Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

पन्ना टाइगर रिजर्व ने खोले गेट, 3 महीने बाद शुरू हुई सफारी, फील्ड डायरेक्टर ने किया शुभारंभ

1aa 102.jpg

पन्ना   मध्यप्रदेश में वाइल्ड लाइफ के बीच रोमांचक पलों की सैर आज से शुरू हो गई है। अकेले सतपुड़ा और चूरणा को छोड़कर… एमपी के बाकी सभी टाइगर रिजर्व खुल चुके हैं। मानसून में छुट्टी पर रहे जंगलों की सैर करने का मजा आपको भी लेना है, तो बता दें कि यहां आने से पहले एडवांस बुकिंग जरूर करवा लें। नहीं तो आपको बेरंग लौटना पड़ सकता है। बता दें कि पहले ही दिन एमपी के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हैं। सतपुड़ा के लिए अभी और इंतजार कोर जोन 10 अक्र्टूबर तक बंद रहेगा। तेज बारिश से मढ़ई, चूरना की सड़कें खराब हो गई हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया। अगले 15 दिन की बुकिंग फुल एमपी के 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) में अक्टूबर के अगले 15 दिन बुकिंग लगभग फुल (Advance booking full) है। इन टाइगर रिजर्व में पहले ही दिन 7 हजार से ज्यादा टूरिस्ट ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं पुराने छह टाइगर रिजर्व में यह संख्या 5 हजार से भी ज्यादा है। दशहरा-दिवाली के अवकाश के कारण लोग अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े की बुकिंग करवा चुके हैं। खासतौर पर बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के साथ ही पन्ना में भी पूरे महीने आपको टिकट नहीं मिलने वाली। सुबह रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने विधिवत फीता काटकर और पर्यटकों का तिलक कर जिप्सियों को प्रवेश दिया। इसके साथ ही गेट आम पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। बरसाती मौसम में सुरक्षा कारणों से रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रखा जाता है। अब मौसम साफ होने के बाद पर्यटक यहां बाघ, तेंदुआ, चिंकारा और कई दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे। हर साल मानसून सीजन के दौरान टाइगर रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रहता है। अक्टूबर की शुरुआत से सैलानियों को एक बार फिर रोमांचक सफारी का मौका मिल रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व के सहायक क्षेत्र संचालक मोहित सूद ने बताया कि इस बार भी अच्छे पर्यटक सीजन की उम्मीद है। उन्होंने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व की बुकिंग फरवरी 2026 तक के लिए अभी से शुरू हो चुकी है। मोहित सूद ने आगे बताया कि टाइगर रिजर्व के सुंदर जंगल, यहां से निकलने वाली केन नदी और यहां पाए जाने वाले वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही पीटीआर के बाघों की अठखेलियां देखने भी पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं। सहायक क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बोरादोह नामक एक पॉइंट पर पर्यटकों के लिए वोटिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को वोटिंग के दौरान ही बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार हो चुके हैं। वाइल्डलाइफ लवर्स को क्यों अट्रेक्ट कर रहा एमपी? बता दें कि मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 785 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। लेकिन हाल ही में वन विभाग ने यह कहते हुए चौंका दिया है कि यह संख्या बढ़ी है और वर्तमान में यहां 1000 के आसपास टाइगर हैं। सफारी की सैर और टाइगर का दीदार हुआ महंगा इस बार टूरिस्ट को जंगलों की सैर (tiger safari) और टाइगर के दीदार करना थोड़ा महंगा पड़ेगा। दरअसल विभाग ने 10% तक शुल्क बढ़ाया है। जिसके बाद 300 रुपए तक की अधिकतम वृद्धि देखने को मिली है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अभी भारतीय टूरिस्ट को प्रीमियम डे का शुल्क 3050 रुपए है, इसमें 10% की वृद्धि की जाए तो यह 3050 से बढ़कर 3355 हो जाएगा। जिप्सी का शुल्क तीन हजार रुपए और जी-वन गाइड का शुल्क 600 रुपए देना होता है, अब इसके लिए भी आपको 6650 रुपए चुकाने होंगे। वहीं यदि आप जी-टू गाइड लेते हैं, तो उसे 600 रुपए के बजाय 480 रुपए देते होते हैं। होटल भी नहीं खाली टूरिस्ट की भीड़ से आबाद हुए टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रों में सभी होटल एडवांस बुक हैं। ऐसे में आपका यहां बिना एडवांस बुकिंग के आना आपके लिए निराशा का सबब बन सकता है। जानें बुकिंग की क्या है स्थिति? -बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक से 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल है। 147 वाहनों से करीब 800 टूरिस्ट सफारी करने को तैयार बैठे हैं। -पन्ना टाइगर रिजर्व में तीनों गेट की बुकिंग भी आज से 30 अक्टूबर तक फुल हो चुकी है। पहले दिन करीब 510 टूरिस्ट पार्क के अंदर जाने की अनुमति ले चुके हैं। – पेंच टाइगर रिजर्व में एक से 5 अक्टूबर तक एडवांस बुकिंग फुल हो चुकी है। एक दिन में करीब 500 टूरिस्ट के आने का अनुमान है। – कान्हा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह की बुकिंग फुल है। पहले दिन यहां 20 हजार टूरिस्ट पहुंचेंगे। वहीं यहां पर आज से 7 अक्टूबर तक वन्य संरक्षण सप्ताह भी शुरू हो गया है। – संजय टाइगर रिजर्व में भी इस सप्ताह की बुकिंग फुल हो चुकी हैं। यहां टूरिस्ट के लिए नौ वाहन हैं, जिनसे करीब 40 टूरिस्ट सफारी का मजा ले सकेंगे। कैसे पहुंचे? टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क (Tiger reserve in MP) पहुंचने नजदीकी एयरपोर्ट भोपाल, जबलपुर, बनारस, प्रयागराज, नागपुर हैं। रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम, शहडोल, सिवनी, दमोह, मंडला फोर्ट, त्यौहारी, मड़वास, नागपुर हैं। वहीं आप बस या प्राइवेट टैक्सी के माध्यम से भी सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं। ये जानवर देख सकते हैं बाघ, चीते (कूनो में), तेंदुआ, हाथी, बायसन, चीतल, हिरण, बारहसिंघा, गौर, भालू, सांभर, चौसिंगा, चिंकारा के साथ ही विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी। 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) – संजय दुबरी, सीधी – पन्ना, पन्ना, छतरपुर – सतपुड़ा, नर्मदापुरम – कान्हा, मंडला-बालाघाट – बांधवगढ़, शहडोल – पेंच, सिवनी-छिंदवाड़ा – वीरांगना दुर्गावती, दमोह – डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी), भोपाल सीहोर, रायसेन – माधव- शिवपुरी – नौरादेही- सागर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया जिले के लगभग 1536 वर्ग किमी में फैला है। पार्क प्रबंधन ने सफारी टिकट दर में 10% और गाइड चार्ज में 65% की बढ़ोत्तरी की है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है। निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया है। कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला-बालाघाट जिले में लगभग 2,051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर और निकटतम रेलवे स्टेशन चिरईडोंगरी है। पेंच टाइगर रिजर्व कुछ … Read more

भोपाल वन विहार में अब बाइक-कार नहीं चलेगी, टूरिस्ट को घुमाएंगी 40 गोल्फ कार्ट

1aa 91.jpg

भोपाल  मध्यप्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण और सह-अस्तित्व के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक "राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह" का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन की थीम मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व रखी गई है। वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव और वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वन विहार की गोल्फ ई-कार्ट का फ्लैग ऑफ किया जाएगा। इसके साथ ही वन विहार को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा, जिसमें अब निजी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। पर्यटकों को पार्क में घूमने के लिए गोल्फ कार्ट्स और साइकिल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 1 अक्टूबर को होंगे विशेष आयोजन प्रथम दिवस 1 अक्टूबर को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 10:30 बजे से किया जाएगा, जिसमें विद्यालयीन, महाविद्यालयीन और दिव्यांग विद्यार्थी भाग लेंगे। इसके पश्चात 10:50 बजे से “भारत के वन्यजीव, उनका रहवास और आपसी संचार” विषय पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी और प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा। 7 दिवसीय कार्यक्रम में होंगी अनेक गतिविधियां  रन फॉर वाइल्डलाइफ ,बर्ड वॉचिंग,बटरफ्लाई वॉचिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता,युवा संसद,ट्रेजर हंट,फेस पेंटिंग,रंगोली और सृजनात्मक कार्यशालाएं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।  

देवास टेकरी में श्रद्धालुओं से बदसलूकी, मारपीट का वीडियो वायरल; आरोपियों पर प्रशासन का एक्शन

1aa 84 1.jpg

देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले की टेकरी पर स्थित विश्व प्रसिद्ध मां चामुंडा के दर्शन को पहुंचे उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के साथ अवैध पार्किंग और प्रसादी को लेकर दुकानदारों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार की यह घटना स्टेशन रोड क्षेत्र में स्थित अवैध पार्किंग और प्रसादी की दुकानों पर हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी पुरुषों के साथ-साथ उनके साथ आई महिलाओं पर भी हाथ उठाते हुए नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के साथ हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने टेकरी क्षेत्र से गुंडा प्रवृत्ति के लोगों को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर दी। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और 5 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए उनमें से 3 को गिरफ्तार भी कर लिया। उधर नगर निगम ने भी सख्ती दिखाते हुए मारपीट में शामिल दुकानदारों की दुकानों को हटा दिया। बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। मामले को लेकर पीड़ित श्रद्धालुओं ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रहने वाले हैं और दो अलग-अलग वाहनों से महिलाओं और बच्चों सहित कुल 14 सदस्य आए थे। उन्होंने कहा, 'स्टेशन रोड पर अचानक एक युवक उनकी कार के सामने आ गया, इस दौरान उसे मामूली खरोंच आई, लेकिन इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद जब हमने उन लोगों को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने हम पर हमला कर दिया। इस दौरान मेरी मां सड़क पर पीठ के बल गिर गईं। आगे उन्होंने कहा, मौके पर पहुंची पुलिस ने हमें बचाया। इसके बाद हम सीधे कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत की।' प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था स्थल पर किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी और अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद श्रद्धालुओं और आम जनता ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि आगे से ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। श्रद्धालुओं ने शिकायत में यह बताया एक श्रद्धालु ने शिकायत में कहा कि उनसे पार्किंग के नाम पर 100 रुपए और प्रसादी के लिए अलग से पैसे मांगे गए। उन्होंने ऐसे व्यवहार को देवास की छवि के लिए शर्मनाक बताया। एक अन्य श्रद्धालु बृजेश दुबे ने बताया कि टेकरी गेट पर एक महिला ने उन्हें वाहन पार्क करने के लिए कहा। उन्होंने वहां पार्किंग की और पैसे देकर प्रसादी ली। दर्शन करने के बाद लौटते समय स्थानीय लोगों ने उनसे बदसलूकी और धक्का-मुक्की की। टेकरी क्षेत्र में अवैध वसूली हो रही है, जिस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कोतवाली थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित इंडियन बैंक के सामने अवैध पार्किंग और प्रसादी के नाम पर हुए विवाद में यूपी से आए श्रद्धालुओं से कुछ लोगों ने मारपीट की। जांच में पाया गया कि श्रद्धालुओं की कोई गलती नहीं थी। 2 महिलाओं समेत 5 लोगों पर शांतिभंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। वहीं नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए मारपीट में शामिल दुकानदारों की दुकानें हटवा दी है।

सीएम मोहन यादव ने किए मार्कंडेय मंदिर के दर्शन, भावांतर योजना पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू करने का निर्णय

mohan 5a 118.jpg

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन के मार्कंडेय मंदिर में दर्शन, पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों के लिए घोषणा करते हुए बताया कि भावांतर योजना के तहत पंजीयन की तारीख 10 अक्टूबर से घटाकर 3 अक्टूबर कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय किया है। जानकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर 2025 से किसानों का पंजीयन शुरू होगा, जो 24 अक्टूबर 2025 तक चलेगा।सरकार का कहना है कि इस योजना से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और उन्हें बाजार की अस्थिरता से राहत मिलेगी। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाएं। भावांतर योजना को लेकर किसान संगठनों ने भी संतोष जताया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में अलग-अलग गरबा पंडालों और माता मंदिरों में पूजा-अर्चना की और रात में वहीं विश्राम किया। बुधवार सुबह वे फिर से माता मंदिरों के दर्शन के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, हमें गर्व है कि हम भी संघ से जुड़े रहे हैं। गुवाहाटी में निवेशकों से करेंगे मुलाकात मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में निवेशकों से मुलाकात होगी। वहीं, किसानों के संबंध में उन्होंने कहा, मुझे बताया गया कि फसल तैयार है, इसलिए भावांतर योजना के पंजीयन की तारीख आगे बढ़ाने के बजाय अब 3 अक्टूबर से ही शुरू कर रहे हैं। किसान 24 अक्टूबर से माल मंडियों में फसल विक्रय कर सकेंगे। सीएम ने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है, और यदि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी भाव में अंतर आता है तो वह अंतर सरकार किसानों को देगी।

MP नगर निगम में बदलाव: कर्मचारियों की हाजिरी होगी फेस अटेंडेंस से, जानिए पूरी डिटेल

face1.jpg

भोपाल इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं। प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।   नगरीय निकायों में भी लागू कराया बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है। अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास  

ओबीसी आरक्षण पर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत हलफनामा: मध्यप्रदेश सरकार का पक्ष सामने आया

1aa 7.jpg

भोपाल     राज्य शासन के संज्ञान में यह आया है कि कतिपय शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर यह कहते हुए कुछ टिप्पणियां/सामग्री वायरल की जा रही है कि वह टिप्पणियां माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मध्यप्रदेश शासन के ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण के हलफनामे का भाग है।     शासन द्वारा उक्त शरारती सामग्री का गंभीरता से परीक्षण कराया गया है I माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पिछड़ा वर्ग आरक्षण के प्रचलित प्रकरण में अभिलेख के प्रारंभिक परीक्षण से यह तथ्य सामने आया है कि उल्लेखित सोशल मीडिया की टिप्पणियां एवं कथन पूर्णतः असत्य, मिथ्या एवं भ्रामक है एवं दुष्प्रचार की भावना से किए गए हैं।     यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल की जा रही सामग्री मध्यप्रदेश शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य की किसी घोषित या स्वीकृत नीति अथवा निर्णय का भाग हैं ।     प्रथम दृष्टया यह ज्ञात हुआ है कि वस्तुतः उल्लेखित सामग्री मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अध्यक्ष श्री रामजी महाजन द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन (भाग-1) का हिस्सा हैं। उक्त आयोग का गठन दिनांक 17-11-1980 को किया गया था। आयोग द्वारा दिनांक 22-12-1983 को अपना अंतिम प्रतिवेदन तत्कालीन राज्य शासन को प्रेषित किया था।     राज्य शासन ने माननीय उच्चतम न्यायालय में ओबीसी आरक्षण संबंधित प्रकरण में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के विभिन्न प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किए हैं, जो शासन के अभिलेखों में सुरक्षित हैं। इन प्रतिवेदनों में महाजन आयोग की रिपोर्ट के साथ-साथ 1994 से 2011 तक के वार्षिक प्रतिवेदन तथा वर्ष 2022 का राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का प्रतिवेदन भी सम्मिलित है।     महाजन आयोग का उक्त प्रतिवेदन माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी अभिलेख का भाग रहा है। अतः माननीय उच्चतम न्यायालय में भी उक्त प्रतिवेदन स्वतः ही न्यायिक अभिलेख का हिस्सा है।     मध्यप्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ एवं सामाजिक सद्भावना के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। शासन स्पष्ट करता है कि वायरल की जा रही सामग्री शासन के हलफनामे में उल्लेखित नहीं है एवं ना ही राज्य शासन के किसी स्वीकृत या आधिकारिक नीति या निर्णय का हिस्सा है। यह उल्लेखनीय है कि महाजन रिपोर्ट में 35% आरक्षण की अनुशंसा की गई थी, जबकि राज्य शासन ने 27% आरक्षण लागू किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य शासन का निर्णय महाजन रिपोर्ट पर आधारित नहीं है।     भारतवर्ष में आरक्षण को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के प्रतिवेदन, समय-समय पर गठित आयोग के रिपोर्ट एवं वार्षिक प्रतिवेदन तथा अन्य आधिकारिक सामग्री जो पूर्व से ही शासकीय अभिलेखों का भाग है एवं विभिन्न प्रकरणों में अभिलेखों का भी भाग है, माननीय न्यायालय के समक्ष हमेशा से प्रस्तुत की जाती रही हैं I     ऐसे एकेडमिक विश्लेषण एवं समय-समय पर गठित विभिन्न विशेषज्ञ समितियों के अत्यंत विस्तृत प्रतिवेदनों एवं रिपोर्ट के किसी एक भाग को, बिना किसी संदर्भ के स्पष्ट किए सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना एक निंदनीय प्रयास है I इसके संबंध में राज्य शासन द्वारा गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।    

अवकाश के दिन बिजली बिल भुगतान आसान: खुलेंगे विशेष भुगतान केन्द्र

bil1.jpg

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत 07 अक्टूबर (महर्षि वाल्मीकी जयंती), 21 अक्टूबर (गोवर्धन पूजा), समस्त शनिवार (04, 11, 18 एवं 25 अक्टूबर) तथा समस्त रविवार (05, 12, 19 एवं 26 अक्टूबर)को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस (pos) मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्य क्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्न दाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्च दाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम एप एवं उपाय मोबाइल ऐप से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।  

कृषि क्षेत्र को नई ताकत: मुख्यमंत्री ने मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना को सराहा

cichai.jpg

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश के राजगढ़ जिले की 'मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना' क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है। इस अनूठी परियोजना से जहां हर खेत में पानी पहुंच रहा है, वहीं उद्योगों को पानी मिलने और पेयजल की उपलब्धता ने नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। इससे आम-जीवन सुखमय हो रहा है। "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर आधारित विश्व की अनूठी परियोजना यह परियोजना "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" प्रणाली पर आधारित विश्व की अनूठी सिंचाई परियोजना है, जो मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा को पूरा कर रही है। न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से अपितु विदेशों के प्रतिनिधि दल भी आकर इसका अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना को जल-संसाधन प्रबंधन के लिए भारत सरकार का प्रतिष्ठित 'सीबीआईपी' पुरस्कार भी मिल चुका है। प्रधानमंत्री की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' की अवधारणा हुई फलीभूत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा दी. उनकी इस अवधारणा पर कार्य करते हुए हमारे इंजीनियर्स ने सिंचाई की अति आधुनिक तकनीकी "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर काम करना प्रारंभ किया और उसका सुपरिणाम है 'मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना'। इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से न केवल 80% पानी बांध से किसानों के खेतों तक पहुंचता है, अपितु ऊंचे खेतों पर भी पानी आसानी से पहुंच जाता है. इसमें लगा 'स्काडा' (SCADA) आधारित ऑटोमेशन यह तय करता है कि फसलों की आवश्यकता के अनुसार किस क्षेत्र में कितना पानी पहुंचाना है। यह विश्व की अपनी तरह की अनूठी परियोजना है और आधुनिक युग की आवश्यकता भी, जब पानी की एक-एक बूंद का उपयोग आवश्यक है। नेवज नदी पर मोहनपुरा बांध और कालीसिंध नदी पर कुंडालिया बांध बनाकर शुरू की गई इस परियोजना से भूमिगत पाइप से सीधे खेत तक दबाव के साथ पहुंचाती है और ऊंचाई वाले खेत में भी पानी आसानी से पहुंचता है। इसके सेंसर और ऑटोमेशन से पानी का वितरण नियंत्रित होता है। यह क्रांतिकारी सोच थी, जिसने सूखाग्रस्त राजगढ़ जिले की किस्मत बदल दी। परियोजना के अंतर्गत 26 हजार किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, इतनी लंबी प्रेशराइज्ड पाइप लाइन भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में एक मिसाल है। इसे जोड़ने के लिए 20 बड़े पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो पानी को दबाव के साथ पाइप लाइन में भेजते हैं और पानी ऊंचे-नीचे खेतों तक आसानी से पहुंचता है। हर आउटलैट से लगभग एक से सवा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। 'स्काडा' आधारित ऑटोमेशन सिस्टम द्वारा पूरी प्रणाली को कंप्यूटर और सेंसर्स से जोड़ा गया है, जिससे कंट्रोल रूम से तय किया जा सकता है कि किस क्षेत्र को कितना पानी पहुंचाना है। केन्द्रीकृत पंपिंग प्रणाली से हर साल लगभग 69 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होती है। इसकी एक और विशेषता यह है कि इसमें 'ला-रा' नैटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें लगभग 1.5 लाख सेंसर्स और कंट्रोलर एक साथ जोड़े गए हैं, जो सौर ऊर्जा से चलते हैं। पंपिंग स्टेशर्न में लगे 'वैरिएबल फ्रीकवैन्सी ड्राइव्ज' फसलों की जरूरत और मौसम के अनुसार पानी का दबाव और मात्रा तय करते हैं। यह अत्यधिक आधुनिक सिंचाई प्रणाली आज पूरे विश्व के लिए पानी के इष्टतम उपयोग का अनूठा उदाहरण बन गई है।  

प्रशासनिक सर्जरी: मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर तबादले, 12 जिलों के कलेक्टर बदले गए

transfer a 110 4.jpg

भोपाल  मध्यप्रदेश में मंगलवार शाम को बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। सरकार ने 24 आईएएस (IAS) अफसरों के तबादले करते हुए 14 जिलों के कलेक्टर बदल दिए हैं। जिन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं उनमें भिंड, पन्ना, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, डिंडौरी, रतलाम, मुरैना, निवाड़ी, सिंगरौली, अलीराजपुर, पांढुर्णा और सिवनी शामिल हैं। अपर कलेक्टर इंदौर और अपर कलेक्टर जबलपुर का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। इस बड़े फेरबदल में सिंगरौली, छिंदवाड़ा, रतलाम, मुरैना और डिंडोरी के कलेक्टर हटा दिए गए हैं. सबसे अधिक चर्चा में भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का तबादला रहा, जिन्हें भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा से हुए सार्वजनिक विवाद के बाद हटाया गया है. महत्वपूर्ण नियुक्तियों में, भोपाल नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण को छिंदवाड़ा का नया कलेक्टर बनाया गया है, जबकि श्रम आयुक्त रजनी सिंह अब नरसिंहपुर की कलेक्टर होंगी. गौरव बेनल को सिंगरौली कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह तबादला आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. पूरी लिस्ट देखें.. क्र. अधिकारी का नाम, बैच तथा वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना 1. श्री सुरेश कुमार (2010), कलेक्टर, जिला पन्ना वि.क.अ.-सह-आयुक्त, चम्बल संभाग, मुरैना 2. श्री शीलेन्द्र सिंह (2010), कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग 3. श्रीमती नेहा मारव्या सिंह (2011), कलेक्टर, जिला डिण्डोरी संचालक, विमुक्त घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जनजाति, भोपाल 4. श्री संजीव श्रीवास्तव (2011), कलेक्टर, जिला भिण्ड अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग 5. श्रीमती ऊषा परमार (2011), अपर आयुक्त (राजस्व), भोपाल संभाग, भोपाल कलेक्टर, जिला पन्ना 6. श्री शिवराज सिंह वर्मा (2011), अपर सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग अपर आयुक्त (राजस्व), भोपाल संभाग, भोपाल 7. श्री राजेश बाथम (2012), कलेक्टर, जिला रतलाम अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग 8. श्रीमती रजनी सिंह (2013), वि.क.अ.-सह-श्रम आयुक्त, मध्यप्रदेश, इंदौर कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर 9. श्री नीरज कुमार वशिष्ठ (2013), संचालक, विमुक्त घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु जनजाति, भोपाल कलेक्टर, जिला पांढुर्णा 10. श्रीमती शीतला पटले (2014), कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर कलेक्टर, जिला सिवनी 11. श्री अंकित अस्थाना (2014), कलेक्टर, जिला मुरैना उप सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश स्टेट इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) 12. श्री लोकेश कुमार रामचन्द्र जांगिड (2014), कलेक्टर, निवाड़ी कलेक्टर, जिला मुरैना 13. श्री चन्द्रशेखर शुक्ला (2014), कलेक्टर, जिला सिंगरौली उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग 14. डॉ. अभय अरविन्द बेडेकर (2014), कलेक्टर, जिला आलीराजपुर अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल 15. श्री अजय देव शर्मा (2014), कलेक्टर, जिला पांढुर्णा उप सचिव, राजस्व विभाग तथा अतिरिक्त आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) 16. श्रीमती नीतू माथुर (2014), अपर आयुक्त (राजस्व), रीवा संभाग, रीवा कलेक्टर, जिला आलीराजपुर 17. श्रीमती अंजू पवन भदौरिया (2014), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला रायसेन कलेक्टर, जिला डिण्डोरी 18. श्रीमती जमुना भिडे (2014), सचिव, जनजातीय प्रकोष्ठ, राजभवन, भोपाल कलेक्टर, जिला निवाड़ी 19. श्रीमती संस्कृति जैन (2015), कलेक्टर, जिला सिवनी आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल तथा अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) 20. श्रीमती बिदिशा मुखर्जी (2015), अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग 21. श्री किरोड़ी लाल मीना (2016), अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल कलेक्टर, जिला भिण्ड 22. श्री गौरव बैनल (2016), अपर कलेक्टर, जिला इंदौर कलेक्टर, जिला सिंगरौली 23. श्री हरेन्द्र नारायण (2016), आयुक्त, नगर पालिक निगम, भोपाल कलेक्टर, जिला छिंदवाड़ा 24. सुश्री मिशा सिंह (2016), अपर कलेक्टर, जिला जबलपुर कलेक्टर, जिला रतलाम

टिकट बुकिंग आसान नहीं रहेगी! आज से होने वाला बदलाव जानें

irctc1.jpg

भोपाल आम रेल यात्रियों को आरक्षित टिकट आसानी से उपलब्ध कराने और दलालों द्वारा हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अब 1 अक्टूबर से सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 15 मिनट के दौरान केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ता ही IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से आरक्षित टिकट बुक कर पाएंगे। इस व्यवस्था से आम जनता को शुरुआती समय में कन्फर्म टिकट मिलने की सुविधा सुनिश्चित होगी। एजेंटों पर रोक बरकरार रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर टिकट बुकिंग की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 10 मिनट तक अधिकृत एजेंटों पर पहले से लागू रोक भी जारी रहेगी। यानी एजेंट पहले दिन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में शुरुआती समय में शामिल नहीं हो पाएंगे।   आम उपयोगकर्ताओं के हित में यह पहल भोपाल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि रेलवे की यह पहल आम उपयोगकर्ताओं के हित में है। इससे टिकट खरीदने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बिचौलियों या बेईमान पर रोक लगेगी। यात्रियों भी IRCTC आईडी को आधार से प्रमाणित कर लें, ताकि उन्हें इस सुविधा का लाभ आसानी से मिल सके।