Public Sootr

लहर खबरों की

Aastha Pandey

Writer News & Blogger

Central government advice — एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने की आखिरी मौका

gove

केंद्र सरकार ने एनपीएस (NPS) में शामिल कर्मचारियों से अपीलकी है कि वे 30 नवंबर 2025 तक यूपीएस (Unified Pension Scheme) विकल्प चुनें, ताकि बेहतर पेंशन और टैक्स फायदे मिल सकें। यूपीएस विकल्प- केंद्र सरकार ने सभी पात्र केंद्रशासित कर्मचारियों से एक जिम्मेदार चेतावनी जारी की है — अगर आप अभी भी एनपीएस (NPS) में हैं और एकीकृत पेंशन योजना (YUPS) का विकल्प लेना चाहते हैं, तो जल्दी आवेदन करें, क्योंकि 30 नवंबर 2025 अंतिम तारीख नज़दीक है। वित्त मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि नोडल ऑफिसों में भरा हुआ आवेदन पत्र जमा करना अनिवार्य है, साथ ही CRA (Central Recordkeeping Agency) पोर्टल पर ऑनलाइन भी अनुरोध किया जा सकता है। ये खबर भी पढ़े…मध्यप्रदेश ESB भर्ती परीक्षाएं 2025 टलीं — युवाओं की बढ़ी चिंता यूपीएस क्या है और क्यों है फायदेमंद? यूपीएस (Unified Pension Scheme) एक नई पेंशन योजना है, जिसे PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) ने NPS के अंदर ऑप्शन के रूप में स्थापित किया है। गारंटीड पेंशन (assured pension): यूपीएस में पेंशन राशि सुनिश्चित होती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है। स्विचिंग ऑप्शन: एक बार यूपीएस चुना तो बाद में वापस NPS में लौटने की भी सुविधा है (वन-टाइम, एक-तरफा स्विच)। कर छूट: यूपीएस में टैक्स लाभ भी उपलब्ध हैं, जो कई कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। त्यागपत्र और अनिवार्य सेवानिवृत्ति लाभ: यूपीएस में त्यागपत्र (resignation) और अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) पर विशेष लाभ हैं। आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप ये खबर भी पढ़े…एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता ऑनलाइन आवेदन पात्र कर्मचारी CRA (सेंट्रल रेकॉर्डकीपिं एजेंसी) की वेबसाइट या e-NPS पोर्टल पर लॉग इन करके “NPS से यूपीएस माईग्रेशन” सेक्शन में जाएँ और अपना अनुरोध सबमिट करें। ऑफलाइन आवेदन– आवेदन के लिए Form A2 भरें और इसे अपने नोडल कार्यालय में जमा करें। स्वीकृति और प्रोसेसिंग: नोडल ऑफिस निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी अनुरोधों पर कार्रवाई करेगा। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी स्विच-बैक ऑप्शन– यदि पहले यूपीएस चुना, तो आप वन टाइम, एक-तरफा स्विच करके NPS में वापस आ सकते हैं, पर उसके लिए कुछ शर्तें हैं — जैसे कि स्विच कम-से-कम एक साल पहले सुपरएन्नुएशन (सेवानिवृत्ति) या तीन महीने पहले VRS। सेवानिवृत्ति के बाद भी अप्लाई कर सकते हैं: अगर आप पहले (31 मार्च 2025 तक) रिटायर हो चुके हैं और NPS में थे, तो भी यूपीएस के लिए आवेदन करने का विवरण PFRDA की वेबसाइट पर है। सरकार का संदेश — जल्दी निर्णय लें वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह अंतिम मौका है। सरकार का मानना है कि यूपीएस में स्विच करने से कई कर्मचारी स्थिर और सुरक्षित पेंशन पा सकते हैं, खासकर उन लोगों को जो रिटायरमेंट के बाद भविष्य में आर्थिक अनिश्चितताओं से सावधान हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस विशेष अवधि में आवेदन न करने वाले कर्मचारी स्वतः NPS में ही बने रहेंगे। असली घटनाक्रम और चुनौतियाँ हालांकि विकल्प बढ़ाया गया है, लेकिन बहुसंख्यक कर्मचारी अभी भी NPS में बने हुए हैं। उदाहरण के लिए, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों में से लगभग 96% ने यूपीएस में स्विच नहीं किया ह कुछ कर्मचारी संगठन और प्रतिनिधि अधिक समय की मांग कर रहे थे, इसलिए पहले जून की बजाय समय सीमा सितंबर में, और अब 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। एक बार यूपीएस चुने जाने के बाद भी, कर्मचारी स्व-स्वीकार (resignation) या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (compulsory retirement) जैसी परिस्थितियों में पूर्ण लाभ पाने के लिए न्यूनतम सेवा अवधि (जैसे 25 साल) पूरा करना होगा। FAQs

मध्यप्रदेश ESB भर्ती परीक्षाएं 2025 टलीं — युवाओं की बढ़ी चिंता

मध्यप्रदेश के लाखों युवा, जो 2025 में होने वाली बड़ी भर्तियों की तैयारी में महीनों से जुटे थे, अब निराश नज़र आ रहे हैं। वजह साफ है—मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने साल 2025 की चार प्रमुख भर्ती और पात्रता परीक्षाएं आगे बढ़ा दी हैं। जिन परीक्षाओं का इंतजार सबसे ज्यादा था, जैसे उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा, वनरक्षक-क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती, समूह-03 उपयंत्री परीक्षा और आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा—ये सभी अब 2026 में आयोजित होंगी। ये खबर भी पढ़े…एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता उदेश्य मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भर्ती परीक्षाएँ हमेशा से लाखों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा माध्यम रही हैं। लेकिन 2025 का साल उन अभ्यर्थियों के लिए कठिन साबित हुआ है, जो सालभर तैयारी करते रहे और अब परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ESB के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल चार बड़ी भर्ती और पात्रता परीक्षाएँ इस साल आयोजित नहीं हो पाएंगी, जिससे लाखों उम्मीदवारों की चिंता और बढ़ गई है। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी इन परीक्षाओं में— उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (HSTET) वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा समूह-03 उपयंत्री भर्ती परीक्षा आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती परीक्षा शामिल हैं। मंडल अब इन परीक्षाओं को 2026 के शेड्यूल में शामिल करेगा। यह जानकारी ESB की कार्ययोजना और विभागीय प्राथमिकताओं की समीक्षा से सामने आई है। ये खबर भी पढ़े…उत्तराखंड में UKMSSB ने निकाली नर्सिंग अधिकारी भर्ती: 587 पदों के लिए 2025 में अवसर क्यों टलीं MP ESB 2025 की मुख्य भर्ती परीक्षाएं? ESB ने इन परीक्षाओं को आगे बढ़ाने के दो प्रमुख कारण बताए हैं। पूरी कहानी इस प्रकार है— मंडल ने सबसे पहले उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो मूल वार्षिक कैलेंडर में शामिल नहीं थीं, लेकिन विभागों द्वारा तुरंत भर्ती की आवश्यकता बताई गई थी। इनमें शामिल हैं— आबकारी आरक्षक भर्ती पुलिस आरक्षक भर्ती सूबेदार (स्टेनो) ASI SI भर्ती परीक्षा इन नई व महत्वपूर्ण परीक्षाओं की वजह से ESB का पूरा शेड्यूल बदल गया। ऐसे में जो परीक्षाएं पहले से तय थीं, वे पीछे चली गईं। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षा आवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285 समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243 ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326 उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित मध्यप्रदेश में ESB लगभग 50 ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षाएं आयोजित कराता है।इन केंद्रों की क्षमता सीमित है— रोजाना अधिकतम 25–30 हजार उम्मीदवार ही परीक्षा दे पाते हैं। कई केंद्र अभी भी आधुनिक तकनीकी मानकों पर खरे नहीं उतरते। सुरक्षा और सर्वर क्षमता की समस्याएँ भी सामने आती हैं। इस वजह से जिन भर्ती परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं, उन्हें सुरक्षित और सुचारू रूप से आयोजित करना चुनौती बन जाता है। कितने आवेदन आए थे पिछली बार? चारों प्रमुख परीक्षाओं में पहले आए भारी आवेदन बताते हैं कि इन पर युवाओं की कितनी निर्भरता है— परीक्षाआवेदन पद फॉरेस्ट गार्ड/फील्ड गार्ड/जेल प्रहरी परीक्षा 2022 10,13,529 2,285समूह-03 उपयंत्री भर्ती 2024 32,606 243ITI प्रशिक्षण अधिकारी 2024 1,21,923 326उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 1,85,118 योग्यता आधारित युवाओं की प्रतिक्रिया: इंतजार अब और लंबा कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। छात्र कहते हैं कि— परीक्षा कैलेंडर पर भरोसा करके तैयारी की जाती है। लेकिन बार-बार तिथियाँ बदली जाने से भविष्य योजना प्रभावित होती है। आर्थिक दबाव भी बढ़ता है क्योंकि तैयारी लंबी चलती जाती है। सरकार और ESB का कहना है कि सभी परीक्षाएं 2026 में बेहतर व्यवस्था, अधिक केंद्रों और सुरक्षित सिस्टम के साथ कराई जाएंगी। 2026 में क्या बेहतर होगा? सूत्रों के अनुसार: कई नए डिजिटल परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव तैयार है। तकनीकी अपग्रेडेशन पर तेजी से काम चल रहा है। ESB नए सर्टिफाइड परीक्षा केंद्र जोड़ने की प्रक्रिया में है। इन सुधारों के बाद बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में परेशानी कम होगी। मुख्य कारण यह है कि ESB ने इस साल उन परीक्षाओं को प्राथमिकता दी जो पहले कैलेंडर में नहीं थीं। साथ ही सीमित ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की वजह से बड़े स्तर की परीक्षाएं आयोजित करना मुश्किल था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये सभी 4 प्रमुख परीक्षाएं अब 2026 के शेड्यूल में शामिल की जाएंगी। नोटिफिकेशन और रूलबुक भी अगले साल जारी होंगे। चारों परीक्षाओं में कुल मिलाकर 13 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिसके कारण इन परीक्षाओं के लिए बड़े स्तर की व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है।

एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता

Campus Placement

गुजरात के कृषि क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर आया है। राज्य कृषि विश्वविद्यालय (SAU) ने जूनागढ़, आनंद और नवसारी कृषि विश्वविद्यालयों में 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर बड़ी भर्ती निकाली है। यह ऐसी भर्ती है जिसमें न सिर्फ कृषि क्षेत्र से जुड़े डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता मिलेगी बल्कि उन्हें सरकारी सेक्टर में स्थिर, सम्मानजनक और प्रगति से भरा करियर बनाने का मौका भी मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगी, और उम्मीदवारों को डिप्लोमा के साथ CCC कंप्यूटर कोर्स अनिवार्य रूप से पास करना होगा — या प्रोबेशन पीरियड में पूरा करना पड़ेगा। इस भर्ती में आकर्षण इसलिए भी है क्योंकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है, वेतनमान मजबूत है और गुजरात जैसे कृषि-प्रमुख राज्य में काम करने का अवसर बेहद मूल्यवान माना जाता है। अगर आप तकनीक, खेतों और कृषि-संबंधित रिसर्च में रुचि रखते हैं, तो यह अवसर आपके लिए बिल्कुल मिस नहीं करने लायक है। उदेश्य राज्य कृषि विश्वविद्यालय (SAU) गुजरात ने 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट के पदों के लिए बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया है। यह भर्ती तीन कृषि विश्वविद्यालयों — जुनागढ़ (JAU), आनंद (AAU) और नवसारी (NAU) — में की जा रही है। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तारीख 12 दिसंबर 2025 है। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी क्यों यह मौका खास है यह भर्ती उन छात्रों के लिए बहुत अच्छी है जिन्होंने कृषि, बागवानी, कृषि इंजीनियरिंग, या खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे विषयों में 2-3 साल का डिप्लोमा किया है और जो सरकारी सेक्टर में स्थिर नौकरी चाहते हैं। इसके साथ, कंप्यूटर स्किल भी जरूरी है: उम्मीदवार को DOEACC CCC परीक्षा पास होनी चाहिए या अगर अभी तक नहीं हुई है, तो प्रोबेशन पीरियड में पास करनी होगी। आयु सीमा 18 से 33 वर्ष है (सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों को छूट मिलेगी)। वेतन और नौकरी 1.पद के लिए शुरुआती वेतन ₹26,000 प्रतिमाह (fixed pay) निर्धारित किया गया है पहले पांच साल के लिए। 2.उसके बाद, नियमित वेतनमान ₹25,500 – ₹81,100 (Level-4) में होगा, जैसे जूनियर क्लास-3 तकनीकी स्टाफ। 3.यह नौकरी फुल-टाइम है और गुजरात में ही रहीगी — JAU, AAU और NAU विश्वविद्यालयों में। ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च चयन प्रक्रिया 1.SAU भर्ती में लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हैं: 2.लिखित परीक्षा: यह OMR आधारित कंप्यूटर-रिस्पॉन्स टेस्ट (CBRT) होगा। 3.पार्ट A: रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन, क्वांटिटेटिव (60 अंक) 1.पार्ट B: विषय-संबंधित (150 अंक) 4.कुल अंक: 210, और प्रत्येक गलत जवाब पर –0.25 अंक की कटौती होगी। 5.उसके बाद डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन (मूल दस्तावेजों का जाँच) किया जाएगा। आवेदन कैसे करें आवेदन ऑनलाइन मोड में ही करना होगा। आप JAU, AAU या NAU की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। “Advt. No. 04/2025” वाला नोटिफिकेशन खोलें और उस फॉर्म को भरो। स्वयं का नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी, शिक्षा और अन्य जानकारियाँ सही-सही भरें। अपना फोटो, सिग्नेचर, डिप्लोमा, आयु प्रमाण आदि दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। आवेदन फीस ऑनलाइन भुगतान करें (नीचे देखिए)। सबमिट करने के बाद, उसका प्रिंट आउट ले लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें, क्योंकि एक बार सबमिट करने के बाद सुधार नहीं हो सकेगा। ये खबर भी पढ़े…RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें आवेदन शुल्क 1. सामान्य (Unreserved): ₹1,000 + बैंक चार्ज 2. आरक्षित (SC / ST / SEBC / EWS): ₹250 + बैंक चार्ज 3. PwBD उम्मीदवारों के लिए भी शुल्क ₹250 है। 4. पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) के लिए कोई शुल्क नहीं है। ये खबर भी पढ़े…टालमटोल की आदत कैसे छोड़ें: आसान Time Management Techniques जो हर स्टूडेंट को जाननी चाहिए SAU भर्ती की योग्यता विस्तार से डिप्लोमा: 2 या 3 साल का, कृषि-संबंधित किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या बोर्ड से। कंप्यूटर कोर्स: DOEACC CCC परीक्षा पास होना चाहिए, या अगर अभी तक पास नहीं हुआ, तो उसे प्रोबेशन पीरियड में पूरा करना अनिवार्य है। नागरिकता: उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए।The Sootr आम वर्ग के लिए 18–33 साल, और आरक्षित व विशेष श्रेणियों में छूट मिलेगी। यह अवसर क्यों सोचना चाहिए? यह SAU भर्ती उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो कृषि शिक्षा में डिप्लोमा लेकर टेक्निकल जॉब करना चाहते हैं और ग्रामीण-कृषि क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। सरकारी नौकरी होने की वजह से अच्छी सुरक्षा, वेतन और आगे प्रमोशन का मौका है। इसके अलावा, SAU तीन बड़े कृषि विश्वविद्यालयों में काम करने का मौका देता है — यह मतलब है कि आप केवल एक ही जगह नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय-लेवल की नौकरी के अनुभव के साथ अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। FAQs Q1: SAU गुजरात में एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों की कुल संख्या कितनी है?SAU (गुजरात) में तीन कृषि विश्वविद्यालयों (JAU, AAU, NAU) के लिए कुल 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। Q2: SAU भर्ती के लिए किस शैक्षणिक योग्यता की जरूरत है?उम्मीदवार के पास 2 या 3 साल का डिप्लोमा कृषि-संबंधित विषयों में होना चाहिए (जैसे कृषि, बागवानी, कृषि इंजीनियरिंग, खाद्य प्रौद्योगिकी वगैरह)। इसके साथ, DOEACC CCC कंप्यूटर परीक्षा पास होनी चाहिए, या प्रोबेशन पीरियड के दौरान इसे पूरा करना अनिवार्य है। Q3: SAU भर्ती में चयन कैसे होगा?चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (OMR-CBRT) और डॉक्युमेंट सत्यापन शामिल है। परीक्षा दो हिस्सों में होगी — पार्ट A (रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन, संख्यात्मक योग्यता) और पार्ट B (विषय-संबंधित प्रश्न)। हर गलत जवाब पर 0.25 अंक की कटौती होगी।

Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी

CBSC BOARD

CBSE ने 10वीं कक्षा के लिए बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत अब बोर्ड परीक्षा दो सत्रों में होगी। नए मॉडल में पहला सत्र सभी छात्रों के लिए अनिवार्य रहेगा, जबकि दूसरा सत्र केवल सुधार, पुनः प्रयास या बेहतर स्कोर पाने का विकल्प देगा। खास बात यह है कि दूसरे सत्र में छात्र अधिकतम तीन विषयों की ही परीक्षा दे पाएंगे, जिससे अनावश्यक दबाव कम करने और स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा। इस नई परीक्षा संरचना का उद्देश्य छात्रों को एक लचीला, तनाव-मुक्त और बेहतर प्रदर्शन वाला वातावरण देना है। वहीं 12वीं के लिए फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी—यानी एक ही मुख्य परीक्षा सत्र। ऐसा इसलिए क्योंकि 12वीं के छात्रों की प्रवेश परीक्षाओं और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया में एक समान टाइमलाइन की आवश्यकता होती है। 10वीं में दो-सेशन परीक्षा का ढांचा पहले सत्र और दूसरे सत्र की विशेषताएं ये खबर भी पढ़े…IMD Recruitment 2025: भारत मौसम विज्ञान विभाग में 136 प्रोजेक्ट स्टाफ पदों पर भर्ती, करें अप्लाई परिणाम, सुधार और मार्कशीट ये खबर भी पढ़े…इमोशनल स्किल्स की ताकत: मैकिंजी रिपोर्ट में मिला भविष्य-काम का नया ट्रेंड 12वीं की परीक्षा में ब बदलाव नहीं 12वीं की परीक्षा व्यवस्था अभी एक-सत्र वाली ही रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 12वीं के छात्र अक्सर JEE Main, NEET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं और उन्हें उसी सत्र में परिणाम चाहिए। छात्रों-अभिभावकों के लिए सुझाव ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों आया यह नया मॉडल? FAQs Q1. क्या मैं दूसरे सत्र में सभी विषयों को दोबारा दे सकता हूँ?नहीं। 10वीं में दूसरे सत्र में केवल अधिकतम तीन विषयों के लिए चयन कर सकते हैं। उन विषयों में ही सुधार संभव है जिनका बाह्य मूल्यांकन 50 % या उससे ज्यादा है। Q2. अगर पहले सत्र में तीन से ज़्यादा विषयों में फेल हो गया तो क्या होगा?यदि छात्र तीन या अधिक विषयों में पहले सत्र में अनुपस्थित रहा या फेल हुआ हो, तो उसे दूसरे सत्र में शामिल होने का अधिकार नहीं मिलेगा। उसे अगले वर्ष मुख्य परीक्षा में शामिल होना होगा (Essential Repeat)। Q3. क्या 12वीं के छात्रों को भी दूसरा सत्र मिलेगा?इस समय 12वीं के लिए एक-सत्र मॉडल ही जारी रहेगा। दूसरा सत्र फिलहाल नहीं होगा क्योंकि 12वीं के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े होते हैं।

उत्तराखंड में UKMSSB ने निकाली नर्सिंग अधिकारी भर्ती: 587 पदों के लिए 2025 में अवसर

students

उत्तराखंड मेडिकल सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (UKMSSB) ने 2025 में बड़ी भर्ती का ऐलान किया है, जिसके तहत कुल 587 नर्सिंग ऑफिसर (Nursing Officer) पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक शानदार अवसर है। आवेदन प्रक्रिया 27 नवंबर 2025 से शुरू होकर 17 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह लिखित परीक्षा के आधार पर होगी, जिसमें उम्मीदवारों की नर्सिंग से संबंधित ज्ञान, दक्षता और व्यवहारिक समझ का आकलन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को वेतन स्तर-7 के अनुसार ₹44,900 से ₹1,42,400 प्रतिमाह का आकर्षक वेतनमान प्राप्त होगा, जो इस पद को और भी प्रतिष्ठित बनाता है। इन पदों के लिए आवेदकों के पास ब्रिटिश नर्सिंग काउंसिल, भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) या संबंधित राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त डिग्री/डिप्लोमा होना आवश्यक है। UKMSSB की यह भर्ती नर्सिंग क्षेत्र में युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक सरकारी नौकरी का मौका प्रदान करती है। उदेश्य उत्तराखंड मेडिकल सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2025 की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती में कुल 587 रिक्तियां हैं, जिसमें पुरुष और महिला दोनों नर्सिंग अधिकारी के पद शामिल हैं। यह भर्ती राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, हल्द्वानी में है। वेतन और ग्रेड चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-7 पगार संरचना के अंतर्गत वेतन मिलेगा, जो ₹44,900 से ₹1,42,400 प्रतिमाह के बीच है। इसका मतलब यह है कि यह नौकरी नर्सिंग पेशेवरों के लिए आकर्षक स्थिरता और भविष्य की संभावनाओं वाला सरकारी पद ह पदों का विभाजन नर्सिंग अधिकारी (महिला) – डिप्लोमा धारक: 336 पद नर्सिंग अधिकारी (महिला) – डिग्री धारक: 144 पद नर्सिंग अधिकारी (पुरुष) – डिप्लोमा धारक: 75 पद नर्सिंग अधिकारी (पुरुष) – डिग्री धारक: 32 पद समुदायवार आरक्षण भी है: SC, ST, OBC, EWS और सामान्य वर्ग के लिए अलग-अलग स्थान आरक्षित हैं। कुल मिलाकर 118 SC, 21 ST, 82 OBC, 58 EWS और 308 सामान्य (अनारक्षित) पद हैं। शैक्षणिक योग्यता B.Sc (Hons) Nursing, या B.Sc Nursing, या Post-Basic B.Sc Nursing, या GNM (General Nursing & Midwifery) डिप्लोमा। इसके अलावा, उम्मीदवारों को नर्सिंग काउंसिल में पंजीकरण होना चाहिए (भारतीय या राज्य नर्सिंग-काउंसिल)। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि हिंदी भाषा का कामकाजी ज्ञान होना भी जरूरी है। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 21 वर्ष अधिकतम आयु: 42 वर्ष, जैसा कि अधिसूचना में दिया गया है। विशेष वर्ग (आरक्षित श्रेणियों) को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में दो पेपर हो सकते हैं: नर्सिंग विषय (100 अंकों) सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन (100 अंकों) — हालांकि कुछ स्रोत स्पष्ट रूप से यह विवरण नहीं दे रहे हैं। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग की जानकारी भी दी गई है: गलत उत्तर पर एक-चौथाई अंक काटे जाएंगे। इसके बाद, सफल अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है। कैसे आवेदन करें — स्टेप-बाय-स्टेप फॉर्म जमा करने के बाद कॉन्फ़र्मेशन पेज डाउनलोड/प्रिंट करना न भूलें। UKMSSB की आधिकारिक वेबसाइट (ukmssb.org) पर जाएँ। “Recruitment” सेक्शन में “Nursing Officer Recruitment 2025” लिंक चुनें। “Apply Online” बटन क्लिक करें — यह 27 नवंबर 2025 से सक्रिय होगा। पंजीकरण के लिए अपना ई-मेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें, और ओटीपी के ज़रिए वेरिफाई करें। अपना शैक्षणिक, व्यक्तिगत और कैटेगरी विवरण सावधानी से भरें। सभी ज़रूरी दस्तावेज (जैसे Marksheet, पंजीकरण प्रमाणपत्र) स्कैन करके अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)। FAQs Q1. UKMSSB नर्सिंग अधिकारी भर्ती 2025 में आवेदन करने के लिए कौन-सी शैक्षणिक योग्यता चाहिए?उत्तर: उम्मीदवार के पास B.Sc Nursing (General / Hons) या Post-Basic B.Sc Nursing या GNM डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ-साथ नर्सिंग काउंसिल (भारतीय नर्सिंग परिषद या राज्य नर्सिंग परिषद) में पंजीकरण अनिवार्य है। Q2. आवेदन के लिए अंतिम तिथि कब है और आवेदन कैसे करना होगा?आवेदन ऑनलाइन किया जाना है और प्रक्रिया 27 नवंबर 2025 से शुरू होगी। उम्मीदवार 17 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। Q3. चयन प्रक्रिया क्या है और लिखित परीक्षा के बाद क्या कदम होंगे?चयन पूरी तरह लिखित परीक्षा पर आधारित है। उसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन किया जाएगा। मेरिट लिस्ट केवल लिखित परीक्षा के अंक के आधार पर तैयार की जाएगी।

टालमटोल की आदत कैसे छोड़ें: आसान Time Management Techniques जो हर स्टूडेंट को जाननी चाहिए

students

क्या आप भी पढ़ाई या किसी जरूरी काम को बार-बार बाद में करने की सोचकर छोड़ देते हैं? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं, क्योंकि आज की तेज़ लाइफ में टालमटोल की आदत हर उम्र के लोगों में आम होती जा रही है। कई बार हम काम को इसलिए शुरू नहीं करते क्योंकि वह हमें कठिन लगता है, तो कभी इसलिए क्योंकि दिमाग एक बड़ा टास्क सोचकर डर जाता है। धीरे-धीरे यही आदत हमारी पढ़ाई, काम और प्रोडक्टिविटी को नुकसान पहुँचाती है।तो आइए जानें कि कैसे छोटी-छोटी टेक्निक्स आपकी बड़ी मुश्किल को आसान बना सकती हैं। टालमटोल की आदत क्यों होती है? हम में से कई लोग अक्सर पढ़ाई या किसी जरूरी काम को कल पर टाल देते हैं, और फिर वही आदत धीरे-धीरे हमारे रूटीन का हिस्सा बन जाती है। मैं खुद भी यह आदत लेकर संघर्ष करता था, और सोचता था कि शायद मेरे जैसे और भी होंगे। रिसर्च बताती है कि लोग अक्सर किसी काम के बड़े या मुश्किल दिखने के कारण उसे टालने लगते हैं। एक स्टडी के अनुसार, लगभग 20–25% युवा रोज़ाना टालमटोल की समस्या का सामना करते हैं (American Psychological Association Research)। इसीलिए, यह समझना ज़रूरी है कि सही तकनीकें अपनाकर इस आदत को आसानी से बदला जा सकता है। टाइम मैनेजमेंट के Easy और Effective तरीके नीचे दिए गए सभी तरीके ऐसे हैं, जिन्हें स्टूडेंट्स और वर्किंग लोग आसानी से अपना सकते हैं। मैंने पहली बार यह तकनीक एक स्टडी में पढ़ी, जहाँ बताया गया कि दिमाग छोटे टास्क जल्दी स्वीकार करता है।इसमें आप बस पांच मिनट तक काम शुरू करते हैं और फिर आगे बढ़ने का निर्णय लेते हैं।आप महसूस करेंगे कि शुरुआत करने के बाद काम पहले जैसा भारी नहीं लगता।यह तकनीक टालमटोल तोड़ने का सबसे आसान और पहला कदम माना जाता है।बड़े टास्क को छोटे हिस्सों में करने से मन हल्का और फोकस बेहतर होता है। टाइम मैनेजमेंट की दुनिया में यह तकनीक सबसे लोकप्रिय मानी जाती है।इसमें 25 मिनट पढ़ाई या काम और 5 मिनट का छोटा ब्रेक शामिल होता है।चार राउंड पूरे करने के बाद 15–20 मिनट का बड़ा ब्रेक लिया जाता है।यह तकनीक दिमाग को फ्रेश रखती है और फोकस को लंबे समय तक बनाए रखती है।कई रिसर्च बताती हैं कि छोटे ब्रेक लेने से मानसिक थकान कम हो जाती है। ये खबर भी पढ़े…इमोशनल स्किल्स की ताकत: मैकिंजी रिपोर्ट में मिला भविष्य-काम का नया ट्रेंड कुछ लोगों को पढ़ाई के दौरान बैकग्राउंड म्यूजिक से बेहतर फोकस मिलता है।आप धीमी पियानो धुन, लो-फाई म्यूजिक या ध्यान वाला म्यूजिक चुन सकते हैं।साइकोलॉजी रिसर्च में बताया गया है कि सही आवाज़ें दिमाग को शांत बनाती हैं।साउंड ट्रिगर आपके दिमाग को संकेत देती है कि अब काम शुरू करने का समय है।यह तरीका उन छात्रों के लिए अच्छा है जिन्हें शुरू करने में दिक्कत होती है। ये खबर भी पढ़े…प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स यह तकनीक आपको सीमित समय में काम खत्म करने का अभ्यास सिखाती है।आप 30 मिनट, 45 मिनट या जितना सही लगे, उतना समय सेट कर सकते हैं।समय पूरा होने पर छोटा ब्रेक लें और फिर दोबारा सेट करें।इससे दिमाग टाइम-लिमिट का आदी हो जाता है और आलस कम होता है।टास्क का स्ट्रक्चर साफ होने से टालमटोल जल्दी कम होने लगता है। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती यह तरीका दिमाग में जमा भारी आइडियाज को हल्का बनाने में मदद करता है।स्टूडेंट्स के लिए यह तकनीक बहुत उपयोगी मानी जाती है।बस एक कागज लें और बिना सोचे सभी आइडियाज या स्टेप्स लिख दें।लिखने से काम स्पष्ट दिखने लगता है और डर कम हो जाता है।बहुत सी स्टडीज बताती हैं कि लिखने से दिमाग सक्रिय हो जाता है। कई बार समस्या यह होती है कि हम खुद को समय तय नहीं करते।डिजिटल कैलेंडर या रिमाइंडर ऐप्स इस स्थिति में बेहद उपयोगी होते हैं।आप अपने सभी टास्क और डेडलाइंस पहले से सेट कर सकते हैं।जब समय आता है, नोटिफिकेशन आपको काम शुरू करने के लिए तैयार करता है।इससे रूटीन मजबूत बनता है और टालमटोल खुद-ब-खुद कम होने लगता है। यह तरीका बड़े कामों को छोटे, मैनेजेबल ब्लॉक्स में बदल देता है।आप एक घंटे का ब्लॉक बनाएँ और पूरा समय ध्यान से काम करें।ब्लॉक पूरा होने पर खुद को छोटा इनाम दें, जैसे 5 मिनट आराम।इससे मोटिवेशन बढ़ता है और बड़ा काम छोटा लगता है।लंबे समय तक पढ़ाई करने वालों के लिए यह तरीका बेहद प्रभावी है। कई लोग डर के कारण काम शुरू ही नहीं कर पाते।इस तकनीक में आप काम का सिर्फ 5-सेकंड वाला छोटा हिस्सा कल्पना करते हैं।जैसे अगर 10 पेज लिखने हैं, तो बस पहला वाक्य सोचें।इससे दिमाग को लगेगा कि काम आसान है और शुरुआत सहज हो जाएगी।यह तरीका छोटे कदमों से बड़े कामों तक पहुँचने में मदद करता है। निष्कर्ष टालमटोल की आदत कोई बड़ी समस्या नहीं, बस सही तकनीक की कमी होती है।इन सभी टाइम मैनेजमेंट तरीकों को धीरे-धीरे अपनाकर आप अपनी पढ़ाई सुधार सकते हैं।रूटीन, मनःस्थिति और फोकस बदलने से टालमटोल अपने आप खत्म होने लगता है।हर तकनीक दिमाग को नया तरीका देती है और काम आसान बनाती है।नियमित अभ्यास से आपकी प्रोडक्टिविटी तेजी से बढ़ती दिखाई देगी। FAQs टालमटोल खत्म करने के लिए छोटे-छोटे स्टेप्स से शुरुआत करें।5 मिनट रूल, पॉमोडोरो और साउंड ट्रिगर जैसी तकनीकें तुरंत असर देती हैं।नियमित रूटीन और समय सीमाएँ दिमाग को अनुशासित बनाती हैं। सबसे आसान तरीका पॉमोडोरो तकनीक और 5-मिनट रूल माने जाते हैं।इनसे काम छोटा हो जाता है और मन तुरंत शुरू करने लगता है।स्टूडेंट्स और वर्किंग लोग दोनों इसे आसानी से अपना सकते हैं। साउंड ट्रिगर म्यूजिक, ब्लॉक टाइम और स्क्रैच पेपर बहुत मदद करते हैं।कमरा शांत रखें और मोबाइल नोटिफिकेशन बंद कर दें।स्पष्ट टाइमटेबल दिमाग को फोकस करने में जल्दी मदद करता है। American Psychological Association – Research on Procrastination University of Cambridge – Productivity Psychology Studies University of Cambridge – Productivity Psychology Studies Harvard Business Review – Time Management Techniques

इमोशनल स्किल्स की ताकत: मैकिंजी रिपोर्ट में मिला भविष्य-काम का नया ट्रेंड

AI

मैकिंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट की “Skill Shift” रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक सोशल और इमोशनल स्किल्स की मांग 22-26% बढ़ेगी। यह बदलाव इसलिए हो रहा है क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनों से इंसानी समझ और इंपैथी उसकी जगह नहीं ले सकते। आज के कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में दिल की ताकत (इमोशनल इंटेलिजेंस) ही नई सुपरपावर बन रही है। ग्लोबल वर्कप्लेस में बड़ा बदलाव आज की कॉर्पोरेट दुनिया एक गहरा ट्रांसफॉर्मेशन देख रही है। पहले जॉब में टेक्निकल स्किल्स और इंटेलिजेंस (IQ) को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता था। लेकिन अब कंपनियां महसूस कर रही हैं कि इमोशनल स्टैमिना — यानी दबाव में शांत रहने, दूसरों को समझने और टीम को एक साथ बांधे रखने की क्षमता — भविष्य में सफलता की बड़ी कुंजी है। यह सिर्फ कंपनियों की भावना नहीं है, बल्कि मैकिंज़ी ग्लोबल इंस्टीट्यूट (MGI) की रिपोर्ट “Skill Shift: Automation and the Future of the Workforce” में यह साफ-साफ दिखाया गया है। ये खबर भी पढ़े…प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स मैकिंजी रिपोर्ट की बड़ी बातें ये खबर भी पढ़े… क्यों बढ़ रही है इमोशनल स्किल की जरूरत? एआई और ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, और मशीनें बहुत सारे रिपीटेबल काम बेहतरीन तरीके से कर सकती हैं। लेकिन इंसानी संवाद, संकट-सम्भालन, भरोसा बनाने और टीम बॉन्डिंग की भूमिका अभी भी मानव ही निभा सकते हैं। इसलिए कंपनियों ने यह समझा है कि सिर्फ तकनीक नहीं, मानवता ही आगे चलने वाला “स्किल” है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंटरप्रेन्योरशिप (पहल करना), इनिशिएटिव लेने की क्षमता बढ़ेगी और लीडरशिप की मांग में इजाफा होगा। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती बिजनेस स्कूल और मैनेजर ट्रेनिंग में बदलाव विश्व-स्तर की बड़ी कंपनियाँ जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डेलॉइट और कई बिज़नेस स्कूल अब मैनेजर्स की ट्रेनिंग में इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) को टॉप प्रायरिटी दे रही हैं। उनके मुताबिक, मशीनें काम तो कर सकती हैं, लेकिन काम को इंसानी मायना देना इंसान ही कर सकता है। मैनेजर्स को इसलिए सिखाया जा रहा है कि वे टीम में इम्पैथी कैसे लाएं, आपस में भरोसा कैसे बनाएँ और तनावपूर्ण स्थितियों में भी स्थिरता बनाए रखें। यह सिर्फ करियर की रणनीति नहीं — यह नई मानव-केंद्रित सुपरपावर बन रही है। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय इमोशनल इंटेलिजेंस का असर कई मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि लोगों की इमोशनल बुद्धिमत्ता (emotional intelligence) का सीधा असर होता है टीम के प्रदर्शन, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व पर। जब टीम में कोई कठिन परिस्थिति आए, तो जिन लोगों में ज़्यादा इमोशनल स्किल होती है, वे टीम को बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं और टीम को टूटने से बचाते हैं एचआर का नजरिया — अब सिर्फ रेजूमे नहीं, दिल देखना भी ज़रूरी आज की HR टीम सिर्फ उम्मीदवार की टेक्निकल स्किल या रेज़्यूमे को नहीं देख रही है। बल्कि उनकी भावनात्मक स्थिरता, कोलैबोरेशन की भावना और मानसिक लचीलापन भी देख रही है। इंटरव्यू में सवाल बदल गए हैं: इन्हीं सवालों से देखा जा रहा है कि उम्मीदवार सिर्फ “काम कर सकता है” इस योग्य नहीं है, बल्कि “इंसानों के बीच काम कर सकता है” — यह बहुत मायने रखता है। FAQs Q1: मैकिंज़ी की रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से क्या मतलब है?A1: मैकिंज़ी रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से वह क्षमताएँ हैं जैसे — इम्पैथी, अन्य लोगों के साथ संवाद, नेतृत्व, टीम मैनेजमेंट, सहयोग और भावनात्मक लचीलापन। ये स्किल्स मशीनों द्वारा आसानी से नकल नहीं की जा सकतीं। Q2: 2030 तक सोशल-इमोशनल स्किल्स की मांग क्यों बढ़ेगी?A2: क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनें कई रिपीटेबल और डेटा-संबंधित काम कर सकती हैं, लेकिन इंसानी भावनाओं, संवादों और संकट-प्रबंधन की जरूरत बनी रहेगी। मैकिंज़ी का अनुमान है कि 2016-2030 के बीच तकनीकी बदलावों के कारण सभी इंडस्ट्रीज़ में इन स्किल्स की मांग करीब 22-26% तक बढ़ेगी। Q3: अगर मैं करियर की शुरुआत कर रहा हूँ, तो मुझे इमोशनल स्किल्स कैसे सुधारनी चाहिए?A3: आप कई तरीके अपना सकते हैं:

प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स

Officer

प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) एक बहुत जिम्मेदार और भरोसेमंद पोस्ट है। यह आमतौर पर आईएएस या आईएफएस जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस के अधिकारियों में से चुना जाता है, जिन्हें लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ गोपनीयता और स्ट्रैटेजिक कामों की समझ होती है। उनकी तनख्वाह लगभग ₹ 1.44 लाख बेस + अन्य भत्तों के साथ कुल ₹ 2 लाख से ऊपर होती है। प्रधानमंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी कौन होते हैं? प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) वह अधिकारी है जो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम करता है और प्रधानमंत्री के रोज़-रोज़ के कामों, मीटिंग्स, फाइलों, रिपोर्ट्स और विदेश दौरों का समन्वय करता है। यह सिर्फ असिस्टेंट या क्लर्क जैसा रोल नहीं है, बल्कि टॉप-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारी है। PS पीएम के शेड्यूल को मैनेज करता है — यह तय करता है कि प्रधानमंत्री किस दिन किससे मिलें, किस मीटिंग में क्या विषय हो, और कौन सी फाइल कहां जाए। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों से आने वाली रिपोर्ट्स और अहम फैसलों को प्रधानमंत्री तक सही समय पर पहुँचाना भी PS का काम है। इसके अलावा वे गोपनीय मामलों को सुरक्षित रखते हैं, और अगर देश में कोई राष्ट्रीय संकट या आपदा आए, तो वे एक महत्वपूर्ण कड़ी की तरह काम करते हैं। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती पीएम का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है? यह पद किसी सामान्य नौकरी जैसा नहीं मिलता। यह जिम्मेदारी अक्सर IAS, IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस), या अन्य सीनियर सिविल सर्विस के अधिकारियों को दी जाती है। ये अधिकारी लगभग 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव रखते हैं और उन्हें गोपनीयता, नीति-निर्माण और बड़े फैसलों को संभालने की क्षमता होनी चाहिए। PS बनने की प्रक्रिया में कबिनेट की मंज़ूरी भी शामिल होती है। उदाहरण के लिए, निधि तिवारी नाम की IFS अधिकारी को पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है, और यह नियुक्ति Department of Personnel & Training (DoPT) और Cabinet Appointments Committee (ACC) की मंज़ूरी के बाद हुई थी। ये खबर भी पढ़े…CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन पीएम पर्सनल सेक्रेटरी की सैलरी कितनी होती है? PS का वेतन Pay Matrix के Level-14 पर तय होता है।उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है। लेकिन, सिर्फ बेस सैलरी ही नहीं — इसके अलावा Dearness Allowance (DA), House Rent Allowance (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य भत्तों की वजह से उनकी मासिक कमाई लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। साथ ही, PMO में काम करने वाले अन्य सीनियर अधिकारियों की भी तनख्वाह सार्वजनिक की गई है। उदाहरण के लिए, RTI खुलासों के मुताबिक़, PMO के निजी सचिव (PS) जैसे राजीव टोप्रो और संजय कुमार सिंगला को क्रमशः ₹ 1.46 लाख और ₹ 1.38 लाख मासिक वेतन मिलता था। PMO के अधिकारी (सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी) की सैलरी भी PMO की खुद की “Details of Monthly Remuneration” रिपोर्ट में मिलती है। सरकारी सुविधाएं भी शामिल होती हैं — जैसे कि सरकारी आवास, आधिकारिक गाड़ी, सुरक्षा और मेडिकल आदि। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन रोल और जिम्मेदारियाँ – प्रधानमंत्री के हर दिन का शेड्यूल और मीटिंग्स प्लान करना। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट चुनने की वजह: क्यों सिर्फ सीनियर अधिकारी? PM का PS सिर्फ भरोसेमंद अधिकारी हो सकता है, क्योंकि ये न सिर्फ प्रशासनिक काम देखता है, बल्कि नीति-निर्माण और गोपनीय मामलों में PM का सीधे संपर्क होता है। इसलिए ये पद उन अधिकारियों को दिया जाता है जिनकी साख, अनुभव और क्षमता बहुत मजबूत हो। अक्सर ये अधिकारी IAS, IFS या अन्य प्रतिष्ठित सिविल सर्विस से आते हैं, जिनके पास सालों का अनुभव हो और जिन्होंने महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम किया हो। यह नियुक्ति केवल “अनुभवी” ही नहीं, बल्कि “विश्लेषणात्मक और रणनीतिक सोच” वाले अधिकारियों को दी जाती है, क्योंकि PMO में काम करना नीतिगत, संवेदनशील और डायनेमिक होता है। FAQs Q1: प्रधानमंत्री का पर्सनल सेक्रेटरी (PS) बनने के लिए कौन-सी सर्विस कैसी होनी चाहिए?A1: आमतौर पर PS के लिए IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) या IFS (इंडियन फॉरेन सर्विस) जैसे वरिष्ठ सिविल सर्विस अधिकारी चुने जाते हैं। उन्हें करीब 10-20 साल का प्रशासनिक अनुभव, गोपनीयता का अनुभव और नीति-निर्णय की समझ होनी चाहिए। Q2: PS की सैलरी कितनी होती है और किस पे लेवल पर होती है?A2: PS का वेतन Pay Matrix Level-14 पर तय होता है। उनकी बेस सैलरी लगभग ₹ 1,44,200 होती है, और अन्य भत्तों जैसे DA, HRA, यात्रा भत्ते की वजह से उनकी कुल आमदनी लगभग ₹ 2 लाख या उससे ज़्यादा हो सकती है। Q3: पीएम PS के काम की सबसे बड़ी जिम्मेदारियाँ क्या-क्या होती हैं?A3: प्रधानमंत्री का PS निम्नलिखित महत्वपूर्ण काम करता है:

CG MD-MS Admission 2025: काउंसलिंग की लॉस्ट डेट बढ़ी, अब 23 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

Docter

छत्तीसगढ़ में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स MD-MS में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है, जिससे उन अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल गया है जो पहले डेडलाइन मिस होने के डर से परेशान थे। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 23 नवंबर तक कर दिया गया है, जिससे कई छात्रों की उम्मीद फिर से जाग उठी है। इसके साथ ही च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर से शुरू हो चुकी है, जो 24 नवंबर तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि इच्छुक उम्मीदवार अब अपनी पसंदीदा मेडिकल कॉलेजों और स्पेशलाइजेशन को अच्छी तरह सोच-समझकर चुन सकते हैं। काउंसलिंग की यह नई समय-सारिणी MCC द्वारा किए गए बदलावों के बाद जारी की गई है, ताकि सभी पात्र छात्र बिना किसी जल्दबाजी के आवेदन और अपनी पसंद लॉक कर सकें। यह कदम मेडिकल छात्रों के हित में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है। पहले आवेदन की सीमा 18 नवंबर रात 11:59 बजे तक तय की गई थी, लेकिन अब इसे 23 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया गया है। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती काउंसलिंग प्रक्रिया: च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग आवेदन के अतिरिक्त समय के साथ, च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 19 नवंबर की सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया 24 नवंबर की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। विभाग ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे इस अतिरिक्त समय का पूरा फायदा उठाएं और अपनी पसंद की काउंसलिंग विकल्प समय पर लॉक कर दें। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों बढ़ाई गई है तिथि? MCC (Medical Counselling Committee) ने अपनी समय-सारिणी में बदलाव किया है और इसी के चलते छत्तीसगढ़ के DME (डायरेक्टर रे ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन) ने आवेदन और च्वाइस फिलिंग की सीमा बढ़ाई है। यह कदम उन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जो NEET PG 2025 क्वालिफाइ कर चुके हैं और राज्य-कोटा MD-MS में दाखिले की उम्मीद लगा रहे हैं। विभाग स्पष्ट कर रहा है कि समय-सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए देरी न करें। पात्रता और छत्तीसगढ़ PG एडमिशन की जानकारीयह काउंसलिंग छत्तीसगढ़ राज्य कोटा के MD-MS (पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल) कोर्सों के लिए है। आवेदन और च्वाइस फिलिंग का आधिकारिक पोर्टल cgdme.admissions.nic.in है। अभ्यर्थियों को NEET PG 2025 में क्वालिफाइ करना अनिवार्य है। ये खबर भी पढ़े…RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें उम्मीदवारों को ध्यान देने योग्य बातें आवेदन करते समय सावधानी बरतें 23 नवंबर की नई सीमा तक सभी फॉर्म भरें।च्वाइस फिलिंग को मिस न करें -अपनी MD/MS पसंदों को सोच-समझकर फिल और लॉक करें।आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें — NEET PG स्कोरकार्ड, पहचान पत्र आदि जरूरी होंगे।ऑफिशियल वेबसाइट देखें — गलत लिंक से आवेदन न करें, आधिकारिक साईट cgdme.admissions.nic.in ही भरोसेमंद है। समय का पूरा फायदा लें — नई तिथि बढ़ने का मतलब है कि आपके पास अतिरिक्त दिन हैं, इसे wisely इस्तेमाल करें। ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च FAQs Q1: MD-MS 2025 काउंसलिंग के लिए आवेदन की नई अंतिम तिथि क्या है?नई अंतिम तिथि 23 नवंबर 2025, रात 11:59 बजे है। Q2: क्या मैं अब भी अपनी काउंसलिंग पसंदों (choices) फ़िल और लॉक कर सकता हूँ?हाँ। च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग प्रक्रिया 19 नवंबर सुबह 11 बजे से शुरू हो चुकी है और यह 24 नवंबर रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी। Q3: छत्तीसगढ़ MD-MS काउंसलिंग के लिए किस वेबसाइट पर आवेदन करना चाहिए?आपको DME Chhattisgarh की आधिकारिक वेबसाइट (उदेश्य छत्तीसगढ़ राज्य में MD-MS 2025 प्रवेश के लिए पहली-चरण की काउंसलिंग के ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तिथि को बढ़ा दिया गया है। यह फैसला मेडिकल परामर्श समिति (MCC) की संशोधित समय-सारिणी के बाद लिया गया है।

Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती

Lakhpaal

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतज़ार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी धीरे-धीरे दरवाज़ा खोल रही है। राज्य में लेखपाल यानी पटवारी के 7,994 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, और अब इन पदों पर भर्ती का रास्ता आखिरकार साफ होता नजर आ रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह मौका 12वीं पास युवाओं के लिए है, यानी बहुत से उम्मीदवार पहली बार एक स्थिर सरकारी नौकरी की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं। UPPET 2025 का रिजल्ट जारी होते ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। इसका मतलब यह है कि जो युवा PET परीक्षा देकर रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में बड़ा अवसर मिल सकता है। लेखपाल की नौकरी हमेशा से गांव–कस्बों में एक प्रतिष्ठित और स्थिर पद माना जाता है, क्योंकि यह सीधे ज़मीन, रिकॉर्ड और राजस्व कार्यों से जुड़ा होता है। ऐसे में यह भर्ती राज्य में हजारों परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकती है। उदेश्य उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजस्व विभाग में लेखपाल (पटवारी) के कुल 30,837 स्वीकृत पदों में से करीब 7,994 पद अभी खाली हैं। ये रिक्त पदों को भरने की तैयारी चल रही है और राजस्व विभाग ने भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) को प्रस्ताव भेज दिया है।भर्ती क्यों और कैसे होगी? UPPET रिजल्ट का महत्व भर्ती की इस प्रक्रिया में UPPET (प्रारंभिक पात्रता परीक्षा) का रोल अहम होगा। कहा जा रहा है कि UPPET रिजल्ट 2025 दिसंबर के अंत तक जारी हो सकता है, और उसके बाद लेखपाल भर्ती की विज्ञप्ति जनवरी 2026 में आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भर्ती विज्ञप्ति उसी आयोग द्वारा जारी की जाएगी जो PET / UPPET परिणाम को ध्यान में रखेगा। लेखपाल का काम और जिम्मेदारियाँ लेखपाल को आम बोलचाल में पटवारी भी कहा जाता है। उनका मुख्य काम ज़मीनी रिकॉर्ड तैयार करना, भूमि माप-जोख करना और गाँव या क्षेत्र में भूमि के नक्शे-दस्तावेज़ बनाना होता है। ये पद स्थानीय स्तर पर राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, क्योंकि भूमि रिकॉर्डिंग बहुत संवेदनशील होती है। भर्ती प्रक्रिया और पात्रता इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना अनिवार्य है।आयु सीमा 18 से 40 साल है।चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हो सकते ह रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ पदों को प्रमोशन के माध्यम से भरा जाएगा, जैसे तहसीलदार के लगभग 300 पद। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय क्यों यह भर्ती युवाओं के लिए बड़ी है? 12वीं पास युवाओं को सरकारी नौकरी का बड़ा मौका मिल रहा है, खासकर वे जो पटवारी बनना चाहते हैं। कुल 7,994 रिक्त पद युवाओं की बड़ी संख्या को रोजगार का अवसर दे सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह भर्ती पारदर्शी और समयबद्ध हो सकती है। यह भर्ती प्रदेश में राजस्व विभाग की कारगुज़ारी को बेहतर बनाएगी और भूमि रिकॉर्डिंग को मजबूत करेगी। ये खबर भी पढ़े…JEE Mains नहीं दिया? कोई बात नहीं! इन एग्ज़ाम से करें BTech एडमिशन संभावित समय-रेखा UPPET रिजल्ट जारी करना — दिसंबर 2025 तक।भर्ती विज्ञप्ति जारी करना — जनवरी 2026 में।आवेदन प्रक्रिया शुरू करना — नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑनलाइन आवेदन की संभावना।परीक्षा + दस्तावेज सत्यापन — चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और जरूरी दस्तावेज़ जांच शामिल होंगे।नियुक्ति — सफल अभ्यर्थियों को लेखपाल (पटवारी) पदों पर तैनात किया जाएगा। ये खबर भी पढ़े…BPSC 71वीं PT Result Out: जनरल कट-ऑफ 88, जानें पूरी मेरिट लिस्ट उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए? UPPET परीक्षा का रिजल्ट चेक करते रहें और UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती नोटिफिकेशन की निगरानी करें। अपनी 12वीं मार्कशीट, पहचान और निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ अपडेट रखें। तैयारी करें — पिछले सालों के पेपर देखना और परीक्षा रणनीति बनाना फायदेमंद होगा। भर्ती होने पर काम की ज़िम्मेदारी और रोल को समझें — लेखपाल की नौकरी सिर्फ जमीनी रिकॉर्ड रखने की नहीं, बल्कि गाँव के राजस्व मामलों में सक्रिय भागीदारी की भी जरूरत होती है। ये खबर भी पढ़े…सरकारी योजना: अल्पसंख्यक छात्रों को 15,000 रुपये प्रोत्साहन — आवेदन शुरू FAQs Q1: यूपी लेखपाल भर्ती में 7994 पदों का प्रस्ताव क्यों है?उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में मीटिंग के बाद, सरकार ने लेखपाल (पटवारी) के 7,994 रिक्त पदों को भरने की योजना बनाई है। Q2: UPPET 2025 रिजल्ट आने के बाद भर्ती कब शुरू हो सकती है?बताया जा रहा है कि UPPET 2025 रिजल्ट दिसंबर के अंत तक आ सकता है और भर्ती विज्ञप्ति जनवरी 2026 में जारी हो सकती है। Q3: लेखपाल भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता क्या है?उम्मीदवार को 12वीं पास होना चाहिए और आयु सीमा 18–40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।