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MP Police: साइबर कार्रवाई, ठगों पर लगातार प्रहार

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MP Police Cyber ​​crackdown continuous attacks on thugs भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत और व्यापक अभियान के उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग, त्वरित रिस्पॉन्स, विशेषज्ञ साइबर टीमों की दक्षता के अंतर्गत सटीक कार्यवाही के परिणामस्वरूप केवल 10 दिनों में ही 18 लाख 80 हजार से अधिक राशि साइबर फ्रॉड पीड़ितों को सफलतापूर्वक वापस कराई गई है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता, पेशेवर तत्परता और नागरिक हितों के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।राज्य के विभिन्न जिलों में साइबर सेल एवं पुलिस इकाइयों की समन्वित कार्रवाइयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल अपराधियों तक तेजी से पहुँचती है, बल्कि पीड़ितों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। ये भी खबर पढ़े: https://publicsootr.com/iffi-award-2025-celebrating-actor-rajinikanth-50-year-career-starting-novembaer/ राशि पीड़ितों के खातों में देवास जिले की साइबर सेल ने हाल के दिनों में उत्कृष्ट दक्षता का परिचय देते हुए अनेक मामलों में त्वरित कार्रवाई की और कुल 9 लाख 54 हजार से अधिक राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। टीम ने नए से लेकर पुराने प्रकरणों तक में डिजिटल ट्रेल का अनुसरण करते हुए ठगी की राशि ट्रेस कर उसे सफलतापूर्वक रिकवर किया। फर्जी कॉल सेंटर थाना एरोड्रम पुलिस, इंदौर एवं जिला जींद (हरियाणा) की साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया। इस कार्रवाई में 37 एंड्रॉइड मोबाइल, 53 कीपैड मोबाइल, 5 लैपटॉप, 1 लाख 40 हजार 300 रुपए नगद, “Bharat Wedding & Community Matrimonial” की रसीद बुक्स, संदिग्ध चेकबुक्स, 30 रजिस्टर, 4 QR कोड व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। यह संयुक्त अभियान अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों पर प्रभावी प्रहार का उदाहरण है। डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा भोपाल में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए “डिजिटल अरेस्ट” के एक जटिल धोखाधड़ी प्रकरण को विफल किया। अपराधियों ने शमसुल हसन को फर्जी कॉल कर ATS पुणे के नाम पर धमकाते हुए तीन घंटे तक मानसिक दबाव में रखा था। परिवार द्वारा सूचना मिलते ही थाना कोहेफिजा पुलिस ने सक्रियता से मात्र चार घंटे में पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराया और संभावित वित्तीय नुकसान रोका। यह प्रकरण भोपाल पुलिस की संवेदनशीलता व तत्परता का सशक्त उदाहरण है। ये भी खबर पढ़े: https://publicsootr.com/fih-junior-hockey-world-cup-trophy-inspiration-for-young-players/ जनता से अपील साइबर सेल और थाना मऊगंज की संयुक्त टीम ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए ऑनलाइन ठगी के 6 लाख 57 हजार रुपए पीड़ित के खाते में वापस कराए। यह कार्रवाई समयबद्ध प्रयास और कुशल समन्वय का परिणाम रही। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से निरंतर सक्रिय है। सामान्य जनता से अपील की जाती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऑनलाइन लेनदेन संबंधी ठगी की जानकारी तत्काल सायबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में दें।

ATS की चार्जशीट में खुला राज: धर्मांतरण के लिए मिली विदेशी फंडिंग, छांगुर शामिल

लखनऊ  एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के मामले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, उसकी करीबी नीतू समेत छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसमें लिखा है कि छांगुर लखनऊ से मुम्बई तक अवैध धर्मांतरण करा रहा था। विदेशी फंडिंग के जरिए नीतू उर्फ परवीन और उसके पति नवीन रोहरा के खातों में करोड़ों रुपये जमा हुए। चार्जशीट में बलरामपुर की कोर्ट में कार्यरत राजेश उपाध्याय का नाम भी शामिल है। एसटीएफ ने पिछले साल छांगुर की करतूतों की जांच कर साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद छांगुर, बेटे महबूब, नवीन रोहरा, नवीन की पत्नी नीतू उर्फ परवीन, सबरोज, सहाबुद्दीन समेत कई को नामजद कराया था। यह एफआईआर एटीएस ने की थी। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर कई बड़े खुलासे हुए थे। ईडी ने भी छांगुर, नीतू और नवीन की कई सम्पत्तियां चिन्हित कर जब्त कर ली थी। एटीएस ने विवेचना में कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद छांगुर, नवीन, नीतू, सबरोज, महबूब, सहाबुद्दीन और राजेश उपाध्याय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कई अन्य के खिलाफ भी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी। तीन और आरोपियों की तलाश जारी है। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर का साम्राज्य कितना बड़ा? धर्मांतरण के खुलासे के बाद देश भर में चर्चा का विषय बने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के गिरोह ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्ति बनाई। धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा का साम्राज्य कितना बड़ा है? यह पता लगाने में जुटी पुलिस और प्रशासन को बाकायदा दस्तावेज मिले हैं। छांगुर गिरोह के साथ तीन हजार से अधिक लोग जुड़े होने के साक्ष्य मिले है पर इसमें करीब 400 लोग ऐसे है जो मुख्य रूप से इस गिरोह के लिए ही पिछले कई सालों से काम करते रहे। पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, नेपाल और सऊदी अरब से छांगुर को फंडिंग की जाती रही। पांच जुलाई से 31 जुलाई के बीच एटीएस, ईडी और बलरामपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में ऐसे ही कई तथ्य साक्ष्यों के साथ सामने आए है। छांगुर के धर्मांतरण गिरोह को लेकर शासन बेहद गम्भीर रहा। वह रोजाना जांच एजेन्सियों से प्रगति रिपोर्ट लेता रहा। शासन ने बलरामपुर पुलिस व प्रशासन के साथ ही एटीएस व एसटीएफ को भी जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।

यूपी में ATS की बड़ी सफलता: मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा के सहयोगियों को किया गिरफ्तार

लखनऊ यूपी एटीएस (अतिरिक्त पुलिस सेवा) ने मुजाहिदीन आर्मी नाम के सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड मोहम्मद रजा और उसके साथियों की खोजबीन जारी है। सोमवार को एटीएस की टीम ने छापेमारी कर मोहम्मद रजा से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ जारी है। मास्टरमाइंड ने भेजे थे 300 से ज्यादा भड़काऊ वीडियो एटीएस की जांच में पता चला है कि मोहम्मद रजा ने व्हाट्सएप के कई ग्रुप में 300 से अधिक भड़काऊ वीडियो भेजे थे। इन वीडियोज में लोगों को दूसरे धर्म के खिलाफ उकसाने का काम किया जा रहा था। साथ ही यह दिखाया जा रहा था कि कैसे एक संप्रदाय के लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं। वीडियो के अलावा मोहम्मद रजा ने कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी ग्रुप के सदस्यों को संबोधित किया था और उन्हें भड़काया था। साजिश का मकसद था हिंसक जिहाद से देश में शरिया सरकार बनाना एटीएस ने अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद हिंसक जिहाद कर देश में शरिया सरकार बनाना था। मोहम्मद रजा और उसके साथी युवकों को उकसाकर अलग-अलग जगह हिंसा भड़काना चाहते थे। 3 युवकों को हिरासत में लिया गया, पूछताछ जारी सोमवार को एटीएस ने मुजाहिदीन आर्मी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें तीन और युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी से एटीएस मुख्यालय पर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पता चला है कि ये युवकों ने कई बार मोहम्मद रजा से संपर्क किया था और उसके आदेश मानते थे। एटीएस ने कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिए दर्जनों नंबरों पर नजर रखी हुई है। इसके जरिए केरल और यूपी के अन्य शहरों में मोहम्मद रजा के संपर्क में रहने वालों की जानकारी जुटाई गई है। केरल में भी एटीएस की टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की है। वहीं, फतेहपुर में भी एटीएस की टीम ने हाल ही में छापेमारी की है। मोहम्मद रजा को जल्द लिया जा सकता है कस्टडी रिमांड पर मोहम्मद रजा को जल्द ही कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए एटीएस सोमवार को अदालत में अर्जी दे सकती है ताकि उससे लंबी पूछताछ की जा सके और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।