Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कई विषयों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे  विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

राज्यपाल रमेन डेका ने आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में ली अधिकारियों की बैठक

रायपुर, राज्यपाल  रमेन डेका ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान सोमवार को आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के जनपद पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली।  सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।    राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पीएम आवास, सामाजिक विकास, वित्तीय समावेशन एवं बुनियादी ढांचे के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी विकासात्मक कार्यों को शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने पर जोर देते कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाएं एवं मुख्यधारा में जोड़ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। डेका ने जल संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में जल संचयन के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने डबरी निर्माण, शोख पिट (सोखता गड्ढा), इंटकवेल जैसे संरचनात्मक कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संग्रहण हो सके और भू-जल स्तर में सुधार हो सके। बैठक में पर्यटन, संस्कृति ,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षण से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा राज्यपाल ने पशुपालन को ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह पोषण सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पहल की जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाए। उन्होंने हेलमेट और यातायात नियमों के प्रति सतत् जागरूकता लाने के निर्देश भी दिए। महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना की राज्यपाल डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समूहों की आर्थिक गतिविधियों का ओर विस्तार किया जाए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले। स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण, राज्य एवं जिला स्तर पर विषय-विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने निर्देशित किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए मैदानी भ्रमण करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए। एक पेड़ मां के नाम लगाने प्ररित करें एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिशन बताते हुए राज्यपाल ने सभी को पेड़ लगाने और दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सभी सरकारी कार्यालयों में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जनपद परिषद में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधा रोपित किए। राज्यपाल डेका ने आकांक्षी ब्लाक अंतर्गत दसवीं कक्षा में जिले में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने पर कुमारी भूमिका रजवाड़े को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

जशपुर को पहली बार 61 करोड़ रूपए का सीएसआर फंड, जनकल्याण और खेल शिक्षा को मिलेगा फायदा

दो साल में विकास की नई उंचाई छू रहा है जिला जशपुर 6 करोड़ 19 लाख से होगा आठ स्कूलों भवनों का निर्माण रायपुर, पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। 35 करोड़ से बन रहा है आधुनिक अस्पताल           35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है।  इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी। 20 करोड़ से तैयार होगा तीरंदाजी केंद्र           जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल  सकेगा। आठ स्कूल भवन का होगा निर्माण            सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री की ग्रामीण बस योजना: ग्रामीण क्षेत्र में आसान परिवहन

आमजन को मिलेगी सुलभ यातायात सुविधा रायपुर, बस्तर अंचल के सुदूर वनांचलों में रहने वाले लोगों के आवागमन के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना शुरू की गई है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के ग्रामीण अंचल को जिला मुख्यालय से जोड़ने और आम नागरिकों को सुलभ यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ पुराने बस स्टैंड से बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और स्थानीय विधायक  लता उसेंडी ने हरी झंडी दिखाकर किया।     राज्यव्यापी इस योजना की शुरुआत शनिवार को जगदलपुर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बसों को हरी झंडी दिखाकर की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ हो ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए गांवों से शहर तक आमजन को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।     कोण्डागांव जिले में योजना के तहत पहली बस सेवा सुंदर ट्रेवल्स द्वारा प्रारंभ की गई है। शुरुआती चरण में बस का संचालन कोण्डागांव से विश्रामपुरी मार्ग पर किया जा रहा है। तय समयानुसार यह बस सुबह 7 बजे विश्रामपुरी से कोण्डागांव के लिए रवाना होगी और वापसी में सुबह 10 बजे कोण्डागांव से विश्रामपुरी जाएगी। इस प्रकार प्रतिदिन दो फेरे लगाए जाएंगे, जिससे उन ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे बस सुविधा उपलब्ध होगी जहां पहले परिवहन सेवाएँ सीमित थीं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि अगले चरण में विकासखंड माकड़ी के क्षमतापुर से कोण्डागांव तक भी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने की तैयारी की जा रही है। इससे दूरस्थ अंचलों के हजारों ग्रामीणों को सीधी परिवहन सुविधा मिलेगी और जिला मुख्यालय तक उनकी पहुंच आसान होगी।     इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को नई गति मिल रही है। ग्रामीण बस योजना इसका जीवंत उदाहरण है, जिससे गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और लोगों का जीवन आसान बनेगा। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पार्षद मनोज जैन, हर्षवीर सिंह ढिल्लन, सोनामणि पोयाम बस संचालक दिनेश कुमार जैन और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर में कुलियों का प्रदर्शन जारी, क्रांति सेना और जोहार पार्टी ने किया समर्थन

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बैटरी चलित वाहन शुरू करने के फैसले के खिलाफ कुलियों का विरोध नहीं थम रहा है. इस कदम को अपनी आजीविका पर बड़ा संकट बताते हुए बड़ी संख्या में कुलि आज प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लामबंद हुए. रेलवे लाइसेंसी पोर्टर्स के बैनर तले कुली प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे कुलियों का कहना है कि रेलवे में आधुनिकीकरण और निजीकरण के कारण उनकी आजीविका पर भीषण संकट मंडरा रहा है. महंगाई के दौर में उनकी सीमित आमदनी से परिवार का पालन-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है. रेलवे ने कुलियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई आदेश जारी किए थे, जैसे उनके बच्चों को रेलवे विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा, परिवार के सदस्यों के लिए निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिवर्ष चार वर्दी प्रदान करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्रामालय उपलब्ध कराना. ये सभी प्रावधान अभी तक जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए हैं. विशेष रूप से रायपुर मंडल में कुलियों की उपस्थितिऔर स्टेशनों पर बैटरी चालित वाहनों की निःशुल्क सेवा उपलब्ध होने के बावजूद सामान ढोने का ठेकेदारी कार्य एक निजी कंपनी को सौंप दिया है—प्रति यात्री 50 रुपये तथा प्रति लगेज 30 रुपये की दर से. यह कुलियों की आजीविका का हनन है. गौरतलब है कि रेल्वे लायसेंसी पोर्टर्स मजदूर सहकारी संस्था मर्यादित, रायपुर ने 22 सितंबर को मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन दिया था. जिसमें उन्हें आश्वसन मिला था कि उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन कुछ घण्टों बाद बताया गया कि निविदा निरस्त हो सकती है. उन्होंने मांग की है कि निविदा को निरस्त कर कुलियों के रोजी-रोजगार को बचाने की व्यवस्था की जाए. नहीं तो जिस प्रकार 2003 में कुलियों को रेलवे में समायोजित किया गया था, उसी प्रकार पुनः किया जाए. छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की एंट्री कुलियों ने बताया कि वह आगे की लड़ाई छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के साथ मिलकर लड़ेंगे. ज्ञापन, प्रेस वार्ता, धरना, शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे.

नेताम का कांग्रेस पर तंज बोले- भाजपा की रफ्तार रोकना किसी के बस की बात नहीं

रायपुर कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की दावेदारी को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सब घोड़े एक जगह जमा हो गए हैं. सभी घोड़े की स्थिति खराब है. कांग्रेस का कोई भी घोड़ा टिकने वाला नहीं है. भाजपा का रथ बहुत तेजी के आगे बढ़ रहा. जिसे रोकने का किसी में ना ही दुस्साहस है और ना ही क्षमता. धान खरीदी को लेकर मंत्री नेताम का बड़ा बयान छत्तीसगढ़ में जल्द ही धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होगी. सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है. इसके बाद धान खरीदी की शुरुआत करेंगे. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सहयोग केंद्र की शुरूआत मंत्री रामविचार नेताम ने आज फिर से ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की शुरूआत को लेकर कहा कि पहले की सरकार में भी सहयोग केंद्र खोले गए थे. यहां बारी-बारी से मंत्रियों की ड्यूटी लगती है. कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को रखते हैं. सहयोग के माध्यम से निराकरण किया जाता है.

गरियाबंद में 2 महिलाएँ और 1 पुरुष नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

गरियाबंद नक्सल मोर्चे पर गरियाबंद पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. गरियाबंद-धमतरी-नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में नागेश समेत 2 महिला नक्सली- जैनी और मनीला शामिल है. नागेश ने देशी हथियार के साथ पुलिस में सरेंडर किया है. तीनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले 5 से 8 सालों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे और कई बड़ी माओवादी वारदातों में शामिल रहे हैं. ये तीनों नक्सली बड़े माओवादी नेताओं के करीबी सहयोगी के रूप में काम करते थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियार डाले हैं. अब तक इस अभियान के तहत इलाके में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 30 रह गई है. गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापना को नई दिशा मिलेगी.

छत्तीसगढ़ की नदियाँ होंगी सम्मानित: नौसेना के नए जहाज़ों का नामकरण, सेना भर्ती रैली प्रस्तावित

मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति रायपुर , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के हर कोने से योग्य युवाओं को सेना में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि यह विचार भारत की विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस पहल पर गंभीरता से विचार करेगा और उपयुक्त अवसर पर इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

सहयोग और संवाद को प्राथमिकता देते हुए भाजपा का केंद्र के साथ वार्ता शुरू, उपमुख्यमंत्री साव ने जताई प्राथमिकता

रायपुर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और निराकरण को लेकर भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में ‘सहयोग केंद्र’ के संचालन करने का निर्णय लिया है. इसकी शुरुआत कल 6 अक्टूबर सोमवार से होगी. पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे. इसके लिए कार्यकर्ताओं को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच पंजीयन कराना होगा. पूर्व अनुभव को देखते हुए इस बार भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को सहयोग केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता : डिप्टी सीएम अरुण साव डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की फिर से शुरूआत होने पर कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता है. हर मंत्री को पार्टी कार्यालय में बारी-बारी से बैठना होगा. उन्होंने बताया कि वह भी 14 अक्टूबर को पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे. पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी की गई है. यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए संसाधनों के उपयोग के लिए समीक्षा की गई. नई औद्योगिक नीति से निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया. साथ ही कृषि और युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्य किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोल्ड्रिफ कफ सिरफ के मामले को लेकर सचेत है. एहतियातन कदम उठाए जा रहे है. सरकार के संज्ञान में यह मामला है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेशों में जो कफ सिरफ की छत्तीसगढ़ में आपूर्ति नहीं है. इसलिए डरने की बात नहीं है. उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2023 में राज्य की सत्ता में चौथी बार भाजपा काबिज हुई. तब प्रदेश भाजपा ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनने और निराकरण करने के लिए मंत्रियों की सहयोग केंद्र में ड्यूटी लगाई. यह सहयोग केंद्र पहले लोकसभा और फिर नगरीय चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रभावित हुआ, अततः अक्टूबर 2024 में इसे बंद कर दिया गया. करीब सालभर बाद फिर कार्यकर्ताओं की मांग पर यह सहयोग केंद्र शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, इसमें 6 अक्टूबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, 7 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, 8 अक्टूबर को वन मंत्री केदार कश्यप, 9 अक्टूबर को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और 10 अक्टूबर को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मौजूद रहेंगे.

बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास पर चर्चा, CM और केंद्रीय राज्य मंत्री ने रक्षा मंत्री से मुलाकात की

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा (बिलासपुर) के विस्तारीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू भी शामिल रहे. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने रक्षा मंत्रालय के अधीन लगभग 100 एकड़ भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया, जिससे बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में निर्णायक प्रगति हो सके. दोनों नेताओं ने बताया कि भूमि उपलब्ध होने पर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में हवाई संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी. यह क्षेत्र राज्य के मध्य भाग में स्थित होने के कारण भौगोलिक रूप से रणनीतिक महत्व रखता है. इस कारण से बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का विकास न केवल यात्रियों की सुविधा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और निवेश आकर्षण के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है. बैठक में एयरपोर्ट परिसर के समीप ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विकसित करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन और उद्योगों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके.