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दो-चार घरों वाले मजरे टोले में भी पहुंची बिजली : ऊर्जा मंत्री तोमर

सेवा पर्व के दौरान 137 वनवासी घर हुए रोशन भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) अंतर्गत मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में सेवा पर्व के दौरान मालवा निमाड़ में 137 उन घरों को भी रोशनी उपलब्ध कराई गई, जो घर मूल गांवों से दो से तीन किमी दूर मजरे टोले की बसाहट वाले थे। इन गांवों के वनवासी परिवार अब इस बात से खुश हैं कि घर में बच्चे बल्ब की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं, मोबाइल भी अपने ही घर पर चार्ज हो रहा है और टीवी भी चलाकर मनोरंजन भी हो रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सेवा पर्व में अभियान चलाकर दूरदराज के मजरे, टोले में दो चार घर होने पर भी नए ट्रांसफार्मर, तार, पोल स्थापित कर बिजली प्रदान की गई है। इंदौर ग्रामीण वृत्त के अधीन धार जिले के 9 घरों को, देवास के बागली क्षेत्र के पांजापुरा के 4 घरों को, मंदसौर के दूरदराज के 15 घरों को, नीमच के 25, रतलाम ग्रामीण संभाग के 24 घरों को, शाजापुर के 10 घरों को और उज्जैन जिले के दूरस्थ 50 घरों के सेवा पर्व के दौरान रोशन किया गया। अभियान चलाया गया इंदौर ग्रामीण वृत्त अधीक्षण यंत्री डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि चार मजरों के वनवासी लाभार्थियों सर्वश्री कमल बालू, विश्राम मेढ़ा, मिथून अमर सिंह, बाल्लू धानिया, रातेश अमर सिंह, रूप सिंह बिरमन के घर बिजली कार्मिकों द्वारा ट्रेक्टर और बैलगाड़ियों से पोल, तार भेजकर रोशन किये गये।  

राजस्थान में 25 साल बाद बिजली दरों में गिरावट, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

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जयपुर राजस्थान में 25 वर्षों बाद पहली बार आमजन और उद्योगों के लिए बिजली सस्ती हुई है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की टैरिफ याचिका पर नियामक आयोग से मिली स्वीकृति के बाद ऊर्जा शुल्क (एनर्जी चार्ज) में कमी लागू की है। घरेलू श्रेणी में 51 से 150 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए दर 6 रुपये 50 पैसे से घटाकर 6 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। 150 से 300 यूनिट वाले उपभोक्ताओं को 35 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है। वहीं, 100 यूनिट तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं का पूरा बिल सरकार की सब्सिडी से शून्य ही रहेगा। राज्य में कुल 1.35 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 1.04 करोड़ उपभोक्ता मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क 5 रुपये 55 पैसे से घटाकर 5 रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट किया गया है। प्रदेश के 20 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित रेगुलेटरी सरचार्ज का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसे भी राज्य सरकार वहन करेगी। औद्योगिक श्रेणी में पहली बार दरों को एकीकृत कर राहत दी गई है। वृहद उद्योगों के लिए शुल्क 7 रुपये 30 पैसे से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे और मध्यम उद्योगों के लिए 7 रुपये से घटाकर 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। स्मॉल इंडस्ट्री के लिए भी दर 6 रुपये तय की गई है। इस कदम से औद्योगिक निवेश और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान डिस्कॉम्स पर वर्तमान में लगभग 49,800 करोड़ रुपये के रेगुलेटरी असेट्स का भार है। इसके निस्तारण के लिए रेगुलेटरी सरचार्ज लगाया गया है, लेकिन छोटे उपभोक्ताओं और किसानों पर इसका भार सरकार वहन करेगी। इससे लगभग 6,700 करोड़ रुपये की रिकवरी संभव होगी और निगमों का ऋण भार घटेगा। डिस्कॉम्स का फोकस पावर परचेज कॉस्ट कम करने और सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर है। कुसुम योजना के तहत पहले ही 1,800 मेगावाट विकेन्द्रित सौर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। आने वाले समय में लगभग 12,000 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।