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जिस आंदोलन को लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा माफिया, अपराधियों व गुंडों का जमावड़ा बन गई हैः मुख्यमंत्री

सीएम ने बच्चों का किया अन्नप्राशन,  प्रदर्शनी का किया अवलोकन यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों की नाक रगड़ती हैः योगी जालौन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन की धरती पर समाजवादी पार्टी और उनके नेताओं को खूब धोया। सपा मुखिया अखिलेश यादव उनके निशाने पर रहे। सीएम ने बताया कि आज सपा मुखिया के बयान को पढ़ रहा था, उन्हें भारत के सामाजिक न्याय के पुरोधाओं और संत परंपरा में सांप्रदायिकता दिखती है और दंगाइयों में शांति के दूत नजर आते हैं, लेकिन डबल इंजन सरकार ने दंगा-फसाद करने वाले शांति के कथित दूतों, बेटियों व व्यापारी के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा करने वालों की जगह बता दी है। यह भी तय कर दिया गया है कि दंगा और दंगाई, अपराध-अपराधियों के साथ खड़े होने वालों की जगह कहां होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को 1900 करोड़ से अधिक की 305 विकास परियोजनाओं की सौगात जालौनवासियों को दी। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया। सीएम ने दीपावली से पहले इन योजनाओं के लिए जालौन वासियों को शुभकामनाएं दीं। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाती है सीएम ने कहा कि प्रदेश में त्योहार चल रहे हैं। कुछ लोगों को गलतफहमी हुई। उन्हें लगा कि जैसे सपा सरकार के समय उनके द्वारा उत्सव-त्योहारों के पहले दंगा किया जाता था, हिंदुओं के उत्साह पर पानी फेरने का कार्य होता था, यही कार्य वे अब भी कर लेंगे, लेकिन वे भूल गए कि यह भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। यह सरकार दंगाइयों के सामने नाक नहीं रगड़ती, बल्कि दंगाइयों को नाक रगड़वाकर त्योहारों के उत्साह को सुरक्षा व सम्मान के साथ आगे बढ़ाती है। 2017 के पहले त्योहारों में दंगाई उत्साह को भंग करते थे। सपा के नेता कहते थे- लड़के हैं, गलती कर देते हैं सीएम ने कहा कि सपा को सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक अच्छे नहीं लगते थे। वे इन्हें तोड़ने की बात करती थी। समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आते ही सामाजिक न्याय व दलित उत्थान से जुड़े महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों को समाप्त करने की घोषणा की थी। समाजवादी पार्टी ने 2012 में सत्ता में आते ही प्रदेश में एक जनपद, एक माफिया पैदा करके अराजकता फैलाना प्रारंभ कर दिया था। यह लोग नौजवानों के रोजगार पर डकैती और बेटी की सुरक्षा पर सेंध लगाते थे। उस समय इनके नेता कहते थे कि लड़के हैं, गलती कर देते हैं। जिस समाजवादी आंदोलन को लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज माफिया, अपराधियों व गुंडों का जमावड़ा बन गई है जिस समाजवादी आंदोलन को डॉ. राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, जनेश्वर मिश्र,  मोहन सिंह जैसे चिंतकों ने ऊंचाई दी थी, वह सपा आज गुंडे, पेशेवर माफिया व अपराधियों का जमावड़ा बन गई है। 2017 के पहले भी लोग कहते थे कि देख सपाई, बिटिया घबराई। यह भी कहते थे कि जिस गाड़ी में सपा का झंडा,  देखो होगा सपा का गुंडा। यह लोग गरीबों को लूट रहे थे। राशन, मकान, शौचालय, राहत कार्य, विकास, रोजगार नहीं मिल रहा था। डबल इंजन सरकार को आपने समर्थन दिया तो प्रदेश में गरीब उत्थान के अनेक कार्य हुए। सीएम ने डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं के आंकड़े भी गिनाए। एमएसएमई में दो करोड़ से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ तो बड़े निवेश के माध्यम से 60 लाख नौजवानों को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिली है। सपा की गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए, बंटेंगे तो कटेंगे- एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे सीएम ने फिर कहा कि किसी किसान, गरीब, वंचित, कमजोर, बेटी, किसान, व्यापारी का शोषण- अत्याचार किया तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। जिस सपा ने पहचान का संकट दिया था। अराजकता का माहौल पैदा किया था। उसकी गुंडागर्दी की हरकतों से सावधान होइए। यह लोग जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। आपस में लड़ाने की चेष्टा करते हैं। इनकी मंशा सफल न होने दीजिए। सीएम ने दोहराया- बंटेगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। जातिवादी मानसिकता के लोगों के चक्कर में नहीं पड़ना है। अन्याय-अत्याचारियों के खिलाफ लड़ना है। यहां के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे जालौन ऋषि जलवान की पावन साधना स्थली और भगवान वेदव्यास की पावन स्थली है। इसका पौराणिक महत्व है। फिरंगियों के दांत खट्टे करने में कालपी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। कालपी के हस्तशिल्पियों द्वारा हैंडमेड कागज जनपद को नई पहचान दिलाती है। ओडीओपी के माध्यम से हमने उसे अलग पहचान दिया है। जालौन की विशेषता है कि यहां पांच नदियां (यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी व पहूज) पंचनदा के रूप में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जालौन जनपद के बीच से निकली है तो पंचनदा का प्रोजेक्ट भी बनाकर जालौन जनपद के लहलहाते खेतों को सबसे उर्वरा भूमि के रूप में बदलेंगे। सीएम ने नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने सम-विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए विकास के साथ सोच रखने वाले जनप्रतिनिधियों को विजयी बनाने में योगदान दिया। उन्हीं जनप्रतिनिधियों के परिश्रम के कारण 1900 करोड़ की परियोजना जालौन को उपहार के रूप में प्राप्त हो रही है। सुरक्षा, संरक्षण, खुशहाली व रोजगार के लिए संकल्पित है प्रदेश सरकार सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सरकार विकास, रोजगार, सुरक्षा व स्वावलंबन लेकर आती है। आज भाजपा की डबल इंजन की सरकार है। किसी ने बेटी की सुरक्षा पर सेंध और गरीब की जमीन पर कब्जे का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमदूत उसका इंतजार कर रहा होगा। अराजकता फैलाने या त्योहारों के रंग में भंग डाला तो ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने के लिए पुलिस की जीरो टालरेंस की नीति कार्य कर रही है। अब प्रदेश में माफिया, अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बेटी की सुरक्षा, व्यापारी का संरक्षण, किसानों की खुशहाली, नौजवानों को रोजगार देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित है। जिन लोगों ने यूपी को बीमारू बनाया था, उनकी मानसिकता बीमार थी सीएम ने कहा कि विकास के पैमाने पर यूपी नए प्रतिमान को स्थापित करता दिखाई दे रहा है। … Read more

स्वदेशी मेलों का आगाज़: गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी करेंगे औपचारिक शुभारंभ

  शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन, सुगमता से पहुंच सकेंगे आमजन प्रदेशभर में जनपद स्तर पर हो रहा स्वदेशी मेलों का आयोजन, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग विभाग की योजनाओं को मिल रहा व्यापक मंच जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाए जाएंगे मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं की भागीदारी से बढ़ेगी उत्सव की गरिमा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से स्वदेशी मेले का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना, उद्योगों को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। हालांकि, कई जनपदों में गुरुवार को ही स्वदेशी मेले की अनौपचारिक शुरुआत हो गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुक्रवार को की जाएगी। दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है, ताकि आम जनता सुगमता से पहुंच सके और सक्रिय रूप से सहभागिता कर सके। उल्लेखनीय है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के अंतर्गत जनपद स्तर पर स्वदेशी मेलों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोजन के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनपद प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जनपद के उपायुक्त उद्योग नोडल अधिकारी के रूप में मेले की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए मेले की गरिमा एवं गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं। उपलब्ध कराए गए निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेला में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाईयों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य उत्पादकों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में उपलब्ध कराए गए जन उपयोगी योजनाओं/कार्यक्रमों के स्टॉल भी लगवाए गए हैं। मेले में वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य रूप से किया गया है। स्वदेशी मेले बनेंगे जीएसटी बचत उत्सव का आधार स्वदेशी मेले को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा की गई जीएसटी दरों में कमी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे दीपावली और अन्य अवसरों पर अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकें। कार्यक्रम को उल्लासपूर्ण और रोचक बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, विभिन्न शैक्षिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को मिलेगा मंच इन मेलों में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में सजने वाले ये मेले दिवाली के पूर्व “वोकल फॉर लोकल” अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग एवं बाजार से सीधा जुड़ाव दिलाना है।

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार गोबर के पेंट का सरकारी भवनों में किया जाए उपयोग: सीएम

 झांसी जनपद झांसी के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कन्वेंशन सेंटर में स्थानीय अफसरों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बुंदेलखंड के विकास की परियोजनाओं को लेकर सीएम ने खास तौर पर अफसरों से जानकारी ली। सीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति का ब्यौरा सीएम के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने पेयजल से संबंधित परियोजनाओं को पूर्ण करने में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बीडा के अंतर्गत जमीन आवंटन कराने वाले निवेशक तीन वर्षों के भीतर निवेश की प्रक्रिया शुरू करें, इस बात को सुनिश्चित किया जाए। जमीनों के लिए प्रस्ताव आने से पूर्व भूमि अधिग्रहीत कर ली जाए। युवाओं के स्वावलंबन के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे इस क्षेत्र में लगने वाले उद्योगों में उन्हें नौकरी मिल सके। सीएम ने निर्देश दिए कि माफिया के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्ती से कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अधिकारी बैठक करें। जन प्रतिनिधियों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। मिशन शक्ति के अंतर्गत स्कूल जाने वाली बालिकाओं के साथ संवाद करने और उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटना को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अधिक से अधिक फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने निर्देश दिए कि एक करोड़ से अधिक की धनराशि वाली विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाए जो नियमित रूप से निरीक्षण करें। जनपद के समस्त किसानों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई तत्काल कराने और अनुदान राशि खातों में ट्रांसफर किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए गोबर से बने पेंट से जनपद के सभी सरकारी भवनों को पेंट कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी सरकारी भवनों में गोबर से बने पेंट का उपयोग किए जाने का भी निर्देश दिया। सीएम ने जनपद में तुलसी उत्पादन से जुड़े किसानों को लाभान्वित करने के लिए अफसरों को उन्हें प्रेरित करने को कहा। सीएम ने कहा कि तुलसी के उत्पादन को स्थानीय वैद्यनाथ फर्म से जोड़ा जाए, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही सीएम ने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में जन प्रतिनिधियों को अधिक से अधिक मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य, सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, मऊरानीपुर विधायक डॉ रश्मि आर्य, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, एमएलसी डॉ बाबू लाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, झांसी मंडल के कमिश्नर बिमल कुमार दुबे, डीआईजी आकाश कुलहरि, डीएम मृदुल चौधरी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की, जोनल अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद

जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ से बाजार में तेजी, आने वाले महीनों में दिखेगा सकारात्मक असर: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, धनतेरस व दीपावली पर अनावश्यक छापेमारी या जांच से बचें सितम्बर तक राज्य कर विभाग को ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति बोगस फर्मों व फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई जारी, अब तक ₹873.48 करोड़ के फर्जी दावे पकड़े गए लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य कर विभाग में तैनाती का आधार केवल ‘परफॉर्मेंस’ होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में वही अधिकारी तैनात किए जाएं जो लक्ष्य प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्ध हों और जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो। मुख्यमंत्री रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ के बाद बाजार में तेजी देखी जा रही है और आने वाले महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि धनतेरस और दीपावली के अवसरों पर अनावश्यक जांच अथवा छापेमारी की कार्रवाई से बचा जाए। व्यापारियों और उद्यमियों के उत्पीड़न की शिकायत कहीं से भी नहीं आनी चाहिए। बैठक के दौरान जोनवार समीक्षा में अवगत कराया गया कि बरेली (64.2%), सहारनपुर (63.7%), मेरठ (63.0%), गोरखपुर (62.5%) और झांसी (62.1%) जैसे जोनों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं कुछ जोनों में लक्ष्य पूर्ति 55 से 58 प्रतिशत के बीच रही, जहां सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी प्रथम व द्वितीय, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ प्रथम व द्वितीय, कानपुर प्रथम व द्वितीय, इटावा, झांसी, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद प्रथम व द्वितीय, गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर सहित सभी जोनों की संभागवार और खंडवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों से कहा कि 50 प्रतिशत से कम राजस्व संग्रह वाले खंडों की स्थिति का कारण स्पष्ट करें और सुधार की कार्ययोजना तत्काल तैयार करें। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50 प्रतिशत से कम संग्रह वाला नहीं है, जो संतोषजनक है। वहीं, असंतोषजनक प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति का संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मार्केट मैपिंग करें, सामान्य रूप से बाजार में जाएं, व्यापारियों से मिलें और उनकी अपेक्षाओं को समझें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मंडी शुल्क में कमी से किसानों को राहत और राजस्व में वृद्धि दोनों हुई हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली हमेशा लाभकारी होती है। उन्होंने व्यापारियों से संवाद बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय से रिटर्न फाइल कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितम्बर माह तक राज्य कर विभाग को कुल ₹55,000 करोड़ की प्राप्ति हुई है। इसमें ₹40,000 करोड़ जीएसटी तथा ₹15,000 करोड़ वैट/नॉन-जीएसटी से प्राप्त हुए हैं। गत वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹55,136.29 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य कर विभाग को ₹1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1,56,982 करोड़ की तुलना में लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देना चाहिए और इसके लिए नियोजित प्रयास किए जाएं। बैठक में बोगस फर्मों और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों पर विशेष चर्चा हुई। विभाग द्वारा अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की गई है, जिन पर जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी सर्वोपरि है। जहां कमी दिखाई दे, वहां कारणों की समीक्षा कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बकाया वसूली, फर्जी आईटीसी की रोकथाम और लंबित जीएसटी/वैट मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं की सुविधा और विश्वास अर्जन ही स्थायी राजस्व वृद्धि का आधार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि करदाता-मित्रवत वातावरण तैयार करते हुए ई-गवर्नेंस प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “राजस्व वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार है। विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि कर संग्रह का प्रत्येक रुपया प्रदेश के विकास में योगदान दे।” उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राजस्व सृजन की गति और पारदर्शिता, दोनों पर समान ध्यान देने तथा करदाता जनसहजता बढ़ाने के निर्देश दिए।