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amit kumar

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Bhopal News: एम्स में कार्बाइड गन से घायल बच्चों का हाल जानने पहुँचे अधिकारी, सभी का नि:शुल्क उपचार जारी

children injured by carbide guns

Officials arrived at AIIMS to inquire about condition of children injured by carbide guns भोपाल। दीपावली पर्व के दौरान प्रतिबंधित पटाखों और कार्बाइड गन के उपयोग से घायल हुए बच्चों का हाल जानने आज प्रातः 11 बजे प्रशासनिक टीम एम्स अस्पताल पहुँची। मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एमपी नगर), तहसीलदार, नायब तहसीलदार (एमपी नगर) तथा सीएसपी कश्यप ने अस्पताल पहुँचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया। ऑपरेशन सफल अस्पताल में उपस्थित डॉ. विवेक एवं उनकी टीम ने बताया कि एम्स में कुल 10 बच्चे उपचाररत हैं, जिनमें 8 बच्चे कार्बाइड गन से तथा 2 बच्चे सुतली बम से घायल हुए हैं। इनमें से 5 बच्चों की आँखों का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जबकि 3 बच्चों का ऑपरेशन आज होना प्रस्तावित है। अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और परिजनों से बातचीत कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। सर्वोत्तम चिकित्सकीय सुविधा डॉ. विवेक ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार निशुल्क किया जा रहा है तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। घायल बच्चों में कार्तिक (14 वर्ष, सोहागपुर नर्मदापुरम), आशीष मालवीय (17 वर्ष, मिसरोद भोपाल), युवराज पाल (11 वर्ष, सोडानिया बुधनी सीहोर), सत्येंद्र गुर्जर (17 वर्ष, ग्वालियर), दीपेश मालवीय (12 वर्ष, बैरसिया भोपाल), राहुल अहिरवार (25 वर्ष, कोकता बायपास भोपाल), सार्थक गौर (15 वर्ष, ओबैदुल्लागंज रायसेन) और ऋतिक अहिरवार (8 वर्ष, धोबीखेड़ा शमशाबाद विदिशा) शामिल हैं। वहीं सुतली बम से घायल अन्नू मालवीय (14 वर्ष, आशिमा मॉल के पास भोपाल) और शुभ मित्तल (16 वर्ष, भोपाल) का भी उपचार जारी है। बिक्री पर कड़ी निगरानी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली पर्व के दौरान प्रतिबंधित पटाखों और कार्बाइड गन की बिक्री व उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाएँ तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें।

AIIMS करोड़ों घोटाला: कार्रवाई में शामिल तीन आरोपियों में भोपाल के डॉक्टर भी

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भोपाल  केंद्रीय जांच यूरो (सीबीआइ) ने एम्स ऋषिकेश(AIIMS Rishikesh) में 16 बेड वाले कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) के निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। इसमें एम्स भोपाल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सह प्रोफेसर डॉ. राजेश पसरीचा को भी आरोपी बनाया हैं। हालांकि डॉ. पसरीजा ने आरोप को खारिज कर दिया है। ये है मामला जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में एम्स ऋषिकेश के सीसीयू निर्माण के लिए 8.08 करोड़ रुपए दिल्ली की कंपनी मेडिक डिवाइसेस को भुगतान किए गए। आरोप है कि संस्थान के तत्कालीन निदेशक और प्रो€योरमेंट ऑफिसर डॉ. पसरीचा ने उपकरणों की आपूर्ति व स्थापना का झूठा प्रमाणपत्र जारी किया था। सीबीआइ जांच में सामने आया कि 1.76 करोड़ रुपए से ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, गैस पाइपलाइन सिस्टम, डिफिब्रिलेटर, एयर प्यूरीफायर और अन्य उपकरण लगाए ही नहीं गए। वहीं 97 लाख के सिविल वर्क में भी हेराफेरी हुई। 2.73 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हुई।   डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को किया खारिज सीबीआइ ने मामले में एम्स ऋषिकेश के पूर्व निदेशक डॉ. रविकांत, डॉ. राजेश पसरीचा और स्टोर कीपर रूप सिंह पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले को लेकर डॉ. राजेश पसरीचा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुझ पर सीबीआइ ने झूठा आरोप लगाया है। यह आठ वर्ष पुराना मामला है, जिसे अब उठाया जा रहा है।