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Aastha Pandey

Writer News & Blogger

एआईसीटीई की नई मंजूरी प्रक्रिया: 2026–27 में खुलेंगे नए इंजीनियरिंग कॉलेज

College

आईसीटीई ने 2026–27 शैक्षणिक सत्र के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है, जिसके तहत देशभर में नए मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना का रास्ता खोल दिया गया है। तकनीकी शिक्षा में तेजी से बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिषद ने 28 नवंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस बार न सिर्फ नए कॉलेजों को अवसर मिलेगा, बल्कि पुराने संस्थानों को भी अपनी स्वीकृति बढ़ाने या नए कोर्स जोड़ने का मौका दिया जाएगा। नए कॉलेज खोलने व मंजूरी की प्रक्रिया शुरू एआईसीटीई ने 2026-27 सत्र के लिए नए तकनीकी संस्थान (इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कंप्यूटर एप्लीकेशन आदि) खोलने व पुरानी संस्थाओं की मंजूरी (renewal) का आवेदन आमंत्रित किया है। आवेदन प्रक्रिया 28 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है। संस्थानों को आवेदन करने के लिए National Single Window System (NSWS) पोर्टल का उपयोग करना होगा। नए कॉलेज खोलने वाले संस्थानों की समय-सीमा 28 नवंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 है। पुराने कॉलेजों के लिए renewal/application की तिथि अलग-अलग ये खबर भी पढ़े…NEET PG में नया सीट चार्ट – हाई कोर्ट की सख्ती के बाद बदला हुआ फैसला इंदौर में क्या बदलने की तैयारी है? खबर के अनुसार, आप जिस तरह बता रहे थे — यानी इंदौर में लगभग 76 मैनेजमेंट कॉलेज पहले से हैं — अब एआईसीटीई की इस नई प्रक्रिया के चलते 2 और मैनेजमेंट कॉलेज और 1 नया इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू हो सकते हैं। इसके लिए संस्थानों को एआईसीटीई से पूरी मंजूरी लेनी होगी — यानी partial approval नहीं, बल्कि हर कोर्स और संस्था के लिए पूरी मंजूरी अनिवार्य होगी। ये खबर भी पढ़े…डिज़ाइन + टेक्नोलॉजी: कैसे बन रहा है UI/UX, VFX और XR में भविष्य का सबसे स्मार्ट करियर? एआईसीटीई के नए नियम इससे पहले कुछ संस्थान इन पाठ्यक्रमों को बिना कठोर मानकों के चला रहे थे; अब उनकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, अन्य गुणवत्ता मानकों के आधार पर समीक्षा होगी। ये खबर भी पढ़े…JEE Main 2026: अगर नियम तोड़े-3 साल तक होगी परीक्षा से बैन 📈 Intake (छात्र संख्‍या) पर पहले की पाबंदी हटाई एआईसीटीई ने 2024 से उन “well-performing” इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए छात्रों की intake पर लगी सीमा (cap) हटा दी है। अब इनमें एक साथ तीन साल की मंजूरी दी जा सकती है। मतलब, यदि कॉलेज infrastructural क्षमता और गुणवत्ता बनाए रखे, तो seats बढ़ाई जा सकती हैं। इससे इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने की गुंजाइश है। 🖥️ ऑनलाइन एवं ओपन कोर्सेस की मंजूरी जरूरी इस स्थिति में नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने से पहले यह देखना होगा कि वे स्थाई रूप से कामयाब रह सकेंगे या नहीं — तभी मान्यता मिलना संभव है। एआईसीटीई की नई पॉलिसी इसी की ओर इशारा करती है। छात्रों और अभिभावकों को क्या जानना चाहिए यदि आप 12वीं पास हैं और मैनेजमेंट, BBA/BCA या इंजीनियरिंग में दाखिला लेना चाहते हैं – ध्यान रखें कि अब कॉलेजों को एआईसीटीई से मान्यता मिलनी चाहिए। बिना मान्यता वाला कॉलेज चुनना जोखिम भरा हो सकता है। 1.नए कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू है — इसलिए इस समय भाईचारे (campus), फैकल्टी स्ट्रेंगटी 2.इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेसमेंट रिकार्ड्स आदि देखने पर ज़्यादा ध्यान दें। 3.यह भी देख लें कि कॉलेज ने NSWS पोर्टल पर आवेदन किया है या स्वीकृति पायी है — ताकि भविष्य में डिग्री व मान्यता से संबंधित दिक्कत न आए। 4.साथ में, यह भी ध्यान रखें कि निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों का ट्रैक रिकॉर्ड अब उतना मजबूत नहीं है — इसलिए विकल्पों को समझ-समझकर चुनें। FAQs Q1. क्या अब BBA / BCA कॉलेजों को भी एआईसीटीई से मंजूरी लेनी जरूरी है?हाँ. 2025–26 से, BBA, BCA तथा अन्य मैनेजमेंट/कंप्यूटर एप्लीकेशन पाठ्यक्रम अब एआईसीटीई के अंतर्गत आए हैं। किसी भी कॉलेज को ये पाठ्यक्रम चलाने के लिए एआईसीटीई स्वीकृति (approval) लेना जरूरी है। Q2. नए इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट कॉलेज खोलने के लिए आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी?संस्था को 28 नवंबर 2025 से शुरू हुए ऑनलाइन NSWS पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद एआईसीटीई एप्रूवल प्रक्रिया (inspection, infrastructure, faculty आदि) के आधार पर मंजूरी देगा। नए संस्थानों के लिए अंतिम तिथि 12 जनवरी 2026 है। Q3. मध्यप्रदेश में इतने कॉलेज बंद क्यों हो रहे हैं — फिर भी नए कॉलेज खोलने की अनुमति क्यों दी जा रही है?पिछले दशक में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की संख्या कम हुई है और 126 कॉलेज बंद हुए हैं।