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Aastha Pandey

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इमोशनल स्किल्स की ताकत: मैकिंजी रिपोर्ट में मिला भविष्य-काम का नया ट्रेंड

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मैकिंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट की “Skill Shift” रिपोर्ट बताती है कि 2030 तक सोशल और इमोशनल स्किल्स की मांग 22-26% बढ़ेगी। यह बदलाव इसलिए हो रहा है क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनों से इंसानी समझ और इंपैथी उसकी जगह नहीं ले सकते। आज के कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में दिल की ताकत (इमोशनल इंटेलिजेंस) ही नई सुपरपावर बन रही है। ग्लोबल वर्कप्लेस में बड़ा बदलाव आज की कॉर्पोरेट दुनिया एक गहरा ट्रांसफॉर्मेशन देख रही है। पहले जॉब में टेक्निकल स्किल्स और इंटेलिजेंस (IQ) को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता था। लेकिन अब कंपनियां महसूस कर रही हैं कि इमोशनल स्टैमिना — यानी दबाव में शांत रहने, दूसरों को समझने और टीम को एक साथ बांधे रखने की क्षमता — भविष्य में सफलता की बड़ी कुंजी है। यह सिर्फ कंपनियों की भावना नहीं है, बल्कि मैकिंज़ी ग्लोबल इंस्टीट्यूट (MGI) की रिपोर्ट “Skill Shift: Automation and the Future of the Workforce” में यह साफ-साफ दिखाया गया है। ये खबर भी पढ़े…प्रधानमंत्री (PM) का पर्सनल सेक्रेटरी कैसे चुना जाता है – जाने पूरी डिटैल्स मैकिंजी रिपोर्ट की बड़ी बातें ये खबर भी पढ़े… क्यों बढ़ रही है इमोशनल स्किल की जरूरत? एआई और ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, और मशीनें बहुत सारे रिपीटेबल काम बेहतरीन तरीके से कर सकती हैं। लेकिन इंसानी संवाद, संकट-सम्भालन, भरोसा बनाने और टीम बॉन्डिंग की भूमिका अभी भी मानव ही निभा सकते हैं। इसलिए कंपनियों ने यह समझा है कि सिर्फ तकनीक नहीं, मानवता ही आगे चलने वाला “स्किल” है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंटरप्रेन्योरशिप (पहल करना), इनिशिएटिव लेने की क्षमता बढ़ेगी और लीडरशिप की मांग में इजाफा होगा। ये खबर भी पढ़े…Lekhpal Recruitment : PET रिजल्ट जारी होते ही 7,994 पदों पर होगी सीधी भर्ती बिजनेस स्कूल और मैनेजर ट्रेनिंग में बदलाव विश्व-स्तर की बड़ी कंपनियाँ जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डेलॉइट और कई बिज़नेस स्कूल अब मैनेजर्स की ट्रेनिंग में इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) को टॉप प्रायरिटी दे रही हैं। उनके मुताबिक, मशीनें काम तो कर सकती हैं, लेकिन काम को इंसानी मायना देना इंसान ही कर सकता है। मैनेजर्स को इसलिए सिखाया जा रहा है कि वे टीम में इम्पैथी कैसे लाएं, आपस में भरोसा कैसे बनाएँ और तनावपूर्ण स्थितियों में भी स्थिरता बनाए रखें। यह सिर्फ करियर की रणनीति नहीं — यह नई मानव-केंद्रित सुपरपावर बन रही है। ये खबर भी पढ़े…WhatsApp का सबसे बड़ा डेटा लीक: Meta की चूक ने 3.5 अरब यूज़र्स को खतरे में डाला, करें ये उपाय इमोशनल इंटेलिजेंस का असर कई मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि लोगों की इमोशनल बुद्धिमत्ता (emotional intelligence) का सीधा असर होता है टीम के प्रदर्शन, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व पर। जब टीम में कोई कठिन परिस्थिति आए, तो जिन लोगों में ज़्यादा इमोशनल स्किल होती है, वे टीम को बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं और टीम को टूटने से बचाते हैं एचआर का नजरिया — अब सिर्फ रेजूमे नहीं, दिल देखना भी ज़रूरी आज की HR टीम सिर्फ उम्मीदवार की टेक्निकल स्किल या रेज़्यूमे को नहीं देख रही है। बल्कि उनकी भावनात्मक स्थिरता, कोलैबोरेशन की भावना और मानसिक लचीलापन भी देख रही है। इंटरव्यू में सवाल बदल गए हैं: इन्हीं सवालों से देखा जा रहा है कि उम्मीदवार सिर्फ “काम कर सकता है” इस योग्य नहीं है, बल्कि “इंसानों के बीच काम कर सकता है” — यह बहुत मायने रखता है। FAQs Q1: मैकिंज़ी की रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से क्या मतलब है?A1: मैकिंज़ी रिपोर्ट में “सोशल और इमोशनल स्किल्स” से वह क्षमताएँ हैं जैसे — इम्पैथी, अन्य लोगों के साथ संवाद, नेतृत्व, टीम मैनेजमेंट, सहयोग और भावनात्मक लचीलापन। ये स्किल्स मशीनों द्वारा आसानी से नकल नहीं की जा सकतीं। Q2: 2030 तक सोशल-इमोशनल स्किल्स की मांग क्यों बढ़ेगी?A2: क्योंकि ऑटोमेशन और एआई मशीनें कई रिपीटेबल और डेटा-संबंधित काम कर सकती हैं, लेकिन इंसानी भावनाओं, संवादों और संकट-प्रबंधन की जरूरत बनी रहेगी। मैकिंज़ी का अनुमान है कि 2016-2030 के बीच तकनीकी बदलावों के कारण सभी इंडस्ट्रीज़ में इन स्किल्स की मांग करीब 22-26% तक बढ़ेगी। Q3: अगर मैं करियर की शुरुआत कर रहा हूँ, तो मुझे इमोशनल स्किल्स कैसे सुधारनी चाहिए?A3: आप कई तरीके अपना सकते हैं:

AI Job Crisis? ये 6 स्किल्स दिला सकती हैं अच्छी जॉब!

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आज का दौर तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन (Automation) ने काम करने के तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। मशीनें अब वो काम भी करने लगी हैं जो पहले केवल इंसान किया करते थे — चाहे वो डेटा एनालिसिस हो, कंटेंट क्रिएशन हो या कस्टमर सर्विस। ऐसे में नौकरी का स्वरूप बदल रहा है और कई पारंपरिक जॉब्स खतरे में पड़ गई हैं। लेकिन चिंता की बात नहीं है, क्योंकि इस बदलाव के साथ नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। अगर आप आने वाले समय में करियर को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो ज़रूरी है कि आप सही स्किल्स सीखें। आज की दुनिया में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल्स मायने रखती हैं — जैसे कि क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन, डिजिटल लिटरेसी, डेटा एनालिटिक्स, और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग। ये स्किल्स आपको मशीनों से अलग बनाती हैं और हर इंडस्ट्री में आपकी वैल्यू बढ़ाती हैं। संक्षेप में, AI और ऑटोमेशन के इस युग में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो लगातार सीखने और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखने की क्षमता रखते हैं। तो अगर नौकरी की चिंता है, तो इसे डर नहीं बल्कि अपने स्किल्स को निखारने का मौका समझें। कंपनियाँ नई हायरिंग (Hiring) में धीमी हो गई हैं। AI (Artificial Intelligence) अब कई एंट्री-लेवल (Entry-level) काम कर रहा है। लिंक्डइन (LinkedIn) सर्वे में दिखा कि युवा सबसे ज्यादा निराश हैं।अमेरिका में 2023 से एंट्री जॉब (Entry Job) में 35% की कमी हुई।लिंक्डइन के अनीश रमन (Anish Raman) ने कहा, परफेक्ट स्टॉर्म (Perfect Storm) युवाओं के सामने है।अर्थव्यवस्था (Economy) अनिश्चित है और इंडस्ट्री बदल रही है।लेकिन करियर शुरू करने का सही समय अभी है। ये खबर भी पढ़े …TISS Vacancy 2025: टाटा इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती — जल्द करें आवेदन आने वाले समय में ये 6 स्किल्स (Skills) बेहद जरूरी हैं- क्रिटिकल थिंकिंग (Critical Thinking) – जानकारी याद करने से ज्यादा उसका इस्तेमाल समझना जरूरी। कम्युनिकेशन (Communication) – अपने आइडियाज (Ideas) को स्पष्ट और असरदार तरीके से पेश करें। एडेप्टेबिलिटी (Adaptability) – नई तकनीक और माहौल में जल्दी ढलना सीखें। इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional Intelligence) – टीम में काम करते हुए भावनाओं को समझें। क्रिएटिविटी (Creativity) – मशीन नहीं सोच सकती, बॉक्स के बाहर आइडियाज (Ideas) लाएं। टेक्नोलॉजी अवेयरनेस (Technology Awareness) – डिजिटल टूल्स और AI (Artificial Intelligence) की बेसिक जानकारी रखें। ये खबर भी पढ़े …AF Vacancy 2026: इंडियन एयर फोर्स में ग्राउंड ड्यूटी पदों पर भर्ती, करें आवेदन अगर नौकरी (Job) नहीं मिल रही, तो ये करें- अपनी स्किल्स (Skills) का ऑडिट करें और सुधारें। Coursera, Udemy या LinkedIn Learning जैसे प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन सीखें। लिंक्डइन (LinkedIn) पर नेटवर्क (Network) बनाएं और प्रोजेक्ट्स शेयर करें। इंटर्नशिप (Internship) या फ्रीलांस (Freelance) काम से शुरुआत करें। मेंटल हेल्थ (Mental Health) का ध्यान रखें और मेडिटेशन करें। AI (Artificial Intelligence) से डरने की जरूरत नहीं।AI (Artificial Intelligence) आपका साथी बन सकता है, दुश्मन नहीं।63% बिज़नेस लीडर्स (Business Leaders) मानते हैं कि AI (Artificial Intelligence) एंट्री जॉब (Entry Job) करता है। लेकिन नए आइडियाज (Ideas) कंपनी की ग्रोथ (Growth) के लिए महत्वपूर्ण हैं।AI (Artificial Intelligence) सीखें और इसे अपने काम में इस्तेमाल करें। ये खबर भी पढ़े …MICA का 25 हफ्तों का ऑनलाइन प्रोग्राम, ऐसे बनें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर FAQs