच या अधिक गो-वंश रखने वाले और तीसरे चरण में पांच या इससे कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा।

नो एंट्री नियम के खिलाफ इंदौर के ट्रांसपोर्टर्स ने चेताया, माल की डिलीवरी और बुकिंग 6 अक्टूबर से रोकेंगे

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इंदौर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने 6 अक्टूबर से माल की बुकिग पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। शहर के नो एंट्री क्षेत्र में संचालित करीब 500 ट्रांसपोर्ट कार्यालय और गोदामों से माल की बुकिंग और डिलीवरी बंद रहेगी। इससे बाजारों में वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ट्रांसपोर्टरों ने यह निर्णय नो एंट्री को लेकर बरती जा रही सख्ती के कारण लिया है। एसोसिएशन ऑफ पार्सल ट्रांसपोर्ट एंड फीट ऑनर्स के द्वारा सोमवार से शहर में लोहा मंडी और अन्य क्षेत्रों में संचालित अपने कार्यालय और गाेदाम में माल की बुकिंग नहीं ली जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए नो एंट्री नियमों के कारण उनका कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।   प्रशासन ने सुबह 6 बजे से रात ग्यारह बजे तक प्रवेश पर रोक लगा दी है। वहीं निवेदन करने पर केवल दोपहर 12 से 3 बजे तक ही ट्रकों को लोहामंडी क्षेत्र में प्रवेश की छूट दी गई है। जबकि पहले दोपहर 12 से 5 बजे तक और रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक प्रवेश मिलता था। कम समय होने से बुकिंग और सप्लाई प्रभावित हो रही है। कई शहरों तक होती है सप्लाई इंदौर से करीब 1500 ट्रक रोजाना माल लोडिंग होता है। जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही पडा़ेसी राज्यों के कई शहरों तक जाता है। वहीं इतने ही ट्रक माल अन्य शहरों से इंदौर पहुंचता है।इंदौर आने वाले माल को यह ट्रांंसपोर्टर ही बाजारों में सप्लाई करते है।वहीं बाहर से आने वाले व्यापारी इंदौर में खरीदे गए माल को ट्रांसपोर्ट के माध्यम ले जाते है। बुकिंग बंद होने से बाजार में सप्लाई और माल की बिक्री दोनों प्रभावित होगी।

ट्रैफिक थम गया पन्ना में! दो लोगों की मौत पर मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग में चक्काजाम

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पन्ना पन्ना जिले के पवई थाना अंतर्गत खमरिया मोड पर 2 अक्टूबर को देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। घटना में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए कटनी जिला अस्पताल इलाज चल रहा है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने आज सुबह से खमरिया मोड पर चक्का जाम कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। घटना के बाद राकेश पटेल पिता जयराम पटेल उम्र 36 वर्ष और पुरुषोत्तम पटेल पिता रामशरण पटेल उम्र 38 वर्ष दोनों निवासी खमरिया की कटनी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई है। करीब एक दर्जन लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने खमरिया मोड पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग है की मृतकों और घायलों के परिजनों को कम से कम एक करोड रुपए मुआवजा और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही यह भी मांग की है कि ड्राइवर के द्वारा लगातार विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों को बेरहमी से कुचले जाने के मामले में निष्पक्ष जांच की जाए। दोषी पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, वह इसी तरह चक्का जाम कर बैठे रहेंगे। चक्का जाम की जानकारी लगने के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिवहरे परिवार की संपत्ति पर ईडी की नजर, भोपाल से पहुंची टीम ने की छानबीन

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छतरपुर मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बगौता में तिराहे पर स्थित शिवहरे परिवार के निवास पर आज सुबह करीब 7 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है. जानकारी के अनुसार, भोपाल से आई ED की 5 सदस्यीय टीम 4 पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवी दीन शिवहरे के परिवार के घर पर जाँच कर रही है. परिवार से जुड़े लोगों में रियल एस्टेट और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन व्यवसायी अनंत राम शिवहरे और मुकेश शिवहरे (सब इंजीनियर, पूर्व में पन्ना में कार्यरत) शामिल हैं. फिलहाल ED ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस मामले में जाँच की जा रही है. सुबह 7 बजे से चल रही कार्रवाई शिवहरे परिवार के यहां ED की 5 सदस्यीय टीम ने करीब सुबह 7 बजे छापा मारा था. तभी से ठेकेदार अनंतराम शिवहरे और उनके पुत्र सब इंजीनियर मुकेश शिवहरे के यहां ED की कार्यवाही चल रही है. ED की टीम ने अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है. वहीं घर के बाहर पुलिस के जवान को भी तैनात किया गया है. पाल से आई टीम, बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले भोपाल से आई ईडी की पांच सदस्यीय टीम सुबह चार पुलिसकर्मियों के साथ स्वर्गीय देवीदीन शिवहरे के निवास पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घर सागर-कानपुर रोड पर बगौता तिराहे के पास स्थित है। छापेमारी के दौरान ईडी टीम के साथ आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने संबंधित बैंक खातों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई। परिवार का ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़ाव जांच जिन लोगों को केंद्र में रखकर की जा रही है, उनमें अनंतराम शिवहरे और मुकेश शिवहरे शामिल हैं। अनंतराम पहले नल फिटिंग के ठेकेदार रहे हैं, जबकि मुकेश शिवहरे पन्ना में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। उनकी पत्नी डॉ. सोनल शिवहरे वर्तमान में ईसानगर में पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि शिवहरे परिवार ठेकेदारी के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से भी जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी को शक है कि कुछ लेन-देन संदिग्ध हैं, जिन्हें लेकर दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने की पुष्टि सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह ने भी ईडी की इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की है और पुलिस टीम सहयोग के लिए मौके पर मौजूद रही। ED की कार्रवाई जारी जानकारी के मुताबिक, ED की टीम शिवहरे परिवार के यहां कार्यलायों के दस्‍तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड्स और जरुरी अन्‍य समानों की जांच कर रही है. दरअसल, अनंत राम शिवहरे रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में कॉफी सक्रिय माने जाते हैं. इनकी बिल्डिंग कंस्‍ट्रक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स में भी अहम भुमिका मानी जाती है. ED द्धारा शिवहरे परिवार के यहां छापा मारने के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

सड़क हादसा: भाजपा नेता के बेटे की कार से कुचले गए युवक, FIR दर्ज न होने पर गुस्से में लोग

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सीहोर नगर के सैकड़ाखेड़ी मार्ग पर हुए दर्दनाक हिट एंड रन मामले में पुलिस की कार्यवाही अब सवालों के घेरे में है। 26 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे मॉर्निंग वॉक कर रहे दो युवकों को तेज रफ्तार स्विफ्ट कार (MP 04 CJ 4088) ने कुचल दिया था। हादसे में जरीफ खान की मौत हो गई, जबकि उसका साथी धर्मेश गंभीर घायल है और वर्तमान में एम्स भोपाल में इलाजरत है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कार में बैठे एक युवक ने खुद को भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य राजू राजपूत का बेटा बताया। चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद कार में सवार तीनों युवकों को मौके से पकड़ा गया और पुलिस की 112 टीम द्वारा थाना कोतवाली भी लाया गया।   ग्रामीणों का कहना है कि युवकों ने एक्सीडेंट कबूल भी किया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज की। आरोप है कि थाना पहुंचने के बाद कार चालक और अन्य दो युवकों को छोड़ दिया गया। अब यह पूरा मामला पुलिस की निष्पक्षता और साख पर सवाल खड़े कर रहा है। कार जिस भाजपा नेता से जुड़ी बताई जा रही है, उससे घटना और भी संवेदनशील हो गई है। पुलिस और प्रशासन के बड़े अफसर भी अब तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। यह उठ रहे सवाल     जब कार और आरोपी युवक मौके से पकड़े गए, तो फिर अज्ञात आरोपी की तलाश क्यों?     क्या पुलिस दबाव में आकर आरोपितों को बचा रही है?     हादसे के वीडियो और गवाहों के बयानों के बावजूद पुलिस कार्रवाई क्यों ढीली है? टीआई कोतवाली रवीन्द्र यादव का कहना है कि घटना के संबंध में पुलिस जांच कर रही है, मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं, लेकिन लोगों में सवाल यही है कि क्या यह जांच वास्तव में निष्पक्ष है या फिर आरोपियों को बचाने की कवायद?

मंत्री शाह ने शोक संतप्त परिवारों से की मुलाकात, समर्थन और मदद का आश्वासन

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पन्धाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।