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बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस में बड़ा बदलाव: नए रूट और स्टॉपेज के साथ बढ़ेगी ट्रेन की पहुंच

बिलासपुर बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) का विस्तार कर दिया गया है। अब यह ट्रेन बक्सर स्टेशन तक जाएगी। 10 अक्टूबर से बिलासपुर से रवाना होने वाली 22843 बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर तक जाएगी। वहीं, 11 अक्टूबर से पटना से रवाना होने वाली 22844 पटना-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर रेलवे स्टेशन से चलेगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज पटना-बक्सर के बीच छह स्टेशनों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। रेलवे ने दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर और डुमरांव स्टेशनों पर ट्रेन को वाणिज्यक ठहराव देने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इन स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय भी जारी कर दिया है। इसके तहत बिलासपुर से यह ट्रेन 20:30 बजे छूटेगी। पटना 13:48 बजे, दानापुर 14:11 बजे, बिहटा 14:29 बजे, आरा 14:50 बजे, बिहिया 15:09 बजे, रघुनाथपुर 15:23 बजे, डुमरांव 15:38 बजे पहुंचेगी। इसके बाद बक्सर स्टेशन पर यह ट्रेन 16:10 बजे पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बक्सर से 21:35 बजे रवाना होगी और पटना रात 12:03 बजे पहुंचेगी।  

देश के कई हिस्सों में बदलेगा मौसम का मिजाज, IMD ने दी आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की सलाह

रायपुर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में 8.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम रहा। अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसका सबसे अधिक असर सरगुजा संभाग के जिलों पर पड़ेगा। रायपुर शहर के लिए विभाग ने बताया है कि मंगलवार को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 31डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले एक दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रह सकता है। 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन की संभावना है। आठ अक्टूबर को बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। नौ अक्टूबर से बादल तो रहेंगे पर बारिश नहीं होगी। मौसम शांत रहेगा, हवा हल्की चलेगी। दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रमुख बारिश आंकड़े (मिमी में) नारायणपुर – 60, फरसगांव – 60, हरदी बाजार – 50, मुंगेली – 40, विनोरा – 40, माना रायपुर – 40, देवभोग – 40, सकोला – 40, कुकरेल – 40, मंपदर हसौद – 30, अंमतरढ़ चौकी – 30, खरोरा – 30, रायपुर शहर – 30, महासमुंद – 30, चारामा – 30, मरवाही – 30 मिमी। तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम 21.0 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और पेण्ड्रारोड में 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब के कारण बदली परिस्थितियां मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां इस साल कम होने के संकेत मिले थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गई। यही कारण है कि इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है।

EOW की 1500 पेज की चार्जशीट में बड़ा नाम: कस्टम मिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड बताए गए पूर्व IAS अनिल टूटेजा

रायपुर कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने सोमवार को विशेष कोर्ट में सेवानिवृत्त आइएएस अनिल टुटेजा और होटल कारोबारी अनवर ढेबर के खिलाफ करीब 1500 पन्नों का पूरक चालान पेश किया। दोनाें आरोपित फिलहाल रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। इससे पहले जांच एजेंसी ने फरवरी 2025 में राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी के खिलाफ प्रथम चालान प्रस्तुत किया था। ईओडब्ल्यू ने पूरक चालान में अनिल टुटेजा पर प्रदेश राइस मिलर एसोसिएशन के पदाधिकारियाें के साथ मिलकर प्रारंभ से आपराधिक षडयंत्रपूर्वक कस्टम मिलिंग घोटाले को अंजाम देने का आरोप लगाया है। ईओडब्ल्यू की ओर से पेश किए गए चालान में कहा गया कि राइस मिलराें से अवैध वसूली कर 20 करोड़ रूपये प्राप्त किया गया है। राइस मिलरों से अवैध वसूली करने मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियाें पर दबाव बनाकर राइस मिलरों का बिल लंबित रखा जाता था। दबाव में आकर मिलर 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध रकम देते थे। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली रहे अनवर ढेबर ने वर्ष 2022-23 में जमकर मनमाने काम किए। आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल सबूतों से इस बात के प्रमाण मिले हैं कि वह न केवल शराब घोटाले बल्कि पीडब्ल्यूडी, वन विभाग पर भी गहरा व प्रत्यक्ष प्रभाव डालते थे। अनवर ढेबर के द्वारा कस्टम मिलिंग घोटाले में अनिल टुटेजा के लिए राइस मिलराें से की गई अवैध वसूली का संग्रहण, खर्च और निवेश का उपभोग किया था। घोटाले में शामिल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल एवं अन्य आरोपितों के विरूद्ध विवेचना जारी है। जनवरी 2024 को ईओडब्ल्यू ने दर्ज की थी FIR ईडी के बाद ईओडब्ल्यू ने कस्टम मिलिंग घोटाले में 29 जनवरी 2024 को पहली एफआइआर दर्ज की। इसमें रोशन चंद्राकर, मनोज सोनी, सेवानिवृत्त आइएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सिद्धार्थ सिंघानिया, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल आदि के नाम शामिल हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में साफ हुआ कि कस्टम मिलिंग की राशि मिलर्स को देने के नाम पर यह वसूली की गई है। वर्ष 2020-21 से पहले कस्टम मिलिंग के बदले मिलर्स को प्रति क्विंटल 40 रुपये भुगतान किया जाता था। मिलर्स की मांग पर कांग्रेस सरकार ने इस राशि को तीन गुना बढ़ाया। आरोप है कि राइस मिलरों से 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की गई। इस खेल में अफसरों से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल थे। राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रहे रोशन चंद्राकर लेवी वसूलकर अफसरों को जानकारी देते थे। जिनसे मिलरों से रुपये नहीं मिलते उनका भुगतान रोक दिया जाता था।

छत्तीसगढ़ की वैश्विक प्रस्तुति: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जर्मनी में किया राज्य का प्रतिनिधित्व

रायपुर विश्व के सबसे बड़े खाद्य प्रदर्शनी आयोजन “अनुगा, जर्मनी” में मंत्री स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने किया। आयोजन स्थल पर आयोजकों द्वारा मंत्री  देवांगन का स्वागत किया गया। इस अवसर पर Koelnmesse GmBH के COO  ओलिवर फ्रेस्से से मंत्री  देवांगन की भेंट हुई। मंत्री  देवांगन ने रायपुर में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के आयोजन के संबंध में सार्थक संवाद किया। इसके साथ ही,  मिलिंद दीक्षित – प्रबंध निदेशक, Koelnmesse GmBH, भारत एवं सार्क देशों तथा  समीर मितिया – समूह निदेशक, Koelnmesse GmBH के साथ भी बैठक हुई। बैठक में मा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनी  छत्तीसगढ़ राज्य के नवीन औद्योगिक विकास नीति और औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी उद्योग मंत्री ने दी तथा राज्य द्वारा औद्योगिक पार्कों, विशेष रूप से खाद्य पार्कों में निवेश हेतु दी जा रही प्रोत्साहन योजनाओं और सुविधाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। राज्य गैर-बासमती चावल, इमली एवं मूल्य संवर्धित वन उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु निवेश आकर्षित करने हेतु संवाद किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग के डायरेक्टर  प्रभात मालिक भी उपस्थित रहे।

जशपुर को सीएसआर फंड से बड़ी मदद, पहली बार 61 करोड़ मंजूर – विकास की नई ऊँचाइयों की ओर जिला

रायपुर : सीएसआर फंड से जशपुर को 61 करोड़ रूपए मिला पहली बार : अस्पताल और तीरंदाजी केंद्र और स्कूल भवनों का होगा निर्माण 6 करोड़ 19 लाख से होगा आठ स्कूलों भवनों का निर्माण दो साल में विकास की नई उंचाई छू रहा है जिला जशपुर  रायपुर पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। 35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल           35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है।  इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।  20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्र           जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल  सकेगा।  आठ स्कूल भवन का होगा निर्माण            सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।

कृषि मंत्री नेताम का बयान – सम्मेलन के सुझावों के आधार पर नीतियों में होगा सुधार

रायपुर : राष्ट्रीय सम्मेलन के सुझाव पर क्रियान्वयन करेगी राज्य सरकार: कृषि मंत्री  नेताम इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित है। कृषि मंत्री  नेताम व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं  ललित चंद्राकर और जिला पंचायत की अध्यक्ष मती सरस्वती बंजारे उपस्थित थे।  समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन पशु एवं मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्य जीवों के बीच बहुक्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की हमारी साझा प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। जिसका उद्देश्य वन हेल्थ फ्रेमवर्क के अंतर्गत एन्टीमाइक्रोबियल रेसिसटेंस (एएमआर) की बढ़ती चुनौती से प्रभावी ढंग से निराकरण करना है। उन्होंने आयोजकों से कहा कि इस सम्मेलन में दिए गए सुझाव को केन्द्र व राज्य सरकार को अवगत कराएं। ताकि इसका क्रियान्यन सरकार द्वारा और बेहतर ढ़ंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय के साथ दवाईयों पर अनुसंधान भी बढ़े है। इनके उपयोग पर मानव आज उलझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग हेतु बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है।  कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही कृषि के मामले में जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और वैज्ञानिक तकनीको को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। कृषि मंत्री  नेताम ने कहा कि विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण के लिए कृषि एवं पशुपालन विभाग के माध्यम से किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधायक  चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया। सांसद  विजय बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में दुर्ग में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सम्मेलन के दौरान विषय विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का सुझाव शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे राज्य के नीति निर्धारण में इन सुझावों को समावेशित किया जा सके।  दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर और विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कामधेनु विश्वविद्यालय के प्रभारी डीन डॉ. संजय शाक्य अपने स्वागत उद्बोधन में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।  इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधिर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।

असाध्य कैंसर से लड़ रहे बुजुर्ग को सिम्स चिकित्सकों ने दी जीवन की नई आशा

कैंसर के चौथे स्टेज पर था बुजुर्ग सिम्स के चिकित्सकों ने दिया नया जीवन बिलासपुर डराने के लिए कैंसर का नाम ही काफी है शुरूआती अवस्था में कोई तकलीफ दर्द नहीं होने के कारण बिलासपुर निवासी मरीज इसे नजरअंदाज या लापरवाही के चलते ध्यान नहीं देता है, परन्तु जब तक कुछ तकलीफ हो तब तक मरीज का कैंसर बहुत आगे की चरण तक पहुंच चुका होता है तब यह जानलेवा और खतरनाक भी हो जाता है। कुछ ऐसी परिस्थिति से संघर्ष करते हुए बिलासपुर निवासी मरीज लक्ष्मण 61 वर्षीय मुंह में कैंसर के ग्रसित सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग में इलाज के लिए पहुंचा। तंबाकू के कई वर्षों का सेवन करने से उसके मुंह में कैंसर हो गया था, लेकिन सिम्स के दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने जटिल इलाज व सर्जरी से मरीज की जान बचाने के सफल हुए है। चूंकि उम्र अधिक होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है। इस स्थिति में इलाज करना चुनौती पूर्ण हो जाता है।     मरीज का कैंसर इतना बढ़ गया था, कि गले में उपस्थित लिंफ नोड में सूजन काफी बड़ा हो गया था। जिसका साइज 7×6 सेमी बढ़ गया था। जांच में पाया गया की कैंसर की अंतिम स्टेज से ग्रसित होने की पुष्टि हो गई। दंत चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने सर्जरी का निर्णय लिया, इलाज के लिए आवश्यक खून जांच एक्स-रे और सिटी स्केन कराकर सुनियोजित तरीके से 7-8 घंटे की जटिल सर्जरी कर पूरा किया गया। इस सर्जरी को तीन भागों में किया गया। इसमें कैंसर के साथ संक्रमित जबड़े के हिस्से को निकाला गया। कैंसर जो गर्दन में फैल गया था, उसको निकाला गया और अंत में कैंसर को निकालने के बाद खाली जगह पर छाती से मांस जिसे पीएमएमसी फ्लैप कहते हैं, का टुकड़ा निकालकर लगाकर सर्जरी पूरी की गई।      सर्जरी को डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. संदीप प्रकाश (ओरल एवं मैक्जिलोफेसियल सर्जन) विभागाध्यक्ष, डॉ. जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ. केतकी किनिकर, डॉ. हेमलता राजमणी, डॉ. प्रकाश खरे, डॉ. सोनल पटेल, के अलावा निश्चेतना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, एवं मेजर ओटी के अन्य चिकित्सक, स्टाफ, वार्ड बॉय तथा रेडियोडायग्नोसिस की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह एवं उनके अन्य स्टाफ सहित, सबके संगठित सहयोग से किया गया है। छ.ग. आयुर्विज्ञान सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन से दंत चिकित्सा विभाग कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। समय समय पर दंत चिकित्सा विभाग श्रेष्ठता साबित कर रहा है। पटेल/18/1764 –00–

तेंदूपत्ता मजदूरी का बकाया भुगतान दीपावली के पूर्व करें: श्री केदार कश्यप

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के काम-काज की समीक्षा वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश तेंदूपत्ता मजदूरी का बकाया भुगतान दीपावली के पूर्व करें: श्री केदार कश्यप अगले वर्ष में 12 लाख पुरुष तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में देखने, घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए कई आकर्षक केंद्र हैं। इन केन्द्रों तक आसान पहुंच मार्ग और कुछ बुनियादी सुविधाएं विकसित किए जाएं, तो और बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी बढ़ेगी। श्री कश्यप आज बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर वन वृत्त के वरिष्ठ वन अधिकारियों की बैठक लेकर वन विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक, लघु वनोपज सहकारी संघ अनिल साहू, पीसीसीएफ वन्य प्राणी अरुण पाण्डेय सहित अरण्य भवन के एपीसीसीएफ, सीसीएफ और वृत्त के सभी वन मंडल के डीएफओ उपस्थित थे। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बैठक में विभागीय योजनाओं की वनमंडल वार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक के बचे हुए भुगतान को दीपावली के पहले करने के निर्देश दिए। बैंक खाता की तकनीकी दिक्कतों का निदान कर तत्काल हितग्राही के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अगले वर्ष में लगभग 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा। इसके लिए उनके पैर का नाप जोख कर जल्दी भिजवाएं ताकि खरीदी की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से शुरू की जा सके। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने बंद पड़ी चरणपादुका योजना को फिर से शुरू की है।  इस साल लगभग 12 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अचानकमार अभ्यारण में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि पर खुशी जाहिर की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शावक मिलाकर बाघों की संख्या पिछले दो-तीन साल में 5 से बढ़कर 18 हो गई है। श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है। नजदीक में हवाई, रेल सहित सभी तरह की आवागमन की सुविधा यहां तक पहुंचाने के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने अचानकमार से लगे क्षेत्रों में बड़े सेलिब्रिटी बुलाकर कार्यक्रम आयोजित प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की तखतपुर के कोपरा जलाशय को रामसर साइट बनाने के कार्य में तेजी लाया जाए। इसी तरह संभाग के वन क्षेत्रों में औरापानी, खुड़िया, कोटमी सोनार मगरमच्छ पार्क, गोमडॉ अभयारण्य, रामझरना रायगढ़, सत रेंगा कोरबा, बुका पिकनिक स्पॉट कटघोरा आदि अनेक दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें विकसित कर लोगों के लिए और आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने हाथी मानव द्वंद्व पर कहा की हमें हाथी के साथ रहने की आदत डालना होगा। उन्हें उनके रहवास से दूर अन्यत्र भागना नहीं है। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह जनहानि या अन्य किसी तरह की हानि न कर पाए इसके लिए हमें स्वयं ही सचेत रहना पड़ेगा ताकि वे नुकसान ना कर सकें। कटघोरा वन मंडल में हाथी जागरूकता के लिए एआई आधारित ऐप की उपयोगिता की उन्होंने प्रशंसा की। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की मैदानी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रहते हैं। वन विभाग की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उन्हें कैसे मिले इसे हमें देखना चाहिए। उन्होंने वन पट्टा के नामांतरण एवं बटवारा की प्रगति की भी समीक्षा की। संभाग के अंतर्गत इस तरह के 366 आवेदन मिले हैं जिसमें से केवल 84 का निराकरण किया गया है। उन्होंने लंबित सभी 280 प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कोरबा वन मंडल में ज्यादा संख्या में नामांतरण के प्रकरण लंबित बताए गए। उन्होंने बैठक में ई कुबेर ऐप, किसान वृक्षमित्र योजना, वन भूमि में अतिक्रमण, एक पेड़ मां के नाम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की शिष्टाचार भेंट

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे माननीय उपराष्ट्रपति नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

2 वर्ष से कम बच्चों को खांसी की सिरप न दें: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी औषध निर्माण इकाइयों और मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी तेज रायपुर भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा। कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं। यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है। निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं। प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।