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अमित शाह अब Zoho Mail यूज़र, बोले- ‘देशी तकनीक पर गर्व’, फाउंडर ने कहा- यह सम्मान की बात

नई दिल्ली भारत सरकार Zoho नाम की कंपनी को खूब प्रोमोट कर रही है. हाल ही में कई केंद्रिय मंत्रियों ने Zoho के प्रोडक्ट्स की तारीफ़ की और लोगों से इन्हें यूज़ करने को कहा. Zoho का WhatsApp राइवल Arattai को भी सरकार प्रोमोट कर रही है.  होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी X पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने Zoho मेल पर स्विच कर लिया है. इतना ही नहीं, इस पोस्ट में अमित शाह ने अपनी नई जोहो की ईमेल आईडी भी शेयर की है. इस पोस्ट की लास्ट लाइन भी दिलचस्प है. अमित शाह ने लिखा है, ‘मेरी नई ईमेल आईडी amitshah.bjp@zohomail.in है. मेल के जरिए फ्यूचर कॉरेंस्पॉन्डेंस के लिए इसी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करें’  आखिरी लाइन में अमित शाह ने लिखा है, ‘Thank you for your kind attention to this matter’. दिलचस्प ये है कि X पर पोस्ट के आखिर में ये लाइन इन दिनों अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. अमित शाह के X पोस्ट के बाद Zoho का रिप्लाई भी आ गया है. Zoho Workplace ने रिप्लाई में शाह का शुक्रिया अदा किया है. कंपनी ने लिखा है कि नैशनल लीडर्शिप का इंडियन इनोवेशन को अपनाना बेहद इंस्पायरिंग है. Zoho के फाउंडर का आया रिप्लाई  अमित शाह के पोस्ट के बाद Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एक पोस्ट किया है जिसमें Amit Shah को टैग करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया है. वेम्बू ने लिखा है कि वो इस मोमेंट को उन इंजीनियर्स को डेडिकेट करना चाहते हैं जो पिछले 20 सालों से हार्ड वर्क कर रहे हैं.  ग़ौरतलब है कि Zoho बेंगलुरू बेस्ड प्राइवेट कंपनी है जिसे श्रीधर वेम्बू ने शुरू किया था. इस कंपनी के पास 45 से ज्यादा प्रोडक्ट्स और सर्विसेज हैं. छोटे बिजसनेसेज के लिए ख़ास तौर पर कंपनी के पास दर्जनों टूल्स अवेलेबल हैं. WhatsApp राइवल सव्देशी ऐप अरट्टई भी Zoho का ही है और ये भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है. Zoho के पास माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के टूल्स के राइवल भी हैं. यानी MS Word से लेकर PowerPoint जैसे विकल्प Zoho कम कीमत पर प्रोवाइड करता है. हाल ही में कंपनी का Arattai ऐप काफी वायरल हो रहा है.  Zoho Workplace के तहत भी कंपनी गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के कई टूल्स का विकल्प देती है. अगर कॉस्ट अनालिसिस करें तो Zoho के टूल्स छोटे व्यापारियों और कंपनियों के लिए सस्ता है. क्योंकि Zoho के पास बिज़नेस से जुड़ी हर ऐक्टिविटी मेंटेन करने से लेकल बिल जेनेरेट करने तक का टूल अवेलेबल है.  हाल ही में Zoho मे Paytm और PhonePe की तरह ही POS मशीन भी लॉन्च किया है. इसमें साउंडबॉक्स और QR कोड सिस्टम शआमिल हैं. यानी दुकानों पर अब आपको Zoho के QR कोड और मशीन दिख सकते हैं. 

शिरडी में अमित शाह की रणनीतिक बैठक: फडणवीस व उपमुख्यमंत्रियों के साथ किसानों की चिंताओं पर चर्चा

शिरडी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे व अजित पवार के साथ शिरडी में महत्वपूर्ण बैठक की। भाजपा सूत्रों के अनुसार यह बैठक शनिवार देर रात लगभग 45 मिनट तक चली। सूत्रों ने बताया कि बैठक में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान और प्रभावित किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता देने की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया गया। नेताओं ने इस मुद्दे पर तत्काल राहत पैकेज की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया। विकास और प्रशासनिक मामलों की समीक्षा इस बैठक में केवल कृषि संकट ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय और राज्य स्तर के नेताओं ने मिलकर आवश्यक कदमों और रणनीति पर चर्चा की। शिरडी का चयन और बैठक की रूपरेखा अमित शाह शनिवार रात अहिल्यानगर जिले के शिरडी पहुंचे। बैठक एक होटल में आयोजित की गई थी, जहां सभी नेता शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि हाल में हुई बेमौसम और अत्यधिक बारिश के कारण कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों में सरकारी मदद की मांग बढ़ गई है। किसानों के लिए राहत पैकेज की उम्मीद सूत्रों के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार जल्द ही किसानों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज घोषित कर सकती हैं। बैठक में सभी नेताओं ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता और फसलों की क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की।  

केंद्रीय गृह मंत्री शाह बोले – महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में लाई है नई रोशनी

महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ की बहनें बन रही हैं आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री श्री साय महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी : 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहुँचे 606.94 करोड़ रुपये रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना  छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में नई रोशनी लाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के अवसर पर माई दंतेश्वरी की धरती से राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करते हुए यह बात कही। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने तथा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से इस योजना को लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक आदर्श है। यह योजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के सतत विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव साबित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा का संचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में मिली यह सौगात हमारे प्रदेश की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज और परिवार में एक नई पहचान भी दिला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला सशक्त बने और विकास की यात्रा में बराबरी की भागीदार बने। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का साधन दिया है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल कही जाने वाली महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। इस योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक योजना की 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी थी। आज 20वीं किस्त जारी होने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गया है।

कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा, इसका मूल कारण नक्सलवाद है : अमित शाह

मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं 14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की अगर 140 करोड़ लोग स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करें तो हमारे भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले  अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है।  शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें।  शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है। गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे।  शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं।  शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें।  शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे।  शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।  अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें।  शाह ने साथ ही  चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।  अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।  अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी।  शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा … Read more

लालबाग मैदान में अमित शाह ने ग्रामीण बस सेवा शुरू की और महतारी वंदन योजना की नई किस्त जारी की

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जगदलपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। आज वह बस्तर दशहरा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंच चुके है। बस्तर दौरे की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और इसके बाद स्थानीय लोगों से संवाद किया। इसके पश्चात उन्होंने मूरिया दरबार में पारंपरिक प्रतिनिधियों मांझी, चालकी और गायता से भेंट की। अब वे लालबाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला पहुंचे हैं, जहां वे जनसमूह को संबोधित कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य की महिलाओं के खातों में बटन दबाकर ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। नई बस योजना की शुरुआत, 250 गांवों को जोड़ेगा मुख्यालय से इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया, जिसके तहत 250 गांवों को मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। मां दंतेश्वरी मंदिर में किये दर्शन केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इससे पहले मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना से की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद आमजनों से आत्मीय संवाद किया। अमित शाह ने जनता से सीधे संवाद कर यह संदेश दिया कि अब “बस्तर में भय नहीं, विश्वास है।” उन्होंने अपने संबोधन में इस विश्वास को 31 मार्च 2026 की उस डेडलाइन से जोड़ा, जब तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माई दंतेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं ने ‘मुंडा बजा’ गाकर किया स्वागत मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने बस्तर की पारंपरिक भक्ति धुन ‘मुंडा बजा’ गाकर गृह मंत्री का स्वागत किया। शाह ने मां दंतेश्वरी का विधिवत पूजन किया और बस्तर की लोक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने मूरिया दरबार में मांझी, चालकी और गायता जैसे पारंपरिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया।

बस्तर में अमित शाह की मौजूदगी, मुरिया दरबार में स्थानीय नेताओं के साथ की चर्चा

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जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जदगलपुर पहुंच चुके हैं। यहां उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने बस्तर के लोगों से बातचीत की। इसके बाद गृहमंत्री ने मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। इसके बाद यहां से सीधे पास स्थित सिराहसारा भवन में मुरिया दरबार में मांझी, चालकी, गायता, पे से मिलकर उन्हें संभोधित कर रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री मूरिया दरबार, लाल बाग में प्रदर्शनी का अवलोकन, बस्तर दशहरा लोकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी पहुंचे हैं। बता दें कि बस्तर दशहरे की ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार इस बार और भी विशेष होने जा रहा है। शाह ऐसे दौर में बस्तर आ रहे हैं, जब माओवाद के खात्मे का अंतिम अध्याय लिखा जा रहा है और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार क्षेत्र की संस्कृति व परंपराओं को नई पहचान देने में जुटी है। दरबार में वे 80 परगनाओं से आए मांझी-मुखियाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह पहला अवसर होगा जब कोई केंद्रीय गृहमंत्री इस पारंपरिक दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत करेगा। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरे की यह परंपरा 145 वर्षों से जारी है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। शाह की मौजूदगी इसे ऐतिहासिक बना रही है। माओवाद पर सख्त संदेश, जनजातीय समाज को प्राथमिकता अमित शाह जब से माओवाद के खात्मे के लिए 30 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय कर चुके हैं, तब से वे देश के इतिहास में सर्वाधिक बार बस्तर आने वाले गृहमंत्री बन गए हैं। बीते 22 महीनों में यह उनका छठा बस्तर दौरा होगा। हर बार उन्होंने माओवादियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि समर्पण ही एकमात्र रास्ता है, अन्यथा सुरक्षा बल सख्त जवाब देंगे। कई अवसरों पर वे माओवादियों को भाई कहकर भी संबोधित कर चुके हैं। बस्तर अब माओवाद मुक्त होने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में दशहरे के मौके पर शाह का प्रवास विशेष महत्व रखता है। इससे पहले 5 अप्रैल 2025 को वे दंतेवाड़ा में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ (मेला) में शामिल हुए थे और मंच से आदिवासी अस्मिता व संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प लिया था। इस बार वे उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सनातन आस्था और आदिवासी परंपरा के अद्वितीय संगम बस्तर दशहरा का हिस्सा बनेंगे। मुरिया विद्रोह से जुड़ी है परंपरा 1876 से पहले बस्तर दशहरे के दौरान मांझी-मुखिया और ग्रामीण राजमहल में ठहरते थे और राजा का दरबार लगता था। उसी दौरान अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और जंगल पर जनजातीय अधिकारों पर अंकुश के विरोध में झाड़ा सिरहा के नेतृत्व में मुरिया जनजाति ने ऐतिहासिक विद्रोह छेड़ा। 8 मार्च 1876 को सिरोंचा के डिप्टी कमिश्नर मैक जॉर्ज को आंदोलनकारियों के सामने झुकना पड़ा और राजस्व-प्रशासनिक सुधार लागू करने पड़े। यही विद्रोह जनजातीय एकता और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बना। इसके बाद से दशहरे के अवसर पर राजमहल के राजा दरबार की जगह झाड़ा सिरहा की गुड़ी में ‘मुरिया दरबार‘ लगने लगा। 1965 तक महाराजा स्व. प्रवीरचंद्र भंजदेव स्वयं इसकी अध्यक्षता करते रहे। बाद में यह परंपरा शासन-प्रशासन की उपस्थिति में जारी रही।