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मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां श्रीकृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में श्रीकृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, श्रीकृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रीकृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी। सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे श्रीकृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया। उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर श्री शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर श्री आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर श्री शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर श्री ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर श्री भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर, श्री रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर श्री मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष श्री मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक श्री रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबंधित कफ़ सिरप से जुड़े किसी दोषी को छोड़ेगी नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नागपुर में उपचार-रत बच्चों और उनके परिजन से कुशल क्षेम जानी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रतिबंधित कफ सिरप का उपयोग किए जाने के मामले से संबंधित किसी भी दोषी को मध्यप्रदेश सरकार नहीं छोड़ेगी। अभी तमिलनाडु की दवा कंपनी के जिम्मेदार लोगों को दबोचा गया है और उनकी गिरफ्तारी हुई है। मध्यप्रदेश सरकार मानवीय और प्रशासनिक दोनों आधार पर कार्रवाई जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नागपुर के विभिन्न अस्पताल में उपचाररत बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने और परिजन से चर्चा करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। तमिलनाडु सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु में निर्मित दवा के उपयोग से ही बच्चों की मृत्यु की बात प्रमाणित हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस ने दोषी लोगों की गिरफ्तारी की है। दुर्भाग्य की बात है कि तमिलनाडु सरकार की तरफ से अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रेंडम सैंपल लेकर आवश्यक जांच करवाई गई और छिंदवाड़ा के चिकित्सक सहित और अन्य दोषियों का निलंबन भी किया गया है और ड्रग कंट्रोलर को हटाया गया है। इसके साथ ही, जो डॉक्टर उस कंपनी की प्रतिबंधित दवा रोगियों के लिए लगातार लिख रहे है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करना चाहिए। अब तक की जांच में मूल रूप से मैन्युफैक्चरिंग के स्तर पर त्रुटि की बात सामने आई है। त्रुटिपूर्ण यह दवा बच्चों को दी गई जिसके फलस्वरुप जीवन की क्षति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैसे ही तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट आई वैसे ही मध्यप्रदेश सरकार ने इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया। दवा कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। कोई भी व्यक्ति जाकर कर सकता है स्थल अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रश्न किया कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने इस कंपनी को ड्रग लाइसेंस देने का कार्य किया? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी सी जगह पर किस तरह फैक्ट्री संचालित है, यह प्रश्न पूछा जाना चाहिए। बिना जांच के लाइसेंस कैसे रिन्यू किया गया? इस दवा कंपनी को दोबारा उद्योग लाइसेंस कैसे दिया गया? कोई भी व्यक्ति स्थल पर जाकर अवलोकन कर सकता है। मध्यप्रदेश पीड़ित पक्ष है, किसी के खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बच्चे और परिवार तो पीड़ित पक्ष हैं, हमारे प्रदेश के बच्चों की मृत्यु हुई है। इस संवेदनशील प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार किसी भी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। 

मंत्री टेटवाल ने कहा- कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 राष्ट्रीय स्तरीय एवं 14 राज्य स्तरीय टॉपर्स को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह 2025 में कौशल उत्कृष्टता, नारी शक्ति और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह उन प्रतिभाशाली प्रशिक्षणार्थियों को समर्पित रहा जिन्होंने वर्ष 2025 की राष्ट्र स्तरीय आईटीआई परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। प्रशिक्षणार्थियों के साथ उनके प्रशिक्षण अधिकारी एवं प्राचार्य को भी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। मंत्री श्री टेटवाल ने राष्ट्र स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली त्रिशा तावड़े का किया पूजन कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को समर्पित एक प्रेरक क्षण देखने को मिला जब राज्यमंत्री श्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कुमारी त्रिशा तावड़े को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करने के साथ ही टीका लगाकर एवं आरती कर पूजन किया। साथ ही पौधा भी भेंट किया। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण समाज को नई दिशा दे रहा है और यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 4 अक्टूबर-2025 को शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई बैतूल की प्रशिक्षणार्थी त्रिशा तवडे को कौशल दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि प्रदेश की कौशल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का प्रतीक भी है। राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि छात्रों ने विभिन्न ट्रेडों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर यह सिद्ध किया है कि कौशल का कोई बंधन नहीं होता और मेहनत, समर्पण तथा आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। कौशल आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि कौशल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की शक्ति है। प्रदेश के प्रशिक्षणार्थी अपने हुनर से सीमाओं को तोड़ रहे हैं, और समाज में नई संवेदनशीलता तथा समावेशन का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय द्वारा आयोजित समारोह केवल प्रतिभा और परिश्रम का उत्सव नहीं, बल्कि समानता, आत्मनिर्भरता और प्रेरणा का प्रतीक है। आईटीआई में लगातार बढ़ रहा प्रवेश, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल राज्य मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि वर्ष 2025 में आईटीआई संस्थानों में प्रवेश की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष कुल 49,133 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो वर्ष 2024 की 42,152 सीटों की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया है, जिससे महिला विद्यार्थियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वर्ष महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या बढ़कर 12,118 हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि समाज में महिला सशक्तिकरण और कौशल आधारित शिक्षा की स्वीकृति को दर्शाती है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आईटीआई में प्रशिक्षण लेने के लिए अब बड़ी संख्या में युवा, विशेष रूप से महिलाएं, आगे आ रही हैं। कौशल विकास में मध्यप्रदेश अग्रणी कौशलम् प्रतिभा प्रोत्साहन समारोह- 2025 ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान बना रहा है। प्रशिक्षार्थियों की उपलब्धियां यह प्रमाणित करती हैं कि राज्य में तकनीकी शिक्षा का आधार सशक्त हो रहा है और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल के नेतृत्व में विभाग द्वारा संचालित पहल न केवल युवाओं के कौशल को निखार रही हैं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार कर प्रदेश को औद्योगिक दृष्टि से भी मजबूत बना रही हैं।  

संसदीय प्रणाली को और मजबूती देने के लिये युवाओं को किया जाए जागरूक

संसदीय विद्यापीठ में हुआ युवाओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम भोपाल पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ में गुरूवार को युवा संसद प्रभारियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के विद्यालयों तथा भोपाल के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 70 युवा संसद प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम में संचालक संसदीय विद्यापीठ एवं अपर सचिव संसदीय कार्य विभाग ने कहा कि देश की संसदीय व्यवस्था बहुत मजबूत है और इस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिये हमें युवाओं को जागरूक करना होगा। केन्द्र सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी श्री शरद द्विवेदी ने बताया कि संसदीय प्रणाली की गरिमा को बनाये रखने के लिये युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ इसके बारे में जानकारी दी जाना चाहिए। संसदीय सलाहकार मध्यप्रदेश शासन श्री देवेन्द्र वर्मा ने बताया कि संसदीय प्रणाली की जानकारी प्रत्येक नागरिक को होना चाहिए। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य विभाग विधानसभा एवं राज्य शासन के मध्य समन्वय की भूमिका निभाता है। सेवानिवृत्त अपर सचिव मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय श्री पुनीत श्रीवास्तव ने विधानसभा की कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। युवा संसद में क्लिपिंग के माध्यम से प्रणाली के मुख्य बिन्दुओं को उदाहरण सहित बताया गया।  

राज्य मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने ली 67वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह 2025 की समीक्षा बैठक

भोपाल. संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में आगामी 67वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक ली। यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन आगामी 01 से 07 नवम्बर 2025 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। राज्य मंत्री श्री लोधी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष के समारोह में देशभर के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख साहित्यकारों, कलाकारों एवं संस्कृत विद्वानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में हिन्दी और संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे पाश्चात्य विद्वानों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाए, जिससे कार्यक्रम का स्तर और अधिक व्यापक और अंतरराष्ट्रीय हो। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कार्यक्रम के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनसामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समारोह के आयोजन में सांस्कृतिक गौरव, साहित्यिक गरिमा और परंपरा की गहराई को समाहित किया जाए।  बैठक में संचालक संस्कृति श्री एनपी नामदेव और निदेशक, कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन  डॉ. गोविन्द गन्धे,  सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

मध्य प्रदेश में है पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन, क्रिएटर्स दुनिया को दिखाए यहां का सौंदर्य : अपर मुख्य सचिव शुक्ला

भोपाल. मध्य प्रदेश के अनछुए और दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने तथा पर्यटन को डिजिटल माध्यम से देश–दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से होटल रेडिसन ब्लू में ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन है, कॉन्टेंट क्रिएटर्स इस सौंदर्य को दुनिया के सामने लाएं। अपर मुख्य सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि टूरिज्म से अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। क्रिएटर्स  इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर दिल से घूमें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से इन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाएं। अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी, ने कहा कि मध्य प्रदेश में संस्कृति, विरासत और प्रकृति का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में संस्कृति को संजोया गया है। चाहे प्राणपुर में चंदेरी, महेश्वर में माहेश्वरी, धार का बाग प्रिंट हो आज देश–दुनिया का फैशन मध्य प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहा है। अपर प्रबंध संचालक सुश्री मुखर्जी ने कहा कि इन्फ्लुएंसर्स केवल कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के असली ब्रांड एम्बेसडर हैं। प्रसिद्ध अभिनेता श्री अशोक पाठक ने कहा कि मध्य प्रदेश, खासतौर पर भोपाल और सीहोर अब मुझे अपना दूसरा घर लगता है। पंचायत सीरीज की शूटिंग के दौरान हमने सोचा नहीं था कि इसे देश–दुनिया के दर्शकों से इतना प्यार मिलेगा। मध्य प्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, हमें शूटिंग में कभी दिक्कतों का सामना नहीं हुआ। उज्जैन में बाबा महाकाल में आत्मीय शांति मिलती है, मैं बार–बार मध्य प्रदेश आना चाहता हूं।  पैनल डिस्कशन में इन्फ्लुएंसर्स ने रखे विचार प्रसिद्ध इंफ्लुएंसर सुश्री स्वाति मुकुंद ने कहा कि मध्य प्रदेश वाकई बहुत खूबसूरत है। यहां के पारंपरिक परिधानों की बात ही अलग है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए स्वाति ने कहा कि मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से वर्ष 2023 में पहली बार मैं चंदेरी गई, यहां प्राणपुर क्राफ्ट विलेज में मैंने इन परिधानों को बनते हुए देखा। कुछ वर्षों पहले तक यहां केवल 5-6 वाहनों से टूरिस्ट पहुंचते थे, आज वो संख्या 80-100 पहुंच गई है। मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का यह नवाचार सराहनीय है।  वाइल्ड लाइफ और नेचर फोटोग्राफर एवं इंफ्लुएंसर श्री आयुष सिंह ने कहा कि हम सभी प्रकृति से प्यार करते हैं और जंगल और जंगली जानवरों को भी करीब से देखना चाहते हैं। मध्य प्रदेश एक ऐसी जगह है, जहां यह चाहत पूरी होती है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए श्री आयुष ने कहा कि जब मैंने कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट में पहली बार चीता देखा तो लगा जैसे मेरा सपना पूरा हो गया। जिन चीतों को पहले हम आफ्रीका जैसे देशों में जाकर देखने का सपना देखते थे, वो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल से हमें भारत में देखने को मिल रहे हैं।  फन गेम्स का लिया आनंद इस दौरान “कैप्शन दिस” फन क्विज का आयोजन हुआ, जिसके विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही नर्मदा परिक्रमा रील एंड फोटोग्राफी कॉन्टेस्ट की घोषणा भी की गई। सभी प्रतिभागियों को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। सभी ने मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के वर्चुअल रियलिटी अनुभव केंद्र “आंखों देखा” का आनंद भी लिया।

चौंकाने वाला खुलासा: बाबा के नज़दीकी ने सरकारी संपत्ति अपने नाम कराई, अधिकारी जांच में जुटे

छतरपुर  जिले की PWD की सरकारी बिल्डिंग की करोड़ों की रजिस्ट्री नौगाँव के धीरेंद्र गौर और दुर्गेश पटेल के नाम होने का मामला सामने आया है। बिल्डिंग छतरपुर शहर के सिटी कोतवाली के पास, श्री बाला जी मंदिर के सामने स्थित है। सरकारी भवन की रजिस्ट्री विवाद में जिले की इस बिल्डिंग की रजिस्ट्री सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार धीरेंद्र गौर और दुर्गेश पटेल के नाम से हुई है। इस मामले पर अधिकारियों ने आश्चर्य जताया और कहा कि यह कैसे संभव हुआ, इसकी जांच जरूरी है। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने PWD के EE भारती आर्य को जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच कराकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई और न्यायालय में अपील की संभावना है। बता दें कि धीरेंद्र गौर जिले में बागेश्वर धाम बाबा की दिल्ली–मथुरा पदयात्रा के प्रभारी भी माने जाते हैं। अब उनकी नाम जुड़ी सरकारी रजिस्ट्री मामले में सवाल उठ रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा- प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नागपुर स्थित एम्स, जीएमसी और न्यू हेल्थ सिटी अस्पताल पहुंचकर छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के किडनी संक्रमित बच्चों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने नागपुर के एम्स, शासकीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य को देखा तथा संबंधित चिकित्सकों से कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाये। कलेक्टर छिंदवाड़ा और बैतूल द्वारा बच्चों के परिवारों से सतत संपर्क रखते हुए आवश्यक सहायता दी जा रही है। राज्य स्तर से भी बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य लाभ की नियमित जानकारी प्राप्त की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नागपुर स्थित अस्पतालों के प्रवास के दौरान छिंदवाड़ा सांसद श्री विवेक बंटी साहू, बैतूल विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कफ सीरप से प्रभावित बच्चों के माता-पिता से भी बात कर बच्चों के उचित उपचार कराने के संबंध में जानकारी दी। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विकास कार्यों की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा शहर में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि सड़क निर्माण सहित अन्य सभी विकास के कार्य गुणवत्ता के साथ नियत समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने करहिया मंडी से बनकुइंया तिराहा तक बनाई जा रही सड़क के शेष कार्य को आगामी 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिये। उन्होंने रतहरा तिराहे में जल भराव के कारण होने वाले व्यवधान को तत्काल दूर करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि रतहरा तिराहे में जल भराव स्थल से पानी की निकासी के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा फ्लाई ओवर के किनारे आवागमन मार्ग को चौड़ा करने का भी कार्य करायें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सैलानी हुए हैरान! कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ-बाघिन की नज़दीकी मुठभेड़ का अनोखा दृश्य

बालाघाट एक अक्टूबर से कान्हा टाइगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके बाद से बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों को बाघ के दीदार हो रहे हैं। बाघ-बाघिन से जुड़ा एक वीडियो गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित है। इसमें वयस्क बाघ-बाघिन घास के मैदान से निकलकर सैलानियों की जिप्सी के सामने आते हैं। बाघ, बाघिन को रिझाने का प्रयास करता है, लेकिन बाघिन अचानक दहाड़ मारकर अपना रौद्र रूप दिखाती है। तभी बाघ-बाघिन एक ही समय पर कुछ ही सेकंड के लिए दोनों पांव पर खड़े हो जाते हैं। दूसरे वाहन में बैठे पर्यटकों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। 29 सेकंड के इस वीडियो को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा है।   यह पूरा नजारा बुधवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन में रिकार्ड किया गया। यह वही क्षेत्र है, जहां दो अक्टूबर को दो बाघों के बीच संघर्ष हुआ था। बताया गया कि नर बाघ टी-125 और बाघिन टी-106 एक साथ दिखाई दिए। वीडियो में नर बाघ टी-125 दोनों पैरों पर खड़े होकर बाघिन टी-106 को रिझाने की कोशिश करते दिखाई दे रहा है। इस दृश्य ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे नजारे दुर्लभ होते हैं। पर्यटकों को ऐसे नजारे कम ही देखने मिलते हैं।