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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री का किया स्मरण

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'जय जवान-जय किसान' के उद्घोषक, महान राष्ट्रभक्त, शुचिता, सरलता व दृढ़ता के प्रतिमान, 'भारत रत्न' से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने कार्यों से जो मूल्य एवं आदर्श स्थापित किए हैं, वे हर पीढ़ी को देश और समाज की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनके कुशल और बुलंद नेतृत्व को देश सदा याद रखेगा।  

प्रदेश के हर स्कूल में 86.97 लाख अपार आईडी जारी, वन नेशन-वन स्टूडेंट कार्यक्रम हुआ सफल

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भोपाल  प्रदेश में वन नेशन-वन स्टूडेंट योजना में अब तक 86 लाख 97 हजार अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) बनायी जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी को लक्षित छात्रों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये अपार आईडी बनाने के निर्देश दिये हैं। इस पहल से प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम अपार आईडी मिलेगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों, स्कूलों और सरकारों के लिये पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रेक करना आसान होगा। यदि विद्यार्थी स्कूल बदलता है, चाहे राज्य के भीतर या अन्य राज्य में, उसका सारा डेटा सिर्फ अपार आईडी साझा करने से उसके नये स्कूल में स्थानांतरित हो जायेगा। छात्रों को दस्तावेज या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में नर्सरी से कक्षा-12 तक एक करोड़ 33 लाख 85 हजार विद्यार्थियों के अपार आईडी शिविर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 65.2 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से बेहतर स्थिति में हैं।  

पुराना और कमजोर मोरटक्का पुल भारी वाहनों के लिए फिर खुला, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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 खंडवा  इंदौर-ऐदलाबाद नेशनल हाईवे पर मोरटक्का के नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। इनमें 80 टन से अधिक वजनी भार वाहन भी शामिल हैं। जबकि पुल उम्रदराज होने और बीच के पिलर कमजोर होने से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) ने 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रखा है। बताया जाता है कि यह स्थिति कलेक्टर खंडवा के एक आदेश के बाद बनी है। जिसमें कलेक्टर ने सावन माह में व्यावसायिक भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध हटाने की बात कही है, लेकिन आदेश की भाषा से उपजे संशय के कारण 20 टन से अधिक भार वाले वाहन भी बेरोकटोक निकल रहे हैं। इनसे नर्मदा पुल पर अनहोनी हो सकती है। जिससे खंडवा और बुरहानपुर का इंदौर से सीधा सड़क संपर्क बाधित हो जाएगा। जिले में नर्मदा नदी पर बना करीब 75 साल पुराना मोरटक्का पुल दो साल पहले नर्मदा में आई बाढ़ के कारण कमजोर हो गया था। एनएचएआइ ने एसजीआइटीएस इंदौर के विशेषज्ञों से इसकी जांच करवाई थी। जांच कमेटी में शामिल प्रोफेसर डा. विजय रोड़े, डा. एमके लघाटे, प्रोफेसर विवेक तिवारी ने मोरटक्का पुल का लोड टेस्टिंग कर बारीकी से जांच की थी। उनकी अनुशंसा पर इंदौर संभागायुक्त ने 20 टन से अधिक क्षमता वाले बी-कैटेगरी के भारी वाहनों की पुल से आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी। ऐसे में इंदौर से महाराष्ट्र जाने वाले भारी वाहनों को तेजाजी नगर (इंदौर) से देशगांव तक आवाजाही थम गई थी। इस आदेश के पालन के लिए मोरटक्का पुल के एक ओर खंडवा और दूसरी ओर खरगोन पुलिस द्वारा बेरियर लगाकर आदेश का पालन करवाया जा रहा था। पुलिस ने हटाई जांच चौकी 23 सितंबर को कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा नर्मदा पुल से भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक को निरस्त करने पर पुल की सुरक्षा के लिए बने जांच प्वाइंट और नाकों को पुलिस ने हटा दिया है। पुल से हाईवे निर्माण के लिए 80 टन से अधिक वजनी हाइवा और डंपर गुजरने की मांग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लंबे समय से कर रहा था। इसके लिए चैंबर ऑफ कामर्स के माध्यम से कलेक्टर से प्रतिबंध हटवाने के प्रयास भी हुए, लेकिन एनएचएआई और संभागायुक्त के आदेश की वजह से कोई राहत नहीं मिल सकी थी। अब कलेक्टर के मौजूदा आदेश से ट्रांसपोटर्स की मुराद पूरी हो गई हैं। इधर जानकारों का कहना है कि 20 टन से अधिक वजन वाले वाहनों की आवाजाही पुल के लिए खतरनाक हो सकती है। खंडवा में बढ़ गए थे पेट्रोल-डीजल के दाम मोरटक्का पुल पर भारी वाहनों के प्रतिबंध से डीजल-पेट्रोल के टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। इंदौर से आने वाले टैंकर धामनोद से घूमकर आने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों की मांग पर कंपनियों ने खंडवा और बुरहानपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे। इसे देखते हुए 18 मार्च 2024 को इंदौर के तत्कालीन कमिश्नर दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएचएआइ और पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की मौजूदगी में मोरटक्का पुल से 20 टन से ज्यादा वजन होने पर पुल से एक-एक कर टैंकर सुबह आठ बजे से पहले निकलने का समय भी निर्धारित किया था। बैठक में निर्णय के बाद दौड़ने लगे भारी वाहन एक सप्ताह पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के साथ कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर बने पुराने पुल को सभी वाहनों के लिए खोलने की मांग की गई थी। इस पर कलेक्टर खंडवा ने पुल को प्रतिबंध मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से सभी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। वैसे बैठक में प्रतिबंध के बावजूद भी रात में 20 टन से अधिक वजनी वाहन सांठगांठ कर निकलने की बात उठी थी। 20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित है     नर्मदा पुल संकरा और कमजोर होने से मोरटक्का में नए पुल का निर्माण चल रहा है। पुराने पुल से 20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। कलेक्टर ने आदेश को निरस्त किया है। पुल से 20 टन से भारी वाहन निकल रहे हैं तो मैं दिखवाता हूं। – आशुतोष सोनी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई खंडवा पहले निकला आदेश जानकारी में नहीं     सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर समस्त व्यावसायिक श्रेणी के भारी वाहनों की इंदौर से देशगांव तक आवाजाही पर रोक लगाई थी। इस आदेश को निरस्त किया है। पूर्व में नर्मदा पुल को लेकर जारी आदेश मेरी जानकारी में नहीं है।– ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा  

भोपाल-हैदराबाद हवाई संपर्क मजबूत, तिरुपति के लिए सीधी फ्लाइट अब भी नहीं

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 भोपाल  भोपाल से हैदराबाद तक अब दो सीधी उड़ानें हो गई हैं लेकिन तिरूपति तक एक भी उड़ान नहीं है। भोपाल से तिरूपति बालाजी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ट्रेन का सफर लंबा होने के कारण लंबे समय सीधी फ्लाइट की जरूरत महसूस की जा रही है। इंडिगो ने अपनी दूसरी हैदरबाद उड़ान एक अक्टूबर से पुन: प्रारंभ करने की घोषणा की है। अब यात्रियों को सुबह 7.20 बजे एवं रात्रि 9.20 बजे हैदराबाद के लिए उड़ान मिल सकेगी। दोनों उड़ानों का शेड्यूल पैसेंजर फ्रेंडली होने के कारण इसमें अच्छी बुकिंग हो रही है। इस रूट पर छह से सात हजार रूपये में बुकिंग हो रही है। अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। यदि इन दोनों उड़ानों में से किसी एक को हैदराबाद से होकर तिरूपति तक चलाया जाए तो यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है। हैदराबाद से तिरूपति तक का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा होता है। भोपाल से तिरूपति तक ट्रेन में करीब 24 घंटे लगते हैं। साऊथ कनेक्शन अब भी कमजोर भोपाल हैदराबाद एवं बेंगलुरू तक सीधी उड़ानें होने के बावजूद भोपाल का दक्षिण भारत तक हवाई कनेक्शन कमजोर है। चैन्नई एवं काच्चि जैसे शहरों तक लंबे समय से डायरेक्ट उड़ान नहीं है। यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से जाना पड़ता है। इसमें समय एवं धन अधिक खर्च होता है। हर साल तिरूपति दर्शन करने वाले भक्त अशोक हिमथानी का कहना है किएयरलाइंस कंपनियों को तिरूपति एवं चैन्नई तक सीधी उड़ान शुरू करना चाहिए। इसमें अच्छी बुकिंग मिल सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने एयरलाइंस को स्लाट देने की पेशकश की है।

शुपालकों के लिए सुनहरा अवसर, दुग्ध समृद्धि अभियान का करें पूरा उपयोग: मंत्री पटेल

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पशुपालक दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान का लें पूरा लाभ : पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  पटेल प्रदेश में 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं से प्रारंभ होगा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश के किसानों की पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से प्रदेश में 2 अक्टूबर से "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान'' प्रारंभ होगा। अभियान के अंतर्गत गाँव-गाँव पशुपालकों से व्यक्तिश: सम्पर्क किया जायेगा और उन्हें पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में जागरूक किये जाने का आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जायेगा। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि पशुपालक किसान बंधु इस अभियान का पूरा-पूरा लाभ लें. अभियान के अंतर्गत जब पशु चिकित्सा अधिकारी/मैत्री उनके घर आएं, तब पशुपालन के संबंध में उनकी जो भी समस्या हो उन्हें बताएं और समाधान प्राप्त करें। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान" 3 चरणों में चलाया जायेगा। इसकी शुरूआत 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं से की जायेगी। अभियान का प्रथम चरण 9 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान में 10 या 10 से अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से व्यक्तिश: सम्पर्क किया जायेगा। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी/मैत्री द्वारा पशुपालकों से गृह भेंट की जायेगी और उन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जायेगा। साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जायेगी। इस कार्य के लिये मैत्री को प्रति पशुपालक 5 रुपये का मानदेय भी दिया जायेगा। "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान" के द्वितीय चरण में 5 या अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों और तीसरे चरण में 5 या कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सम्पर्क किया जायेगा। अभियान का उद्देश्य गोवंश का समुचित पालन पोषण और दुग्ध उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाना है।  

सराफा चौपाटी का भविष्य सस्पेंस में, त्योहारी सीजन के बाद होगी निर्णायक बैठक

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इंदौर  शहर की प्रसिद्ध रात्रिकालीन सराफा चौपाटी के नए स्वरूप को लेकर त्योहारी सीजन के बाद अहम बैठक होगी। इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर चौपाटी के भविष्य पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दुकानों की संख्या, उनके स्थान और चौपाटी के समग्र प्रबंधन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। क्या है व्यापारियों की योजना? इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार, व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही महापौर से मिलेगा। उनकी प्रमुख मांग है कि सराफा चौपाटी में लगने वाली दुकानों की संख्या को 60 से 65 तक सीमित किया जाए। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा कि सभी दुकानें सड़क के एक ही तरफ लगाई जाएं, ताकि आगंतुकों को घूमने-फिरने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। व्यापारियों का यह भी कहना है कि चौपाटी में केवल पारंपरिक और वर्षों से लग रही दुकानों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समिति की बैठक भी जल्द सराफा चौपाटी के सुचारू संचालन और प्रबंधन के लिए बनाई गई समिति की बैठक भी त्योहारी सीजन के बाद होने की संभावना है। यह समिति व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करेगी और चौपाटी के नए नियमों को अंतिम रूप देने में अपनी भूमिका निभाएगी। इस बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इंदौर की यह प्रसिद्ध चौपाटी भविष्य में किस स्वरूप में नजर आएगी। 

दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करें, अंतिम तारीख 31 अक्टूबर

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मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के आवेदन 31 अक्टूबर तक आमंत्रित स्पर्श पोर्टल पर कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन भोपाल  दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री दिव्‍यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के मूलनिवासी दिव्यांगजन, जिनमें अस्थिबाधित द्वारा गत परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक तथा अन्य श्रेणी में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है उनसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये है। विद्यार्थी अपना आवेदन 31 अक्टूबर तक स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कर सकते है। आवेदन पत्रों की जांच 15 नवम्बर तक होगी और अंतिम सूची का प्रकाशन 30 नवम्बर तक किया जाएगा। स्वीकृत आवेदन पत्रों में पात्रतानुसार छात्रों को लैपटॉप अथवा मोट्रेट ट्राइसाइकल, विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर 2025 को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वितरित की जायेगी। आयुक्त सामाजिक न्याय ने बताया की स्पर्श पोर्टल ओपन कर दिया गया है। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने जिले से अधिक से अधिक पात्र दिव्‍यांग छात्र/छात्राओं को योजना हेतु आवेदन करने के लिये प्रोत्‍साहित करें एवं जिला अधिकारी आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करना सुनिश्चित करें।  

लाड़ली बहना योजना: अक्टूबर में कई खातों में नहीं आएंगे 1500 रुपये, जरूरी शर्तें पूरी नहीं होने से रोक

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भोपाल  अक्टूबर महीने में लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी की जाएगी। इस किस्त का इंतेजार प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनों को है। इस बार की किस्त पहले जारी की गई किस्तों से बहुत खास भी है। क्योंकि इस बार मोहन सरकार पात्र लाड़ली बहनों को 1250 नहीं… ब्लकी 1500 रूपये ट्रांसफर करेगी। दिवाली-भाई दूज पर मिलने वाले इस सौगात की खबर ने महिलाओं की खुशी डबल कर दी है। लेकिन खुशखबरी देने वाली 'लाड़ली बहना योजना' ने प्रदेश की कई बहनों को बड़ा झटका भी दे दिया है। अक्टूबर में कई लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपये नहीं पहुंचेंगे। 29वीं किस्त(Ladli Behna Yojana 29th Installment) आने से पहले यहां जानें… आखिर क्यों नहीं मिलेंगे 1500 रुपये। लाड़ली बहना योजना से कट गए महिलाओं के नाम जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर सैकड़ों लोगों की समग्र आईडी डिलीट कर दी गई। जबकी उनकी समग्र आईडी पूरी तरह से सत्यापित थी। ऐसे में उन महिलाओं की भी आईडी डिलीट की गई जो लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी थीं। इससे ये महिलाएं लाड़ली बहना योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं। इस कारण अक्टूबर में इन लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपये नहीं आएंगे। समग्र आईडी डिलीट होने का ताजा मामला सतना जिले से सामने आया है। वहीं सिंगरौली से भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इन महिलाओं को भी नहीं मिलेंगे योजना के पैसे इसके आलवा, उन लाड़ली बहनों को भी अक्टूबर में मिलने वाली 29वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा हो गई है। दरअसल, लाड़ली बहना योजना की पात्रता शर्तों के मुताबिक, दस्तावेज में जो महिलाएं 60 वर्ष से अधिक उम्र की हो गई है तो वे अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो जाती हैं। इसी वजह से जनवरी 2025 में बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से बाहर हो गई थी क्योंकि आधार कार्ड में उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। अगर आपके दस्तावेज में भी आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो गई है तो, आप भी अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं। कई महिलाओं की राशि रोकी पर कारण नहीं बता रहे.. जानकारी के मुताबिक, जून महीने तक प्रदेश की 2,76,439 महिलाओं के खाते में राशि आती रही लेकिन अगले ही महीने इन आंकड़ों में अंतर देखने को मिला। जुलाई में लाड़ली बहनों की संख्या घटकर 2,75,178 रह गई। इस तरह 1261 महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई। वहीं अगस्त महीने में जून की तुलना में 1390 महिलाओं को योजना की राशि नहीं मिली। ऐसा ही अंतर बीते महीनों में जारी किस्तों में देखने को मिला। इस मामले में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी भी कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कब-कब खातें में आए पैसे     पहली किस्त – 7 जून 2023     दूसरी किस्त – 11 जुलाई 2023     तीसरी किस्त – 10 अगस्त 2023     चौथी किस्त – 11 सितंबर 2023     6वीं किस्त – 10 नवंबर 2023     7वीं किस्त – 10 दिसंबर 2023     8वीं किस्त – 10 जनवरी 2024     9वीं किस्त – 10 फरवरी 2024     10वीं किस्त – 1 मार्च 2024     11 वीं किस्त – 5 अप्रैल 2024     12वीं किस्त – 4 मई 2024     13वीं किस्त – 4 जून 2024     14वीं किस्त – 5 जुलाई 2024     15वीं किस्त – 10 अगस्त 2024     16वीं किस्त – 9 सितंबर 2024     17वीं किस्त – 5 अक्टूबर 2024     18वीं किस्त -9 नवंबर 2024     19वीं किस्त -11 दिसंबर 2024     20वीं किस्त -12 जनवरी 2025     21वीं किस्त – 10 फरवरी 2025     22वीं किस्त – 8 मार्च 2025     23वीं किस्त – 16 अप्रैल 2025     24वीं किस्त – 15 मई 2025     25वीं किस्त – 16 जून 2025     26वीं किस्त – 12 जुलाई 2025     27वीं किस्त – 7 अगस्त 2025     28वीं किस्त – 12 सितंबर 2025

गांधी सागर बांध के नवीनीकरण के लिए 465 करोड़ स्वीकृत, दो साल में पूरा होगा जीर्णोद्धार कार्य

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मंदसौर   साठ के दशक में बने गांधी सागर बांध की 50 साल की उम्र पूरी हो गई है. अब राज्य सरकार ने इसका जीवन बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है. सिंचाई की बड़ी परियोजनाओं के साथ ही बांध से अब मंदसौर और नीमच जिलों को पेयजल भी मिलने वाला है. बांध से जल छोड़े जाने के बाद यहां बिजली उत्पादन भी होता है. बांध में लगे टरबाइन पुराने होने और बांध की नींव की मजबूती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जीर्णोद्धार के लिए बजट की मंजूरी दी है. गांधी सागर बांध की उम्र 50 साल बढ़ जाएगी दो साल में पूरे होने वाले इस काम के बाद बांध की उम्र 50 साल और बढ़ जाएगी. बिजली उत्पादन भी पहले की तरह होने लगेगा. मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बने गांधी सागर बांध के जीर्णोद्धार को लेकर राज्य सरकार ने 465 करोड रुपए की मंजूरी दी है. बांध के निर्माण को 50 साल पूरे होने के बाद इसकी उम्र बढ़ाने की मंशा से सरकार ने जीर्णोद्धार और यहां हो रहे बिजली उत्पादन के संयंत्रों के नवीनीकरण का प्रोजेक्ट तैयार किया है. 1960 में तैयार हुए इस बांध का 2019 की बाढ़ में खतरा बढ़ गया था. हालांकि बांध की मजबूती के कारण यहां किसी भी तरह की खतरे की कोई बात नहीं है. उम्र और समय के हिसाब से सरकार ने बांध में लगे बिजली उत्पादन के टरबाइन को बदलने की तैयारी की है. मंदसौर और नीमच जिले के लिए पेयजल परियोजना मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से बहने वाली चंबल नदी पर बने इस बांध में करीब 65 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर एरिया में जलभराव रहता है. राज्य सरकार ने मंदसौर और नीमच जिलों में सिंचाई की बड़ी परियोजनाओं के साथ ही दोनों जिलों में पेयजल परियोजना का भी आधार इसी डैम को माना है. दो जिलों की कृषि और पेयजल समस्या से निजात दिलाने वाले इस डैम के बांध को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. मंदसौर और नीमच जिले में बड़े प्रोजेक्ट मंदसौर जिले की सभी 8 और नीमच जिले की 5 तहसीलों में गांधी सागर बांध से पानी पहुंचाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. जिन पर दो तिहाई काम पूरा हो चुका है. ऐसी स्थिति में इस बांध की उम्र बढ़ाई जानी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. राज्य सरकार द्वारा मंजूर किए गए इस प्रोजेक्ट के पूरा होने में 2 साल का समय पूरा लगेगा. इसके बाद यहां बांध में लगे 5 टरबाइन से रोजाना 115 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. साथ ही बांध से छोड़े जाने वाले पानी से राजस्थान के रावतभाटा और कोटा बैराज में पानी मिलने से वहां सिंचाई और बिजली उत्पादन भी हो सकेगा. पेयजल और सिंचाई के अलावा बिजली उत्पादन इसके बाद यहां से छूटने वाले पानी से फिर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिले श्योपुर, भिंड और मुरैना जिलों में किसानों को चंबल के पानी का लाभ मिल सकेगा. चरणबद्ध तरीके से छोड़े जाने वाले पानी और बिजली उत्पादन से मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों को दोहरा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है. मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बताया "वर्ष 2019 की बाढ़ में अचानक लबालब भरे बांध से यहां लगे टरबाइन को आंशिक नुकसान हुआ था. इसे बदलने के लिए राज्य सरकार ने अब बड़ी पहल करते हुए करोड़ों रुपए की मंजूरी दी है. डैम के पानी का पेयजल और सिंचाई के अलावा बिजली उत्पादन में भी लाभ मिल सकेगा. गांधी सागर बांध के जीर्णोद्धार की इस पहल के बाद बांध की उम्र अगले 50 साल और बढ़ना तय माना जा रहा है."  

भोपाल: दशहरा पर्व पर शाम 5 से रात 11 बजे तक रावण दहन, ट्रैफिक डायवर्जन का अलर्ट जारी

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भोपाल  दशहरा पर्व के अवसर पर राजधानी में शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक 10 से अधिक स्थानों पर रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण शहर की अधिकतर सड़कों पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इस वजह से कार्यक्रम के दौरान कई मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे। आयोजन स्थलों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। प्रमुख दशहरा स्थल टीटी नगर दशहरा मैदान, कोलार रोड, बंजारी दशहरा मैदान, छोला दशहरा मैदान, बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान, एमवीएम दशहरा मैदान, गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान, कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड दशहरा मैदान, बैरागढ़ दशहरा मैदान, जंबूरी दशहरा मैदान, सलैया दशहरा मैदान। उपरोक्त स्थानों के अतिरिक्त, लहारपुरा दशहरा मैदान, अशोका गार्डन दशहरा मैदान, कोहेफिजा दशहरा मैदान, गांधी नगर दशहरा मैदान, हाउंसिग बोर्ड दशहरा मैदान, अयोध्या नगर दशहरा मैदान, पांच नंबर बस स्टाप दशहरा मैदान,ओल्ड कैंपियन दशहरा, मैदान रानी अवंती बाई तिराहा त्रिलंगा रोड दशहरा मैदान आदि स्थानों पर भी रावण दहन का कार्यक्रम होगा। परिवर्तित एवं वैकल्पिक मार्ग इस तरह रहेंगे     वाहन चालक टीटी नगर दशहरा मैदान के आसपास के मार्ग का उपयोग ना करते हुए बाणगंगा से रोशनपुरा, प्लेटिनम प्लाजा चौराहा से जवाहर चौक की ओर आ-जा सकेंगे।     बंजारी चौराहा से दानिश हिल्स की ओर जाने वाले वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग ना करते हुए सर्वधर्म चौराहा से अमरनाथ कालोनी, दानिशहिल्स तक आवागमन कर सकेंगे।     डी मार्ट चौराहा से मानसरोवर, मेडिकल कालेज चौराहा, दानिश कुंज चौराहा होकर चूनाभट्टी चौराहा व शाहपुरा की ओर आ-जा सकेंगे।     बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान की पार्किंग रोड साइड होने से यातायात का अत्यधित दबाव हो जाता है। इस कारण वाहन चालक सुभाष स्कूल चौराहा से राजीव गांधी चौराहा तक आने-जाने से बचें। इसके स्थान पर राजीव गांधी चौराहा की ओर आने वाले वाहन चालक कोलार गेस्ट हाउस तिराहा से चूनाभट्टी चौराह, बाबा नगर/बंसल तिराहा, शाहपुरा, रानी अंवती बाई चौराहा, हनुमान मंदिर, साढ़े 10 नंबर चौराहा से आवागमन कर सकते हैं।     अर्जुन नगर चौराहे से सुभाष स्कूल चौराहा, सात नंबर, ओल्ड कैंपियन से 10 नंबर की ओर आ-जा सकेंगे।     एमवीएम के सामने से होकर लिलि टाकीज चौराहे की ओर जाने वाले वाहन चालक रोशनपुरा से बाणगंगा, खटलापुरा, पीएचक्यू गेट- दो, सातवीं वाहिनी के सामने से आ-जा सकेंगे।     गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान के सामने यातायात का दबाव अधिक रहेगा इस कारण वैकल्पिक मार्ग एमपीनगर चेतक ब्रिज से अवधपुरी जाने वाले वाहन गोंविदपुरा टर्निंग से नर्मदा क्लब, कस्तूरबा स्कूल होकर अवधपुरी आ-जा सकेंगे। इसी प्रकार चेतक ब्रिज उतार से बायें मुड़कर सुभाष विश्रामगृह तिराहा से प्रभात चौराहा होकर रायसेन रोड, अवधपुरी आ-जा सकेंगे। बैरागढ़ दशहरा दहन के दौरान मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का ज्यादा दबाव रहेगा। भोपाल से सीहोर की ओर जाने-आने वाले वाहन चालक लालघाटी से गांधी नगर, मुबारकपुर जोड़, खजूरी बायपास फंदा वाले मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यहां से निकलेगा विजय जुलूस श्री रामविजय रथ यात्रा गुरुवार को बांके बिहारी मंदिर (मारवाड़ी रोड) से शाम पांच बजे शुरू होगी। जो चिंतामन चौराहा, यूनानी सफाखाना, सुल्तानिया रोड, घोड़ा नक्कास, छोटे भैया चौराहा, नादरा बस स्टैंड, छोला रोड, अग्रवाल धर्मशाला होते हुए विजय भूमि छोला दशहरा मैदान तक जाएगी। इन स्थानों के निकटम मार्गों पर यातायात दबाव अधिक होने की संभावना हैं। भारी वाहन डायवर्सन दो अक्टूबर को दोपहर दो बजे से शहर में किसी भी प्रकार के अनुमति प्राप्त भारी वाहन खजूरी बायपास मुबारकपुर चौराहा नया बायपास लांबाखेड़ा, भानपुर, बेस्टप्राइज, करोंद चौराहा, लालघाटी, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहा, जिंसी चौराहा, हबीबगंज नाका, मिसरोद 11 मील से शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आकस्मिक सेवा एंबुलेंस, फायरब्रिगेड के लिए सभी मार्ग खुले रहेंगे।