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शांति की राह पर इजरायल-हमास, युद्धविराम के साथ शुरू हुआ पीस डील का पहला फेज

गाजा  दुनिया को खुशखबरी मिल गई है. इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता हो गया है. 2 साल से चली आ रही जंग का अब अंत हो गया है. इजरायल और हमास ने डोनाल्ड ट्रंप के पीस डील को स्वीकार कर एक गाजा में नई सुबह की शुरुआत की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और हमास ने शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. खुद डोनाल्ड ट्रंप ने यह खुशखबरी पूरी दुनिया को दी है. सालों से चले आ रहे गाजा युद्ध के बीच यह समझौता एक अहम मोड़ है, जो दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में पहला कदम साबित हो सकता है. अब सवाल है कि इजरायल और हमास के बीच पहले चरण के समझौते में क्या-क्या होगा? दरअसल, अमेरिका ने ही हमास और इजरायल के बीच पीस डील का खाका तैयार किया है. इस समझौते के पहले चरण में मुख्य रूप से मानवीय पहलुओं पर फोकस किया गया है. इसमें बंधकों की रिहाई और इजरायली सेना के पीछे हटने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस फर्स्ट फेज में क्या-क्या होने वाला है और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा. पीस डील के फर्स्ट फेज में क्या-क्या? सबसे पहले समझौते के तहत सभी बंधकों को रिहा किया जाएगा. हमास के पास मौजूद इजरायली बंधकों को तत्काल मुक्त किया जाएगा. अनुमान है कि करीब 100 से अधिक बंधक इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हैं. हालांकि, समाचार एजेंसी एपी ने दावा किया है कि हमास इस वीकेंड तक सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा कर देगा. वहीं, इजरायल गाजा के अधिकांश हिस्से से वापस लौट जाएगा. बंधकों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. इसमें मेडिकल चेकअप और मनोवैज्ञानिक सहायता भी शामिल होगी.     उधर इजरायल भी अपनी जेलों से फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. हालांकि, अभी इसकी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है. अब चूंकि डील हो गई है, इसलिए यह रिहाई प्रक्रिया 72 घंटे के भीतर पूरी करनी होगी, जो शांति वार्ता की सफलता की पहली परीक्षा होगी.     दूसरा अहम पहलू इजरायली सेना का निर्धारित क्षेत्रों तक पीछे हटना है. समझौते के पहले चरण के मुताबिक, इजरायली फौज गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों से हटेगी. खासकर उन क्षेत्रों से जहां हाल के महीनों में तीव्र संघर्ष देखा गया है. सेना के पीछे हटने की सीमा पूर्व-निर्धारित बफर जोन तक होगी, जो गाजा की सीमाओं पर स्थित हैं. इस प्रक्रिया में सेना की टुकड़ियां अपनी पोजीशन से पीछे हटेंगी, मगर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती की जा सकती है.     इतना ही नहीं, फर्स्ट फेज में गाजा में पानी, बिजली और चिकित्सा आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने पर जोर दिया जाएगा. ट्रंप ने वादा किया है कि सेना के पीछे हटाव के बाद गाजा में निर्माण कार्यों को अनुमति दी जाएगी, जो युद्ध से तबाह हुए इलाकों के पुनर्निर्माण में सहायक होगा.     इस फर्स्ट फेज का मकसद तत्काल संघर्ष विराम सुनिश्चित करना है. हमास और इजरायल ने अगले 30 दिनों के भीतर इस पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूरा बयान     मुझे यह बताते हुए बहुत गर्व है कि इजरायल और हमास दोनों ने हमारे शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसका मतलब है कि सारे बंधक बहुत जल्द रिहा किए जाएंगे और इजरायल अपनी फौजों को तय की गई सीमा तक पीछे हटा लेगा. यह एक मजबूत, स्थायी और लंबे समय तक रहने वाली शांति की दिशा में पहला कदम है. सभी पक्षों के साथ इंसाफ से बर्ताव किया जाएगा. यह अरब और मुस्लिम दुनिया, इजरायल, आस-पास के सभी देशों और अमेरिका के लिए एक ऐतिहासिक और खुशियों भरा दिन है. हम कतर, मिस्र और तुर्की के उन मध्यस्थों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमारे साथ मिलकर इस ऐतिहासिक और अनोखे समझौते को संभव बनाया. शांति दूत धन्य हैं.

ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी

अयोध्या में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार संग उतारी प्रभु श्रीरामलला की आरती मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्रीराम दरबार, मां दुर्गा और महादेव के किए दर्शन, कुबेर टीला पर किया अभिषेक ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय ने मंत्री सीतारमण को कराया मंदिर परिसर का भ्रमण, दी विस्तृत जानकारी आस्था, श्रद्धा और भव्यता के संगम में डूबी रामनगरी अयोध्या अयोध्या  भारत की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुवार का दिन अत्यंत पावन रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने परिवार संग प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और श्रीराम दरबार व जगज्जननी मां दुर्गा के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने कुबेर टीला स्थित देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक भी किया।श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने वित्त मंत्री को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। निर्मला सीतारमण ने मंदिर के भव्य स्वरूप को देखकर आस्था और गर्व की भावना व्यक्त की। अयोध्या के आध्यात्मिक तेज में डूबी वित्त मंत्री आरती के दौरान श्रीरामलला का दरबार भक्ति रस से सराबोर हो उठा। सरयू तट से आती मंद बयार और मंदिर प्रांगण में गूंजते भजनों ने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। वित्त मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद आरती में शामिल श्रद्धालुओं के साथ “जय श्रीराम” का उद्घोष किया। अयोध्या का गौरव बना विश्व का आध्यात्मिक केंद्र अयोध्या अब केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को रामायणकालीन इतिहास और आधुनिक भव्यता का संगम देखने को मिलता है। ट्रस्ट ने किया स्वागत श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री व अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कार्यक्रम में भाग लिया।

मतदाता सूची फ्रीज: MP में चुनावी तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, SIR प्रक्रिया को मिलेगा आधार

भोपाल   मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार वोटरों की संख्या बढ़ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी में पिछले 22 सालों में वोटरों की संख्या में दो गुना इजाफा हुआ है. बता दें कि 2003 के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में कुल 11 लाख 81 हजार 531 वोटर थे, लेकिन अब यह संख्या  21 लाख 18 हजार 364 हो गई है. इसके लिए जिले के बूथ लेवल के ऑफिसर डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे.  भोपाल में दो बैठकें की गई हैं, जहां निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कलेक्टोरेट में स्टेंडिंग कमेटी की बैठक हुई है. इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई.  इन दोनों बैठकों में निर्वाचन नामवली के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चर्चा की गई. इसमें फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूचा का सार्वजनिक प्रकाशन किया गया है. अगर किसी कोई आपत्ति है, तो 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकता है.   हालांकि अभी मध्य प्रदेश में एसआईआर को लेकर कोई दिनांक तय नहीं की गई है, लेकिन बिहार में हुए एसआईआर को माडल मानते हुए निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक में एडीएम प्रकाश नायक, उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूची में नहीं होगा संशोधन उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि बुधवार को मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा की गई। जिसमें बताया गया कि नौ अक्टूबर को मतदाता सूची पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। इसके बाद किसी भी तरह का कोई संशोधन सूची में नहीं किया जा सकेगा। बिहार में हुए मतदाता सूची के एसआईआर को माडल मानते हुए तैयारियां की जा रही हैं। वर्ष 2003 में जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे और कुल 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता, 1090 मतदान केंद्र थे। जबकि वर्ष 2025 में सात विधानसभा क्षेत्र, कुल 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता और 2029 मतदान केंद्र हैं। 22 साल बाद होगा एसआईआर, बढ़े नौ लाख मतदाता भोपाल जिले में 22 साल पहले वर्ष 2003 में मतदाता सूची का एसआईआर किया गया था, जो अब 2025 में करने की तैयारी है। इन 22 साल में कुल नौ लाख 36 हजार 833 मतदाता जिले में बढ़े हैं। ऐसे में 2003 की सूची में जिन मतदाताओं के नाम हैं उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। हालांकि सभी मतदाताओं को गणना पत्रक भरकर देना होगा। यह पत्रक सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को देंगे। इसको लेकर अभी निर्वाचन आयोग से निर्देश आना बाकी हैं। नगरीय निकाय मतदाता सूची प्रकाशित, 17 तक दावे-आपत्ति मंगवाए भोपाल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा बुधवार को नगरीय निकाय की फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। इस दौरान आयोजित स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बताया गया कि वह सूची को लेकर सभी तरह के दावे-आपत्ति 17 अक्टूबर तक प्रस्तुत कर सकेंगे। जिनके आधार पर बाद में नगरीय निकाय की सूची में संशोधन किया जा सकेगा। प्रकाशित की गई सूची में भोपाल नगर निगम के 85 वार्डों में 17 लाख 90 हजार 905 मतदाता हैं। जिनमें नौ लाख 18 हजार 527 पुरुष और आठ लाख 72 हजार 914 महिला सहित 164 अन्य मतदाता शामिल हैं। ऐसे मतदाता जिनकी उम्र एक जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वह नए मतदाता कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहचान पत्रों में आधार का जिक्र नहीं सक्सेना इस मामले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना का कहना है कि मध्य प्रदेश में एसआइआर को लागू करने में आधार को शामिल करने संबंधी जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय ने नहीं दी है। सरकार ने समग्र आईडी, वोटर कार्ड, प्रापर्टी, बैंक खाता सहित सभी जरूरी दस्तावेजों को आधार से लिंक कराया है। जबकि भारत निर्वाचन आयोग की सूची में इसे पहचान के दस्तावेजों में शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए पार्टी स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।    

मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय नायकों की विरासत पर दिया जोर, बताया सामूहिक जिम्मेदारी

रायपुर : जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस की कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री  मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके। उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार से जोड़ना है। आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा आप सभी प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का सफल आयोजन हुआ था, इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन से यह संदेश पूरे देश में गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। हमारे महान जनजातीय नायकों की बदौलत हमें यह समृद्ध विरासत प्राप्त हुई है, जिसे सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री  योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर समाज है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ठोस योजनाएं तैयार की जाएं जो जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को और ऊंचा उठाने में सहायक बनें। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण  विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

चेन्नई से दबोचा गया Coldrif कांड का मास्टरमाइंड, बच्चों की मौत में थी मुख्य भूमिका

भोपाल / चेन्नई जानलेवा 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीसन मेडिकल्स (SRESAN MEDICALS) के मालिक रंगनाथन (RANGANATHAN) को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई उस दिल दहला देने वाली घटना के बाद हुई है, जिसमें कथित रूप से दूषित कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में 21 बच्चों की मौत हो गई थी. हिरासत में लिए जाने के बाद रंगनाथन से इस पूरे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इससे पहले, मध्य प्रदेश पुलिस ने इस गंभीर मामले को देखते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के फरार मालिकों पर इनाम घोषित किया था. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को 20,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी. इसके साथ ही, कंपनी के फरार मालिकों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष एसआईटी (SIT) टीम का भी गठन किया गया था, जिसका परिणाम रंगनाथन की हिरासत के रूप में सामने आया है. गोद में दम तोड़ गए मासूम 21 बच्चों की मौत की इस भयावह त्रासदी के बाद कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई में मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सिरप के कारण कई राज्यों में बच्चों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं, जिसने स्वास्थ्य और नियामक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, कोल्ड्रिफ सीरप में मिलावट की पुष्टि हुई है, जो बच्चों के लिए घातक साबित हुई। मध्य प्रदेश में यह सीरप बड़े पैमाने पर वितरित किया गया था और इसके सेवन के बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ गई। पीड़ित परिवारों का गुस्सा और दुख साफ देखा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया। छिंदवाड़ा एसपी ने दी जानकारी छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने बताया कि श्रीसन फार्मा के मालिक एस रंगनाथन को कल रात गिरफ्तार कर लिया गया। रंगनाथन की हिरासत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने Sresan फार्मा के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा उत्पाद बाजार में पहुंचा। फैक्ट्री से दस्तावेज जब्त मध्य प्रदेश पुलिस ने चेन्नई में कंपनी के कार्यालय पर छापेमारी की और कई दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही, सीरप के वितरण नेटवर्क और उन दवा दुकानों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इस उत्पाद को बेचा। लोगों से अपील की गई है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और अपने बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा आरोप मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य में 21 बच्चों की मौत दूषित कफ सिरप पीने से हुई है और इसके लिए तमिलनाडु सरकार की गंभीर लापरवाही जिम्मेदार है. पटेल ने कहा, “यह तमिलनाडु सरकार की जिम्मेदारी थी कि राज्य से बाहर भेजी जाने वाली दवाओं की जांच करे. मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य में आने वाली दवाओं की रैंडम जांच करती है, लेकिन यह सिरप संयोगवश उस सैंपलिंग में शामिल नहीं हो पाया.” पको बता दें कि तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने कहा था कि 3 अक्टूबर को दवा नियंत्रक द्वारा लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट में Coldrif कफ सिरप को मिलावटी (contaminated) घोषित किया गया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद कंपनी को तुरंत उत्पादन बंद करने के आदेश जारी किए गए थे. यह फैक्ट्री कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचत्रम क्षेत्र में स्थित है और पिछले 14 वर्षों से Coldrif सिरप का निर्माण कर रही थी. यह कंपनी अपने उत्पादों की आपूर्ति कई राज्यों को करती रही है. 

मुख्य न्यायाधीश पर हमले की तारीफ कर पूर्व कमिश्नर ने खड़ा किया नया विवाद

बेंगलुरु  बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता भास्कर राव ने CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई की ओर जूता उछालने वाले अधिवक्ता राकेश किशोर की प्रशंसा की है। हालांकि, आलोचना होने के बाद राव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए माफी मांग ली। किशोर के खिलाफ बेंगलुरु में एफआईआर दर्ज हुई है। राव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर  एक पोस्ट में कहा था, 'भले ही यह कानूनी रूप से बहुत गलत हो, लेकिन मैं इस उम्र में भी आपके साहस की प्रशंसा करता हूं कि आपने परिणामों की परवाह किए बिना एक रुख अपनाया और उस पर कायम रहे।' राव के इस पोस्ट पर कई ‘एक्स’ उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। नितिन शेषाद्रि ने हैरानी जताते हुए कहा, 'मान्यवर, मुझे आपसे इसकी उम्मीद नहीं थी। क्या यह नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे के मुकदमों में उनके बचाव में इस्तेमाल की गई भाषा जैसी नहीं थी?' एक अन्य उपयोगकर्ता ने बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए लिखा, 'आपको इस पोस्ट पर कार्रवाई करनी चाहिए!' राव ने बाद में बुधवार को एक पोस्ट कर अपनी राय के लिए माफी मांगी। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा, 'मेरी प्रतिक्रिया हैरानी और सदमे से भरी थी कि एक व्यक्ति इतना शिक्षित, वृद्ध और अनुभवी होने के बावजूद एक भयानक और कानूनी रूप से गलत कार्य के परिणामों को पूरी तरह से जानते हुए यह कृत्य कर रहा है। मैंने न तो उच्चतम न्यायालय, न ही प्रधान न्यायाधीश या किसी समुदाय का अपमान किया है। अगर मेरे पोस्ट से किसी को गुस्सा आया है या ठेस पहुंची है, तो मुझे खेद है।' राव ने चामराजपेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन बी जेड जमीर अहमद खान से हार गए थे। खान मौजूदा कर्नाटक सरकार में आवास मंत्री हैं। सोमवार को अदालती कार्यवाही के दौरान 71-वर्षीय वकील ने कथित तौर पर शिष्टाचार का उल्लंघन करते हुए प्रधान न्यायाधीश गवई की ओर जूता उछालने की कोशिश की।

श्रीरामलला के चरणों में शीश नवाकर सीएम योगी ने मांगी प्रदेश की सुख-शांति की कामना

हनुमानगढ़ी में सीएम योगी ने टेका मत्था, श्रीरामलला के दरबार में की आरती मुख्यमंत्री ने लिया राम मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा, ट्रस्ट पदाधिकारियों से की चर्चा श्रीरामलला के चरणों में शीश नवाकर सीएम योगी ने मांगी प्रदेश की सुख-शांति की कामना – “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठी अयोध्या, मुख्यमंत्री ने आमजन का किया अभिवादन – अक्टूबर महीने में सीएम योगी का पहला अयोध्या दौरा, हुआ भव्य स्वागत अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या बुधवार को एक बार फिर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठी, जब प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर पावन धरा पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपने अयोध्या प्रवास की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन से की, जहां उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। हनुमानगढ़ी से निकलने के बाद मुख्यमंत्री योगी सीधे श्रीरामलला के दरबार पहुंचे। आरती उतारकर उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश नवाया और परिक्रमा करते हुए मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति का गहराई से अवलोकन किया। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें मंदिर के निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के दर्शन-पूजन के उपरांत मंदिर प्रांगण से बाहर निकलते समय श्रद्धालुओं और आमजन का हाथ जोड़कर अभिवादन भी स्वीकार किया। पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इससे पूर्व, अयोध्या आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर भव्य स्वागत किया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। गौरतलब है कि अक्टूबर माह में यह मुख्यमंत्री योगी का पहला अयोध्या दौरा रहा, जिसमें उन्होंने न केवल धार्मिक आस्था प्रकट की, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के कार्यों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया। हेलीपैड पर भव्य स्वागत में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही,पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह व महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

जन सुरक्षा, सुशासन और सेवा भाव हो प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पहली जिम्मेदारी कलेक्टर्स की : मुख्यमंत्री डॉ. यादव घटना हो या दुर्घटना, तत्काल मौके पर पहुंचे जन सुरक्षा, सुशासन और सेवा भाव हो प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर ड्रग कारोबार को करें नेस्तनाबूत कलेक्टर्स एवं एसपी विकसित करें खुद का सूचना तंत्र मध्यप्रदेश को अगले 6 महीने में बनाए नक्सल मुक्त प्रदेश कानून एवं व्यवस्था पर हुआ कांन्फ्रेंस का आंठवा और अंतिम सत्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कलेक्टर्स जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के साथ-साथ जिला दण्डाधिकारी भी हैं, इसीलिए जिले में कानून व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करने की पहली जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में खुद का प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करें, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना तत्काल प्राप्त हो और समय पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी घटना या दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे। इससे घटना या दुर्घटना और अधिक बड़ा रूप नहीं लेंगी। जिला अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में बहुत मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर एवं एसपी दोनों में उच्च कोटि का तालमेल होना चाहिए। दोनों संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर जिले की कानून व्यवस्था की निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसी संवेदनशील बस्तियां जहां सड़कें सकरी हैं, तथा फोर्स मूवमेंट में समस्या आती है, सभी कलेक्टर्स ऐसे स्पॉट्स/जगहों को चिन्हित कर वहां का जोनल प्लान स्थानीय नगरीय निकायों के सहयोग से अगले तीन माह में तैयार कर लें, ताकि आवागमन सुगम हो और आवश्यकता पड़ने पर फोर्स मूवमेंट में समस्या न आए। उन्होंने मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के आठवें एवं अंतिम सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सेंसिटिव पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भाव होना चाहिए। पुलिस अपनी साख बनाएं और अपराधों को रोकने में तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें। प्रदेश के सभी कलेक्टर्स-एसपी की संयुक्त कॉन्फ्रेंस का विषय “कानून एवं व्यवस्था की सुनिश्चितता” था। मुख्य सचिव  अनुराग जैन की मौजूदगी में हुए इस अंतिम सत्र का संचालन अपर मुख्य सचिव गृह विभाग  शिवशेखर शुक्ला ने किया। सत्र में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मध्यप्रदेश को मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने के दृष्टिगत 6 माहों में बालाघाट, मण्डला और डिण्डोरी जिलों के कलेक्टर्स और एसपी लक्ष्य केंद्रित कर यह काम पूरा करें। उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं को समाप्त करने के लिए हर संभव कार्यवाही करें। नक्सली या तो सरेंडर करें अन्यथा उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सली गतिविधियों में बेहद कमी आने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बालाघाट को अति नक्सलवाद प्रभावित जिले की श्रेणी से डाउनग्रेड कर सामान्य श्रेणी में कर दिया है। उन्होंने इस उपलब्धि पर कलेक्टर-एसपी बालाघाट दोनों को बधाई दी। बताया गया कि कलेक्टर बालाघाट द्वारा नक्सल प्रभावित ग्रामों में विशेष प्रयास करके 200 से अधिक युवाओं को एलएनटी जैसी कंपनी में रोजगार दिलाया है। इससे वह दिशाभ्रमित होने से बच गए और समाज की मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस साल ही हमने आठ मुठभेड़ में दस नक्सली मार गिराए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिए पुलिस एवं अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्य करें, इस काम में और सख्ती लाएं। उन्होंने बताया कि अब तक 19 बांग्लादेशियों को चिन्हित कर वापस भेजा गया है। अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही आगे भी जारी रखें। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल एवं कॉलेज के आसपास आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए सूचना तंत्र विकसित करें, निगरानी तंत्र को और तेज करें और ऐसे चिन्हित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ अन्य विभागों को भी जोड़ा जाए। पुलिस एवं प्रशासन खुद के सूचना तंत्र से जानकारी लेकर अपराधों पर अंकुश लगाएं। नगरीय निकाय और पंचायतें पुलिस के सुझाव के अनुसार सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराएं। महिला अपराधों के संबंध में काउंसलिंग करें। अन्य सामाजिक संगठनों को भी इस काम से जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में शासकीय अमले पर हमले होने की अधिक घटनाएं होती हैं, वहां कलेक्टर-एसपी अन्य विभागों के साथ बेहतर तालमेल और समन्वय कर कार्यवाही करें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटें। घटना की वजह पता कर उसका समुचित समाधान भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में खाद-बीज के वितरण की व्यवस्था में भी पुलिस एवं जिला प्रशासन सामंजस्य से काम करें। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ड्रग्स के अवैध कारोबार एवं नशे पर अंकुश लगाने के लिए पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय करते हुए हर स्तर पर नशे को प्रतिबंधित किया जाए। इसी कड़ी में कोरेक्स कफ सिरप के अतिशय उपयोग को भी नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रग एवं अन्य नशे के पदार्थ के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए इंडस्ट्रियल बेल्ट में कलेक्टर-एसपी तालमेल करके बारीक निगाहे रखें। इनका लगातार निरीक्षण होता रहे। कोरेक्स को कैसे कंट्रोल किया जाए, इसके लिए उच्च स्तर पर विचार कर समाधान निकालें। शेड्यूल एच ड्रग्स ओवर द काउंटर ना बिकें और सभी दवाइयों का हिसाब भी फार्मासिस्ट अनिवार्य रूप से रखें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करते हुए अपराधों में संलिप्त आदतन अपराधियों की जमानत निरस्त की जाएं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से जिले में आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तगी की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ भी कार्रवाई में तेजी लाएं। ऐसे अपराध न होने पाएं, इसके लिए जनजागृति अभियान चलाएं। रोड सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन कराकर रोड एक्सीडेंट्स रोकने के लिए भी भरसक प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून … Read more

राज्यपाल राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम में हुए शामिल

स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी का सुनहरा मौका : राज्यपाल  पटेल सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि नाबार्ड के स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, कृषक और उत्पादक संघों के उत्पादों की राष्ट्रीय प्रदर्शनी सह-ब्रिकी कार्यक्रम भोपाल वासियों के लिए स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी, बचत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में योगदान देने का सुनहरा मौका है। प्रदर्शनी सांस्कृतिक विविधता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि मेले का व्यापक प्रचार प्रसार करें, जिससे भोपाल में दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आए सभी उत्पादों की ब्रिकी हो जाए। राज्यपाल  पटेल बुधवार को बिट्टन मार्केट, दशहरा मैदान में आयोजित ओजस्वनी महोत्सव भोपाल 2025 को संबोधित कर रहे थे। महोत्सव का आयोजन नाबार्ड के सह प्रायोजन में ओजस्वनी समदर्शी न्यास एवं वसुधा पब्लिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। आत्मा मजबूत होगी तभी हमारा शरीर अर्थात् देश मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर हो सकता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने का महान कार्य हो रहा है। सरकार, मेक इन इंड़िया, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशिक्षित ग्रामीण महिला समूहों, कृषक उत्पादक संघों के द्वारा तैयार उत्पादों के लिए वर्ष 2018 से हर वर्ष राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री के आयोजन और अनेक अन्य प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के कार्यों के लिए नाबार्ड भोपाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों, स्थानीय कारीगरों और उत्पादों के आजीविका समूहों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के निरंतर प्रयास जरूरी है। राज्यपाल  पटेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में नाबार्ड के 'स्वयं सहायता समूह – बैंक लिंकेज कार्यक्रम' को विश्व का सबसे बड़ा सूक्ष्म ऋण कार्यक्रम बनने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों के भ्रमण के दौरान वे स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के साथ चर्चा करते है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि समूह से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हुआ है। ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिली है। क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक सु रेखा चंदनावेली ने प्रदर्शनी सह-ब्रिकी की पहल के लिए नाबार्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण आजीविका के लिए आमदनी प्राप्त होती है। प्रॉयार्रिटी सेक्टर को आर.बी.आई. द्वारा भी बहुत सहयोग किया जाता है। मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक  प्रवाश कुमार सुबुधी ने कहा कि नाबार्ड का प्रयास समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजनों में शामिल होकर कारीगरों, कृषकों, महिला स्व-सहायता समूहों को बड़ा बाजार, बड़ा विजन और डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलता है। अध्यक्ष ओजस्वनी समदर्शी न्यास, कुलाधिपति एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह डॉ. सुधा मलैया ने बताया कि ओजस्वनी महोत्सव का प्रारंभ वर्ष 2004 से हुआ है। आयोजन का यह 22वां वर्ष है। आयोजन अवधि में नृत्य और स्वर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। नाबार्ड की महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि नाबार्ड विकास वित्त संस्थान के रूप में ग्रामीण उद्यमिता स्थानीय स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, वित्तीय समावेशन और महिला, कृषक सशक्तिकरण के द्वारा ग्रामीण समृद्धि में सहयोग कर रहा है। बाजार की जरूरतों के अनुसार हस्तशिल्पियों, कारीगरों, महिला स्व-सहायता समूहों, कृषक और गैर कृषक उत्पाद संघों की समझ बढ़ाने, उत्पाद और बाजार तैयार कराने के प्रयासों में सहयोग, आयोजन का उद्देश्य है। इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन में 16 एफपीओ, 16 एसएचजी और 22 ओएफपीओ सहित 100 कारीगर शामिल हो रहे हैं।