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झांसी में मजबूरी की तस्वीर: बेटे की मौत के बाद चंदा जुटाकर किया गया अंतिम संस्कार

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मुंबई से गांव लौट रहे सिद्धार्थनगर जिले के रामोपुर पाठक गांव के रहने वाले अनिल अहिरवार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण चार दिनों तक शव वहीं पड़ा रहा. जब मृतक की पहचान हुई तो परिवार के सामने और भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. मृतक के पिता अनिल के पास झांसी तक आने के पैसे तक नहीं थे. गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार बेसुध हो गया. मुंबई में काम करता था युवक पिता ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे 15 साल की मुस्कान, 9 साल का सनी और 5 साल का छोटू है. इसके अलावा बूढ़े मां-बाप और पत्नी की जिम्मेदारी भी सुनील पर ही थी. तीन महीने पहले वह रोजगार के लिए मुंबई गया था और वहीं एक कंपनी में काम करता था लेकिन तबीयत खराब होने पर वह गांव लौट रहा था. इसी दौरान झांसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया. पिता के पास नहीं थे शव लाने के पैसे मृतक के पड़ोसी आनंद कुमार दुबे ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद खराब है. पिता अनिल गांव में रोते हुए घूम रहे थे और कह रहे थे कि बेटे का शव लाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने चंदा कर 23 हजार रुपये एकत्र किए. इन्हीं पैसों से पिता अनिल और परिजन झांसी पहुंचे और बेटे का शव लेकर गांव लौट सके. पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया है. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है. गरीबी और लाचारी की इस हकीकत ने सबको भावुक कर दिया.

दशक पुराना ESP संयंत्र गिरा, बालको प्लांट में सुरक्षा प्रक्रियाओं पर उठे गंभीर सवाल

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कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुर्घटना में महिला की मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने जताया विरोध

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कोरबा कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।

भीषण सड़क दुर्घटना में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की जान बची

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चिरमिरी छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी बुधवार को सड़क हादसे में बाल-बाल बचे. जन्मदिन के मौके पर वह आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चिरमिरी जा रहे थे. इसी दौरान उनकी कार एक ट्रक से जा भिड़ी. गनीमत रही कि कार में सवार मंत्री जायसवाल और जवान सुरक्षित रहे. जानकारी के मुताबिक, मंत्री जायसवाल अपने जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने चिरमिरी जा रहे थे. इसी दौरान चिरमिरी के छठ घाट स्थित मंगलम होटल के पास मंत्री की गाड़ी अचानक एक ट्रक से जा भिड़ी. हादसे में फॉर्च्यूनर कार क्षतिग्रस्त हो गई. तेज धमाके जैसी आवाज़ से कुछ क्षण के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन को मोड़ते वक्त अचानक सामने आए ट्रक से टक्कर हो गई. हादसे में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है. हालांकि मंत्री के सुरक्षित रहने की खबर से समर्थकों और प्रदेशवासियों ने राहत की सांस ली. मंत्री जायसवाल हादसे के बाद अपने निर्धारित दौरे पर आगे बढ़ गए.