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भोपाल: दशहरा पर्व पर शाम 5 से रात 11 बजे तक रावण दहन, ट्रैफिक डायवर्जन का अलर्ट जारी

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भोपाल  दशहरा पर्व के अवसर पर राजधानी में शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक 10 से अधिक स्थानों पर रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण शहर की अधिकतर सड़कों पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इस वजह से कार्यक्रम के दौरान कई मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे। आयोजन स्थलों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। प्रमुख दशहरा स्थल टीटी नगर दशहरा मैदान, कोलार रोड, बंजारी दशहरा मैदान, छोला दशहरा मैदान, बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान, एमवीएम दशहरा मैदान, गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान, कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड दशहरा मैदान, बैरागढ़ दशहरा मैदान, जंबूरी दशहरा मैदान, सलैया दशहरा मैदान। उपरोक्त स्थानों के अतिरिक्त, लहारपुरा दशहरा मैदान, अशोका गार्डन दशहरा मैदान, कोहेफिजा दशहरा मैदान, गांधी नगर दशहरा मैदान, हाउंसिग बोर्ड दशहरा मैदान, अयोध्या नगर दशहरा मैदान, पांच नंबर बस स्टाप दशहरा मैदान,ओल्ड कैंपियन दशहरा, मैदान रानी अवंती बाई तिराहा त्रिलंगा रोड दशहरा मैदान आदि स्थानों पर भी रावण दहन का कार्यक्रम होगा। परिवर्तित एवं वैकल्पिक मार्ग इस तरह रहेंगे     वाहन चालक टीटी नगर दशहरा मैदान के आसपास के मार्ग का उपयोग ना करते हुए बाणगंगा से रोशनपुरा, प्लेटिनम प्लाजा चौराहा से जवाहर चौक की ओर आ-जा सकेंगे।     बंजारी चौराहा से दानिश हिल्स की ओर जाने वाले वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग ना करते हुए सर्वधर्म चौराहा से अमरनाथ कालोनी, दानिशहिल्स तक आवागमन कर सकेंगे।     डी मार्ट चौराहा से मानसरोवर, मेडिकल कालेज चौराहा, दानिश कुंज चौराहा होकर चूनाभट्टी चौराहा व शाहपुरा की ओर आ-जा सकेंगे।     बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान की पार्किंग रोड साइड होने से यातायात का अत्यधित दबाव हो जाता है। इस कारण वाहन चालक सुभाष स्कूल चौराहा से राजीव गांधी चौराहा तक आने-जाने से बचें। इसके स्थान पर राजीव गांधी चौराहा की ओर आने वाले वाहन चालक कोलार गेस्ट हाउस तिराहा से चूनाभट्टी चौराह, बाबा नगर/बंसल तिराहा, शाहपुरा, रानी अंवती बाई चौराहा, हनुमान मंदिर, साढ़े 10 नंबर चौराहा से आवागमन कर सकते हैं।     अर्जुन नगर चौराहे से सुभाष स्कूल चौराहा, सात नंबर, ओल्ड कैंपियन से 10 नंबर की ओर आ-जा सकेंगे।     एमवीएम के सामने से होकर लिलि टाकीज चौराहे की ओर जाने वाले वाहन चालक रोशनपुरा से बाणगंगा, खटलापुरा, पीएचक्यू गेट- दो, सातवीं वाहिनी के सामने से आ-जा सकेंगे।     गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान के सामने यातायात का दबाव अधिक रहेगा इस कारण वैकल्पिक मार्ग एमपीनगर चेतक ब्रिज से अवधपुरी जाने वाले वाहन गोंविदपुरा टर्निंग से नर्मदा क्लब, कस्तूरबा स्कूल होकर अवधपुरी आ-जा सकेंगे। इसी प्रकार चेतक ब्रिज उतार से बायें मुड़कर सुभाष विश्रामगृह तिराहा से प्रभात चौराहा होकर रायसेन रोड, अवधपुरी आ-जा सकेंगे। बैरागढ़ दशहरा दहन के दौरान मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का ज्यादा दबाव रहेगा। भोपाल से सीहोर की ओर जाने-आने वाले वाहन चालक लालघाटी से गांधी नगर, मुबारकपुर जोड़, खजूरी बायपास फंदा वाले मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यहां से निकलेगा विजय जुलूस श्री रामविजय रथ यात्रा गुरुवार को बांके बिहारी मंदिर (मारवाड़ी रोड) से शाम पांच बजे शुरू होगी। जो चिंतामन चौराहा, यूनानी सफाखाना, सुल्तानिया रोड, घोड़ा नक्कास, छोटे भैया चौराहा, नादरा बस स्टैंड, छोला रोड, अग्रवाल धर्मशाला होते हुए विजय भूमि छोला दशहरा मैदान तक जाएगी। इन स्थानों के निकटम मार्गों पर यातायात दबाव अधिक होने की संभावना हैं। भारी वाहन डायवर्सन दो अक्टूबर को दोपहर दो बजे से शहर में किसी भी प्रकार के अनुमति प्राप्त भारी वाहन खजूरी बायपास मुबारकपुर चौराहा नया बायपास लांबाखेड़ा, भानपुर, बेस्टप्राइज, करोंद चौराहा, लालघाटी, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहा, जिंसी चौराहा, हबीबगंज नाका, मिसरोद 11 मील से शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आकस्मिक सेवा एंबुलेंस, फायरब्रिगेड के लिए सभी मार्ग खुले रहेंगे।  

आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की शानदार पहल, प्राकृतिक पेंट बनाकर मिला नया आयाम

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आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर्यावरण-संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र और महिला सशक्तिकरण संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने बडी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से भी आगे बढ़कर अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। गोबर से प्राकृतिक पेंट ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड की खेड़ापति स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनके द्वारा किए गए नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिला। उनका यह कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल है। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर एक अनोखी और सफल पहल की है। इस पहल से महिलाओं को न केवल अतिरिक्त आय का साधन मिला है बल्कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ है। यह पेंट गोबर से बनाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं होता। इस कारण यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और दीवारों को आकर्षक रंग भी प्रदान करता है। साथ ही मात्र 4 घंटे में दीवार पर लगा ये पेंट सूख भी जाता है। कलेक्टर मती रुचिका चौहान ने समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर तकनीकी प्रशिक्षण एवं विपणन (मार्केटिंग) में भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। जिले के भितरवार ब्लॉक के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह के सक्रिय सदस्यों ने आजीविका मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भर की सच्ची मिसाल पेश की है। प्राकृतिक पेंट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। और समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। समूह की सदस्य मती संध्या कहती हैं कि हम पहले केवल घर तक सीमित थे, लेकिन अब अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिल रही है। प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग से हमें नया हुनर मिला है। लोग हमारे पेंट की सराहना कर रहे हैं, जिससे हमें आगे और काम करने की प्रेरणा मिलती है। प्रशासन अब इस उत्पाद को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में भी उपयोग हेतु बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह पहल आने वाले दिनों में प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।  

पुतिन की भारत एंट्री तय! पीएम मोदी से शिखर वार्ता, ट्रंप की प्रतिक्रिया हो सकती है चौकाने वाली

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नई दिल्ली  रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत आने वाले हैं। इस दौरे की तारीख सामने आ गई है। पुतिन का भारत दौरा 5-6 दिसंबर को हो सकता है। इस दौरान उनकी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी से भी होगी। पुतिन के भारत दौरे से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिर्ची लगना स्वाभाविक है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत शिखर सम्मेलन के लिए आने की उम्मीद है। भारत और रूस के बीच दशकों से संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर दिखाई गई सख्ती से मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध और बेहतर हो गए हैं। हाल ही में चीन के तियानजिन में भी पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। सामने आई तस्वीरों ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया था और फिर ट्रंप ने भी दोबारा भारत से संबंध सुधारने की कोशिश की। दरअसल, ट्रंप पिछले कई सालों से चल रहे रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोकना चाहते हैं। वह दोनों देशों से कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली है। अब वे उन देशों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, जो रूस से तेल आयात करते हैं। भारत ने साफ किया है कि वह उन कदमों को उठाएगा, जो राष्ट्र हित में हैं। ऐसे में रूस से तेल आयात भारत ने जारी रखा है। इसी वजह से ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया, लेकिन बाद में तेल खरीदने की वजह से 25 फीसदी और टैरिफ लगा दिया। इससे अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में और दरार आ गई। पुतिन के इस दौरे के बारे में सबसे पहले ऐलान एनएसए अजीत डोभाल के मॉस्को यात्रा के दौरा किया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पुतिन के भारत दौरे की जानकारी दी थी। भारत भी रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के पक्ष में है। पीएम मोदी और पुतिन की बातचीत के दौरान भी कई बार युद्ध खत्म करने की अपील की गई है। चीन में एससीओ समिट के इतर भी पुतिन और पीएम मोदी की बातचीत हुई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष को सुलझाने के लिए रूस के प्रयासों का स्वागत किया था। उन्होंने रूस और भारत के बीच घनिष्ठ संबंधों की सराहना की और कहा कि द्विपक्षीय सहयोग वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।  

केंद्र सरकार का सख्त कदम: 34 दवाओं पर पाबंदी और 3 साल की जेल

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 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने अंडे देने वाले पक्षियों, डेयरी जानवरों, गाय, भेड़, बकरी, सुअर और मधुमक्खियों में इस्तेमाल होने वाली 34 दवाओं के निर्माण, आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसमें 15 एंटीबायोटिक्स, 18 एंटीवायरल और 1 एंटीप्रोटोजोल्स दवा शामिल हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले पर 3 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। पाबंदी का उद्देश्य मनुष्यों तक दवाओं के प्रभाव और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से होने वाले खतरे को रोकना है। केंद्र ने राज्यों के अधिकारियों को दवा दुकानों और निर्माताओं को निर्देश जारी करने को कहा है। सरकार ने कहा कि अब पशुपालकों के लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं और यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लिया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के आदर्श उदाहरण होंगे राष्ट्रीय उद्यानों के पास वन्य जीवों के लिए बनने वाले जू एंड रेस्क्यू सेंटर

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वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जारी रहेंगे हमारे प्रयास जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ लिए जा रहे निर्णय प्रदेश में बढ़ाई जा रही है चिड़ियाघरों की संख्या जीवनदायिनी माँ नर्मदा और सहायक तवा नदी में छोड़ेंगे मगरमच्छ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक सफारी वाहन और वन विहार के 40 से अधिक ई-व्हीकल किये लोकार्पित वन्यजीव संरक्षण के लिए कर्मचारियों एवं पर्यटन विकास समितियों को पुरस्कार प्रदान किए वन्यजीव-मानव सह-अस्तित्व पर केन्द्रित पुस्तक सहित गिद्धों के संरक्षण पर वार्षिक रिपोर्ट का किया विमोचन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्य जीव हमारी प्राकृतिक पूंजी हैं, जो जंगल और पर्यावरण की रोशनी हैं। मानव और वन्य जीवों का सहअस्तित्व ही प्रकृति के संतुलन का वास्तविक प्रतीक है। हम ‘जियो और जीने दो’ की भावना के साथ सबके जीवन विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। वन्य जीव हमारे लौकिक जगत की अलौकिक धरोहर हैं। ये केवल साधारण जीव नहीं हैं। वे प्रकृति की अद्वितीय रचनाएं हैं, जिनमें एक अद्भुत सौंदर्य, रहस्य और सामंजस्य छिपा है। उनका अस्तित्व मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच गहरे संतुलन की जीवित विरासत है। वन्य जीवों की उपयोगिता, सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व हमारी साधारण समझ से कहीं अधिक गहरे और दिव्य हैं। ये न केवल हमारे पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं,बल्कि हमें आध्यात्मिक आनंद, सौंदर्यबोध और जीवन की विविधता का अनुभव भी कराते हैं। इसलिए उनका संरक्षण केवल पारिस्थितिक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह-2025का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक वाहन सफारी और वन विहार के 40 से अधिक पर्यटक वाहन (ई-व्हीकल्स) का लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल में भारत के वन्यजीव “उनका रहवास एवं आपसी संचार” विषय पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने वन और वन्य जीवों के प्रति जन जागरूकता प्रसार में योगदान देने वाले 9 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं 1 वन्य प्राणी रेस्क्यू दल को वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व्स में पर्यटन बढ़ने से प्राप्त आय में से वित्त वर्ष 2024-25 के लाभांश के रूप में प्रतीकात्मक रूप से 5 ईको विकास समितियों को पात्रतानुसार पुरस्कार राशि देकर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव-मानव सहअस्तित्व पर केन्द्रित एक पुस्तक एवं पोस्टर सहितगिद्धों के संरक्षण पर वन विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वन और वन्य जीवों के मामले में देश में अव्वल है। प्रदेश में वनों की विविधता को बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में वन्य जीव अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन, मध्यप्रदेश को पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनाता है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। चीता, बाघ, घड़ियाल, गिद्ध मध्यप्रदेश की पहचान है। अब प्रदेश में कोबरा भी बसाया जा रहा है। प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण की दृष्टि से वन विभाग ने पर्यटकों के लिए उपलब्ध पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला है। यह पर्यावरण-संरक्षण और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसकी शुरुआत भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से की गई है। आज सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए 40 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का लोकार्पण भी हुआ है, इससे यहां आने वाले पर्यटक बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए सफारी का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग द्वारा 636 ईको विकास समितियों को वन्यजीव पर्यटन विकास के लिए वन विकास निगम की ओर से 18करोड़ 74लाख रूपए से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किप्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य, 9 टाइगर रिजर्व और एक कंजर्वेशन रिजर्व भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में चीता मित्र, हाथी मित्र, ताप्ती संरक्षण रिजर्व जैसे अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले साल मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 13.81 लाख से अधिक रही है। दुनियाभर से पर्यटक, वन्यजीवों को देखने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आ रहे हैं। राज्य सरकार वन्य संपदा की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में दो नए चिड़ियाघर (जू) तेजी से आकार ले रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास जू एंड रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जाएं, जिससे घायल जंगली जानवरों को समय पर निकटतम स्थान पर समुचित इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को एक ऐसा राज्य बनाएंगे, जहां हर प्रकार की वन संपदा की रक्षा करते हुए वन्यजीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाएं और देश में मध्यप्रदेश की अलग छवि निर्मित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ, चीता, घड़ियाल, मगरमच्छ और गिद्धों के संरक्षण में पहचान बना चुका है। जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में चिड़ियाघरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जीवनदायिनी मां नर्मदा और सहायक तवा नदी में जल्द ही मगरमच्छ छोड़े जाएंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वन विभाग ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार किया जा रहा है। अब राज्य सरकार ने डीजल गाड़ियों को हटाकर अबपर्यटकों और पर्यावरण की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन संचालित करने का निर्णय लिया है। स्वागत उद्बोधन में पीसीसीएफ वाईल्ड लाइफ श्री शुभरंजन सेन ने कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक काम हो रहा है। इस मामले में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अंबाडे, एडिशनल पीसीसीएफ श्री एल. कृष्णमूर्ति सहितश्री राहुल कोठारी, वन एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, … Read more

सागर पर भारत का दबदबा: INS निस्तार की मौजूदगी ने बढ़ाया सुरक्षा भरोसा

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नई दिल्ली भारत की नौसेना ने अपनी पनडुब्बी बचाव क्षमता में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। नौसेना ने पहली बार अपने डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल (DSRV) 'टाइगर एक्स' का सफल इस्तेमाल सिंगापुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'XPR-25' के दौरान किया। इस अभ्यास में भारतीय बचाव प्रणाली ने हिंद महासागर से बाहर जाकर दक्षिण चीन सागर में काम किया और सहयोगी देशों की पनडुब्बियों से जुड़कर पूर्ण बचाव ड्रिल पूरी की। अभ्यास 'XPR-25' यह अभ्यास 15 से 25 सितंबर तक चला, जिसमें 40 से अधिक देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया। इसे दो चरणों में किया गया-     तटीय चरण ( 15 से 20 सितंबर)     समुद्री चरण (21 से 25 सितंबर) समुद्री चरण में तीन देशों की पनडुब्बी बचाव इकाइयां शामिल हुईं-     सिंगापुर का MV Swift Rescue     जापान का JS Chiyoda     भारत का INS निस्तार इनके साथ साउथ कोरिया, जापान और सिंगापुर की पनडुब्बियों को 'डिसेबल्ड सबमरीन' के रूप में प्रयोग किया गया। भारत ने समुद्र में दिखाई अपनी ताकत 23 सितंबर को भारत के DSRV टाइगर एक्स ने पहली बार हिंद महासागर से बाहर गोता लगाया। इसने पहले साउथ कोरिया की पनडुब्बी शिन डोल-सिओक (S-082) से जुड़ाव किया और उसके बाद सिंगापुर की RSS Invincible से भी सफलतापूर्वक जुड़ा।  

सरकारी खजाना हुआ मालामाल! GST से 1.89 लाख करोड़ की वसूली, जानिए कैसे बढ़ा रेवेन्यू

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नई दिल्ली  वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी (GST) कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। बीते महीने यानी सितंबर 2025 में जीएसटी कलेक्शन एक महीने पहले यानी अगस्त 2025 से भी ज्यादा रहा है। जबकि इस महीने जीएसटी की दरों में काफी कमी की गई। यदि इसकी तुलना एक साल पहले यानी सितंबर 2024 के कलेक्शन से करें तो यह 9.1 फीसदी ज्यादा है। कितना रहा कलेक्शन केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 में कुल जीएसटी राजस्व 1.89 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा था। एक महीने पहले यानी कि अगस्त 2025 में यह 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा था। टैक्स घटाने का फायदा मिला जीएसटी काउंसिल ने पिछले महीने ही जीएसटी की दरों में भारी कटौती का फैसला किया है। यह निर्णय बीते 22 सितंबर से लागू हुआ है। इस दौरान लोगों ने इतनी खरीदारी की कि सितंबर में सकल घरेलू राजस्व 6.8% बढ़कर ₹1.36 लाख करोड़ रहा, जबकि आयात पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन में भी 15.6% की बढ़ोतरी देखी गई। इस मद में ₹52,492 करोड़ रहा। मंत्रालय ने कहा कि लगातार बेहतर कलेक्शन से न सिर्फ सरकारी खजाने को मजबूती मिल रही है बल्कि यह अर्थव्यवस्था में खपत और कारोबारी गतिविधियों की मजबूती को भी दिखाता है।  IGST कलेक्शन ने बनाया रिकॉर्ड एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) का कलेक्शन इस साल पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के पार गया। सितंबर में IGST की कमाई 1,01,883 करोड़ रुपए रही, जो जनवरी 2025 के रिकॉर्ड 1,01,075 करोड़ रुपए से अधिक है। इससे देश के भीतर व्यापार और वस्तुओं के आदान-प्रदान में तेजी का संकेत मिलता है। हालांकि, सेस कलेक्शन में गिरावट आई है। अप्रैल में यह 13,451 करोड़ रुपए था, जो सितंबर में घटकर 11,652 करोड़ रुपए रह गया। बावजूद इसके, कुल GST संग्रह पर इसका खास असर नहीं पड़ा। अगस्त और सितंबर के त्योहारों के दौरान GST संग्रह 3.8 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 7.8% अधिक है। त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ने से सरकार को अधिक टैक्स प्राप्त हुआ। GST परिषद ने सितंबर की शुरुआत में कर प्रणाली में बड़े सुधार किए। चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर अब केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% रह गए हैं। इसके अलावा, सिन और लग्जरी वस्तुओं पर 40% टैक्स लगाया गया। ये बदलाव 22 सितंबर से लागू हैं और इनका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, कारोबारियों के लिए आसान बनाना और आम उपभोक्ताओं को राहत देना है। जीएसटी रिफंड में 40 फीसदी की बढ़ोतरी इस दौरान GST रिफंड में 40.1% की तगड़ी बढ़ोतरी देखने की मिली है। बीते सितंबर में यह ₹28,657 करोड़ रुपये रहा है जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 20,453 करोड़ रुपये रहा था। नेट जीएसटी राजस्व में वृद्धि सितंबर 2025 में नेट जीएसटी राजस्व ₹1.60 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.0% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

यूपी में कानून-व्यवस्था का कमाल: योगी राज में सांप्रदायिक दंगे शून्य, अपराध दर में रिकॉर्ड गिरावट

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लखनऊ  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट पेश की है। आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। सीएम योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई। जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है। सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।  

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दिवाली से पहले योगी सरकार ने किया बोनस का ऐलान

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लखनऊ  केंद्र सरकार के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों को दीपावली के पहले बोनस देने की तैयारी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार दीपावली से पहले 3400 से 7000 रुपये तक के बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. इसके दस्तावेज तैयार करने के लिए वित्त विभाग सरकार की सहमति लेगा और उसके बाद आदेश जारी होगा. यह आदेश संभवत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की उम्मीद है. इस बोनस का लाभ और राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ दैनिक वेतन भोगी व वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी मिलेगा. प्रदेश के इतने कर्मचारियों को सौगात उत्तर प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सौगात देने का ऐलान कर दिया है. सूत्रों के मुताबकि दीवाली से पहले इस बोनस का ऐलान कर दिया जाएगा. सरकार की तरफ से 3400 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक का बोनस इन कर्मचारियों को दिया जाएगा.  इस बोनस के लिए सरकार से वित्त विभाग दस्तावेज तैयार करने के लिए सहमति प्राप्त करेगा. यह दस्तावेज तैयार करने के लिए आदेश जारी करेगा. इस आदेश को अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है. विभाग और सरकार अब इसकी तैयारियों में जुट गया है.  इनको मिलेगा बोनस का लाभ बता दें इस बोनस का राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के अलावा रोजमर्रा का वेतन पाने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलने जा रहा है. इस बोनस की रकम कर्मचारियों को उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. सरकार की तरफ से प्रदेश के 8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को बोनस देने के लिए सरकार की तरफ से 1000 करोड़ रुपये के बजट को जारी किया जाएगा. जिसका सीधा लाभ राज्य के कर्मचारियों को मिलने जा रहा है.   वहीं सूत्रों के जरिए जानकारी आ रही है कि सरकार की तरफ से महंगाई भत्ता और राहत भत्ता बढ़ाने के लिए भी ऐलान किया जा सकता है. वहीं इस बार महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

सरकारी नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी, 860 नई सीटें स्वीकृत; BMHRC कॉलेज बिना प्राचार्य के चलने का आरोप

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भोपाल  मध्यप्रदेश से नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को बीएमएचआरसी समेत 4 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिसके साथ अब गवर्नमेंट बीएससी नर्सिंग की सीटें 515 से बढ़कर 860 हो गई हैं।  आरोप – बिना प्राचार्य के चल रहा कॉलेज एनएसयूआई ने बीएमएचआरसी को मान्यता देने पर सवाल खड़े किए हैं। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिनमें भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का नर्सिंग कॉलेज प्रमुख है। नियमानुसार किसी भी नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य एवं उप-प्राचार्य का होना अनिवार्य है, लेकिन बीएमएचआरसी का कॉलेज लंबे समय से बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, उप-प्राचार्य प्रभा गजपाल की पदोन्नति भी नियम विरुद्ध की गई है। उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर से सीधे उप-प्राचार्य बना दिया गया, जो कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के विरुद्ध है। परमार ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज को डिफिशिएंट कैटेगरी में रखा गया। यहां पोषण प्रयोगशाला, एवी सहायता प्रयोगशाला और उन्नत कौशल प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं। सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यक सामग्री और उपकरणों की कमी है। 8 कक्षाओं के बजाय केवल 4 कक्षाएं ही संचालित हैं। जीएनएम कार्यक्रम को बीएससी कार्यक्रम में अपग्रेड कर दिया गया है, लेकिन स्टाफ को अपग्रेड नहीं किया गया। पक्ष – हमने सारे फॉर्मेट पूरे किए मामले में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रभा गजपाल ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से पहले संस्थान की डायरेक्टर डॉ. मनीषा श्रीवास्तव से अनुमति लेनी होगी। अभी यह जरूर बता सकती हूं कि हमने मान्यता के लिए जरूरी सभी फॉर्मेट पूरे किए हैं। यही वजह है कि हमें मान्यता दी गई। इन 4 सरकारी कॉलेजों को बुधवार को मिली मान्यता     भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी)     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मेडिकल कॉलेज जबलपुर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, ग्वालियर     शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जबलपुर मंगलवार तक सिर्फ इन 4 कॉलेजों के पास थी मान्यता     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएमसी भोपाल     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएम हॉस्पिटल रीवा     गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उज्जैन 8 सरकारी कॉलेजों में 860 सीटें इस साल 8 सरकारी कॉलेजों में 860 बीएससी नर्सिंग की सीटें हैं। जिनमें से 232 सीटें अनरिजर्व कैटेगरी की हैं। इस कैटेगरी में सैनिक, पीएच, एफएफ, आंगनवाड़ी/आशा वर्कर और गवर्नमेंट एनएम कोटा की सीटें हटा दें तो सिर्फ 195 सीटें शेष बचती हैं। जिनमें उन कैंडिडेट्स को एडमिशन मिल सकता है, जो न किसी कैटेगरी और न ही किसी कोटे के लिए एलिजिबल हैं। 393 कॉलेजों ने इस साल किया आवेदन 2025-26 सत्र के लिए कुल 33 नए नर्सिंग कॉलेज और 360 पुराने कॉलेजों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। इनमें लगभग 21 शासकीय कॉलेज शामिल थे। इसके उलट निजी कॉलेजों के मामले में बड़ी संख्या में अनुमति दी गई। जीएनएम नर्सिंग के 231 और बीएससी नर्सिंग के 188 निजी कॉलेजों को मान्यता मिल गई।