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IFFI Award: मूक फिल्म ‘मुरलीवाला’ की विशेष स्क्रीनिंग, जीवंत संगीत का अनुभव

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IFFI Awards Special screening of silent film Murliwala गोवा। आईएफएफआई के चौथे दिन सिने प्रेमियों के लिए समय-यात्रा अदभूत अनुभव रहा, जब बहाल की गई क्लासिक फिल्म  ‘मुरलीवाला’  का विशेष प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) और राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफएआई) ने राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन (एनएफएचएम) के तहत 18 क्लासिक फिल्मों को नया जीवन दिया है और इन्हें इस वर्ष के आईएफएफआई के लिए इंडियन पैनोरमा विशेष पैकेज के रूप में संजोया है। इस पैकेज में हिंदी, तेलुगु, मलयालम, बांग्ला और मराठी की क्लासिक कृतियों को शामिल किया गया है, जो विविध  कलात्मक अभिव्यक्तियों को दर्शाती हैं। इन्हें सख्त अभिलेखीय मानकों के अनुसार  संरक्षित किया गया है और प्रत्येक फिल्म की मौलिक रचनात्मक दृष्टि को सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखा गया है। मुक युग का पुनर्सृजन एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम ने इस स्क्रीनिंग के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ” विचार यह है कि आज की पीढ़ी के लिए मूक फिल्मों के अनुभव को पुनर्जीवित किया जाए, जहां संगीतकार अग्रिम पंक्ति में बैठकर दर्शकों के लिए लाइव संगीत प्रस्तुत करते थे। और प्रतिभाशाली राहुल जी के नेतृत्व में  मुझे यकीन है कि यह क्षण को उसी भावना और भव्यता के साथ जीवंत हो उठेगा जिसका यह हकदार है।” संगीतकार राहुल रानाडे ने कहा, “98 साल पहले बनी एक फिल्म का संगीत फिर से तैयार करना और उसका लाइव प्रदर्शन करना मेरे और मेरी पूरी टीम के लिए एक बड़े सम्मान और चुनौती की बात थी। आप बाबूराव जी द्वारा 1927 में बनाई गई फिल्म और उनके द्वारा रचे गए विशेष प्रभाव का अनुभव करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम इसके साथ न्याय कर पाएंगे।” गौरतलब है कि दिवंगत फिल्म निर्माता और कलाकार बाबूराव पेंटर द्वारा बनाई गई “मुरलीवाला” (1927),  जो भारत की बहुत कम बची हुई मूक फिल्मों में से एक है और एनएफएचएम की  सबसे दुर्लभ खजानो में से एक है। यह प्रदर्शन 1920 के दशक के फिल्म प्रस्तुती अनुभवों को पुनः जीवंत करता है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस स्क्रीनिंग में बाबूराव पेंटर की दोनों बेटियां भी शामिल हुईं। एक औपचारिक उत्सव वर्ष इस वर्ष का चयन (क्यूरेशन) गहरा ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह वी. शांताराम की 125 वर्षों की विरासत का सम्मान करता है और साथ ही गुरुदत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, भूपेन हज़ारिका, पी. भानुमति, सलिल चौधरी और के. वैकुंठ की पथप्रदर्शक प्रतिभाओं को शताब्दी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। यह महोत्सव एनएफडीसी के 50 वर्षों का भी जश्न मना रहा है, जो आधुनिक भारतीय सिनेमा के परिदृश्य को आकार देने में इसकी परिवर्तनकारी भूमिका को मान्यता देता है। श्याम बेनेगल की  ‘सुसमन’ को दी गई विशेष श्रद्धांजलि  भारतीय कहानी कहने की कला पर इस दूरदर्शी फ़िल्म निर्माता के  अमिट प्रभाव को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन नवंबर 2016 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया  राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन भारत के सबसे महत्वकांक्षी  और महत्वपूर्ण उपक्रमों में से एक है। इसका उद्देश्य भारत की सिनेमाई विरासत की रक्षा करना है— जिसमें कैमरा नेगेटिव और रिलीज़ प्रिंट से लेकर दुर्लभ अभिलेखीय खज़ानों तक, जो  अधिकार-धारकों, संग्रहकर्ताओं और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से प्राप्त किए गए है, उनका संरक्षण, संवर्धन , डिजिटलीकरण और पुनर्स्थापन सुनिश्चित करना शामिल हैं। आईएफएफआई 2025 के लिए पुनर्स्थापित भारतीय फिल्में इस सावधानीपूर्वक प्रयास का प्रमाण हैं, जहां प्रत्येक फ्रेम को बड़ी मेहनत से पुनर्स्थापित किया गया है और सटीकता के साथ कलर-ग्रेड किया गया है, अक्सर फिल्म निर्माताओं, छायाकारों या उनके करीबी सहयोगियों के मार्गदर्शन में। महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण ऋत्विक घटक द्वारा पुनर्स्थापित ‘सुबर्णरेखा’ है, जिसे एनएफडीसी-एनएफएआई संग्रह में 35 मिमी मास्टर पॉजिटिव से  नया जीवन प्रदान किया गया है, जिसमें अंतिम कलर ग्रेडिंग छायाकार अविक मुखोपाध्याय की देखरेख में की गई है। मुजफ्फर अली की ‘उमराव जान’, जिसे  मूल निगेटिव के अपरिवर्तनीय रूप से खराब होने के बाद एक  संरक्षित 35 मिमी रिलीज प्रिंट से पुनर्स्थापित किया गया है, की ग्रेडिंग प्रक्रिया में अली का व्यक्तिगत प्रयावेक्षण शामिल रहा है,  यह सुनिश्चित करते हुए कि फिल्म की विशिष्ट रंगीन सुंदरता को ईमानदारी से बरकरार रखा जाए। इन पुनर्स्थापनों से भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकारों की विरासत को सम्मान मिलता है और यह सुनिश्चित होता है कि नई पीढ़ीया इन कृतियों में निहित  सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक आख्यानों से जुड़ी रहें। भारतीय पैनोरमा विशेष पैकेज के लिए चयनित पुनर्स्थापित फिल्मों की सूची अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें: आईएफएफआई वेबसाइट: https://www.iffigoa.org/ पीआईबी की आईएफएफआई माइक्रोसाइट: https://www.pib.gov.in/iffi/56/ पीआईबी आईएफएफआईवुड प्रसारण चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VaEiBaML2AU6gnzWOm3F X पोस्ट लिंक: https://x.com/PIB_Panaji/status/1991438887512850647?s=20 X हैंडल: @IFFIGoa, @PIB_India, @PIB_Panaji

IFFI Award 2025: 20 नवंबर से शुरू, अभिनेता रजनीकांत को 50 साल के कैरियर पर सम्मान

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IFFI award 2025 Celebrating actor Rajinikanth 50-year career, starting Novembaer 20 गोवा। 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) से पांच दिन पहले गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत तथा केंद्रीय सूचना और प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री डॉ एल मुरुगन ने पणजी में इस प्रतिष्ठित आयोजन के बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। भव्य परेड होगी डॉ सावंत ने इस अवसर पर बताया कि महोत्सव में शामिल फिल्मों को इनॉक्स पणजी, इनॉक्स पोरवोरिम, मैक्विनेज पैलेस पणजी, रविंद्र भवन मड़गाव, मैजिक मूवीज पोंडा, अशोका और सम्राट पणजी में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल महोत्सव के शुभारंभ पर एक भव्य परेड आयोजित की जाएगी। परेड 20 नवंबर को दोपहर बाद 03:30 बजे शुरू होकर एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा के कार्यालय से कला अकादेमी तक जाएगी। प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए सभी आयोजन स्थलों तक मुफ्त परिवहन की व्यवस्था की गई है। डॉ सावंत ने बताया कि मीरामार बीच, रविंद्र भवन मड़गाव और वागाटोर बीच पर फिल्मों को खुले में प्रदशित किया जाएगा। 20 से 28 नवंबर तक केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा है कि 20 से 28 नवंबर, 2025 तक गोवा में आयोजित होने वाले 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में कई चीजें पहली बार होंगी जिससे महोत्सव का वैश्विक कद बढ़ेगा। इन परिवर्तनकारी पहलों और भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को बढ़ावा मिलेगा। श्री मुरगन 15 नवंबर, 2025 पणजी में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ महोत्सव से पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 84 देशों की 270 से ज़्यादा फ़िल्में डॉ. मुरुगन ने कहा कि इफ्फी (आईएफएफआई) 2025 में 127 देशों से अभूतपूर्व 3,400 फ़िल्में प्राप्त की गई हैं, जिससे इस महोत्सव की स्थिति एशिया के प्रमुख फ़िल्म समारोहों में से एक के रूप में काफी मज़बूत हुई है। उन्होंने कहा, “84 देशों की 270 से ज़्यादा फ़िल्में दिखाई जाएँगी, जिनमें 26 विश्व प्रीमियर, 48 एशियाई प्रीमियर और 99 भारतीय प्रीमियर शामिल हैं। यह बढ़ती भागीदारी न केवल महोत्सव की प्रतिष्ठा को दर्शाती है, बल्कि विश्व सिनेमा में भारत की बढ़ती स्थिति को भी दर्शाती है।’’ फिल्म “लाल सलाम” इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का मुख्य आकर्षण जापान है, जिसमें स्पेन और ऑस्ट्रेलिया के विशेष रूप से निर्मित पैकेज शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस महोत्सव में गुरुदत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, पी.भानुमति, भूपेन हज़ारिका और सलिल चौधरी जैसे महान भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को जन्म की शताब्दी पर श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। डॉ. मुरुगन ने यह भी घोषणा की कि समापन समारोह में अभिनेता रजनीकांत को सिनेमा में 50 वर्ष पूरे करने पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म “लाल सलाम” भी इस महोत्सव में दिखाई जाएगी। गोवा के प्रसिद्ध छायाकार के. वैकुंठ को भी इस महोत्सव में सम्मानित किया जाएगा। “क्रिएटिव माइंड्स ऑफ़ टुमॉरो” पहल के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 799 प्रविष्टियों में से 124 युवा रचनाकारों का चयन एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। डॉ. मुरुगन ने यह भी कहा कि वेव्स फिल्म बाज़ार का 19वां संस्करण भारत और विदेशों की सैकड़ों परियोजनाओं के लिए सह-निर्माण और बाज़ार के अवसरों को खोलेगा, जिसमें एआई, वीएफएक्स और सीजीआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का अन्वेषण करने के लिए एक समर्पित टेक पैवेलियन भी होगा। महिला निर्देशकों की फ़िल्में भारत की विकास यात्रा के केंद्र में नारी शक्ति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इफ्फी 2025 में महिला निर्देशकों की 50 से ज़्यादा फ़िल्में प्रदर्शित की जाएँगी। इस महोत्सव में 21 ऑस्कर प्रविष्टियाँ और 50 से ज़्यादा नवोदित फ़िल्म निर्माताओं की कृतियाँ प्रदर्शित की जाएँगी। दुनिया के शीर्ष फ़िल्म समारोहों की शीर्ष पुरस्कार विजेता फ़िल्में भी 56वें इफ्फी के दौरान प्रदर्शित की जाएँगी। सिनेमा को बढ़ावा सिनेमा में रचनात्मकता और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, मंत्री ने कहा, “सिनेमाएआई हैकाथॉन और सिनेमाघरों में सुगम्यता जैसी पहलों से सिनेमा को अधिक समावेशी, प्रौद्योगिकी-संचालित और वैश्विक रूप से सहयोगात्मक बनाने के हमारे दृष्टिकोण का पता चलता है।” गोवा सरकार तैयार इस वर्ष इफ्फी की शुरुआत ओल्ड जीएमसी बिल्डिंग के सामने वाली सड़क पर एक रंगारंग परेड के साथ होगी, जहाँ प्रोडक्शन हाउस, विभिन्न राज्यों और सांस्कृतिक समूहों की झाँकियाँ भारतीय संस्कृति, परंपरा और लोकाचार का प्रदर्शन करेंगी। परेड में 34 झाँकियाँ शामिल होंगी, जिनमें से 12 गोवा सरकार द्वारा तैयार की गई हैं।

कंफर्ट जोन से बाहर आईं दीपिका, 8 घंटे की शिफ्ट पर बोलीं- बदलाव जरूरी है

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण पिछले काफी समय से विवादों के चलते घिरी हुई हैं. उनकी आठ-घंटे शिफ्ट की डिमांड और ज्यादा पैसे मांगने पर काफी कॉन्ट्रोवर्सी पैदा हुई. जिसके चलते दीपिका को साउथ की दो बड़ी फिल्मों 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2' से भी बाहर किया गया. एक्ट्रेस के फिल्म से बाहर होने के कई कारण सामने आए थे.  मदरहुड पर बोलीं दीपिका CNBC TV18 को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने माना कि मां बनने के बाद वो कई मायनों में अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकली हैं. वो कहती हैं- मैं हमेशा से एक शांत और धैर्य रखने वाली इंसान रही हूं. मेरा टोलरेंस और पेशेंस लेवल काफी हाई है. लेकिन मुझे लगता है ये सब आपको सब्र रखना सिखाता है. ये आपको कंफर्ट जोन से बाहर पुश करता है. मुझे भी कंफर्ट जोन से इसने बाहर निकाला है. मां बनने के बाद मैं और ज्यादा सोशल हो चुकी हूं. मैं कभी सोशल पर्सन नहीं थी. अब दूसरे पेरेंट्स संग बात होती है. प्लेस्कूल का टर्म अचानक से फनी लगता है.  8 घंटे शिफ्ट विवाद पर क्या बोलीं दीपिका? दीपिका पादुकोण पर कई आरोप लगे थे. कई लोगों ने उनकी डिमांड्स को 'अनप्रोफेशनल' करार दिया था. अब एक्ट्रेस ने काफी समय बाद अपने ऊपर लगने वाले सभी आरोपों पर चुप्पी तोड़ दी है. CNN-TV18 संग बातचीत में दीपिका ने इंडस्ट्री के 'दोगलेपन' पर कहा, 'एक औरत होने के नाते अगर ये दबाव डालने जैसा लगता है, तो ऐसा ही सही. लेकिन ये कोई सीक्रेट नहीं है कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में कई सुपरस्टार, मेल सुपरस्टार, सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं और ये कभी सुर्खियों में नहीं आया.' 'मैं अभी किसी का नाम नहीं लेना चाहती और इसे इतना बड़ा नहीं बनाना चाहती. लेकिन ये बात आम है, पब्लिकली कई मेल एक्टर्स के बारे में पता है जो सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं. उनमें से कई सोमवार से शुक्रवार तक सिर्फ 8 घंटे ही काम करते हैं. वो वीकेंड पर काम नहीं करते. मुझे लगता है कि बड़ा मुद्दा ये है कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री को 'इंडस्ट्री' तो कहा जाता है, लेकिन हमने कभी भी असलीयत में उस तरह काम नहीं किया है. ये बहुत अव्यवस्थित इंडस्ट्री है और अब वक्त आ गया है कि हम इसमें सही व्यवस्था और स्ट्रक्चर लाएं.' दीपिका को लेकर ही क्यों पैदा हुई कॉन्ट्रोवर्सी? दीपिका की आठ-घंटे शिफ्ट वाली बात तब सामने आई थी जब उन्हें संदीप रेड्डी वांगा की 'स्पिरिट' से बाहर किया गया था. कहा जा रहा था कि एक्ट्रेस अपनी बेटी दुआ के पालन-पोषण के लिए मेकर्स से ऐसी डिमांड कर रही थीं, जिसे उन्होंने नकार दिया. दीपिका ने इसी बातचीत में आगे ये भी खुलासा किया है कि कई फीमेल एक्टर्स, जो मां बन चुकी हैं, वो भी आठ-घंटे काम करती हैं. लेकिन सिर्फ उन्हीं को लेकर विवाद पैदा हुआ है.  दीपिका ने आगे अपने विवाद पर कहा, 'मैंने कई लेवल्स पर ऐसा किया है. ये मेरे लिए नया नहीं है. मुझे लगता है, जहां तक पैसों का सवाल है, मुझे उसके साथ आने वाली हर चीज से निपटना पड़ा है. मुझे ये भी नहीं पता कि इसे क्या कहा जाए, लेकिन मैं उन लोगों में से हूं जिन्होंने हमेशा अपनी लड़ाइयां चुपचाप लड़ी है.' मां का रोल सबसे बेस्ट- दीपिका दीपिका ने बताया कि वो हमेशा से मां बनना चाहती थीं. जिस वक्त से उनकी छोटी बहन अनीशा का जन्म हुआ, वो मां बनना चाहती थीं. इसलिए उनका मानना है इस वक्त वो अपनी जिंदगी का बेस्ट रोल प्ले कर रही हैं. मदरहुड की जर्नी का हर पल एंजॉय कर रही हैं. दीपिका ने इंटरव्यू में अपनी 8 घंटे शिफ्ट की डिमांड पर भी बात की. उनका कहना है इंडस्ट्री में कई मेल सुपरस्टार सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं. मगर इसे लेकर कभी कोई हेडलाइन नहीं बनी. एक्ट्रेस ने फीमेल को मिलने वाली कम फीस पर भी रिएक्ट किया. दीपिका पादुकोण के वर्कफ्रंट की बात करें, वो फिल्म कल्कि 2898AD के सीक्वल और स्पिरिट से वो बाहर हुई हैं. दोनों फिल्मों से उनके एग्जिट लेने के पीछे फीस और 8 घंटे की शिफ्ट बताई जा रही है. दीपिका को फैंस अल्लू अर्जुन संग मूवी में देखेंगे. इसे एटली डायरेक्ट करेंगे. रिपोर्ट्स हैं कि दीपिका पादुकोण फिल्म किंग में भी नजर आएंगी. शाहरुख खान की मूवी में वो अहम रोल में दिखेंगी. शाहरुख के लिए दीपिका लकी चार्म हैं. दोनों ने साथ में सुपरहिट मूवीज दी हैं.  'और किसी अजीब वजह से कभी-कभी ये पब्लिक हो जाती हैं, जो ना तो मुझे पता है और ना ही मुझे इस तरह से पाला गया है. लेकिन हां, अपनी लड़ाइयां चुपचाप और सम्मानजनक तरीके से लड़ना ही मेरा तरीका है.' बात करें दीपिका के प्रोजेक्ट्स की, तो 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2' से बाहर होने के बावजूद, वो फिलहाल दो बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं. दीपिका शाहरुख खान की 'किंग' में काम कर रही हैं. इसके अलावा वो अल्लू अर्जुन- एटली की पैन इंडिया अनटाइटल्ड फिल्म में भी नजर आएंगी.

श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने ज़ुबिन गर्ग को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, इंडियन आइडल 16 के मंच पर

मुंबई,  श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने इंडियन आइडल 16 के मंच पर ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। इंडियन आइडल सीज़न 16 के मंच पर इस शो के जज श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी ने दिवंगत पार्श्वगायक ज़ुबिन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। यह पल और भी खास बन गया क्योंकि प्रदर्शन करने वाली कंटेस्टेंट ज़ुबिन गर्ग का गृह राज्य असम से थी। आसामी, हिंदी और बांग्ला संगीत में अपनी मधुर आवाज़ और चार्टबस्टर गीतों के लिए प्रसिद्ध ज़ुबिन गर्ग ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और जुनून से पीढ़ियों के गायकों को प्रेरित किया है। मंच पर दी गई श्रद्धांजलि तब और खास बन गई जब कंटेस्टेंट ने श्रेया, बादशाह और विशाल के साथ मिलकर ज़ुबिन गर्ग के एक प्रतिष्ठित गीत पर प्रस्तुति दी, जिसके बाद “मन बावरा” जैसे भावनात्मक गीत का प्रदर्शन हुआ। इस परफ़ॉर्मेंस ने न केवल ज़ुबिन के संगीत की महानता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके गीत आज भी देशभर के श्रोताओं के दिलों में कितनी गहराई से बसे हुए हैं। विशाल ददलानी ने कहा, “यह वाकई अद्भुत है।असम सबसे संगीतमय स्थानों में से एक है। ज़ुबिन वहीं पैदा हुए और पले-बढ़े, और वे वहां के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। एक असमिया के रूप में ज़ुबिन को खोना बहुत बड़ी बात है, लेकिन ज़ुबिन अपने समय के सबसे महान गायकों में से एक थे। ज़ुबिन हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।” इंडियन आइडल सीज़न 16 का प्रीमियर 18 अक्टूबर को होगा। यह शो हर शनिवार और रविवार रात आठ बजे, केवल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर प्रसारित होगा।  

परेश रावल की फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का टीज़र रिलीज़

मुंबई, स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्रा. लि. और सीए सुरेश झा प्रस्तुत फिल्म “द ताज स्टोरी” का टीज़र रिलीज़ हो गया है। फिल्म द ताज स्टोरी के लेखक और निर्देशक तुषार अमरीश गोयल हैं, इसमें दिग्गज अभिनेता परेश रावल मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे, जबकि फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर विकास राधेश्याम हैं। टीज़र की शुरुआत एक प्रभावशाली दृश्य से होती है, जहां परेश रावल ताजमहल के सामने बैठे हैं। उनका व्यक्तित्व उस स्मारक जितना ही भव्य और गंभीर दिखाई दे रहा है और उसी दौरान परेश रावल की गूंजती आवाज़ सुनाई देती है, “ताजमहल दुनिया के महानतम स्मारकों में से एक है। कुछ लोगों के लिए यह एक मकबरा है… और कुछ के लिए यह एक मंदिर।” परेश रावल के साथ इस फिल्म में ज़ाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नज़र आएंगे।“द ताज स्टोरी” सिनेमाघरों में 31 अक्टूबर को रिलीज़ होगी।  

सोनी सब के शो इत्ती सी खुशी में हुयी नेहा एसके मेहता की एंट्री

मुंबई,  सोनी सब के शो इत्ती सी खुशी में अभिनेत्री नेहा एसके मेहता की एंट्री हो गयी है। शो इत्ती सी खुशी अपनी दिल छू लेने वाली कहानी से दर्शकों के दिल जीत रहा है, जिसमें दिवेकर परिवार की खुशियाँ, संघर्ष और आपसी रिश्तों का खूबसूरत चित्रण है। अब इस कहानी में नया मोड़ लाने आ रही हैं अभिनेत्री नेहा एसके मेहता, जो शो में अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान) की नाटकीय माँ हेतल का किरदार निभाएंगी। इत्ती सी खुशी में अपने किरदार हेतल के बारे में नेहा एसके मेहता ने कहा, “इस शो का हिस्सा बनना बेहद रोमांचक है, क्योंकि इसमें दिल को छू लेने वाले जज़्बात और हल्के-फुल्के पारिवारिक पल का शानदार मेल है।  हेतल का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत मज़ेदार होगा! वह चंचल, नाटकीय और ज़िंदादिल है, लेकिन अपनी कमियों के साथ। मुझे यह बेहद पसंद है कि कैसे वह अपने स्टाइल और कॉन्फिडेंस का जलवा दिखाती है, अपनी कमजोरियों को छिपाती है और घर में हंगामा और अविस्मरणीय लम्हें दोनों एक साथ लाती है। यह किरदार अब तक किए गए रोल्स से बिलकुल अलग है और एक जड़ से जुड़े किरदार निभाने के बाद इत्ती सी खुशी से जुड़ना मेरे लिए एक ताज़गीभरा नया अध्याय है।” इत्ती सी खुशी, सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ़ सोनी सब पर प्रसारित होता है।  

संपत्ति विवाद गरमाया: करिश्मा के वकील का दावा – प्रिया ने सौतेली मां जैसा किया व्यवहार

मुंबई  करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर की अचानक मौत के बाद उनके परिवार में हंगामा मचा हुआ है. संजय कपूर अपने पीछे 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं, जिसमें हिस्सेदारी को लेकर परिवार में खींचतान हो रही है.  एक तरफ संजय कपूर की बहन मंदिरा और उनकी मां रानी कपूर अपने हिस्से के लिए लड़ रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ संजय की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर आरोपों के घेरे में हैं. इस सबके बीच एक्ट्रेस करिश्मा कपूर अपने दोनों बच्चों, किआन और समायरा कपूर का हक उन्हें दिलाने की कोशिश कर रही हैं. करिश्मा के वकील ने लगाया आरोप संजय कपूर की संपत्ति में करिश्मा कपूर के बच्चों के हिस्से का केस दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है. 9 अक्टूबर को मामले की सुनवाई हुई. इस बीच करिश्मा कपूर के वकील ने प्रिया कपूर पर बड़ा आरोप लगाया. वकील के मुताबिक प्रिया ने ट्रस्टीशिप का उल्लंघन किया और गोपनीयता तोड़ी है. साथ ही प्रिया को सिर्फ अपनी निजी संपत्तियों की चिंता है. करिश्मा कपूर के बच्चों का केस सीनियर वकील महेश जेठमानी लड़ रहे हैं. जेठमलानी ने कोर्ट में निष्पादक द्वारा दाखिल हलफनामे को पढ़ा. 14 जून को गवाह दिनेश अग्रवाल से निष्पादक को ये ईमेल भेजा था. इसमें भेजा गया दस्तावेज एक फैमिली ट्रस्ट डीड था. जानकारी के मुताबिक, प्रिया कपूर ने फिड्यूशरी ड्यूटी का उल्लंघन यह बताते हुए किया कि पैसा अभियोगी पक्ष को दिया जा रहा है. लेकिन संपत्तियों को दिखाने को लेकर उन्हें चिंता है. वकील ने कहा कि प्रिया असल में लालची हैं. उन्हें संपत्ति का 60% मिल गया है और उनके बेटे को लगभग 12% हिस्सा मिला है. वह ट्रस्ट का भी 75% प्राप्त कर रही है. वह इतनी जल्दी में थी कि वह लाभार्थी फॉर्म्स के बारे में पत्र लिख रही थी, जो कंपनियों के लाभार्थियों को तय करने वाले हैं. बच्चों के शेयरों को सीमित करने के लिए यह स्पष्ट जल्दबाजी थी. जेठमलानी ने प्रिया सचदेव की इस हरकत को सिन्ड्रेला सौतेली मां बताया. उन्होंने कहा कि प्रियंका ने उनके लाभार्थी फॉर्म्स और कुछ अन्य दस्तावेज अपलोड करने की कोशिश की.

‘कांतारा चैप्टर 1’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन धमाकेदार, महज 6 दिनों में पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा

मुंबई,  ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने भारतीय सिनेमा जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी। पौराणिक मान्यताओं और लोककथाओं पर आधारित यह फिल्म न केवल दर्शकों को अपनी कहानी में बांधने में कामयाब रही, बल्कि इसके सीन्स, निर्देशन और अभिनय ने एक यादगार अनुभव भी दिया। यही वजह है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म ने न सिर्फ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया है, बल्कि दुनियाभर में भी इसे काफी पसंद किया जा रहा है, जिससे इसका ग्लोबल रिकॉर्ड भी लगातार बढ़ रहा है। सैकनिल्क के मुताबिक, रिलीज के पहले दिन ही फिल्म ने 61.85 करोड़ रुपए का जबरदस्त कारोबार किया, जो किसी भी नई फिल्म के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद दूसरे दिन थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन फिर भी 45.4 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ, जो वीकेंड के लिहाज से अच्छा माना गया। तीसरे और चौथे दिन फिल्म ने अपने कलेक्शन में फिर से मजबूती दिखाई और क्रमशः 55 करोड़ और 63 करोड़ की कमाई की, जो इस बात का सबूत था कि दर्शक फिल्म को सिनेमाघरों में देखने के लिए वापस आ रहे हैं। वीकेंड के बाद आने वाले दिनों में भी फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। सोमवार को कमाई में गिरावट जरूर आई, जो आमतौर पर वीक डे पर होती है। फिल्म ने सोमवार यानी पांचवें दिन 31.5 करोड़ का कारोबार किया, लेकिन मंगलवार को फिर से फिल्म ने 33.5 करोड़ की कमाई कर सबको चौंका दिया। कुल मिलाकर छह दिनों में फिल्म ने भारत में 290.25 करोड़ का कलेक्शन किया। इसके अलावा, वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें, तो फिल्म का कलेक्शन 407 करोड़ हो गया है, जो इस साल की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। फिल्म के मेकर्स ने इसे 125 करोड़ के बजट में बनाया था, पर यह कमाई इस बात का प्रमाण है कि ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी दर्शकों का दिल जीत लिया है।  

दोबारा शादी के बंधन में बंधी एक्ट्रेस सारा खान

मुंबई,  टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री सारा खान, जिन्हें दर्शक आज भी सुपरहिट शो 'बिदाई' में साधना के किरदार के लिए याद करते हैं, ने एक बार फिर अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर दिया है। सारा ने अभिनेता और निर्माता कृष पाठक के साथ दूसरी शादी कर ली है। दोनों ने हाल ही में कोर्ट मैरिज कर अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप दे दिया है। सारा और कृष काफी समय से रिलेशनशिप में थे और अक्सर एक-दूसरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते नजर आते थे। अब दोनों ने अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया है। बताया जा रहा है कि ये शादी निजी समारोह में सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई। हालांकि, सारा और कृष 5 दिसंबर 2025 को एक भव्य रिसेप्शन और पारंपरिक समारोह के साथ अपनी शादी का जश्न मनाने की योजना बना रहे हैं। दिए एक इंटरव्यू में सारा ने कहा, हमारी कोर्ट मैरिज बहुत निजी रखी गई थी, लेकिन दिसंबर में हम इस रिश्ते को बड़े जश्न, नाच-गाने और ढेर सारी खुशियों के साथ सेलिब्रेट करेंगे। यह हमारे जीवन का सबसे खूबसूरत पल है। सारा ने यह भी बताया कि उनकी और कृष की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। उन्होंने कहा, मैंने जब पहली बार कृष की तस्वीर देखी, तो मुझे एक अजीब-सा अपनापन महसूस हुआ। हमने चैट करना शुरू किया और अगले ही दिन मिलने का फैसला किया। हमारी सोच, लाइफस्टाइल और इमोशंस बहुत जल्दी मैच कर गए। मैंने उसी वक्त उसे कह दिया था कि मैं अब घर बसाने के लिए तैयार हूं। सारा के पति कृष पाठक, मशहूर अभिनेता सुनील लहरी के बेटे हैं, जिन्होंने रामानंद सागर की ऐतिहासिक 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाई थी। कृष भी अपने पिता की तरह अभिनेता और निर्माता हैं और कई डिजिटल प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं। वहीं, सारा खान की बात करें तो वह टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उन्होंने 'बिदाई', 'ससुराल सिमर का', 'जुनून- ऐसी नफरत तो कैसा इश्क' जैसे कई टीवी शोज़ में काम किया है। सारा ने 'बिग बॉस 4' में भी हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने अपने को-कंटेस्टेंट अली मर्चेंट से शादी की थी। यह शादी इस्लामिक रीति-रिवाजों से शो के अंदर ही हुई थी, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और 2011 में दोनों का तलाक हो गया। आज सारा एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक स्वतंत्र महिला की पहचान रखती हैं। अपनी दूसरी शादी को लेकर उन्होंने कहा, कृष मेरे लिए सिर्फ पार्टनर नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान है, जिसने मुझे जीवन की हर परिस्थिति में समझा और साथ दिया। मुझे लगता है, हमें किसी से मिलने के लिए सही वक्त का इंतजार करना पड़ता है, और अब वो वक्त आ गया है। सारा और कृष के फैंस सोशल मीडिया पर इस कपल को शुभकामनाएं दे रहे हैं। दिसंबर में होने वाले उनके शादी समारोह की तैयारियां भी धीरे-धीरे शुरू हो गई हैं, और माना जा रहा है कि इसमें टीवी और फिल्म जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी।  

इश्क और जुनून से भरा ‘एक दीवाने की दीवानियत’ का ट्रेलर रिलीज, दमदार डायलॉग्स की भरमार

मुंबई,  बॉलीवुड में जब भी इश्क और पागलपन की बात होती है, तो कुछ कहानियां दिल के बेहद करीब लगती हैं। कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो प्यार में खुद को भुला बैठते हैं, और कुछ डायलॉग्स सीधे दिल में उतर जाते हैं। हर्षवर्धन राणे अपनी नई फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ में ऐसे ही एक दीवाने आशिक के किरदार में लौटेंगे, जो प्यार को सिर्फ भावना नहीं, बल्कि जुनून मानता है। मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर बुधवार को रिलीज किया। ट्रेलर की शुरुआत एक दमदार डायलॉग से होती है, जिसमें हर्षवर्धन का किरदार कहता है, ”तुझसे मोहब्बत करना ऐ सनम… मेरी जरुरत है और ये तेरे बदनसीब दिवाने की दीवानियत है।” यह डायलॉग न केवल फिल्म की कहानी को सेट करता है, बल्कि दर्शकों को बताता है कि यह कोई हल्की-फुल्की लव स्टोरी नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जिसमें प्यार की हदें दीवानगी तक पहुंच चुकी हैं। इसके बाद ट्रेलर में हर्षवर्धन और सोनम बाजवा के बीच की केमिस्ट्री दिखाई जाती है। दोनों की नजरों में जो प्यार है, वो बिना बोले ही सब कुछ कह जाता है। कहीं दोनों एक साथ गाड़ी में सफर कर रहे हैं, तो कहीं आंखों ही आंखों में मोहब्बत के इजहार हो रहे हैं। यह सब कुछ बड़े ही खूबसूरत अंदाज में फिल्माया गया है। जैसे-जैसे ट्रेलर आगे बढ़ता है, कहानी और भी गहराती है। एक और दमदार डायलॉग आता है, ”परवाना रोशनी का इतना दीवाना होता है, शमा की खूबसूरती उसके होश कैसे उड़ाती है, उसकी दीवानियत में वो खुद को तबाह कर लेता है… खत्म कर लेता है, फना कर लेता है।” ट्रेलर में हर सीन में इमोशन और इंटेंसिटी की भरमार है। लेकिन कहानी में सिर्फ मोहब्बत नहीं, बल्कि टकराव भी है। एक सीन में सोनम बाजवा, गुस्से में हर्षवर्धन से कहती हैं, ”तूने आज तक औरत की चूड़ी की खनक देखी है, अब तू एक औरत की सनक देखेगा।” ट्रेलर में दोनों किरदारों के संघर्ष, गुस्से और भावनाओं की गहराई को बखूबी दिखाया गया है। ट्रेलर में एक खास मोड़ तब आता है जब हर्षवर्धन, सोनम को अपनी होने वाली बीवी बताते हैं। ट्रेलर के अंत में आता है वो डायलॉग जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, ”तुम सबसे कहती फिरती हो ना कि मैं तुम्हारी जिंदगी का रावण हूं, तो इतिहास का मैं पहला रावण हूं, जो सीता को खुद घर छोड़कर आएगा।” इस लाइन में न सिर्फ फिल्म की थीम छुपी है, बल्कि यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या वाकई यह रावण सिर्फ बुरा है, या उसकी दीवानगी में कुछ अलग ही रंग है। ट्रेलर की सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और डायलॉग्स की अदायगी एक अलग ही स्तर पर है। हर्षवर्धन राणे अपने किरदार में पूरी तरह ढल गए हैं और सोनम बाजवा भी उन्हें बराबरी से टक्कर देती दिखती हैं। निर्देशक मिलाप जावेरी ने एक बार फिर इमोशन और ड्रामा को जिस अंदाज में पिरोया है, वह साफ झलकता है। ‘एक दीवाने की दीवानियत’ इस दीपावली 21 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।