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सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया

शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगाः योगी मुख्यमंत्री ने  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का किया वितरण सीएम ने किया पौधरोपण व गोशाला में गायों को चारा, गुड़ व फल भी खिलाया  सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगाः मुख्यमंत्री बोले- आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही प्रदेश सरकार सीएम ने अन्नपूर्णा मठ के कार्यों की सराहना की, बोले-समाज निर्माण को मजबूती और बालिकाओं को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर कर रहा मठ वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगा। सनातन धर्म ही लोकमंगल,  लोककल्याण के साथ सभी की सुरक्षा व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। सनातन धर्म को बचाना है तो संस्कृत को माध्यम बनाना पड़ेगा।  मुख्यमंत्री ने सोमवार को  अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन का वितरण किया। उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हाथों से भी सम्मानित किया। सीएम योगी ने यहां पौधरोपण किया और गोशाला में गायों को चारा,  गुड़ व फल खिलाया। सीएम ने बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि दीपावली के पूर्व मिला यह उपहार मां अन्नपूर्णा की कृपा है। उन्होंने बच्चों को हिदायत भी दी कि कंप्यूटर सुविधा का माध्यम है तो भटकाव भी है। हमें सकारात्मक रूप से ज्ञान को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जो जीवन को उज्ज्वल बनाने में योगदान दे सके।  आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संस्कृत का अध्ययन करते हुए अनवरत भारतीय संस्कृति व परंपरा के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। कंप्यूटर का भी आधुनिक ज्ञान ले रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि विज्ञान, गणित व अंग्रेजी की भी जानकारी ले लें,  सेना, अर्धसेना व पुलिस बल में धर्मगुरुओं की बड़ी संख्या निकलती है। आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया की जोड़ने वाली भाषा रहेगी। संस्कृत के बिना किसी का काम नहीं चलेगा।  आने वाले समय में संस्कृत के लिए अनेक कार्य करने जा रही सरकार सीएम ने कहा कि संस्कृत के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति नहीं थी। यूपी में हमने प्रयास किया और संस्कृत पढ़ने वाले हर छात्र के लिए छात्रवृत्ति जारी की। आने वाले समय में व्यवस्था करने जा रहे हैं कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था में सरकार अनुदान देगी। संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए भी विशिष्ट छात्रवृत्ति जारी करने वाले हैं। हमारा उद्देश्य है कि संस्कृत में पढ़ने-पढ़ाने और शोध को बढ़ाने वाले छात्रों के साथ अच्छे विद्वान भी बढ़ा सकें। संस्कृत में वेद और व्याकरण भारत की विशिष्ट देन है। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ था। पाणिनी वहीं की देन हैं। पाणिनी के व्याकरण में उस समय के इतिहास, परंपरा व भारत के बारे में विस्तृत अध्ययन प्राप्त होता है।  भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को दिया सर्वोच्च स्थान  मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के बारे में कहा कि जब मां अन्नपूर्णा, बाबा विश्वनाथ व मां गंगा की कृपा बरसती है तो ऐसे ही शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्राप्त हो जाते हैं। इस संस्थान की स्थापना के 108 वर्ष होने के साथ आज शरद पूर्णिमा से जुड़ रहे हैं। यह आयोजन यूपी सरकार के मिशन शक्ति (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) को भी जोड़ रहा है। भारतीय संस्कृति ने नारी की गरिमा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को सर्वोच्च स्थान दिया है। सनातन धर्म की परंपरा सदैव से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव व्यक्त करती रही है। भारत में हमने धऱती को भी मां के रूप में पूजा है। मां गंगा को सबसे पवित्र नदी मानकर आराधना की है। मां अन्नपूर्णा की कृपा से ही मानव व जीव-जंतु को खाने को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी गरिमा को दिया महत्व  सीएम योगी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी नारी गरिमा को महत्व दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,  12 करोड़ घर में शौचालय, देश में चार करोड़ व यूपी में 60 लाख लोगों को छत दी गई। जब बरसात,  सर्दी में लोगों के सिर पर छत नहीं होती थी, तब घर की महिला परिवार की लाज बचाती थी। एलपीजी के 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन फ्री में उपलब्ध हुए। अब तो काशी में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो गई है। यह काशी की प्रगति दिखती है। गांव में पहले यदि गरीब का घर टूट जाता था तो दोबारा मकान बनाने के लिए पापड़ बेलने पड़ते थे। दबंग मकान नहीं बनने देता था। सीएम ने घरौनी की चर्चा की और कहा कि तीन करोड़ परिवारों को जहां पर उसका आवास है, वहीं उसका मालिकाना अधिकार दे दिया गया। यह अधिकार घर की महिला सदस्य को दिया गया।  हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का हो रहा कार्यक्रम  मुख्यमंत्री ने कहाकि शिक्षा, स्वास्थ्य,  स्किल मिशन, रोजगार समेत जीवन के हर क्षेत्र में महिला को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम नारी रक्षा के साथ स्वावलंबन का अभियान है। काफी पहले से अन्नपूर्णा मंदिर ट्र्स्ट की ओर से 250 बालिकाओं को प्रतिवर्ष प्रशिक्षण देकर सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाती है। एक परिवार के भरण-पोषण में सिलाई मशीन बड़ी मदद कर सकती है। नारी को स्वावलंबन पथ पर अग्रसर करने में यह बड़ी भूमिका का निर्वहन भी कर सकती है।   आने वाला समय नए रोजगार के सृजन का   सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग में है। रेडिमेड गारमेंट्स की दुनिया में काफी मांग है। यूपी ने 2018 में एक जनपद,  एक उत्पाद योजना लागू की। सीएम ने वाराणसी, भदोही, मीरजापुर व लखनऊ का जिक्र किया। बोले कि सभी को अच्छी डिजाइन, पैकेजिंग, तकनीक से जोड़ा जाता है। अब इतना ऑर्डर मिलता है कि वे आपूर्ति नहीं कर पाते। यूपी सरकार ने भारत सरकार के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। सीएम ने कहा कि हम लोगों ने फ्लैटेड फैक्ट्री का नया कॉन्सेप्ट दिया है। … Read more

हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश

हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता: सीएम योगी जनता दर्शन : सोमवार को प्रदेश से आये लोगों की समस्या से स्वयं रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी हर पीड़ित के पास पहुंचे सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से आये फरियादियों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे, उनकी समस्या पूछी, प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में सभी की समस्याओं का उचित निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चेहरे पर खुशी और संतुष्टि ही सरकार की प्राथमिकता है।  पुलिस, राजस्व, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण लेकर पहुंचे फरियादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, राजस्व से जुड़े प्रकरण, नौकरी, आर्थिक सहायता आदि की मांग को लेकर पहुंचे।  किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा सीएम योगी ने कहा कि किसी के चेहरे पर खुशी लाना ही ईश्वर की सेवा है। प्रदेश सरकार हर पीड़ित को खुशहाल करने  की भावना से कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का बिना भेदभाव सभी को लाभ मिल रहा है। 'जनता दर्शन' के माध्यम से भी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी और खूब पढ़ने-खेलने की  भी सलाह दी।

संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति- 5.0: छात्राओं को आत्मरक्षा से मिल रही आत्मविश्वास की सीख  स्कूल से लेकर सुदूर गांव तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही योगी सरकार संकट की घड़ी में सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल सिखा रही योगी सरकार  – मिशन शक्ति से मजबूत हो रही महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन – विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन कर रही है। इसके माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा कर न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया जा रहा है बल्कि उनको संबंधित कानून की भी जानकारी देकर सशक्त भी किया जा रहा है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत योगी सरकार विभिन्न अभियानों के माध्यम से अबतक 13.58 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें जागरूक कर चुकी है। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें, खुद को कमजोर न समझें, बल्कि अपनी क्षमताओं का उपयोग कर संकट का सामना करें, सरकार हर कदम पर महिलाओं के साथ है । इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हेल्पलाइन नंबर व साइबर सुरक्षा की भी दी गई जानकारी इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है, जिसमें जानकारी दी गई कि कोई भी बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।  महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

सुप्रीम कोर्ट में CJI पर हमला: वकील ने जूता फेंका, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई के सामने कोर्ट में आज एक वकील ने हंगामा करने की कोशिश की. आरोप है कि वकील ने CJI की तरफ जूता फेंकने का प्रयास भी किया. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हिरासत में ले लिया. इस बीच, पूरे घटनाक्रम के दौरान जस्टिस गवई शांत बने रहे और कोर्ट में सुनवाई यथावत जारी रही. उन्होंने कहा कि इन चीजों से "मुझे फर्क नहीं पड़ता." बताया जा रहा है कि वकील डेस्क के पास गया और जूता निकालकर जज की तरफ फेंकने की कोशिश की लेकिन कोर्ट में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया और वकील को बाहर ले गए. बाहर जाते समय वकील यह कहते सुना गया, "सनातन का अपमान नहीं सहेंगे." CJI इस घटना से प्रभावित नहीं हुए और कोर्ट में मौजूद अन्य वकीलों से कहा कि अपने तर्क जारी रखें. उन्होंने कहा, “इस सब पर ध्यान मत दें. हम प्रभावित नहीं हैं. ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं." मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीजेआई पर क्यों की गई जूता फेंकने की कोशिश? घटना पर एक वकील ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि आज की जो घटना है, वह बहुत ही दुखद है. एक कोर्ट में, वो भी वकील ने अगर असॉल्ट करने का प्रयास किया है, तो हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. देखिए, हमारे बार के वो मेंबर हैं. अभी हमने जांच किया और पता चला कि वो 2011 के मेंबर हैं." वकील ने कार्रवाई की मांग की वकील ने अपने बयान में कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है. इसलिए हम कह सकते हैं कि जो पता चला है, वह लॉर्ड विष्णु के मैटर्स में आया कमेंट था, हॉनरेबल CJI के उसी पर ही उन्होंने ऐसा प्रयास (वकील ने जूता फेंकने का प्रयास) किया है. यह बहुत ही दुखद घटना है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अगर यह घटना सच है, तो एक्शन होना चाहिए."

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आग का कहर, सात मरीजों की मौत से मचा हड़कंप

जयपुर राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने से 7 मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर आग ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू के स्टोर रूम में लगी, जहां मेडिकल पेपर, ब्लड सैंपल ट्यूब्स और आईसीयू से जुड़ा अन्य सामान रखा गया था। आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर ने बताया कि हादसे के समय आईसीयू में कुल 11 मरीज भर्ती थे। वहीं बगल वाले दूसरे आईसीयू में 13 मरीज और थे। आग लगते ही स्टाफ ने तुरंत अलार्म बजाया और मरीजों को शिफ्ट करने की कोशिश की गई लेकिन धुएं और आग की चपेट में आने से 7 मरीजों की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन रोते-बिलखते नजर आए, वहीं कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और तकनीकी टीमों को शॉर्ट सर्किट की पुष्टि के लिए लगाया गया है। सरकार और अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

छिंदवाड़ा सिरप त्रासदी: जांच तेज, परिवारों में गहरा रोष; कांग्रेस ने उठाए सवाल

छिंदवाड़ा   जहरीले सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश और देश को झकझोर दिया है। प्रशासन की लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि अंतिम संस्कार से पहले किसी भी बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इसी वजह से जिले के मोक्ष धाम से पोस्टमार्टम के लिए 2 साल की बच्ची का शव कब्र से निकालना पड़ा। बच्ची के शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बाद 2 साल की योगिता ठाकरे की हालत बिगड़ गई थी और नागपुर के गणेश अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन विवाद बढ़ने पर रविवार को प्रशासन की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी; स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा परासिया में 11 बच्चों समेत जिले में 14 बच्चों की मौत प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ सिरप पीने से हुई है। इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश में हड़कप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर का प्रस्तावित दौरा निरस्त कर सोमवार को परासिया दौरे का कार्यक्रम आनन फानन में बनाया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव दोपहर 1.40 बजे छिंदवाड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर के जरिए परासिया जाएंगे। दोपहर 1.55 से 3.25 तक परासिया में मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद छिंदवाड़ा लौटकर वह भोपाल के लिए रवाना होंगे। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मृतक बच्चों के स्वजनों से मुलाकात करने पहुंच गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मांगा स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा जीतू पटवारी ने परासिया पहुंचकर पीड़ित अभिभावकों से मुलाकात की। जीतू पटवारी ने कहा कि इस मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा। बल्कि इस गंभीर लापरवाही के लिए स्वास्थ्य मंत्री, पीएस को इस्तीफा देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि इस मामले में लीपापोती की जा रही है। डॉक्टर का काम दवाई लिखना होता है। अगर इस प्रकार पूरे प्रदेश में दवाई वितरित हुई है तो क्या सब डॉक्टर पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। जरूरत है कि दवा कंपनी और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने उठाया सवाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार में छिंदवाड़ा के परासिया में हुई बच्चों की मौत के मामले में सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। जब हमारे विधायक जब धरने पर बैठे तब सरकार जागी। कोई भी प्रतिनिधि सरकार का वहां नहीं पहुंचा। प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये की तत्काल दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए और ड्रग कंट्रोलर पर कार्रवाई होनी चाहिए। 14 स्वजन को 4-4 लाख की सहायता एडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि "14 लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। जिसमें 11 बच्चे परासिया के 2 बच्चे छिंदवाड़ा और एक चौरई का है। जबकि अभी 8 बच्चे एडमिट हैं। जिनमें 4 सरकारी अस्पताल में 1 एम्स है, जबकि 3 निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। अभी तक इस मामले की बात करें तो 22 सितंबर को सबसे ये मामले सामने आया था। जहां छिंदवाड़ा के परासिया विकासखंड में मामलू सर्दी जुकाम और बुखार के बाद बच्चों का इलाज कराया गया। जहां कुछ वक्त के बाद उनमें किडनी इंफेक्शन की समस्या आई। छिंदवाड़ा के बाद इन बच्चों को नागपुर में भर्ती कराया गया। जहां जांच में किडनी इंफेक्शन होने की बात सामने आई थी। पहले तीन फिर यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 9 पहुंची, इसके बाद शनिवार रात 10 बच्चों की मौत की जानकारी आई। वहीं रविवार यानि 5 अक्टूबर को एडीएम ने 14 बच्चों के मौत की पुष्टि की। मामले में अभी तक कोलड्रिफ और नेक्सट्रो डीएस सिरप को बैन कर दिया गया है।वहीं दिल्ली से इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टीम दो बार छिंदवाड़ा आकर पानी खाना-पीना सहित सिरप के सैंपल लेकर गई है। आरोपित डॉक्टर गिरफ्तार मामले में पुलिस ने आरोपित डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने से बाद डॉ. प्रवीण सोनी को सस्पेंड कर दिया गया है। डॉक्टर की क्लिनिक के पास ही उनकी पत्नी मेडिकल स्टोर चलाती हैं। जहां से दवाएं खरीदी गई थीं। सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन और डॉक्टर प्रवीण सोनी के खिलाफ परासिया थाने में 3 अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बीएनएस की धारा 276, दवा में मिलावट मामले में 1 साल की सजा हो सकती है। वहीं, बीएनएस की धारा 105 में कल्पेबल होमीसाइड मामले में 10 साल की सजा दी जा सकती है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27 ए मिलावटी ड्रग से मौत के मामले में 10 साल से अधिक या आजीवन जेल की सजा हो सकती है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप तमिलनाडु की कंपनी श्रीसन बनाती है, जिसकी फैक्ट्री कांचीपुरम में है। छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत की खबरों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु से कोल्ड्रिफ की जांच करने को कहा था। जांच में कोल्ड्रिफ सिरप को नाट आफ स्टैंडर्ड क्वालिटी यानी घटिया क्वालिटी का करार दिया गया। कोल्ड्रिफ में 48.6 फीसदी डाय-इथिलीन ग्लाइकाल मिला जो जहरीला पदार्थ है और इससे किडनी खराब हो सकती है। सांसद नकुल नाथ का आरोप, सरकारी रिकॉर्ड में दो बच्चों की मौत दर्ज नहीं हुई  पूर्व सांसद नकुल नाथ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त किए कि जिले के परासिया क्षेत्र में एक बच्चे को मामूली मौसमी बुखार था। स्वजनों ने डॉक्टर को दिखाया, डॉक्टर ने सिरप दिया। सिरप पीने के बाद बच्चे का पेशाब बंद हुआ, इलाज चलता रहा, लेकिन अंततः उसकी सांसें थम गईं। सवाल उठता है कि पहली ही मौत के बाद जिम्मेदारों ने ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? पहली मृत्यु 4 सितंबर को शिवम (4) की किडनी फेल होने से हुई, लेकिन जवाबदारों ने उस मामले की अनदेखी कर दी । नाथ ने कहा कि जब चार बच्चों को पुन: किडनी फेलियर की वजह से नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब किडनी की बायोप्सी से पता चला कि इन बच्चों की मौत का कारण जहरीला कफ सिरप है । उसके बाद भी डाक्टर इसे लिखते रहे और … Read more

बारिश का सिस्टम कमजोर, MP में 24 घंटे में गिरा पानी, मानसून लौटेगा

भोपाल   मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 3 दिन में हल्की बारिश का दौर रहेगा। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग ड्राई रहेगा। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। रविवार को भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया।  भदभदा और कलियासोत डैम एक-एक गेट खोले  रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 10 से पूरे प्रदेश में मानसून की वापसी मौसम विभाग के अनुसार, अब तक ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिरा है।  एमपी में 24 घंटे के दौरान 21 जिलों में बारिश, रायसेन में 3.7 इंच बरस गया मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 21 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। भोपाल में ढाई इंच, बैतूल में 2 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 1.8 इंच, श्योपुर-शिवपुरी में 1.7 इंच, सिवनी में डेढ़ इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और नर्मदापुरम-दमोह में 1 इंच बारिश हुई। सागर, धार, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, गुना, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा। इतनी तेज बारिश की भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर रेंगती हुई चली गाड़ियां रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 1 जून से 5 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

हर महीने 1859 करोड़ खर्च करेगी सरकार, लाड़ली बहना योजना हुई महंगी

भोपाल  मध्यप्रदेश की सुपरहिट योजनाओं में शुमार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मोहन सरकार को 318 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। अभी सरकार कर्ज लेकर हर महीने लाड़ली बहनों को 1250 रुपए दे रही है। अक्टूबर महीने में राशि अंतरित करने के लिए सरकार को 318 करोड़ रुपए का इंतजाम करना होगा। फिलहाल, अक्टूबर महीने में किस दिन लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे यह अभी तय नहीं हुआ है। सीएम डॉ मोहन यादव के द्वारा भाईदूज पर बहनों के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया था। जिसके बाद अब लाड़ली बहनों के खाते में 1500 हर महीने ट्रांसफर किए जाएंगे। हर महीने लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे 1500 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने अगस्त में लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रुपए करने का ऐलान किया था। अक्टूबर महीने में सरकार के द्वारा 250 रुपए बढ़ाकर ट्रांसफर किए जाएंगे। यानी लाड़ली बहनों के खाते में इस महीने से 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। लाड़ली बहनों के खाते में राशि 15 अक्टूबर के पहले ही ट्रांसफर कर दी जाएगी। पूर्व मंत्री बोले- कर्ज के दलदल में एमपी पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने बातचीत में कहा कि सरकार की लाड़ली बहना योजना अब सिर्फ चुनावी इवेंट बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर महीने इस योजना के भुगतान के लिए राज्य सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। पटेल ने कहा, सरकार इस महीने से बहनों के खातों में 1500 रुपए ट्रांसफर करने जा रही है, जिससे करीब 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पहले लाखों लाड़ली बहनों के नाम योजना से काट दिए गए और अब नई पात्र बहनों नाम जुड़ नहीं पा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा, हर महीने मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेला जा रहा है। राज्य पर प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपए का कर्ज हो चुका है।   राखी पर लाड़ली बहनों को 250 रुपए अतिरिक्त मिले थे रक्षाबंधन पर सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहनों के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त ट्रांसफर किए थे। जो कि हर महीने 1250 रुपए मिलने वाली राशि से अलग थे। उस दौरान सरकार ने करीब 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में 1859 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी। जबकि सितंबर महीने में 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किस्त के रूप में 1541 करोड़ रुपए अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी।   सरकार को लेना पड़ सकता है कर्ज अक्टूबर महीने में दिवाली का त्योहार है। ऐसे में कर्मचारियों और महिलाओं की मांग को पूरी करने के लिए सरकार फिर से कर्ज ले सकती है। सरकार पर मौजूदा कर्ज 459640.27 करोड़ रुपए तक हो गया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा बढ़कर 37900 करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार के द्वारा बीते 30 सितंबर को 1 हजार करोड़ का कर्ज लिया गया था। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल

रायपुर : सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा – मुख्यमंत्री  साय मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल रायपुर शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु  रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री  मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है। इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

जनजातीय विकास पर जोर, राज्यपाल पटेल बोले – योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद तक सुनिश्चित हो

जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए: राज्यपाल  पटेल वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन चरित्र से लें युवा प्रेरणा राज्यपाल ने किया आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत संवाद भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में जनजातीय कल्याण का महा अभियान चल रहा है। पीएम जनमन योजना और धरबी आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय सशक्तिकरण की अभूतपूर्व योजनाएं है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने आगें आए। राज्यपाल  पटेल रविवार को दमोह के सिंग्रामपुर में आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत आदि साथी और आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सरकार के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी जनजातीय कल्याण के प्रयासों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सक्रिय सहभागिता करें। आम जनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी के साथ सिकल सेल, टी.बी. आदि रोगों के कारण, लक्षण और उपाय के प्रति भी जागरूक करें। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दी जा रही शासकीय सहायता और सुविधाओं की चर्चा की। शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान अवश्य करें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती से वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सफल बनाने सरकार के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि सिकल सेल की जागरूकता में हर संभव सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान जरूर किया जाए। पेसा पंचायतें ग्राम सभा में सिकल सेल जागरूकता का गंभीर प्रयास करें। सिकल सेल के सामान्य लक्षण, बचाव आदि के बारे में बताएं। ग्रामीणों को शादी के पहले जेनेटिक कार्ड मिलान के महत्व की व्यावहारिक और सरल भाषा में जानकारी दें। वीरांगना के जीवन आदर्शों से लें प्रेरणा युवा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का गौरव है। उन्होंने अपने अदम्य वीरता, साहस और नेतृत्व क्षमता से सफलतापूर्वक शासन किया। राज्यपाल  पटेल ने उपस्थित युवाओं से आव्हान किया कि वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन आदर्शों और संघर्ष से प्रेरणा लें। राष्ट्र हित में हमेशा आगे बढ़कर कार्य करें। केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार जनजातीय कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उनके स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की संवेदनशीलता और सक्रिय प्रयासों की सराहना की। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री  धमेन्द्र भाव सिंह लोधी ने राज्यपाल  पटेल के आगमन पर आभार जताया। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री  लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय की भावना के अनुरूप जनजातीय कल्याण की दिशा में सतत रूप से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, हटा विधायक मती उमा देवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रंजीता गौरव पटेल, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।