Public Sootr

लहर खबरों की

Public Sootr

Writer News & Blogger

नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी

1aa 131.jpg

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

दशहरा से पहले राहत, RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, EMI बनी सुरक्षित

rbi a 35 1.jpg

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजे आ चुके हैं. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 29 सितंबर से शुरू हुई बैठक के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा. अगस्त के बाद अक्टूबर में भी ब्याज दर 5.5% पर यथावत रखी गई है. इस साल अब तक रेपो रेट में तीन बार कटौती की गई है और इसे कुल 100 बेसिस पॉइंट तक घटाया जा चुका है. रेपो रेट को लेकर लोगों को थी उम्मीद दशहरा के पहले लोग उम्मीद लगाकर बैठे थे कि जिस तरह से जीएसटी में सरकार की ओर से राहत दी गई है. उसी प्रकार से रेपो रेट को लेकर फैसला किया जा सकता है जिससे आम जनता को राहत मिलेगी. जानकारों ने भी कुछ इसी तरह की उम्मीद की बात की थी लेकिन एमपीसी की बैठक के बाद आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई.  मौद्रिक नीति पर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एमपीसी ने एकमत से फैसला किया कि रेपो रेट 5.5% पर यथावत रहे. इसी के साथ STF रेट 5.25%, MSF रेट और बैंक रेट 5.75% पर बने रहेंगे. एमपीसी ने नीति के न्यूट्रल रुख को भी जारी रखने का निर्णय लिया. औसत मुद्रास्फीति को घटाकर 2.6% कर दिया गया इस साल की औसत मुद्रास्फीति को घटाकर 2.6% कर दिया गया है, जबकि जून में यह 3.7% और अगस्त में 3.1% अनुमानित थी. चौथी तिमाही और अगले साल की पहली तिमाही की मुद्रास्फीति भी कम हुई है और लक्ष्य के करीब बनी हुई है. वैश्विक अनिश्चितताएं और व्यापार संबंधी मुद्दे इस साल के दूसरे हिस्से में आर्थिक वृद्धि को धीमा कर सकते हैं. वर्तमान आर्थिक स्थिति विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है. जीडीपी अनुमान बढ़ाया आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है. FY26 के दूसरे तिमाही (Q2) में वृद्धि का अनुमान अब 7.0% किया गया है जो पहले यह 6.7% था. तीसरी तिमाही (Q3) में वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से घटाकर 6.4% किया गया है. चौथी तिमाही (Q4) में जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.2% रखा गया है, जो पहले 6.3% था. अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में वृद्धि का अनुमान 6.4% लगाया गया है, जबकि पहले इसे 6.6% रखा गया था. महंगाई होगी कम भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में महंगाई (CPI Inflation) के नए अनुमान जारी किए हैं. ताजा अनुमान के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में औसत खुदरा महंगाई दर घटकर 2.6% रहने का अनुमान है, जबकि पहले इसे 3.1% आंका गया था. आरबीआई का कहना है कि हाल के महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई तेज गिरावट ने महंगाई को काबू में करने में बड़ी भूमिका निभाई है. तिमाहीवार महंगाई अनुमान इस प्रकार हैं:     Q2 FY26: 1.8% (पहले 2.1%)     Q3 FY26: 1.8% (पहले 3.1%)     Q4 FY26: 4.0% (पहले 4.4%)     Q1 FY27: 4.5% (पहले 4.9%)  

व्हाट्सऐप चैट्स से पता चला: दुबई के शेख और कॉलेज लड़कियों से स्वामी चैतान्यानंद की सप्लाई का पर्दाफाश

1aa 66.jpg

नई दिल्ली बाबा स्वामी चेतान्यानंद उर्फ पार्थ सारथी की गिरफ्तारी के बाद अब उसके काले कारनामों से पर्दा उठ रहा है. पुलिस की पूछताछ में भले ही वह गोलमोल जवाब दे रहा हो, लेकिन उसके मोबाइल से मिले व्हाट्सऐप चैट्स ने उसकी असलियत को सामने ला दिया है. इन चैट्स से साफ हो गया है कि कथित बाबा न सिर्फ अपने भक्तों और महिला अनुयायियों को बहकाता था, बल्कि विदेशी शेखों तक को लड़कियां सप्लाई करता था. सबसे बड़ा खुलासा उस चैट से हुआ, जिसमें स्वामी ने खुद लिखा कि दुबई का एक शेख सेक्स पार्टनर चाहता है, क्या तुम्हारी कोई अच्छी दोस्त है? यह मैसेज सामने आते ही पुलिस भी सन्न रह गई. अब साफ हो चुका है कि यह बाबा धार्मिक चोले और स्कूल की आड़ में बड़े पैमाने पर गर्ल्स सप्लाई रैकेट भी चलाता था और उसका नेटवर्क देश से लेकर खाड़ी देशों तक फैला हुआ था. चैट्स का काला सच स्वामी चेतान्यानंद के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों से हुई लंबी बातचीत मिली है. इनमें से ज्यादातर चैट्स उसकी मनमानी, लालसा और धंधे की ओर इशारा करती हैं. एक चैट में वह एक लड़की से लगातार पूछता है कि बेबी, ड्यूटी पूरी हुई] लड़की जवाब देती है कि शिफ्ट पर जा रही हूँ सर. इसके बाद बाबा उसे गुड इवनिंग मेरी सबसे प्यारी बेबी डॉल बेटी कहकर मैसेज करता है. लड़की जवाब देती है कि यहां दोपहर है सर, हैप्पी आफ्टरनून. आपने कुछ खाया सर? यहां तक कि सामान्य बातचीत में भी वह लड़कियों को बेबी, डॉटर डॉल और स्वीटी जैसे शब्दों से संबोधित करता था. लगातार परेशान करने वाला बाबा कुछ चैट्स में साफ दिखता है कि बाबा दिन-रात एक ही लड़की को मैसेज भेजता रहता था. – स्वीटी बेबी डॉटर डॉल – बेबyyyyy – तुम मुझसे नाराज़ क्यों हो 😭😭😭 यहां तक कि वह लगातार ‘बेबी… बेबी… बेबी’ लिखकर मैसेज भेजता था. इससे साफ है कि वह लड़कियों पर मानसिक दबाव डालकर उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करता था. दुबई कनेक्शन की पोल सबसे सनसनीखेज चैट तब सामने आई, जब उसने एक लड़की से लिखा कि दुबई का एक शेख सेक्स पार्टनर चाहता है, क्या तुम्हारी कोई अच्छी दोस्त है? जब लड़की ने मना कर दिया और कहा कि उसके पास कोई नहीं है, तो स्वामी ने दबाव डालते हुए पूछा कि ये कैसे संभव हो सकता है? तुम्हारी कोई क्लास मेट, जूनियर हो तो भेजो. इससे साफ है कि बाबा लड़कियों को न केवल खुद इस्तेमाल करता था, बल्कि उन्हें विदेश भेजने की भी कोशिश करता था. अश्लीलता से भरे चैट एक अन्य चैट में बाबा लिखता है कि तुम मेरे साथ नहीं सोओगे? गुड नाइट, शुभ रात्रि, बताओ. यहां उसकी असलियत और भी खुल जाती है कि वह महिलाओं को किस तरह मजबूर करता था. लड़कियों को भेजता था विदेश, हनीट्रैप का खेल जांच में यह भी सामने आया है कि बाबा ने कई लड़कियों को अल्मोड़ा और अन्य जगहों पर भेजा. एक मामले में उसने एक युवती से कहा कि किसी लड़के के साथ अंतरंग फोटो खिंचवाकर उसे भेजे. दरअसल, बाबा उस युवक को हनीट्रैप में फंसाना चाहता था. इसके लिए उसने लड़की को पैसे भी दिए थे. लंदन नंबर से करता था फरारी में संपर्क पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि फरारी के दौरान बाबा लंदन का एक वॉट्सऐप नंबर इस्तेमाल कर रहा था. इस नंबर से वह लगातार लड़कियों के संपर्क में था. मोबाइल से बड़े पैमाने पर चैट डिलीट की गई थीं, लेकिन रिकवरी के दौरान कई चौंकाने वाले संवाद सामने आए. इनमें से एक चैट में बाबा ने एक लड़की को बार-बार लिखा बेबी आई लव यू. जब लड़की ने उसे ब्लॉक कर दिया तो भी वह लगातार नए नंबर से संपर्क साधने की कोशिश करता रहा. सीसीटीवी भी बाबा के कब्जे में बाबा के मोबाइल से HIK Vision नामक एक ऐप भी मिला. जांच में पता चला कि इस ऐप के जरिए आश्रम के सभी सीसीटीवी कैमरे सीधे उसके मोबाइल से जुड़े हुए थे. यानी, आश्रम का हर कोना उसकी निगरानी में था. कौन, कब और कहां जा रहा है. इसकी जानकारी बाबा को रियल टाइम में रहती थी. इससे वह लड़कियों की गतिविधियों पर नजर रखता और मौका देखकर उन्हें अपने कमरे में बुला लेता. महंगे गिफ्ट और एयरहोस्टेस का झांसा बाबा सिर्फ झूठे आडंबर का सहारा ही नहीं लेता था, बल्कि लड़कियों को अपने जाल में फंसाने के लिए महंगे गहने, घड़ियां और डिजाइनर चश्मे तक गिफ्ट करता था. उसके मोबाइल और दस्तावेजों से यह भी सामने आया कि उसने कई लड़कियों के रिज्यूमे मंगवाए थे. पुलिस को शक है कि बाबा एयरहोस्टेस की नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बहलाता और फिर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करता.

UPI, गैस सिलेंडर और ट्रेन टिकट… आज से लागू हुए ये नए नियम, जानें क्या बदला

1aa 52.jpg

नई दिल्ली सितंबर महीना खत्म हो चुका है और अक्टूबर 2025 की शुरुआत हो गई है. ये नया महीना भी शुरू होने के साथ ही कई बड़े बदलाव (Rule Change From 1st October) लेकर आया है, जो पहले दिन यानी 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो रहे हैं. इसमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा करके ऑयल कंपनियों ने ग्राहकों को झटका दिया है, तो दूसरी ओर UPI से जुड़ा नियम भी बदला है. इन बदलावों का असर हर घर हर जेब पर देखने को मिलने वाला है. आइए ऐसे ही पांच बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं…  बदलावों के साथ अक्टूबर का आगाज  हर महीने की शुरुआत कई छोटे-बड़े बदलावों के साथ होती है और इनमें फाइनेंशियल चेंज भी शामिल होते हैं. अक्टूबर के महीने ने भी ऐसा ही आगाज किया है और पहली तारीख से ही सीधे आम आदमी से लेकर यूपीआई यूजर और भारतीय रेल से सफर करने यात्रियों के लिए बहुत कुछ बदला है. त्योहारी सीजन में जहां LPG Price में बढ़ोतरी से ग्राहकों को झटका लगा है. तो इंडियन रेलवे ने ट्रेन टिकट की ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ा नियम भी बदल दिया है , जिससे रेल यात्री प्रभावित होने वाले हैं. पहला बदलाव: LPG सिलेंडर हो गया महंगा 1 अक्टूबर से होने वाले बदलावों में लोगों की सबसे ज्यादा निगाह एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होने वाले बदलाव पर रहती है, क्योंकि ये सीधे रसोई के बजट से जुड़ा हुआ है. बता दें कि बीते कुछ महीनों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की थी, लेकिन अक्टूबर के पहले दिन इनमें इजाफा किया गया है और ये दिल्ली से मुंबई तक महंगा हो गया है.  IOCL की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और ये 1580 रुपये के बजाय 1595 रुपये का मिलेगा. वहीं कोलकाता में कीमत 1684 रुपये से बढ़कर 1700 रुपये हो गई है. मुंबई में अब तक 1531 रुपये का मिलने वाला 19KG Cylinder अब 1547 रुपये का, जबकि चेन्नई में ये 1738 रुपये से बढ़ाकर 1754 रुपये कर दिया गया है. हालांकि, इस बार भी 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत नहीं बदली है.  दूसरा बदलाव: हवाई सफर हो सकता है महंगा अक्टूबर के पहले दिन दूसरा बदलाव हवाई यात्रियों से जुड़ा हुआ है, क्योंकि बीते सितंबर महीने में हवाई ईंधन में हुई कटौती के बाद अब फेस्टिव सीजन में कंपनियों ने ATF Price में जोरदार इजाफा किया है. 1 अक्टूबर 2025 से नए रेट देखें, तो दिल्ली में इसकी कीमत 90,713.52 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 93,766.02 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है. कोलकाता में ये 93,886.18 रुपये के बजाय अब 96,816.58 रुपये, मुंबई में 84,832.83 रुपये की जगह नई कीमत 87,714.39 रुपये प्रति किलोलीटर और चेन्नई में ये 94,151.96 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर अब 97,302.14 रुपये हो गई है. बता दें कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में इजाफा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत में बढ़ोतरी होगी, जिससे वे फ्लाइट टिकट की कीमतों में इजाफा कर सकती हैं.  तीसरा बदलाव: सिर्फ ऐसे यात्रियों को ऑनलाइन टिकट तीसरा बदलाव रेल यात्रियों के लिए लागू होने जा रहा है. दरअसल, रेल टिकट बुकिंग में धांधली रोकने के उद्देश्य से इंडियन रेलवे ने 1 अक्टूबर 2025 से नियमों में बदलाव का ऐलान किया था, जो आज से लागू हो सकता है. इसके तहत रिजर्वेशन खुलने के बाद पहले 15 मिनट में सिर्फ ऐसे लोग ही ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार (Aadhaar) वेरिफिकेशन हो चुका है. IRCTC वेबसाइट या ऐप दोनों पर ये नियम लागू होगा. फिलहाल, यह नियम तत्काल बुकिंग पर लागू है. जबकि, कंप्यूटरीकृत PRS काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए किसी भी तरह का कोई चेंज नहीं किया गया है.   चौथा बदलाव: UPI से जुड़ा ये रूल चेंज  यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस या UPI यूजर्स के लिए भी अक्टूबर की शुरुआत बड़े बदलाव के साथ हो रही है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने बीते 29 जुलाई के एक सर्कुलर में इस बात की जानकारी शेयर की थी कि सबसे ज्‍यादा यूज किए जाने वाले यूपीआई फीचर्स में से पीयर टू पीयर (P2P) कलेक्ट ट्रांजैक्शन को हटाने जा रहा है और ये 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाला है. यूजर्स सिक्‍योरिटी को मजबूत कर फाइनेंशियल फ्रॉड रोकने के कदम के तौर पर ये फीचर यूपीआई ऐप्‍स से हटाया जा रहा है.  पांचवां बदलाव: बैंकों में बंपर छुट्टियां अक्टूबर महीने में त्योहारों की भरमार है और ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो पहले भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी October Bank Holiday List देखकर ही घर से निकलें, कहीं ऐसा न हो कि आप बैंक पहुंचे और वहां ताला लटका हुआ नजर आए. दरअसल, महीने की शुरुआत दुर्गा पूजा की छुट्टी से होगी और फिर पूरे महीने में महात्मा गांधी जयंती, दशहरा, लक्ष्मी पूजा, महार्षि बाल्मिकी जयंती, करवा चौथ, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ पूजा समेत कुल 21 छुट्टियां पड़ रही हैं. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार के साथ ही रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी शामिल है. हालांकि, ये Bank Holiday अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग हो सकते हैं. 

कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद

1aa 100.jpg

बेटियों के पांव पखार सीएम योगी ने की मातृ शक्ति की आराधना शारदीय नवरात्र की महानवमी को नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गोरक्षपीठाधीश्वर ने कन्या पूजन अनुष्ठान में अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने, दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद गोरखपुर मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा व सम्मान गोरक्षपीठ की परंपरा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की अनेक योजनाओं से इस परंपरा का व्यावहारिक धरातल पर विस्तार किया है। मातृ शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करते हुए सीएम योगी ने बुधवार को शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे, उनका विधि विधान से पूजन किया, चुनरी ओढाई, आरती उतारी, श्रद्धापूर्वक भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। बुधवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल के परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के बारी-बारी पांव धोये। दुर्गा सप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और दुर्वा से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने एक छह माह की बच्ची के भी पांव पखारे और पूजन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने हनुमानजी के वेश में आए एक बालक को भी तिलक लगाया और माला पहनाकर अंगवस्त्र ओढ़ाया। पूजन के बाद कन्याओं और बटुकों को मंदिर की रसोई में पकाया गया ताजा भोजन प्रसाद सीएम योगी ने अपने हाथों से परोसा। नौ कन्याओं के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पहुंची बालिकाओं और बटुकों का भी मुख्यमंत्री ने पूजन कर आरती उतारी। सभी को श्रद्धापूर्वक भोजन कराकर उपहार व दक्षिणा दिया गया।  कन्याओं व बटुकों को अपने हाथों से भोजन परोसा मुख्यमंत्री ने अपने महराज जी (सीएम योगी आदित्यनाथ) का प्यार-दुलार पाने के लिए नन्हीं बालिकाओं व बटुकों की आतुरता देखते ही बन रही थी। सत्कार और स्नेह के भाव से मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नौ कन्याओं व बटुक भैरव के पांव पखारे और पूजन किया। इस दौरान सीएम योगी के हाथों दक्षिणा मिलने से ये बालिकाएं काफी प्रफुल्लित दिखीं। पूजन के बाद कन्याओं व बटुकों को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसते समय सीएम निरंतर संवाद भी करते रहे। यह भी ख्याल रखते रहे कि किसी भी बालक-बालिका की थाली में प्रसाद की कोई कमी न रहे। इसे लेकर वह मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों को निर्देशित करते रहे।  कन्या पूजन के दौरान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य सतुआ बाबा आदि मौजूद रहे। सीएम योगी ने कन्या पूजन से पूर्व प्रातःकाल के पूजन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना की।

RSS 100 वर्ष पूर्ण: प्रधानमंत्री मोदी बोले- संघ ने राष्ट्रनिर्माण में निभाई अहम भूमिका

rss1.jpg

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर विशेष डाक टिकट, सिक्का जारी किया। इस मौके पर उन्होंने संघ की खूब सराहना की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आरएसएस की गौरवशाली 100 वर्ष की यात्रा त्याग, निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन का असाधारण उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी ‘स्वयंसेवक’ पीढ़ी भाग्यशाली है कि वह आरएसएस के शताब्दी वर्ष की साक्षी बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही आरएसएस ने राष्ट्रनिर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। संघ के स्वयंसेवक, जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं, इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "संघ की 100 वर्ष की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में आज भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किए हैं। 100 रुपए के सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने को मिल रहा है। मैं आज इस अवसर पर राष्ट्र सेवा को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं, अभिनंदन करता हूं। संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श परम पूज्य डॉ. हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज महानवमी है। आज देवी सिद्धिदात्री का दिन है। मैं सभी देशवासियों को नवरात्रि की बधाई देता हूं। कल विजयादशमी का महापर्व है। अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत, विजयादशमी भारतीय संस्कृति के इस विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है।"  

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह पर सख्ती, 2028-29 तक खत्म करने का लक्ष्य – सीएम विष्णुदेव साय

1aa 18.jpg

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – 2028-29 तक पूरा छत्तीसगढ़ होगा बाल विवाह मुक्त बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की। छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है। राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

सरकारी कामकाज ठप होने की आशंका, ट्रंप को 60 वोटों की दरकार थी, मिले 55 ही

donald trump 130 2.jpg

वाशिंगटन अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन के मुहाने पर खड़ा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को सीनेट में अस्थायी फंडिंग बिल पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 55 वोट ही जुट पाए. यानी यह प्रस्ताव गिर गया. अब सरकार के पास जरूरी फंडिंग का विस्तार नहीं है और इसका सीधा मतलब है कि कई संघीय कामकाज रुक सकते हैं. अमेरिकी कानून के तहत जब तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पास नहीं होता, तब तक 'गैर-जरूरी' सरकारी विभागों और सेवाओं को बंद करना पड़ता है. इस स्थिति को ही शटडाउन कहा जाता है. पिछले दो दशकों में यह अमेरिका की पांचवीं बड़ी शटडाउन स्थिति बन सकती है. इससे पहले रिपब्लिकन ने सरकार को 21 नवंबर तक खुला रखने के लिए एक अल्पकालिक वित्त पोषण विधेयक पेश किया है. हालांकि, डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है. वे चाहते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीष्मकालीन मेगा-बिल से मेडिकेड कटौती को वापस लिया जाए और अफोर्डेबल केयर एक्ट के प्रमुख टैक्स क्रेडिट को बढ़ाया जाए. रिपब्लिकन ने इन मांगों को सिरे से खारिज कर दिया है. किसी भी पक्ष के पीछे हटने के की वजह से इस हफ्ते सदन में मतदान भी निर्धारित नहीं है. सात साल बाद यह पहला मौका होगा, जब फंड की कमी की वजह से अमेरिका में कई सेवाएं प्रभावित होंगी. 2018 में ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान शटडाउन 34 दिनों तक चला था. इस बार खतरा और गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप इसकी आड़ में लाखों कर्मचारियों की छंटनी और कई अहम योजनाओं को बंद करने की तैयारी कर सकते हैं. शटडाउन से ठीक पहले उन्होंने इसके संकेत भी दे दिए हैं. क्यों होता है शटडाउन? सरकारी शटडाउन तब होता है, जब कांग्रेस संघीय एजेंसियों को चलाने के लिए वार्षिक व्यय विधेयकों पर सहमत नहीं हो पाती. एंटीडेफिशिएंसी एक्ट एजेंसियों को बिना अनुमति के पैसा खर्च करने से रोकता है, इसलिए जब पैसा खत्म हो जाता है, तो सरकार का ज्यादातर काम भी बंद हो जाता है. अमेरिकी सरकार के अलग-अलग विभागों को चलाने के लिए भारी मात्रा में फंड की जरूरत होती है. इसके लिए संसद (कांग्रेस) से बजट या फंडिंग बिल पारित कराना जरूरी होता है. लेकिन जब राजनीतिक मतभेद या गतिरोध की वजह से तय समयसीमा में फंडिंग बिल पारित नहीं हो पाता, तो सरकार के पास कानूनी रूप से खर्च करने के लिए फंड नहीं बचता. ऐसी स्थिति में अमेरिकी सरकार को अपनी गैर-जरूरी सेवाएं बंद करनी पड़ती हैं, जिसे सरकारी शटडाउन कहा जाता है. यह आमतौर पर अस्थायी होता है, लेकिन इस बार ट्रंप कई विभागों को स्थायी रूप से बंद करने और हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की तैयारी में हैं. क्या बंद होगा, क्या खुला रहेगा? अगर समय सीमा बीत जाती है तो एजेंसियों को 'गैर-अपवादित' कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजना शुरू करना होगा. विशेष रूप से वे कर्मचारी जो जीवन या संपत्ति की सुरक्षा से संबंधित नहीं हैं. ट्रंप के पहले कार्यकाल में 35 दिनों के बंद के दौरान, 340,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा गया था, जबकि बाकी कर्मचारियों ने सरकार के फिर से खुलने तक बिना वेतन के काम किया. इस बार, एफबीआई जांच, सीआईए ऑपरेशन, हवाई यातायात नियंत्रण, सैन्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा जांच, मेडिकेयर दावे और पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्य जारी रहेंगे. डाक वितरण भी अप्रभावित रहेगा क्योंकि अमेरिकी डाक सेवा अपने स्वयं के राजस्व पर चलती है. लेकिन कई एजेंसियां अपने काम में भारी कटौती करेंगी. शिक्षा विभाग अपने करीब 90% कर्मचारियों की छंटनी करेगा, हालांकि छात्र सहायता जारी रहेगी. स्मिथसोनियन संग्रहालय और राष्ट्रीय चिड़ियाघर अपने दरवाज़े बंद कर देंगे. FDA ने दवा और उपकरणों की मंज़ूरी में देरी की चेतावनी दी है. और राष्ट्रीय उद्यान सेवा कुछ स्थलों के दरवाज़े बंद कर देगी, जबकि अन्य सीमित कर्मचारियों के साथ खुले रहेंगे.

मुख्यमंत्री ने भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा

1aa 16.jpg

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा में  राम कथा महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जगद्गुरू  रामभद्राचार्य के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित  राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन हेतु पधारे   1008 जगद्गुरू  रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरू के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन माटी माता कौशल्या का मायका है तथा हमारे आराध्य भगवान  राम का ननिहाल भी। यहां प्रभु  राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय व्यतीत किया।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे बहादुर जवान साहसपूर्वक नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं और हमें लगातार सफलता प्राप्त हो रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु  राम के दर्शन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता भवानी की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की। मुख्यमंत्री  साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। इस मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान  राम की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  साय का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन नौ दिनों में हम माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं फल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर मती संजू देवी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

MP नगर निगम में बदलाव: कर्मचारियों की हाजिरी होगी फेस अटेंडेंस से, जानिए पूरी डिटेल

face1.jpg

भोपाल इंदौर की तर्ज पर मध्य प्रदेश के सभी नगर निगमों में फेस अटेंडेंस (चेहरे से उपस्थिति) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसको लेकर अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर निगमों को पत्र लिखेगा। दरअसल, निगमों में कर्मचारियों की सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिकॉर्ड में कर्मचारी सेवारत है लेकिन वे ड्यूटी पर कभी-कभार ही आते हैं। प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था कई कर्मचारी तो निगम के रिकार्ड में होकर मंत्री और अधिकारियों के बंगलों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग यह अनिवार्यता करने जा रहा है कि निगम के अधिकारियों से लेकर प्रत्येक कर्मचारी की फेस अटेंडेंस व्यवस्था की जाए। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की चोरी रोकने के लिए भी व्यवस्था का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा।   नगरीय निकायों में भी लागू कराया बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। बता दें कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में भी फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। नगर निगम के बाद नगरीय निकायों में भी इसे लागू कराया जा रहा है। अधिकांश नगर निगमों में फेस अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब तक 70 हजार कर्मचारी इसके दायरे में लाए जा चुके हैं। इसके अलावा कर्मचारी जहां है उसे अपने मोबाइल से आन ड्यूटी उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य है। इंदौर में यह प्रयोग सफल रहा है। इससे फर्जी लोग कम हो जाएंगे और समय पर वेतन मिलेगा। – संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास