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ऑपरेशन सिंदूर का बड़ा खुलासा: भारत ने गिराए पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट

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नई दिल्ली भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपने 93वें वायुसेना दिवस पर जोरदार उत्सव की तैयारी कर रही है. इस मौके पर एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पांच पाकिस्तानी F-16, JF-17 को मार गिराया था. विंग कमांडर जयदीप सिंह, जो वायुसेना के पीआरओ हैं ने प्रेस ब्रीफिंग में इसकी पूरी जानकारी दी.  उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को हिंडन एयर फोर्स बेस पर एक भव्य परेड होगी. 6 अक्टूबर को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी. इस समारोह में वायुसेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख और थलसेना प्रमुख भी शामिल होंगे. यह दिवस वायुसेना की ताकत, आत्मनिर्भरता और देश सेवा को दर्शाएगा. ऑपरेशन सिंदूर में पाक का नुकसान      जमीन पर: चार जगहों पर रडार, दो जगहों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, दो जगहों पर रनवे, तीन जगहों पर हैंगर और 4-5 एफ-16 (क्योंकि हैंगर एफ-16 का था) तथा एक एसएएम सिस्टम नष्ट.     हवा में: एक लंबी दूरी के स्ट्राइक के सबूत हैं. एडब्ल्यूएसीएस या सिगइंट एयरक्राफ्ट के और 4-5 फाइटर एफ-16 या जे-10 क्लास के. इससे पाकिस्तान को जमीन और हवा में कुल फाइटर विमानों का नुकसान करीब 9-10 हो गया. परेड और आकर्षण: ध्वज फ्लाइपास्ट और स्टेटिक डिस्प्ले विंग कमांडर सिंह ने कहा कि परेड में कई रोमांचक चीजें होंगी. सबसे खास होगा ध्वज फ्लाइपास्ट. इसमें एमआई-17 हेलीकॉप्टर ऑपरेशन सिंदूर का झंडा लेकर उड़ेगा. यह ऑपरेशन इस साल का सबसे बड़ा अभियान था. स्टेटिक डिस्प्ले में राफेल, Su-30MKI, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और आकाश सरफेस-टू-एयर मिसाइल दिखाए जाएंगे. रडार और हथियार भी प्रदर्शित होंगे. वायुसेना ने कुल 18 नई इनोवेशन भी पेश की हैं. ये इनोवेशन वायुसेना की आत्मनिर्भरता, समस्या समाधान क्षमता और भविष्य की सोच को दिखाते हैं. विंग कमांडर ने कहा कि ये दिखाते हैं कि हम खुद पर भरोसा करते हैं. नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं. ऑपरेशन सिंदूर: इतिहास का नया अध्याय ब्रीफिंग का मुख्य फोकस था ऑपरेशन सिंदूर. यह पहलगाम हमले के बाद का सबसे महत्वपूर्ण अभियान था. विंग कमांडर ने बताया कि सरकार ने सेनाओं को पूरी आजादी दी थी. यह युद्ध इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि यह एक लक्ष्य के साथ शुरू हुआ और राष्ट्र ने सीजफायर का फैसला लिया. हमारी मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने खेल पलट दिया. लॉन्ग रेंज एसएएम मिसाइलों ने दुश्मन को पीछे धकेल दिया. सबसे लंबा टारगेट किल 300 किलोमीटर से ज्यादा का था. विंग कमांडर ने गर्व से कहा कि यह इतिहास में दर्ज होगा. हमने सटीक हमले किए, न्यूनतम नुकसान के साथ. सिर्फ एक रात में दुश्मन को घुटनों पर ला दिया. 1971 के बाद पहली बार इतना विनाशकारी अभियान ऑपरेशन सिंदूर में दिखा. वायुसेना ने साबित किया कि वह अचूक, अभेद्य और सटीक है. सभी सेनाओं – वायु, थल और नौ – ने मिलकर योजना बनाई और अमल किया. विंग कमांडर ने कहा कि गलत सूचनाओं की भरमार थी, लेकिन हमारे मीडिया ने सेनाओं की बहुत मदद की. जनता का मनोबल न गिरे, इसके लिए चैनलों ने योगदान दिया. वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के हमलों का वीडियो भी जारी किया है. जरूरत पड़ने पर कैमरा फीड से और जानकारी ली जा सकती है. मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास ऑपरेशन सिंदूर के अलावा, वायुसेना ने कई मानवीय सहायता मिशन चलाए. असम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और अन्य जगहों पर मदद पहुंचाई. विंग कमांडर ने कहा कि हमने लोगों की जिंदगी बचाई और राहत दी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रियता रही. यूएई, मिस्र, फ्रांस, सिंगापुर जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यास किए. इन देशों के कमांडरों ने तारीफ की और कहा कि वे अभ्यास जारी रखना चाहते हैं. ग्रुप कैप्टन सुभांशु शुक्ला ने अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया. विंग कमांडर ने कहा कि यह साल अच्छा रहा, लेकिन आगे के समय के बारे में सोचना होगा. भविष्य की चुनौतियां और आत्मनिर्भरता विंग कमांडर ने चेतावनी दी कि अगला युद्ध पिछले जैसा नहीं होगा. हमें वर्तमान और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार रहना होगा. दुनिया भर की घटनाओं पर नजर रखनी है. 2047 तक का रोडमैप तैयार है, जिसमें आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) मुख्य है. एलसीए मार्क-1ए के ऑर्डर दिए जा चुके हैं. एलसीए मार्क-2 और आईएमआरएच भी पाइपलाइन में हैं. कई रडार और सिस्टम विकसित हो रहे हैं. विंग कमांडर ने कहा कि हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो रणनीतिक तकनीक ले सकते हैं. गैप भरने के लिए काम चल रहा है. भविष्य का युद्ध हमेशा एकीकृत होगा – सभी सेनाओं और एजेंसियों के साथ. ऑपरेशन सिंदूर से हमने सबक सीखे. इससे वायु शक्ति की अहमियत फिर साबित हुई.  क्या आएगा Su-57 फाइटर जेट?  एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) और रूसी सुखोई-57 पर पूछा गया. एयर चीफ एपी सिंह ने कहा कि यह एडीए और डीआरडीओ के क्षेत्र में है. मुझे लगता है कि यह दशक में उड़ान भरेगा. तेजस मार्क-1ए जैसा कठिन काम है. सुखोई-57 पर सभी विकल्प तौलेंगे. रक्षा में प्रक्रिया है, जो भी फैसला होगा, सबसे अच्छा होगा. ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पांच पाकिस्तानी F-16, JF-17 को मार गिराया था.

कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए

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सीएम युवा कॉन्क्लेव ने युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित  सीएम युवा कॉन्क्लेव ने लिखी नई इबारत, 12 हजार से अधिक बिजनेस इंक्वायरी और 9,200 पंजीकरण हुए दर्ज कॉन्क्लेव में 5 दिनों के अंदर 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस भी दर्ज किए गए यूपीआईटीएस 2025 में युवाओं की रही अद्भुत भागीदारी, सीएम युवा मिशन को मिला “अवार्ड ऑफ ऑनर” युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से कराया रूबरू, उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा सीएम युवा योजना का लाभ उठाने के लिए कर सकते हैं आवेदन लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी सीएम युवा मिशन के तहत आयोजित सीएम युवा कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2025 का सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा। पांच दिवसीय आयोजन ने न केवल युवाओं को नए-नए बिजनेस मॉडल्स से रूबरू कराया बल्कि उद्यमशीलता और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर भी खोले। इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 12,025 बिज़नेस इंक्वायरी, 9,200 पंजीकरण, 377 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) मीटिंग्स और 90 बिज़नेस प्रजेंटेशंस दर्ज किए गए। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा तेजी से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस कॉन्क्लेव और एक्सपो ने साबित कर दिया कि प्रदेश के युवा स्टार्टअप, उद्यमशीलता, स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के बाद बड़ी संख्या में युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करेंगे।  युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच बना कॉन्क्लेव सीएम युवा के नोडल और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि 5 दिन के कॉन्क्लेव में कई प्रसिद्ध फ्रेंचाइज़ ब्रांड्स, मशीनरी सप्लायर्स और बिजनेस-ऑन-व्हील्स वेंचर्स ने भाग लिया। इनमें डॉक्टर मोरिंगा, एमबीए मखानेवाला, हनीमैन, चीजी क्रेजी कैफे और ओसियन एंटरप्राइज़ जैसे ब्रांड्स ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। इन प्रस्तुतियों ने युवाओं को नवाचार और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की दिशा में प्रेरित किया। टॉप-5 ब्रांड्स रहे आकर्षण का केंद्र सबसे अधिक व्यवसायिक पूछताछ प्राप्त करने वाले ब्रांड्स में ओसियन एंटरप्राइजेज (700+), यूपीसीएस स्टोर (650+), एमबीए मक्खनवाला (550+), प्रॉस्पर ग्रुप (500+) और आईक्यूटीएम (450+) शामिल रहे। अवार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित सीएम युवा मिशन को यूपीआईटीएस 2025 की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए “अवार्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन) नंद गोपाल नंदी, मंत्री (एमएसएमई, खादी, ग्रामोद्योग, रेशम एवं वस्त्र) राकेश सचान, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार और मिशन डायरेक्टर-सीएम युवा के. विजयेन्द्र पांडियन की मौजूदगी में प्रदान किया। युवाओं की अद्भुत भागीदारी कॉन्क्लेव में मेरठ, सहारनपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडलों से 3,700 से अधिक युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में छात्र और नवोद्यमी सीएम युवा पवेलियन में पहुंचे और विभिन्न बिज़नेस मॉडल्स को समझने के साथ-साथ अपने सवालों के समाधान भी पाए।  

6 माह में प्रदेश भर के 63 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन

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प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान      वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के 6 माह में ढाई लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     6 माह में प्रदेश भर के 63 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों काे पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान     पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 2,003 युवाओं को लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी     पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में आजमगढ़ दूसरे तो कौशांबी ने प्राप्त किया तीसरा स्थान     लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत सीएम योगी प्रदेश के युवाओं को अात्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहे हैं। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के 6 माह में अब तक प्रदेश भर में ढाई लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 50 हजार लोन वितरित का लक्ष्य रखा है। इन आंकड़ों से साफ है कि सीएम योगी की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं को अपनी आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। वहीं योजना का लाभ देने में पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ अौर तीसरे स्थान पर कौशांबी है।        6 माह में ढाई लाख से अधिक युवाओं ने किया अावेदन  पूरे देश में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ही है, जो प्रदेश के युवाअों को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही है बल्कि उन्हे एक मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य 1 लाख 50 हजार के सापेक्ष 6 माह में पूरे प्रदेश से 2,55,174 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं जबकि 2,08,097 आवेदनों को बैंक को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 64,673 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है जबकि 63,009 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     पूरे प्रदेश में सबसे अधिक जौनपुर में 1,385 युवाओं को वितरित किया गया लोन  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में जाैनपुर जिले ने सबसे अधिक आवेदकों को लाेन वितरित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरुप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,250 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष पिछले 6 माह में 5,999 आवेदन प्राप्त हुए, जिसके सापेक्ष 4,784 आवेदनों को बैंक को भेज दिया गया है। इनमें से 2,003 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में पिछले 6 माह में जौनपुर ने सबसे अधिक युवाओं को लोन वितरित कर पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह आजमगढ़ ने पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,250 का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 6 माह में 5,112 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 4,285 आवेदनों को बैंक को भेजा गया, जिसमें से 1,859 को लोन वितरित किया जा चुका है।     कौशांबी, अंबेडकरनगर, झांसी, सिद्धार्थनगर और हरदोई का भी रहा शानदार प्रदर्शन  कौशांबी जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक युवाअों को योजना का लाभ देने के लिए हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है ताकि योजना से संबंधी को कोई समस्या आने पर उसे तत्काल दुरूस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में कौशांबी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कौशांबी को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1,700 का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 6 माह में 6,984 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 4,988 आवेदनों को बैंक को भेजा गया, जिसमें से 1,299 आवेदकों को लोन देने के लिए बैंक ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है जबकि 1,185 को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही योजना का लाभ देने में सिद्धार्थनगर, हरदोई और रायबरेली का भी प्रदर्शन शानदार रहा।      

चॉकलेट और मुस्कान के साथ CM योगी का बच्चों से मिलन, दिखा मानवीय रूप

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सीएम योगी ने चॉकलेट देकर बच्चों पर लुटाया प्यार, की आत्मीय बातचीत नाम और क्लास पूछकर बोले- खूब पढ़ना, खूब आगे बढ़ना गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार सुबह भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत से बच्चों से मुलाकात की। प्यार लुटाते हुए उनसे आत्मीय बातचीत कर चॉकलेट दिया। नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा और खूब आशीर्वाद दिया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बाल प्रेम जगजाहिर है। प्रोटोकॉल परे कर बच्चों से मिलना, उनसे ठिठोली करना, उन्हें दुलारना, खूब पढ़ने का आशीर्वाद देना और चॉकलेट देना उनकी खासियत है। बच्चों के साथ उनकी ऐसी ही आत्मीयता का दृश्य शुक्रवार सुबह भी गोरखनाथ मंदिर में देखने को मिला। गुरुवार शाम विजयदशमी शोभायात्रा की अगुवाई करने के बाद रात्रि प्रवास के बाद शुक्रवार सुबह उनकी दिनचर्या परंपरागत रही। महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर मत्था टेका और उनका आशीर्वाद लिया। हर बार की तरह वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान उनकी नजर श्रद्धालुओं के साथ उनके बच्चों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने पास बुला लिया। एक-एक करके सबसे उनका नाम पूछा, किस क्लास में पढ़ते हैं, इसकी जानकारी ली। कुछ बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की। उन्होंने बच्चों से बेहद अपनेपन से बातचीत की। सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद दिया कि खूब मन लगाकर पढ़िए और खूब आगे बढिए। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट भी दिया।

दीपावली-छठ की भीड़ में जनरल से लेकर एसी तक फुल, अब पूजा स्पेशल में मिलेगा सफर का मौका

Chhath Puja

रायपुर दीपावली और छठ पर्व पर घर लौटने की चाह रखने वाले यात्रियों के लिए इस बार भी सफर आसान नहीं है। छत्तीसगढ़ से मुंबई और हावड़ा रूट की अधिकांश नियमित ट्रेनें 15 से 30 अक्टूबर तक पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। जिन यात्रियों ने समय रहते टिकट बुक नहीं किए, उनके लिए अब केवल पूजा स्पेशल ट्रेनें ही विकल्प बची हैं। मुंबई-रायपुर रूट की प्रमुख ट्रेनें फुल छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में मजदूर, कर्मचारी और छात्र मुंबई, पुणे, थाणे, कल्याण, वसई-विरार जैसे शहरों में रहते और काम करते हैं। त्योहारों पर वे साल में एक-दो बार अपने गांव लौटते हैं। इस बार की स्थिति बेहद निराशाजनक है-   हावड़ा मेल (12809) – 11 से 30 अक्टूबर तक नो रूम एलटीटी-शालीमार (18029) – 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम गीतांजलि एक्सप्रेस (12859) – 15 से 30 अक्टूबर तक नो रूम समरसता सुपरफास्ट (12151) – 15 से 30 अक्टूबर तक सभी तारीखों में वेटिंग/नो रूम हावड़ा रूट की स्थिति भी वैसी ही पश्चिम बंगाल के प्रवासियों को भी घर लौटने में मुश्किलें होंगी। हावड़ा-मुंबई मेल (12810) – 3 से 15 अक्टूबर तक नो रूम गीतांजलि (12860) – 3 से 13 अक्टूबर तक फुल शालीमार-एलटीटी (18030) – 3 से 13 अक्टूबर तक नो रूम हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस – लगातार फुल बिहार-यूपी लौटने वालों के लिए सारनाथ एक्सप्रेस भी फुल छत्तीसगढ़ से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश लौटने वाले हजारों परिवारों के लिए दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस (15160) मुख्य सहारा है। लेकिन अक्टूबर महीने भर यह ट्रेन भी वेटिंग और नो रूम से जूझ रही है। पूजा स्पेशल ट्रेनें बनीं सहारा भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें अभी भी सीटें उपलब्ध हैं। 1. बिलासपुर-हडपसर (पुणे) पूजा स्पेशल (08265/08266) तारीख – 22 और 23 अक्टूबर क्लास – एसी सेकंड, एसी थ्री, इकोनॉमी स्टॉपेज – बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया 2. बिलासपुर-यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (08261/08262) 19 नवंबर तक हर मंगलवार व बुधवार एसी और स्लीपर क्लास में पर्याप्त सीटें 3. दुर्ग-सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (08763/08764) 30 नवंबर तक हर शनिवार व रविवार स्टॉपेज – रायपुर, दुर्ग, शहडोल, उमरिया 4. दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (08760/08761) 5 अक्टूबर से 24 नवंबर तक हर रविवार व सोमवार सभी क्लासों में बड़ी संख्या में बर्थ उपलब्ध

मंत्री शाह ने शोक संतप्त परिवारों से की मुलाकात, समर्थन और मदद का आश्वासन

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पन्धाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।  

नागपुर में इलाज के दौरान गई एक और मासूम की जान, छिंदवाड़ा किडनी फेलियर केस में बढ़ा आंकड़ा

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छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा जिले में बच्चों में किडनी फेलियर से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि पिछले लगभग 30 दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 9 तक पहंच गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को भी इलाज के दौरान नागपुर में एक बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद कुल मौतों की संख्या 9 हो गई है। बीमारी की शुरुआत बताया गया है कि किडनी फेलियर से बच्चों की मौत का सिलसिला 4 सितंबर को पहली मौत के साथ शुरू हुआ था और एक महीने के भीतर यह 9 पर पहुंच गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा और प्रशासन लगातार सक्रिय है। परासिया एसडीएम सौरभ कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा अब तक 1,400 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, और यह स्क्रीनिंग अभियान जारी है। वर्तमान में रोजाना 120 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि संभावित मामलों की जल्द पहचान कर उनका इलाज किया जा सके। प्रशासन इस बीमारी के मूल कारण का पता लगाने और प्रभावित बच्चों को उचित उपचार देने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। इस मामले में परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मृतक के स्वजन को 10-10 लख रुपए के मुआवजा दिलाने की मांग की है। बच्चों की मौत के मामले में जो तथ्य सामने आया है। उसके मुताबिक जो सिरप दी गई वो डॉक्टर प्रवीण सोनी ने लिखी थी। जिसमें कोल्ड्रिफ और नेक्सा डीएस शामिल हैं। कोल्ड्रिफ 20 साल पुरानी कंपनी है। कफ सिरप भी लंबे समय से बाजार में है। इसकी रिटेल कीमत 89 रुपए है। नेक्साडीएससिरप लगभग डेढ़ साल पहले ही बाजार में आया है। इसकी रिटेल कीमत 75 रुपए है। परासिया ब्लॉक के दो प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञ- डॉ. प्रवीण सोनी और डॉ. अमन सिद्दीकी का नाम सामने आया है, जिनके पर्चों पर कोल्ड्रिफ सिरप लिखा पाया गया है। विशेष रूप से डॉ. सोनी के परिवार के सदस्य ही उनके मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं, जहां यह दवा आसानी से उपलब्ध थी। बेटे को बचाने सब कुछ बेच दिया जिन लोगों ने बच्चे गंवाए हैं, उनके आंसू नहीं रुक रहे। उसेद के पिता यासीन ने कहा कि बेटे की हंसी घर में अब कभी नहीं गूंजेगी। उसे बचाने के लिए जिंदगी की जमा पूंजी, आटो, सब कुछ बेच दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब मैं बेसहारा हूं, पर अपने छोटे बेटे के लिए मुझे जीना होगा। बस दुआ कीजिए कि किसी और पिता को यह दर्द न सहना पड़े। सीन बताते हैं कि 31 अगस्त को उसेद को बुखार आया था। स्थानीय क्लीनिक में इलाज के बाद 6 सितंबर को वह ठीक हो गया। अगले दिन फिर बुखार आया तो उसे छिंदवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे नागपुर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी में इंफेक्शन है। पेशाब रुक रही है। तीन बार कराया डायलिसिस इलाज के दौरान उसेद का तीन बार डायलिसिस करवाया गया, जिससे किडनी की बीमारी में आराम मिला। लेकिन इस बीच उसके ब्रेन में सूजन आ गई। ब्रेन हेमरेज हो गया। 6 दिन चले इलाज के बाद 13 सितंबर की शाम को उसकी मौत हो गई। परासिया में रहने वाली आफरीन परवीन की आंखों में भी आंसू हैं। इस संयुक्त परिवार में कुछ दिन पहले तक 12 बच्चे थे, लेकिन अब सिर्फ 11 ही बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा अदनान, जो सिर्फ 5 साल 8 महीने का था, अब इस दुनिया में नहीं रहा। दोनों किडनियां खराब होने के कारण उसकी जान चली गई। आफरीन ने बताया कि 21 अगस्त को अदनान को पहली बार बुखार आया था। दवा लेने के बाद वह ठीक हो गया था। 26 अगस्त को उसे बार-बार उल्टी होने लगी, जिसके कारण परासिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 27 अगस्त को फिर से बुखार आने पर उसे इंजेक्शन दिया गया।

छठ और दिवाली पर आपकी जेब होगी भारी, RBI की रिपोर्ट में महंगाई पर नियंत्रण का दावा

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नई दिल्ली  केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के घरों में खाने-पीने और दूसरी चीजों की कीमतों पर दबाव कम हो रहा है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नए सर्वे से ये बात सामने आई है. आरबीआई का ये बाय-मंथली इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशंस सर्वे ऑफ हाउसहोल्ड्स (IESH) सितंबर 2025 का राउंड था. इसमें घरवालों ने बताया कि मुख्य उत्पादों की कीमतों और महंगाई का दबाव घट रहा है. हालांकि, अभी की महंगाई की धारणा थोड़ी बढ़ी हुई लगी. एनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में कहा गया कि घरों ने फूड प्रोडक्ट्स, नॉन-फूड प्रोडक्ट्स, हाउसिंग और सर्विसेज की लागत में राहत महसूस की है. ये सर्वे 28 अगस्त से 6 सितंबर के बीच 19 बड़े शहरों में किया गया. कुल 6,082 लोगों ने जवाब दिए. तीन महीनों में महंगाई की उम्मीद घटी सर्वे के नतीजों के अनुसार, घरों की मौजूदा मीडियन महंगाई की धारणा पहले राउंड से 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई. लेकिन आने वाले समय के लिए उम्मीदें कम हुईं. अगले तीन महीनों की महंगाई की उम्मीद 20 बेसिस पॉइंट्स घटकर 8.1 फीसदी रह गई. एक साल आगे की उम्मीद 30 बेसिस पॉइंट्स कम होकर 8.7 फीसदी हो गई. एक साल में इतने फीसदी कीमतें बढ़ेंगी छोटे समय और एक साल के लिए, जिन लोगों को लगता है कि सामान्य कीमतें और महंगाई बढ़ेगी, उनका प्रतिशत पिछले सर्वे से कम हुआ. उत्पादों के हिसाब से, अगले तीन महीनों में 77.8 फीसदी लोगों को कीमतें बढ़ने की आशंका है, जो पहले 79.5 फीसदी था. एक साल में 86.8 फीसदी कीमतें बढ़ने का अंदेशा है, पहले ये 88.1 फीसदी था. उम्र के हिसाब से, 25 साल से कम उम्र के युवाओं ने सबसे कम मौजूदा महंगाई 7.0 फीसदी बताई. वहीं, 60 साल से ऊपर के घरों में ये 7.9 फीसदी रही. शहरों में कोलकाता में सबसे ज्यादा 10.5 फीसदी की धारणा थी, उसके बाद मुंबई 8.5 फीसदी और दिल्ली 8.0 फीसदी. आरबीआई ने साफ किया कि ये सर्वे घरों की महंगाई पर नजर डालता है, जो उनके खरीदारी के पैटर्न से प्रभावित होता है. लेकिन ये नतीजे बैंक की अपनी महंगाई की राय को जरूरी नहीं दर्शाते. ये जानकारी घरवालों को राहत देती है कि कीमतें धीरे-धीरे काबू में आ रही हैं, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.

पुतिन का बड़ा आदेश: भारत के साथ आर्थिक रिश्ते मजबूत रखने का संकेत

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नई दिल्ली अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50 फीसदी टैरिफ लगाया. डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा इससे भारत-रूस की दोस्ती टूट जाएगी. भारत टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इससे रूस कमजोर पड़ जाएगा. रूस-यूक्रेन खत्म हो जाएगा. मगर ट्रंप की सोच से भी आगे निकली भारत-रूस की दोस्ती. जी हां, ट्रंप के टैरिफ का असर अब उल्टा हो रहा है. भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो रही है. यही कारण है कि रूस अब अपने दोस्त भारत को टैरिफ से अधिक नुकसान नहीं होने देगा. ट्रंप टैरिफ से भारत को हो रहे नुकसान की भरपाई खुद रूस करेगा. इसका आदेश भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दे दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह नई दिल्ली की ओर से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे. साउथ रूस के काला सागर रिसॉर्ट में गुरुवार शाम भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच से बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं. पुतिन ने की मोदी की तारीफ पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रूस का कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा. कभी नहीं. व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके भरोसेमंद संबंधों में सहज महसूस करते हैं. पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया. भारत के नुकसान की भरपाई करेगा रूस पुतिन ने कहा कि भारत में हर कोई यह बात अच्छी तरह जानता है. खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी. साथ ही इससे भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी.’ क्या है रूस का प्लान पुतिन ने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. पुतिन ने कहा, ‘भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं. औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, मगर इन अवसरों को पूरी तरह से खोलने के लिए विशिष्ट मुद्दों को सुलझाने की जरूरत को भी स्वीकार किया. पुतिन ने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताओं के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को खोलने के लिए सभी तरह के कार्यों को हल करने की ज़रूरत है. भारत के लोग कभी अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे रूस और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि यदि यूरोप ने रूस को उकसाने की कोशिश की तो उसका जवाब तुरंत और बेहद घातक होगा. साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग खत्‍म कराने की कोश‍िश करने के ल‍िए भारत की तारीफ की. पीएम मोदी की तारीफ करते हुए पुत‍िन ने कहा, मैं पीएम मोदी को जानता हूं. भारत के लोग अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. रूस भारत और चीन जैसे देशों का आभारी है, जिन्होंने ब्रिक्स की स्थापना की. ये ऐसे देश हैं जो किसी का पक्ष लेने से इनकार करते हैं और वास्तव में एक न्यायपूर्ण विश्व बनाने की आकांक्षा रखते हैं दक्षिण रूस में आयोजित एक समारोह में पुतिन ने कहा, हम यूरोप के बढ़ते सैन्यीकरण पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. रूस की ओर से जवाबी कदम उठाने में वक़्त नहीं लगेगा. और यह प्रतिक्रिया बहुत गंभीर होगी. पुतिन ने साफ किया कि रूस कमजोरी या अनिर्णय का परिचय कभी नहीं देगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस का नाटो गठबंधन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर किसी को अभी भी हमारे साथ सैन्य प्रतियोगिता करने का मन है, तो उन्हें कोशिश कर लेने दें. रूस ने सदियों से यह साबित किया है कि उकसावे का जवाब तुरंत और सख्ती से दिया जाता है. शांति से सोइए, आराम कीजिए राष्ट्रपति पुतिन ने विशेष रूप से जर्मनी का नाम लेते हुए कहा कि वह यूरोप में सबसे शक्तिशाली सेना बनाने का सपना देख रहा है. उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर हिस्टेरिया फैलाने का आरोप लगाया. यूरोप की एकजुट अभिजात्य जमात लगातार युद्ध की आशंका का माहौल बना रही है. वे बार-बार कहते हैं कि रूस से जंग दरवाज़े पर खड़ी है. यह एक तरह की बकवास है, जिसे वे मंत्र की तरह दोहराते रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना असंभव है कि रूस कभी नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला करेगा. सचमुच, मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं: शांति से सोइए, आराम कीजिए और अपने घर की समस्याओं पर ध्यान दीजिए. जरा देखिए कि यूरोपीय शहरों की सड़कों पर क्या हो रहा है. रूस-यूरोप टकराव: शीत युद्ध से आगे रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने पश्चिमी मीडिया की शीत युद्ध जैसी तुलना को खारिज किया. उन्होंने कहा, यह शीत युद्ध नहीं है. यहां काफी पहले से ठंड नहीं, बल्कि आग लगी हुई है. हम पहले से ही एक नए तरह के संघर्ष में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ और नाटो, रूस पर झूठे आरोप लगाकर अपने विशाल रक्षा बजट को सही ठहराना चाहते हैं. “उनके बयान दो चीज़ें बताते हैं. पहला, वे उकसावे की एक श्रृंखला तैयार कर रहे हैं. दूसरा, उन्हें अपने सैन्य बजट को जायज़ ठहराने का बहाना चाहिए. ड्रोन घटनाएं और बढ़ती चिंताएं पिछले दिनों डेनमार्क में ड्रोन घटनाओं और एस्टोनिया व पोलैंड में कथित रूसी हवाई उल्लंघनों ने इस डर को गहरा कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध की आग … Read more

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी का किया आह्वान

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इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने गांधी-शास्त्री जयंती पर इंदौर में किया सेवा पखवाड़े का समापन मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी का किया आह्वान इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर जो भी करता है, वह सबसे अलग और अनूठा होता है। इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े और इंदौर का परचम देश-दुनिया में मजबूती के साथ फैलाये। इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में भी आगे बढ़ने के साथ अब वह मेट्रो सिटी बन चुका है। इंदौर अब स्वच्छता का महागुरू बनकर, अब वह अन्य शहरों को भी साफ-सफाई और स्वच्छता की प्रेरणा का संदेश दे रहा है। इंदौर ने इस बार देपालपुर नगर को भी स्वच्छ करने का संकल्प लिया है, जिसमें इंदौर को निश्चित ही सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नेहरू पार्क में स्वच्छ भारत दिवस पर कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंति है। साथ ही आज विश्व के सबसे बडे़ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो चुके है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को विजयादशमी की बधाई देते हुए उपस्थित नागरिकों से भारत माता की जय और महात्मा गांधी की जय के उद्घोष लगवाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टिता के कारण पूरा देश स्वच्छता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि गत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी ने अपना जन्म दिवस बदनावर में पीएम मित्र पार्क का शुभारंभ करके मनाया। इस पार्क के बन जाने के बाद कपास उत्पादकों का जीवन बेहतर होगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी का जन्म दिवस से सेवा पखवाड़े की शुरूआत हुई थी, जिसका समापन इंदौर में गांधी-शास्त्री जयंती पर सफलतापूर्वक हुआ। सेवा पखवाड़े के तहत इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी से अपने लिए खादी के दो टॉवेल खरीदे और नागरिकों से भी स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर की स्व-सहायता समूह की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदी कर राष्ट्र को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से इंदौर नहर निगम स्वच्छता की दिशा विविध प्रकार के कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में सांसद  शंकर लालवानी, विधायक मती मालिनी गौड़,  रमेश मेंदोला,  गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, निगमायुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ  अर्थ जैन, जन-प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।