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amit kumar

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MP Police: साइबर कार्रवाई कर ₹22 लाख की राशि पीड़ितों को लौटाई , फर्जी सिम कार्ड जब्त

MP Police

Cyber ​​crackdown: ₹22 lakh returned to victims भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता बरत रही है। हाल ही में तथा पिछले माह के दौरान राज्य में साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने तीव्र कार्रवाई कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप पीड़ित नागरिकों की लाखों रुपये की राशि तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है। ठगी के प्रकरणों में कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के हाल ही निर्देशन में राज्य के विभिन्न जिलों की पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल ₹22,34,162 की राशि पीड़ितों को वापस कराई। इनमें पन्ना जिले में ₹16,70,000, देवास जिले में ₹3,28,962, शिवपुरी जिले में ₹1,60,000, टीकमगढ़ जिले में ₹44,700 तथा उज्जैन जिले में ₹30,500 की राशि वापस दिलाई गई। इन प्रकरणों में ठगी की राशि CyberOne App सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी-डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित तकनीकी दक्षता और नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पुलिस की तकनीकी निपुणता उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की थी। ग्वालियर जिले में ₹50,00,000, बालाघाट में ₹40,00,000, देवास में ₹1,79,500 तथा खरगोन जिले में ₹5,59,441 की राशि साइबर ठगी के प्रकरणों में वापस कराई गई थी। यह सफलता पुलिस की तकनीकी निपुणता, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और सतत मॉनिटरिंग का परिणाम रही है। साथ ही साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाले फर्जी मोबाइल सिम कार्डों के विरुद्ध “ऑपरेशन फास्ट” के तहत विशेष अभियान भी संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 2,204 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनमें छतरपुर से 1,220, अनूपपुर से 500, उज्जैन से 352 और कटनी से 132 सिम कार्ड शामिल हैं। इस अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने तथा भविष्य में ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं। बैंकिंग जानकारी साझा न करें मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को सलाह देती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या कॉल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा एवं डिजिटल विश्वास सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की सघन कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

साइबर अपराध पर आधारित फिल्म ‘कंट्रोल’ 10 अक्टूबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज

  पटना,  अभय सिन्हा और धवल गड़ा निर्मित साइबर अपराध पर आधारित फिल्म ‘कंट्रोल’ 10 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। डॉ. जयंतिलाल गड़ा की पेन स्टूडियोज़ और यशी स्टूडियोज़ निर्मित फिल्म 'कंट्रोल’ 10 अक्टूबर को पूरे देश के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।, इस फिल्म का निर्देशन सफदर अब्बास ने किया है, जबकि निर्माण अभय सिन्हा और धवल गड़ा ने किया है। निर्माता अभय सिन्हा ने आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मलेन में बताया कि फिल्म कंट्रोल सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आज की डिजिटल दुनिया में इंसान की असली कमजोरी को उजागर करने वाली एक सामाजिक चेतावनी है। अभय सिन्हा ने कहा, “आज हर व्यक्ति अपने डिजिटल उपकरणों से बंधा हुआ है। हमारा डेटा, हमारी पहचान और हमारी निजी जानकारी ही सबसे बड़ा संसाधन बन चुकी है। ‘कंट्रोल’ इसी सच्चाई को पर्दे पर उतारती है।यह सवाल उठाती है कि क्या हम सच में अपने डिजिटल जीवन पर नियंत्रण रखते हैं या कोई और हमें नियंत्रित कर रहा है। यह फिल्म तकनीकी यथार्थ, भावनात्मक गहराई और मनोरंजन का एक सशक्त संगम है।” अभय सिन्हा ने बताया कि फिल्म का टैगलाइन "आपका डेटा, उनकी ताकत है" सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। उन्होंने कहा, “हम इस फिल्म के जरिए दर्शकों को न सिर्फ मनोरंजन, बल्कि जागरूकता देना चाहते हैं। आज हर व्यक्ति का डेटा किसी और की शक्ति बन चुका है। यह फिल्म उस अदृश्य खतरे पर रोशनी डालती है, जो हमारी रोजमर्रा की स्क्रीन के पीछे छिपा हुआ है।” वहीं, फिल्म के मुख्य अभिनेता ठाकुर अनुप सिंह ने अपने किरदार को लेकर कहा कि “मेजर अभिमन्यु शास्त्री की भूमिका निभाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था। वह एक ईमानदार, साहसी सेना अधिकारी हैं जो देश की रक्षा करते-करते खुद एक साइबर साजिश के जाल में फंस जाते हैं। यह किरदार सिर्फ एक सैनिक का नहीं, बल्कि उस हर व्यक्ति का प्रतीक है जो सच और छल के बीच जूझ रहा है।” बॉलीवुड अभिनेता रोहित रॉय ने फिल्म कंट्रोल में नकारात्मक किरदार निभाया है। उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में असली ताकत हथियार या पैसा नहीं, बल्कि सूचना और डेटा है। मेरा किरदार एक ऐसा मास्टरमाइंड है जो लोगों की पहचान और तकनीक का इस्तेमाल हथियार की तरह करता है। यह किरदार जितना खतरनाक है, उतना ही यथार्थ से जुड़ा हुआ भी है।” रोहित रॉय ने कहा, कंट्रोल’ एक चेतावनी है, एक दर्पण है और एक प्रश्न भी, क्या हम अपने जीवन पर वास्तव में नियंत्रण रखते हैं? 10 अक्टूबर को जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरेगी, तो यह सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि डिजिटल युग की सबसे बड़ी सच्चाई से रूबरू कराने वाली फिल्म साबित होगी। फिल्म कंट्रोल में प्रिया आनंद, राजेश शर्मा, यशपाल शर्मा, डेनज़िल स्मिथ, सिद्धार्थ बनर्जी, करण सिंह छाबड़ा, रोहन जोशी, रुद्रशीष मजूमदार और पलाक जैसवाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।