Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

दीवाली से पहले खुशखबरी! CM योगी ने लॉन्च की 1317 करोड़ की विकास परियोजनाएं

उरई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 507 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और 1,317 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान नून नदी पर बनी साढ़े तीन मिनट की लघु फिल्म मंच पर दिखाई जा रही है। मुख्यमंत्री गुरुवार अपराह्न 3.10 मिनट पर हेलीकाप्टर से उरई पहुंचे और पुलिस लाइन में उनका हेलीकाप्टर उतरा, वहां से शहर के इंदिरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कार से पहुंचे। उनके द्वारा जनपद में 1824 करोड़ 57 लाख की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।   165 परियोजनाओं का किया लोकार्पण  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की 165 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। यह परियोजनाएं 507 करोड़ 57 लाख की लागत से तैयार हुई हैं। इसमें ग्राम्य विकास विभाग की ओर से तीन, राज्य सेतु निगम से पांच, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन से दो परियोजनाओं को तैयार कराया गया है। लोक निर्माण विभाग की 23, जल निगम ग्रामीण की 12, पुलिस आवास की दो, ग्रामीण अभियंत्रण की 18, आवास एवं विकास परिषद की 25, राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, यूपीपीसीएल की 14, राज्य पर्यटन विकास निगम की पांच, परियोजना अधिकारी डूडा की 20, प्रदेश राज्य निर्माण की एक, लघु सिंचाई की नौ, नगरपालिका उरई की 12, नगरपालिका जालौन की चार, नगर पंचायत कोटरा की तीन, नगरपालिका कालपी की चार परियोजनाएं शामिल हैं। जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास  मुख्यमंत्री की ओर से जनपद की करीब 140 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह 1317 करोड़ की लागत की परियोजनाएं हैं। इसमें पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन की चार परियोजनाएं, जलनिगम नगरीय की दस, लोक निर्माण विभाग की 27, यूपीपीसीएल की सात, आवास एवं विकास परिषद की 21, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की दो, यूपी सिडको की सात, प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ की तीन, राजकीय निर्माण विभाग की एक, सीएंडडीएस की एक, नगरपंचायत कोटरा की 12, लघु सिंचाई की 11, नगरपालिका उरई की 24, नगरपालिका जालौन की चार, नगरपालिका कालपी की एक, डूडा की चार, नगरपंचायत एट की एक परियोजना शामिल है।  

युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त, योगी सरकार ने दी तकनीकी शिक्षा को नई दिशा

सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का हुआ भूमि पूजन एवं शिलान्यास टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक संस्थान, युवाओं को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की दूरदर्शी सोच और विशेष प्रेरणा से बुधवार को जनपद मुजफ्फरनगर में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। इस पहल के तहत जनपद में सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT) का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस पहल ने प्रदेश में रोजगारपरक शिक्षा को नई गति दी है और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त किया है। शारदेन स्कूल में हुआ भव्य आयोजन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने “सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (CIIIT)” का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुए इस धार्मिक और औपचारिक समारोह ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। शिलान्यास कार्यक्रम शारदेन स्कूल, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में आयोजित हुआ। भूमि पूजन के बाद राज्यमंत्री और मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने वृक्षारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनेगा अत्याधुनिक CIIIT संस्थान कार्यक्रम में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे के विशेषज्ञ अधिकारियों ने सीआईआईआईटी परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान युवाओं को ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में प्रशिक्षण देगा। 226.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मुजफ्फरनगर के पास 10,000 वर्ग मीटर भूमि पर स्थापित होगा। जिलाधिकारी की देखरेख में भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है और निर्माण कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। रोजगारपरक शिक्षा से आत्मनिर्भर होंगे युवा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी शिक्षा और रोजगार शक्ति के रूप में स्थापित होगा। आईटीआई प्रशिक्षार्थियों को मिला सम्मान राज्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मण्डलायुक्त और निदेशक ने प्रदेश के 21 आईटीआई संस्थानों के श्रेष्ठ प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। युवाओं के कौशल और परिश्रम की सराहना की गई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। समारोह में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम (IAS), मण्डलायुक्त अटल कुमार राय (IAS), निदेशक अभिषेक सिंह (IAS), जिलाधिकारी उमेश मिश्रा (IAS), मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण (IAS) तथा टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड, पुणे से यतेन्द्र कुमार और श्री रजनीकांत उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सपा पर हमलावर रहे सीएम, बोले- इनके चेहरे दोहरे, यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं

सफाई कर्मचारी के साथ अप्रिय घटना पर 35-40 लाख देने की करेंगे व्यवस्था: सीएम योगी महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  बोले-आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा, आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं महर्षि वाल्मीकिः सीएम योगी  स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विदेशियों से कहा-तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारी चरित्र से राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं कियाः योगी सीएम की वाल्मीकि समाज से अपील- बच्चों को पढ़ाइए, स्कूल भेजिए, वे योग्य होंगे तो समाज में नेतृत्व प्रदान करेंगे सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी देने वालों से भाजपा ने कहा था कि यूपी की जनता तुम्हें तोड़कर रख देगीः मुख्यमंत्री   सपा पर हमलावर रहे सीएम,  बोले- इनके चेहरे दोहरे, यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं समाजवादी पार्टी के गुंडे लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे, हमने कहा कि गुंडों का नाम नोट करो, इनके बाप-दादाओं ने जो प्रॉपर्टी जमा की है, उसे आश्रम के नाम पर करवा डालोः योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि समाज के लोगों से कहा कि आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा है। आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान है। सीएम ने इस दौरान उन्हें खुशखबरी भी दी और कहा कि अभी बड़ा कार्य करने जा रहे हैं। सफाई, संविदा कर्मचारी को अब आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं, बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे अकाउंट में पैसा देगा। स्वच्छता कर्मियों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का कवर भी देंगे। जब अकाउंट में कॉरपोरेशन से पैसा आएगा तो यह व्यवस्था करेंगे कि दुर्भाग्य से किसी सफाई कर्मचारी के साथ घटना-दुर्घटना हुई या वह आपदा की चपेट में आ गया तो बैंक से बात करेंगे कि बैंक के माध्यम से 35-40 लाख रुपये देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। यूपी के 80 हजार होमगार्ड को यह कवर दे दिया गया है। अब सफाई कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ने जा रहे हैं।  सीएम योगी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए। सीएम ने भगवान वाल्मीकि की जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। कार्यक्रम में लघु फिल्म भी दिखाई गई।  चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं। तप और साधना से तपे हुए ऋषि को जब लेखनी चलानी थी, तब लोककल्याण व मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने और नई कृति की रचना के लिए उन्होंने हजारों वर्ष पहले देवर्षि नारद से प्रश्न किया कि चरित्र से युक्त कौन ऐसा व्यक्ति है, जिसके बारे में मैं कुछ लिख सकूं, क्योंकि महर्षि वाल्मीकि जानते थे कि चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है। स्वामी विवेकानंद जब शिकागो की धर्मसभा में गए तो उनकी वेशभूषा देख विदेशी हंस रहे थे। तब उन्होंने कहा कि तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारे देश और हमारी पहचान चरित्र से बनती है। हमारे लिए चरित्र महान है।  भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है मानव समाज सीएम योगी ने कहा कि वाल्मीकि रामायण लिखते समय उन्होंने पूरी कथा को राम पर आधारित किया। उन्होंने यह भी बताया कि राम को क्यों आधार बनाया, क्योंकि राम ही साक्षात धर्म हैं। मानव समाज भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है। जब भी किसी भारतीय के मन में संदेह पैदा होता है तो महर्षि वाल्मीकि ने हर स्थिति में जो आदर्श रखा, वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम का था। उन्होंने राम के चरित्र को दिया, जो हर काल, देश, परिस्थिति में प्रासंगिक है। भाई-भाई, पिता-पुत्र, मां-बेटे, राजा-प्रजा में क्या रिश्ते होने चाहिए, उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम कहकर यह भाव भरा। राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं किया।  भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि की फोटो लगाकर आज हर देव मंदिर में अखंड रामायण पाठ चल रहा है। सीएम ने अपील की कि महर्षि वाल्मीकि का चित्र हर भारतीय के घर में होना चाहिए। भारत का हर कथावाचक सबसे पहली वंदना भगवान वाल्मीकि की करते हैं। वह जिस पीठ पर बैठते हैं, वह सबसे पवित्र व्यास पीठ कही जाती है। भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का मार्गदर्शन किया। रामायण कालखंड में महर्षि वाल्मीकि, महाभारत कालखंड में महर्षि वेदव्यास, मध्यकाल में सद्गुरु रविदास और देश जब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो बाबा साहेब समाज का मार्गदर्शन करते दिखाई देते थे। सभी की दृष्टि एक है। पीएम मोदी इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत, सबका साथ और सबका विकास कहते हैं। सीएम ने कहा कि रामराज्य वही है, जहां जाति, मजहब, संप्रदाय के नाम पर भेदभाव न हो। आज यही कार्य भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है। वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमलावर रहे सीएम  मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राम को गाली देते हैं, वे भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं। भगवान वाल्मीकि का अपमान करने वाले भगवान राम का भी अपमान करते हैं। उन्होंने वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमला किया। सीएम ने कहा कि 2012 में जब सपा सरकार आई थी तो सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी दी थी, तब भाजपा ने कहा था कि इन स्मारकों को तोड़ने वालों को यूपी की जनता तोड़कर रख देगी। आज यह लोग प्रत्येक प्रेसवार्ता में बाबा साहेब का स्मरण करते हैं, लेकिन तब सपा के मुख्यमंत्री ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब का नाम बदल दिया था। हमने फिर उसे बाबा साहेब के नाम पर रख दिया। लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय मान्यवर कांशीराम के नाम पर था, सपा ने उसे भी बदल दिया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया। इनके दोहरे चेहरे हैं। यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं।  लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे सपा के गुंडे सीएम ने कहा कि यह राम व कृष्ण का विरोध करते हैं। विपक्षी … Read more

ग्राम पंचायत सचिवालय से निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की हो व्यवस्थाः मुख्यमंत्री

सरकारी जमीनों से तत्काल प्रभाव से हटवाएं अवैध कब्जेः सीएम योगी सीएम ने प्रशासन को दिया निर्देश- गरीबों की जमीन कोई कब्जा न करने पाए ग्राम पंचायत सचिवालय से निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की हो व्यवस्थाः मुख्यमंत्री सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, समुचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था सही करने को कहा, बोले- इससे लोगों को अलग आनंद की हो अनुभूति हो मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर दिया जोर दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों के साथ ही गलियों एवं सड़कों की साफ सफाई हो सुनिश्चितः सीएम योगी  सीएम योगी ने दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने पर दिया विशेष जोर सीएम योगी ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश  वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति जानी और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व वादों पर लगातार ध्यान देते हुए सरकारी जमीनों से तत्काल अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों से यह भी कहा कि गरीबों की जमीन कोई भी कब्जा न करने पाए। सीएम ने ग्राम पंचायत सचिवालय में सभी आवश्यक कार्यों के निष्पादन समेत निवास, आय, जाति प्रमाण-पत्र वहीं से जारी करने को निर्देशित किया। अधिक से अधिक कल्याण मंडपम के निर्माण पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम के जोनल कार्यालयों में भी सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, लोगों को अनावश्यक न दौड़ाया जाए। आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण हो एवं इसकी रैंडम चेकिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीएम ने मौके पर जाने व फीडबैक लेने का भी निर्देश दिया। बोले-कोई भी शिकायत डिफॉल्टर न हो। सीएम ने कहा कि अधिक से अधिक कल्याण मंडपम का निर्माण कराएं। जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक सहयोग लें। इसे कमजोर एवं गरीब परिवारों की बेटियों की शादी एवं अन्य कार्यक्रम के उपयोग में लाया जा सके। बाहरी वार्डों एवं मलिन बस्तियों के विकास कार्य तेजी से कराए जाएं। सीएम ने शहर के अंदर अच्छी सड़क, उचित साफ सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था बेहतर करने को कहा, ताकि लोगों को अलग आनंद की अनुभूति हो। सीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने को कहा।  सोशल मीडिया पर लगातार रखी जाए नजर, अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटें  मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लगातार नजर रखी जाए और अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए। किसी भी घटना एवं शिकायत पर प्रशासन, पुलिस या संबंधित विभाग का क्विक रिस्पॉन्स होना चाहिए। उन्होंने पब्लिक से लगातार संवाद कायम करने और बॉर्डर पर सतर्कता-सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखने का का निर्देश दिया। बोले कि अपराधियों एवं गौ तस्करों पर कड़ी नजर रखें तथा ऐसे लोगो पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो। सुरक्षा के दृष्टिगत अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने को भी सीएम ने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त तथा जिलाधिकारी को जीएसटी विभाग की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पर्व एवं त्योहार मे विशेष सतर्कता बरती जाए। पुलिस बल हर जगह मौजूद रहे। उन्होंने जनपद में गतिमान विकास के कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से तय समयसीमा में पूरा कराने को कहा।  गंगा महोत्सव व देव दीपावली का हो अविस्मरणीय आयोजन  मुख्यमंत्री ने गंगा महोत्सव एवं देव दीपावली को बेहतर तरीके से किए जाने के लिए ठोस तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बोले कि यह आयोजन अविस्मरणीय होना चाहिए। फ्रेट विलेज परियोजना में आ रही बाधा का तत्काल निस्तारण कराकर परियोजना में तेजी लाए जाने का भी निर्देश दिया। पीएम सूर्य घर योजना की बेहतर प्रगति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही अधिक से अधिक सोलर पैनल इंस्टॉल कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने वरुणा एवं अस्सी नदी के समुचित साफ सफाई के साथ ही इनके पुनरोद्धार के कार्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। दीपावली एवं देव दीपावली के दृष्टिगत घाटों, गलियों एवं सड़को की साफ सफाई सुनिश्चित करने पर भी उनका जोर रहा। दालमंडी सड़क निर्माण कार्य को मिशन मोड में कराए जाने के लिए कहा। त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार में ट्रैफिक, सिविल पुलिस के साथ होमगार्ड्स की ड्यूटी एवं फूट पेट्रोलिंग कराई जाय। मुख्यमंत्री ने सभी वार्डों में सड़कों, गलियों, सीवर के साथ ही यूरिनल एवं टॉयलेट की नियमित रूप से साफ सफाई सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश नगर निगम को दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए केयर टेकर की जिम्मेदारी तय करें।  आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, एडीजी व डीएम ने सीएम को दी जानकारी मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मुख्यमंत्री को देव दीपावली की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जनपद की कानून व्यवस्था, प्रदेश में जनपद की रैंक, गौ-तस्करों पर कार्रवाई,  साइबर क्राइम, ऑपरेशन कनविक्शन, मिशन शक्ति 5.0 के दौरान हो रहे कार्यों की जानकारी दी। एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के सभी 9 जनपदों में मिशन शक्ति 5.0, गोतस्करों- अवैध शराब पर करवाई, ई-साक्ष्य की व्यवस्था, ऑपरेशन त्रिनेत्र, फूट पेट्रोलिंग, पैदल गश्त, जनसुनवाई आदि की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनपद में निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी दी और बताया कि वर्तमान में लगभग 18 हजार करोड़ के कुल 128 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इसमें निर्माणाधीन रिंग रोड फेज दो के कार्यों को जून 2026 तक पूरा करा लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पांडेयपुर मेडिकल कॉलेज के कार्यों में मैनपॉवर बढ़ाकर प्रगति लाने का निर्देश दिया।  बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्टांप राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. सुनील पटेल, त्रिभुवन राम के साथ ही आलाधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री आवास पर जनता से की मुलाकात, सीएम योगी ने अधिकारियों को समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों से व्यक्तिगत मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने लोगों की समस्याओं को निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए. जनता दर्शन में कैसे जाएं? बता दें कि जनता दर्शन में जाने के लिए किसी विशेष प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है। जनता दरबार में कोई भी नागरिक सीधे पहुंच सकता है और अपनी शिकायत या समस्या मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों बता सकता है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि लोग अपनी समस्याओं को जनसुनवाई पोर्टल (https://jansunwai.up.nic.in) पर पहले से ही ऑनलाइन दर्ज करें. इससे उनकी शिकायत को पहले से रिकॉर्ड में लाया जा सकता है और जनता दरबार  में चर्चा के दौरान उसे प्राथमिकता से देखा जा सकता है. जनता दरबार के समय या स्थान में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट या जनसुनवाई पोर्टल देखा जा सकता है.

2047 तक कैसे साकार होगा विकसित यूपी का संकल्प, दृढ़ता से अपनी राय रख रहे यूपी के ग्रामीण युवा

– शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर युवाओं का फोकस, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव – तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज, समर्थन मूल्य और डिजिटल किसान मंडियों के मिल रहे सुझाव – सुझाव देने के मामले में शहरियों के मुकाबले बहुत आगे हैं यूपी के ग्रामीण युवा  – शहरी क्षेत्रों से अबतक 6 लाख, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'विकसित यूपी' बनाने का जो अभियान शुरू किया है, वह अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस अभियान में ग्रामीण युवाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। पहली बार गांवों से इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रदेश के विकास के हर पहलू पर अपनी राय दे रहे हैं। सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 27 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 21 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 6 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यानी, शहरों से कहीं अधिक सक्रिय हैं यूपी के गांवों के युवा, जो अपने सुझावों से ‘विकसित यूपी’ के ब्लूप्रिंट को आकार दे रहे हैं। गांवों से उठी विकास की नई आवाज़ गांवों के युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और वे इस परिवर्तन का हिस्सा बनना चाहते हैं। हरदोई के सौरभ सिंह कहते हैं कि अब गांवों में भी खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हर पंचायत में खेल मैदान और डिजिटल लाइब्रेरी जरूरी हैं। सीतापुर के योगेश कुमार का कहना है कि हर गांव तक इंटरनेट और अच्छी शिक्षा पहुंचे। तभी गांवों का युवा शहरों से मुकाबला कर सकेगा। जौनपुर की पूजा त्रिपाठी का कहना है कि गांवों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हों। योगी सरकार ने जो शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। महराजगंज के किसान युवक अमन चौधरी कहते हैं कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी बने ताकि फसल का सही दाम मिले। वाराणसी के प्रवीण सिंह का सुझाव है कि युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए आसान लोन और तकनीकी मार्गदर्शन मिले। अब गांवों में भी इनोवेशन की लहर है। शिक्षा और कृषि सबसे आगे, ग्रामीण युवाओं की प्राथमिकता साफ अभियान के तहत अब तक मिले 7.8 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ग्रामीण युवाओं ने स्कूलों में गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने कहा है कि अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो व्यवस्था खुद सुधर जाएगी। सरकारी स्कूलों को सबके लिए अनिवार्य किया जाए। कृषि क्षेत्र से 6 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें तकनीकी खेती, AI आधारित फसल प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, कोल्ड स्टोरेज और किसान ड्रोन जैसे विषय प्रमुख हैं। अयोध्या के युवा किसान मनोज तिवारी का कहना है कि कृषि को स्मार्ट बनाना ही विकसित यूपी की असली पहचान होगी। खेल, स्वास्थ्य और इंटरनेट पर भी जोर कन्नौज के विवेक मिश्रा ने कहा है कि हर गांव में जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनें। ग्रामीण प्रतिभाओं को जिला स्तर तक प्लेटफॉर्म मिले। बस्ती के आकाश यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुझाव दिया कि हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ा जाए। गोंडा की ममता वर्मा ने कहा है कि  महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ें, तभी गांवों में आत्मनिर्भरता आएगी। युवाओं को योगी आदित्यनाथ में दिख रही नई आशा ग्रामीण युवाओं का विश्वास साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जो पारदर्शिता, सुशासन और विकास की गति दी है, वह उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की हिम्मत देती है। लंदन में हाल ही में 'विकसित यूपी 2047' का लोगो लॉन्च हुआ, जहां एनआरआई समुदाय ने भी योगी के विज़न की सराहना की। यूके, दुबई और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों ने भी इस अभियान में सुझाव भेजे हैं, जिससे ये पहल अब वैश्विक स्वरूप ले चुकी है। युवाओं के सुझाव, सरकार के लिए दिशा सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के युवाओं से मिले इन सुझावों का अध्ययन कर सरकार उन्हें भविष्य की विकास नीतियों में शामिल करेगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश का ग्रामीण युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि 'नीति निर्माता' की भूमिका में नजर आ रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनभागीदारी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। आज का ग्रामीण युवा सिर्फ रोज़गार नहीं, 'सार्थक विकास' चाहता है। उसे योगी आदित्यनाथ में वह नेतृत्व दिख रहा है जो उसकी आकांक्षाओं को दिशा दे सके। गांव से निकली यह आवाज़ अब केवल सुझाव नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव का पत्थर बन चुकी है।

मिशन शक्ति 5.0: अभियान से महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसहभागिता में देखने को मिली उल्लेखनीय वृद्धि

एंटी रोमिया स्क्वायड ने 1 लाख से अधिक मंदिर, बाजार, मॉल, पार्कों और भीड़ भाड़ वाले स्थानों की गहन जांच की 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा, सकुशल संपन्न हुआ नवरात्रि पर्व    लखनऊ, प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के साथ सुरक्षा का माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के पहले दिन मिशन शक्ति 5.0 अभियान की शुरुआत की, जो अभी भी पूरे प्रदेश में चल रहा है। इसी के तहत यूपी पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और जनसहभागिता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। एंटी रोमियो स्क्वायड ने करीब 10 लोग लोगों की जांच, ढाई हजार अभियोग किये गये पंजीकृत मिशन शक्ति अभियान की नोडल ऑफिसर एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एन्टी रोमियो स्क्वायड ने सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, बाजारों, मॉल, पार्क और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई। इस दौरान 1,08,292  मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की गई। अभियान में 9,77,269 व्यक्तियों की जांच की गई, जिनमें संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं के प्रति अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कुल 2,542 अभियोग  पंजीकृत किए गए। वहीं, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 3,972 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 3,13,924 लोगों को चेतावनी दी गई और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। प्रदेश भर में 53,237 निरोधात्मक कार्रवाइयां  की गयीं। ऐसे में एन्टी रोमियो स्क्वायड द्वारा यह अभियान न केवल नवरात्रि के दौरान सुरक्षा का प्रतीक बना, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने में भी सफल रहा। 37 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा प्रदेश भर में नवरात्रि पर्व के अवसर पर 55,377 पंडालों की स्थापना की गई। सभी पंडालों का पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इस दौरान 4,947 रामलीला व मेला स्थलों का भी भ्रमण किया गया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। योगी सरकार की सख्त निगरानी के चलते सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। एन्टी रोमियो स्क्वाड, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त मुस्तैदी ने सुनिश्चित किया कि महिलाओं और बालिकाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्रि के दौरान मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कुल 37,337 अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। इनमें 411 राजपत्रित अधिकारी, 7,999 निरीक्षक/उपनिरीक्षक, 22,547 मुख्य आरक्षी /आरक्षी और 6,380 होमगार्ड/पीआरडी/ एसपीओ आदि शामिल थे, जिन्होंने निरंतर गश्त और निगरानी कर सुरक्षा का वातावरण बनाए रखा। इस सघन तैनाती से पूरे प्रदेश में नवरात्रि और रामलीला पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुए। श्रद्धालु परिवारों ने न केवल त्योहार का आनंद लिया, बल्कि महिलाओं ने भी निर्भीक होकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। पूरे प्रदेश में डेढ़ करोड़ से अधिक वितरित किये गये फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर अभियान की नोडल ऑफिसर ने बताया कि नवरात्र में 39,911 मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें 20,54,308 लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 13,53,903 महिला और 7,00,405 पुरुष शामिल हैं। वहीं महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन मुख्यालय द्वारा योगी सरकार की योजनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किये जा रहे सराहनीय कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1,56,91,080 फोल्डर, पंफलेट और पेस्टिंग स्टीकर वितरित किये गये।

डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाने में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में उभरा

सीएम योगी के नेतृत्व में जारी मिशन कर्मयोगी अभियान में अब तक 3,900 कर्मचारी पंजीकृत, 21,150 कोर्स पूरे डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे अधिकारी और कर्मचारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दक्षता और पारदर्शिता की नई मिसाल समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदा कर्मचारी एवं शिक्षक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है। 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स तक सीमित रहे हैं और 1,141 अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। दक्षता से ही बढ़ेगी सेवा की गुणवत्ता मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। नई तकनीक, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की ओर कदम iGOT Karmayogi प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे विषय शामिल हैं जो कर्मचारियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।0मुख्य कोर्स में शामिल Yoga Break at Workplace तनावमुक्त और उत्पादक कार्यसंस्कृति के लिए है। वहीं, POSH Act 2013 कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूक करता है। Procurement Process on GeM पारदर्शी क्रय प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए लागू है। National Education Policy 2020, Basics of AI, और Right to Information (RTI) Act नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु है। योगी सरकार की डिजिटल सुशासन नीति को मिल रही गति राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अंतर्गत मिशन कर्मयोगी जैसे अभियानों से न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ रही है, बल्कि जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि “प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ और जवाबदेह बने।

CM योगी बोले: यूपी में महिलाओं के खिलाफ अपराध कम, कानून तेजी से लागू

yogi3.jpg

गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी एवं बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति के बगैर संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है तथा दोषसिद्धि एवं सजा में भी यह राज्य अग्रणी है। एक बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं तथा मातृ शक्ति एवं नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व उन्हें नयी प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है तथा उनका सौभाग्य है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है तथा उनकी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं एवं मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा, जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित होती है, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं।'' उन्होंने देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में नारी शक्ति का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून बनाये जाने का स्वागत किया।  

नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी

1aa 131.jpg

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।