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तैयार रहें! यूपी में भारी बारिश और इन राज्यों में ओले गिरने की संभावना, मौसम हुआ चौकाने वाला

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नई दिल्ली  मॉनसून का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव आने वाला है। चार और पांच अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पांच और छह अक्टूबर को जम्मू, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर के संभावित दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से 2-5 अक्टूबर के दौरान पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पांच से सात अक्टूबर के दौरान एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। जिसका सबसे ज्यादा असर छह अक्टूबर को देखने को मिलेगा। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो एक से छह अक्टूबर तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, एक से चार अक्टूबर तक गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दो से चार अक्टूबर तक झारखंड, एक से तीन अक्टूबर तक ओडिशा, तीन से चार अक्टूबर को पश्चिम मध्य प्रदेश, एक, तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कई इलाकों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दो और तीन अक्टूबर को गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तीन अक्टूबर को झारखंड, ओडिशा, एक, तीन और चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तीन से पांच अक्टूबर तक बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों में बहुत भारी बारिश होगी। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अगले तीन से चार दिनों तक इलाके में कुछ जगह पर भारी बारिश की संभावना है। एक से तीन अक्टूबर तक असम, मेघालय में और एक अक्टूबर को त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो दो से चार अक्टूबर तक तमिलनाडु में कुछ स्थानों से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी। एक और दो अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो एक से चार अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट बारिश की संभावना है। उसके बाद पांच से सात अक्टूबर के दौरान गरज और बिजली के साथ व्यापाक से व्यापाक बारिश हो सकती है। तीन से छह अक्टूबर को पूर्वी उत्तर में, छह और सात अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एक, पांच और छह अक्टूबर को राजस्थान में छिपटुट भारी बारिश होगी। चार और पांच को पूर्वी उत्तर प्रदेश, छह को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छह और सात अक्टूबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

CM योगी बोले: यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध कम, कानून तेजी से लागू

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गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी एवं बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति के बगैर संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है तथा दोषसिद्धि एवं सजा में भी यह राज्य अग्रणी है। एक बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं तथा मातृ शक्ति एवं नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व उन्हें नयी प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है तथा उनका सौभाग्य है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है तथा उनकी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं एवं मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा, जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित होती है, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं।'' उन्होंने देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में नारी शक्ति का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून बनाये जाने का स्वागत किया।  

ललितपुर को राष्ट्रीय-ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 अवार्ड

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ललितपुर राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 (जूरी) के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर को उत्तर प्रदेश में सतत विकास हेतु स्मार्ट अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयनित किया गया है, जिसके लिए तत्कालीन #जिलाधिकारी IAS अक्षय त्रिपाठी जो अब बहराइच के #कलेक्टर है और ललितपुर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व #PCS अंकुर श्रीवास्तव, को पुरस्कार कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा आंधप्रदेश के जिला विशाखापट्नम में आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा श्रेणी-राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार, प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, अन्य केन्द्रीय मंत्रालयों द्वारा प्रदान किए गए पुरस्कारों जैसी सफल राष्ट्रीय स्तर की पुरस्कृत परियोजनाओं की पुनरावृत्ति और उनके विचार के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर उत्तर प्रदेश को स्वच्छ भविष्य ललितपुर, उत्तर प्रदेश में सतत विकास हेतु स्मार्ट अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगर पालिका परिषद, ललितपुर को राष्ट्रीय-ई-गवर्नेस पुरस्कार 2025 (जूरी) से सम्मानित किया गया है

यूपी में कानून-व्यवस्था का कमाल: योगी राज में सांप्रदायिक दंगे शून्य, अपराध दर में रिकॉर्ड गिरावट

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लखनऊ  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट पेश की है। आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। सीएम योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई। जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है। सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।  

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दिवाली से पहले योगी सरकार ने किया बोनस का ऐलान

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लखनऊ  केंद्र सरकार के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों को दीपावली के पहले बोनस देने की तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार दीपावली से पहले 3400 से 7000 रुपये तक के बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. इसके दस्तावेज तैयार करने के लिए वित्त विभाग सरकार की सहमति लेगा और उसके बाद आदेश जारी होगा. यह आदेश संभवत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की उम्मीद है. इस बोनस का लाभ और राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ दैनिक वेतन भोगी व वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी मिलेगा. प्रदेश के इतने कर्मचारियों को सौगात उत्तर प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौगात देने का ऐलान कर दिया है. सूत्रों के मुताबकि दीवाली से पहले इस बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. सरकार की तरफ से 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक का बोनस इन कर्मचारियों को दिया जाएगा.  इस बोनस के लिए सरकार से वित्त विभाग दस्तावेज तैयार करने के लिए सहमति प्राप्त करेगा. यह दस्तावेज तैयार करने के लिए आदेश जारी करेगा. इस आदेश को अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है. विभाग और सरकार अब इसकी तैयारियों में जुट गया है.  इनको मिलेगा बोनस का लाभ बता दें इस बोनस का राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के अलावा रोजमर्रा का वेतन पाने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलने जा रहा है. इस बोनस की रकम कर्मचारियों को उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. सरकार की तरफ से प्रदेश के 8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को बोनस देने के लिए सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये के बजट को जारी किया जाएगा. जिसका सीधा लाभ राज्य के कर्मचारियों को मिलने जा रहा है.   वहीं सूत्रों के जरिए जानकारी आ रही है कि सरकार की तरफ से महंगाई भत्ता और राहत भत्ता बढ़ाने के लिए भी ऐलान किया जा सकता है. वहीं इस बार महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

विकसित यूपी @2047: युवाओं ने उत्साहपूर्वक दिया भविष्य के विकास का रोडमैप

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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और समाज कल्याण योजनाओं पर बड़ी संख्या में राय कृषि में एआई, आईओटी और मंडियों के आधुनिकीकरण पर जोर संभल, महाराजगंज और सोनभद्र रहे फीडबैक में शीर्ष पर जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश @2047' का विज़न लखनऊ, योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, किसानों, व्यवसायियों, उद्यमियों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया और आम जनता से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। अबतक प्रदेशभर से तकरीबन 19 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।   सरकारी पोर्टल पर अब तक लगभग 19 लाख फीडबैक प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं, जबकि शहरी इलाकों ने भी बड़ी संख्या में अपनी राय दी है। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की है, खासकर युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जनता का फोकस जनता की राय में शिक्षा क्षेत्र सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। शिक्षा में सुधार, नई तकनीक का इस्तेमाल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और विदेशी भाषा सीखने पर जोर दिया गया है। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और समाज कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़े सुझावों में किसानों को नई तकनीक, मंडियों का आधुनिकीकरण, और फसल भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जिलों की सहभागिता में विविधता सबसे अधिक फीडबैक संभल, महाराजगंज और सोनभद्र जैसे जिलों से प्राप्त हुए हैं, जबकि इटावा, फिरोजाबाद और ललितपुर जैसे जिलों से अपेक्षाकृत कम सुझाव मिले हैं। इससे यह भी साफ होता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर गहरी दिलचस्पी रही है। जनता की आवाज़ – विशेष सुझाव सुल्तानपुर के कुल श्रेष्ठ सिंह ने शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थी, अभिभावक और अध्यापक तीनों की साझा जिम्मेदारी तय करने की बात कही। साथ ही बच्चों को छोटे स्तर से व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और संस्कारों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। मैनपुरी की अंजलि दीक्षित ने किसानों को AI और IoT जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने का सुझाव दिया। जौनपुर के बृजेश सिंह ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और शहरी-ग्रामीण बच्चों के बीच शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा। सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री की पहल से प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों को मिला नया स्वरूप, भक्तों को मिली बेहतर सुविधाएं

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जौनपुर का शीतला चौकिया धाम नवरात्रि का प्रमुख केंद्र बना, जहां नौ दिनों में 10 लाख से अधिक भक्त पहुंचे सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 20 लाख भक्तों ने किया दर्शन बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, 9 लाख श्रद्धालुओं ने किया पूजन भदोही के सीता समाहित स्थल, महाराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर और औरैया के देवी मंदिरों में 9 लाख से ज्यादा भक्तों ने जताई आस्था मिशन शक्ति 5.0 ने इस नवरात्रि को बनाया खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की झलक हर जगह देखने को मिली लखनऊ, उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का विराट स्वरूप बनकर उभरा है। इस बार पूरे प्रदेश में देवी मंदिरों की तस्वीर देखें, तो यह साफ झलकता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते आठ वर्षों में न केवल प्राचीन धरोहर को संजोया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं को नया अनुभव भी दिया है। यही कारण है कि पूर्वांचल के विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक समस्त देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में ही लगभग 2 करोड़ भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें से केवल विंध्यवासिनी धाम में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मां विंध्यवासिनी धाम : रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी का मंदिर प्रदेश का सबसे प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई। सरकार द्वारा बनाए गए विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को नई सहूलियत दी है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां रोज़ाना 6 से 7 लाख श्रद्धालु माता की आराधना में शामिल हुए। वाराणसी : विशालाक्षी शक्तिपीठ में दक्षिण भारत से उमड़ी आस्था 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले मां विशालाक्षी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्रि पर भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु रोज़ाना पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, जबकि दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 12 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। यहां अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए। सहारनपुर : शाकम्भरी व त्रिपुर बाला सुंदरी धाम बने श्रद्धा के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला भी आस्था से सराबोर रहा। नवरात्रि के नौ दिनों में शाकम्भरी धाम में लगभग 7 लाख और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। देवीपाटन : मां पाटेश्वरी मंदिर में लाखों भक्त और भव्य मेला बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि करीब 6.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी से नवमी तक यहां सबसे अधिक भीड़ रही। साथ ही मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन किया, जिसमें आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।   प्रयागराज : गंगा तट पर आस्था की गूंज प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर प्रतिदिन ढाई लाख तक भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने आए। मां कल्याणी देवी मंदिर में लगभग 6 लाख और मां ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए हैं। गोरखपुर : तरकुलहा व बुढ़िया माई धाम में भव्यता का नया रूप गोरखपुर स्थित तरकुलहा देवी मंदिर इस बार नवरात्रि में प्रमुख आस्था केंद्र बन गया। औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे, जबकि नवमी पर संख्या 1 लाख पार कर गई। अबतक 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख भक्त पहुंचे। यहां नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रोज़ाना 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां पर्यटन विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर : हथियाराम मठ और कामाख्या मंदिर में उमड़ा विश्वास गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार नवरात्रि पर लगभग 40 हजार लोग पहुंचे। वहीं कामाख्या देवी मंदिर में अबतक 1 लाख से अधिक भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। जौनपुर : चौकिया धाम में श्रद्धालुओं का रेला जौनपुर का मां शीतला चौकिया मंदिर नवरात्रि में भक्तों से खचाखच भरा रहा। प्रतिदिन 70 हजार और सप्तमी से नवमी तक करीब 1 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। नैमिषारण्य : महानवमी पर भक्तों का सैलाब नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आगरा : चामुंडा देवी मंदिर समेत कई धाम बने आकर्षण आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष आकर्षण रहा। यहां करीब 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा : नरी सेमरी मंदिर में परंपरा का अनोखा स्वरूप मथुरा के छाता स्थित नरी सेमरी माता मंदिर में नवरात्रि पर 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यहां मूर्ति के खड़े होने की परंपरा और लाठी-डंडे से पूजा की परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। झांसी : आल्हा-उदल की गाथा से जुड़े देवी मंदिर झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 1-1 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व और आस्था दोनों ही देखने को मिले। अन्य प्रमुख धाम : प्रदेशभर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख लोग दर्शन को आए। हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों के मंदिरों में भी लाखों की भीड़ रही। अंततः यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने नवरात्रि पर आस्था और विकास का अद्भुत मेल कर प्रदेश के मंदिरों को … Read more

नंगे पैर दौड़ते मुलायम और धूमधाम वाला जनाजा: आजम खान के बयानों ने मचाई हलचल

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नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।  

पूर्व सांसद दानिश अली पर पाबंदी, हाउस अरेस्ट में; कहा- लोकतंत्र पर खतरा है सरकार की कार्रवाई से

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अमरोहा उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पूर्व कांग्रेस सांसद कुंवर दानिश अली को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। दानिश अली बरेली जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर दानिश अली और कांग्रेस समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया है। पुलिस के अनुसार, दानिश अली का बरेली दौरा कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए एहतियातन उन्हें नजरबंद किया गया। यह मामला अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के बाईपास का है। वहीं, दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हमारा बरेली जाने का हमारा कार्यक्रम था। बरेली में सुनियोजित तरीके से लोगों का दमन किया जा रहा है। हम वहां पर पुलिस प्रशासन को यह कहने के लिए जा रहे थे कि वो लोगों का दमन नहीं करें। वहां पर बेगुनाह लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं। यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। लोकतंत्र में इस तरह की व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम वहां पर लोगों से शांति की अपील कर रहे हैं और वहां पर लोगों से यह भी कह रहे हैं कि वो किसी के भड़कावे में न आएं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि आप यह दमनकारी नीति को छोड़िए। नाइंसाफी और दमन ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता है। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। आज की तारीख में यह सरकार दमनकारी नीति के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे शर्म आती है कि वह मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं अपने लोगों के बीच में उनका दुख बांटने जाना चाहता हूं। वहां पर लोगों के दुकान और घरों को तोड़ा जा रहा है और दुख की बात है कि वे हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ये लोग ज्यादा दिनों तक हमारी आवाज को नहीं दबा सकते हैं। इन लोगों ने हमें रोक लिया। हम सात-आठ लोग जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर यह कहां का न्याय है? उन्होंने कहा कि ये लोग ऐसा करके उत्तर प्रदेश में आमजन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ये सरकार पूरी तरह से अमानवीय है। यह सरकार दमनकारी सरकार है, क्योंकि इन लोगों को अब पता चल चुका है कि इनकी सरकार अब जा चुकी है। हमारे नेता राहुल गांधी ने जिस तरह से वोट चोरी का मुद्दा उठाया है, उससे लोगों के बीच में एक संदेश गया है कि यह वोट चोरी करने वाली सरकार है। पुलिस ने बताया कि बरेली में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, दानिश अली ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा, “मुझे बिना किसी ठोस कारण के घर में कैद किया गया है। यह जनप्रतिनिधि के अधिकारों पर हमला है।”  

यूपी त्रासदी: 2 बच्चों की हत्या के बाद परिवार ने आत्मदाह किया, 6 लोगों की जान गई

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बहराइच  उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक दिलदहला देने वाली घटना सामनने आई है। एक ग्रामीण ने गड़ासे से दो किशोरों की हत्या कर दी और फिर परिवार सहित खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। घटना में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, मवेशी भी जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कुल मिलाकर इस हृदय विदारक घटना में छह लोगों और चार मवेशियों की जान चली गई। निंदुनपुरवा टेपरहा गांव में बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोवाई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14) पुत्र लच्छी राम और सनी वर्मा (13) पुत्र ओमप्रकाश को घर बुलवाया। दोनों ने नवरात्र का अंतिम दिन होने के चलते घर पर काम अधिक होने की बात कह कर खेत में काम करने से इनकार कर दिया। इसी बात से गुस्साए विजय ने अपने घर के आंगन में गड़ासे से वारदात कर डाली। इसके बाद खुद को परिवार सहित कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में दंपती व दो बेटियों समेत चार लोग जिंदा जल गए। कुल छह मौतों की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। उधर, पुलिस पूरे मामले की मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि गांव निवासी विजय कुमार खेती बाड़ी और पशुपालन का काम करता था।