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चेन्नई से दबोचा गया Coldrif कांड का मास्टरमाइंड, बच्चों की मौत में थी मुख्य भूमिका

भोपाल / चेन्नई जानलेवा 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीसन मेडिकल्स (SRESAN MEDICALS) के मालिक रंगनाथन (RANGANATHAN) को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई उस दिल दहला देने वाली घटना के बाद हुई है, जिसमें कथित रूप से दूषित कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में 21 बच्चों की मौत हो गई थी. हिरासत में लिए जाने के बाद रंगनाथन से इस पूरे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इससे पहले, मध्य प्रदेश पुलिस ने इस गंभीर मामले को देखते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के फरार मालिकों पर इनाम घोषित किया था. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को 20,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी. इसके साथ ही, कंपनी के फरार मालिकों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष एसआईटी (SIT) टीम का भी गठन किया गया था, जिसका परिणाम रंगनाथन की हिरासत के रूप में सामने आया है. गोद में दम तोड़ गए मासूम 21 बच्चों की मौत की इस भयावह त्रासदी के बाद कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई में मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सिरप के कारण कई राज्यों में बच्चों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं, जिसने स्वास्थ्य और नियामक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, कोल्ड्रिफ सीरप में मिलावट की पुष्टि हुई है, जो बच्चों के लिए घातक साबित हुई। मध्य प्रदेश में यह सीरप बड़े पैमाने पर वितरित किया गया था और इसके सेवन के बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ गई। पीड़ित परिवारों का गुस्सा और दुख साफ देखा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया। छिंदवाड़ा एसपी ने दी जानकारी छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने बताया कि श्रीसन फार्मा के मालिक एस रंगनाथन को कल रात गिरफ्तार कर लिया गया। रंगनाथन की हिरासत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने Sresan फार्मा के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा उत्पाद बाजार में पहुंचा। फैक्ट्री से दस्तावेज जब्त मध्य प्रदेश पुलिस ने चेन्नई में कंपनी के कार्यालय पर छापेमारी की और कई दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही, सीरप के वितरण नेटवर्क और उन दवा दुकानों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इस उत्पाद को बेचा। लोगों से अपील की गई है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और अपने बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा आरोप मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य में 21 बच्चों की मौत दूषित कफ सिरप पीने से हुई है और इसके लिए तमिलनाडु सरकार की गंभीर लापरवाही जिम्मेदार है. पटेल ने कहा, “यह तमिलनाडु सरकार की जिम्मेदारी थी कि राज्य से बाहर भेजी जाने वाली दवाओं की जांच करे. मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य में आने वाली दवाओं की रैंडम जांच करती है, लेकिन यह सिरप संयोगवश उस सैंपलिंग में शामिल नहीं हो पाया.” पको बता दें कि तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने कहा था कि 3 अक्टूबर को दवा नियंत्रक द्वारा लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट में Coldrif कफ सिरप को मिलावटी (contaminated) घोषित किया गया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद कंपनी को तुरंत उत्पादन बंद करने के आदेश जारी किए गए थे. यह फैक्ट्री कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचत्रम क्षेत्र में स्थित है और पिछले 14 वर्षों से Coldrif सिरप का निर्माण कर रही थी. यह कंपनी अपने उत्पादों की आपूर्ति कई राज्यों को करती रही है. 

मप्र में Coldrif सिरप प्रतिबंधित, CM का ऐलान – बच्चों की जान लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

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भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने Coldrif सिरप को पूरे प्रदेश में बैन कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि एमपी में इस सिरप की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रदेश में बैन लगाया जा रहा है। छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन से हुई बच्चों की दर्दनाक मौत पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इसे पूरे प्रदेश में बैन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट के बाद प्रदेश सरकार ने ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है और दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला इस सिरप निर्माण करने वाली फैक्ट्री तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत की दुखद घटना के बाद एमपी सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। आज सुबह प्राप्त जांच रिपोर्ट में सिरप में खतरनाक रसायनों की मौजूदगी और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के साथ इस कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स को भी बैन किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी दी कि स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई पहले से जारी थी और अब राज्य स्तर पर भी एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है। छिंदवाड़ा में सिरप से गई मासूम बच्चों की जान बता दें कि सितंबर माह में छिंदवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चों को सर्दी-खांसी के इलाज के लिए यही कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया। इसके बाद बच्चों में गंभीर लक्षण जैसे उल्टी, पेट दर्द, बेहोशी सहित कई लक्षण देखे गई। प्रारंभिक जांच में सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी का संदेह जताया गया, जो किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। अब तक इस घटना में 9 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद जांच रिपोर्ट आने पर अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप बैन कर दिया गया है।