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बरेली से संजय सिंह का संदेश: तानाशाही के खिलाफ हमारी आवाज नहीं रुकेगी, पुलिस ने AAP नेताओं पर दबाव डाला

लखनऊ आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजधानी लखनऊ से बरेली जाने के लिए निकला तो कार्यालय गेट पर पुलिस से सामना हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें जाने से रोका। लेकिन, आप कार्यकर्ता जाने पर अड़े रहे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आप नेता नदीम अशरफ और सरबजीत मक्कड़ को हाउस अरेस्ट किया। जबकि, इमरान लतीफ को गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर रोक लिया गया। पार्टी नेताओं के बरेली जाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही पुलिस तैनात हो गई। दूसरी तरफ पूर्व विधायक दिलीप पांडेय अपने दिल्ली आवास से दोपहर 2 बजे बरेली के लिए निकलेंगे। हालांकि, उनको भी पुलिस जाने देगी, इसकी कम संभावना है। वहीं पार्टी ने इस मामले में प्रदेश सरकार की नीति को दमनकारी बताते हुए, आगे भी अपना विरोध जारी रखने की घोषणा की है। नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट-सजंय सिंह आप कार्यकर्ताओं को कार्यालय और घर में रोका गया तो सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 'न कोई आदेश है, न कोई कानून। यूपी पुलिस मनमानी तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना भी बंद कर रही है। बरेली के पीड़ितों से मिलने की भी इजाजत नहीं है। यहां नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट है।' सजंय सिंह ने आगे लिखा कि 'बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल और मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, अभिषेक सिंह को पुलिस ने बिना किसी आदेश के रोका है। तानाशाही के खिलाफ AAP की आवाज को रोका नहीं जा सकता है।'   पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका बताते चलें कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के बाद सूबे में सियासत जारी है। इसको लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आप के प्रतिनिधिमंडल के बरेली जाने का एलान किया था। तय समय के अनुसार 7 अक्तूबर को कार्यकर्ता निकले। लेकिन, गोमती नगर के विवेकखंड स्थित कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इससे पहले कानून व्यवस्था का हवाला देकर सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बरेली जाने से रोक दिया था।  

सपा नेताओं पर प्रशासन का शिकंजा: बरेली में एंट्री बैन, संभल में पुलिस मुस्तैद

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी। प्रशासन का आदेश बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। ‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’ समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.” उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है. बर्क के घर भी पुलिस तैनात बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है. सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं. बरेली में भी सपा नेता नजरबंद सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है. संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है. जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा  बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है.  माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

बरेली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम: ड्रोन से निगरानी, इंटरनेट पर लगी रोक

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले भर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती के साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है. यह कदम हाल की साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं और दशहरा उत्सव के मद्देनजर अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. गृह विभाग के एक आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह निलंबित रहेंगी. यह फैसला बरेली के जिलाधिकारी अवनीश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सिफारिश पर लिया गया, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें शांति भंग न करें. बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है, जहां दशहरा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. ड्रोन से भी निगरानी जिले को 250 जोन और सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जहां पुलिस, पीएसी और आरएएफ की टीमें तैनात हैं. सभी प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवान सतर्कता बरत रहे हैं. हवा में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से माहौल को बिगड़ने से पहले रोका जा सके.  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी की शांति की अपील देर रात अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़कों पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और शांति बनाए रखने का आह्वान किया. अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धार्मिक नेताओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की. आला हजरत संघ ने भी अपील जारी कर कहा है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जाए और उसके बाद तुरंत घर लौटा जाए. सलमान हसन खान, जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इमामों से फ्राइडे की खुतबे में सद्भाव की दुआओं का आग्रह किया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से उपजी हिंसा के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंदी लागू की गई थी. प्रशासन का मानना है कि ये उपाय किसी भी प्रकार की उकसावे वाली घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे. जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है.