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वर्ल्ड चैम्पियन गुकेश की हार के बाद नाकामुरा का भावनात्मक पल, किंग पीस दर्शकों की तरफ फेंका

न्यूयॉर्क अमेरिका के स्टार चेस खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा काफी सुर्खियों में हैं. नाकामुरा ने यूएसए vs इंडिया चेकमेट टूर्नामेंट में जैसी हरकत की, वो खेल भावना के खिलाफ थी. नाकामुरा अपने दिखावटी जश्न के कारण विवादों में घिर गए हैं. नाकामुरा ने वर्ल्ड चैम्पियन डी गुकेश को हराने के बाद चेस बोर्ड से गुकेश के किंग को उठाया और उसे दर्शकों की ओर फेंक दिया.  इस टूर्नामेंट में यूएसए ने भारत को 5-0 से हराया. हिकारू नाकामुरा की ये हरकत कई पूर्व चेस खिलाड़ियों को पसंद नहीं आई. पूर्व चेस वर्ल्ड चैम्पियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने नाकामुरा के इस व्यवहार को पूरी तरह असम्मानजनक बताया. रूसी दिग्गज क्रैमनिक ने X पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि यह बचकाना और बेस्वाद काम क्यों किया गया. शायद इसका मकसद गुकेश को अपमानित करना नहीं था, लेकिन यह सार्वजनिक हरकत विशेष रूप से वर्ल्ड चैम्पियन के खिलाफ अपमानजनक और उकसाने वाली लगती है.' व्लादिमीर क्रैमनिक ने कहा कि इस तरह के जश्न शतरंज की गरिमा को गिरा रहे हैं. हिकारू नाकामुरा ने अपनी हरकत पर कोई माफी नहीं मांगी है. चेस इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'अगर मैं जीतता, तो मैं हमेशा किंग फेंकता. यह एक रोमांचक बुलेट गेम था और इसलिए इसे और मजेदार बनाया. मुझे उम्मीद है कि फैन्स ने इसका आनंद लिया होगा.' क्या दिखावे के लिए ऐसा किया गया? फेमस शतरंज स्ट्रीमर लेवी रोमैन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में थिएट्रिक्स यानी दिखावटी हरकतों को बढ़ावा दिया गया था. रोजमैन ने कहा, 'दोनों टीमों को बताया गया था कि जश्न और किंग फेंकना ठीक है. बस नाकामुरा जीत गए और उन्होंने संभवत: गुकेश से पीछे जाकर कहा कि यह सब केवल शो के लिए था.' भारतीय मूल के डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी ने भी हिकारू नाकामुरा का समर्थन किया. उन्होंने X पर लिखा, मैं हिकारू के साथ हूं. आयोजक शायद एक प्रयोग कर रहे थे, यह दिखाने के लिए नहीं कि भविष्य में शतरंज हमेशा ऐसे ही खेला जाएगा. हिकारू सिर्फ दर्शकों के लिए मजेदार हरकत कर रहे थे. मुझे इसमें बड़ी बात नहीं दिखती.' इस विवाद से शतरंज में परंपरा और मनोरंजन के बीच संतुलन का सवाल सामने आया है. पारंपरिक दृष्टिकोण रखने वाले व्लादिमीर क्रैमनिक जैसे शख्स मानते हैं कि प्रतिद्वंद्वी के किंग को फेंकना असम्मानजनक है. वहीं कुछ फैन्स कहते हैं कि शतरंज बदल रहा है और अब इसे डिजिटल युग और सोशल मीडिया के हिसाब से मनोरंजन का हिस्सा बनाना भी जरूरी है. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि हिकारू नाकामुरा की हरकत असम्मानजनक थी या सिर्फ मनोरंजन के लिए ऐसा किया गया था. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि नाकामुरा ने जो किया, उसने नए विवाद को जन्म दिया है.