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रोहित और विराट ने फिर जगाई वनडे की चमक, स्टेडियम फुल – टिकटों की हो रही मारामारी

मुंबई   शुभमन गिल और गौतम गंभीर भविष्य के लिए एक टीम बनाने की कोशिश में लगे हैं, वहीं लाखों प्रशंसक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ देखने के लिए उत्सुक होंगे, यह देखने के लिए कि इतने लंबे ब्रेक के बाद कोहली और रोहित कैसा प्रदर्शन करते हैं. अब जब ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के लिए चयन प्रक्रिया पर धूल जम गई है, तो निष्पक्ष होकर चीज़ों पर विचार करने का समय आ गया है. साफ़ है कि भारतीय क्रिकेट में बदलाव अपने अंतिम चरण में है. अजीत अगरकर की चयन समिति ने कुछ हद तक निर्ममता से अपना काम किया है, और हालाँकि इस जल्दबाज़ी पर सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए कप्तान के पास 2027 विश्व कप से पहले अपनी टीम बनाने के लिए पर्याप्त समय हो. जहाँ तक रोहित शर्मा और विराट कोहली की बात है, तो किसा को भी नहीं लगता कि वे दोनों ज़्यादा समय तक खेलेंगे अगर वे खेलना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना होगा, और यहीं पर समस्या खड़ी हो सकती है. यह स्पष्ट है कि उनसे ऐसा करने की उम्मीद की जाएगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों क्या करते हैं. 50 ओवर के प्रारूप में बहुत कम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के कारण, वे खुद को मैच के लिए कैसे तैयार रखते हैं, यही बड़ा सवाल है. ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से कुछ जवाब मिल जाएँगे, क्योंकि दोनों ने आईपीएल के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है.ऑस्ट्रेलिया में चेंजिंग रूम में कोहली और रोहित की मौजूदगी से गिल कैसे निपटते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा. हालाँकि खेल में चीज़ें कामयाब होती हैं, लेकिन यह किसी के लिए भी आसान नहीं हो सकता.यही एक और वजह है कि अगले कुछ महीने देखना दिलचस्प हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरा धमाकोदार बन गया  कोहली और रोहित दोनों ने पहले भी संकेत दिए थे कि वे 2027 तक खेलना चाहते हैं उदाहरण के लिए, अभिषेक नायर ने भी यही कहा है, क्योंकि उन्होंने रोहित के साथ मिलकर काम किया है कोहली ने भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसा कहा था हो सकता है कि वे इस मामले पर कोई सार्वजनिक घोषणा करने से पहले यह देखना चाहें कि ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद चीज़ें कैसे आकार लेती हैं. इसके अलावा, उन्हें सीरीज़ दर सीरीज़ आंकना भी अनुचित होगा. किसी की भी सीरीज़ खराब हो सकती है. उदाहरण के लिए, सूर्यकुमार यादव का एशिया कप अच्छा नहीं रहा बल्कि, उन्हें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड (कुल 9 वनडे) के खिलाफ कई मैच खेलने चाहिए, तभी किसी नतीजे पर पहुँचा जा सकता है.अगर वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो किसी को भी संन्यास लेने के लिए कहने की कोई ज़रूरत नहीं है.जैसा कि मैंने पहले भी कई बार कहा है, संन्यास एक निजी फैसला होता है. हर मैच होगा बलॉकबस्टर  चयनकर्ता कप्तान ज़रूर बदल सकते हैं, और उन्होंने बदला भी है लेकिन खेलना है या नहीं, यह खिलाड़ी का फ़ैसला है. वे अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे, और अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनका फ़ैसला है कि वे खुद को चयन के लिए पेश करें या नहीं. दरअसल, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया जाने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि वह खेलना चाहते हैं. यह जानते हुए कि वह टीम की कप्तानी नहीं करेंगे, वह खेल को अलविदा कह सकते थे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसका मतलब है कि वह खेलना चाहते हैं और मानते हैं कि उनमें अभी भी खेलने की क्षमता है. क्या वह दो साल और खेल पाएंगे और 30 की उम्र के बाद सचिन तेंदुलकर जैसा प्रदर्शन कर पाएंगे, यह देखने के लिए हमें इंतज़ार करना होगा. अब इन दोनों के बीच खेला जाने वाला हर मैच ब्लॉकबस्टर साबित होगा. एक ऐसा फॉर्मेट जो विश्व कप से दो साल दूर होने के कारण अपनी अहमियत खो सकता था, अब सबसे ज़्यादा प्रतीक्षित मैच बन गया है. हर वनडे मैच दर्शकों के बीच देखा जाएगा और प्रसारणकर्ता भी खूब मौज-मस्ती करेंगे. उनकी मौजूदगी ने इस फॉर्मेट में नई जान फूंक दी है और यही अगले कुछ महीनों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है. आखिरकार, ऑस्ट्रेलिया में नतीजे ज़्यादा मायने नहीं रखेंगे लोग यही देखना चाहेंगे कि ये दोनों दिग्गज अपना काम कैसे करते हैं. क्या रोहित भारत को अच्छी शुरुआत दे पाएंगे और क्या वह शीर्ष क्रम में भी इसी आक्रामक रवैये के साथ खेलते रहेंगे? क्या कोहली हमेशा की तरह पारी को संभाले रखेंगे? खैर, जो भी हो, दिवाली हो या काली पूजा, भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच देखने में बीत जाएगी ये बात अब लाखों भारतीयों के लिए यह तय है.  

राष्ट्रीय जिम्नास्टिक में इंदौर की मणिकर्णिका ने मारी बाज़ी, डेब्यू में ही जीता गोल्ड

इंदौर  इंदौर में जिमनास्टिक खेल में भी नए खिलाड़ी उभर रहे है और मैडल लाकर शहर का नाम रोशन कर रहे है। इंदौर निवासी मणिकर्णिका गौड़ ने नेशनल स्कूल स्पोटर्स आर्गनाइजेशन द्वारा हैदराबाद में आयोजित नेशनल जिम्नास्ट प्रतियोगिता में भाग लिया। मणिकर्णिका के अलावा देश के अन्य शहरों से भी स्पर्धा में भाग लेने के लिए खिलाड़ी आए थे। मणिकर्णिका ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। वे चार दिन पहले स्पर्धा में भाग लेने के लिए हैदराबाद गई थी। स्पर्धा तीन दिन चली। मर्णिकर्णिका ने जिम्नास्ट की अलग-अलग विधा का प्रदर्शन स्पर्धा में किया। मणिकर्णिका ने चोइथराम इंटरनेशनल स्कूल की तरफ से भाग लिया था। उनके कोच भरत बाथम है, जो खुद 82 पदक जीत चुके है।इस प्रतियोगिता का ये 8 वां वर्ष है। जिसमे मणिकर्णीका ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता मे भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते मणिकर्णिका का चयन किया गया था। जिसमे पहली बार मे ही उसने ये स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। खेल नियमों अनुसार 40 में से 37 पॉइंट लाकर ये प्रतियोगिता उन्होंने जीती। मणिकर्णिका इस प्रतियोगिता के लिए काफ़ी दिनों से मेहनत कर रही थी।  

वनडे मैच में ट्रिपल सेंचुरी का करिश्मा! हरजस सिंह की 314 रनों की पारी से रिकॉर्ड्स ध्वस्त

नई दिल्ली भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हरजस सिंह ने 50 ओवरों के क्रिकेट में ट्रिपल सेंचुरी लगाकर तहलका मचा दिया. उन्होंने 141 गेंदों में 314 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें 35 छक्के भी जड़े. पिछले साल हरजस ने भारत के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में धांसू पारी खेली थी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 79 रनों से हराया था. हरजस एकमात्र बल्लेबाज थे, जिसने उस खिताबी मुकाबले में अर्धशतक जड़ा था. हरजस सिंह ने अब ऑस्‍ट्रेलिया में घरेलू ग्रेड क्रिकेट में ये ताबड़तोड़ पारी खेली. जो भी गेंदबाज उनके सामने आया, उन्होंने उसकी जमकर कुटाई की. हरजस ने वेस्टर्न सबर्ब्स क्लब के लिए खेलते हुए सिडनी क्रिकेट क्लब के खिलाफ यह ऐतिहासिक पारी खेली. 50 ओवरों के फॉर्मेट में पहली ट्रिपल सेंचुरी ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट-ग्रेड क्रिकेट में ट्रिपल सेंचुरी लगाने हरजस सिंह सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं. उनसे पहले फिल जैक्स (321) और महान विक्टर ट्रंपर (335) ऐसा कर चुके हैं. लेकिन बड़ी बात ये हैं कि हरजस ने ये ट्रिपल सेंचुरी 50 ओवरों के फॉर्मेट में लगाई. ये 50 वो के क्रिकेट में इतिहास की पहली ट्रिपल सेंचुरी है. चंडीगढ़ के रहने वाले हैं माता-पिता हरजस सिंह का जन्म सिडनी में हुआ, लेकिन उनकी जड़ें भारत से जुड़ी हुई हैं. उनके माता-पिता मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और साल 2000 में भारत से ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गए थे. बता दें कि उनके पिता इंद्रजीत सिंह एक स्टेट लेवल बॉक्सिंग चैंपियन रह चुके हैं, जबकि उनकी मां स्टेट लॉन्ग जंपर रही हैं. हरजस ने क्रिकेट को अपना करियर चुना, वह 8 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं. भारत से छीनी थी ट्रॉफी ! भारत के खिलाफ हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में हरजस सिंह ने 64 गेंदों में 55 रनों की पारी खेली थी. इस पारी में उन्होंने 3 छक्के और इतने ही चौके लगाए थे. उनके आलावा इस फाइनल में ऑस्ट्रेलिया का और भारत का कोई भी प्लेयर अर्धशतक नहीं लगा पाया था. ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को 79 रनों से जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की थी.  

इतिहास रचेगा भारतीय क्रिकेट: 1 दिसंबर से विदेशी टी20 लीग में दिखेगा देसी जलवा

कोलंबो श्रीलंका की घरेलू टी20 फ्रेंचाइजी लीग लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) ने सोमवार को बताया कि भारतीय खिलाड़ी पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। इस लीग का छठा संस्करण एक दिसंबर से शुरू होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। एलीपीएल के आगामी सत्र में कुल 24 मैच होंगे जिसमें 20 ग्रुप चरण और चार नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे। तीन स्थलों पर होंगे मैच एलपीएल के मुकाबले तीन आयोजन स्थल पर खेले जाएंगे जिसमें कोलंबो का आर प्रेमादास स्टेडियम, कैंडी का पल्लेकल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और दांबुला का रानगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम शामिल है। एलपीएल ने बयान जारी कर कहा, पहली बार भारतीय क्रिकेटरों के इस टूर्नामेंट में खेलने की उम्मीद है। उनके नामों की घोषणा जल्द ही की जाएगी जिससे पूरे क्षेत्र के प्रशंसकों में उत्साह का एक नया स्तर जुड़ जाएगा। इस प्रारूप के अनुसार लीग चरण के दौरान सभी पांच फ्रेंचाइजी एक-दूसरे के खिलाफ दो बार प्रतिस्पर्धा करेंगी। राउंड रॉबिन चरण के अंत में शीर्ष चार में रहने वाली टीम प्लेऑफ में जगह बनाएंगी। शीर्ष दो टीम क्वालिफायर एक में खेलेंगी जिसका विजेता सीधे फाइनल में जगह बनाएगा। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम एलिमिनेटर में आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले का विजेता क्वालिफायर एक में हारने वाली टीम से क्वालिफायर दो में भिड़ेगा जिससे फाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम का फैसला होगा। विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं देता बीसीसीआई भारतीय खिलाड़ी अब तक विदेशी टी20 लीग में हिस्सा नहीं लेते हैं। अगर भारतीय खिलाड़ी एलपीएल में शामिल होंगे तो यह पहली बार होगा जब किसी विदेशी टी20 लीग में भारतीय खिलाड़ी नजर आएंगे। दरअसल, केंद्रीय अनुबंध में शामिल खिलाड़ियों और आईपीएल में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बीसीसीआई विदेशी लीग में खेलने की इजाजत नहीं देता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास ले चुके खिलाड़ी बीसीसीआई की मंजूरी लेकर इसमें खेल सकते हैं। हाल ही में रविचंद्रन अश्विन ने आईएलटी20 लीग में खेलने के लिए पंजीकरण किया था, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला था। मालूम हो कि अश्विन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास ले चुके हैं। वहीं, दिनेश कार्तिक भी दक्षिण अफ्रीका की टी20 लीग एसएटी20 में खेलते नजर आएंगे।  

क्रिकेट की दुनिया में नया सितारा: 6 मैचों में 459 रन, अवॉर्ड जीतकर हुआ सबका फेवरेट

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट बल्लेबाज से नया आयाम दिया था. अब उनका बेटा अन्वय उसी राह पर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. महज 16 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया. भारतीय क्रिकेट का इतिहास दिग्गजों से भरा हुआ है. सबके अपने-अपने रिकॉर्ड और खासियतें रही हैं. भारतीय क्रिकेट में जब भी तकनीक, अनुशासन और क्लास की बात होती है तो सबसे पहले जो नाम आता है वो है राहुल द्रविड़ का. इस दिग्गज को पूरी दुनिया ‘द वॉल’ के नाम से जानती है, लेकिन अब क्रिकेट जगत में एक नया ‘द्रविड़’ सुर्खियां बटोर रहा है, जी हां, बात हो रही है राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ की, जिसने महज 16 साल की उम्र में बल्ले से ऐसा कमाल दिखाया है कि पूरे कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में बस उसी की चर्चा है. दरअसल, हाल ही में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में अन्वय द्रविड़ को अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब अन्वय ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह पुरस्कार अपने नाम किया है. 6 मैचों में 459 रन बनाकर किया था कमाल 16 साल के अन्वय द्रविड़ पापा की राह पर हैं. उन्होंने इस साल विजय मर्चेंट ट्रॉफी के 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन ठोके थे. उन्होंने यह रन 91.80 की औसत और दो शानदार शतकों की बदौलत बनाए. उनके बल्ले से कुल 48 चौके और 2 छक्के निकले. अन्वय का यह शानदार प्रदर्शन बताता है कि वो अपने पिता की तरह धैर्य और तकनीक पर भरोसा तो करते ही हैं, लेकिन उनके खेल में आक्रामकता भी झलकती है. विजय मर्चेंट ट्रॉफी क्या है? जिस विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अन्वय द्रविड़ का बल्ला चला वो भारत का एक प्रतिष्ठित अंडर-16 घरेलू टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन BCCI करती है. इसका नाम भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी विजय मर्चेंट के नाम पर रखा गया है. इस टूर्नामेंट का मकसद ऐसे युवा खिलाड़ियों को पहचान देना है जो भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें. विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई दिग्गजों ने भी अपने करियर की शुरुआत इसी ट्रॉफी से की थी. पिता राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर बेटा राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शांत और क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. अब उनके बेटे अन्वय में भी वही क्रिकेटिंग डीएनए नजर आ रहा है. कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में कोच और खिलाड़ी मानते हैं कि अन्वय में ‘मिस्टर डिपेंडेबल’ की झलक साफ दिखाई देती है. राहुल द्रविड़ की तरह वह भी मैदान पर फोकस्ड रहते हैं और टीम के लिए जिम्मेदारी से खेलते हैं. अब देखना होगा कि बड़े होकर अन्वय कैसा क्रिकेट खेलते हैं. अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान KSCA के इस समारोह में अन्वय के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए सम्मान मिला, उन्होंने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे, जबकि आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 516 रनों की शानदार पारी और दो शतकों के लिए पुरस्कृत किया गया. इतना ही नहीं केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए सम्मानित किया गया.

वर्ल्ड चैम्पियन गुकेश की हार के बाद नाकामुरा का भावनात्मक पल, किंग पीस दर्शकों की तरफ फेंका

न्यूयॉर्क अमेरिका के स्टार चेस खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा काफी सुर्खियों में हैं. नाकामुरा ने यूएसए vs इंडिया चेकमेट टूर्नामेंट में जैसी हरकत की, वो खेल भावना के खिलाफ थी. नाकामुरा अपने दिखावटी जश्न के कारण विवादों में घिर गए हैं. नाकामुरा ने वर्ल्ड चैम्पियन डी गुकेश को हराने के बाद चेस बोर्ड से गुकेश के किंग को उठाया और उसे दर्शकों की ओर फेंक दिया.  इस टूर्नामेंट में यूएसए ने भारत को 5-0 से हराया. हिकारू नाकामुरा की ये हरकत कई पूर्व चेस खिलाड़ियों को पसंद नहीं आई. पूर्व चेस वर्ल्ड चैम्पियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने नाकामुरा के इस व्यवहार को पूरी तरह असम्मानजनक बताया. रूसी दिग्गज क्रैमनिक ने X पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि यह बचकाना और बेस्वाद काम क्यों किया गया. शायद इसका मकसद गुकेश को अपमानित करना नहीं था, लेकिन यह सार्वजनिक हरकत विशेष रूप से वर्ल्ड चैम्पियन के खिलाफ अपमानजनक और उकसाने वाली लगती है.' व्लादिमीर क्रैमनिक ने कहा कि इस तरह के जश्न शतरंज की गरिमा को गिरा रहे हैं. हिकारू नाकामुरा ने अपनी हरकत पर कोई माफी नहीं मांगी है. चेस इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'अगर मैं जीतता, तो मैं हमेशा किंग फेंकता. यह एक रोमांचक बुलेट गेम था और इसलिए इसे और मजेदार बनाया. मुझे उम्मीद है कि फैन्स ने इसका आनंद लिया होगा.' क्या दिखावे के लिए ऐसा किया गया? फेमस शतरंज स्ट्रीमर लेवी रोमैन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में थिएट्रिक्स यानी दिखावटी हरकतों को बढ़ावा दिया गया था. रोजमैन ने कहा, 'दोनों टीमों को बताया गया था कि जश्न और किंग फेंकना ठीक है. बस नाकामुरा जीत गए और उन्होंने संभवत: गुकेश से पीछे जाकर कहा कि यह सब केवल शो के लिए था.' भारतीय मूल के डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी ने भी हिकारू नाकामुरा का समर्थन किया. उन्होंने X पर लिखा, मैं हिकारू के साथ हूं. आयोजक शायद एक प्रयोग कर रहे थे, यह दिखाने के लिए नहीं कि भविष्य में शतरंज हमेशा ऐसे ही खेला जाएगा. हिकारू सिर्फ दर्शकों के लिए मजेदार हरकत कर रहे थे. मुझे इसमें बड़ी बात नहीं दिखती.' इस विवाद से शतरंज में परंपरा और मनोरंजन के बीच संतुलन का सवाल सामने आया है. पारंपरिक दृष्टिकोण रखने वाले व्लादिमीर क्रैमनिक जैसे शख्स मानते हैं कि प्रतिद्वंद्वी के किंग को फेंकना असम्मानजनक है. वहीं कुछ फैन्स कहते हैं कि शतरंज बदल रहा है और अब इसे डिजिटल युग और सोशल मीडिया के हिसाब से मनोरंजन का हिस्सा बनाना भी जरूरी है. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि हिकारू नाकामुरा की हरकत असम्मानजनक थी या सिर्फ मनोरंजन के लिए ऐसा किया गया था. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि नाकामुरा ने जो किया, उसने नए विवाद को जन्म दिया है.

टी20 की कप्तानी पर आश्चर्य नहीं—पूर्व इंग्लिश स्पिनर ने गिल की कप्तानी की जताई संभावना

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपने के फैसले की सराहना की है। पनेसर ने इसे मास्टरस्ट्रोक बताया है और कहा कि गिल नेचुरल लीडर हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर उभर जाते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गिल को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था। गिल ने रोहित की ली जगह गिल ने रोहित शर्मा की जगह ली थी जिनके नेतृत्व में भारत ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। भारत को 19 अक्तूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि उन्होंने खुद रोहित को टीम प्रबंधन के फैसले की जानकारी दी थी। पनेसर ने फैसले का किया स्वागत रोहित की जगह गिल को कप्तान बनाए जाने से फैंस काफी आश्चर्य हो गए थे और इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। पनेसर ने हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि लीडरशीप भूमिका गिल के लिए सही है। पनेसर ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि मुझे गिल ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित शर्मा के रहते उन्हें कप्तान बनाना, उन्हें सीरीज के दौरान मदद और मार्गदर्शन दे सकता है। यह वाकई एक अच्छा कदम है। हमने इंग्लैंड में देखा है कि वह एक स्वाभाविक कप्तान हैं। जब आप शुभमन गिल को जिम्मेदारी देते हैं, तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे। मुझे हैरानी नहीं होगी अगर उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की कप्तानी भी दी जाए क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। गिल की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर दूसरी तरफ, गिल भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उनकी नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। इस बड़े आयोजन से पहले भारत के लगभग 20 वनडे मैच खेलने की उम्मीद है और नए कप्तान का लक्ष्य प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटना है। गिल ने हाल ही में बीसीसीआई के एक वीडियो में कहा था, अपने देश की वनडे टीम की कप्तानी करना और एक ऐसी टीम का नेतृत्व करना जो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमारे पास लगभग 20 वनडे मैच हैं और जाहिर है कि हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कप है।  

इंदौर में आज वुमेंस वर्ल्ड कप का जोरदार मुकाबला, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की भिड़ंत, स्टेडियम में कैसे करें एंट्री?

 इंदौर  होलकर स्टेडियम में सोमवार को वुमेंस इंटरनेशनल वर्ल्ड कप का दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। इस मैच के दौरान यातायात विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। हुकमचंद घंटाघर और पंचम की फेल की ओर से आने वाले दर्शकों का प्रवेश जंजीरावाला चौराहा से होगा। लैंटर्न चौराहा की दिशा से आने वाले दर्शक केवल पैदल ही स्टेडियम तक पहुंच सकते हैं। स्टेडियम में प्रवेश के लिए पासधारी वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। विवेकानंद स्कूल और बास्केटबाल कांप्लेक्स में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश घंटाघर की ओर से होगा। स्टेडियम के अंदर और बाहर आईटीसी अभय प्रशाल में पार्किंग पास वाले वाहनों का प्रवेश लैंटर्न चौराहे/यशवंत क्लब रोड से होगा। बिना पासधारी वाहनों के लिए पार्किंग बाल विनय मंदिर स्कूल, एसजीएसआईटीएस और पंचम की फेल में की गई है। लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहा की ओर का मार्ग दोपहर एक बजे से मैच समाप्ति तक केवल पासधारी वाहनों और इमरजेंसी वाहनों के लिए खुला रहेगा। मैच समाप्ति के एक घंटे पूर्व से लैंटर्न चौराहा से जंजीरावाला चौराहे की ओर आने-जाने वाले वाहनों के लिए एक साइड पर यातायात सुचारु रहेगा। एमजी रोड, रेसकोर्स रोड, भंडारी ब्रिज और राजकुमार ब्रिज के सर्किल में लोडिंग वाहनों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा। पार्किंग स्थल यशवंत क्लब, अभय प्रशाल, आईटीसी, बास्केटबाल कांप्लेक्स, विवेकानंद स्कूल, आईडीए परिसर व बाल विनय मंदिर स्कूल।

WC में भारत की बेटियों का जलवा, ODI में पाकिस्तान पर लगातार 12वीं जीत, खेल भावना पर उठे सवाल

कोलंबो  आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के मैच नंबर-6 में रविवार (5 अक्टूबर) को भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ. कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भारत ने 88 रनों से शानदार जीत हासिल की. मुकाबले में पाकिस्तान को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट मिला था, जिसका वो पीछा नहीं कर पाई. पाकिस्तानी टीम 43 ओवरों में 159 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने तीन विकेट झटके और वो 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुनी गईं. दीप्ति शर्मा ने भी तीन और स्नेह राणा ने दो विकेट हासिल किए. पाकिस्तान पर भारतीय टीम ने वूमेन्स वनडे में लगातार 12वीं जीत हासिल की है. उसने अब तक एक भी वनडे मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ गंवाया नहीं है. मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत की ये लगातार दूसरी जीत रही और वो अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है. भारतीय टीम ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए पहले मुकाबले में श्रीलंका को डीएलएस नियम के तहत 59 रनों से पराजित किया था. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 9 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका का सामना करेगी. टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 6 रनों के स्कोर पर मुनीबा अली का विकेट गंवा दिया  मुनीबा 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुईं. फिर उसने सदफ शमास (6 रन) और आलिया रियाज (2 रन) का विकेट भी सस्ते में खो दिया. 26 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और नतालिया परवेज ने चौथे विकेट के लिए 69 रन जोड़े. क्रांति गौड़ ने नतालिया को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. कप्तान फातिमा सना (2 रन) कुछ खास नहीं कर पाईं और उन्हें दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी में फंसाया. पाकिस्तान के लिए सिदरा अमीन ने खेली अच्छी पारी पांच विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और सिदरा नवाज ने मिलकर छठे विकेट के लिए 41 रन जोड़े. जरूरी रनरेट बढ़ता जा रहा था, इसी चलते पाकिस्तानी टीम बैक टू बैक ओवरों में सिदरा नवाज (14 रन) और रमीन शमीम (0 रन) के विकेट खो दिए. पाकिस्तान को फिर सिदरा अमीन के रूप में आठवां झटका लगा, जो शानदार बैटिंग कर रही थीं. सिदरा ने 106 गेंदों पर 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. यह वूमेन्स ओडीआई में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बैटर का बेस्ट स्कोर रहा. सिदरा अमीन के आउट होने के बाद भारतीय टीम के लिए जीत औपचारिकता रह गई. भारतीय महिला टीम ने PAK प्लेयर्स से नहीं मिलाया हाथ स मुकाबले में नो हैंडशेक पॉलिसी देखने को मिली. टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया. फिर मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया. इससे पहले एशिया कप 2025 में भारतीय मेन्स टीम ने ऐसा किया था. तब भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों ही मैचों में पाकिस्तान प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया था. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बोर्ड की ओर से खिलाड़ियों को पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा था, 'पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. खिलाड़ियों को हैंडशेक करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. हमारा फोकस सिर्फ खेल पर है.' मोहसिन नकवी के हाथों नहीं ली एशिया कप ट्रॉफी यह मुद्दा सबसे पहले मेन्स एशिया कप के दौरान उभरा था, जब भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए थे. उस समय भारतीय टीम ने मैच से पहले और उसके बाद हैंडशेक से परहेज किया थाा. पाकिस्तानी टीम के कोच माइक हेसन ने दावा किया था कि भारतीय टीम ने सुरक्षा और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा किया. तनाव उस समय और बढ़ गया जब भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि पाकिस्तान के साथ खेल संबंध सिर्फ आईसीसी या न्यूट्रल वेन्यू पर होने वाले टूर्नामेंट्स तक सीमित रहेंगे. दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी. महिला वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की टीम कोलंबो में ही ठहरी हुई है, जबकि भारत के मुकाबले गुवाहाटी और कोलंबो में हो रहे हैं. भारत ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका को 59 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी.

पाकिस्तान की धीमी शुरुआत, भारतीय टीम को मिला पहला विकेट

नई दिल्ली  ऋचा घोष की आखिरी ओवरों में खेली गई 20 गेंदों पर 35 रनों की पारी के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप के मैच में 50 ओवरों में 247 रनों का स्कोर खड़ा किया है। रेणुका सिंह के रूप में भारत ने आखिरी गेंद पर अपना आखिरी विकेट खोया।  ऋचा से पहले हरलीन देओल ने 46 रनों की पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स ने भी उनका साथ दिया और 32 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना सकी।   टूर्नामेंट में भारत ने जीत के साथ आगाज किया है। पहले मुकाबले में श्रीलंका को हराया। वहीं, पाकिस्तान का अभी तक खाता तक नहीं खुला है। अपने पहले ही मुकाबले में उसे बांग्लादेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान को लगा पहला झटका पाकिस्तान को पहला झटका लग गया है। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर दूसरे छोर पर मुनीब रन आउट हो गई हैं।