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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उभरीं नई प्रतिभाएं, निधि, मीरा और अलीशा ने काव्य पाठ से बांधा समा

छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित हुआ युवा कवि सम्मेलन राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उभरीं नई प्रतिभाएं, निधि, मीरा और अलीशा ने काव्य पाठ से बांधा समा एक हजार से अधिक प्रतिभागियों में से चयनित तीन युवा कवियों ने युवा कवि सम्मेलन में किया मंच साझा छत्तीसगढ़ के युवा कवियों की खोज में आयोजित हुई युवा काव्य पाठ प्रतियोगिता, भव्य कवि सम्मेलन के साथ हुई समाप्त रायपुर  प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे। …..    ……..

WC में भारत की बेटियों का जलवा, ODI में पाकिस्तान पर लगातार 12वीं जीत, खेल भावना पर उठे सवाल

कोलंबो  आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के मैच नंबर-6 में रविवार (5 अक्टूबर) को भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ. कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भारत ने 88 रनों से शानदार जीत हासिल की. मुकाबले में पाकिस्तान को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट मिला था, जिसका वो पीछा नहीं कर पाई. पाकिस्तानी टीम 43 ओवरों में 159 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने तीन विकेट झटके और वो 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुनी गईं. दीप्ति शर्मा ने भी तीन और स्नेह राणा ने दो विकेट हासिल किए. पाकिस्तान पर भारतीय टीम ने वूमेन्स वनडे में लगातार 12वीं जीत हासिल की है. उसने अब तक एक भी वनडे मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ गंवाया नहीं है. मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत की ये लगातार दूसरी जीत रही और वो अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है. भारतीय टीम ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए पहले मुकाबले में श्रीलंका को डीएलएस नियम के तहत 59 रनों से पराजित किया था. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 9 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका का सामना करेगी. टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 6 रनों के स्कोर पर मुनीबा अली का विकेट गंवा दिया  मुनीबा 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुईं. फिर उसने सदफ शमास (6 रन) और आलिया रियाज (2 रन) का विकेट भी सस्ते में खो दिया. 26 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और नतालिया परवेज ने चौथे विकेट के लिए 69 रन जोड़े. क्रांति गौड़ ने नतालिया को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. कप्तान फातिमा सना (2 रन) कुछ खास नहीं कर पाईं और उन्हें दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी में फंसाया. पाकिस्तान के लिए सिदरा अमीन ने खेली अच्छी पारी पांच विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और सिदरा नवाज ने मिलकर छठे विकेट के लिए 41 रन जोड़े. जरूरी रनरेट बढ़ता जा रहा था, इसी चलते पाकिस्तानी टीम बैक टू बैक ओवरों में सिदरा नवाज (14 रन) और रमीन शमीम (0 रन) के विकेट खो दिए. पाकिस्तान को फिर सिदरा अमीन के रूप में आठवां झटका लगा, जो शानदार बैटिंग कर रही थीं. सिदरा ने 106 गेंदों पर 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. यह वूमेन्स ओडीआई में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बैटर का बेस्ट स्कोर रहा. सिदरा अमीन के आउट होने के बाद भारतीय टीम के लिए जीत औपचारिकता रह गई. भारतीय महिला टीम ने PAK प्लेयर्स से नहीं मिलाया हाथ स मुकाबले में नो हैंडशेक पॉलिसी देखने को मिली. टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया. फिर मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया. इससे पहले एशिया कप 2025 में भारतीय मेन्स टीम ने ऐसा किया था. तब भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों ही मैचों में पाकिस्तान प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया था. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बोर्ड की ओर से खिलाड़ियों को पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा था, 'पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. खिलाड़ियों को हैंडशेक करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. हमारा फोकस सिर्फ खेल पर है.' मोहसिन नकवी के हाथों नहीं ली एशिया कप ट्रॉफी यह मुद्दा सबसे पहले मेन्स एशिया कप के दौरान उभरा था, जब भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए थे. उस समय भारतीय टीम ने मैच से पहले और उसके बाद हैंडशेक से परहेज किया थाा. पाकिस्तानी टीम के कोच माइक हेसन ने दावा किया था कि भारतीय टीम ने सुरक्षा और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा किया. तनाव उस समय और बढ़ गया जब भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि पाकिस्तान के साथ खेल संबंध सिर्फ आईसीसी या न्यूट्रल वेन्यू पर होने वाले टूर्नामेंट्स तक सीमित रहेंगे. दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी. महिला वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की टीम कोलंबो में ही ठहरी हुई है, जबकि भारत के मुकाबले गुवाहाटी और कोलंबो में हो रहे हैं. भारत ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका को 59 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी.

2025 की दीपावली को लेकर मचा था भ्रम, अब सामने आई तारीख और ज्योतिषीय वजह!

नई दिल्ली देशभर में रोशनी और खुशियों का त्योहार दीपावली बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार दीपावली की तारीख को लेकर काफी भ्रम और कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है। अलग-अलग पंचांगों में दीपावली की तारीख अलग-अलग बताई जा रही है। कहीं इसे 20 अक्टूबर को तो कहीं 21 अक्टूबर को मनाने की बात कही जा रही है। इस कन्फ्यूजन के बीच काशी विद्वत परिषद ने इस मामले में साफ-साफ अपनी राय रख दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 में अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इसी दिन अमावस्या प्रदोषकाल पूरा होता है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए जरूरी माना जाता है। वहीं 21 अक्टूबर को अमावस्या तीन प्रहर (लगभग आधी रात तक) तक बनी रहती है। उस दिन प्रतिपदा की तिथि भी शुरू हो जाती है, जिससे नए अन्न का पारण (भोजन) नहीं हो पाता है। शास्त्र के अनुसार दीपावली का महापर्व तभी पूरी तरह से माना जाता है जब यह अमावस्या तिथि और प्रदोषकाल के बीच मनाया जाए। इसलिए पूरे देश में इस बार दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाना सही रहेगा। कैसे हुआ फैसला? पंचांग में तारीखों को लेकर चल रहे मतभेदों को सुलझाने के लिए काशी विद्वत परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। यह बैठक ऑनलाइन हुई और परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में दीपावली की सही तिथि को लेकर गहन चर्चा हुई। विद्वानों ने शास्त्र, गणित और पंचांग के आधार पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। अंत में दीपावली की तिथि को स्पष्ट करते हुए प्रेस रिलीज जारी की गई और पूरे देश को जानकारी दी गई। बैठक में शामिल हुए विद्वान इस महत्वपूर्ण बैठक में कई नामी विद्वान मौजूद रहे, जिनमें प्रोफेसर वशिष्ठ नाथ त्रिपाठी, प्रोफेसर विनय पांडेय, प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी, प्रोफेसर सदाशिव द्विवेदी, डॉ. सुभाष पांडेय, प्रोफेसर चंद्रमौली उपाध्याय, विद्वान राम किशोर त्रिपाठी और पंचांगकार अमित कुमार मिश्र शामिल थे। इन सभी ने मिलकर दीपावली की सही तिथि तय की।

सीएम आज महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय के 13 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन शैक्षणिक भवन और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के 10.05 करोड़ रुपये से बने नये शैक्षणिक भवन का भी लोकार्पण करेंगे। साथ ही महाकोशल महाविद्यालय में 3 करोड़ 67 लाख रुपये से बनने वाले भवन का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाविद्यालय में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, सांस्कृतिक, नवाचार एवं सामाजिक सेवा क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, क्षेत्रीय विधायक श्री अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री आशीष राव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकोशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अवसर महाकौशल महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। लगभग 1500 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं नागरिक इस अवसर के साक्षी बनेंगे। यह आयोजन जबलपुर की शिक्षा और युवा ऊर्जा का प्रतीक बनकर प्रदेश में उत्कृष्टता और नवाचार के नये मानक स्थापित करेगा।  

बीहड़ से बिजली तक: चंबल में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी, बढ़ेगा विकास का रास्ता

भोपाल थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रही मध्य प्रदेश सरकार अब चंबल के बीहड़ में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बीहड़ की 60 हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं का आइआइटी रुड़की से अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ करेंगे अध्ययन बीहड़ की भूमि कभी डकैतों के लिए प्रसिद्ध रही है, लेकिन इसका उपयोग अब सौर ऊर्जा बनाने में किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में चंबल नदी, जलीय जीवों के संरक्षण और पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार इस दिशा में भी विचार कर रही है कि क्यों न बीहड़ की भूमि का उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी किया जाए। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ इस पहलू से भी अध्ययन करेंगे।   कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य बता दें कि ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है, जो नवीकरणीय ऊर्जा से पानी को इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा विभाजित करके बनाया जाता है, जिसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। यह भारी उद्योगों, परिवहन और ऊर्जा भंडारण जैसे मुश्किल क्षेत्रों को कार्बन-मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 2030 तक पांच मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन के वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा है। कितनी भूमि उबड़ खाबड़ और कितनी समतल मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस ने बताया कि हमारे पास बीहड़ क्षेत्र की सेटेलाइट इमेज है, इसका पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भूमि का डाटा से मिलान कराया जा रहा है। इससे यह पता लग जाएगा कि कितनी भूमि उबड़ खाबड़ है और कितनी भूमि समतल। भूमि का वर्गीकरण कर मैपिंग की जा रही है और यह निर्णय लिया जाएगा कि कितनी भूमि का सोलर प्लांट लगाने में उपयोग किया जा सकता है। काफी कुछ आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों की ओर से किए जाने वाले अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।  

शुभांशु शुक्ला की नई जिम्मेदारी, छात्रों को विकसित भारत के निर्माता बनाएंगे

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचने वाले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को केंद्र सरकार के 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। यह कार्यक्रम देशभर के स्कूलों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। देश का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' शिक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा स्कूल हैकाथॉन है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है। इस पहल के तहत 1.5 लाख स्कूलों के एक करोड़ से अधिक छात्र मिलकर नए विचारों, डिजाइन और प्रोटोटाइप तैयार करेंगे। चार मुख्य थीम पर काम करेंगे छात्र विद्यार्थियों को चार राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर प्रोजेक्ट बनाने होंगे। इसमें आत्मनिर्भर भारत- स्वावलंबी तकनीक और समाधान विकसित करना,  स्वदेशी- देशी विचारों और नवाचारों को बढ़ावा देना। वोकल फॉर लोकल- स्थानीय उत्पादों, कला और संसाधनों को प्रोत्साहन देना। समृद्धि – सतत विकास और समृद्धि के मार्ग बनाना शामिल है। क्या है कार्यक्रम की रूपरेखा? यह बिल्डाथॉन 23 सितंबर को लॉन्च हुआ था। इसमें पंजीकरण की अंतिम तिथि- 6 अक्तूबर, वहीं इसका लाइव बिल्डाथॉन 13 अक्तूबर को होगा। वहीं विजेताओं की घोषणा दिसंबर महीने में की जाएगी इस दौरान छात्र टीमों में मिलकर अपने विचारों को मूर्त रूप देंगे और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करेंगे। शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, 39 वर्षीय भारतीय वायुसेना अधिकारी और टेस्ट पायलट हैं। उन्होंने हाल ही में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। यह मिशन इसरो, नासा और एक्सिओम स्पेस के सहयोग से संपन्न हुआ। इस यात्रा के साथ वे आईएसएस तक पहुंचने वाले पहले भारतीय और राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने। शिक्षा मंत्रालय के साथ हुई चर्चा शनिवार को शुभांशु शुक्ला ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच 'विकसित भारत बिल्डाथॉन' की रूपरेखा और उद्देश्य पर बातचीत हुई। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस दृष्टि से जुड़ी है, जिसमें विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने की बात कही गई है ताकि वे भविष्य के 'विकसित भारत' के निर्माता बन सकें।

2026 से MP में बदले जाएंगे कई नियम: सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी नई सुविधा और राहत

भोपाल मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर नए साल यानी वर्ष 2026 में बड़े परिवर्तन की तैयारी है। इनमें सरकारी पदों के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया, कर्मचारियों का कैशलेस उपचार, अवकाश और पेंशन नियम शामिल हैं। भर्ती नियमों में यह प्रविधान किया जा रहा है कि चयन परीक्षाएं वर्षभर में चार-पांच बार ही होंगी। इसमें जो चयन सूची बनेगी, उसके अनुसार विभाग भर्ती करेंगे। इसी तरह कर्मचारियों को उपचार के लिए पहले राशि खर्च कर उसकी प्रतिपूर्ति के दावा नहीं करना होगा। उनके कैशलेस उपचार की व्यवस्था रहेगी। पेंशन नियम भी भारत सरकार के नियमों की तरह बनाए जा रहे हैं। प्रारूप तैयार हो चुका है। अवकाश निर्धारण के लिए भी समिति बना दी गई है, जो सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद अंतिम निर्णय लेगी।   एक मेरिट सूची से होगी नियुक्तियां प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। अभी वर्ष भर परीक्षाएं चलती रहती हैं। कर्मचारी चयन मंडल 20 से अधिक परीक्षाएं कराता है। इसमें समय के साथ-साथ संसाधन भी अधिक लगते हैं। इसी तरह राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं होती हैं। मौजूदा पैटर्न से सरकार ने भर्ती का जो लक्ष्य रखा है, वह प्रभावित हो सकता है, इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती नियमों में परिवर्तन का प्रारूप तैयार किया। नई व्यवस्था में वर्ष भर में पांच-छह परीक्षाएं होंगी और समूह परीक्षा की एक चयन प्रावीण्य सूची बनेगी। इसके हिसाब से विभाग नियुक्तियां करेंगे। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ विभागीय अधिकारियों की दो दौर की बैठक हो चुकी है। कर्मचारियों के लिए आयुष्मान जैसी योजना राज्य सरकार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार की तरह सरकारी कर्मचारियों को उपचार के लिए आयुष्मान जैसी योजना लाने की तैयारी में है। इसमें पांच लाख रुपये तक सामान्य और 10 लाख रुपये तक गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कर्मचारियों से अंशदान लिया जाएगा, जो उनके वेतन से काटा जाएगा। अंशदान का निर्धारण होना शेष है। पेंशनरों को भी यह सुविधा दी जा सकती है। ऐच्छिक अवकाश का नए सिरे से होगा निर्धारण प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को वर्ष भर में तीन ऐच्छिक अवकाश दिए जाते हैं। सरकार ने वर्षभर के लिए सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य आधारों पर 53 ऐच्छिक अवकाश चिह्नित किए हैं। कलेक्टर जिले की स्थितियों को देखते हुए इन्हें घोषित करते हैं। सरकार ने अब सामान्य, सार्वजनिक और ऐच्छिक अवकाश के निर्धारण के लिए समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामान्य प्रशासन, गृह, वित्त और राजस्व विभाग के अधिकारियों की समिति गठित की है। यह इस बात का भी परीक्षण कर रही है कि कोरोना महामारी के समय सप्ताह में पांच दिन कार्यालय लगाए जाने की व्यवस्था को जारी रखा जाए या पहले की तरह व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथ ही नौकरी में आने के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा से बाहर करने और सेवा आचरण नियम में संशोधन पर भी समिति काम कर रही है। केंद्र और राज्य के एक जैसे होंगे पेंशन नियम भारत सरकार ने वर्ष 2011 में 25 वर्ष से अधिक की अविवाहित बेटी, विधवा, परित्यक्ता बेटी को पेंशन देने की पात्रता देने की जो व्यवस्था बनाई, उसे यहां भी लागू किया जाएगा। नियम में यह प्रविधान किया जा रहा है कि अविवाहित पुत्री की स्थिति में आयु 25 साल से अधिक होने के बाद भी जब तक उसका विवाह नहीं होता, तब तक उसे परिवार पेंशन मिलती रहेगी।  

वन्य जीव संरक्षण के लिये रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की

भोपाल  वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को 5वें दिन वन्य जीव संरक्षण के लिये विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं पर्यावरण में रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। दौड़ वन विहार गेट क्रमांक-2 से डिपो चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब के पास वन विहार के गेट क्रमांक-1 पर समाप्त हुई। विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किये। वन्य जीव सप्ताह में सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्य जीवों के संरक्षण में सहायक है'' विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 प्रतियोगियों ने भाग लेकर विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री विजय कुमार और सहायक संचालक डॉ. रूही हक उपस्थित थीं। 6 अक्टूबर के कार्यक्रम वन्य जीव सप्ताह के 6वें दिन 6 अक्टूबर को सुबह 6 से 8:30 बजे तक पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया जायेगा। छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू एवं वन्य प्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपयोग में लिये जाने वाले उपकरणों की जानकारी देने के लिये कार्यशाला होगी। अन्य प्रतियोगिता में वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। साथ ही "वन्य जीव संरक्षण के साथ विकास संभव है'' विषय पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त मानव-वन्य जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ तथा से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर पर्यटकों के लिये "वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन'' वन विहार स्थित विहार वीथिका, स्नेक पार्क और टाइगर बाड़े पर किया जायेगा। 

सड़क सुरक्षा पर बड़ा कदम! सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, पैदल यात्रियों के लिए नए नियम होंगे तय?

भोपाल सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से पूछा है कि क्या भारत में भी विदेशों की तरह पैदल यात्रियों को सड़क की दायीं ओर चलने का नियम बनाया जा सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को 10 नवंबर तक सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश की याचिका पर उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में पैदल यात्रियों को बायीं ओर चलने की सलाह दी जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साल 2022 में हुए 50 हजार सड़क हादसों में से 18 हजार मौतें पैदल चलने वालों की थीं, यानी कुल मौतों का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा। क्यों दायीं ओर चलना हो सकता है सुरक्षित… ज्ञान प्रकाश ने दलील दी कि अगर पैदल यात्री सड़क की दायीं ओर चलेंगे तो उन्हें सामने से आने वाले वाहन दिखेंगे, जिससे समय रहते वे खुद को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में पैदल यात्रियों के लिए नियम ब्रिटिशकालीन परंपराओं और 1958 के विएना कन्वेंशन से प्रेरित हैं, जो अब मौजूदा ट्रैफिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि उसने 21 मई 2025 को ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं हुआ है। अदालत ने केंद्र और NHAI से पूछा कि क्या भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में “राइट वॉकिंग सिस्टम” लागू किया जा सकता है। विदेशों में क्या होता है? अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस, चीन में लोग सड़क की दायीं ओर पैदल चलते हैं। जबकि ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया में पैदल यात्री बायीं ओर चलते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में वाहनों के बायीं ओर चलने का नियम पैदल यात्रियों पर लागू करना गलत है। सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल सड़क परिवहन मंत्रालय के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, टू-व्हीलर के बाद सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें पैदल यात्रियों की होती हैं। ऐसे में कोर्ट का यह सवाल सड़क सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि केंद्र सरकार और NHAI की रिपोर्ट में यह व्यवस्था व्यावहारिक मानी जाती है, तो जल्द ही भारत में पैदल यात्रियों के चलने के नियम में 70 साल पुराना बदलाव देखने को मिल सकता है।

उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में आपस में जुड़े हैं मध्यप्रदेश और असम गुवाहाटी में हुआ इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया। पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी। म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. श्री भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. श्री जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य में जमीन और पानी पर भी सोलर एनर्जी प्रोडेक्शन प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों और निर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए हम औद्योगिक इकाई स्थापना, रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी, गुड्स ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कुशल श्रम शक्ति उपलब्ध कराने जैसे सभी सेक्टर्स में आगे बढ़कर इन्हें प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए सभी राज्यों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है और तभी हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बन पाएगा। मध्यप्रदेश और असम दोनों इस लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ेंगे। पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में होता है विकास : श्री धानुका असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धानुका ने असम के कल्चरल आइकॉन स्व. श्री जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह आयोजन असम और मध्यप्रदेश के लिए देश के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा। मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस मामले में लीड ले ली है। असम और म.प्र. के बीच कायम होंगे पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते : श्री जॉयदीप असम राज्य के फिक्की के सह-अध्यक्ष एवं बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्रालि के निदेशक श्री जॉयदीप गुप्ता ने कहा कि गुवाहाटी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव और डेलीगेशन का स्वागत है। यह मां कामाख्या की भूमि है। हम आज असम के सुप्रसिद्ध गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है और असम देश के लिए इकॉनॉमिक गेटवे की तरह है। विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निवेश आधारित यह रोड-शो बेहद अहम साबित होगा तथा इससे दोनों राज्यों के बीच पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते कायम होंगे। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ : श्री शर्मा श्री सीमेंट प्रा.लि. के श्री मनोज कुमार शर्मा ने कहा … Read more