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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध

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प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि। कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। वन–टू–वन मीटिंग कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, … Read more

घुसपैठ पर सख्ती: CM मोहन यादव ने पुलिस को दिए निर्देश – \’जेल भेजो बांग्लादेशी घुसपैठियों को\’

भोपाल   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी तरह बांग्लादेश घुसपैठियों को रहने की इजाजत नहीं है। इन्हें ढूंढकर जेल में भेजो। यह लोग प्रदेश में आकर छिपकर रहने लगते हैं। इन पर नजर रखी जाए। सीएम ने बढ़ते महिला अपराधों पर नाराजगी व्यक्त की सीएम डॉ मोहन यादव ने महिला अपराधों को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन समाधान बैठक होती है तो शाम को ही गुमशुदा महिला मिल जाती है। वर्ना दो-दो महीनों तक उनका कोई पता नहीं रहता है। ऐसे बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाना होगा। प्रदेश में ड्रग माफिया, जमीन माफिया और दूसरे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। एसपी ध्यान रखें कि सिर्फ बेसिक पुलिसिंग से काम नहीं चलने वाला। नई रणनीतियां तैयार करके अपराधियों को जेल में डालना होगा। बस्तियों में पनप रहा नेटवर्क राज्य में देखा गया है कि संकरी गलियों या बस्तियों में अपराधियों का नेटवर्क ऑपरेट होता है। जहां पर कई बार पुलिस जाने से भी कतरती है। इस मामले पर सीएम ने कहा कि संकरी गलियों वाली बस्ती या मोहल्ले को चिन्हित करें। यहां पर अपराधी अपना गढ़ बनाकर काम कर रहे हैं। 

डॉ. यादव का निवेशकों संग संवाद, 9 अक्टूबर को मुंबई में इंटरएक्टिव सेशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में 9 अक्टूबर को इंटरएक्टिव सेशन में निवेशकों से करेंगे संवाद रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण सहित विभिन्न सेक्टर्स में निवेश पर होगी चर्चा मोहासा बाबई इंडस्ट्रियल जोन में निवेश पर होगा संवाद मैक्सिको, सिंगापुर, कनाडा और इटली के कॉन्सुल जनरल भी करेंगे शिरकत भोपाल  मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बनाने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत् प्रयास अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन ने निवेश-अनुकूल वातावरण को सुदृढ़ करते हुए पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और उद्योगों के लिए तीव्र गति से अनुमतियाँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन्हीं प्रयासों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 अक्टूबर को मुंबई में इंटरएक्टिव सेशन में देश-विदेश के उद्योगपतियों से संवाद करेंगे। इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश 9 अक्टूबर को होटल ट्राइडेंट, नरीमन पॉइंट मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में उभर रहे औद्योगिक अवसरों से अवगत कराना है, विशेष रूप से मोहासा-बाबई (नर्मदापुरम) में विकसित किए जा रहे पॉवर एवं रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (Phase-2) में निवेश को प्रोत्साहन देना है। इस औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित की गई है। सेशन में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ सिंगापुर, मैक्सिको, कनाडा और इटली सहित विभिन्न देशों के कॉन्सुल जनरल और व्यापारिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। हिंदल्को इंडस्ट्रीज़, वेलस्पन ग्रुप, एलएंडटी, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, गॉदरेज इंडस्ट्रीज़, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, बजाज ग्रुप, आईपीसीए लैब और रेमंड ग्रुप जैसी अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-संभावनाओं और प्रमुख परियोजनाओं जैसे पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, पीएम मित्र पार्क, फुटवियर पार्क और उद्योग आधारित क्लस्टर्स पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर राज्य में निवेश को लेकर संवाद और डिप्लोमैट राउंडटेबल मीटिंग में अंतर्राष्ट्रीय निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सेशन को  वीर एस. अडवाणी, डिप्टी चेयरमैन, सीआईआई वेस्टर्न रीजन एवं प्रबंध निदेशक, ब्लू स्टार लिमिटेड संबोधित करेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने निवेशकों के प्रति विश्वास और पारदर्शिता का जो वातावरण बनाया है, उसी का परिणाम है कि देश-विदेश की अग्रणी कंपनियाँ अब मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। इन सत्रों के माध्यम से प्रदेश में निवेश में वृद्धि होने से औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे और मध्यप्रदेश उद्योग एवं रोजगार का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।  

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 3.50 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

भोपाल      म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा छतरपुर जिले के गंभीर बीमारी से पीड़ित 9 लोगों को बेहतर उपचार के लिए आर्थिक सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से कुल 3.50 लाख रुपए की स्वीकृत की गई है। हितग्राही देवेन्द्र सिंह सिसोदिया आत्मज चन्दन सिंह निवासी ग्राम पचवारा दोरिया जिला छतरपुर, अंशुल अहिरवार पिता महाप्रसाद अहिरवार नि. ग्राम ज्योराहा तह. लवकुशनगर, शमशाद मंसूरी आत्मज नजीर मंसूरी वार्ड नं. 9 नौगांव को 50-50 हजार रुपए, भगवती कुशवाहा पति चंद्र प्रकाश कुशवाहा पास्ट कुर्राहा ग्राम कनेरा एवं शुभांगी वैद्य पिता विजय कुमार वैद्य नि. शांतिनगर कॉलोनी को 45-45 हजार रुपए, आराधना चतुर्वेदी पति अंजली चतुर्वेदी वार्ड नं. 32 पुरानी एंजेसी के पीछे को 40 हजार रुपए, मास्टर अयांश प्रजापति पिता राममिलन प्रजापति नि. टिकौरा लौंडी लवकुशनगर को 30 हजार रुपए, गयाप्रसाद मिश्रा आत्मज दुर्गाप्रसाद मिश्रा अटकौहा नि. अटकौहा लौंडी एवं विजय मिश्रा आत्मज गया प्रसाद मिश्रा नि. अटकौहा लौंडी को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु रामदास के प्रकाश पर्व पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिख पंथ के चतुर्थ गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर उनके पावन चरणों में नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा, प्रेम और त्याग के प्रतीक गुरु रामदास का सम्पूर्ण जीवन सभी के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनकी दिव्य शिक्षाओं के आलोक से मानवता के कल्याण के लिए करुणा, सेवा और समरसता के मार्ग सदैव प्रकाशमान रहेंगे।

औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को दिया जाये बढ़ावा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिले की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का अध्ययन कर बनायें कार्ययोजना: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में करें प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को दिया जाये बढ़ावा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा से रोजगार सृजन की दिशा में करें प्रयास जिलों की बंद औद्योगिक इकाइयों के प्रकरणों का हो शीघ्र निराकरण स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन सत्र को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि जिले की औद्योगिक और आर्थिक संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना बनायें। ऐसे प्रयास हों कि जिले में उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर सृजित हों, जिससे जिले आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल करें और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जाए जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को भी रोजगार से जोड़ने की बात कही जिससे युवाओं के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हों। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में "रोजगार, उद्योग एवं निवेश संवर्धन" सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जेसी मिल, रतलाम की सज्जन मिल और उज्जैन की विनोद मिल से संबंधित समस्याओं का समाधान जिस तत्परता से किया गया है उसी तरह अन्य जिलों में बंद औद्योगिक इकाइयों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए। मुरैना जिले की कैलारस स्थित शुगर मिल से जुड़े मामले का समाधान भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिक विज़न को ज़मीनी स्तर पर साकार करने में कलेक्टर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिलों की सक्रियता और विभागों के समन्वित प्रयास ही मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध अनुपयोगी भूमि का उपयोग कर लैंड बैंक विकसित किए जाएं। जिलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और स्व-सहायता समूहों को एमएसएमई सेक्टर से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए जिससे स्थानीय उत्पादन और विपणन गतिविधियों में वृद्धि हो। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग तथा एमएसएमई विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से प्रेजेंटेशन दिया गया। राज्य सरकार के वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित, औद्योगिक और रोजगार-समृद्ध प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए कि जिला निवेश सुविधा केंद्र (IFC) को सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाया जाए। औद्योगिक भूमि की पहचान कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा विभिन्न विभागों द्वारा समयबद्ध अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला कौशल समिति को सक्रिय कर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और वैकल्पिक रोजगार अवसरों से जोड़ा जाए। उद्योगों को पीएम विश्वकर्मा और अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाए। कलेक्टर्स से यह भी कहा गया कि एक जिला-एक उत्पाद के तहत उत्पादों की पहचान, ब्रांडिंग और विपणन पर प्रभावी कार्य किया जाए। टैग किए गए उत्पादों को योजनाओं जैसे PMFME और DEH-OSOP से जोड़ा जाए और एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा ई-कॉमर्स माध्यमों से जोड़ा जाए। बंद रेशम केंद्रों का पुनर्जीवन कर खादी, हस्तशिल्प और रेशम उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उपकरण स्वीकृति और वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सहयोग के क्षेत्र में DLCC एवं DLRC बैठकों का समय पर आयोजन करने, जन धन, मुद्रा और अटल पेंशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा वार्षिक लक्ष्य पूर्ति हेतु बैंकों की सक्रिय भूमिका तय करने के निर्देश भी दिए गए।  

सुनियोजित नगरीय विकास के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना आवश्यक : मुख्यमंत्री का निर्देश

नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिये वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बनाएं कार्ययोजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कमजोर वर्ग की आवास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान मेट्रोपालिटन सिटी के विकास पर संबंधित कलेक्टर्स दें अपने सुझाव कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में नगरीय क्षेत्र के मुद्दों पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विजन-2047 में आबादी के हिसाब से नगरों के सुनियोजित विकास पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा है। उनकी मंशा के अनुरूप प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों का विकास भी सुनियोजित तरीके से हो सके इसके लिये जिलों में भी वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार कर समन्वय के साथ क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्ट्रीट वेंडर की पीएम स्वनिधि योजना और स्वच्छ वायु इन्डेक्स में उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिल्डर्स द्वारा कॉलोनी डेवलपमेंट के समय तैयार किये गये ईडब्ल्यूएस आवास आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि कलेक्टर्स इस पर शीघ्र निर्णय लेकर इनका शत-प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित कराएं। आधुनिक सुविधाओं के साथ बने गीता भवन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन तैयार करने का निर्णय लिया है। यह भवन धार्मिक रूप से तैयार नहीं किये जा रहे हैं बल्कि इनका निर्माण आधुनिक टाउन हॉल के तौर पर किया जा रहा है। यह टाउन हॉल शहर की सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करें, साथ ही इनमें डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी हो। भवनों का निर्माण एक निश्चित समय-सीमा में पूरा किया जाये। धार्मिक स्थलों का तैयार हो मास्टर प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सतना जिले में चित्रकूट के समग्र विकास के लिये कार्ययोजना मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर साडा (स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के साथ मिलकर चित्रकूट का विकास करें। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर समेत अनेक धार्मिक स्थलों के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। इसी के साथ नर्मदा परिक्रमा मार्ग का भी विकास किया जा रहा है। इन धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इसलिये आवश्यक है कि इनका समग्र विकास निर्धारित समय में पूरा हो। टीडीआर में मुआवजा राशि का भुगतान जल्द हो शहरी क्षेत्रों में टीडीआर के तहत अधिग्रहण भूमि पर मुआवजा दिया जा रहा है। इनमें शहरी क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण का मुद्दा भी है। उन्होंने कहा कि टीडीआर में अधिग्रहित भूमि के बदले संबंधित को मुआवजा राशि का भुगतान समय पर किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित किये जाने पर जोर दिया। मेट्रोपालिटन सिटी का समग्र विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में भोपाल इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र तैयार करने का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों के कलेक्टर्स प्लान तैयार करें कि कैसे रोजगार, औद्योगिकीकरण, एजुकेशन और मेडिकल हब के रूप में मेट्रोपालिटन क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है। मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने नगरीय क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुसार बिजली,पानी और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये हैं। मध्यप्रदेश विजन@2047 नगरीय विकास एवं आवास के अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने बताया‍कि वर्ष 2047 तक प्रत्येक नागरिक को सर्वसुविधा युक्त पक्का आवास और शहरों को मलिन बस्ती मुक्त किया जाना है। स्वच्छता के मामले में अपशिष्ट प्रबंधन, नवकरणीय ऊर्जा तथा सर्कुलर इकोनॉमी का समावेश किया जाना है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन द्वारा सुरक्षित एवं सतत जल आपूर्ति और असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 में 8 लाख 69 हजार 531 आवास तैयार किये जा चुके हैं। योजना में 76 हजार 300 से अधिक आवास पूर्ण किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अधूरे पड़े आवासों को जल्द पूरा करें। प्रदेश में पीएमएवाय 2.0 में 10 लाख आवास तैयार किये जायेंगे। स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश के 100 प्रतिशत आवासों और व्यावसायिक क्षेत्रों में कचरा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। निकायों को 7115 कचरा संग्रहण वाहन दिये गये हैं। क्लीन एयर प्रोग्राम में अच्छे काम के लिये इंदौर, जबलपुर और देवास को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। पीएम स्वनिधि योजना में वर्ष 2023-24 में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। कॉन्फ्रेंस में एयर क्वालिटी सुधार कार्यक्रम पर इंदौर कलेक्टर, पीएमएवाय पर ग्वालियर कलेक्टर और जल संवर्धन में श्रेष्ठ कार्य पर कलेक्टर खंडवा ने अपने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतियां दी।  

गोवंश संरक्षण के लिए सरकार संकल्पित, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान

घर-घर में गौपालन को प्रोत्साहित करने और गोवंश की देखभाल के लिए जारी है अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कंप्यूटर बाबा ने की सौजन्य भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से  नामदेव दास त्यागी कंप्यूटर बाबा ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घर-घर में गौपालन को प्रोत्साहित करने और गोवंश की देखभाल के लिए गौशालाएं स्थापित करने का अभियान चल रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में 5 हजार संख्या तक संख्या में गौ माताएं रखी जा सकें, इस प्रकार की गौशालाऐं स्थापित की जा रही हैं। राज्य शासन ने गौ माता के लिए अनुदान की राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए किया है। दस हजार गौ माताएं रखने की क्षमता वाली गौशालाएं स्थापित करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 20 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है। हमारा प्रयास है कि मध्य प्रदेश, दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम हो। इस उद्देश्य से घर-घर में गौ-पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गोपालन की इस प्रकार की कई योजनाओं पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। कंप्यूटर बाबा का भी इस दिशा में सहयोग प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भगवान राम वन गमन पथ पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही जहां-जहां भगवान कृष्ण की लीलाएं हुईं, उन क्षेत्रों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सब गतिविधियों में भी कंप्यूटर बाबा का सहयोग प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के बाद कंप्यूटर बाबा ने बताया कि उन्होंने गौ माता को राजमाता का दर्जा देने और प्रदेश में गौ अभयारण्य स्थापित करने का सुझाव राज्य शासन के सम्मुख विचार के लिए रखा है। कंप्यूटर बाबा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गौ माता के प्रति आस्था तथा राज्य सरकार द्वारा गौ संरक्षण के लिए किया जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संत समाज गौ संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता

कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के साथ कमियों को दूर करने का करें प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वास्थ्य एवं पोषण पर कलेक्टर्स के साथ हुआ व्यापक संवाद कलेक्टर्स ने साझा किये अपने जिलों के नवाचार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नई सुविधाए प्रारंभ की गई हैं और कमियों को दूर करने का भी पूरा प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स से आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरा लाभ दिलाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को आसान बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर भी अनेक कॉलेज प्रारंभ हुए हैं। वर्तमान में तीस से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। शीघ्र इनकी संख्या 50 हो जाएगी। प्रदेश के लगभग प्रत्येक जिले के नागरिकों को मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है, उसे अंतिम रूप देकर भूमि आवंटन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में नागरिकों के हित में सर्वाधिक अनुकूल वातावरण निर्मित किए जाने का प्रयास है।‍मुख्यमंत्री डॉ. यादव कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के प्रथम दिन द्वितीय सत्र 'स्वास्थ्य एवं पोषण' को संबोधित कर रहे थे। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  संदीप यादव ने राज्य में स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति को सुदृढ़ करने कलेक्टर्स के साथ विस्तृत चर्चा की। सत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), क्षय उन्मूलन और सिकल सेल उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति पर विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दिशा में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत शिशुओं, किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच सुनिश्चित की जाए। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHSND) में गुणवत्तापूर्ण जांच, टीकाकरण और ANMOL 2.0 पर सटीक डेटा एंट्री की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, उपचार और बर्थ वेटिंग होम्स में सुरक्षित प्रसव की अनिवार्यता पर जोर दिया। प्रमुख सचिव  यादव ने कहा कि पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग, छह माह तक केवल स्तनपान, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम (MMBASK) के अंतर्गत कुपोषित बच्चों के प्रबंधन तथा आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह आधारित सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रसूति सहायता योजनाओं के भुगतान में समयबद्धता बनाए रखना सुनिश्चित करें। गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव  यादव ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फैटी लीवर और तीन प्रमुख कैंसर की स्क्रीनिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने एनसीडी पोर्टल पर सभी प्रविष्टियों की अद्यतन स्थिति बनाए रखने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ईट राइट अभियान, तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमीं, फिट इंडिया और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि क्षय उन्मूलन के लिए एक्स-रे और अन्य मशीनों से जांच की जाए, निक्षय पोर्टल पर सभी प्रकरणों की सूचना दर्ज हो, उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए तथा निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण सहायता और डीबीटी समय पर प्रदान की जाए। इसी प्रकार, सिकल सेल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत स्क्रीनिंग, कार्ड वितरण, हाइड्रोक्सीयूरिया दवा की उपलब्धता, न्यूमोकोकल वैक्सीनेशन और सिकल मित्र पहल के माध्यम से जनभागीदारी और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभागों के बीच संयुक्त कार्ययोजना बनाकर समन्वय को सशक्त करें। VHSND के गुणवत्तापूर्ण आयोजन, उपकरणों के सार्थक उपयोग, e-KYC और DBT सक्षमता, PMSMA संचालन, नवजातों के गृह आधारित फॉलो-अप, मातृ एवं शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग, ईट राइट, फिट इंडिया, योग और खेलकूद के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सुपोषित ग्राम पंचायतों के लिए स्थानीय खाद्य विविधता को प्रोत्साहित करने, आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, डेटा सत्यापन, और सिकल मित्र तथा निक्षय मित्र के माध्यम से फूड बास्केट वितरण जैसी गतिविधियों को परिणाममुखी बनाया जाये। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों ने दीं अपनी प्रस्तुतियाँ बालाघाट ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर नियंत्रण पर, झाबुआ ने स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार प्रयासों और मंदसौर ने सम्पूर्ण स्वास्थ्य मॉडल पर प्रेजेन्टेशन देते हुए अपने अनुभव साझा किए।  

किडनी संक्रमित बच्चों के लिए राहत, सरकार करेगी इलाज का पूरा खर्च वहन: डॉ. मोहन यादव

किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों के उपचार का पूरा व्यय शासन द्वारा किया जायेगा वहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नागपुर के अस्पतालों में की गई है बच्चों के उपचार की व्यवस्था भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किडनी संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के बच्चों का उपचार नागपुर के चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किडनी संक्रमण से प्रभावित बच्चों का अच्छे से अच्छा उपचार हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज सहित एम्स अस्पताल,कलर्स हॉस्पिटल, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गेटवेल हॉस्पिटल में बच्चों का इलाज जारी है। कलेक्टर छिंदवाड़ा और बैतूल द्वारा बच्चों के परिवारों से सतत संपर्क रखते हुए आवश्यक सहायता दी जा रही है। भोपाल से भी बच्चों के उपचार और स्वास्थ्य लाभ की नियमित जानकारी प्राप्त की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 9 बच्चों के उपचार के लिए संपूर्ण राशि प्रभावित परिवारों को राशि उपलब्ध करवाने को कहा है। सहायता के लिए दल गठित मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कलेक्टर छिंदवाड़ा ने नागपुर में उपचार करवा रहे बच्चों की सहायता के लिए तीन दल गठित किए हैं। इन दलों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट सहित एक विशेषज्ञ चिकित्सक को दायित्व दिया गया है। इन दलों द्वारा प्रभावित परिवारों से सतत संपर्क किया जा रहा है जिससे उपचार में किसी तरह की कोई समस्या न हो।