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मोबाइल पीछे से गरम हो रहा है? फटने से बचाने के लिए अपनाएं ये 4 ट्रिक

आजकल स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हो गए हैं। शायद ही कोई ऐसा हो जो घर से बाहर निकलते हुए मोबाइल अपने साथ लेकर ना जाए। लेकिन कई बार स्मार्टफोन्स में ओवरहीटिंग की समस्या देखने को मिलती है। फोन के गरम होने से बैटरी की लाइफ कम हो सकती है, डिवाइस धीमा हो सकता है और कभी-कभी तो आग लगकर फटने का खतरा भी होता है। इसलिए जरूरी है कि फोन जैसे ही ओवरहीट होने लगे, कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। लापरवाही बरतने से फोन के फटने का डर भी रहता है। इतने से अधिक तापमान में फोन यूज न करें रिपोर्ट बताती है कि कुछ स्मार्टफोन में टेंपरेचर को कंट्रोल करने के लिए सेफ्टी फीचर्स होते हैं। अगर फोन ज्यादा गर्म हो जाए, तो यह खुद-ब-खुद स्टैंडबाई मोड में चला जाता है या अपने आप बंद हो जाता है। ऐपल, सैमसंग और गूगल जैसे ब्रांड्स कहते हैं कि 35 डिग्री सेल्सियस (95 डिग्री फारेनहाइट) से ज्यादा तापमान में फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप फोन को बंद करके रख रहे हैं, तो यह 45 डिग्री सेल्सियस तक सह सकता है, लेकिन इससे ज्यादा गर्मी खतरनाक हो सकती है। स्मार्टफोन कब गर्म होने लगता है? स्मार्टफोन के गर्म होने के कई कारण हो सकते हैं। यदि अगर आप वीडियो कॉल कर रहे हैं, गेम खेल रहे हैं या फोन को चार्जर पर लगाकर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह गर्म होने लगता है। खासकर सस्ते चार्जर या मोटे कवर का इस्तेमाल करने से हीट और बढ़ सकती है। इंसानों की तरह फोन पसीना नहीं बहा सकते, इसलिए गर्मी अंदर ही जमा होती रहती है। स्क्रीन की ब्राइटनेस ज्यादा रखने या कई ऐप्स एक साथ चलाने से भी फोन गर्म हो सकता है। फोन का कवर हटा दें फोन गर्म हो जाए तो तुरंत इसके मोटे कवर को निकाल दें, फिर इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां हवा चल रही हो। हवा का प्रवाह फोन को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा, फोन को मोटे कवर में रखने से भी बचना चाहिए। ब्राइटनेस कम करें, लो पावर मोड ऑन करें आप जितना अधिक फोन का इस्तेमाल करते हैं, उतनी ही ज्यादा गर्मी पैदा होगी। जरूरत न हो तो फोन का इस्तेमाल कम करें। स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करें और लो पावर मोड चालू करें। इससे फोन पर कम दबाव पड़ेगा और गर्मी भी कम होगी। बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स बंद करें बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स फोन को गर्म करती हैं। iPhone में स्क्रीन के नीचे से ऊपर स्वाइप करें और अनचाही ऐप्स को बंद करें। एंड्रॉयड में मेन्यू आइकन पर टैप करके या स्क्रीन के नीचे से ऊपर स्वाइप करके ऐप्स बंद करें। इससे फोन के प्रोसेसर को आराम मिलेगा। फोन को बंद कर दें अगर फोन बहुत गर्म हो रहा है, तो उसे बंद कर देना सबसे अच्छा है। इससे हीट कम होगी और डिवाइस को नुकसान होने से बचेगा। कुछ मिनटों बाद डिवाइस को छूकर देखें, यदि यह नॉर्मल तापमान पर आ गया है तो इसे यूज कर सकते हैं।

अच्छी आदतों से रह सकते हैं फिट

  सेहत और खान-पान की आदतों का चोली दामन का साथ है। अगर हम सही और पौष्टिक खाते हैं तो फिट रहते हैं। जहां हमने सही और पौष्टिक आहार पर अपनी पकड़ ढीली की, वहीं नतीजा सामने आ जाता है। कई लोग वैसे संतुलित चलते हैं पर अपनी पसन्द के खाद्य पदार्थों को देखते ही अपना संतुलन खो बैठते हैं। माह में एक दो बार तो ठीक है पर अक्सर ऐसा होता रहे तो नतीजा खराब होगा ही। अगर खाने में कोई गलत आदतें डल गयी हैं तो समय रहते बदलें उन आदतों को। अपनी आदतों के प्रति सजग रहना बहुत जरूरी है ताकि आप और आपका परिवार सेहतमंद बना रह सके। ज्यादा देर तक भूखा रहना भी ठीक नहीं:- कई लोग प्रातः का नाश्ता नहीं करते कि सुबह भूख नहीं लगती या किसी पार्टी में जाना है तो दिनभर भूखे रहते हैं और खाना सामने आते ही उस पर टूट पड़ते हैं। भूख अधिक लगे रहने के कारण खाया भी ज्यादा जाता है और उस समय कैलरीज की तरफ ध्यान भी नहीं जाता। इसी प्रकार रात के खाने के बाद अगर आप सीधे लंच करेंगे तो अंतराल अधिक हो जायेगा और भूख लगेगी तो जरूरत से ज्यादा खाना खाया जाता है। ऐसा करना सेहत के साथ नाइंसाफी है। इन आदतों से सेहत तो खराब होती है है, गैस भी बनती है, पेट पर भी अत्याचार होता है। उसे कितनी मेहनत करनी पड़ती है भोजन पचाने में। ऐसी आदत से छुटकारा पाना ही ठीक है ताकि सेहत और पेट दुरूस्त रह सकें। लंच, डिनर में आर्डर अपने हिसाब से करें:- आज के युवा, युवतियां अक्सर लंच, डिनर का प्रोग्राम सप्ताहांत पर बनाते रहते हैं और दोस्तों के अनुसार ही खाते हैं जो आपकी सेहत पर कुप्रभाव डालते हैं। दोस्तों के साथ बाहर खाना तो नहीं छोड़ सकते पर इतना कर सकते हैं अपना आर्डर अपने हिसाब से दें। कुछ बीच का रास्ता निकालें। जैसे सूप प्लेन (बिना क्रीम वाला) मंगवा सकते हैं, उसी प्रकार बटर नान, परांठे के स्थान पर सादी तंदूरी रोटी मंगवा सकते हैं। सलाद मंगवा सकते हैं। सब्जियों में दाल मक्खनी या नानवेज के स्थान पर मिक्स वैजिटेबल और तंदूरी चिकन मंगवा सकते हैं। मिक्स सब्जी में आपको रेशा भी भरपूर मिलेगा भी नहीं होगा। कोल्ड ड्रिंक्स के स्थान पर सादा पानी या नींबू पानी लें। अंत में डेजर्ट भी हल्का सा लें। शुगर फ्री चीजों के आदी न बनें:- बहुत से लोग वैसे तो मीठा अवायड करते हैं पर शुगर फ्री मिठाई, आइसीम से परहेज नहीं करते बल्कि ज्यादा खा लेते हैं। सेहत को नुकसान पहुंचता है अधिक शुगर फ्री चीजों के सेवन से। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार दिन भर में शुगर फ्री की गोलियां 2-3 से ज्यादा न लें। प्रयास कर दूध से बनी खाद्य सामग्री में इसका प्रयोग न करें और स्वयं भी इनका सेवन कम करें। नमक ज्यादा खाना भी खतरनाक:- बहुत से लोगों को खाने के साथ अचार, पापड़, सलाद पर नमक डालकर खाने की आदत होती है। उन्हें खाना इनके बिना स्वाद ही नहीं लगता। कभी-कभी अचार, पापड़ खाना ठीक है पर सलाद पर नमक का सेवन भी कम करें। सब्जी में नमक कम डालें, बिना स्वाद चखे सब्जी में नमक और न डालें। चिप्स व अन्य सनैक्स में नमक का प्रयोग प्रिजर्व करने के चक्कर में अधिक होता है। इनमें मौजूद सोडियम हमारे हृदय को बीमार बनाता है। दिन भर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। हृदय के अतिरिक्त सोडियम किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है। स्नैक्स को दोस्त न बनाएं:- अक्सर भूख लगने पर, फ्रिज में रखे रहने पर, घर में रखे रहने पर हम रेडिमेड सनैक्स को भूख मिटाने का सहारा बनाते हैं। ये आदतें बिल्कुल गलत है। आपात स्थिति में कहीं आप बाहर हैं, सफर कर रहे हैं तो ठीक है। घर पर रहने पर इनसे दूरी बनाएं। टीवी देखते समय, पिक्चर देखते समय चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, बटर वाले पॉपकार्न न खाएं। न ही कोल्ड ड्रिंक लें। अगर लस्सी, नींबू पानी (नमकीन) आप्शन है तो वही लें।  

स्वास्थ्य और स्टाइल का मेल: स्मार्टवॉच में बीपी मॉनिटर, जानें कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली Huawei ने शुक्रवार को भारत में अपनी नई स्मार्टवॉच Watch D2 लॉन्च कर दी है। यह एक खास हेल्थ-फोकस्ड स्मार्टवॉच है जिसमें 1.82 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस स्मार्टवॉच की सबसे बड़ी खासियत है कि यह ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग कर सकती है। यह एक ऐसा अनोखा फीचर है, जो कि आमतौर पर स्मार्टवॉच में नहीं मिलता। बता दें कि इस वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट भी मिलता है। Huawei Watch D2 में ECG, स्किन टेम्प्रेचर सेंसर भी दिए गए हैं। इसके अलावा इस वॉच में SpO2 यानी ब्लड ऑक्सीजन लेवल और हार्ट रेट सेंसर भी दिए गए हैं। यही वजह है कि यह वॉच फिटनेस के शौकीनों लोगों के लिए बेहद खास है। यह स्मार्टवॉच 80 से ज्यादा वर्कआउट मोड सपोर्ट करती है। कीमत और उपलब्धता भारत में Huawei Watch D2 की कीमत 34,499 रुपये रखी गई है। आप इसे आज से ही Amazon, Flipkart और Rtcindia.net वेबसाइट से खरीद सकते हैं। 5 अक्टूबर तक इस स्मार्टवॉच को इंट्रोडक्टरी ऑफर के साथ 33,499 रुपये में खरीदा जा सकता है। यह स्मार्टवॉच ब्लैक और गोल्ड दो कलर ऑप्शन में खरीदी जा सकती है। डिस्प्ले और डिजाइन Huawei Watch D2 में 1.82 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसकी पीक ब्राइटनेस 1,500 निट्स है। इस वजह से इसे तेज धूप में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इस वॉच में Always-on Display (AOD) मोड मिलता है, जिससे आप हमेशा समय और जरूरी जानकारी देख सकते हैं। बता दें कि बीपी मापने के लिए इस वॉच में 26mm का मैकेनिकल एयरबैग फीचर भी दिया गया है जो ब्लड प्रेशर मापने में मदद करता है। यह स्मार्टवॉच एल्युमिनियम एलॉय से बनी है जो इसे मजबूत और हल्का दोनों बनाती है। Huawei Watch D2 में Ambulatory Blood Pressure Monitorin (ABPM) फीचर है। इसे यूरोप में CE-MDR मेडिकल डिवाइस सर्टिफिकेशन और चीन के National Product Administration से भी सर्टिफिकेशन मिला हुआ है। यानी यह एक मेडिकली सर्टिफाइड डिवाइस है। हेल्थ और फिटनेस फीचर्स ब्लड प्रेशर ट्रैकिंग के अलावा, Huawei Watch D2 रियल-टाइम सिंगल-लीड ECG डेटा भी देती है। यह आपको इर्रेगुलर हार्ट रिदम और संभावित आपातकाल का पता लगाने में मदद करती है। इसमें और भी कई हेल्थ ट्रैकिंग फीचर्स दिए गए हैं जैसे कि हार्ट रेट मॉनिटरिंग, SpO₂, नींद की निगरानी, स्ट्रेस मॉनिटरिंग। यह वॉच आपकी हेल्थ मेट्रिक्स के आधार पर पर्सनलाइज्ड रिमाइंडर और हेल्थ रिपोर्ट भी देती है। Huawei Watch D2 IP68 रेटिंग के साथ आती है। यह Android और iOS दोनों डिवाइस के साथ काम करती है और Huawei Health ऐप के जरिए पेयर की जा सकती है। आप इस स्मार्टवॉच से सीधे कॉल उठा सकते हैं, रिजेक्ट कर सकते हैं और कॉल लॉग देख सकते हैं। इसमें नोटिफिकेशन, कॉल अलर्ट और मौसम की जानकारी भी दिखाई देती है। फिटनेस के शौकीनों के लिए इसमें 80 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड हैं। आप पेयर किए गए ऐप के जरिए वॉच फेस को भी कस्टमाइज कर सकते हैं। बैटरी लाइफ की बात करें तो कंपनी का दावा है कि नॉर्मल इस्तेमाल में यह 7 दिनों तक चल सकती है। इसमें फास्ट चार्जिंग भी मिलती है।

बीमारियों और बुराइयों को जन्म देता है क्रोध

हममें से शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे क्रोध या गुस्सा कभी भी न आता हो। क्रोध एक प्रकार का संवेग या भावना है। जिस प्रकार व्यक्ति दुःख, सुख, घृणा आदि महसूस करता है, उसी प्रकार क्रोध भी महसूस करता है। प्रायः बहुत से लोगों को कहते सुना जा सकता है कि उन्हें गुस्सा बहुत आता है। वे किसी मामूली-सी बात पर भी बहुत अधिक गुस्सा हो जाते हैं और गुस्से के समय वे अपना संतुलन तक खो देते हैं। क्रोध में किसी भी व्यक्ति का अच्छा काम भी बिगड़ जाता है। क्रोध व्यक्ति को उसकी समस्याओं को सुलझाने की अपेक्षा और अधिक उलझा देता है। क्रोध की अवस्था में व्यक्ति अपने को किसी कान को कर पाने में सक्षम नहीं पाता। इससे वह अपने तथा समाज के लिए आलोचना का कारण बनता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने संबंधों में कड़वाहट पैदा कर देता है। क्रोध एक अति शक्तिशाली सवेग या भावना है, जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकता है। जो व्यक्ति जल्दी गुस्सा हो जाते हैं उनमें विभिन्न प्रकार की शारीरिक परेशनियां जैसे सिरदर्द, चर्म रोग, अल्सर और दिल से संबंधित बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। क्रोध के समय व्यक्ति केवल छोटे-छोटे नुकसान ही नहीं, बल्कि काफी बड़ी मुसीबतों में पड़ सकता है। जैसे घर का सामान तोड़ देना, मारपीट करना, रास्ते में दुर्घटना हो जाना और कई बार तो क्रोध में व्यक्ति दूसरे की हत्या तक कर देता है। क्रोधित व्यक्ति दूसरे की भावनाओं को आहत कर आमतौर पर आपसी संबंधों में दरारें डालकर आपस की दूरियां बढ़ा देता है। वैवाहिक संबंधों में तो ऐसी दूरियां कुछ समय बाद खाई बनकर तलाक जैसे भयंकर परिणाम का रूप भी ले सकती हैं। स्वाभाविक क्रोध: सामान्यतया कुछ परिस्थितियों में किया गया क्रोध स्वाभाविक क्रोध होता है। यह क्रोध लगभग सभी व्यक्तियों में पाया जात है और यह क्रोध कभी-कभी लाभदायक भी होता है। उदाहरण के तौर पर बच्चे के स्कूल न जाने या चोरी करने पर मां को गुस्सा आना। पति के रोज देर से घर पहुंचने पर पत्नी को गुस्सा आना सवाभाविक क्रोध है। किसी कर्मचारी के सही काम न करने पर उसके अधिकारी को गुस्सा आना भी इसी श्रेणी में आता है। इस तरह का क्रोध जो किसी परिस्थितिवश किया जाता है, वह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इस प्रकार के अस्थायी क्रोध से यह प्रयास किया जा सकता है कि भविष्य में इस तरह की बात न दोहरायी जाये। दूसरी तरफ इस तरह के स्वाभाविक क्रोध में व्यक्ति को अपनी स्थिति का पूरा ध्यान रहता है और क्रोध करने वाला व्यक्ति को अपनी स्थिति का पूरा ध्यान रहता है और क्रोध करने वाला व्यक्ति उसे नियंत्रण करने में सक्षम होता है। क्रोध कैसे शान्त करें? क्रोध शान्त करने के लिए व्यक्ति को उपचार के साथ-साथ स्वयं भी प्रयत्नशील होना पड़ता है। यदि क्रोध किसी शारीरिक अथवा मानसिक बीमारी के कारण है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति की संबंधित बीमारी का इलाज होने के साथ ही क्रोध की तीव्रता और उसके घटित होने की अवस्था में भी परिवर्तन आ जाता है। क्रोध करने वाले व्यक्ति को दूसरे की स्थिति के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर कोई व्यक्ति घर में खाना समय से न मिल पाने के कारण गुस्सा करता है, तो उसे यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खाने में देर होने का कारण घर के कुछ आवश्यक कार्य हो सकते हैं अथवा खाना बनाने वाले व्यक्ति को कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। व्यक्ति को अपनी जरूरतों और समस्याओं के बारे में घर के अन्य सदस्यों, मित्रों आदि के साथ खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि समस्याओं का कोई सर्वमान्य हल निकल सके। इस प्रकार क्रोध को काफी हद तक रोका जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को किसी मित्र या घर के सदस्य से किसी बात के बारे में कोई भ्रम की स्थिति है तो ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति से मिलकर स्थिति को स्पष्ट करके क्रोध से बचा जा सकता है। अस्सी से नब्बे प्रतिशत लोगों का क्रोध प्रायः गलत ही होता है। अगर स्थिति की सही समीक्षा और संबंधित व्यक्तियों को अपने परिवार का सदस्य समझकर व्यवहार करें तो संभवतः क्रोध को शान्त किया जा सकता है और उसके दुष्परिणामों से बचा जा सकता है।  

Samsung का 3-फोल्ड स्मार्टफोन देगा एंट्री, 100x ज़ूम कैमरे से मचाएगा धमाल

नई दिल्ली सैमसंग जल्द ही अपना ट्राई-फोल्ड स्मार्टफोन गैलेक्सी Z ट्राई-फोल्ड लॉन्च करने की तैयारी में है। पिछले काफी समय से यह फोन चर्चा में बना हुआ है। सैमसंग के फोल्ड और फ्लिप फोन पहले ही मार्केट में उपलब्ध हैं और उन्हें काफी पसंद किया जाता है। अब लोगों को तीन बार फोल्ड होने वाला फोन चाहिए। इस साल सैमसंग, ऐपल और वनप्लस जैसे कंपनियों ने एक से एक अच्छे फोन्स पेश किए हैं। अब साल खत्म होने पर आ गया है और अभी एक और बड़ा लॉन्‍च होना बाकी है। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, Samsung Galaxy Z Tri-Fold स्मार्टफोन इस महीने या अगले महीने लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट में तारीख भी सामने आ गई है। 30 अक्टूबर या 1 नवंबर को होगा लॉन्च? Yonhap न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के अनुसार, सैमसंग का तीन बार फोल्ड होने वाला फोन 31 अक्टूबर या 1 नवंबर को एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन में पेश किया जा सकता है। इसका मतलब है कि स्मार्टफोन एक महीने के भीतर मार्केट में आ सकता है। हालांकि इसकी लॉन्चिंग को लेकर सैमसंग ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। तीन बार फोल्ड होने वाले फोन में मिलेगा सैमसंग DeX मोड आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह नया फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर वाला फोन दो हिंज के साथ आएगा। इसमें फ्लोटिंग विंडो और सैमसंग DeX मोड दिया जाएगा। साथ ही, इसमें 100x डिजिटल जूम वाला एक एडवांस कैमरा भी मिल सकता है। अभी इस बार पर कोई पुष्टि नहीं है कि यह फोन ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध होगा या कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा। इन लीक हुई जानकारियों के अलावा, ट्राई-फोल्ड फोन के अन्य स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स अभी तक सामने नहीं आए हैं। कंपनी ने फोन के खास फीचर्स अभी तक टीज नहीं किए हैं। इस बार सैमसंग फोन को लेकर काफी सतर्क है और उसकी खास जानकारियां लीक नहीं होने दे रही है। जहां एक तरह ऐपल अभी भी फोल्डेबल मार्केट में नहीं उतर पाया है, वहीं सैमसंग तीन बार फोल्ड होने वाले फोन के साथ तैयार है। ऐसे में ऐपल के लिए चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐपल भी जल्द अपना फोल्डेबल फोन लॉन्च करने वाली है।

खाली पेट पानी पीने की आदत बदल सकती है आपकी सेहत

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क्या आपको पता सुबह उठ कर खाली पेट पानी पीने से कीतने फायदें होते हैं। आईए हम आपको बताते है। अगर आप भी इस आदत का पालन करते हैं तो आपको बता दें कि सुबह खाली पेट पानी पीने से कई तरह की बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। खाली पेट पानी पीने से शरीर की सारी गंदगी साफ हो जाती है और खून साफ होता है। वैसे तो एक शख्स को सुबह उठकर लगभग 4 से 5 गिलास पानी पीना चाहिए लेकिन आप इस आदत को डालने की सोच रहे हैं तो शुरुआत एक या दो गिलास से कर सकते हैं। -सुबह उठकर पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ निकल जाते हैं, जिससे खून साफ हो जाता है। खून साफ हो जाने से त्वचा पर भी चमक आती है। -सुबह उठकर पानी पीने से नई कोशिकाओं का निर्माण होता है। इसके अलावा मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। -सुबह उठकर पानी पीने से मेटाबॉलिज्म सक्रिय हो जाता है। अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो जितना जल्दी हो सके सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना शुरू कर दीजिए। -जो लोग सुबह उठकर खाली पेट पानी पीते हैं उन्हें कब्ज की शिकायत नहीं होती। सुबह पेट साफ होने की वजह से ऐसे लोग जो कुछ भी खाते हैं उसका उनके शरीर को पूरा फायदा मिलता है। कब्ज की वजह से होने वाले अन्य रोग भी नहीं होते। -सुबह उठकर पानी पीने से गले, मासिक धर्म, आंखों, पेशाब और किडनी संबंधी कई समस्याएं शरीर से दूर रहती हैं।  

Zoho Vani Explained: Zoho का नया AI टूल जो मुफ़्त में कर रहा है कमाल

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नई दिल्ली प्लेटफॉर्म Vani लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से छोटे व्यवसायों (SMBs) को अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। Vani में व्हाइटबोर्ड, फ्लोचार्ट, माइंड मैप और वीडियो कॉल जैसे कई टूल मिलते हैं। टीम इसके जरिए अलग-अलग सोर्स से डेटा लेकर आसानी से काम कर सकती हैं। इतना ही नहीं, इस प्लेटफॉर्म के जरिए AI की मदद से कंटेंट भी बनाया जा सकता है। साथ ही, इनसाइट्स भी देखे जा सकते हैं। हालांकि इसका इस्तेमाल करने के लिए लोगों को पैसे देने होंगे। फ्री में यूज करने वालों को प्लेटफॉर्म के बेसिक फीचर्स मिलेंगे। Vani का प्रत‍िमाह शुल्‍क ग्लोबली Zoho के Vani प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए 5 डॉलर प्रति महीने देने होंगे। भारत में 240 रुपये प्रति महीने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म को फ्री में भी यूज किया जा सकता है। इसमें बेसिक फीचर्स के साथ 25 MB तक मीडिया अपलोड की सुविधा मिलती है। अगर आपको अपने डेटा और प्राइवेसी को लेकर चिंता है तो बता दें कि कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह यूजर्स का डेटा सेव नहीं करेगा। उनकी सारी डिटेल सुरक्षित रहेंगी। वानी जैसे एआई पावर्ड टूल क्‍या आपके करियर की दिशा बदल सकते हैं? समझने के लिए NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। मिलते हैं कई टूल Zoho ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि Vani में व्हाइटबोर्ड, फ्लोचार्ट, डायग्राम, माइंड-मैपिंग और वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग जैसे कई टूल मिलेंगे। यह प्लेटफॉर्म टीमों को डेस्कटॉप, क्लाउड ड्राइव और एक्सेल शीट जैसे अलग-अलग सोर्स से डेटा लेकर एक साथ काम करने में मदद करेगा। इससे टीमों के लिए जानकारी शेयर करना और उस पर काम करना बहुत आसान हो जाएगा। Vani के प्रोडक्ट हेड कार्तिकयन जंबुलिंगम ने कहा है Vani पर सभी विभागों के लिए एक ही कैनवास में कई टूल का एक सेट मिलता है। इससे ऐप-स्विचिंग, प्रोसेस या ऑनबोर्डिंग की दिक्कत खत्म हो जाएगी। बता दें कि इसमें "Space and Zone" फ्रेमवर्क भी मिलता है। यह फ्रेमवर्क टीमों को स्वतंत्र रूप से काम करने की सुविधा देता है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे आसानी से एक-दूसरे के साथ कोलेब भी कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म में AI भी मिलता है। यह AI यूजर्स को कंटेंट बनाने में मदद करता है। Vani में प्लानिंग, ब्रेनस्टॉर्मिंग, डिजाइन डायग्राम और सोशल मीडिया क्रिएटिव के लिए रेडी-टू-यूज टेम्पलेट्स और टूलकिट की एक लाइब्रेरी भी है। यह सब प्रोजेक्ट वर्कफ्लो को बहुत आसान बनाता है। हाल ही में, Zoho का मैसेजिंग ऐप Arattai भी काफी चर्चा में आया। इसके बाद इसका वेब ब्राउजर Ulaa भी लोगों की नजरों में आया है। अब देखना है कि वानी को लोगों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

परफ्यूम लगाने के ये स्पॉट्स, जो रखेंगे आपकी खुशबू लंबे समय तक

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असल राज यह है कि आप परफ्यूम कहां लगाते हैं। शरीर के कुछ ऐसे हिस्से होते हैं जो ज्यादा गर्म रहते हैं या जिनमें ब्लड सर्कुलेशन ज्यादा होता है। इन हिस्सों से निकलने वाली गर्मी परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखती है। तो आइए जानते हैं कि शरीर के कौन-कौन से हिस्से पर परफ्यूम लगाने से आप पूरे दिन महकते रह सकते हैं। कॉलर बोन कॉलर बोन यानी गले और कंधे का हिस्सा परफ्यूम लगाने के लिए सबसे बेहतरीन जगह मानी जाती है। यहां परफ्यूम को फैलने और सैटल होने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। खासकर तब जब आप स्ट्रैपी टॉप या डीप नेकलाइन वाले कपड़े पहनती हैं। हवा के लगातार संपर्क में रहने की वजह से खुशबू ज्यादा देर तक टिकी रहती है। बाल बाल खुशबू फैलाने का सबसे असरदार जरिया हैं। अगर आप चाहें तो थोड़ा-सा परफ्यूम सीधे बालों पर छिड़क सकती हैं या फिर अपने हेयर ब्रश पर परफ्यूम स्प्रे करके उससे बालों को संवार सकती हैं। इस तरह जब भी बाल हवा में लहराएंगे, आपकी खुशबू हर तरफ फैलेगी और लंबे समय तक बनी रहेगी। कानों के पीछे की नसें कानों के पीछे की जगह परफ्यूम लगाने का पुराना और कारगर तरीका है। यहां की नसें त्वचा के काफी करीब होती हैं और गर्मी जल्दी फैलाती हैं। यही वजह है कि यहां परफ्यूम लगाने से इसकी खुशबू देर तक बनी रहती है। यही कारण है कि कई महिलाएं पार्टी या इवेंट से पहले कानों के पीछे परफ्यूम लगाना पसंद करती हैं। कोहनी के अंदर क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कोहनी के अंदर पसीना जल्दी आता है? यही गर्माहट आपके परफ्यूम को असरदार बनाती है। जब आप इस हिस्से पर परफ्यूम लगाती हैं तो खुशबू पूरे दिन धीरे-धीरे फैलती रहती है। घुटनों के पीछे बिलकुल कोहनी की तरह घुटनों का पिछला हिस्सा भी परफ्यूम के लिए सही जगह माना जाता है। यहां से शरीर की गर्मी बाहर निकलती रहती है, जिससे खुशबू टिके रहने में मदद मिलती है। खासकर अगर आप स्कर्ट या ड्रेसेस पहनती हैं तो यह तरीका बेहद कारगर साबित होता है। गले के पास गले के पास परफ्यूम लगाना भी एक स्मार्ट ट्रिक है। अगर आप बाहर कहीं लंबे समय के लिए जा रही हैं और परफ्यूम की बोतल कैरी नहीं कर सकतीं, तो कॉटन बड पर परफ्यूम छिड़ककर साथ रख लें। जरूरत पड़ने पर हल्का-सा टचअप गले के पास करें और फिर से महक उठें। कलाई कलाई पर परफ्यूम लगाने का सबसे आम तरीका है। लेकिन ध्यान रखें, परफ्यूम स्प्रे करने के बाद कलाईयों को आपस में न रगड़ें। ऐसा करने से खुशबू जल्दी उड़ जाती है। बस हल्का स्प्रे करें और उसे सूखने दें। नाभि नाभि भी शरीर का गर्म हिस्सा है और यहां परफ्यूम लगाने से खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है। कई मॉडल्स और अभिनेत्रियां इस ट्रिक का इस्तेमाल करती हैं। खासकर गर्मियों में यह तरीका बहुत फायदेमंद है।  

आइफोन यूजर्स के लिए लैपटॉप पर वॉट्सऐप उपयोग करने के टिप्स

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पिछले साल वॉट्सऐप ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए डेस्करटॉप तथा लैपटॉप वर्जन शुरू किया था। बाद मं् इस फीचर को विंडोज फोन तथा ब्लैसकबेरी यूजर्स के लिए भी शुरू कर दिया गया था। अब वॉट्सऐप ने ऐपल यूजर्स के लिए भी लैपटॉप वर्जन शुरू किया है। ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टीम आइओएस में हुए बदलावों की वजह से यह संभव हो सका है। अब ऐपल यूजर्स भी लैपटॉप पर अपना वॉट्सऐप मैसेंजर चला सकते हैं। आइए जानते हैं कि इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है तथा किस प्रकार से उपयोग कर सकते हैं… -सबसे पहले अपने ब्राउजर पर ‘वेब डाॅट व्हाट्सएप डाॅट काॅम’ टाइप करिए तथा क्यू आर कोड आने का इंतजार करिए। -अब अपने फोन का वॉट्सऐप ऑन करिए और उसके सेटिंग मेनू में जाइए। -हालांकि ऐसा करने से पहले आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका वॉट्सऐप मैसेंजर अपडेट हो। -अब आप सेटिंग मेनू में से वॉट्सऐप वेब को चुनिए। -ऐसा करते ही आपके आइफोन का कैमरा एक्टिवेट हो जाएगा। लैपटॉप में दिखाई दे रहे क्यूअआर कोड को आप आइफोन के व्यूहफाइंडर से स्कैसन करिए। जैसे ही आप व्यू फाइंडर को लैपटॉप स्क्रीयन के सामने ले जाएंगे, वह स्कैसनिंग शुरू कर देगा और ऐसा होते ही आपके वेब ब्राउजर में वेब वॉट्सऐप एक्टिवेट हो जाएगा। -इस वेब वॉट्सऐप को आप क्रोम, सफारी और फायरफॉक्सा में भी चला सकते हैं। -वेब वॉट्सऐप फोन से कनेक्टत रहता है, इसलिए आपको इसे इस्तेीमाल करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका फोन ऑन रहे।  

कैंसर की शुरुआती पहचान: 80% मरीज चूक जाते हैं इन 6 लक्षणों से

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कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं, अगर इसका पता शुरुआती स्टेज में ही चल जाए तो इसका इलाज काफी हद तक संभव है? समस्या यह है कि हममें से 80% लोग इसके शुरुआती संकेतों को सामान्य शारीरिक बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आंचल अग्रवाल के अनुसार, लोग अक्सर इन संकेतों को थकान, उम्र बढ़ने या किसी मामूली इन्फेक्शन का लक्षण मान लेते हैं। उनका कहना है, "यह लापरवाही ही अक्सर जानलेवा साबित होती है। अगर लोग इन संकेतों को पहचानकर समय पर डॉक्टर से मिलें, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।" आइए, जानते हैं उन 6 शुरुआती संकेतों के बारे में, जिन्हें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार थकान जो आराम करने पर भी ठीक न हो अगर आपको बिना किसी कारण के लगातार थकान महसूस होती है और आराम करने के बाद भी इसमें सुधार नहीं होता, तो यह एक चेतावनी हो सकती है। यह थकान सामान्य थकान से अलग होती है और रोजमर्रा के काम करने में भी दिक्कत पैदा कर सकती है। शरीर के किसी भी हिस्से में लगातार दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में बिना किसी चोट के अगर लगातार दर्द बना रहता है, तो इसे हल्के में न लें। यह दर्द हड्डियों, मांसपेशियों या पेट में हो सकता है। अगर यह दर्द लंबे समय तक रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। त्वचा या तिल में बदलाव अपनी त्वचा पर नए तिल, गांठ, या किसी भी तरह के बदलाव पर ध्यान दें। अगर किसी पुराने तिल का आकार, रंग या रूप बदल रहा है, या उसमें से खून निकल रहा है, तो यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है। बिना वजह वेट लॉस या भूख में कमी अगर बिना किसी डाइट या कोशिश के अचानक आपका वजन कम होने लगा है, तो यह चिंता का विषय है। इसके अलावा, भूख में कमी या खाने की इच्छा न होना भी एक गंभीर संकेत हो सकता है। शरीर में कहीं भी गांठ या सूजन अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों जैसे गर्दन, बगल या स्तनों में किसी भी तरह की गांठ या सूजन को महसूस करें। अगर आपको कोई नई गांठ महसूस होती है या कोई पुरानी गांठ बड़ी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लंबे समय तक खांसी या आवाज में बदलाव अगर आपको लंबे समय से खांसी है जो किसी भी दवा से ठीक नहीं हो रही है, या आपकी आवाज में भारीपन या कर्कशता आ गई है, तो यह फेफड़ों या गले के कैंसर का संकेत हो सकता है। याद रखें, हमारा शरीर हमेशा हमें कुछ न कुछ बताने की कोशिश करता है। इन छोटे-मोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें। समय पर पहचान और सही इलाज से कई जान बचाई जा सकती हैं। अगर आपको ऊपर दिए गए किसी भी संकेत का एहसास होता है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।