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प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान को मध्यप्रदेश दे रहा मजबूती: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान को सफल बना रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले में 60 करोड़ के निर्माण कार्यों का वर्चुअली किया लोकार्पण और शिलान्यास भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नशामुक्त भारत अभियान के माध्यम से लोगों को नशे से दूर करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प को सफल बनाने के लिए मध्यप्रदेश में नशामुक्ति अभियान का क्रियान्वयन हो रहा है। प्रदेश के 19 धार्मिक नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा की दुकानों और बार का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक जनजीवन में बाधा बनने वाले शराब दुकानों के अहाते बन्द कर दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश नशामुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन में अग्रणी प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि मुख्यमंत्री निवास से बड़वानी में जिले 60 करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्यों का वर्चुयली उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 23 करोड़ लागत के दो विकास कार्य शामिल हैं। ग्राम पाटी में गोई नदी पर 19 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल और पाटी में 4 करोड़ की लागत से जनजातीय सीनियर उत्कृष्ट बालक छात्रावास का निर्माण हुआ है। साथ ही 37 करोड़ की लागत से सिलावाद-पाटी मार्ग के उन्नयन सहित 7 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपंथ सत्संग मेला बड़वानी के जनजातीय समुदाय का प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो गुरु शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक जागरुकता को बढ़ाने का प्रतीक है। शिवपंथ समुदाय की सहभागिता से नशामुक्ति और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। यह समुदाय प्रकृति का संरक्षण भी है। युवाओं और महिलाओं को जोड़कर जनजातीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान संचालित है जिसमें मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र के कई गुरुजन सत्संग और नशामुक्ति शिविर के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और समाज की सहभागिता से ऐसे कार्य भी संभव हो जाते हैं जिन्हें असंभव माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सार्थक जीवन के लिए तैयार करने में यह अभियान महत्वपूर्ण है। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सुरेखानंद जी महाराज और पहाड़ सिंह बापुजी सहित संतजन का अभिवादन किया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल और श्री सुमेर सिंह सोलंकी के अलावा जनजातीय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य, श्री अजय यादव, श्री प्रेम सिंह पटेल आदि उपस्थित थे।  

सोयाबीन के दाम को लेकर बड़ी घोषणा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – किसानों का हित सर्वोपरि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की मेहनत का सम्मान दिलाने के लिए उन्हें हर हाल में सोयाबीन फसल का उचित दाम दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावान्तर योजना के अंतर्गत किसानों का पंजीयन 17 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगा। फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी।  

डॉ. मोहन यादव ने वाल्मीकि जयंती पर दी बधाई, कहा– महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के प्रतीक

वाल्मीकि समाज ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आदिकवि, महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के आदर्शों एवं मूल्यों को पवित्र रामायण के माध्यम से उन्होंने समूची दुनिया को मनुष्यता एवं मर्यादा की नई राह दिखाई। उनकी शिक्षाएं समर्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने  राम और रामायण को देश के घर-घर पहुंचाकर अमर कर दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजन भी उपस्थित थे। समाजजनों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्प गुच्छ, शाल फल, रामायण और महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंटकर स्वागत अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी समाज-जनों से कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामभक्ति से आत्म विभोर होकर रामायण की रचना की। वही रामायण आज देश की जीवनधारा है। समाजजनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।  

‘मध्यप्रदेश है देश का आइडियल डेस्टिनेशन’, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्योग और रोजगार के लिए बड़े कदम की घोषणा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में कृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। MP देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश- CM मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। CM गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया। पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित CM ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर ले देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी। MP और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य … Read more

दो औषधि निरीक्षकों और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को किया निलंबित

छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दो औषधि निरीक्षकों और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को किया निलंबित ड्रग कंट्रोलर स्थानांतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्रम में औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा श्री गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर श्री शरद कुमार जैन, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री शोभित कोस्टा को निलंबित और ड्रग कंट्रोलर श्री दिनेश मौर्य को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा प्रकरण के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभियान चलाकर घर-घर से रिकवर करें प्रतिबिंधत दवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दुकानों में विद्यमान स्टॉक जप्त किया जाए। छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के साथ ही सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। कोल्ड्रिफ सिरप दवा के अलावा पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए। दवाओं पर जो चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए अभियान आरंभ किया जाए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाए। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉम्बिनेशन ड्रग नहीं देने की व्यवस्था है, जो डॉक्टर इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर भी कार्यवाही की जाए। चिकित्सकों के संगठन और केमिस्ट एसोसिएशन का लिया जाए सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडियाट्रिक्स सहित चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोल्ड्रिफ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्यवाही के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए। छिंदवाड़ा जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया प्रभावित मरीजों को बैठक में बताया गया कि छिंदवाड़ा से गंभीर प्रकरणों की जानकारी प्राप्त होते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा भेजा गया। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और सेंट्रल ड्रग्स स्टेण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का भी जांच में सहयोग लिया गया। आठ मरीजों की जाँच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही छिंदवाड़ा से विभिन्न दवाओं के सैम्पल लेकर उनकी जांच कराई गई। छिंदवाड़ा और परासिया के निजी चिकित्सकों, अस्पतालों और केमिस्ट के साथ बैठक कर स्थिति का आंकलन किया गया और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में सलाह दी गई। छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया। क्षेत्र से प्राप्त हो रहे इस प्रकार के प्रकरणों को आवश्यकता होने पर आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर के लिए रैफर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर दवा पर प्रतिबंध लगाया गया तथा अस्पतालों और केमिस्टों के निरीक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया तथा हिमाचल व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को दी सूचना बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को भी इस आशय की सूचना दी गई। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर से कोल्ड्रिफ सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाये जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया। साथ ही अधिकांश मरीजों को कोल्ड्रिफ दवा लिखने तथा अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से कोल्ड्रिफ दवा की ‍बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री संदीप यादव सहित अधिकारी उपस्थित थे।  

5 अक्टूबर को असम में निवेशकों से वन-टू-वन मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के बेहतर अवसरों पर चर्चा

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आज रविवार 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को रॉयल भूटान काउन्सलेट के काउंसिल जनरल  जिग्मे थिनायल नामग्याल भी संबोधित करेंगे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा।  मध्यप्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल और एक अनूठा केंद्र बनाती है। मध्यप्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन क्षेत्र में निवेश केवल व्यवसाय ही नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्यप्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है।  

पूर्वोत्तर के निवेशक मध्यप्रदेश के व्यापार और निवेश के अवसरों से होंगे अवगत

गुवाहाटी में इंटरएक्टिव सत्र 5 अक्टूबर को पूर्वोत्तर के निवेशक मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों से होंगे रूबरू भोपाल  मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियाँ, सुगम प्रक्रिया और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर ने मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल किया है। इसी दिशा में 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित होने वाला ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र पूर्वोत्तर भारत के निवेशकों को राज्य में औद्योगिक अवसरों और साझेदारी के नए मार्ग प्रशस्त करेगा। सत्र का उद्देश्य निवेशकों को मध्यप्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, फार्मा और हेल्थकेयर, सीमेंट एवं खनिज, इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स एवं केमिकल्स, पर्यटन एवं वेलनेस, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण, प्लास्टिक्स और पॉलिमर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं से परिचित कराना है। गुवाहाटी फार्मा और सीमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जबकि दिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट और शिवसागर जैसे औद्योगिक शहरों के उद्योग प्रतिनिधि सत्र में शामिल होकर प्रदेश में निवेश के अवसर पर चर्चा करेंगे । पूर्वोत्तर राज्यों के उद्योग समूह, व्यापार संघ और निवेशक, साथ ही कोलकाता और आप पास के औद्योगिक केंद्र के प्रतिनिधि इस सत्र में शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल निवेशकों को औद्योगिक अवसरों से जोड़ेगा बल्कि पूर्वोत्तर भारत और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को भी मजबूत करेगा। सत्र में FICCI असम के चेयर और धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धनुका, फिक्की, असम के को चेयर और बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर  जॉयदीप गुप्ता और रॉयल भूटान कौंसल जनरल, गुवाहाटी  जिग्मे थिनल्ये नामग्याल सत्र को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग कर मध्यप्रदेश में परियोजनाओं, निवेश योजनाओं और औद्योगिक विकास के अवसरों पर सीधे संवाद करेंगे। यह सत्र राज्य की औद्योगिक क्षमता को विस्तार देने और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कड़ा रुख: छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रदेशभर में प्रतिबंध, अमानक दवाओं पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. का कड़ा रूख, छिंदवाड़ा मामले में लिया सख्त एक्शन कोल्ड्रिफ कप सिरप पूरे प्रदेश में की प्रतिबंधित- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव छापामारी कर अमानक दवा जप्त करने के दिये निर्देश दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा मृतक के परिजन को 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा उपचाररत बच्चों का पूरा इलाज करायेगी राज्य सरकार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कप सिरप के कारण बच्चों की हुई मृत्यु अत्यंत दुखद है। कोल्ड्रिफ कप सिरप की जाँच रिपोर्ट आने पर मध्यप्रदेश में इस सिरप की बिक्री को पूर्णता प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रदेश में अभियान के तौर पर छापामारी कर कोल्ड्रिफ सिरप को जप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा में इस सिरप के कारण जिन 11 बच्चों को मृत्यु हुई है, उनके परिजन को 4-4 लाख रूपये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। साथ ही उपचाररत बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जाँच नमूने पाये गये अमान्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा की घटना संज्ञान में आने पर कोल्ड्रिफ सिरप के सैम्पल जाँच के लिए भेज गये थे। शनिवार की सुबह जाँच रिपोर्ट में पाया गया कि जाँच नमूने अमान्य पाये गये है। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्तर पर भी इस मामले में संयुक्त जाँच टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। जाँच में पाई गई 48.6% डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा तमिलनाडु के औषधि नियंत्रक, द्वारा कोल्ड्रिफ सिरप को “नॉट ऑफ़ स्टैण्डर्ड क्वालिटी(एनएसक्यू)” घोषित किया गया है। शासकीय औषधि विश्लेषक, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, चेन्नई के परीक्षण अनुसार इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई 48.6% पाई गई है, जो एक जहरीला तत्व है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। जिला छिंदवाड़ा से बच्चों की मृत्यु की घटनाओं की पृष्ठभूमि में इस औषधि की संदिग्ध भूमिका को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कठोर कदम उठाए गए हैं। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डॉ. दिनेश कुमार मौर्य ने प्रदेश के समस्त वरिष्ठ औषधि निरीक्षक एवं औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि उक्त दवा का विक्रय एवं वितरण तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। यदि यह दवा उपलब्ध हो तो इसे तुरंत सील कर लिया जाए तथा नष्ट नहीं किया जाए, जैसा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमों में प्रावधान है। संबंधित औषधि के नमूने संकलित कर परीक्षण हेतु शासकीय औषधि प्रयोगशालाओं को भेजे जाएं। कोल्ड्रिफ सिरप के अन्य बैचेस भी यदि उपलब्ध हों तो उन्हें भी सील कर नमूने परीक्षण हेतु भेजे जाएं। जनहित को देखते हुए मेसर्स स्रेसन (Sresan) फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित सभी अन्य औषधियों की बिक्री एवं उपयोग भी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है और इनके नमूने कानूनी परीक्षण हेतु संकलित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में इस दवा की आवाजाही पर सख्त निगरानी के निर्देश हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए माँ कामाख्या देवी के दर्शन

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान माँ कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर राष्ट्रवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मध्यप्रदेश एवं असम की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी मती सीमा यादव ने भी मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए। गुवाहाटी के माँ कामाख्या मंदिर परिसर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत भी किया।  

अक्टूबर 7-8 को आयोजित होगी उच्चस्तरीय प्रशासनिक कांफ्रेंस, दिशा-निर्देश सार्वजनि

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भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 एवं 8 अक्टूबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। विषय संयोजक को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे और प्रत्येक क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बतायी जायेंगी। राज्य सरकार के विजन के अनुरूप केन्द्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जायेगी। कांन्फ्रेंस में कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केन्द्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं और मुद्दे तथा जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जायेगी। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार तथा जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीसी के माध्यम से इच्छित परिणाम प्राप्ति पर चर्चा होगी। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और पहलों के बारे में जागरूकता पर चर्चा होगी। सभी 8 सेक्टरों के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। कांफ्रेंस का उदघाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव  अनुराग जैन के संबोधन से होगा। सत्र में संयोजक कृषि उत्पादन आयुक्त, सदस्य कृषि/बागवानी/पशु चिकित्सा/सहकारी द्वारा कलेक्टर्स के बीच कृषि एवं संबद्ध विषयों पर चर्चा की जायेगी। दूसरे सत्र में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सदस्य सचिव डब्ल्यूपीसी, निदेशक एनएचएम कलेक्टर्स के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण पर चर्चा केन्द्रित होगी। तीसरे सत्र में प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, वित्त विभाग द्वारा कलेक्टर्स के बीच रोजगार, उद्योग और निवेश चर्चा पर रहेगा। चौथे सत्र में संयोजक अपर मुख्य सचिव-शहरी द्वारा शहरी विषयों पर चर्चा होगी और पांचवे सत्र के दौरान संयोजक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, अपर मुख्य सचिव वित्त/ प्रमुख सचिव राजस्व/विधि द्वारा सुशासन पर चर्चा होगी। कॉन्फ्रेंस में 8 अक्टूबर की गतिविधियों के अंतर्गत सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, आयुक्त जनसंपर्क द्वारा अपेक्षाओं के साथ विविध चर्चाएँ की जायेंगी। कॉन्फ्रेंस के छठवें सत्र में संयोजक प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य चर्चा करेंगे। सातवें सत्र में प्रमुख सचिव पीएचई/प्रमुख सचिव जनजाति कलेक्टर्स के बीच रिसर्च और विकास एवं जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवें सत्र में नियम और कानून पर चर्चा होगी।