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सशस्त्र माओवाद के खात्मे की समयसीमा तय, मार्च 2026 तक खत्म होने का भरोसा: डिप्टी सीएम शर्मा

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सशस्त्र माओवाद के खात्मे की समयसीमा तय, मार्च 2026 तक खत्म होने का भरोसा: डिप्टी सीएम शर्मा मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  पी. सुंदरराज, डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक  किरण चव्हाण,  मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

मुफ्त LPG सिलेंडर का तोहफा: इस दिवाली सिर्फ इन लोगों के लिए

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नई दिल्ली  दिवाली का त्योहार आने वाला है। इस त्योहार से पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं को फ्री एलपीजी सिलेंडर बांट रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की लाभार्थी महिलाओं को फ्री एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना के तहत 1.75 करोड़ से अधिक महिलाएं पंजीकृत हैं, जिन्हें सीधा फायदा मिलेगा। बता दें कि योगी सरकार साल में दो बार फ्री सिलेंडर देती है। एक सिलेंडर होली के त्योहार को ध्यान में रखकर दिया जाता है तो दूसरा सिलेंडर दिवाली के मौके पर दिया जाता है। फ्री एलपीजी सिलेंडर की सुविधा उन्हीं परिवारों को दी जाएगी, जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत हैं। इसके लिए किसी अलग आवेदन की जरूरत नहीं होगी। क्या है उज्ज्वला योजना? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं, को साफ ईंधन (एलपीजी गैस) उपलब्ध कराना है। अब तक 10 करोड़ से अधिक महिलाएं उज्ज्वला योजना से जुड़ चुकी हैं। इस योजना में सरकार 300 रुपये की सब्सिडी देती है। आसान भाषा मे समझें तो उज्जवला लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर सामान्य कीमत से 300 रुपये सस्ता मिलता है। 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार के साथ, योजना के तहत कनेक्शन की कुल संख्या बढ़कर 10.58 करोड़ हो जाएगी। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक इसके लिए सरकार ने 676 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है। बता दें कि योजना के तहत, लाभार्थियों को बिना किसी जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन मिलता है। इसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, ‘सुरक्षा’ नली, घरेलू गैस उपभोक्ता कार्ड (डीजीसीसी) पुस्तिका और स्थापना शुल्क की सुरक्षा राशि शामिल होती है। इसके अलावा, पहली बार सिलेंडर भराने के साथ चूल्हा भी निःशुल्क दिया जाता है। लाभार्थियों को एलपीजी कनेक्शन, पहले ‘रिफिल’ या चूल्हे के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। ये लागत केंद्र सरकार और पेट्रोलियम विपणन कंपनियां (ओएमसी) वहन करती हैं। लाभार्थियों के पास 14.2 किलोग्राम के एक सिलेंडर के साथ कनेक्शन, पांच किलोग्राम छोटे सिलेंडर के साथ कनेक्शन, या पांच किलोग्राम के दो सिलेंडर के साथ कनेक्शन में से चुनने की सुविधा है।  

अनन्त ऊर्जा के साथ आयुष गुप्ता ने शुरू किया वैश्विक शांति मिशन – हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस

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 भोपाल भारत से विश्व तक – एक समय, एक संकल्प और हज़ारों हीलर्स का विश्व शांति के लिए एकजुट होना – एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड। झीलों की नगरी भोपाल 5 अक्टूबर 2025 को मिंटो हॉल में एक ऐतिहासिक वैश्विक आंदोलन और विश्व रिकॉर्ड की मेज़बानी करने जा रहा है। “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस” (HFWP) शीर्षक से यह पहल, अनन्त ऊर्जा के संस्थापक आयुष गुप्ता जी और आरविका गुप्ता जी द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर हज़ारों और लाखों हीलर्स, ऊर्जा साधक, आध्यात्मिक नेता, बिज़नेस आइकॉन और सेलेब्रिटीज एक साथ जुटेंगे, सामूहिक ऊर्जा को विश्व शांति और समृद्धि के लिए समर्पित करेंगे। यह आंदोलन विश्वप्रसिद्ध रेकी ग्रैंडमास्टर, सेलिब्रिटी टैरो रीडर और इंटरनेशनल वेलनेस मेंटर आयुष गुप्ता जी के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो नीम करोली बाबा के आशीर्वाद से संचालित है और वर्तमान समय के वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन, इज़रायल-फिलिस्तीन, टैरिफ वॉर, नेपाल संकट, व्यापारिक संघर्ष और मानवीय संकट आदि) की पृष्ठभूमि में शांति की अत्यावश्यकता को दर्शाता है। मुख्य आकर्षण     •    विश्व रिकॉर्ड प्रयास: विश्व शांति के लिए अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक हीलिंग एनर्जी सर्कल।     •    वैश्विक सहभागिता: भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, यूएई, नेपाल और अन्य देशों से हज़ारों हीलर्स की भागीदारी। रेकी, प्राणिक हीलिंग, योग, आयुर्वेद, ध्यान और साउंड हीलिंग जैसे विविध आयामों का संगम।     •    राजनीतिक गरिमा: भारत सरकार के मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला जी और अन्य देशों व वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति।     •    प्रसिद्ध उद्योगपति: श्री दिलीप सुर्यवंशी जी (मैनेजिंग डायरेक्टर, दिलीप बिल्डकॉन), श्री संजीव अग्रवाल जी (सीएमडी, सेज ग्रुप) और अन्य प्रतिष्ठित उद्योगपतियों का सहयोग।     •    अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि: दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल से अहमद इब्राहिम जी, डॉ. बी.यू. अब्दुल्ला जी सहित कई वैश्विक प्रतिनिधियों की उपस्थिति।     •    बॉलीवुड समर्थन: प्रसिद्ध फिल्मकार राकेश रोशन जी, गायक बृजेश शांडिल्य जी, अभिनेता बलराज स्याल जी, गौरव दुबे जी, रेवा़ काराउस और अन्य फिल्म जगत की हस्तियाँ इस वैश्विक आंदोलन का समर्थन कर रही हैं।     •    सामुदायिक सहयोग: जापान से काओरी यानागी एवं शिंसुके कावाशिमा द्वारा सैकड़ों हीलर्स को ऑनलाइन जोड़ना, दुबई से अंक़ा (संस्थापक फ़ातिह और रोसा) द्वारा हीलर्स की भागीदारी, मध्य प्रदेश से मधुलिका बाजपेयी जी का हीलर्स को संगठित करना, फिफ्थवेद द्वारा सहयोग प्रबंधन आदि।     •    जन-सहभागिता: हज़ारों लोग भोपाल में और लाखों लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे – इसे सच्चे अर्थों में एक वैश्विक आयोजन बनाएंगे। सहयोगी और भागीदार इस पहल को प्रतिष्ठित भागीदारों का मज़बूत सहयोग प्राप्त है – मध्य प्रदेश पर्यटन, दिलीप बिल्डकॉन, दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल, दुबई योगा फेडरेशन, एएनजीसी, आनन्द संस्थान, ताज लेकफ्रंट भोपाल, सेज यूनिवर्सिटी, बी.यू. अब्दुल्ला ग्रुप, एमपीटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स और अन्य संस्थाएँ। यह सहभागिता न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मज़बूत करती है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर शांति और प्रगति का प्रतीक बनाती है। एकता का आह्वान आयुष गुप्ता जी ने कहा: “हीलिंग फॉर वर्ल्ड पीस केवल एक आयोजन नहीं है – यह मानवता के लिए एक आंदोलन है। जब हज़ारों हीलर्स और शांति समर्थक एक ही संकल्प के साथ अपनी ऊर्जा को समर्पित करते हैं, तो वह कंपन पूरी दुनिया को शांति की ओर मोड़ सकती है। यह ऐतिहासिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर होगा।” आयोजक सभी हीलर्स, इन्फ्लुएंसर्स, कॉरपोरेट्स, मीडिया प्रोफेशनल्स और विश्व नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनें – चाहे भोपाल में प्रत्यक्ष या ऑनलाइन सहभागिता के माध्यम से।

आस्था के मार्ग का गौरवशाली निर्माण हो: राम पथ परियोजनाओं पर सीएम डॉ. यादव का जोर

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राम पथ गमन, परिक्रमा पथ और राम राजा लोक का निर्माण भव्यता के साथ करें पूरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत हों निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने की राम पथ गमन और ओरछा में  रामराजा लोक निर्माण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं का सारा फोकस चित्रकूट पर है। राम पथ गमन और राम राजा लोक के निर्माण कार्य भव्यता के साथ किये जाएं। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता में रखें। सभी विभाग आपसी समन्वय और तालमेल के साथ प्रभावी कार्यवाही करें। समयबद्ध योजना के अनुसार आवंटित राशि का समुचित उपयोग करें और प्रबंधन कर सभी निर्माणाधीन कार्य समय-सीमा में पूरे करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम पथ गमन निर्माण से पहले परिक्रमा पथ तैयार किया जाए, इससे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच चित्रकूट का व्यापक प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के घाटों पर पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव होना चाहिए और हमारे सभी प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में राम पथ गमन कार्य योजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में धार्मिक के साथ मेडिकल पर्यटन की भी सभी संभावनाएं विकसित करने के लिए ठोस कार्यवाही की जाए। चित्रकूट में उच्च कोटि का हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाए। इससे चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को सामान्य सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने निवाड़ी जिले के ओरछा में भगवान  रामराजा लोक निर्माण की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक सक्सेना, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए सेवा के कामों से जुड़ी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। बड़ी कम्पनियों के सीएसआर फंड से भी चित्रकूट में सेवा गतिविधियां विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में परिक्रमा पथ जल्द से जल्द तैयार किया जाए। यहां सोमवती अमावस्या पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी तादाद के चलते भीड़ प्रबंधन की माइक्रो प्लानिंग की जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास को निर्देश दिए कि चित्रकूट नगर परिषद हैं, इसलिए वहां नगरीय विकास से जुड़े सभी काम प्राथमिकता से किए जाएं। चित्रकूट नगर का सौन्दर्यीकरण इस तरह से हो कि वह और भी अधिक सुंदर, नियोजित और व्यवस्थित हो जाए। अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन  शुक्ल ने बताया कि चित्रकूट में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 27.21 करोड़ रूपए, कामदगिरि परिक्रमा पथ के‍ विकास के लिए 36.84 करोड़ रूपए और स्मारक यज्ञ देवी सहित अन्य विकास कार्यों के लिए 72 लाख रूपए के निर्माण कार्य वर्तमान में संचालित हैं। इसी प्रकार ओरछा में राम राजा लोक निर्माण दोनों चरण सहित 7 विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं पर कुल 239.87 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुरूप राम पथ गमन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राम पथ गमन न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास में 33 सदस्य हैं, जिसमें 28 पदेन न्यासी एवं 5 अशासकीय न्यासी सदस्य की नियुक्ति 3 वर्ष के लिए की गई है। ये अशासकीय सदस्य राम के जीवनकाल संबंधी शोध से जुड़े विद्वत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि इस न्यास में 5 विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी। अपर मुख्य सचिव संस्कृति ने बताया कि चित्रकूट में घाटों के विस्तार एवं जीर्णोद्धार तथा सौन्दर्यीकरण के लिए आसपास की निजी भूमि सहित अन्य आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा चित्रकूट के समग्र विकास के लिए तैयार प्रस्ताव पर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। पर्यटन स्थल विकास के लिए मझगवां में वन विभाग से भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही सहित अमरकंटक में निजी और शासकीय भूमियों के चिन्हांकन की कार्यवाही भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में राम पथ गमन क्षेत्र अंतर्गत आरंभिक रूप से मध्यप्रदेश में 9 जिलों के अंतर्गत 23 स्थान चिन्हित किये गये हैं। कार्ययोजना में इन चिन्हित 23 स्थलों की विकास कार्य योजना प्रारूप, कॉन्सेप्ट मास्टर प्लान, वास्तुविद डिजाइन, ड्रॉइंग्स इत्यादि के निर्धारण हेतु म.प्र. पर्यटन विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि कामदगिरि परिक्रमा मार्ग विकास कार्ययोजना के अंतर्गत 36.84 करोड़ के कार्य और बृहस्पति कुंड, जिला पन्ना में 7.96 करोड़ की लागत से विकास कार्य एवं कैंटिलीवर ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। शरभंग आश्रम, सतना में 92.78 लाख की लागत से संरक्षण एवं विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं और अगस्त्य मुनि आश्रम, जिला पन्ना में 3.95 करोड़ की लागत से विकास कार्य भी पूरे हो चुके हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि नगर परिषद चित्रकूट एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा पिछले 10 वर्षों में 25.46 करोड़ रूपये के विकास कार्य पूर्ण कराए गए है। नगर परिषद चित्रकूट में 80.33 करोड़ के विकास कार्य प्रगतिरत हैं एवं 34.21 करोड़ के विकास कार्य अभी प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा 'राम पथ गमन' स्थल की प्लान कनेक्टिविटी के मुताबिक लोक निर्माण विभाग एवं आरआरडीए द्वारा सड़कों का निर्माण और उन्नयन सुनिश्चित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन  शुक्ला ने बताया कि अमरकंटक में भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत चल रहे कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं। इन पूर्ण कार्यों को स्थानीय निकाय/ट्रस्ट समिति द्वारा संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमरकंटक में 50 करोड़ रुपये की लागत के कार्य पूरे हो चुके हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग द्वारा 34.30 कि.मी. सड़कों के निर्माण पर 117.79 करोड़ के प्रस्ताव है। इनमें से  राम पथ गमन के 7.5 कि.मी. मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति लेकर निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 कि.मी. लंबाई के मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति … Read more

रायपुर में मुख्यमंत्री साय का ऐलान – गुरु घासीदास के सिद्धांतों से गढ़ेंगे समृद्ध छत्तीसगढ़

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रायपुर : गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों पर चलकर बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री  साय गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में हुए शामिल: 162 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के 16 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने की मेला स्थल पर डोम निर्माण एवं तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  रायपुर जिले के आरंग तहसील अंतर्गत भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  इस अवसर पर उन्होंने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें नवीन सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि समाज से पाँच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सर्वप्रथम गुरु गद्दी का दर्शन कर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। गुरु बाबा ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सतनामी समाज आज प्रगति और सौहार्द की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष भी मुझे मुख्यमंत्री के रूप में इस मेले में शामिल होने का अवसर मिला। लेकिन इस वर्ष और पिछले वर्ष में बड़ा अंतर आया है। पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था तब आपके समाज के गुरु  खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें हम ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में पूरा कर रहे हैं। अब तक नौ हजार से अधिक सरकारी भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और हाल ही में शिक्षा विभाग में पाँच हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि शासन के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अनुसूचित जाति समाज के विकास हेतु प्राधिकरण का गठन किया गया था। वर्तमान सरकार ने उसके बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ कर दिया है। धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के गुरु खुशवंत साहेब को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि सतनामी समाज ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएँ बन रही हैं। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि आज 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है, जो आरंग विधानसभा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में अनेक संत-महात्मा और तपस्वी जन्मे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश की सड़कों के विकास के लिए 700 से अधिक टेंडर जारी किए गए हैं और बरसात के बाद प्रदेश की सड़कें नए स्वरूप में नजर आएँगी। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह मेला गुरु घासीदास बाबा के पुत्र गुरु  बालकदास साहेब के गद्दीनशीन होने की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। यह सतनाम धर्म के आदर्शों का प्रतीक है। आज ही के दिन गुरु  बालकदास जी ने राजगद्दी स्वीकार कर भंडारपुरी की पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया था। इस अवसर पर राजागुरु, धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब, बाबा गुरु  ढालदास साहेब, गुरु  मकसूदन साहेब, गुरु  सोमेश बाबा, गुरु  सौरभ साहेब, सांसद  कमलेश जांगड़े, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदार गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, विधायक  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, मती मोना सेन,  अमित चिमनानी,  श्याम नारंग,  नवीन मार्कण्डेय सहित समाज के संतजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पूर्वोत्तर भारत से निवेश को आकर्षित करता मध्यप्रदेश – विकास और अवसरों का संगम

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भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संकल्पबद्धता मध्यप्रदेश को देश के हर राज्य के निवेशक के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और अनंत अवसरों का केंद्र बना रही है। मध्यप्रदेश में निवेशकों को अब व्यापार के अवसर के साथ ही स्थायी विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी उन्नति का भी भरोसा मिलता है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन सेक्टरों में निवेश केवल व्यवसाय का निर्णय नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दृष्टिकोण भी है कि राज्य में निवेश करना न केवल लाभकारी हो साथ ही यह औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाए। राज्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को भी समान अवसर देता है। वन-स्टॉप निवेश सुविधा, क्लस्टर आधारित विकास और उद्योग-अनुकूल नीतियां सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक यहां तेजी से अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें और नए साझेदारी के अवसर हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम में निवेशकों से करेंगे वन टू वन चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को Royal Bhutanese Consulate के कांसुल जनरल  Jigme Thinlye Namgyal भी सेशन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।  

सपा नेताओं पर प्रशासन का शिकंजा: बरेली में एंट्री बैन, संभल में पुलिस मुस्तैद

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बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी। प्रशासन का आदेश बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। ‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’ समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.” उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है. बर्क के घर भी पुलिस तैनात बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है. सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं. बरेली में भी सपा नेता नजरबंद सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है. संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है. जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा  बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है.  माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन: पीएम मोदी आज करेंगे करोड़ों की योजनाओं की शुरुआत

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नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 62,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)के मुताबिक यह युवा विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को निर्णायक बढ़ावा मिलेगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ केंद्र प्रायोजित योजना पीएम-सेतु (उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन) की शुरुआत करेंगे। इस योजना में 1,000 सरकारी आईटीआई को ‘हब-एंड-स्पोक' मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। ‘हब एंड स्पोक' मॉडल एक वितरण प्रणाली है जो साइकिल के पहिये की तरह काम करती है, जिसमें एक ‘हब' (केंद्र) होता है जो सभी ‘स्पोक' (छोटे, सहायक स्थानों) को आपस में जोड़ता है। प्रत्येक ‘हब' औसतन चार ‘स्पोक' से जुड़ा होगा, जिससे उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक उद्यमों, डिजिटल शिक्षण प्रणालियों और इनक्यूबेशन सुविधाओं से सुसज्जित संकुलों का निर्माण होगा। पीएमओ के मुताबिक प्रमुख उद्योग साझेदार इन संकुलों का प्रबंधन करेंगे और बाजार की मांग के अनुरूप परिणाम-आधारित कौशल सुनिश्चित करेंगे। हब में नवाचार केंद्र, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण की सुविधाएं, उत्पादन इकाइयां और प्लेसमेंट सेवाएं भी होंगी, जबकि प्रवक्ता पहुंच बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘सामूहिक रूप से, पीएम-सेतु भारत के आईटीआई पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित करेगा, इसे सरकारी स्वामित्व वाला लेकिन उद्योग-प्रबंधित बनाएगा, जिसमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से वैश्विक सह-वित्तपोषण सहायता भी होगी।'' बयान के मुताबिक योजना के कार्यान्वयन के पहले चरण में बिहार के पटना और दरभंगा में आईटीआई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में स्थापित 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन करेंगे। बयान के मुताबिक ये प्रयोगशालाएं दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के छात्रों सहित अन्य को आईटी, ऑटोमोटिव, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे 12 उच्च मांग वाले क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम के अनुरूप, इस परियोजना में उद्योग-प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने और रोजगार के लिए प्रारंभिक आधार तैयार करने के लिए 1,200 व्यावसायिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करना शामिल है। बयान में कहा गया है कि कार्यक्रम का विशेष जोर बिहार में परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर होगा, जो राज्य की समृद्ध विरासत और युवा जनसांख्यिकी को प्रतिबिंबित करेगा। मोदी बिहार की संशोधित ‘‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना'' की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत हर साल लगभग पांच लाख स्नातकों को दो साल तक 1,000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा, साथ ही मुफ्त कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। वह नए सिरे से तैयार की गई ‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना की भी शुरुआत करेंगे, जिसके तहत चार लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत 3.92 लाख से अधिक छात्र पहले ही 7,880 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त कर चुके हैं। बयान के मुताबिक राज्य में युवा सशक्तीकरण को और मजबूत करने के लिए, मोदी द्वारा बिहार युवा आयोग का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा, जो 18 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है। इसका उद्देश्य राज्य की युवा आबादी की क्षमता का उपयोग करना है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बिहार केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकारों की कई विकास और कल्याणकारी पहलों के केंद्र में रहा है। बिहार की अन्य परियोजना जिसका प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे, वह जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है।  

ड्रैगन के वॉटर बम का इलाज — इंडिया का मेगा-डैम, सुरक्षा व जलप्रबंधन दोनों का समाधान

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नई दिल्ली हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियों के बीच, जहां नदियां जीवन का आधार हैं, वहां एक नया विवाद खड़ा हो गया है. भारत सरकार एक विशालकाय डैम बनाने की योजना बना रही है, जो चीन के पानी के हथियार से बचाव के लिए है. लेकिन अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी लोग इसे अपनी मौत का पैगाम मान रहे हैं. ऊंचे पहाड़ों से घिरे एक फुटबॉल मैदान पर आदिवासियों ने जोरदार भाषण दिए और विरोध जताया. यह डैम भारत-चीन के पानी पर चल रहे झगड़े का नया मोड़ है. हिमालय दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला है, जहां से ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां निकलती हैं. ये नदियां भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को पानी, बिजली और खेती के लिए जीवन रेखा हैं. चीन तिब्बत में ऊपरी हिस्से में एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला डैम बना रहा है. भारत को डर है कि चीन इस डैम को हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकता है. यानी, अचानक बहुत सारा पानी छोड़कर बाढ़ ला सकता है, जिसे वाटर बम कहा जा रहा है. इस वजह से भारत अब जवाबी कदम उठा रहा है.  चीन इस समय एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट बांध से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट पर 167 अरब डॉलर खर्च होंगे। यह बांध तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बन रहा है। इस नदी को भारत में सियांग कहते हैं। चीन का कहना है कि इस बांध के बनने से चीन में बिजली की समस्या काफी बेहतर होगी। वहीं इस बांध के कई खतरे भी सामने आए हैं। इससे बड़ा खतरा भारत को भी है। इसे 'वॉटर बम' भी कहा जा रहा है क्योंकि यहां से छोड़ा गया पानी भारत के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। लेकिन अब भारत ने भी चीन के इस बांध का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी कर ली है। भारत भी एक बहुत बड़ा बांध बनाने की योजना बना रहा है। यह बांध चीन के 'वॉटर बम' का जवाब देने के लिए है। यह बांध भारत और चीन के बीच हिमालय के पानी को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा में भारत का नया कदम है। भारत का कहना है कि यह नया बांध चीन के एक बड़े बांध का मुकाबला कर सकता है। भारत ने चुनी कौन सी जगह? प्रस्तावित नक्शों से पता चलता है कि भारत अरुणाचल प्रदेश में एक विशाल जलाशय बनाने पर विचार कर रहा है। यह जलाशय चार मिलियन ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल जितना बड़ा होगा। यह जलाशय 280 मीटर (918 फुट) ऊंचे बांध के पीछे बनेगा। क्या है भारत का प्लान? भारत का बांध 9.2 बिलियन क्यूबिक मीटर का एक विशाल जलाशय बनाएगा। इससे 11,200 से 11,600 मेगावाट पनबिजली पैदा की जा सकती है। यह इसे देश का सबसे शक्तिशाली बांध बना देगा। इससे भारत के कोयले पर निर्भर बिजली ग्रिड से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी। लेकिन, नेशनल हाइड्रोपावर कॉर्पोरेशन (NHPC) के एक वरिष्ठ इंजीनियर के मुताबिक भारत की प्राथमिकता बिजली पैदा करना नहीं है। NHPC वह केंद्रीय एजेंसी है जिसे बांध बनाने का काम मिला है। इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर चीन अपने बांध को हथियार बनाना चाहता है और इसे वॉटर बम की तरह इस्तेमाल करना चाहता है तो भारत का यह बांध जल सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण का काम करेगा। चीन के प्रोजेक्ट का भारत में विरोध चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है। भारत इस दावे को पूरी तरह से खारिज करता है। बीजिंग का कहना है कि इस परियोजना का नीचे की ओर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। नीचे की ओर से मतलब है कि वहां रहने वाले लोगों पर इसका कोई असर नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन इलाकों में रहने वाले कुछ लोग चीन के इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। यह इलाका भारत में आता है। चीन की योजना में 5 पनबिजली स्टेशन शामिल हैं। ये स्टेशन चीन के विशाल थ्री गॉर्जेस बांध से तीन गुना ज्यादा बिजली पैदा कर सकते हैं। थ्री गॉर्जेस बांध दुनिया का सबसे बड़ा बिजली घर है। क्यों कहा जा रहा 'वॉटर बम'? चीन जिस नदी पर बांध बना रहा है, वह ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी है। भारतीय अधिकारियों को डर है कि चीन अपने बांध का इस्तेमाल कर पानी पर कंट्रोल कर सकता है। इससे चीन खास तौर से भारतीय इलाके में घातक सूखा पैदा कर सकता है या नीचे भारत की ओर ढेर सारा पानी छोड़ सकता है। पानी का यह बहाव का असर किसी बम की तरह होगा। इस कारण इसे 'वॉटर बम' कहा जा रहा है। हालांकि चीन इस बात को खारिज करता है। चीन का कहना है कि याक्सिया पनबिजली परियोजना को 'वॉटर बम' बताने वाली बातें बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं।  

खाद्य मंत्री राजपूत का निर्देश: हर जरूरतमंद तक पहुंचे राशन, योजना का हो प्रभावी पालन

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मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम आपका राशन-आपका अधिकार का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों की सुविधा, राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम "आपका राशन-आपका अधिकार" प्रारंभ किया गया है। उन्होंने योजना का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य 5.28 करोड़ पात्र हितग्राहियों को उनकी राशन सामग्री की मासिक हकदारी के प्रति जागरूक करना है। अन्त्योदय परिवार को 35 किलो प्रति परिवार एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवार को 5 किलो प्रति सदस्य खाद्यान्न निःशुल्क के साथ 1 किलोग्राम नमक 1 रूपये प्रति किलो की दर से और अन्त्योदय परिवारों को 1 किलोग्राम शक्कर 20 रूपये प्रति किलो की दर से वितरण किया जा रहा है। कार्यक्रम का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित 130 लाख परिवारों के एक सदस्य का मोबाईल नंबर डाटाबेस में दर्ज है। इन परिवारों को प्रतिमाह विकासखण्ड स्तरीय 308 प्रदाय केंद्र से मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत 100 वाहनों से उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न डिस्पेच होगा, उसी समय संबंधित उचित मूल्य दुकानों से पंजीबद्ध उपभोक्ताओं को राशन निकलने का सिस्टम जनरेटेड मेसेज रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जाएगा। विकासखण्ड स्तरीय प्रदाय केंद्र से उचित मूल्य दुकान पर जैसे ही खाद्यान्न प्राप्त होगा एवं उचित मूल्य दुकान के विक्रेता द्वारा पीओएस मशीन में राशन प्राप्ति की प्रविष्टि की जाएगी, उसी समय पंजीबद्ध पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकान पर राशन पहुंचने का सिस्टम जनरेटेड मेसेज मोबाइल नंबर पर जाएगा। उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई पीओएस मशीन में पात्र परिवारों को बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद राशन का वितरण किया जाता है। पात्र परिवार द्वारा पीओएस से राशन प्राप्त होते ही उपभोक्ता को दिए गए राशन की मात्रा संबंधी सिस्टम जनरेटेड संदेश उपभोक्ताओं के मोबाइल नम्बर पर जाएगा। प्रत्येक उचित मूल्य दुकान से वर्ष भर में वितरित किये गये खाद्यान्न की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए वर्ष में दो बार 26 जनवरी एवं 02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में विस्तृत विवरण पढ़ा जाएगा। उपभोक्ताओं में "आपका राशन-आपका अधिकार" संबंधी जागरुकता लाने के लिये समय-समय पर चरणबद्ध रूप से उपभोक्ता जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम से लाभ राशन सामग्री प्रदाय केन्द्र से उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने पर उपभोक्ताओं द्वारा निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे परिवहन के दौरान सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उपभोक्ताओं को उचित मूल्य दुकान पर सामग्री प्राप्त होने की सूचना मिलने से समय पर राशन सामग्री का वितरण किया जा सकेगा। उपभोक्ताओं को प्राप्त सामग्री की जानकारी सिस्टम से प्राप्त होने पर विक्रेता द्वारा दी गई सामग्री से मिलान किया जा सकेगा। इससे निर्धारित मात्रा से कम सामग्री देने पर रोक लगेगी। गाँव में पात्र परिवारों की सूची का वाचन करने से मृत तथा स्थाई रूप से प्रवासी हितग्राहियों को विलोपन किया जा सकेगा। इससे पात्र प्रतीक्षारत हितग्राहियों को जोड़ा जा सकेगा। ग्राम सभा में पात्र परिवारों को राशन वितरण की जानकारी देने से वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जनभागीदारी बढ़ेगी। मॉनीटरिंग ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर इसका क्रियान्वयन ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं उचित मूल्य दुकान विक्रेता के द्वारा किया जाएगा। जनपद स्तर पर निगरानी SDM एवं ASO/JSO द्वारा की जाएगी। जिला स्तर पर निगरानी कलेक्टर एवं DSC/DSO द्वारा की जाएगी। राज्य स्तर पर संचालनालय खाद्य के कन्ट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।