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खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम

आईजीआरएस रैंकिंग में लखीमपुर खीरी ने मारी बाजी, बलरामपुर ने हासिल किया दूसरा स्थान    सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान   आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में डीएम लखीमपुर खीरी ने पहला, बलरामपुर ने दूसरा और बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया खीरी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल बोलीं, सीएम योगी के मार्गदर्शन में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम   लखनऊ योगी सरकार ने पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के सर्वांगीण विकास मेें नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशवासियों के खुशहाल जीवन के लिए कई निर्णय लिये गये, जो पूरे देश में मॉडल बनकर उभरे। इन फैसलों को देश के कई अन्य राज्यों ने अपने यहां लागू भी किया, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व को दर्शाते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है।आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में लखीमपुर खीरी ने पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि बलरामपुर ने दूसरा और बरेली  ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  खीरी ने रैंकिंग की रिपोर्ट में सर्वाधिक 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में हासिल किया पहला स्थान आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार लखीमपुर खीरी ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 134 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप लखीमपुर खीरी में विकास कार्यों समेत जनसुनवाई की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि लखीमपुर खीरी की सितंबर माह की जनसुनवाई निस्तारण दर 95.71 प्रतिशत है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।  जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर किया जा रहा काम लखीमपुर खीरी जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में रोजाना प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। साथ ही समस्या के समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मॉनीटरिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जिले में सुनवाई से समाधान तक की नीति पर काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि लखीमपुर खीरी ने आईजीआरएस की सितंबर माह की रैंकिंग में पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जनसुनवाई में आए हर शिकायतकर्ता की समस्या के निस्तारण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। इससे न केवल शिकायतों की संख्या घटी बल्कि जनता का भरोसा भी प्रशासन पर और मजबूत हुआ है। बलरामपुर ने दूसरा, बरेली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, टॉप फाइव जिलों में अंबेडकरनगर, सोनभद्र ने बनायी जगह बलरामपुर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में बलरामपुर दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के अाधार पर किया जाए। बलरामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 133 अंक प्राप्त किये हैं, जिसकी निस्तारण दर 95 प्रतिशत है। इसी तरह बरेली ने भी 133 अंक हासिल कर तीसरा, अंबेडकरनगर ने 132 अंक प्राप्त कर चौथा और सोनभद्र ने 131 अंक हासिल कर पांचवा स्थान प्राप्त किया है। वहीं टॉप टेन जिलों में हाथरस, श्रावस्ती, हमीरपुर, पीलीभीत और बस्ती ने जगह बनायी है।    

लखनऊ में मायावती ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधा, PDA मुद्दे पर लगाई कटाक्ष

लखनऊ चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं मायावती और उनकी अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्टिव मोड में आ गई है. बसपा संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती की पार्टी आज लखनऊ में बड़ी रैली कर रही है. इस रैली को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस स्थल पर मरम्मत का कार्य नहीं होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से मान्यवर कांशीराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर पा रहे थे. मायावती ने योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि यूपी की वर्तमान सरकार सपा जैसी नहीं है. योगी सरकार ने पूरा का पूरा पैसा इस स्थल के मरम्मत के कार्य पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में इन स्थलों की हालत जर्जर हो गई थी. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने एक पैसा भी इन स्थलों के रख-रखाव पर खर्च नहीं किया. मायावती ने कहा कि हमने सरकार में रहते ऐसा सिस्टम बनाया था कि इन स्थलों को देखने आने वाले लोगों से लिया गया टिकट का पैसा इनके रख-रखाव पर खर्च किया जाएगा. सपा की सरकार में टिकट का एक भी पैसा खर्च नहीं किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार आई, तब हमने मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा. हमने आग्रह किया कि टिकट का पैसा जो भारी मात्रा में सरकार के पास इकट्ठा हो गया है, उससे इन स्थलों की मरम्मत कराई जाए. मायावती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इसे दिखवाया और मरम्मत कराई. उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये सरकार में रहते हैं, तब इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद नहीं आते. आज जब ये विपक्ष में हैं, तब इनको पीडीए याद आ रहा है. मायावती ने पूछा कि सत्ता में रहते इनको पीडीए क्यों नहीं याद रहा. आज इनको हमारे गुरु, संत और महापुरुष याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव से पूछना चाहती हूं कि हमने कासगंज जिला बनाकर उसका नाम मान्यवर कांशीराम के नाम से रखा था. सत्ता में आते ही सपा ने उसका नाम बदल दिया. बसपा प्रमुख ने कहा कि हमने सत्ता में रहते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायणा गुरु समेत अपने संतों और गुरुओं को पूरा सम्मान दिया है. ये जातिवादी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि सपा अब पीडीए के नाम पर बरगलाने का काम कर रही है. सपा के शासन में इन वर्गों का बहुत ज्यादा शोषण और उत्पीड़न हुआ है. बसपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को कोट करते हुए कहा कि वह कहते थे सत्ता एक ऐसी मास्टर चाबी है, जिसके माध्यम से इन वर्गों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, खुशहाली और स्वाभिमान का जीवन व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सपने को पूरा करने के लिए मान्यवर कांशीराम ने अपना पूरा जीवन खपा दिया. यूपी में कई बार सरकार बनाकर, आसपास के राज्यों में भी विधायक-सांसद जिताकर बाबा साहब का कारवां आगे बढ़ाया है. मायावती ने कहा कि कांशीराम की दिली तमन्ना थी कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्गों की आबादी बहुत अधिक है, इन वर्गों को एकजुट होकर अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी. तभी पूरे स्वाभिमान के साथ जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि दुख की बात ये है कि कांशीराम के जीते जी यह सपना साकार नहीं हो सका था. मायावती ने कहा कि उनके निधन के बाद उनकी एकमात्र उत्तराधिकारी ने इसे पूरा भी किया है और हमने 2007 में पहली बार अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है. उन्होंने इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि आप सभी लोग अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतनी बड़ी संख्या में मान्यवर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे है. बसपा का दावा- जुटे पांच लाख कार्यकर्ता बसपा का दावा है कि रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पांच लाख से अधिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. इस रैली के लिए मायावती ने अलग योजना तैयार की है. मायावती करीब तीन घंटे तक मंच पर मौजूद रहेंगी और रैली को संबोधित भी करेंगी. मंच पर मायावती के साथ ही छह और लोग होंगे. कार्यक्रम के मुख्य मंच पर सात कुर्सियां लगाई गई हैं. मंच पर मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीशचंद्र मिश्र भी होंगे. कार्यक्रम की शुरुआत थोड़ी देर में होनी है. इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. चारबाग रेलवे स्टेशन पर पार्टी ने पहली बार कार्यकर्ता सहायता शिविर लगाया है. इस शिविर में युवा नेता-कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से रैली में शामिल होने आ रहे लोगों की सहायता कर रहे हैं. गौरतलब है कि चार साल पहले यानी 2021 बसपा प्रमुख मायावती ने 9 अक्तूबर को ही कांशीराम स्मारक स्थल में रैली की थी. तब कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने थे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज़ एक सीट पर ही जीत सकी थी. मायावती ने इस बार भी रैली के लिए वही मौका, वही तारीख और वही स्थान चुना है. बसपा की रणनीति अपनी राजनीतिक ताकत दिखाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को मजबूत विकल्प के रूप में जनता के सामने पेश करने की है. खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में जुटी बसपा और इसकी प्रमुख मायावती की कोशिश छिटके कोर वोटर को फिर से अपने पाले में लाने की है.

ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी

अयोध्या में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी आस्था, श्रद्धा और भव्यता के संगम में डूबी रामनगरी अयोध्या अयोध्या  भारत की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुवार का दिन अत्यंत पावन रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने परिवार संग प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार व जगज्जननी मां दुर्गा के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी किया।श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। निर्मला सीतारमण ने मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर आस्था और गर्व की भावना व्यक्त की। अयोध्या के आध्यात्मिक तेज में डूबी वित्त मंत्री आरती के दौरान श्रीरामलला का दरबार भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती मंद बयार और मंदिर प्रांगण में गूंजते भजनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। वित्त मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद आरती में शामिल श्रद्धालुओं के साथ “जय श्रीराम” का उद्घोष किया। अयोध्या का गौरव बना विश्व का आध्यात्मिक केंद्र अयोध्या अब केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिलता है। ट्रस्ट ने किया स्वागत श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम में भाग लिया।

संपत्ति जब्ती के बाद सहारनपुर में गैंगेस्टर पूजा किन्नर की मुश्किलें बढ़ीं

सहारनपुर  यूपी के सहारनपुर में पुलिस टीम ने गैंगस्टर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर की लगभग 2 करोड़ 74 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर ली. जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(A) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई. अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जिले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है.  पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि शाहिद उर्फ पूजा किन्नर ने ये संपत्ति अपराध के जरिए अर्जित की थी. इसलिए उसे राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस संपत्ति की सर्किल दर लगभग 68 लाख 85 हजार रुपये और बाजार मूल्य 2.74 करोड़ रुपये आंका गया है.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शाहिद के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज था, जिसकी विवेचना थाना कुतुबशेर से चल रही थी. जांच में सामने आया कि आरोपी की संपत्ति में 9 प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिन्हें अब प्रशासनिक आदेश के तहत कुर्क कर लिया गया है.  एसपी सिटी ने आगे कहा कि यह कार्रवाई एसएसपी महोदय के निर्देशन में अपराधियों को सख्त चेतावनी है कि अब न केवल जेल और चार्जशीट, बल्कि आर्थिक दंड और संपत्ति कुर्की जैसी कार्यवाहियां भी लगातार होंगी. उन्होंने साफ संदेश दिया कि सहारनपुर अपराधियों के लिए अब सुरक्षित ठिकाना नहीं है, उनका समय यहां सीमित है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे सभी माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.  एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि कोतवाली नगर थाना पर शाहिद उर्फ पूजा किन्नर के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ ही, डीएम के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(A) के तहत कार्रवाई करते हुए अभियुक्त की संपत्ति जब्त की गई है. जब्त की गई संपत्ति में एक प्लॉट और दो स्कूटी शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 74 लाख है.  एसपी सिटी ने यह संदेश दिया कि अपराधियों के विरुद्ध जेल और चार्जशीट के अतिरिक्त आर्थिक दंड और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी होगी. उन्होंने कहा कि सहारनपुर अपराधियों के लिए सुरक्षित नहीं है. 

विकसित यूपी @2047: शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास बने जनसुझावों के शीर्ष विषय

विकसित यूपी @2047: शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास बने जनसुझावों के शीर्ष विषय अब तक 32 लाख से अधिक लोगों ने दिए सुझाव, ग्रामीण इलाकों से मिले 25 लाख से ज्यादा फीडबैक  विकसित यूपी के लिए प्रदेश के युवा दे रहे सबसे अधिक सुझाव  शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास बने जनसुझावों के शीर्ष विषय संभल, जौनपुर और सोनभद्र जिले फीडबैक में सबसे आगे – बलिया से कृषि में वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का सुझाव – हाथरस से जिला अस्पतालों में हाईटेक सुविधाओं की मांग – वाराणसी से पशुधन संरक्षण और डेयरी विकास पर जोर – अभियान के तहत नोडल अधिकारी और प्रबुद्ध जन कर रहे संवाद – मुख्यमंत्री योगी की पहल से जनता बनी नीति निर्माण की सहभागी लखनऊ  उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में चल रहा 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' आम जनता की भागीदारी से नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के 75 जिलों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों द्वारा छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया और आम जनमानस के साथ संवाद स्थापित कर विकास यात्रा पर चर्चा की जा रही है। इस अभियान के तहत अब तक 32 लाख से अधिक सुझाव और फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जो सरकार की 'जनभागीदारी से जनविकास' की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन सुझावों में से 25 लाख से अधिक राय ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 7 लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। वहीं युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही  है, करीब 15 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग के युवाओं ने दिए हैं, जबकि लगभग इतने ही सुझाव मध्यम आयु वर्ग (31 से 60 वर्ष) के लोगों से प्राप्त हुए हैं। वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास शीर्ष प्राथमिकताएं बनीं अभियान के दौरान मिले सुझावों में शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास सबसे प्रमुख विषय रहे। शिक्षा क्षेत्र से करीब 9 लाख, कृषि क्षेत्र से 7.5 लाख, और ग्रामीण विकास से लगभग 6 लाख सुझाव आए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य, समाज कल्याण, उद्योग, पशुधन, डेयरी, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सर्वाधिक सक्रिय जिले- संभल, जौनपुर और सोनभद्र फीडबैक के मामले में संभल, जौनपुर, सोनभद्र, महाराजगंज, बिजनौर और गोरखपुर शीर्ष जिलों में रहे हैं। वहीं फिरोजाबाद, महोबा, इटावा, बुलंदशहर और ललितपुर जैसे जिलों से अपेक्षाकृत कम सुझाव प्राप्त हुए हैं। जनसुझावों में उभरे नए विचार बलिया के त्रिपाठी पांडेय ने कृषि में वैज्ञानिक तकनीकों, जैविक खेती और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के विस्तार का सुझाव दिया है। हाथरस के अवनेंद्र सिंह राठौर ने जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक जांच सुविधाओं और बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट की स्थापना पर जोर दिया। वहीं वाराणसी की शोभा चौहान ने पशुधन संरक्षण, डेयरी विकास और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। सुझावों के आधार पर तैयार होगा विजन डॉक्युमेंट बता दें कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल जनता के विचार जानना है, बल्कि जनता को नीति निर्माण का सक्रिय भागीदार बनाना भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह अभियान जनसहभागिता के माध्यम से उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास साबित हो रहा है। सुझावों के आधार पर प्रदेश का विजन डॉक्युमेंट तैयार किया जाएगा। वहीं प्रदेश और जनपद स्तर पर अच्छे सुझावों को सम्मानित भी किया जाएगा।     

सरयू तट पर पावन आरती में वित्त मंत्री ने किया दीप प्रज्ज्वलन

मां सरयू की भव्य आरती में शामिल हुईं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दीपों और भजन-कीर्तन के बीच घाट पर गूंजा भक्तिमय वातावरण सरयू तट पर पावन आरती में वित्त मंत्री ने किया दीप प्रज्ज्वलन  श्रद्धा और सादगी का संदेश देती नजर आईं केंद्रीय वित्त मंत्री अयोध्या में आरती के माध्यम से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगम का अनुभव अयोध्या  अयोध्या के पावन सरयू तट पर भव्य आरती का दृश्य देखते ही बन रहा था, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रद्धा भाव से इसमें भाग लिया। सूर्यास्त के समय घाट पर जब दीपों की कतारों में प्रकाश झिलमिलाया और जल पर मंद झिलमिलाती रौशनी में मां सरयू की आरती आरंभ हुई, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। निर्मला सीतारमण ने हाथ जोड़कर आरती में भाग लिया और दीपों की रोशनी में तट पर बजते शंख और घुंघरू की ध्वनि के बीच भक्ति और शांति का अनुभव किया।  उन्होंने हाथ में थाली उठाकर दीपों का संचालन किया और गंगा-जैसे पावन सरयू के जल में दीपों को प्रवाहित करते हुए मन की शुद्धि और आशीर्वाद की कामना की। आरती के दौरान घाट पर उपस्थित श्रद्धालु भी मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन में सम्मिलित हुए, जिससे सरयू तट पर एक दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण बन गया। इस दौरान सीतारमण के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। निर्मला सीतारमण ने इस अवसर पर कहा कि अयोध्या न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी सम्पूर्ण भारत के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनकी उपस्थिति ने आरती के इस पावन आयोजन को और भी गौरवपूर्ण बना दिया। हर श्रद्धालु की नजरें निर्मला सीतारमण पर थीं, जब उन्होंने पूर्ण श्रद्धा भाव से मां सरयू की आरती की और घाट पर उपस्थित लोगों के बीच सादगी और भक्ति का संदेश दिया।

जिन संतों के हर श्वास में ‘राम’, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ : निर्मला सीतारमण

राम केवल उत्तर भारत में नहीं, दक्षिण के हर घर में विराजते हैं : निर्मला सीतारमण अयोध्या के बृहस्पति कुंड पर तीन दक्षिण भारतीय संतों की प्रतिमाओं के भव्य अनावरण में बोलीं केंद्रीय वित्त मंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश कैबिनेट के मंत्रिगण और दक्षिण से आए भक्तगण रहे उपस्थित – जिन संतों के हर श्वास में ‘राम’, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ : निर्मला सीतारमण – पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, संस्कृत सभी भाषाओं में कर्नाटक संगीत गाया जाता था – त्यागराज स्वामी ने गरीबी में भी केवल श्रीराम के लिए गाये गीत : निर्मला सीतारमण – लोग कहते है कि हनुमान जी ने ही कवि त्यागराज के रूप में लिया था जन्म : वित्त मंत्री  – केरल में पूरे अषाढ़ मास हर घर में शाम को दीप जलाकर होती है श्रीराम की आराधना : निर्मला सीतारमण – रामभक्ति भारत की अमूर्त आत्मा, जो हर भाषा में झलकती है : निर्मला सीतारमण  – तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है : वित्त मंत्री  – अयोध्या का यह आयोजन उत्तर-दक्षिण की एकता का सजीव उदाहरण : निर्मला सीतरमण अयोध्या अयोध्या के पवित्र बृहस्पति कुंड पर बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों श्री त्यागराज स्वामीगल, श्री पुरंदरदास और श्री अरुणाचल कवि की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर निर्मला सीतारमण का उद्बोधन भावनाओं और भक्ति से ओतप्रोत रहा। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में श्रीराम भक्ति केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण भारत के संतों के बारे में जिस विस्तार से बताया, वह अद्भुत है। उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण भारत में भाषाई भेदभाव नहीं था, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और संस्कृत, सभी भाषाओं में कर्नाटक संगीत गाया जाता था, जो एकता का प्रतीक है। त्यागराज जी के हर गीत में श्रीराम की ऊर्जा प्रवाहित होती थी वित्त मंत्री ने कहा कि त्यागराज स्वामी ने जीवनभर गरीबी में रहते हुए भी श्रीराम भक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने राजा के श्रेय में गीत गाने से इनकार कर केवल श्रीराम के लिए गीत गाये। उनकी भक्ति ऐसी थी कि हर गीत में श्रीराम की ऊर्जा प्रवाहित होती थी। लोग कहते हैं कि शायद हनुमान जी ने ही त्यागराज के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने बताया कि त्यागराज स्वामी का गीत 'सीता कल्याण' दक्षिण भारत में हर विवाह समारोह में गाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की शादी में भी वही गीत गाये गये थे। केरल में पूरे अषाढ़ मास में होता है वाल्मीकि रामायण का पाठ  निर्मला सीतारमण ने कहा कि “रामभक्ति केवल हिन्दी भाषी क्षेत्रों की नहीं है। केरल में आज भी पूरे सिंह मास (अषाढ़) में हर घर में शाम के समय दीप जलाकर भगवान श्रीराम की आराधना की जाती है। पूरे महीने वाल्मीकि रामायण पढ़ी जाती है। यह मूर्त रूप नहीं, बल्कि अमूर्त भक्ति की परंपरा है। यह  हमारे देश की सच्ची आत्मा है। उन्होंने तमिल कवि अरुणाचल कवि का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रसिद्ध तमिल काव्य रामनाटकम् में माता सीता के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा था, एक लाख आंखों से सीता माता को देखो, उनसे सुंदर कोई नहीं। तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है निर्मला सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राम जन्मभूमि के लोकार्पण से पहले दक्षिण भारत के श्रीराम से जुड़े मंदिरों की यात्रा की थी। वे श्रीरंगम मंदिर में गए, जहां कंबरामायणम् की रचना हुई थी। यही नहीं, अरुणाचल कवि को भी श्रीराम ने सपने में आदेश दिया था कि वे श्रीरंगम में रामनाटकम् प्रस्तुत करें। वित्त मंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत में न केवल पुरुष संत ही नहीं बल्कि एक कुम्हार समुदाय की महिला ने भी तेलुगु में मोल्लरामायणम् लिखकर भक्ति की मिसाल कायम की। 'तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम हर भाषा में श्रीराम की महिमा का गान हुआ है। यही भारत की आत्मा है। हमें लगा ही नहीं कि हम उत्तर भारत में हैं, ऐसा लगा जैसे अपने घर में समारोह कर रहे हों अपने उद्बोधन के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। जिन संतों की हर श्वास में ‘राम’ था, उनकी प्रतिमाओं को अयोध्या में स्थान मिलना केवल योग से नहीं, श्रीराम की इच्छा से संभव हुआ है। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यह भक्ति से जुड़ी एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया और कहा कि हमें लगा ही नहीं कि हम उत्तर भारत में हैं, ऐसा लगा जैसे अपने घर में समारोह कर रहे हों।

श्रीराममंदिर परिसर स्थित बृहस्पति कुंड पर तीन दक्षिण भारतीय संतों की प्रतिमाओं का मुख्यमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री ने किया अनावरण

महान संतों के नाम पर जाने जाएंगे श्रीराममंदिर के चारो द्वार : योगी आदित्यनाथ  शंकराचार्य, रामानंदाचार्य, माधवाचार्य और रामानुजाचार्य के नाम पर होंगे श्रीराममंदिर के चारों महत्वपूर्ण द्वार श्रीराममंदिर परिसर स्थित बृहस्पति कुंड पर तीन दक्षिण भारतीय संतों की प्रतिमाओं का मुख्यमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री ने किया अनावरण दक्षिण के महाकवि त्यागराज, पुरंदरदास और अरुणाचल कवि ने श्रीराम भक्ति का दक्षिण में किया विस्तार, स्थापित हुईं मूर्तियां   कार्यक्रम में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश हुआ प्रतिध्वनित, हजारों श्रद्धालुओं ने मूर्तियों के अनावरण का किया साक्षी भाव से स्वागत – हमारे संतों ने उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने का कार्य किया : सीएम योगी  – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का सपना : मुख्यमंत्री – राममंदिर आंदोलन में अग्रणी रहे दक्षिण भारत के श्रद्धालु, काशी तमिल संगमम उत्तर-दक्षिण की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक : सीएम योगी – जीएसटी रिफॉर्म से अर्थव्यवस्था को मिली ऊर्जा, वित्त मंत्री को यूपी की जनता की ओर से बधाई : योगी आदित्यनाथ – रामेश्वरम से लेकर अयोध्या तक श्रीराम की भक्ति ने देश को जोड़ा, हर भारतवासी को अपने पूज्य संतों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए : सीएम योगी अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या के पवित्र बृहस्पति कुंड पर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों श्री त्यागराज स्वामीगल, श्री पुरंदरदास और श्री अरुणाचल कवि की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में संतों की भक्ति परंपरा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान का सशक्त संदेश गूंजता रहा।  चार प्रमुख द्वार अब भारत के चार महान संतों के नाम पर मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राममंदिर के चार प्रमुख द्वार अब भारत के चार महान संतों के नाम पर समर्पित होंगे, दक्षिण दिशा का द्वार जगद्गुरु शंकराचार्य जी, दक्षिण-पूर्व द्वार (गेट नंबर तीन) जगद्गुरु माधवाचार्य जी, उत्तर दिशा का द्वार जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी और सुग्रीव किला मार्ग से प्रवेश द्वार जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के नाम पर जाना जाएगा। भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक हैं तीनों संत मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर न केवल उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता और समरसता की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम भी है। उन्होंने कहा कि इन तीन पूज्य संतों ने 15वीं से 18वीं सदी के बीच श्रीराम भक्ति में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया और आज उनकी प्रतिमाएं उनके आराध्य श्रीरामचरणों में स्थापित होना पूरे भारत के लिए गौरव की बात है। त्यागराज महास्वामी को कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यह स्थल देवगुरु बृहस्पति जी का पवित्र कुंड है और यहां आने वाले कोटि-कोटि श्रद्धालु अब हर वर्ष इन संतों के दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि त्यागराज महास्वामी को कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने तेलुगु भाषा में हजारों भक्ति गीतों के माध्यम से भगवान श्रीराम की आराधना को जन-जन तक पहुंचाया। श्री पुरंदरदास महास्वामी हरिदास सम्प्रदाय के प्रमुख संत मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि श्री पुरंदरदास महास्वामी को 1434 से 1564 तक कर्नाटक संगीत का जनक कहा जाता है। उन्होंने व्यापारी जीवन त्यागकर हरिदास सम्प्रदाय के प्रमुख संत के रूप में कन्नड़ भाषा में लगभग साढ़े चार लाख से अधिक भक्ति गीतों की रचना की। वहीं, श्री अरुणाचल कवि महास्वामी ने ‘रामनाटकम्’ जैसे तमिल काव्य के माध्यम से श्रीराम के आदर्शों का प्रसार किया। दक्षिण के रामभक्त भी कहते थे, 'राम लला हम आएंगे…' सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में पहले ही जगद्गुरु रामानुजाचार्य की प्रतिमा और लता मंगेशकर चौक की स्थापना की जा चुकी है। अब यह कार्यक्रम उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाली नई कड़ी बन गया है। उन्होंने स्मरण कराया कि रामजन्मभूमि आंदोलन के समय दक्षिण भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे और नारा लगाते थे “राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।” काशी तमिल संगमम एक सांस्कृतिक पुल सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा कि काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक पुल का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी ने “काशी तमिल संगमम” के माध्यम से किया। संस्कृत और तमिल दोनों भाषाओं की समृद्ध धरोहर को जोड़ना भारत की आत्मा को एक सूत्र में पिरोने जैसा कार्य है। नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म ने नागरिकों को दी राहत  कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी सराहना करते हुए योगी ने कहा कि उन्होंने शारदीय नवरात्रि की प्रथम तिथि से देशभर में “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म” लागू कर 140 करोड़ नागरिकों को राहत दी है, जिससे बाजार में नया उत्साह और मजबूती आई है। इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, सूर्य प्रताप शाही, जयवीर सिंह, रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र, श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, डॉ अमित सिंह चौहान, चंद्र भानु पासवान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश राज्यों से बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।

टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, युवाओं को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर

सीएम योगी की दूरदर्शी पहल से मुजफ्फरनगर में तकनीकी शिक्षा का नया अध्याय शुरू सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का हुआ भूमि पूजन एवं शिलान्यास टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, युवाओं को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर योगी सरकार ने दी तकनीकी शिक्षा को नई दिशा, युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शी सोच और विशेष प्रेरणा से बुधवार को जनपद मुजफ्फरनगर में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। इस पहल के तहत जनपद में सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस पहल ने प्रदेश में रोजगारपरक शिक्षा को नई गति दी है और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त किया है। शारदेन स्कूल में हुआ भव्य आयोजन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने “सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT)” का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुए इस धार्मिक और औपचारिक समारोह ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। शिलान्यास कार्यक्रम शारदेन स्कूल, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में आयोजित हुआ। भूमि पूजन के बाद राज्यमंत्री और मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने वृक्षारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।  टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक CIIIT संस्थान कार्यक्रम में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे के विशेषज्ञ अधिकारियों ने सीआईआईआईटी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान युवाओं को ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में प्रशिक्षण देगा। 226.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मुजफ्फरनगर के पास 10,000 वर्ग मीटर भूमि पर स्थापित होगा। जिलाधिकारी की देखरेख में भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है और निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगारपरक शिक्षा से आत्मनिर्भर होंगे युवा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी शिक्षा और रोजगार शक्ति के रूप में स्थापित होगा। आईटीआई प्रशिक्षार्थियों को मिला सम्मान राज्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मण्डलायुक्त और निदेशक ने प्रदेश के 21 आईटीआई संस्थानों के श्रेष्ठ प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। युवाओं के कौशल और परिश्रम की सराहना की गई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम (IAS), मण्डलायुक्त अटल कुमार राय (IAS), निदेशक अभिषेक सिंह (IAS), जिलाधिकारी उमेश मिश्रा (IAS), मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण (IAS) तथा टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे से यतेन्द्र कुमार और श्री रजनीकांत उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

श्रीरामलला के चरणों में शीश नवाकर सीएम योगी ने मांगी प्रदेश की सुख-शांति की कामना

हनुमानगढ़ी में सीएम योगी ने टेका मत्था, श्रीरामलला के दरबार में की आरती मुख्यमंत्री ने लिया राम मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा, ट्रस्ट पदाधिकारियों से की चर्चा श्रीरामलला के चरणों में शीश नवाकर सीएम योगी ने मांगी प्रदेश की सुख-शांति की कामना – “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठी अयोध्या, मुख्यमंत्री ने आमजन का किया अभिवादन – अक्टूबर महीने में सीएम योगी का पहला अयोध्या दौरा, हुआ भव्य स्वागत अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या बुधवार को एक बार फिर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठी, जब प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर पावन धरा पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपने अयोध्या प्रवास की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन से की, जहां उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। हनुमानगढ़ी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री योगी सीधे श्रीरामलला के दरबार पहुंचे। आरती उतारकर उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाया और परिक्रमा करते हुए मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति का गहराई से अवलोकन किया। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें मंदिर के निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन-पूजन के उपरांत मंदिर प्रांगण से बाहर निकलते समय श्रद्धालुओं और आमजन का हाथ जोड़कर अभिवादन भी स्वीकार किया। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इससे पूर्व, अयोध्या आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर भव्य स्वागत किया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। गौरतलब है कि अक्टूबर माह में यह मुख्यमंत्री योगी का पहला अयोध्या दौरा रहा, जिसमें उन्होंने न केवल धार्मिक आस्था प्रकट की, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के कार्यों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया। हेलीपैड पर भव्य स्वागत में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही,पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह व महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।