Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

बरेली मामला — सात संदिग्धों की तलाश जारी; किसी के पास खबर हो तो मिल सकता है 15 हजार का इनाम

बरेली  उत्तर प्रदेश पुलिस ने इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के नेता तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर 15-15 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है. ये सभी पिछले महीने 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर को लेकर भड़की हिंसा के सिलसिले में फरार हैं. बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने रविवार को बताया कि 26 सितंबर को भड़की हिंसा के बाद दर्ज की गई एफआईआर में सात लोगों के नाम हैं. वांछित सूची में शामिल लोगों में इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के युवा जिला अध्यक्ष साजिद सकलानी, शहर युवा अध्यक्ष अल्तमस राजा, अफजल बेग, नायाब उर्फ ​​निम्मा, बबलू खान, नदीम और अदनान सकलानी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, साजिद और अल्तमस बारादरी थाने में दर्ज मामलों में वांछित हैं, जबकि अफ़ज़ल बेग किला और बारादरी थानों में दर्ज मामलों में वांछित है. पुलिस ने बताया कि नायाब उर्फ़ निम्मा और बबलू खान बारादरी थाने में हिस्ट्रीशीटर के रूप में सूचीबद्ध हैं, जबकि नदीम पर सामूहिक बलात्कार का भी आरोप है. पुलिस ने पीटीआई को बताया कि अदनान सकलानी ने कथित तौर पर युवकों को हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाया था. एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. पुलिस अफसर ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी. आपको बता दें कि यह विवाद 9 सितंबर को तब शुरू हुआ जब कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को एक धार्मिक जुलूस के दौरान 'आई लव मुहम्मद' लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. बरेली में 26 सितंबर को उस वक्त तनाव फैल गया, जब 'आई लव मुहम्मद' पोस्टरों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन रद्द होने के बाद शुक्रवार की नमाज के बाद शहर के मध्य में स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब पुलिस ने खलील तिराहे पर भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो झड़पें शुरू हो गईं. पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया. झड़पों में कई लोग घायल हो गए थे. पुलिस जांच में बाद में पता चला कि आईएमसी के कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में दंगे भड़काने की कथित तौर पर साजिश रची थी. पुलिस ने अब तक इस मामले में 80 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान, राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता नफ़ीस, पूर्व ज़िला अध्यक्ष नदीम खान, सोशल मीडिया प्रभारी फरहत खान, शहर अध्यक्ष अनीस सकलानी, संस्थापक सदस्य मोइन सिद्दीकी, पूर्व ज़िला अध्यक्ष मुनीर इदरीशी और ज़िला अध्यक्ष शमसाद शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के सिलसिले में कोतवाली, कैंट, बारादरी, प्रेमनगर और किला थानों में दस एफआईआर दर्ज की गईं हैं, जिनमें 125 लोगों को नामज़द किया गया और लगभग 3,000 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी

4a 172.jpg

बरेली में अब अमन-चैन, विपक्षी नेता सिर्फ माहौल बिगाड़ना चाहते हैंः जेपीएस राठौर  विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी बरेली जाकर माहौल खराब कर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं विपक्षी सांसद और नेताः राठौर   कहाः ‘सर तन से जुदा’ के नारे और हिंसा के बाद पुलिस ने लिया उचित एक्शन  पुलिस ने ससमय कार्रवाई कर उपद्रव फैलाने की साजिश नाकाम कीः मंत्री   लखनऊ योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा है कि बरेली में अब पूरी तरह अमन और चैन है, पुलिस ने जिस तरह से ससमय कार्रवाई की, उसने उपद्रव फैलाने की हर साजिश को विफल कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो भी विपक्षी सांसद या नेता बरेली जाने की बात कर रहे हैं, वे सिर्फ माहौल खराब करने की साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। सरकार किसी को भी बरेली का अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद और नेता अब बरेली जाकर उन्हीं उपद्रवियों के लिए आंसू बहाने की तैयारी में हैं, जिन्होंने पुलिस और निर्दोष लोगों की जान लेने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि वे किसके लिए बरेली जा रहे हैं, उन लोगों के लिए जिन्होंने कानून तोड़ा, पत्थर फेंके और पुलिस पर हमला किया? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ, केवल कानून तोड़ने वालों को जेल भेजा गया है।  कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा राठौर ने कहा कि विपक्षी दलों को लगा था कि बरेली आग में झुलसेगा और उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की लाशों पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, अब जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है। जो पहले संविधान की दुहाई देते थे, वही आज संविधान तोड़ने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति साफ है,“कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि बरेली के लोग शांति और सद्भाव के साथ अपने घरों में अमन चैन से हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बाहरी ताकत उस माहौल को खराब न कर सके। वर्तमान में बरेली में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बाजार खुले हैं, यातायात सामान्य है और पुलिस सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरा माहौल पूर्णतः शांत हो जाएगा। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया राज्य मंत्री राठौर ने बताया कि जिस तरह से कुछ लोगों ने रातों-रात माहौल को भड़काने की कोशिश की, उसमें मुख्य रूप से तौकीर रजा और उनके समर्थकों का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रशासन उनसे बातचीत करता रहा, लेकिन रात करीब 11 बजे एक लेटर वायरल किया गया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन नहीं होगा, जुलूस नहीं निकलेगा। फिर देर रात डेढ़ बजे दावा किया गया कि पत्र फर्जी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और ‘आई लव मुहम्मद’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने लगे। राठौर ने कहा कि इसके बाद उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया, जिससे किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हालात और बिगड़ सकते थे। पुलिस ने उपद्रवियों को रोका, निर्दोषों की जान बचाई उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में ऐसे ही अराजक तत्व शहरों को जलाने का काम करते थे। 2010 में बरेली में महीनों कर्फ्यू जलता रहा था, लेकिन आज हमारी सरकार में ऐसी अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। जो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार में शांति और कानून सर्वोपरि है। जेपीएस राठौर ने बताया कि उपद्रवियों के पास से पेट्रोल बम, असलहा और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने पहले से घरों में जमा कर रखा था, ताकि पुलिस और निर्दोष लोगों पर हमला किया जा सके, लेकिन पुलिस ने न केवल उपद्रवियों को रोका बल्कि आम नागरिकों की जान भी बचाई।