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समर्थन मूल्य योजना के तहत धान, ज्वार और बाजरा के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर

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समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु पंजीयन 10 अक्टूबर तक किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

शक्ति पर्व में अमरकंटक बिजलीघर का दमदार प्रदर्शन, सीएम यादव बोले – यही है आत्मनिर्भर ऊर्जा का प्रतीक

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69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।  ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। 95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया। पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।  

SAHARA REFUND की दिशा में बड़ा कदम: देशभर की 88 संपत्तियां बिकने को तैयार, आपका पैसा लौटने की उम्मीद

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नई दिल्ली सहारा ग्रुप (Sahara Group) एक बार फिर चर्चा में है, रिफंड (Refund) को लेकर निवेशकों में एक उम्मीद जगी है. सहारा इंडिया में सबसे ज्यादा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से निवेशक हैं. कुछ लोगों ने अपनी सारी गाढ़ी कमाई सहारा इंडिया में जमा कर दी थी. लेकिन अब सहारा ग्रुप की संपत्तियां बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाने की बात कही जा रही है. दरअसल, Sahara India Commercial Corporation Ltd. (SICCL) ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी लगाई है, जिसमें वह अपनी कुछ प्रमुख अचल संपत्तियों को Adani Properties Pvt. Ltd. को एकमुश्त (Single Block) बेचने की अनुमति मांगी है. रिपोर्ट के मुताबिक सहारा इंडिया ग्रुप की 88 से अधिक संपत्तियां इस सौदे के तहत बेचने की तैयारी चल रही है. यानी इन संपत्तियों को बेचकर, निवेशकों के पैसे लौटाए जाएंगे. केंद्र सरकार ने साल 2022 में बताया था कि सहारा इंडिया ग्रुप की कंपनियों में कुल निवेशकों का संख्या करीब 13 करोड़ है, और इन निवेशकों के 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक फंसे हुए हैं. बता दें, सहारा इंडिया का मामला साल 2012 से चल रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की दो कंपनियों को निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक SEBI-सहारा एस्क्रो अकाउंट में करीब 26.25 हजार करोड़ रुपये जमा है. पिछले दो वर्षों में सुप्रीम कोर्ट (SC) के आदेश पर सेबी ने Sahara निवेशकों को करीब ₹5053 करोड़ लौटा दिए हैं. जिन निवेशकों ने Cooperative Societies of Sahara Group में पैसे जमा किए थे, उन्हें वापस किए गए हैं. बिकने वाली सहारा की ये संपत्तियां: सहारा ग्रुप के पास बड़ी संपत्ति के तौर पर Aamby Valley City है, जो महाराष्ट्र के पुणे में है, ये टाउनशिप लगभग 8,810 एकड़ में फैला हुआ है. सहारा के मुंबई एयरपोर्ट के पास Hotel Sahara Star है, लखनऊ में सहारा शहर और Sahara Ganj Mall है. इसके अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों कई संपत्तियां फैली हुई हैं. हालांकि कितने में सभी संपत्तियों का सौदा हुआ है, इसका खुलासा नहीं हुआ है. इसपर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2025 को होगी. अगर अदालत संपत्ति सौदे पर अपनी मुहर लगाती है तो फिर सहारा ग्रुप की तमाम संपत्तियों की ब्रिकी का रास्ता साफ हो जाएगा. सहारा ग्रुप का बिजनेस रियल-एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी (होटल), मीडिया-चैनल, फाइनेंस/इंश्योरेंस और रिटेल में फैला हुआ था. सहारा समूह ने उत्तर भारत (UP, Bihar, Jharkhand, Rajasthan) में बड़े-बड़े आवासीय/प्लॉट और कृषि/विकास योग्य जमीन खरीदी थी. वहीं हाल के वर्षों में कई जमीनों को ED समेत तमाम जांच एजेंसियों ने अटैच कर रखा है. सहारा समूह ने न्यूयॉर्क के The Plaza Hotel में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी. बाद में यह संपत्ति साल 2018 में कतरी फंड (Qatar fund) को बेची दी गई. वहीं सहारा ग्रुप (Sahara Group) के पास मौजूद करीब 19 संपत्तियों की लीज़ समीक्षा हो रही है, क्योंकि इनमें से कुछ लीज समाप्त हो चुकी है, कुछ पर कब्जा है, और कुछ को सील कर दिया गया है. लखनऊ स्थित 'सहारा बाजार' की जमीन की कीमत लगभग ₹200 करोड़ आंकी गई है. रिफंड के लिए कहां करें अप्लाई बता दें, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल (https://mocrefund.crcs.gov.in) ल़ॉन्च किया था, जिसके माध्यम से निवेशकों के पैसे लौटाए जा रहे हैं. सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि करीब 26 लाख निवेशकों को अब तक 5,053 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं. वहीं, 13.34 लाख नए निवेशकों ने भी क्लेम किया है, जिसकी कुल राशि 27,849 करोड़ रुपये बैठती है. अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक करीब 32 लाख और निवेशक अपना दावा दर्ज कर सकते हैं. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों को पैसे लौटाने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है. इससे लाखों निवेशकों को राहत मिलेगी.

167 लाख करोड़ की रिच लिस्ट जारी, शाहरुख खान बने नए अरबपति, अंबानी की बादशाहत कायम

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मुंबई  भारत अब अरबपतियों का नया हब बनता जा रहा और देश में अमीरों की तादाद में साल-दर-साल जोरदार इजाफा हो रहा है. एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 जारी कर दी गई है और इसके मुताबिक, भारतीय अरबपतियों की संख्या बढ़कर 350 से ज्यादा हो गई है. वहीं सबसे रईसों की रैंकिंग में एक बार फिर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का दबदबा दिखा है और इस बार भी वे नंबर-1 की कुर्सी पर काबिज रहे हैं. खास बात ये है कि बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान पहली बार बिलेनियर्स क्लब में शामिल हुए हैं.  13 साल में छह गुना हुए अरबपति भारत में नए अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ी है और ये इजाफा लगातार जारी है. अब भारत में 350 से ज्यादा अरबपति हो चुके हैं और ये आंकड़ा बीते 13 साल में छह गुना से ज्यादा बढ़ गया है. बता दें कि M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में शामिल किए गए अरबपतियों की कुल संपत्ति 167 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग आधा है. ये हैं देश के टॉप-3 अरबपति हुरुन इंडिया रिच लिस्ट-2025 के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ 9.55 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है और संपत्ति के इस आंकड़े के साथ उन्हें फिर से भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल हुआ है. वहीं दौलत के मामले में गौतम अडानी एंड फैमिली 8.15 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है. लिस्ट में तीसरे नंबर पर रोशनी नादर मल्होत्रा को रखा गया है, जिनकी संपत्ति 2.84 लाख करोड़ रुपये है. बता दें कि वे इस सूची में अब तक की सर्वोच्च रैंकिंग वाली महिला अरबपति बन गई हैं और पहली बार टॉप-3 में एंट्री लेते हुए भारत की सबसे अमीर महिला के रूप में इतिहास रच दिया है. अमीरों की इस लिस्ट में शाहरुख खान की एंट्री  अमीरों की 2025 लिस्ट में पेरप्लेक्सिटी के फाउंडर 31 साल के अरविंद श्रीनिवास 21,190 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ भारत के सबसे युवा अरबपति बन गए हैं. वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान भी पहली बार इस लिस्ट में आए हैं और 12,490 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ भारत के टॉप अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गए हैं.  इसके अलावा जिस अरबपति की दौलत में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है, वो नीरज बजाज एंड फैमिली है, 69,875 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ इनकी नेटवर्थ अब 2.33 लाख करोड़ रुपये हो गई है. अमीरों का सेंटर रहा मुंबई  भारत के सबसे अमीरों की लिस्ट में इस बार भी मुंबई ही टॉप पर है, जहां पर देश के 451 सबसे धनी व्यक्ति रहते हैं. इसके बाद नई दिल्ली में 223 और बेंगलुरु 116 अमीरों के साथ लिस्ट में है. अगर बिजनेस सेक्टर्स की बात करें, तो हुरुन के मुताबिक, फार्मास्यूटिकल्स 137 अमीरों के साथ पहले पायदान पर है, जबकि इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और केमिकल सेक्टर से जुड़े अमीरों की तादाद क्रमश: 132 और 125 रही है.  महिला अरबपतियों ने दिखाया दम  Hurun Rich List में एक बार फिर से महिलाओं और सेल्फ मेड उद्यमियों ने अपना दम-खम दिखाया है. यह लिस्ट महिला उद्यमियों की बढ़ती उपस्थिति को भी दर्शाती है, जिसमें 2025 तक 101 महिलाएं शामिल हैं और इनमें 26 अरबपति हैं. वहीं इसमें शामिल 74% नए अमीरों ने जीरो से शुरू करने के बाद सबसे अमीरों में जगह हासिल की है. सेल्फ मेड अमीरों की तादाद इस बार 66% रहे हैं. 

केंद्रीय विद्यालयों का होगा विस्तार, कैबिनेट ने 57 नए स्कूल खोलने की दी हरी झंडी

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नई दिल्ली  बुधावार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा की है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दे दी। सात विद्यालय केंद्र और बाकी राज्यों द्वारा प्रायोजित होंगे। राशि में से 2,585 करोड़ रुपये निर्माण और बुनियादी ढाँचे पर खर्च किए जाएँगे, जबकि 3,277 करोड़ रुपये स्कूलों के संचालन के लिए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, दालों के लिए आत्मनिर्भरता मिशन को 11,440 करोड़ रुपये के बजट से मंज़ूरी दी गई है, जो छह वर्षों में चलेगा।  इन 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से सात केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा और बाकी राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित होंगे। वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों पर एक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि वर्तमान में 1,288 केंद्रीय विद्यालय हैं। केंद्र ने गेहूँ का एमएसपी बढ़ाया अन्य प्रमुख निर्णयों में, कैबिनेट ने गेहूँ के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है, जिससे यह 2,585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है, और प्रस्तावित एमएसपी के तहत किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रबी सीजन 2026-27 के दौरान अनुमानित खरीद 297 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है और प्रस्तावित एमएसपी पर किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि 84,263 करोड़ रुपये है। सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की इसके अलावा, 1 जुलाई से प्रभावी, महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से प्रभावी, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से लगभग 1.15 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में भव्य उत्सव आयोजित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय स्वतंत्रता आंदोलन में इस प्रेरणादायी गीत की ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करने के लक्ष्य से अपनाया गया है। यह समारोह देश के कोने-कोने में सांस्कृतिक प्रदर्शनों, शैक्षिक सत्रों और अन्य आकर्षक कार्यक्रमों के जरिए संपन्न होगा, जो महान लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत की सांस्कृतिक धरोहर को नई जान फूंक देगा।

BCCI ने दिया अंतिम अल्टीमेटम, ट्रॉफी चोरी मामले में नकवी को हो सकती है जेल

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दुबई / नई दिल्ली भारत ने मैदान में पसीना बहाकर एशिया कप 2025 जीता, लेकिन ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमा बैठे हैं मोहसिन नकवी! एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ पर सनसनीखेज़ आरोप है कि उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपने की बजाय उसे होटल ले जाकर ‘हथिया’ लिया. यह हरकत ना सिर्फ खेल भावना के खिलाफ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट की साख पर भी सवाल खड़े कर रही है. बीसीसीआई इस बेशर्मी से तिलमिलाई हुई है और अब दुबई पुलिस में चोरी का मामला दर्ज करवाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. सवाल अब ये खड़ा होता है कि क्या एशिया कप की ट्रॉफी अब खेल का सम्मान है या सियासी मोहरा बन चुका है जहां व्यक्तिगत अहम् एक दूसरे पर भारी पड़ रहा है. मोहसिन नकवी पर पुलिस केस! भारत के फाइनल जीते अब 72 घंटे से ज़्यादा हो चुके हैं और मोहसिन नकवी ने ना तो ट्रॉफी भारत को सौंपी है और ना ही उसको एशियन क्रिकेट काउंसिल के दफ़्तर भेजा है.  ACC की बैठक में ज़ोर-शोर से ये विवाद उठा और कई देशों के प्रतिनिधियों ने इसका विरोध भी किया पर मोहसिन नकवी अपनी ज़िद पर अड़े रहे और ट्राफ़ी उनके होटल के कमरे में पड़ी रही. अब बीसीसीआई ने सख़्त क़दम उठाने का मन बना लिया है और वो मोहसिन नकवी पर ट्रॉफी चोरी और जबरन क़ब्ज़ा की शिकायत लिखित रूप से दुबई पुलिस को करने का मन बना चुके हैं . सूत्रों की मानें तो बोर्ड ने मोहसिन नकवी के 72 घंटे का समय दिया है और इस दौरान वे ट्रॉफ़ी ACC के आफिस नहीं पहुँचाते तो अधिकारिक रूप से दुबई पुलिस में केस दर्ज कराया जाएगा और ऐसा होता है तो मोहसिन नकवी कीं गिरफ़्तारी होना तय है और उनको जेल भी जाना पड़ सकता है . मोहसिन नकवी दुबई छोड़कर कर ट्रॉफी के साथ पाकिस्तान ना भाग पाएँ इसके लिए भी बीसीसीआई यूएई में लगातार बात कर रही है. दुबई का क़ानून सख्त है दुबई में अपराध दर कम है और यहाँ के कानून हर तरह की आपराधिक गतिविधि पर सख्त सज़ा का प्रावधान करते हैं.एक कर्मचारी द्वारा नियोक्ता की संपत्ति चुराने पर भी 5 से 7 साल तक की कैद की सज़ा हो सकती है, और इस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. दुबई में चोरी या जबरन कब्ज़े के लिए सजा अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है, और इसमें कम से कम 6 महीने की कैद से लेकर 3 साल तक की कैद के साथ जुर्माना शामिल हो सकता है. कुछ गंभीर चोरी के मामलों में 3 से 15 साल तक की कैद हो सकती है. यानि यूएई के क़ानून के हिसाब से जाए और मोहसिन नकवी के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उनको लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है.

DA Hike: आज हो सकता है ऐलान, दशहरा-दीवाली से पहले बढ़ेगी केंद्रीय कर्मियों की सैलरी

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नई दिल्ली दिवाली-दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में (DA Hike) 3 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया. इसके साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी माना जाएगा.  जनवरी में कितनी हुई थी DA-DR बढ़ोतरी? इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे लगभग 1.15 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी खुश हुए थे. इस बढ़ोतरी के बाद, महंगाई भत्ता, बेसिक सैलरी के 53% से बढ़कर 55% हो गया था. ये बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई थी. बता दें क‍ि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से बचाने और उनकी जीवन-यापन लागत को समायोजित करने के लिए दिया जाता है. कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी. इससे कर्मचारी और पेंशनर्स त्‍योहारों पर जमकर खरीदारी करेंगे.यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर भी लागू होगी. 2025 का दूसरा बड़ा हाइक दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया जा चुका है. यह इस साल का दूसरा महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी है. बता दें सरकार की ओर से साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है.  कितनी बढ़ेगी सैलरी?  अगर किसी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे. तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी. यह त्‍योहारों के समय में एक बड़ी राहत होगी. CPI-IW आंकड़े पर निर्भर करता है डीए बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति के रुझानों के आधार पर, महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. हालांकि ऐलान अक्सर देर से होती हैं, लेकिन बकाया राशि इस देरी की भरपाई कर देती है. यह संशोधन सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम होने की उम्मीद है. जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है.  कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% है. इसमें करीब 3% की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है, जिसके बाद DA बढ़कर 58% हो जाएगा. ये बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी. यानी कर्मचरियों को उनकी बेसिक सैलरी का 58% महंगाई भत्ते के तौर पर दिया जाएगा.  जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, उन्‍हें अभी महंगाई भत्ते के तौर पर 33,000 रुपये मिलता है. 3% की बढ़ोतरी के बाद उन्‍हें महंगाई भत्ते के रूप में 34,800 रुपये मिलेगा. यानी उनकी ग्रॉस सैलरी में 1,800 रुपये बढ़ जाएंगे.  करोड़ों कर्मचारियों को लाभ  कैबिनेट के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा. इससे 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों या पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.  65 लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और तकरीबन 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। बता दें दोनों लंबे समय से इसके बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब महानवमी पर केंद्र सरकार के इस ऐलान ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। कब लागू होंगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग का अंतिम DA समायोजित होगा, क्योंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने वाली हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। बता दें केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की है। यूनियन पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर आठवें वेतन आयोग के जल्द गठन की मांग की है।

हेलमेट नियम में बदलाव: अब पुलिसकर्मियों पर भी लागू होगा, सख्त दंड के साथ लाइसेंस रद्द होने का खतरा

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भोपाल   मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है। राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. हेलमेट पर सख्ती  कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी। सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं. 30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

हीरे की नगरी पन्ना में फिर चमकी किस्मत, मजदूर को मिला 4 कैरेट का कीमती हीरा

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पन्ना  पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।  

वृद्धजनों की सेवा और सम्मान के लिए समाज को होना होगा संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए। 15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।